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पाकिस्‍तान को आतंकवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई करनी चाहिए -भारत की प्रतिक्रिया

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नई दिल्‍ली :  दुनियाभर में आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्डरिंग पर लगाम लगाने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे लिस्‍ट (grey list) से बाहर कर दिया है. आतंकवाद और धन शोधन के वित्तपोषण के लिए वैश्विक निगरानी करने वाली संस्था की “ग्रे लिस्ट” में डाले जाने के चार साल बाद पाकिस्तान का नाम आखिरकार इस सूची से हटा दिया गया है. पाकिस्‍तान को ‘ग्रे लिस्‍ट’ से हटाने का फैसला पेरिस में FATF की बैठक के दौरान आया. यह बैठक 18 अक्‍टूबर से 21 अक्‍टूबर तक हुई.उधर, पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट से बाहर किए जाने को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने कहा, “हमने पेरिस में FATF बैठक के संदर्भ में पाकिस्तान से संबंधित रिपोर्ट देखी है. FATF की जांच के फलस्वरूप, पाकिस्तान को जाने-माने आतंकियों के खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें 26/11 को मुंबई में पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ हमलों में शामिल लोग शामिल हैं. पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवाद और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखनी चाहिए.”

Pakistan out of FATF’s grey list

गौरतलब है कि FATF ने पाकिस्तान को चार साल पहले मनी लॉन्डरिंग और आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाने में विफल रहने के लिए ग्रे सूची में डाल दिया था.  FATF के इस फैसले से पाकिस्तान को विदेश फंडिंग हासिल करने में मदद मिलेगी और वह अपनी आर्थिक हालात सुधार पाएगा. FATF की ओर से जारी बयान में कहा गया है,”पाकिस्तान अब FATF की निगरानी प्रक्रिया के अधीन नहीं है.”बयान में कहा गया है कि एफएटीएफ ने धनशोधन, वित्तीय आतंकवाद से निपटने में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया है. एफएटीएफ की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान ने धन शोधन के खिलाफ प्रयासों को मजबूत किया है, वह आतंकवाद को मिल रहे वित्त पोषण से लड़ रहा है. तकनीकी खामियों को दूर किया गया है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने विश्व स्तर पर धनशोधन तथा आतंकवादी वित्तपोषण के खतरों से निपटने वाले ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (FATF) की ‘ग्रे’ सूची (Gray List) से बाहर निकलने के लिए व्यापक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए थे. धन शोधन पर रोक लगाने में विफल रहने और आतंकवाद वित्तपोषण के कारण पेरिस स्थित ‘वित्तीय कार्रवाई कार्यबल’ (एफएटीएफ) की ‘ग्रे’ सूची में पाकिस्‍तान 2018 से है. उसे अक्टूबर 2019 तक पूरा करने के लिए एक कार्ययोजना दी गई थी. हालांकि, एफएटीएफ के आदेशों का पालन करने में विफल रहने के कारण इस देश को इस सूची में बनाए रखा गया था. बहरहाल अब पाकिस्‍तान ‘ग्रे लिस्‍ट’ से बाहर आने में सफल हो गया है.

बता दें, भारत की ओर से लगातार आरोप लगाया जाता रहा है कि पाकिस्‍तान, आतंकियों को पनाह देता है और उसके संगठनों को वित्‍तीय मदद उपलब्‍ध कराता रहा है.

जानिए ग्रे लिस्ट में होने से संबंधित देश पर क्या पड़ता है प्रभाव

बता दें, ग्रे लिस्ट में होने से किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय प्रणाली तक पहुंच प्रतिबंधित हो जाती है। देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय संगठनों से ऋण प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। FATF की ग्रे लिस्ट में होना देशों के लिए सुधारात्मक उपाय करने की चेतावनी है, ऐसा न करने पर उन्हें कड़ी ‘FATF ब्लैक लिस्ट’ में डाल दिया जाता है।सूची में शामिल 23 देशों में सीरिया, तुर्की, म्यांमार, फिलीपींस, दक्षिण सूडान, युगांडा और यमन शामिल हैं।

