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हमारे डीएनए में गाय है – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

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लखनऊ, । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधि गौ सेवा के अखिल भारतीय प्रशिक्षण प्रमुख के.ई.एन. राघवन ने कहा कि हमारे डीएनए में गाय है। गाय के दूध, दही और मक्खन को खाकर हमारा शरीर मजबूत हुआ है। गाय की महिमा ऐसी है कि उसके दिये गोबर और गौमूत्र से खेत लहराते हैं। खेत में उगने वाली शुद्ध उपज को खाकर हमारा शरीर और भी मजबूत होता है।
के.ई.एन. राघवन ने कहा कि हम अमृत पुत्र है। हम सभी की एक संस्कृति और एक प्रकृति है। संस्कृति का मतलब गाय है तो प्रकृति का अर्थ पृथ्वी है। हम सभी गौ सेवा के कार्यकर्ताओं को उद्देश्य घर घर में गाय और हर घर में दूध है। विश्व में कोई निर्दोष है तो वह गाय ही है। गाय को पूर्णिमा के दिन भोजन कराने से देवी देवता प्रसन्न होते है। वहीं अमावस्या को भोजन कराने से कराने वाले के पूर्वज प्रसन्न रहते है।
शहरों के लिए छत पर बागवानी के बारे में प्रशिक्षण प्रमुख ने कहा कि जो पौधों के लिए वेस्ट है, वह हमारे लिए बेस्ट है। जैसे बैगन का पौधे पर बैगन होने के बाद उसे ना तोड़िये तो वह गिर कर खराब अर्थात वेस्ट हो होता है। वहीं बैगन हम तोड़कर भुनकर खाये तो हमारे लिए बेस्ट अर्थात उत्तम होता है। पेड़ पौधों के लिए जो फल सब्जी हैं, वे वेस्ट है। वहीं हमारे लिए हरी भरी सब्जियां बेस्ट है।
उन्होंने कहा कि इसे घर में उगाने का प्रयास करना चाहिए। घर में लगने वाली सब्जियों में लौकी, कद्दू, हरी मिर्च, नींबू, करैला, टमाटर लगाया जा सकता है। इसको लगाना आसान है। एक प्रशिक्षण लेकर स्वयं से अभ्यास करने पर बहुत कम समय में हरी सब्जियां उगाने में हर व्यक्ति सफल हो जायेगा।

गौ तस्करों से मुठभेड़ में सिपाही घायल

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हरिद्वार, 19 मार्च । गौ तस्करों का पीछा कर रही पुलिस टीम पर तस्करों ने हमला बोल दिया। हमले में एक सिपाही को चाकू लगा है। जवाबी कार्रवाई में एक तस्कर को भी पैर में गोली लगी है। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन गौ तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दो तस्कर फरार हैं।
बीती रात गंगनहर पुलिस को सूचना मिली कि सोहलपुर गाढ़ा गांव स्थित एक खेत में कुछ लोग गौकशी कर रहे हैं। वहां पुलिस टीम के पहुंचते ही तस्करों ने पुलिस कर्मियों पर फायर कर दिया। किसी तरह हमले में पुलिस कर्मी बच गए, लेकिन तभी तस्कर धारदार हथियार लेकर पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया, जिसमें सिपाही सुनील सैनी की छाती पर चाकू लग गया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई, जिसमें एक तस्कर जुल्फान ऊर्फ मोटा पुत्र निसार के पैर में गोली लगी। जबकि दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने दोनों घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने जुल्काम पुत्र निसार, फरमान पुत्र निसार और इसरार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह का कहना है कि गौकशी की सूचना पर गई टीम पर हमला हुआ है। इसमें सिपाही घायल हुआ है वहीं एक तस्कर की भी गोली लगी है। घायल सिपाही की हालत अब ठीक बताई जा रही है। दो अभियुक्त अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

