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चीनी फंडों द्वारा समर्थित समूह – क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए मोटा मुनाफा कमा रहे अब ईडी की रडार पर

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क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए मोटा मुनाफा कमा रहे समूह अब ईडी की रडार पर हैं। ईडी ने तीन अगस्त को पीएलएलए के तहत मैसर्ज जनामी लैब प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों में से एक, जो कि क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज ‘वजीरेक्स’ का संचालन करता है, उसके यहां पर छापेमारी की है। जांच पड़ताल के बाद कंपनी के 64.67 करोड़ रुपये के बैलेंस वाले बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। इस कंपनी पर चीन से भारी मात्रा में फंड लेने का आरोप है। वजीरेक्स क्लाउड आधारित सॉफ़्टवेयर (@AWS मुंबई) के जरिए संचालित होता है। इसमें कार्यरत सभी कर्मचारी घर से काम करते हैं। इसका पंजीकृत कार्यालय ऐसा है कि वहां पर केवल दो कुर्सियां रखने की जगह है।

ज्यादातर कंपनियां चीनी फंडों द्वारा समर्थित हैं

ईडी द्वारा भारतीय एनबीएफसी कंपनियों और उनके फिनटेक भागीदारों के खिलाफ आरबीआई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने, टेली-कॉलर्स की मदद से व्यक्तिगत डाटा का दुरुपयोग करने व ऋण लेने वालों से उच्च ब्याज दर वसूलना, मामले की जांच की जा रही है।

इतना ही नहीं, कंपनी द्वारा उच्च ब्याज दर पर लोन की रकम वसूलने के लिए ग्राहकों से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस धंधे में लगी ज्यादातर कंपनियां चीनी फंडों द्वारा समर्थित हैं। जब इन फिनटेक कंपनियों को उधार कारोबार करने के लिए आरबीआई से एनबीएफसी लाइसेंस नहीं मिल सका तो इन्होंने बंद हो चुकी एनबीएफसी के साथ एमओयू का रास्ता तैयार अख्तियार किया। यह सब कारोबार शुरू करने के लिए किया गया।

एमओयू से कमाया भारी मुनाफा

ईडी की आपराधिक जांच में सामने आया है कि कई सारे फिनटेक एप ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। इसके बाद उन्होंने एनबीएफसी के साथ एमओयू करने का तरीका इस्तेमाल कर भारी मुनाफा कमा लिया। फंड ट्रेल की जांच में पता चला है कि फिनटेक कंपनियों द्वारा इस लाभ का इस्तेमाल क्रिप्टो संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। यहां से कमाए गए पैसे को विदेशों में चलाया गया। यानी अवैध धन को वैध करने का काम शुरू किया गया। इन कंपनियों और इनकी आभासी संपत्ति का फिलहाल पता नहीं चल सका है।

क्रिप्टो-एक्सचेंज को समन जारी किया गया है। इसमें यह देखा गया है कि अधिकतम धनराशि वजीरेक्स एक्सचेंज को दी गई थी। इस प्रकार खरीदी गई क्रिप्टो-परिसंपत्तियों को अज्ञात विदेशी वॉलेट में भेज दिया गया था।

बिनेंस के साथ हुआ है तरजीही समझौता

जानमाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड, जो कि वजीरेक्स क्रिप्टो एक्सचेंज की स्वामित्व वाली कंपनी है। इसने क्रिप्टो एक्सचेंज के स्वामित्व को अस्पष्ट करने के लिए क्राउडफायर इंक, यूएसए, बिनेंस (केमैन आइलैंड्स), जेट्टी पीटीई लिमिटेड सिंगापुर के साथ समझौता कर एक वेब बनाया है। इससे पहले, उनके प्रबंध निदेशक निश्चल शेट्टी ने दावा किया था कि वजीरेक्स एक भारतीय एक्सचेंज है, जो सभी क्रिप्टो और इन-क्रिप्टो लेनदेन को नियंत्रित करता है। बिनेंस के साथ उसका एक आईपी और तरजीही समझौता है।

अब, जानमाई का दावा है कि वे केवल इन-क्रिप्टो लेनदेन में शामिल हैं। अन्य सभी लेनदेन बिनेंस द्वारा वजीरेक्स पर किए जाते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, वे भारतीय नियामक एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए विरोधाभासी और अस्पष्ट जवाब दे रहे हैं।

