गोबर ही एक मात्र चीज है जो गाय के साथ हमेशा रहता है
बड़े भाई ने पागलखाना भेज देने तक की बात कही थी
Mumbai Nashik Highway – 24 साल के ट्रक चालक की सड़क पर हार्ट अटैक से मौत
भिवंडी: मुंबई-नासिक हाइवे (Mumbai Nashik Highway) पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। दिवे गांव के पास एक ट्रक चालक को उस समय दिल का दौरा पड़ गया, जब वह ट्रक चला रहा था। मरने से पहले ट्रक चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। 24 साल के इस ट्रक चालक (Truck Driver) ने मौत से ठीक पहले ट्रक रोक दिया, इससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सुल्तानपुर का रहने वाला ट्रक चालक अविनाश पाल गुरुवार की दोपहर लगभग डेढ़ बजे मुंबई-नासिक हाइवे से होते हुए नासिक की तरफ जा रहा था। वह दिवे गांव के पास पहुंचा ही था कि उसे दिल का दौरा पड़ गया। यह इतनी जल्दी हुआ कि अविनाश को इतनी मोहलत भी नहीं मिली कि वह ट्रक सड़क किनारे खड़ा करके अपनी बिगड़ती तबियत के बारे में किसी को बता पाता।
हालांकि इस युवक की सूझबूझ की वजह से बड़ा हादसा होने से बचा। अविनाश ने दिल का दौरा पड़ते ही और मौत से ठीक पहले ट्रक बीच सड़क पर ही रोक दिया। इससे ट्रक दूसरी गाड़ियों से नहीं टकराया और बड़ा हादसा होने से बच गया। बीच सड़क पर ट्रक रुकने से ट्रैफिक जाम हो गया।
Diwali 2022 Laxmi Puja Muhurat: शुभ योग में दीपावली, जानें आज शाम लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त,आरती और मंत्र
Happy Diwali 2022 Wishes And Laxhmi Puja Vidhi Shubh Muhurat :प्रकाश का पर्व दिवाली हर बार कार्तिक अमावस्या तिथि पर मनाया जाता है। यह त्योहार हिंदूओं का प्रमुख त्योहार है। असत्य पर सत्य के जीत का यह त्योहार भगवान राम के लंका पर विजय प्राप्ति के बाद अयोध्या आगमन के रूप में हर साल बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। दिवाली पर शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष रूप से पूजा की जाती है। दिवाली पर घरों को रंगों,फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया जाता है। प्रकाश के पर्व की शाम को लोग दीए और मोमबत्तियों जलाकर मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां करते हैं। आइए जानते हैं इस बार दिवाली पर क्या है खास…
शुभ दीपावली 2022 कैलेंडर
| तारीख | दीपोत्सव महापर्व | दिन |
| 23 अक्टूबर, 2022 (पहला दिन) | धनतेरस | रविवार |
| 24 अक्टूबर, 2022 (दूसरा दिन) | नरक चतुर्दशी | सोमवार |
| 24 अक्टूबर, 2022 (तीसरा दिन) | दिवाली | सोमवार |
| 26 अक्टूबर, 2022 (चौथा दिन) | गोवर्धन पूजा | बुधवार |
| 26 अक्टूबर, 2022 (पांचवा दिन) | भाई दूज | बुधवार |
पांच दिवसीय दीपोत्सव का महत्व
दीपावली यानी दीपों की पंक्ति। प्रकाश का यह पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। दिवाली की तैयारी बहुत दिनों पहले पहले से होने लगती है। दिवाली पर लोग अपने घरों, प्रतिष्ठानों को फूलों, रंगोली, दीयों, मोबत्तियों और तोरण से सजाते हैं। आइए जानते है दिवाली का क्या है महत्व।
1- दिवाली हर साल अंग्रेजी कैलेंडर के अक्तूबर या नवंबर माह में मनाई जाती है। वहीं हिंदू कैलेंडर के अनुसार दिवाली प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है।
2- दिवाली पर मां लक्ष्मी,भगवान गणेश,धन प्रदान करने कुबेर देवता, मां सरस्वती और अपने कुल देवी-देवता की विशेष रूप से पूजा-आराधना होती है। दिवाली की शाम प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन और रात को निशीथ काल में मां काली की पूजा का विधान होता है।
3- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक अमावस्या की रात को सुख और वैभव की देवी मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और हर घर पर विचरण करती हैं। इसके दौरान जिन घरों में अच्छे से प्रकाश और सजावट होती है वहां पर मां लक्ष्मी अंश रूप में विराजमान हो जाती है।
4- व्यापारी वर्ग दिवाली पर नए बही खाते का पूजन करते हैं।
