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पशु पालक भाई ध्यान दे फरवरी माह चल रहा है। सभी मवेशियों को अन्तः कृमि नाशक दवा अवश्य ही दे

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गाय, भैंस के पेट में पलने वाले अदृश्य आंतरिक परजीवी जेसै फीताकृमि, गोलकृमि,लिवर फ्लयूक इत्यादि दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन प्रति ब्यांत 100 लीटर तक या प्रतिदिन आधा से 1.0 लीटर कम कर देते हैं । एवं समय पर दवा न देने से दूध उत्पादकता में 5 प्रतिशत तक की कमी हो जाती हैं।
यही नहीं आन्तरिक कीड़े /पशु शरीर में पल रहे कृमि मादा गो पशुओं की प्रजनन/ग्याभिन होने की क्षमता भी 14 से 17 प्रतिशत तक कम कर देते है।
देशी पशुओं के कम दूध उत्पादन तथा कम होती प्रजनन क्षमता का कारण भी नियमित अंतराल पर कृमि नाशक दवा नहीं देना ही प्रतीत होता है।

साधारणतया नवम्बर, दिसंबर, जनवरी माह में रिजका,बरसीम, सरसों जैसे हरे चारे खिलाएं जाते हैं,इनके साथ विभिन्न प्रकार के कृमि तथा एफिड,जेसिड आदि कीट चारे के साथ पशु के पेट में चले जाते हैं,इनके निदान के लिए फरवरी माह में दवा दी जानी चाहिए।

इसी प्रकार जुलाई, अगस्त माह में बरसाती पानी एवं बरसाती घांस,हरा चारा आदि खाना पीना पड़ता है जिनके साथ बरसाती कीड़े भी पशु के पेट में जाकर अपना डेरा जमा कर खून चूसना शुरू कर देते हैं। इनको समाप्त करने के लिए अक्टूबर माह में दवा दी जानी चाहिए।

मई, जून में पशु के पेट में पल रहे कृमियों का प्रजनन काल होता है इसलिए जून माह में भी दवा दी जानी चाहिए।

इस प्रकार से मवेशियों को पेट के कीड़ों से मुक्त रखने के लिए फरवरी, जून एवं अक्टूबर माह में प्रति व्यस्क पशु अन्तः कृमि नाशक दवा एलबेंडाजोल या आईवरमेक्टीन या आक्सीकलोजेनाईड 100 एम एल दवा या अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार कोई भी एक दवा दलिया, गुड में मिलाकर लड्डू बनाकर दे देते हैं तो मवेशी स्वस्थ्य तो रहेगा ही ,दूध उत्पादन में होने वाले उपरोक्त अदृश्य नुकसान से भी बच सकेगें ।
अतः समस्त गाय ,भेंस ,बछड़ों को समय-समय पर अन्तः कृमि नाशक दवा अवश्य देवें। तथा दवा देने की तिथि का ध्यान रखने के लिए उपरोक्त फ्लेक्स बनवाकर अपनी गोशाला में लगावें। ‌ पशु शरीर पर पलने वाले ब्राह्य कृमि जेसे चिंचडे, जूं एवं पिस्सू इत्यादि भी काफी नुकसान पंहुचाते है। पशुओं को इनसे भी बचाये रखना आवश्यक है। एक चिंचडा प्रति दिन 1.5 एम एल खून चूस जाता है। बाजार में प्रचलित ब्यूटोक्स दवा को एक लीटर पानी में 5.0 एम एल मिला कर या कोई अन्य दवा का पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार पशु शरीर पर पोंछा लगाना या छिड़काव करना चाहिए। बची हुई दवा को पशु शाला में भी छिड़क देना चाहिए।

सभी पशुओं को उनकी इच्छा अनुसार सेंधा या साधारण नमक भी नियमित रूप से बिना नागा के पीने के पानी में या अलग से चारे की ठान में या प्लास्टिक के आधे कटे ड्रम में भरकर पशु के सामने रख कर उपलब्ध कराते रहें।
साधारण तया प्रति व्यस्क मवेशी 30 से 35 ग्राम नमक प्रति दिन अवश्य ही देना चाहिए। ‌‌ ‌ डॉ महेंद्र गर्ग ‌ पशु पालन वैज्ञानिक,
पूर्व सलाहकार, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग,नई दिल्ली
सेवानिवृत्त प्रोफेसर, कृषि विश्वविद्यालय ,कोटा

चाइनीज वोक के पूर्वी भारत में विस्तार की जोरदार शुरुआत, अब कंपनी की नजरें आगे बढ़ने पर