जयपुर में 500 जगहों पर गौ काष्ठ से होगा होलिका दहन

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अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक एवं भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि सात वर्ष पहले श्री पिंजरापोल गौशाला में शिवरतन चितलांगिया (महामंत्री) एवं राधेश्याम पाठक के नेतृत्व में गाय के गोबर से लकड़ी बनाने का काम शुरू किया गया था।
इस बार पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जयपुर में पांच सौ जगहों पर होलिका दहन के लिए गौ काष्ठ की बुकिंग हो चुकी है। वहीं उत्तरप्रदेश और तमिलनाडु के चेन्नई से भी गौ काष्ठ की मांग की गई है। यहां से दस राज्यों में गौ काष्ठ भेजा जाएगा और इसके प्रति जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा।

प्रदेश से भेजे जाने वाले गौ काष्ठ के लिए सौ से अधिक स्वयं सहायता समूहों ने 2000 टन गोबर की लकड़ी बनाई है और लगभग 70 प्रतिशत की खपत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गौ काष्ठ की मांग लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन जब राज्य सरकारें इसके लिए आगे आएंगी तो इसकी मांग और बढ़ेगी। साथ ही पर्यावरण और गौ संरक्षण को और मजबूती मिलेगी।

मनोरंजन ही नहीं, प्रेरित भी करती है फ़िल्म ‘जहाँकिला’- कपिल देव

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मुंबई (अनिल बेदाग) : पंजाब के गांवों की पृष्ठभूमि पर आधारित बलिदान, प्रेम, दोस्ती और देशभक्ति की एक दिलचस्प कहानी “जहाँकिला” फिल्म राष्ट्र के प्रथम उत्तरदाताओं को समर्पित एक विशेष पूर्वावलोकन के लिए तैयार है। यह आयोजन मुंबई में हुआ, और यह उन प्रथम उत्तरदाताओं को हार्दिक श्रद्धांजलि थी, जो समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए अथक सेवा करते हैं। प्रीव्यू की शोभा बढ़ाने वाली प्रमुख हस्तियों में क्रिकेट के दिग्गज कपिल देव, सुनील गावस्कर, दिलीप वेंगसरकर और इरफान पठान शामिल थे। प्रथम उत्तरदाताओं की वीरता और समर्पण का सम्मान करने में उनकी कहानी कहने के महत्व को स्वीकार करते हुए, कलाकारों और चालक दल को शुभकामनाएं दीं।
फिल्म के पूर्वावलोकन के बाद अपने विचार साझा करते हुए श्री कपिल देव ने अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा, “मैं ‘जहाँकिला’ के पीछे प्रतिभाशाली युवा टीम का समर्थन करने के लिए बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। कहानी कहने के प्रति उनका समर्पण और पंजाब की वीरतापूर्ण भावना का उनका चित्रण वास्तव में मेरे साथ जुड़ा हुआ है। मेरा मानना ​​है कि यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है बल्कि प्रेरित भी करती है, और मुझे इस तरह के सार्थक प्रोजेक्ट को अपना समर्थन देने पर गर्व है।
विक्की कदम द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक साधारण पृष्ठभूमि के युवक शिंदा की यात्रा का वर्णन करती है, जो पारिवारिक बलिदानों से प्रेरित होकर पुलिस बल में शामिल होता है। यह फिल्म देश के प्रथम उत्तरदाताओं को समर्पित है और राष्ट्रीय एकता, महिला और युवा सशक्तिकरण के परस्पर जुड़े विषयों पर प्रकाश डालती है, और उन्हें एक साथ जोड़कर एक सम्मोहक कथा बनाती है।
“जहाँकिला” अपनी मार्मिक कथा और शानदार प्रदर्शन से दर्शकों को मोहित करने का वादा करता है। शिंदा से जुड़ें क्योंकि वह एक साधारण गांव से प्रतिष्ठित जहांकिला पुलिस प्रशिक्षण अकादमी तक की परिवर्तनकारी यात्रा पर निकल रहा है।