5- जैन धर्म के लिए दिवाली का त्योहार विशेष महत्व रखता है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने दीपावली के दिन निर्वाण प्राप्त किया था। इस दिन जैन धर्म का पंचांग भी दिवाली के दूसरे दिन शुरू होता है।
6- इसी तरह सिख धर्म में भी दीपोत्सव का महत्व होता है। सिख धर्म में गुरु हरगोविंद सिंह के जेल से बंदी मुक्ति दिवस से दीपावली की परंपरा जुड़ी है। इस दिन सभी गुरुद्वारे को रोशनी से सजाया जाता है।
7- दिवाली का उत्सव भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के 14 वर्ष के वनवास पूरे होने की खुशी में मनाया जाता है।
दिवाली 2022 शुभ योग
इस बार दिवाली पर कई तरह के शुभ संयोग बन रहे हैं। 24 अक्तूबर को दिवाली हस्त नक्षत्र और वैधृति योग में मनाई जा रही है। यह योग बहुत ही शुभ फल देने वाला और सुखमय जीवन के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा बुध जो भगवान गणेश को समर्पित होता है तुला राशि में रहेंगे। जहां पर पहले से सूर्य और शुक्र मौजूद हैं। वहीं गुरु और शनि भी स्वयं की राशि में मौजूद रहेंगे। ऐसे में यह दिवाली बहुत ही सौभाग्य और आर्थिक संपन्नता बढ़ाने वाली रहेगी।
दिवाली 2022 तिथि और लक्ष्मी पूजन मुहूर्त
कार्तिक अमावस्या तिथि आरंभ: 24 अक्टूबर, 2022 को शाम 05 बजकर 29 मिनट से।
कार्तिक अमावस्या तिथि समाप्त: 25 अक्टूबर 2022 को शाम 04 बजकर 20 मिनट पर।
अमावस्या निशिता काल: 11 बजकर 39 से 00:31 तक।
कार्तिक अमावस्या सिंह लग्न का समय: रात 01:26 से 03:44 बजे।
अभिजीत मुहूर्त का समय: सुबह 11:19 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक है।
विजय मुहूर्त आरंभ: 24 अक्टूबर को 01:36 से 02:21 तक।
दिवाली 2022: लक्ष्मी पूजा का समय और मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त: 18:54 से 20:16 मिनट तक
पूजा अवधि: 1 घंटा 21 मिनट
प्रदोष काल: 17:43 से 20:16 मिनट तक
वृषभ काल: 18:54 से 20:50 मिनट तक
दिवाली 2022 महानिशिता काल मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त: 23:40 से 24:31 मिनट तक
पूजा अवधि: 0 घंटे 50 मिनट
महानिशीथ काल: 23:40 से 24:31 मिनट तक
सिंह काल: 25:26:25 से 27:44:05 तक
दीपावली शुभ चौघड़िया मुहूर्त
संध्या मुहूर्त (अमृत, चर): 17:29 से 19:18 मिनट तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ): 22:29 से 24:05 मिन तक
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत,चल): 25:41:06 से 30:27:51
लक्ष्मी पूजन मंत्र
. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
. ॐ श्रीं श्रीयै नम:
. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥
. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
मां लक्ष्मीजी की आरती
ऊं जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।।
तुमको निशदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
उमा,रमा,ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता।
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता।
मैया सुख संपत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
मैया तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता।
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
ऊं जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
BMC चुनाव में साथ आएंगे राज, शिंदे और फडणवीस? मनसे के नए गठबंधन की संभावनाएं
मुंबई:मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) द्वारा शुक्रवार को दादर के शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) भी पहुंचे। तीनों नेताओं के एक मंच पर आने के बाद आगामी बीएमसी चुनाव (BMC Election) में बीजेपी, शिंदे की नई पार्टी ‘बालासाहेब की शिवसेना’ और राज ठाकरे की पार्टी ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना’ (मनसे) के नए गठबंधन की संभावनाएं दिखाई देने लगी है। यह नया गठबंधन उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की पार्टी ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ को घेरने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, क्योंकि राज ठाकरे द्वारा आयोजित कार्यक्रम में न सिर्फ शिंदे और फडणवीस शामिल हुए, बल्कि उन्होंने ही इस कार्यक्रम का इलेक्ट्रिक बटन दबाकर उद्घाटन भी किया। इसके साथ ही पूरा शिवाजी पार्क एरिया बिजली की रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा।