जुलाई, 1989 में हुई थी FATF की स्थापना

एफएटीएफ की स्थापना जुलाई 1989 में पेरिस में जी -7 शिखर सम्मेलन द्वारा की गई थी। शुरुआत में इस संस्था का काम मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से निपटने के उपायों की जांच करना था, लेकिन अमेरिका में 9/11 हमले के बाद, अक्टूबर 2001 में FATF ने आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के प्रयासों को शामिल करने के लिए अपने जनादेश का विस्तार किया और अप्रैल 2012 में इसने सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार के वित्तपोषण का मुकाबला करने के प्रयासों को जोड़ा।

गौ तस्करों से मुठभेड़ में तीन तस्कर घायल, 25 पशु बरामद

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कुशीनगर ,21 अक्टूबर। पुलिस व गौ तस्करों के बीच गुरुवार देर रात हुई मुठभेड़ में तीन पशु तस्कर घायल हो गए। तस्करों के पास से एक ट्रक पर लदे 25 पशु व असलहे बरामद हुए हैं।

शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने बताया कि थाना तुर्कपट्टी, थाना पटहेरवा तथा थाना तमकुहीराज की संयुक्त पुलिस टीम नेशनल हाइवे पर घाघी पुल के पास तस्करों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था।

एक ट्रक को आता देख रुकने का इशारा किया गया तो ट्रक चालक तथा उसके दो अन्य साथी ट्रक से कूदकर पुलिस टीम पर फायर करते हुए भागने लगे। जवाबी प्रतिरक्षा में एक अभियुक्त बबलू पुत्र दरबारी बंजारा जनपद शाहजहांपुर पैर में गोली लगने से घायल हो गया जबकि दो अन्य राहिल पुत्र वशीर बंजारा शाहजहांपुर, हसन पुत्र महोबी जनपद रामपुर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया । ट्रक में क्रूरतापूर्वक लादे गए 18 जिन्दा व 7 मृत गोवंशीय पशुओं समेत दो अवैध तमंचा 315 बोर कारतूस बरामद किया गया। अभियुक्तों पर कई मामले दर्ज हैं।

नए मामले में मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह, अश्वनी राय और अखिलेश कुमार सिंह शामिल रहे।

महिमा चौधरी ने लॉन्च किया रूपा अय्यर की फिल्म ‘नीरा आर्या’ का पोस्टर

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मुंबई। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख महिला क्रांतिकारी नीरा आर्या के जीवन पर आधारित फिल्म ‘नीरा आर्या’ का मोशन पोस्टर प्रसिद्ध अभिनेत्री महिमा चौधरी के हाथों लॉन्च हुआ। इस अवसर पर निर्देशक और अभिनेत्री रूपा अय्यर श्रीवत्स, प्रियंका चौहान, प्रणव देसाई, मनीष देसाई, गौतम श्रीवत्स उपस्थित रहे।

रूपा अय्यर ने बताया कि कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान जब मुझे नीरा आर्या जी के बारे में पता चला तो बहुत प्रभावित हुई और फिल्म के माध्यम से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आज़ाद हिंद फौज की उस महान क्रांतिकारी जिनपर कालापानी की सज़ा के दौरान क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया गया था, उसे दुनिया के सामने लाने के प्रयास में जुट गई।
आर टू पैट्रियोटिक फिल्म्स और रूपा अय्यर फिल्म फैक्ट्री के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण किया जाएगा। वास्तविक घटनाओं पर आधारित होने के साथ फिल्म की कहानी में ट्विस्ट और टर्न आज के दर्शकों को पसंद आएँगे।

रूपा अय्यर नीरा आर्य की भूमिका निभा रही हैं, साथ ही महिमा चौधरी भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में होंगी। फिल्म में गौतम श्रीवत्स का देशभक्ति की भावना से ओत प्रोत संगीत होगा।

रूपा अय्यर ने दक्षिण भारतीय भाषाओं (तमिल और कन्नड़) में 5 फिल्मों का निर्माण किया है। अपनी फिल्मों के लिए 2 राज्य पुरस्कार और 42 अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते हैं। उन्होंने 4 वाणिज्यिक फीचर फिल्मों और 20 से अधिक वाणिज्यिक विज्ञापन फिल्मों का भी निर्देशन किया है। कलात्मक फिल्मों और सामग्री से भरी कहानियों के लिए उनकी समझ प्रशंसनीय है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों पर आधारित अपनी फिल्म के लिए हाउस ऑफ लॉर्ड्स – लंदन में स्वर्ण पदक भी जीता है।