मध्यप्रदेश में जीतू पटवारी का नेतृत्व स्वीकार करने से कतराते कांग्रेस नेता

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पवन वर्मा-
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी भले ही कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की गुड बुक में रहते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में वे पिछले तीन महीने में अपने आप को साबित करने में कामयाब नहीं हो सके हैं। भाजपा लगातार कांग्रेस पर हावी होती जा रही है, हर दिन मध्य प्रदेश में कोई न कोई कांग्रेस नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में जा रहा है। वहीं कांग्रेस का संगठन भी जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जीतू पटवारी को अध्यक्ष के रुप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। यह सवाल उठना भी लाजिमी है,क्योंकि जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बने अब तीन महीने का समय हो गया है और लोकसभा के चुनाव भी सिर पर हैं।
अंदाज ही ऐसा कि करने लगे नेता कार्यकर्ता तौबा
युवा कांग्रेस से राजनीति शुरू करने वाले और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले जीतू पटवारी का स्वभाव कुछ अलग तरह का है, उनका अंदाज भी अलग है। यह अंदाज कुछ लोगों को पसंद आता है तो कुछ लोगों को यह फूटी आंख नहीं सुहाता है। बस यहीं से जीतू पटवारी की कार्यकर्ताओं पर पकड़ का आंकलन होता है। अधिकांश कार्यकर्ता उनके अंदाज से पहली बार इतने करीब से परिचित हो रहे हैं तो वह तत्काल पसंद और नापसंद तय कर लेते है। इसके चलते कार्यकर्ता उनसे जुड़ नहीं पा रहे है। जिलों के युवा नेता तो इस तरह के अंदाज को सहजता से ले लेते हैं, लेकिन  प्रदेश के वरिष्ठ नेता और उनके साथ के कार्यकर्ता इस तरह के अंदाज को सहजता से स्वीकार करने से परहेज करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इसलिए ही स्वयं के जिले में कांग्रेस को लग रहे झटके
जीतू पटवारी मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से आते हैं। इंदौर की राऊ विधानसभा से वे दो बार विधायक रहे और दो बार चुनाव भी हारे। यानि पिछले 15 साल से वे चुनाव लड़ रहे हैं, और दो बार हार का सामना कर चुके हैं। कमलनाथ की सरकार में वे मंत्री भी बने। इंदौर शहर कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। प्रकाश चंद सेठी,सुरेश सेठ,महेश जोशी,चंद्र प्रभाष शेखर जैसे दबंगों और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रही शोभा ओझा के गढ रहे इंदौर में कांग्रेस का अब एक भी विधायक नहीं हैं।  पिछले 25 सालों से यहां से लोकसभा का चुनाव भी कांग्रेस हारती आ रही है। यानि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर और व्यापारिक राजधानी कही जाने वाले इंदौर शहर में कांग्रेस की स्थिति निरंतर कमजोर होती जा रही है। अब जीतू पटवारी प्रदेश अध्यक्ष बने तो लगा कि इस शहर के साथ ही मालवा अंचल में कांग्रेस मजबूत होगी, लेकिन सबसे पहले कांग्रेस इंदौर में ही टूटना शुरू हुई। इंदौर में मात्र  एक पखवाड़े में चार बड़े नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। पूर्व विधायक संजय शुक्ला और पिछले लोकसभा चुनाव  में कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ चुके पंकज संघवी ने कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। ये दोनों ही नेता कमलनाथ के समर्थक माने जाते हैं। वहीं प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले इंदौर के देपालपुर से विधायक रह चुके विशाल पटेल भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इसी तरह विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार ने भी कांग्रेस छोड़ दी। कांग्रेस के साथ साथ ये जीतू पटवारी को भी गहरा झटका है।
कार्यकारिणी भी नहीं बन सकी
तीन महीने का वक्त हो गया है जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बने, लेकिन अब तक वे मध्य प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी भी नहीं बना सके हैं। कमलनाथ को अध्यक्ष पद से हटाने के कुछ दिनों बाद ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र भंवर सिंह ने प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी भंग कर दी थी। इसके बाद से कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता यही राह तक रहे हैं कि कब प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी बनेगी। असमंजस की इस स्थिति में नेताओं का कांग्रेस से तेजी से मोह भंग  होता जा रहा है।
कद्दावर नेता सुरेश पचौरी और जबलपुर महापौर ने भी छोड़ी कांग्रेस
जीतू पटवारी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने का दौर एकदम तेजी से बढ़ा है। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गांधी परिवार के करीबी रहे सुरेश पचौरी जैसे कद्दावर नेता ने भी कांग्रेस को अलविदा कहा। हालांकि पचौरी के जाने के पीछे जीतू पटवारी कारण नहीं हैं, वे प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के कद के नेता हैं। उनके भाजपा में जाने के दूसरे कारण हैं । वहीं जबलपुर शहर के महापौर जगत सिंह अन्नू भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं। पूर्व विधायक मेहताब सिंह यादव, विदिशा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश कटारे सहित कई नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। इन लोगों के पार्टी छोड़ने के पीछे कारण भले ही कुछ भी हो, लेकिन जीतू पटवारी के नेतृत्व में इनका जाना पटवारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।(विनायक फीचर्स)