शिवाजी पार्क में 10 साल से दिवाली
शिवाजी पार्क पर आयोजित इस कार्यक्रम से पहले शिंदे और फडणवीस राज ठाकरे के घर भी गए। तीनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे चर्चा हुई। उसके बाद तीनों एक साथ शिवाजी पार्क पहुंचे। खास बात यह थी कि राज की एक तरफ शिंदे थे और दूसरी तरफ फडणवीस थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि राज ठाकरे पिछले 10 साल से शिवाजी पार्क पर दीपोत्सव मना रहे हैं, लेकिन इच्छा होते भी वह इस कार्यक्रम में नहीं आ सके। उनका इशारा उद्धव की पार्टी शिवसेना में होने के कारण न आ पाने की तरफ था। उन्होंने कहा कि अब आना हुआ है, क्योंकि हर काम के लिए एक समय निर्धारित होता है।
‘हमारी सरकार सर्व सामान्य जनता की सरकार’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सर्व सामान्य जनता की सरकार है, इसलिए यह सरकार राज ठाकरे के सुझावों को भी स्वीकार कर लेती है। बता दें कि हाल ही में राज ठाकरे ने जब अंधेरी उप चुनाव में बीजेपी से उम्मीदवार न उतारने की अपील की थी, उसके बाद ही बीजेपी ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था। राज ठाकरे ने हाल ही में सरकार से राज्य में ‘गीला-सूखा’ यानी अतिवृष्टि के कारण किसानों की बर्बाद हुई फसलों को सूखे के समान ही मुआवजा देने की मांग की है।
गठबंधन का कितना असर होगा?
अगर यह गठबंधन हुआ तो आगामी बीएमसी चुनाव में इसका खासा असर पड़ सकता है। जिससे सबसे ज्यादा नुकसान उद्धव ठाकरे गुट को होगा। दरअसल बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे गुट बिल्कुल अलग-थलग पड़ता हुआ नजर आ रहा है। क्योंकि महाविकास अघाड़ी गठबंधन के घटक दल कांग्रेस ने इस चुनाव को अकेले खुद के दम पर लड़ने का फैसला किया है। हालांकि, एनसीपी ने पूरी तरह से अपने पत्ते नहीं खोले हैं। दूसरी सबसे बड़ी बात है कि उद्धव ठाकरे के गुट फिलहाल सत्ता से बाहर है। जबकि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस का गठबंधन है और वो राज्य की सत्ता पर भी काबिज हैं।
इसमें अगर एमएनएस शामिल हो जाती है तो फिर उद्धव ठाकरे की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। राज्य या बीएमसी की सियासत में राज ठाकरे की एमएनएस का फिलहाल कोई बड़ा कद नहीं है लेकिन वो उद्धव ठाकरे को मिलने वाले मराठी वोटों में सेंध जरूर लगा सकते हैं। जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा। बीजेपी, इस बार किसी भी कीमत पर उद्धव ठाकरे को बीएमसी की सत्ता से हटाने की कोशिशों में जुटी हुई है।
राजीव गांधी फाउंडेशन और चैरिटेबल ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द
नई दिल्ली, एजेंसी। Rajiv Gandhi Foundation- केंद्र सरकार ने कानून के कथित उल्लंघन के आरोप में गांधी परिवार से जुड़े गैर सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) का विदेशी योगदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई 2020 में गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा की गई जांच के बाद हुई है।
जांच के बाद गृह मंत्रालय ने की कार्रवाई
एक अधिकारी ने बताया कि राजीव गांधी फाउंडेशन का एफसीआरए (FCRA) लाइसेंस उसके खिलाफ हुई जांच के बाद रद्द कर दिया गया है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आरजीएफ की अध्यक्ष हैं, जबकि अन्य ट्रस्टियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं।
1991 में की गई थी स्थापना