सभी क्रिप्टो लेनदेन बिनेंस द्वारा नियंत्रित होते हैं

वजीरेक्स क्लाउड आधारित सॉफ़्टवेयर (@AWS मुंबई) से काम करता है। इसमें कार्यरत सभी कर्मचारी घर से काम करते हैं। इसका पंजीकृत कार्यालय ऐसा है कि वहां पर केवल दो कुर्सियां रखने की जगह है। सभी क्रिप्टो लेनदेन बिनेंस द्वारा नियंत्रित होते हैं, जिसके कार्यालय का कुछ अता-पता नहीं है। उसके कर्मियों को भी कोई नहीं जानता। वह legal@binance.com के जरिए सवालों का जवाब देता है। बार-बार अवसर देने के बावजूद, वजीरेक्स संदिग्ध लेनदेन के बारे में सही जानकारी नहीं दे सका।

फिनटेक एपीपी कंपनियों के क्रिप्टो लेनदेन देने और वॉलेट के केवाईसी को प्रकट करने में विफल रहा है। अधिकांश लेन-देन ब्लॉकचेन पर भी दर्ज नहीं होते हैं। वजीरेक्स ने सूचित किया था कि जुलाई 2020 से पहले, उसने उस बैंक खाते का विवरण भी दर्ज नहीं किया था, जिसके माध्यम से क्रिप्टो संपत्ति खरीदने के लिए फंड एक्सचेंज में आ रहे थे। उनके पते का कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। ग्राहकों के धन के स्रोत की कोई जांच नहीं की गई। कोई ईडीडी नहीं किया जाता है। कोई एसटीआर नहीं उठाया गया।

समीर म्हात्रे की वजीरेक्स के डाटाबेस तक है पहुंच

वजीरेक्स एक्सचेंज के निदेशक के असहयोगी रुख के कारण तीन अगस्त को पीएमएलए के तहत तलाशी शुरु की गई। उसमें सामने आया कि वजीरेक्स के निदेशक समीर म्हात्रे की वजीरेक्स के डेटाबेस तक पूरी पहुंच है, लेकिन इसके बावजूद वह तत्काल ऋण एपीपी धोखाधड़ी के अपराध की आय से खरीदी गई क्रिप्टो संपत्तियों से संबंधित लेनदेन का विवरण प्रदान नहीं कर रहा है।

केवाईसी मानदंड पूरे नहीं किए जा सके हैं क्योंकि वे बहुत कमजोर हैं। वजीरेक्स और बिनेंस के बीच लेनदेन का ढीला नियामक नियंत्रण, लागत बचाने के लिए ब्लॉकचेन पर लेनदेन की गैर-रिकॉर्डिंग और विपरीत पर्स के केवाईसी की गैर-रिकॉर्डिंग ने सुनिश्चित किया है कि वज़ीरेक्स लापता क्रिप्टो संपत्तियों का कोई खाता तक नहीं दे पा रहा है। उन्होंने क्रिप्टो संपत्तियों का पता लगाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। उन्होंने अपने इस अस्पष्टता भरे तरीके से लगभग 16 आरोपी फिनटेक कंपनियों की क्रिप्टो मार्ग का उपयोग कर अपराध की आय को वैध बनाने में सक्रिय रूप से सहायता की है।

विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार सांख्यिकी संबंधी राष्ट्रीय पहल से जुड़ी राष्ट्रीय सलाहकार समिति की पहली बैठक संपन्न

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New Delhi – 5th August –  विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार सांख्यिकी संबंधी राष्ट्रीय पहल से जुड़ी राष्ट्रीय सलाहकार समिति ने अपनी पहली बैठक में इसके भावी विकास के संबंध में विचार-विमर्श किया।

बैठक में यह तय किया गया कि भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरू की परियोजना निगरानी यूनिट (पीएमयू) विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सांख्यिकी केंद्र के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय के. सूद ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस पहल के महत्व को रेखांकित किया और इसके साथ ही इस पहल पर केंद्रित कार्य शुरू करने के लिए एक केंद्र की स्थापना की जरूरत

बताई।

उन्होंने कहा, “ज्ञान आधारित फैसले लेने के लिए आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण हैं। जहां ये आंकड़े विभिन्न मंत्रालयों द्वारा एकत्रित किए जाते हैं, वहां भविष्य के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेने की प्रक्रिया में इनका केंद्रीयकृत प्रबंधन अनिवार्य है।”

सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) डॉ. श्रीवारी चंद्रशेखर ने इस पहल का स्वागत किया और विभाग के पास पहले से ही उपलब्ध विस्तृत आंकड़ों के बारे में बताते हुए इनमें अतिरिक्त आंकड़े जोड़ने की जरूरत बताई।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता ने आंकड़ों को एकत्रित करने के विभिन्न प्रयासों को एक साथ लाने के लिए समन्वित प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया और इस केंद्र की एक प्रारंभिक संकल्पना प्रस्तुत की। उन्होंने इस दिशा में अंतर्राष्ट्रीय तौर पर किए गए बेहतरीन प्रयासों के तौर पर अमरीका और जापान का उदाहरण दिया।

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के निदेशक प्रो. गोविन्दन रंगराजन ने आईआईएससी में स्थापित किए जाने वाले इस केंद्र के कामकाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर विभिन्न वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों के विशेषज्ञों ने इस केंद्र के प्रशासन, कामकाज और भावी विकास के संदर्भ में विचार-विमर्श किया।

 

अमित शाह ‘स्वराज: भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’ सीरियल के शुभारंभ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए

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” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, आज़ादी दिलाने में जाने-अनजाने लाखों लोगों के बलिदान को याद कर रहे हैं और 75 सालों में देश की उपलब्धियों का गौरवगान कर रहे हैं ”

—————————————————————————————————-” भारत यहां से जो छलांग लगाने वाला है उसके बाद भारत को महान बनने से कोई नहीं रोक सकता, इसी कड़ी में ‘स्वराज’ धारावाहिक के 75 एपीसोड बनाने का काम केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में दूरदर्शन ने हाथ में लिया है, ये एक बहुत साहसी क़दम है भारत के भाव की अभिव्यक्ति केवल और केवल आकाशवाणी और दूरदर्शन ही कर सकते हैं ” 

New Delhi – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह आज आज नई दिल्ली में दूरदर्शन के ‘स्वराज: भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’ सीरियल का शुभारंभ व स्पेशल स्क्रीनिंग कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर, सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरूगन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्र, प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मयंक कुमार अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि दूरदर्शन और आकाशवाणी  ने अनेक प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से समय-समय पर देश को झंझोड़ने, संस्कारित करने, भावनाओं को उद्वेलित करके उन्हें चैनलाइज़ करने और अंततोगत्वा सृजनशक्ति के संग्रह का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि भारत के भाव की अभिव्यक्ति केवल और केवल आकाशवाणी और दूरदर्शन ही कर सकते हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम का अपने आप में ख़ास महत्व है क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और ये अमृत महोत्सव हमारे देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम देश और दुनिया में आज़ादी और 75 सालों में देश की उपलब्धियों का गौरवगान कर रहे हैं। आज़ादी दिलाने में जाने-अनजाने लाखों लोगों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, हम उन्हें भी याद कर रहे हैं। इसके साथ ही अमृत महोत्सव से शताब्दी तक महान भारत कैसा होगा, उसकी रचना के संकल्प भी ले रहे हैं और संकल्प की सिद्धि के लिए पुरूषार्थ का प्रचंड विश्वास भी व्यक्त कर रहे हैं।

उन्होने कहा कि देश यहां से जो छलांग लगाने वाला है उसके बाद भारत को महान बनने से कोई नहीं रोक सकता। इसी कड़ी में स्वराज धारावाहिक के 75 एपीसोड बनाने का काम केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में दूरदर्शन ने हाथ में लिया है। ये एक बहुत साहसी क़दम है।

 

श्री अमित शाह ने कहा भारत में स्वराज शब्द का अर्थ स्वशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वराज शब्द अपने आप में संपूर्ण भारत को स्वतंत्र कराने और अपनी पद्धति से चलाना है।  इसमें स्वभाषा, स्वधर्म, स्वसंस्कृति  और अपनी कलाएं भी आती हैं। जब तक हम शाब्दिक दृष्टि से स्वराज की भावना में नहीं रंगते हैं, तब तक भारत सही अर्थों में स्वराज प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि 75 सालों के सासन में हर किसी ने देश को आगे बढ़ाने के लिए पुरूषार्थ किया है। लेकिन अगर शताब्दी के वर्ष में हम अपनी भाषाओं को ना बचा पाएं, इतिहास को आने वाली पीढ़ी तक ना पहुंचा पाएं और हज़ारों साल से चली आ रही संस्कृति को ना बचा पाएं तो क्या स्वराज प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम पर शासन करने वालों ने हमारी सारी उत्कृष्ट व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया था।