बिग बॉस फेम एल्विश यादव पुलिस की हिरासत में

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Elvish Yadav Jail: नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट-1985 यानी एनडीएपस एक्ट के तहत आरोपी बिग बॉस फेम एल्विश यादव फिलहाल पुलिस की हिरासत में है. रविवार को उत्तर प्रदेश स्थित गौतमबुद्धनगर में एक अदालत ने उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को गौतमबुद्धनगर के जिला कारागार में भेजा गया.

जानकारी के मुताबिक एल्विश यादव अभी ग्रेटर नोएडा जेल में बंद है. अभी एलविश यादव को क्वॉरेंटाइन बैरक में रखा गया है. सूत्रों का दावा है कि जल्द उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया जाएगा. रविवार रात एल्विश ने जेल का थोड़ा हल्का खाया खाना. सूत्रों ने बताया कि  एल्विश यादव की पूरी रात जागते हुए कटी. आरोपी जेल में बेचैन दिखाई दिया.

बता दें नोएडा पुलिस ने चार महीने पहले एक पार्टी में नशे के लिए सांप के जहर के संदिग्ध इस्तेमाल के मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव को रविवार को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. यादव को बाद में सूरजपुर की एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

26 वर्षीय यादव  पिछले साल तीन नवंबर को यहां सेक्टर-49 थाने में दर्ज प्राथमिकी में नामजद छह आरोपियों में से एक है. अधिकारियों ने कहा कि पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस के मुताबिक, मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 284 (जहर से संबंधित लापरवाही भरा आचरण) और 289 (जानवरों के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में मादक पदार्थ पर रोकथाम संबंधी ‘एनडीपीएस’ अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप भी जोड़े गए हैं, जिसमें हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यादव को गिरफ्तार किया गया.

बिजनेसमैन डॉ निकेश जैन माधानी को भूमिका चावला ने किया तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024 से सम्मानित

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मुंबई। मलाड में 17 मार्च को तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024 के दूसरे सीजन का आयोजन संपन्न हुआ जहां वीआईपी गेस्ट के रूप में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी उपस्थित रहे। इस अवार्ड शो की मुख्य आकर्षण अभिनेत्री भूमिका चावला रहीं जिन्होंने सलमान खान के साथ फिल्म तेरे नाम में मुख्य भूमिका निभाई थी। इस अवार्ड शो में निकेश जैन को बेस्ट बिजनेस का अवार्ड तो मिला साथ ही उन्होंने स्टेज पर भूमिका चावला के साथ कई प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। तमस टैलेंट स्प्री प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत इस अवॉर्ड शो के आयोजक राज राजपूत गंगौरा और सीमांत सिंह थे।

आपको बता दें कि हाल ही में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को दिग्गज अभिनेता निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, गदर 2 के एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा और डिस्को डांसर गीत के गायक विजय बेनेडिक्ट एवं शो के ओर्गेनाइजर संजीव कुमार के हाथों बेस्ट बिजनेसमैन कैटेगिरी में राष्ट्रीय अचीवर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया था। तो वहीं डॉ निकेश जैन माधानी रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 प्राप्त हुआ है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
विदित हो कि डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

केसीएफ मिस, मिसेज इंडिया एंड नारी शक्ति सम्मान 2024 का आयोजन संपन्न

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कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित समारोह में दिलीप सेन, सिंगर दीपा नारायण झा, बीएन तिवारी, पूर्व एसीपी संजय पाटिल, भारती छाबड़िया सहित कई बॉलीवुड हस्तियां हुईं शामिल