यह फिल्म प्रणव देसाई द्वारा आर एंड डीएस प्रोडक्शन के बैनर तले प्रस्तुत की जाएगी। अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) का एक समूह इस देशभक्ति फिल्म में निवेश करने और योगदान करने के लिए तत्पर हैं।
फिल्म के लिए अन्य कलाकारों की आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। उत्तर प्रदेश, हैदराबाद और कर्नाटक में फिल्म की शूटिंग संपन्न होगी।

– संतोष साहू

चार साल की बच्ची से रेप – स्कूल की मान्यता रद्द करने का आदेश

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हैदराबाद: हैदराबाद के एक निजी स्कूल में एक चार साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर दो महीने तक बलात्कार किया गया. तेलंगाना की शिक्षा मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी ने आदेश दिया है कि उस स्कूल को दी गई सरकारी मान्यता तुरंत रद्द कर दी जाए और छात्रों को अन्य स्कूलों में समायोजित किया जाए. मंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि तेलंगाना के शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति सरकार को यह रिपोर्ट सौंपे कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं.

उक्त समिति में सदस्य के रूप में स्कूल शिक्षा निदेशक, महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव और यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा से संबंधित एक वरिष्ठ अधिकारी होंगे. रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देनी होगी.

बच्ची से रेप की घटना के सार्वजनिक होने के बाद बंजारा हिल्स इलाके में स्थित निजी स्कूल बंद कर दिया गया था. दो महीने से अधिक समय तक बच्ची से बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपी स्कूल प्रिंसिपल के ड्राइवर को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में स्कूल के प्रिंसिपल, जिनके बारे में कथित तौर पर दुर्व्यवहार की शिकायत करने पर हंसने और उस पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई थी, को भी माता-पिता के विरोध के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.

माता-पिता ने बच्ची के व्यवहार में बदलाव देखा था और जब मां ने बच्ची से पूछताछ की तो उसे महसूस हुआ कि उसके साथ कुछ बहुत गलत हुआ था. बच्ची ने कथित तौर पर उस ड्राइवर की ओर इशारा किया था जिसकी स्कूल के अंदर बच्चों तक पहुंच थी.

गुस्साए माता-पिता ने ड्राइवर के साथ मारपीट की और बंजारा हिल्स थाने के सामने धरने पर बैठ गए, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई.

मामले की जांच में पाया गया कि स्कूल में सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे. यह भी पता चला कि ड्राइवर ने अक्सर प्री-प्राइमरी सेक्शन के लिए शिक्षक का काम किया था.

मंत्री ने स्कूल प्रबंधन को बाल सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश भेजने का इरादा किया है. स्कूल को बंद करने और बच्चों को स्थानांतरित करने के आदेश से बच्चों के माता-पिता और सरकारी अधिकारियों में चिंता फैल गई है.

इस स्कूल में 700 छात्र पढ़ रहे हैं. अन्य स्कूलों में उनके लिए सीटें ढूंढी रही हैं. शैक्षणिक सत्र के बीच में यह एक बड़ी चुनौती है.

हालांकि मंत्री ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी छात्रों और अभिभावकों की सभी चिंताओं को दूर करेंगे. लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्कूल बंद करना और बच्चों को कहीं और स्थानांतरित करना व्यावहारिक विकल्प नहीं लगता है.

बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए कानून के साथ-साथ घर और स्कूलों में बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रोटोकॉल का विस्तार से उल्लेख किया गया है, लेकिन इनका पालन करवाना हमेशा से एक चुनौती रहा है.

ज्ञात यौन अपराधियों की सार्वजनिक रजिस्ट्री की आवश्यकता के बारे में वर्षों से वकालत कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री पुरस्कार विजेता सुनीता कृष्णन ने इस घटना के मद्देनजर अपनी मांग दोहराई है. उन्होंने कहा कि स्कूलों और अन्य संस्थानों में नियुक्तियां करते समय डेटाबेस का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने सुनीता कृष्णन के ट्वीट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा है कि सरकार इस मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने की इच्छुक है.