वो हम पर शासन तभी कर सकते थे जब हमारे जनमानस में एक हीनभावना का निर्माण करें क्योंकि हर क्षेत्र में हम उनसे आगे थे। उच्च मानवीय और शासन के मूल्यों में हम उनसे कहीं आगे थे। जिस भारत ने दुनिया को गीता, वेद, शून्य और खगोल शास्त्र दिए हैं उन्होंने उसके ज्ञान को लेकर भी मिथक खड़ा करने का प्रयास किया, उन्होंने हमारी भाषाओं, संस्कृति, शासन करने की क्षमता के प्रति हीन भाव खड़ा किया।

 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 75 सप्ताह लंबा ये स्वराज सीरियल सभी भारतीय भाषाओं में अनुवादित और दिखाया जाने वाला है। ‘स्वराज’ धारावाहिक का उद्देश्य जनमानस के अन्दर हर हीन भाव को समूल उखाड़ फेंक गौरव का भाव लाना होना चाहिए, तभी हम स्वराज के उद्देश्यों को सिद्ध कर सकेंगे और यह आजादी के अमृत महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि जो अपने इतिहास की अच्छी चीजों का गौरव नहीं करते हैं, वो कभी भी महान भविष्य की रचना नहीं कर सकते हैं।

अगर देश का महान भविष्य बनाना है तो हमारे महान इतिहास का युवा पीढ़ी में गौरव पैदा करना होगा। गृह मंत्री ने कि  उन्हे पूरा विश्वास है कि यह धारावाहिक हमारे युवाओं को झकझोर कर उनके मन में देश के इतिहास के प्रति गौरव पैदा करेगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व हम महान भारत की रचना की दिशा में और गति से आगे बढ़ेंगे।

Cow Economy – गोबर बेचकर पशुपालक शिव कुमार ने खरीदी मोटर साईकिल

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बेमेतरा 05 अगस्त 2022 :कुछ साल पहले गोबर बेचकर अपनी आजीविका सुधार पाना किसी ने सोचा न था लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गोधन न्याय योजना से यह संभव हो सका। इसी क्रम में बेमेतरा विकासखण्ड के गौठान ग्राम दमईडीह ग्राम पंचायत गिधवा, पोस्ट दाढ़ी निवासी श्री शिव कुमार यादव पिता मुन्ना यादव, जो कि एक गरीब किसान एवं गौ पालक है, ने योजना के अंतर्गत अब तक 99 हजार 814 किलोग्राम गोबर बेचा और एक लाख 99 हजार 628 रूपये राशि प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य पशुपालको की आय में वृद्धि करना, आवारा पशुओ का संरक्षण, महिलाओं को रोजगार के नये अवसर प्रदाय करना, जैविक कृषि को बढ़ावा देना इत्यादि है। इसी उद्देश्य को कृतार्थ करता हुआ शिवकुमार यादव एवं उसके जैसे अन्य पशुपालको की कहानी योजना को सफल बनाये है।

कृषि कार्य से होने वाली आय से घर चला पाना मुश्किल हो रहा था। तभी गोधन न्याय योजना के बारे में जानकर श्री शिवकुमार यादव ने गोबर बेचना प्रारंभ किया और मात्र दो वर्ष में लगभग 2 लाख रूपये की अपनी आय में वृद्धि किया। अब उसके परिवार की स्थिति अच्छी है। उसने इस पैसे से दूध बेचने हेतु मोटर साईकिल खरीदा। अब वह मोटर साईकिल के माध्यम से दूध बेचकर अपनी आय में वृद्धि करता है और अन्य जरूरतो को पूरा करता है।

गौठान से हुई आय में वृद्धि के कारण ने स्वयं के व्यय से गौठान में भगवान श्री कृष्ण जी की मूर्ति स्थापित की। श्री शिवकुमार यादव कहते है कि गोधन न्याय योजना ने मेरे परिवार की काफी मदद की है। जिससे मैने अपनी परिवार की जरूरतो को आसानी से पूरा किया है।