बता दें कि 1991 में स्थापित राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) ने 1991 से 2009 तक स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिलाओं और बच्चों, विकलांगता सहायता आदि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया है। राजीव गांधी फाउंडेशन वेबसाइट के अनुसार, संगठन ने शिक्षा क्षेत्र में भी काम किया है।
जांच के लिए हुआ था इंटर मिनिस्ट्रियल समिति का गठन
उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट को चीन से फंडिंग के मामले में जांच के लिए इंटर मिनिस्ट्रियल समिति का गठन किया था। मंत्रालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA),आयकर अधिनियम, विदेशी चंदा विनियामक अधिनियम (FCRA) आदि के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन की जांच के लिए इस समिति का गठन किया था।
आज अयोध्या जा रहे पीएम मोदी… दीपोत्सव पर जगमाएगी अयोध्या नगरी
राम नगरी में आज पीएम नरेंद्र मोदी भव्य अयोध्या दीपोत्सव (Ayodhya Deepotsav 2022) का आगाज करेंगे। आज की शाम अयोध्या में राम की पौड़ी समेत अन्य घाट दीयों की रोशनी से जगमग हो उठेंगे। यहां लेजर और लाइट शो के जरिए भी घाटों की सुंदरता को और निखारा जाएगा। अयोध्या में पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के स्वागत की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) ट्रस्ट के सदस्य पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। पीएम मोदी राम मंदिर में दर्शन और पूजन भी करेंगे। यहां भगवान राम के आगे पीएम मोदी दीये जलाएंगे। इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। सीएम योगी के साथ प्रदेश सरकार के कई मंत्री और नेता भी भव्य दीपोत्सव में शामिल होंगे।
Deepotsav 2022 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार यानी आज दीपोत्सव (Deepotsav 2022) के अवसर पर अयोध्या (Ayodhya) पहुंचेंगे। पीएम मोदी के अयोध्या आगमन पर सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। डीजीपी मुख्यालय ने अयोध्या के आसपास के जिलों में भी पूरी सतर्कता बरते जाने के साथ ही संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित संदेशों की भी निगरानी के लिए सोशल मीडिया सेल को सक्रिय किया गया है। प्रधानमंत्री (PM Modi Ayodhya Visit) के आगमन से पूर्व अयोध्या में पुलिस बल के अलावा 10 कंपनी पीएसी व पांच कंपनी सीआरपीएफ भी मुस्तैद की गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी खुद सभी सुरक्षा प्रबंधों को देख रहे हैं। अयोध्या के आसपास के जिलों में भी पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है। कहीं भी किसी संदिग्ध व्यक्ति से गहनता से पूछताछ किए जाने के साथ ही बाहर से आने वाले वाहनों की प्रभावी चेकिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पीएम मोदी के अयोध्या आगमन पर एटीएस की चप्पे-चप्पे पर नजर
बीते दिनों पीएफआइ (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) व उससे जुड़े संगठनों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इससे जुड़े सक्रिय सदस्यों द्वारा प्रदेश में गड़बड़ी किए जाने की आशंका को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया था। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री (PM Modi UP Visit) के आगमन के दृष्टिगत आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की गई टीमें अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय की गई हैं। इसके अलावा खुफिया इकाइयों को भी अयोध्या व उसके आसपास के जिलों में सक्रिय किया गया है।
पीएम मोदी करेंगे राम लला के दर्शन और आरती
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) चार बज कर 40 मिनट पर साकेत महाविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद करीब पांच बजे वह रामजन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां रामलला के दर्शन-पूजन के उपरांत वह मंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत होंगे।