इंजीनियर अनीस अंसारी को अमेरिकन स्कूल सहित अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रचने के आरोप में उम्रकैद की सजा

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मुंबई: एक कंप्यूटर इंजीनियर को एक स्थानीय अदालत ने आतंकी समूह ISIS से प्रेरित होकर मुंबई में अमेरिकन स्कूल सहित अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रचने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है. महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने अक्टूबर 2014 में इंजीनियर अनीस अंसारी को गिरफ्तार किया था. वह तब से जेल में है.
पुलिस ने कहा कि अंसारी के फेसबुक चैट से कथित तौर पर बांद्रा में स्कूल सहित अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश रचने के संकेत मिले थे. अंसारी एक बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर फर्म में नौकरी करता था और उसका काम नेविगेशन मेप डिजाइनिंग करना था.
उसने फर्जी नाम से फेसबुक अकाउंट बनाने के लिए कंपनी के कंप्यूटर का इस्तेमाल किया और उसके जरिए पोस्ट करके धमकी दी. अभियोजन पक्ष ने कहा कि फेसबुक पर उमर एल्हाजी नाम के व्यक्ति के साथ उसकी चैट से पता चलता है कि वह अमेरिकन स्कूल पर ‘लोन वुल्फ’ हमला करना चाहता था.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एए जोगलेकर ने शुक्रवार को अंसारी को आईपीसी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी ठहराया.
आठ साल पहले अनीस अंसारी की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने कहा था कि वह आईएसआईएस लड़ाकों के प्रति सहानुभूति रखता है और उसने अपनी ऑनलाइन बातचीत में अमेरिकियों को “पीड़ा देने वाले” कहा है.
एक एटीएस अधिकारी ने कहा, “ऑनलाइन पोस्ट पर कड़ी नजर रखने वाली हमारी टीम को उसकी संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पता चला. पता चला कि वह यूके और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले दो लोगों के साथ चैट कर रहा था. यह लोगों ने उसे चरमपंथी विचारधारा में विश्वास करने के लिए प्रेरित किया.”
विशेष रूप से स्कूल को निशाना बनाने के बारे में चर्चा को लेकर एटीएस सतर्क हो गई और जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी हुई.
अनीस अंसारी अपने माता-पिता और दो छोटे भाई-बहनों के साथ उपनगर कुर्ला में रहता था. पुलिस ने कहा कि उसने अपनी गिरफ्तारी से एक महीने पहले पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जिससे यह संदेह बढ़ गया था कि उसने ISIS का समर्थन करने या उसमें शामिल होने के लिए देश छोड़ने की योजना बनाई है.

सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्त हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

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मुंबई:मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने आश्वासन दिया है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पाबंदी को कड़ाई से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रदूषण मुक्त दीपावली (Pollution Free Deepawali) मनाने की शपथ दिलाते समय लोगों से अपील की कि उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी का पालन करते हुए रोजमर्रा की जिंदगी में सिंगल यूज प्लास्टिक (Plastic) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गुरुवार को मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों को प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की शपथ दिलाते हुए मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का असर दुनियाभर में दिख रहा है, इसलिए बढ़ते प्रदूषण (Pollution) को रोकने के लिए हम सभी को पूरी कोशिश करनी चाहिए।

कोरोना संक्रमण से जुड़ी पाबंदियां खत्म होने के बाद पहली बार लोग इतने उत्साह से दिवाली मना रहे हैं, इस दौरान पर्यावरण का ध्यान रखा जाना चाहिए। लोगों में जागरूकता के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल तरह-तरह के कार्यक्रम चला रहा है, जिसका असर दिख रहा है। पहले की अपेक्षा अब वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आई है।

उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर समेत कई मंत्रियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान सभी को शपथ दिलाई गई कि वे त्योहार मनाते समय पर्यावरण पर होने वाले असर का ध्यान रखेंगे। रोजमर्रा के जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करेंगे। अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ लगाएंगे। बिना पटाखों के प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाएंगे, साथ ही दूसरे त्योहारों के समय भी पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।

संजय राउत को नहीं मिली बेल, जेल में मनेगी दिवाली, पात्रा चॉल घोटाला मामले में हुई थी गिरफ्तारी

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मुंबई: शिवसेना के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) दिवाली इस बार जेल में ही मनेगी। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई को नवंबर महीने की 2 तारीख तक टाल दिया है। ऐसे में संजय राउत के परिवार को भी एक बड़ा झटका लगा है। जो बीते कई दिनों से उनके जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। संजय राउत की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद आज उन्हें अदालत में पेश किया गया था। संजय राउत को पात्रा चॉल घोटाला (Patra Chawl Scam) मामले में गिरफ्तार किया गया था। मुंबई के गोरेगांव वेस्ट में पात्रा चॉल थी। जहां फ्लैट बनाकर चॉल निवासियों की दिए जाने थे। हालांकि 15 साल बाद भी लोगों को अपने हक़ के घर का इंतज़ार है।

पात्रा चॉल स्कैम क्या है?