ग्राम गौठान प्रबंधन समिति दमईडीह के द्वारा योजना प्रारंभ से अब तक 3 लाख 10 हजार 803 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई है। जिसकी लागत 6 लाख 21 हजार 606 रूपये है। जिससे एक लाख 18 हजार 315 किलोग्राम खाद का उत्पादन हुआ है। जिसे ग्रामीण किसानो नेे खरीदकर जैविक खेती की ओर एक कदम बढ़ाया है। अबतक ग्राम गौठान प्रबंधन समिति दमईडीह के द्वारा 11 लाख 28 हजार 100 रूपये का खाद बेचा जा चुका है। जो कि गोधन न्याय योजना की सफलता का प्रतीक है।

आईडी काऊ घी हुआ लॉन्च, शुद्धता और स्वादिष्ट की गारंटी देता है आईडी फ्रेश फूड

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मुंबई। भारत के सबसे बड़े और सबसे पसंदीदा कंज्‍यूमर फ्रेश फूड ब्राण्‍ड आईडी फ्रेश फूड ने आज मुंबई में आईडी घी को लॉन्‍च कर 10,000 करोड़ रूपये के घी बाजार में कदम रखने की घोषणा की है। कंपनी 100 करोड़ रूपये की अतिरिक्‍त कमाई अर्जित करना चाह रही है और इसने आने वाले महीनों में अपने नये उत्‍पाद के साथ भारत के प्रमुख बाजारों में उतरने की योजना बनाई है।

दूध की क्रीम और असंरक्षित (नॉन-प्रीजर्व्‍ड) मक्‍खन से बने, आईडी घी की खुशबू और स्‍वाद बहुत ही बेहतरीन है और इसे बाजार में उपलब्‍ध मौजूदा उत्‍पादों से बिलकुल अलग बनाती है। आईडी घी का एक चम्‍मच निश्चित रूप से आपके भोजन को लुभावनी सुगंध से भर सकता है और आपको स्‍वादिष्‍ट यादें दे सकता है!

बाजार की इस नई कैटेगरी में उतरने के कंपनी के फैसले पर अपनी बात रखते हुए, आईडी फ्रेश फूड के सीईओ और को-फाउंडर पी सी मुस्‍तफा ने कहा, “आईडी फ्रेश फूड में, हम लगातार नवाचार के नये तरीके खोज रहे हैं। हमारे लिये नवाचार का मतलब है सामान्‍य समझ के इस्‍तेमाल द्वारा उपभोक्‍ता की जरूरतों को पूरा करना। इसलिये हमारा घी पैकेज एक स्‍पाउट के साथ आता है और रखने तथा जगह बदलने के लिये काफी आसान है।

हमारा मानना है कि भारत में अभी पैकेज्‍ड घी के बाजार में कुछ नया होने की स्थिति है। हमारी प्रोडक्‍ट टीम ने दूध से क्रीम निकालने में सफलता पाई है और फ्रीजिंग के बिना घी बनाया है, इसलिये यह ताजा है और अतिरिक्‍त रंग, स्‍वाद या एडिटिव्‍स से रहित है। इस तरह से आईडी घी काफी आशाजनक है। हम एक साल के भीतर भारत के शीर्ष बाजारों पर छा जाना चाहते हैं।”

अभी भारत में पैकेज्‍ड घी का सबसे बड़ा बाजार मुंबई है, जिसके बाद दिल्‍ली, बेंगलुरु, चेन्‍नई, पुणे और हैदराबाद का नंबर आता है। इन शहरों में देश के आधे से ज्‍यादा पैकेज्‍ड घी की बिक्री होती है।
आईडी फ्रेश फूड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर राहुल गांधी ने कहा, “प्रीजर्वेटिव्‍स से भरे और प्रोसेस्‍ड फूड्स तेजी से हमारे जीने के तरीके में आ रहे हैं और आज के उपभोक्‍ता खान-पान के मामले में काफी गंभीर है। आईडी फ्रेश फूड भारत के पारंपरिक फूड्स की अच्‍छाइयों का संरक्षण करने के लिये प्रतिबद्ध है और शुद्ध घी को पोषण के मामले में सबसे फायदेमंद उत्‍पादों में से एक माना जाता है, जिसका कारण उसका मीडियम-चेन फैटी एसिड कंटेन्‍ट है। इसलिये यह हर घर में गर्व से रखे जाने के योग्‍य है। आईडी घी शुद्धतम घटकों से बना है और आपके दिल की सेहत, प्रतिरक्षा तंत्र, पाचन तंत्र और कुल मिलाकर पूरे स्‍वास्‍थ्‍य के लिये अच्‍छा है।”
आईडी घी एक किलो के पाउच (689 रूपये), स्‍पाउट के साथ 500 ग्राम के पाउच (350 रूपये) और 500 ग्राम के पेट जार (375 रूपये) में उपलब्‍ध होगा।