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पीएम रामलला (Ram Lala) के दरबार में दीप भी प्रज्वलित करेंगे, इसके बाद पांच बजकर 40 मिनट पर यहां से पीएम रामकथा पार्क पहुंच कर भगवान राम के राज्याभिषेक कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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करीब 30 मिनट वहां व्यतीत करने के बाद दस मिनट का उनका समय आरक्षित रहेगा, जिसके उपरांत वह छह बज कर 20 मिनट के करीब नयाघाट पहुंच सरयू आरती करेंगे।
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साढ़े छह बजे से पीएम राम की पैड़ी पर आयोजित दीपोत्सव में उपस्थित होंगे, जहां 40 मिनट से अधिक का समय बिताएंगे।
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पीएम की उपस्थिति में दीपोत्सव का उल्लास आतिशबाजी से भी प्रवाहित होगा। वह करीब 15 मिनट तक आतिशबाजी का भी अवलोकन करेंगे। इसके उपरांत वह रात आठ बजे लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।
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रामजन्मभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामलला का गर्भगृह में दर्शन पूजन करेंगे और रामलला के समक्ष दीप प्रज्वलित करेंगे।
अयोध्या और आसपास के जिलों में भी पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 अक्टूबर यानी कल दीपोत्सव का हिस्सा बनने के लिए अयोध्या पहुंचेगे। पीएम यहां तीन घंटे से अधिक समय तक रहेंगे। अयोध्या प्रवास में वह सबसे अधिक समय तक श्रीरामजन्मभूमि एवं राम की पैड़ी पर होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम में बिताएंगे। इसको ध्यान में रखते हुए अयोध्या को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर तैयारी की सीएम योगी आदित्यनाथ खुद परख रहे हैं।
महाराष्ट्र – चंद्रपुर में धनत्रयोदशी के अवसर पर गड़ा हुआ धन मिला
धनत्रयोदशी के अवसर पर गड़ा हुआ धन मिला है. महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के वटराणा इलाके में गड्ढा खोदते वक्त चांदी के सिक्के मिले हैं. इन सिक्कों पर फारसी भाषा में कलमा उकेरा हुआ है. ये चांदी के सिक्के मुगल बादशाह अकबर और औरंगजेब के काल के हैं. इसका काल 15 वीं और 16 वीं सदी का है. ये चांदी के सिक्के गोंडपिपरी तालुका में रहने वाले नीतेश मेश्राम को गड्ढा खोदते वक्त मिले. नीतेश ने ये सिक्के संभाल कर रखे हैं. इन सिक्कों के मिलने से इतिहास की समझ को बढ़ाने में मदद मिलेगी.
चंद्रपुर जिले के लोगों के लिए यह उत्सुकता से भरे क्षण हैं. ऐतिहासिक विरासत हाथ लगी है. इन सिक्कों से जुड़े कुछ सवाल हल हो सकते हैं. चंद्रपुर का इतिहास वैभवशाली रहा है. एब ये सिक्के उनके बारे में और भी ज्यादा जानने और समझने में मदद करेंगे. चंद्रपुर के गोंडपिपरी तालुके के वटराणा के स्थानीय इलाकों के बारे में भी जानने में ये सिक्के मददगार साबित हो सकते हैं. वटराणा के रहने वाले नीतेश मेश्राम गड्ढा खोद रहे थे, उसी दौरान उन्हें दो चांदी के सिक्के मिले. उन्होंने उन सिक्कों को उत्सुकता वश उठाया तो गौर करने पर पाया कि ये सिक्के तो बहुत मूल्यवान हैं.
इन चांदी के सिक्कों का 11 ग्राम वजन, भाषा है पर्शियन
इन चांदी के सिक्कों का वजन 11 ग्राम है. इनमें फारसी भाषा में कलमा लिखा गया है. मेश्राम ने इन सिक्कों को संभाल कर रखा है. मेश्राम ने इन सिक्कों को अपनी पहचान के इतिहासप्रेमी नीलेश झा़डे को दिखाया. नीलेश झाडे ने इसे इतिहास के शोधार्थी अशोक सिंह ठाकुर से संपर्क साधा.
15 वीं और 16 वीं सदी के हैं सिक्के, बता रहे मुगल काल से जुड़े किस्से
अशोक सिंह ठाकुर ने इन सिक्कों पर लिखे कलमे को पढ़ कर बताया कि यह मुगल बादशाह आकबर और औरंगजेब के समय के हैं. इनका काल 15वीं और 16वीं सदी है. गोंडपिपरी तालुका मुगलों के ही अधीन था. वटराणा में यहां उस दौर में बड़ी बस्ती रही होगी. और रिसर्च किया जाए तो इस इलाके से जुड़ी मुगल हिस्ट्री के बारे में और जानकारियां मिल सकती हैं. इतिहासकारों ने यह राय दी है.