मुम्बई। मायानगरी मुम्बई में लगातार अवार्ड शो करने वाले कृष्णा चौहान ने महिला दिवस के उपलक्ष्य पर 14 मार्च 2024 को ‘मिस, मिसेज इंडिया एंड नारी शक्ति सम्मान 2024’ के तीसरे सीज़न का सफलतापूर्वक आयोजन महानगर के प्रसिद्ध उपनगर अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में किया। केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में समाज सेवा और मानव सेवा का उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी कला और व्यक्तित्व का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान की है। कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित इस अवार्ड समारोह में कई हस्तियां मौजूद रहीं जिनमें संगीतकार दिलीप सेन, सिंगर दीपा नारायण झा (प्रसिद्ध पार्श्वगायक उदित नारायण की पत्नी), बी एन तिवारी, पूर्व एसीपी संजय पाटिल, भारती छाबड़िया और एक्टर रमेश गोयल का नाम उल्लेखनीय है।


केसीएफ मिस एंड मिसेज इंडिया के ज्यूरी मेम्बर्स में डॉ दीपा नारायण झा, निक्की बत्रा, डॉ भारती छाबड़िया, प्रेम गड़ा और असंता नस्कार यादव थीं। मॉडल्स का मेकअप लता सोलंकी ने किया था जबकि फैशन डिजाइनर कुसुम गुप्ता थीं।
कृष्णा चौहान के साथ दिलीप सेन, एसीपी संजय पाटिल, भारती छाबड़िया, निक्की बत्रा ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की। संजय पाटिल और मंगेश ने कई गीत स्टेज पर गाए। कार्यक्रम की एंकर आरजे जयश्री पंवर थीं।


शो के दौरान म्युज़िक डायरेक्टर दिलीप सेन ने कहा कि कृष्णा चौहान की हिम्मत की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। वह दुनिया मे हटकर काम करते हैं। सभी अवार्डी को मेरी ओर से बधाई और शुभकामनाएं। कार्यक्रम चित्रा ने भी अच्छा गीत गाया।
एसीपी संजय पाटिल ने कहा कि जो नारियों का सम्मान करता है वह महान होता है और यह महान कार्य कृष्णा चौहान करते आ रहे हैं, इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।
भारती छाबड़िया ने कहा कि पिछले तीन साल से कृष्णा चौहान नारी शक्ति सम्मान दे रहे हैं। केसीएफ फाउंडेशन के द्वारा वह मिस मिसेज इंडिया का प्लेटफार्म भी क्रिएट करते हैं ताकि महिलाओं को एक सुनहरा मौका मिले।
दिलीप सेन की पत्नी रेशमा दिलीप सेन को पहला अवार्ड मिला जिसे पाकर उन्होंने कृष्णा चौहान का आभार जताया।
दीपा नारायण झा ने कृष्णा चौहान का आभार जताया और कहा कि वो महिलाओं को सम्मानित करते हैं उन्हें हौसला देते हैं। यह उनकी बेहतरीन पहल है।
दीपा नारायण को ब्रांड अम्बेसडर के रूप में क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया साथ ही असंता को भी सम्मानित किया गया।
मिस इंडिया कैटगरी में कियारा रावत को विनर घोषित किया गया। मिस इंडिया की फर्स्ट रनरअप चित्रा देवी जमातिया, मिस इंडिया की सेकन्ड रनरअप दीया मंडल थी। जबकि मिसेज इंडिया की कैटगरी में कोमल कटारिया सिल्वर क्लास की विनर, अनु पंडित गोल्ड क्लास की विनर और मेघा हेमदेव प्लेटेनियम क्लास की विनर हुईं। मिसेज इंडिया की फर्स्ट रनरअप लवीना जोसफ रहीं।
अपने सभी अवार्ड समारोह में समाज सेवकों, बिज़नेसमैन, फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ साथ कृष्णा चौहान कई पत्रकारों, फोटोग्राफर को भी सम्मानित करते हैं।
कृष्णा चौहान पिछले दो दशक से फिल्म इंडस्ट्री में बतौर निर्देशक काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को राशन वितरित किया और भगवतगीता भी भेंट किया।
आपको बता दें कि कृष्णा चौहान अपनी हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत होगा।
उल्लेखनीय है कि कृष्णा चौहान बॉलीवुड डायरेक्टर के साथ सोशल वर्कर भी हैं।
कृष्णा चौहान अपने जन्मदिन 4 मई 2024 को ‘लीजेंड दादासाहेब फाल्के 2024’ का पांचवी बार आयोजन करने जा रहे हैं। सिनेमा, टीवी, वेब सीरीज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