AMUL – ‘ छोटे बदलाव, बड़ा प्रभाव , केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर सराहना की

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भारत को आज़ाद हुए पूरे 75 साल पूरे होने वाले हैं. ऐसे में पूरे देश में आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है. आज़ादी के इस जश्न को लोग अपने अपने तरीक से मानाने जा रहे है। हर घर तिरंगा अभियान के लिए जनप्रतिनिधि भी आम जनता को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। भारत सरकार द्वारा इस बार स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 15 अगस्त से कुछ दिन पहले और बाद तक हर घर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अभियान चलाया जाएगा। यह कार्य प्रशासन, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, स्थानीय निकायों, आम जनता और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया जाएगा।

इसी के तहत अमूल ने भी हमेशा की तरह अनोखी पहल करते हुए अपने दूध के पैकेट पर ” आज़ादी का अमृत महोत्सव ” का लोगो प्रिंट करते हुए हर घर तिरंगा अभियान को घर घर तक पहुंचाने में लगा है।

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने अपने एक ट्वीट से अमूल दूध के पैकेट को शेयर करते हुए लिखा कि -”छोटे बदलाव, बड़ा प्रभाव , जागरुकता पहल
@ अमूल_कूप #HarGharTiranga के लिए।

Small Changes, Big Impact

बचपन में 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय त्योहारों पर खूब तिरंगा झंडा फहराया हमने होगा. लेकिन इस बार जब आजादी के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है, तो केंद्र सरकार इस जश्न को हर घर से जोड़ने जा रही है. इसके लिए स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू करने का फैसला किया गया है. दरअसल, देश में पिछले एक साल से आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर जश्न मनाया जा रहा है, जिसे हम आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे हैं. स्कूल, कॉलेज और गांव की पंचायत से लेकर तमाम कंपनियां, सरकारी कार्यालय और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास में अलग-अलग तरह से जश्न मनाया जा रहा है।

अमूल ने अपने प्रॉडक्ट पर जागरूकता के लिए बड़ी पहल की है , हर बार अमूल अपनी अनोखी मार्केटिंग के लिए देश की जनता के दिलो में अपना स्थान बनाने में सफल रहा है।

 

 

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र – गौ हत्या के मुद्दे पर सदन में भाजपा विधायक का विरोध

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रांची। स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। स्पीकर ने कहा कि बार-बार सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इसके कारण लोकतंत्र की मर्यादा और उसकी गरिमा को बचाए रखने के लिए सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जा रही है।

बता दें कि इस सत्र का अंतिम दिन शुक्रवार को था। छह दिवसीय मानसून सत्र के पांचवें दिन ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गयी।

गुरुवार को पांचवें दिन सदन शुरू होते ही बीजेपी विधायकों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। बीजेपी विधायक स्पीकर को कार्यालय से बाहर निकलने से रोकते नजर आये। वहीं, गौ हत्या के मुद्दे पर सदन में भाजपा विधायक विरोध करते हुए वेल में आ आये।

इस दौरान बीजेपी विधायकों ने जमकर हो-हंगामा भी किया। विपक्ष द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन को देखते हुए स्पीकर श्री महतो ने मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने बीजेपी के चार विधायक भानू प्रताप शाही, ढुल्लू महतो, जयप्रकाश भाई पटेल और रणधीर महतो का निलंबन वापस लिया। मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। इसी के आधार पर स्पीकर ने चार विधायकों को चार अगस्त तक के लिए निलंबित कर दिया था।

सत्र के चौथे दिन बुधवार को भी सदन हो- हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन बिना विपक्षी भाजपा विधायकों के चला था। भाजपा ने पहली और दूसरी पाली में स्पीकर द्वारा चार विधायकों को निलंबित किये जाने को लेकर सदन का वॉकआउट किया था। इस दौरान भाजपा के सभी विधायक सदन के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। सीढ़ियों पर ही एक डमी सदन आयोजित हुआ था।