पात्रा चॉल जमीन घोटाले की शुरुआत 2007 से हुई। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डिवलपमेंट अथॉरिटी यानी म्हाडा (MHADA), प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की मिली भगत से यह घोटाला होने का आरोप है। 2007 में म्हाडा ने पात्रा चॉल के रिडिवेलपमेंट का काम गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को दिया। यह कंस्ट्रक्शन गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर में होना था। म्हाडा की 47 एकड़ जमीन में कुल 672 घर बने हैं। रीडिवेलपमेंट के बाद गुरु आशीष कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर देने थे। म्हाडा के लिए फ्लैट्स बनाने के बाद बची हुई जमीन को प्राइवेट डिवलपर्स को बेचना था। 14 साल के बाद भी कंपनी ने लोगों को फ्लैट बनाकर नहीं दिए।

संजय राउत का क्या कनेक्शन?

आरोप है कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने फ्लैट बनाने की बजाए 47 एकड़ जमीन को आठ अलग-अलग बिल्डरों को बेच दी। इससे कंपनी ने 1034 करोड़ रुपये कमाए। मार्च 2018 में म्हाडा ने गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। मामला आर्थिक अपराध विंग को दिया गया। ईओडब्ल्यू ने फरवरी 2020 में प्रवीण राउत को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि प्रवीण राउत, संजय राउत का करीबी है। वह एचडीआईएल में सारंग वधावन और राकेश वधावन के साथ कंपनी में निदेशक था। वधावन बंधु PMC बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। प्रवीण राउत को कोर्ट ने जमानत दे दी लेकिन पीएमसी बैंक घोटाले के मामले में प्रवीण को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट की दो टूक – देश में नफरत का माहौल, हेट स्पीच पर करें कार्रवाई नहीं तो होगा एक्शन

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National Story: देश में लगातार बढ़ रही ‘हेट स्पीच’ और ‘हेट क्राइम’ को लेकर एक शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हेट स्पीच पर सख्ती दिखाई. कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ बिना उनका धर्म देखे तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. इस तरह की बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.

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नई दिल्ली -( जीबीबी डेस्क )  सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच (नफरती बयानों)  को लेकर सख्ती दिखाई है. सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि ‘घृणा का माहौल देश पर हावी हो गया है. धर्म की परवाह किए बिना तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए’. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच में दिए जा रहे बयान विचलित करने वाले हैं. ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने कहा कि ’21वीं सदी में ये क्या हो रहा है? धर्म के नाम पर हम कहां पहुंच गए हैं? हमने ईश्वर को कितना छोटा बना दिया है. भारत का संविधान वैज्ञानिक सोच विकसित करने की बात करता है.’

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ‘भारत में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने और आतंकित करने के बढ़ते खतरे’ को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से इस बारे में जवाब भी मांगा.

गौरतलब है कि इस बारे में शाहीन अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि वह देशभर में हुई हेट स्पीच की घटनाओं की निष्पक्ष, विश्वनीय और स्वतंत्र जांच के लिए केंद्र सरकार को निर्देशित करें.

सुप्रीम कोर्ट बोला- देश में नफरत का माहौल
जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा, ”शिकायत बहुत गंभीर लगती है, क्योंकि देश में नफरत का माहौल बन गया है। मामले की जांच की जरूरत है। हमें लगता है कि न्यायालय को मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और कानून के शासन को बनाए रखने का काम सौंपा गया है। पुलिस प्रमुख – दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड – क्या कार्रवाई की गई है, इस पर रिपोर्ट देंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि जब कोई भी भाषण भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 153बी, 295ए और 505 के तहत प्रावधानों को आकर्षित करता है, तो बिना किसी शिकायत के अपराधियों के खिलाफ स्वत: कार्रवाई की जाए।

कोर्ट ने आगे यह स्पष्ट किया कि न्यायालय द्वारा पारित आदेश पर कार्रवाई करने में प्रतिवादियों की ओर से किसी भी अक्षमता को न्यायालय की अवमानना के रूप में देखा जाएगा। तीन पुलिस प्रमुखों को निर्देश देते हुए, बेंच ने कहा, “प्रतिवादी किसी भी धर्म के लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त आदेश पारित करेंगे, ताकि देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बचाया जा सके।”