“एक था राजा” के साथ एक क्रांतिकारी यात्रा पर निकल पड़े हैं बादशाह

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : एक रोमांचक संगीत रहस्योद्घाटन के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि भारतीय पॉप उद्योग के अग्रणी बादशाह अपने बहुप्रतीक्षित तीसरे स्टूडियो एल्बम, “एक था राजा” (अनुवादित – वन्स देयर वाज़ ए किंग) का अनावरण करने के लिए तैयार हैं, जो मार्च में रिलीज़ के लिए तैयार है।

बादशाह ने एक घोषणा वीडियो के माध्यम से एक अभूतपूर्व दृश्य दावत पेश की है, जिसमें 16 गानों में सहयोग की पहले कभी न देखी गई लाइन-अप का खुलासा किया गया है। प्रशंसकों के बीच उत्साह को एक पायदान ऊपर ले जाते हुए बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने खुद अपनी राजा जैसी आवाज देते हुए यह अभूतपूर्व घोषणा की है। बादशाह की कहानी दूसरे बादशाह से बेहतर कौन बता सकता है।

यह महत्वपूर्ण रिलीज़ न केवल संगीत उद्योग में बादशाह के प्रतिष्ठित 12+ वर्षों का जश्न मनाती है, बल्कि कलात्मक सीमाओं को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है। इस महत्वपूर्ण दशक का जश्न मनाते हुए बादशाह अपने प्रशंसकों को वह सब कुछ दे रहे हैं जिसके लिए वे उन्हें सबसे अच्छी तरह से जानते हैं – असाधारण संगीत।

अपने पिछले एल्बमों की जीत के बाद बादशाह “एक था राजा” के साथ एक क्रांतिकारी यात्रा पर निकल पड़े हैं, जिसमें पारंपरिक संगीत-निर्माण से परे एक एल्बम तैयार करने के लिए 18 महीने समर्पित किए गए हैं। भारत और दुनिया भर के 25 से अधिक कलाकारों और निर्माताओं के साथ, यह बहुप्रतीक्षित एल्बम सहयोगात्मक रचनात्मकता का एक प्रमाण है।

बहुरंगी संदेशों का रंगीला उत्सव : होली

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उमेश कुमार साहू – विभूति फीचर्स

जीवन में हर पल उल्लास-उमंग का संचार होता रहे, इसलिए हमारी संस्कृति में अनेक प्रकार के प्रावधान बनाए गए हैं। ऋतुक्रम में शीतकाल ठिठुरन में बीतता है और जैसे ही बसंत का आगमन होता है, प्रकृति में सर्वत्र उल्लास छा जाता है। िनष्क्रियता सक्रियता में परिवर्तित हो जाती है। बसंत से होलिका पर्व तक का समय प्राय: चालीस दिन की अवधि का होता है और यह अवधि प्रकृति के परिपूर्ण यौवन-उल्लसित प्राणवान्ï उमंगों की पे्ररणाओं से भरी होती है।