 

गौशाला प्रतिनिधियों ने दिया धरना – गौशाला को 50 रुपये प्रति गाय आर्थिक सहायता दे सरकार : बजरंंग गर्ग

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हरियाणा सरकार द्वारा गौशालाओं को गायों की देखभाल के लिए आर्थिक मदद ना करने के रोष स्वरूप गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को लघु सचिवालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान अन्य सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।

धरने में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि एक ओर तो हम गाय को अपनी माता मानते हैं और दूसरी ओर बेसहारा गायों को सड़कों पर लाचार घूमने के लिए और कचरा खाते आम तौर पर देखा जाता है। दिल्ली, राजस्थान व पंजाब सरकार द्वारा गौशाला को प्रति गाय आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है कि बेसहारा गायों के लिए हरियाणा की हर गौशालाओं को 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गाय के हिसाब से आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि गौशाला अच्छे ढंग से गौ माता की सेवा कर सके।

उन्होंने कहा कि आज के युग में तूड़ी, खल, गुड़, हरा चारा आदि सामग्री के रेट अनाप-शनाप हो चुके हैं, ऐसी स्थिति में गौशालाओं को चलाना संस्थाओं के लिए बहुत मुश्किल हो चुका है। सरकार को गौ माता के हित में 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गाय के हिसाब से तुरंत प्रभाव से देने चाहिए।

बजरंग गर्ग ने कहा कि बेसहारा गायों के सड़कों पर खुले घूमने से हरियाणा में हर रोज सड़क दुर्घटना में काफी लोग घायल व मौतें हो चुकी हैं और हर समय दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि बेसहारा गायों को पकड़ कर नंदिनी गौशाला में अच्छे ढंग से रखरखाव किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने गौ माता के हित में गौशालाओं को आर्थिक सहायता देने का फैसला नहीं लिया तो गौ भक्त सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। आर्थिक सहायता देने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।

साँची के नये उत्पाद- गाय का घी, बृज पेड़ा और बेसन के लड्डू लांच

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भोपाल, । पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बुधवार को भोपाल दुग्ध संघ परिसर में साँची के नये उत्पाद- गाय का घी, बृज पेड़ा और बेसन के लड्डू लांच किये। उन्होंने साँची के उत्पादों को लोगों तक पहुँचाने के लिये चलित साँची पार्लर का लोकार्पण भी किया। इसका फायदा उन क्षेत्रों को भी मिलेगा, जहाँ साँची पार्लर नहीं हैं। इस मौके पर पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया, स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध संचालक तरुण राठी सहित साँची की नव-नियुक्त ब्रांड एम्बेसडर मेघा परमार भी उपस्थित थी।

मंत्री पटेल ने कहा कि साँची के उत्पाद- दूध, दही, मट्ठा, घी, श्रीखंड, सुगंधित दूध आदि की प्रदेश में काफी माँग है। राखी के त्यौहार की मिठास बढ़ाने के लिये आज भोपाल दुग्ध संघ का गाय का घी, बृज पेड़ा और ग्वालियर दुग्ध संघ के बेसन के लड्डू शुरू किये गये हैं। उन्होंने एवरेस्ट फतह करने वाली मध्यप्रदेश की बेटी मेघा परमार को प्रदेश का गौरव बढ़ाने और साँची ब्रांड एम्बेसडर बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि साँची के उत्पाद भी अपरोक्ष रूप से किसानों की ही देन है।

अपर मुख्य सचिव कंसोटिया ने कहा कि साँची देश का माना हुआ ब्रांड है। मेघा परमार के जुड़ने से इसका और अधिक विकास होगा। उत्पादों की लोकप्रियता देखते हुए प्रदेश के सभी दुग्ध संघ नये उत्पाद ला रहे हैं। प्रबंध संचालक राठी ने कहा कि प्रदेश में ऐसे 100 साँची पार्लर संचालित किये जाएंगे। साँची पार्लर्स से गत वर्ष 37 मीट्रिक टन मिठाई का विक्रय हुआ। इस वर्ष 50 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि साँची के उत्पाद रक्षा विभाग, स्कूल कॉलेज में भी जाते हैं। एफसीसीआई के हाल में किये गये ऑडिट में साँची उत्पाद को 100 में 96 अंक प्राप्त हुए हैं।