कोर्ट से बोले सिब्बल- किसी ने तो हमारी बात सुनी
याचिका में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसद सदस्य के एक बयान का भी जिक्र किया गया है, जिन्होंने मुसलमानों के सामाजिक बहिष्कार और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया था। बेंच ने कहा, ”ये बयान निश्चित रूप से उस देश के लिए बहुत कड़े हैं, जो लोकतंत्र और धर्म-तटस्थ होने का दावा करता है।” वहीं, सुनवाई के आखिर में सिब्बल ने कोर्ट से कहा, ”कम से कम किसी ने तो हमारी बात सुनी.” याचिका में मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे भाषणों की अलग-अलग घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में कार्यक्रमों के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन भाषण देने वालों के खिलाफ नहीं।

चुनाव 2022:अरविंद केजरीवाल को एक के बाद एक झटके

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New Delhi – दिल्ली और पंजाब के बाद विस्तार की ओर देख रही आम आदमी पार्टी को अब गुजरात से ही उम्मीद नजर आ रही है। खबर है कि एक के बाद एक मिल रहे झटकों के चलते पार्टी का हिमाचल प्रदेश में प्लान फेल होता दिख रहा है। इसके संकेत राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की सियासी चहलकदमी से भी मिल रहे हैं। उन्होंने पहाड़ी राज्य में गतिविधियां कम कर दी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी हलकों में ऐसी धारणा बन गई है कि केजरीवाल समेत शीर्ष नेतृत्व ने हिमाचल पर कोशिशें छोड़ दी हैं। साथ ही पार्टी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात में ताकत झोंक रही हैं। फिलहाल, राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और कांग्रेस भी दम भर रही है। अब राज्य का सियासी इतिहास कहता है कि बीते कई दशकों से यहां एक पार्टी दोबारा सत्ता में नहीं लौटी।
हिमाचल की तारीखें आने के बावजूद केजरीवाल गुजरात पहुंचे
भारत निर्वाचन आयोग ने हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव कराने का फैसला किया है। जबकि, गुजरात की तारीखें सामने नहीं आई हैं। इसके बाद भी 16 अक्टूबर यानी रविवार को केजरीवाल भावनगर में गरजे। इतना ही ननहीं पंजाब के कई मंत्री और विधायक गुजरात में ही देखे जा रहे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उनमें से कुछ का कहना है कि वे भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें पड़ोसी हिमाचल में क्यों नहीं भेजा जा रहा है। इसके बजाय उन्हें अलग सांस्कृतिक माहौल वाले राज्य में भेजा जा रहा है, जहां भाषा भी उनके लिए चुनौती बन रही है। आप के एक नेता ने कहा, ’25 जुलाई को केजरीवाल और मान के वर्चुअल रैली को संबोधित करने के बाद केजरीवाल पहाड़ी राज्य में नजर नहीं आए हैं। पार्टी इकाई को अपने आप पर छोड़ दिया है।’
एक के बाद एक झटके
हिमाचल प्रदेश में आप की तैयारियों काफी पहले ही शुरू हो गई थीं। मार्च में ही आप ने केजरीवाल के करीबी कहे जाने वाले दुर्गेश पाठक को राज्य का प्रभारी बनाया। इसके बाद पार्टी को पहला झटका अप्रैल में लगा। तत्कालीन पार्टी प्रमुख अनूप केसरी, सतीश ठाकुर और इकबाल सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के साथ भाजपा में चले गए। खास बात है कि नेताओं के दल बदलने से दो दिन पहले ही केजरीवाल और मान ने मंडी में ‘तिरंगा यात्रा’ की थी।
इसके बाद दिल्ली में मंत्री सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। 14 अक्टूबर को आप ने पंजाब कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस को राज्य का प्रभारी बनाया। जबकि, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा गुजरात के सह प्रभारी बनाए गए थे।
नामांकन नहीं हुए दाखिल, उम्मीदवारों का ऐलान नहीं
आप ने राज्य में अभी तक उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है। जबकि, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है। बैंस का कहना है कि पार्टी हिमाचल प्रदेश की सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, उनके एक करीबी ने दावा किया है कि आप अभी भी मुकाबले में है और कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने जानकारी दी कि कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

हो जाएं सावधान, एक वीडियो कॉल आएगा और जिंदगी हो जाएगी बर्बाद

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राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के जैतसर क्षेत्र में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी करने के मामले सामने आए हैं. इन मामलों का शिकार हुए कुछ युवाओं ने पुलिस तक सूचना भी नहीं दी. जिसने पुलिस को सूचना दी, वो इस साईबर ठगी से बच भी गया.

