नूंह(अनिल मोहनिया): फिरोजपुर झिरका की गौशाला में गौसेवकों द्वारा की जा रही गौ-तस्करी से पूरे मेवात में हड़कंप मच गया है। अब मेवात में बनी इन गौशालाओं पर उंगली उठने लगी है। आखिर इन गौशालाओं के संचालक ऐसे कोन से कार्य में बिजी थे, जो गौशालाओं में रखी गई गायों का भी हिसाब नहीं रख सके। जिससे आए दिन गौ सेवक गाड़ियों में भर भर कर गौशालाओं से इन गायों की तस्करी करते रहे।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि गोरक्षा दल के सदस्य खेम सिंह, जितेंद्र, छब्बू बैशाला को फोन पर सूचना मिली कि रात्रि के समय नंदी गौशाला से नंदी बैलों की तस्करी की जाएगी। जिसके बाद इन लोगों लोगों ने मामले की सूचना पुलिस और संबंधित गौरक्षा दल की टीम के सदस्यों को दी। इसके बाद तस्करों को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही गौरक्षा दल के सदस्य नंदी गौशाला पहुंचे तो तस्करों ने तुरंत गाड़ी भगा दी। गाड़ी को भागते देख गौरक्षा दल के सदस्यों ने तस्करों का पीछा किया। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए तस्कर फरार हो गए।

वहीं गौरक्षा दल के सदस्य जब वापस गौशाला पहुंचे तो वहां पर दो कर्मचारी फरार होने की फिराक में थे, जिन्हें मौके से ही दबोच लिया गया। इस मामले में फिरोजपुर झिरका सिटी चौकी प्रभारी भरत सिंह का कहना है कि गौरक्षा दल के सदस्यों द्वारा लिखित रूप से शिकायत मिल गई है। दो नामजद और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को आज स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।

आपको बता दें कि मेवात एक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है, यहां पर पुलिस जब को तस्करों से गायों को पकड़ती हैं तो उन्हें गौशालाओं में भिजवाती है। लेकिन अब सबसे बड़ी बात यह है कि जहां पुलिस गौशालाओं में गायों को सुरक्षित रखने के लिए भिजवाती है, लेकिन गौशालाओं से ही गौशालाओं में लगे हिंदू समाज के सेवाकर्मी इन गायों की तस्करी कर रहे हैं।

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