मेघा परमार ने कहा कि वह खुद किसान परिवार से आती हैं। साँची से जुड़े उनके पिता की मुख्य आमदनी डेयरी व्यवसाय से ही होती थी। इस ऊँचाई तक पहुँचने में साँची से हुई आमदनी की मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि बचपन से पिता के साथ साँची के टेंकर, दूध संकलन की प्रक्रिया आदि देखती आ रही थी, आज ब्रांड एम्बेसडर बनने पर बहुत सौभाग्य महसूस कर रही हूँ।

नये उत्पाद और उनकी दरें

साँची गौ घी का मूल्य एक लीटर 630 रुपये, मथुरा पेड़े की तर्ज पर बने बृज पेड़े 220 रुपये प्रति 500 ग्राम और बेसन का लड्डू 200 रुपये प्रति 500 ग्राम निर्धारित किया गया है। घी की शेल्फ लाइफ 6 माह और लड्डू और पेडे़ की एक माह होगी। जल्दी ही श्रीखंड लाइट की लांचिंग की जाएगी।

इस मौके पर संचालक डॉ. आरके मेहिया, राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक एचबीएस भदौरिया, भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ आरपीएस तिवारी उपस्थित थे। साँची के वितरक, पार्लर, बूथ रिटेल एजेंट, होटल आदि के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

गौ-संवर्धन बोर्ड अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद ने किया पशु चिकित्सा शिविर का अवलोकन

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भोपाल, 03 अगस्त (हि.स.)। गौ-संवर्धन बोर्ड की कार्यपरिषद के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि की उपस्थिति में बुधवार को भोपाल में शारदा विहार स्थित कामधेनु गौ-शाला एवं गौ-विज्ञान अनुसंधान केन्द्र में गायों को गलघोंटू, एक टंगिया आदि बीमारियों का टीकाकरण करने के साथ ही बछड़े-बछड़ों को कृमि-नाशक दवाइयाँ दी गईं। स्वामी जी, वेटनरी काउंसिल ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा, संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. आर.के. मेहिया ने उपचार के लिये गौ-शाला को औषधियाँ भी भेंट की।

स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने गौ-शाला में 200 से अधिक गिर नस्ल की गायों के रख-रखाव, स्वास्थ्य और स्वच्छता की प्रशंसा की। गौ-शाला दो भागों में विभक्त है। एक खण्ड में दुधारु गाय हैं। अधिकांश गाय 10 से 24 लीटर तक दूध दे रही हैं। दूसरे खण्ड में बेसहारा और बीमार गायों को प्रश्रय दिया जाता है। इन गायों का गौ-मूत्र और गोबर भी गौ-काष्ठ, फिनायल आदि बनाने में उपयोग होता है। गौ-शाला के अनुसंधान केन्द्र में 42 प्रकार की औषधि का भी निर्माण किया जाता है। तुलसी और आँवले के उत्पाद बनाये जा रहे हैं। आईआईटी दिल्ली एवं मेपकास्ट के सौजन्य से गौ-शाला में बायो-सीएनजी प्लांट भी लगाया गया है। गौ-शाला संचालक विष्णु पाटीदार, अजय शिवहरे और प्रकाश मण्डलोई ने गौ-शाला की गतिविधियों से स्वामी जी को अवगत कराया।

संयुक्त संचालक डॉ. बी.एस. शर्मा के नेतृत्व में डॉ. नीना त्रिपाठी, डॉ. नीता रावत, डॉ. शोभना कौशल, डॉ. पूजा गौर, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी बी.एस. कुशवाह, सी.पी.एस. ठाकुर, एम.एस. मेहता, सुनीता खरते, रमेश सोनीने और डॉ. स्नेहलता की टीम द्वारा लगातार शिविर लगाकर पशुओं का उपचार, टीकाकरण करने के साथ पशु-पालकों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की पशु चिकित्सा सेवा माता महामारी इकाई द्वारा प्रदेश की गौ-शालाओं में गौवंश को निरोग रखने के लिये माता महामारी जन-जागरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिवर्ष होने वाला यह शिविरों का सिलसिला अप्रैल माह से जारी है।