जानकारी के मुताबिक गांव 2 जीबी के एक किशोर के मोबाइल पर सोशियल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश आया. इस पर उसने इस संदेश को स्वीकार कर लिया. वहीं इस दौरान एक महिला ने उसे नग्न होने को कहा, और किशोर का वीडियो बना लिया.

किशोर के पास दूसरे दिन कॉल आया और कहा गया कि आपका न्यूड वीडियो हमारे पास है. जिसे आपके पास भेज रहे हैं. किशोर के व्हाट्स एप नंबर पर वो वीडियो आ गया. फिर कॉल आया कि 10 हजार रुपए खाते में भेज दो , नहीं तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा.

किशोर ने इस कॉल की जानकारी पिता से सांझा की तो पिता ने पुलिस थाना जैतसर के कांस्टेबल हरदौल सिंह को इसकी जानकारी दी. कांस्टेबल की मदद से किशोर ठगी का शिकार होने से बच गया. इधर 4 जेएसडी गांव का एक युवक भी साइबर ठगी का शिकार हो गया.

बताया जा रहा है कि अबतक जैतसर क्षेत्र के अनेक युवा भी साईबर ठगी का शिकार हो रहे हैं. पुलिस थाने में इस तरह के मामले सप्ताह में दो से तीन आ रहे हैं. वहीं साइबर ठगी के शिकार कुछ युवा बताने में भी गुरेज कर रहे हैं. न्यूड वीडियो बनाकर हो रही इस ठगी से अब तक कई युवाओं के भविष्य बर्बाद हो चुका है.

सोशल मीडिया के जरिए जाल में फंसाते हैं 
फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्स एप पर युवाओं के पास महिलाओं से मित्रता करने के मैसेज फर्जी नंबर और फर्जी आईडी से भेजें जातें हैं. इस दौरान युवाओं से नंबर लेकर न्यूड वीडियो कॉल आती है. जिसके जाल में युवा फंस जाते हैं. वीडियो कॉल आने के बाद महिला की बातों में आकर युवा वो ही करते हैं जो उनसे कहा जाता है और फिर उसकी वीडियो बना ली जाती है.

इसके बाद पीड़ित को यू ट्यूब ऑफिस या फिर क्राइम ब्रांच का नाम लेकर कॉल आती है और फिर वीडियो हटाने के लिए 10 से 15 हजार मांगे जाते हैं. रुपए नहीं देने पर पुलिस 24 घंटे में एक्शन लेगी ऐसी धमकी दी जाती है. लोक लाज के डर पुलिस को सूचना नहीं देते और ठगी का शिकार हो जाते हैं.

पुलिस थाना के सीआई विक्रम चौहान और कांस्टेबल हरदौल सिंह ने बताया कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए न्यूड वीडियो कॉल ना उठाएं. न्यूड वीडियो से जुड़े मैसेज को इग्नोर कर दें. वहीं इसकी जानकारी पुलिस को दें. इस तरह की ठगी का शिकार 15 से 30 साल के युवक हो रहें हैं. पुलिस के मुताबिक अगर आप इस ठगी का शिकार हों तो तुरंत साईबर हैल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल कर जानकारी दें.

पुलिस के मुताबिक आपकी जागरूकता ही आपकों साईबर फ्रॉड से बचा सकती है. किशोरावस्था को तनाव, तूफान और संघर्ष का काल कहा गया है. इसी अवस्था वाले युवाओं के पास न्यूड वीडियो कॉल आते हैं. युवाओं को इनसे बचना चाहिए. वहीं युवा इस अवस्था में योग की तरफ ज्यादा ध्यान दें. योग के माध्यम से कामेन्द्रियों पर नियंत्रण किया जा सकता है. जहां योग से शरीर ठीक होता है, वहीं बुरे विचारों से भी बचा जा सकता है.

रिपोर्टर- कुलदीप गोयल