उद्धव ठाकरे गुट के चार विधायक शिंदे गुट में जाने को तैयार, केंद्रीय मंत्री नारायण राणे का दावा
Mumbai – केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने शनिवार को दावा किया कि शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के चार विधायक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गुट में शामिल होने के लिए उनके संपर्क में हैं।हालांकि, राणे ने उन विधायकों के नामों का उल्लेख करने से इनकार कर दिया। नारायण राणे केंद्र सरकार के ‘रोज़गार मेला’ के भागीदार के रूप में शहर में थे। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक रूप से सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपा।
राणे ने कहा, 56 विधायकों में से उद्धव ठाकरे गुट में मुश्किल से छह से सात विधायक बचे हैं। वे भी गुट छोड़ने वाले हैं। चार विधायक मेरे संपर्क में हैं, लेकिन मैं उनके नाम का खुलासा नहीं करूंगा।
‘उद्धव ठाकरे की राजनीति मातोश्री तक ही सीमित, उनका बचा इतना ही अस्तित्व’
केंद्रीय मंत्री राणे ने उद्धव ठाकरे का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उनकी राजनीति मातोश्री तक ही सीमित है। मातोश्री मुंबई के बांद्रा में उद्धव ठाकरे का निजी आवास है, और सेना भवन के साथ पार्टी का एक शक्ति केंद्र है।राणे ने जून में विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों को अगले डेढ़ साल में मिशन मोड पर 10 लाख लोगों की भर्ती करने का आदेश देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।राणे ने कहा कि वह रोजगार मेला को लेकर राजनीति करने वालों पर बात नहीं करेंगे, क्योंकि यह दिवाली का त्योहारी मौसम है।
राणे ने कहा नहीं कि थोड़ी देर बार ही दीपाली सय्यद सीएम शिंदे से मिलने पहुंचीं
केंद्रीय मंत्री ने यह बयान दिया ही था कि ठाकरे गुट के नेता शिंदे गुट में जाने को तैयार बैठे हैं, कि थोड़ी देर बाद ही शनिवार की शाम फिलहाल ठाकरे गुट की नेता दीपाली सय्यद सीएम एकनाथ शिंदे से मिलने पहुंचीं. उनके बारे में काफी वक्त से यह कयास लगाया जा रहा है कि वे शिंदे गुट ज्वाइन कर सकती हैं। फिलहाल उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सीएम शिंदे से मिलने के बाद उन्होंने यही कहा कि वे उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं देने आईं थीं. उनसे सीधा सवाल पूछा गया कि क्या आप शिंदे गुट में शामिल होने जा रही हैं? उन्होंने यही जवाब दिया कि, यह तो वक्त बताएगा।
गऊ माता ने लगाया बेड़ा पार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में ऋषि सुनक को मिला 100 सांसदों का समर्थन
ज्ञात हो कि पिछले दिनों ऋषि सुनक को हाल ही में जन्माष्टमी पूजा के बाद लंदन में गौ पूजा करते हुए देखा गया था। ऋषि सुनक की गौ पूजा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बनी रही. वीडियो में कंजरवेटिव पार्टी के नेता अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ गाय की विधि विधान से पूजा करते दिख रहे हैं. वीडियो में, सुनक को अपनी पत्नी और इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति की बेटी के साथ गाय की आरती करते हुए देखा जा सकता है।
ऋषि इस दौरान पीतल के गिलास से गाय को पवित्र जल अर्पित कर रहे थे, जिसके बाद पुजारी के द्वारा दिए गए एक मिट्टी के दीपक से वह बचे हुए अनुष्ठान पूर्ण करते हुए गाय से आशीर्वाद ले रहे हैं. देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और हिंदू समुदाय के बीच दिन भर चर्चा का विषय बनी रही.
ऋषि सुनक ने जन्माष्टमी मनाने के लिए भी चर्चा में आये थे. उन्हें लंदन के पास स्थित भक्तिवेदांत मंदिर में अपनी पत्नी अक्षता के साथ देखा गया था. उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर धार्मिक उत्सव की तस्वीरें भी साझा की थी। उन्होंने पोस्ट पर लिखा, ‘आज मैं अपनी पत्नी अक्षता के साथ जन्माष्टमी मनाने के लिए भक्तिवेदांत मनोर मंदिर गया, जो लोकप्रिय हिंदू त्योहार और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन है।
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— News18 (@CNNnews18) August 23, 2022