चारों  ओर कुछ विलक्षण मादकता, पवित्रता-सात्विकता अनुभव होने लगती है। होलिका पर्व न केवल सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बल्कि शरीर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान एवं वर्तमान के भौतिक विज्ञान की कसौटी पर ऐसा खरा उतरता है कि कभी-कभी लगता है हमारे ऋषि-मनीषियों ने कितना सोच-समझकर यह निर्धारण किया होगा। फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि बीच में रख दो दिनों तक मनाया जाने वाला उल्लास भरा पर्व है होलिका दहन व धुलैंडी। पर अभी भी भारत के अधिकांश क्षेत्रों में यह बसंत पंचमी से मनाया जाने लगता है एवं रंगपंचमी तक चलता है। विविधता में एकता का दर्शन कराने वाली हमारी संस्कृति के रंग निराले हैं। ब्रज में,  राजस्थान में, मालवा में, बुंदेलखंड में, मिथिला में हर जगह होली उल्लास भरे पर्व के रूप में मनाई जाती है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है। अन्न देवता पहले यज्ञीय ऊर्जा से संस्कारित हों, फिर समाज को यह अन्न समर्पित हो, इसीलिए जगह-जगह होलिका दहन यज्ञ का प्रचलन था। आज भी धरती के प्रदूषण एवं बहुराष्ट्रीयकरण के कारण ढेर सारे अनाज के होते हुये भी, असमान वितरण के चलते आत्महत्या करते किसानों के बाद भी इस पर्व की गरिमा यथावत्ï है।
यह पर्व एवं इसमें निहित दर्शन की स्थापना ही इन समस्याओं से इस कृषि प्रधान देश को मुक्ति दिला पाएगी। होली पर्व के पीछे क्या पौराणिक मान्यताएं हैं, यदि इन्हें अलग रख दें तो इसके साथ जुड़ी विशेषताएं इसे समता का, पारस्परिक सद्ïभाव के विस्तार का पर्व स्थापित करती है। यही एकमात्र ऐसा त्यौहार है, जिसमें हिन्दू ही नहीं, सभी संप्रदायों के व्यक्ति, ऊंच-नीच का भेद छोड़कर एक साथ मिलते हैं। हम सबका जीवन इन रंगों की तरह वैविध्यपूर्ण गुणों से भर जाए, व्यक्ति में ये गुण समा जाएं, इस भाव से इसे मनाया जाता है।
छोटे से छोटा व्यक्ति भी उच्च पद पर आसीन अधिकारी वर्ग के साथ पारस्परिक सौहार्द के साथ होली खेल लेता है। इसीलिए इस पर्व के साथ प्रहलाद के कथानक से जुड़े नृसिंह भगवान का पूजन तो किया ही जाता है, मातृभूमि रज- त्रिधा समता देवी का पूजन एवं क्षमावाणी के माध्यम से पारस्परिक व्यवहार में शालीनता के समावेश जैसी विशिष्टता भी जुड़ी हुई हैं। यह एक विडंबना ही है कि सांस्कृतिक प्रदूषण की आंधी में आज इसका स्वरूप फूहड़ होकर रह गया है। दिव्य प्रेरणाओं से भरा यह पर्व गंदे हंसी-मजाक से लेकर अश्लील प्रदर्शन एवं ओछी हरकतों का परिचायक बनता जा रहा है। होली जलाई जाती है, तो उसके साथ सारा कूड़ा-करकट, ईष्र्या-द्वेष, घृणा-कामुकता के बुरे भाव आदि भी जला दिए जाते हैं, परंतु आज इससे विपरीत ही हो रहा है। अनेक बार इसी पर्व पर दंगे उठ खड़े होते हैं।
समाज में पारस्परिक सामंजस्य-समरसता स्थापित करने हेतु स्थापित यह पर्व ऐसी बिगड़ी हुई स्थिति तक आ पहुंचेगा, यह कभी सोचा भी नहीं गया था। होली जले तो अश्लीलता की, अश्लील पोस्टरों की, उस कूड़ा-करकट की जो पिछले कई दिनों से हमारे अंदर-बाहर जमा होता है। यदि यह न होकर मात्र कुछ टन लकड़ी आग में डाल दी जाए, तो यह पर्यावरण प्रदूषण में ही सहायक होगा। अब राष्ट्र एवं विश्व में खून की नहीं, स्नेह-सद्ïभावना के विस्तार की, एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की होली खेली जानी चाहिए। यदि इस रूप में यह पर्व मनाया जा सका तभी हम अपनी संस्कृति व भावी पीढ़ी के साथ उचित न्याय कर पाएंगे।