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  • कोलकाता में चार महीने की दमदार शुरुआत के बाद,चाइनीज वोक की नजरें पूर्वी भारत में और अधिक विस्तार की तरफ
  • कोलकाता के प्रमुख स्थानों: न्यूटाउन,चिनार पार्कपार्क स्ट्रीट और मेट्रोपोलिस मॉल में खोले आउटलेट।
  • नए आउटलेट,रीजनल मेन्यू इनोवेशन और स्थानीय साझेदारियों में निवेश की योजना।
  • तीन वर्षों के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर 500 स्थानों तक विस्तार करने का लक्ष्य,क्यूएसआर सेगमेंट में अपने नेतृत्व को मजबूत करने का इरादा।

 

कोलकाता, 19 फरवरी 2025: लेनेक्सिस फूडवर्क्स के तहत भारत की सबसे बड़ी चीनी क्यूएसआर चेन चाइनीज वोक को पिछले कुछ महीनों में कोलकाता में गर्मजोशी भरा स्वागत मिला हैजिससे शहर के लोगों के बीच इंडो-चाइनीज स्वादों के प्रति गहरे प्रेम को बढ़ावा मिला है। बाजार में मजबूत और बढ़ती उपस्थिति के साथब्रांड अब इस क्षेत्र में निरंतर विस्तार के लिए कमर कस रहा है। न्यूटाउनचिनार पार्कपार्क स्ट्रीट और मेट्रोपोलिस मॉल जैसे प्रमुख स्थानों पर सफलतापूर्वक आउटलेट स्थापित करने के बादचाइनीज वोक कोलकाता और उसके बाहर अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैताकि पूर्वी भारत में और भी अधिक खाद्य प्रेमियों तक अपने विशिष्ट स्वादों को पहुंचाया जा सके।

 

220+ स्थानों और 35+ शहरों में मजबूत उपस्थिति के साथ, चाइनीज वोक बड़ी तेजी से अपने विस्तार की योजना को आगे बढ़ा रहा है। कंपनी मार्च 2025 तक ₹650 करोड़ की बिक्री रन रेट और वित्त वर्ष 2026 तक ₹1000 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित कर रही है। पूर्वी भारत में विस्तार कंपनी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वित्त वर्ष 24-25 तक 20 शहरों में 100 नए रेस्टोरेंट खोलने और अगले तीन वर्षों में 500+ स्थानों तक पहुंचने की योजना है। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शेहरॉन पर ध्यान केंद्रित करते हुए, कंपनी अगले एक वर्ष में पूर्व क्षेत्र में 25+ नए आउटलेट खोलने की योजना बना रही है।

लेनेक्सिस फूडवर्क्स के संस्थापक और निदेशक आयुष मधुसूदन अग्रवाल ने कहा, “कोलकाता हमारे लिए एक प्रमुख बाजार रहा है और पिछले कुछ महीनों में चाइनीज वॉक को जो रेस्पोंस मिला है, उसने शहर की अपार क्षमता के बारे में हमारे विश्वास को और मजबूत किया है। एक मजबूत और बढ़ती उपस्थिति के साथ, अब हम कोलकाता में विस्तार करने और पूर्वी भारत में और विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य नए आउटलेट खोलकर, अपनी आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ाकर और रोजगार के अवसर पैदा करके इस क्षेत्र में एक मजबूत नेटवर्क बनाना है। जैसे-जैसे हम अपनी विकास यात्रा में आगे बढ़ते जा रहे हैं, हम भारत के सबसे गतिशील खाद्य बाजारों में से एक में अपनी उपस्थिति को मजबूत करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले, किफ़याति इंडो-चाइनीज व्यंजन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

चाइनीज वोक के अलावा, लेनेक्सिस फूडवर्क्स कई अन्य प्रसिद्ध क्लाउड किचन ब्रांड्स जैसे बिग बाउल को. और द मोमो को. का भी संचालन करता है।

रोजगार और स्थानीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा – इस विस्तार से रोजगार के कई अवसर सृजित होंगे, क्योंकि प्रत्येक नया आउटलेट किचन संचालन, ग्राहक सेवा, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा। कंपनी स्थानीय विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी करेगी, जिससे ताजा और प्रामाणिक सामग्रियों की सप्लाई सुनिश्चित की जा सके और सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।

कोलकाता में लॉन्च ऑफर्स – चाइनीज वोक कोलकाता में अपनी शुरुआत का जश्न मनाने के लिए कुछ विशेष सीमित समय के ऑफर्स लेकर आया है:

  • ₹99 सुपरबाउल कॉम्बो – कोई शर्त नहीं, इसमें चावल या नूडल्स, मंचूरियन ग्रेवी और पेप्सी शामिल हैं।
  • वोक वेडनेसडे बीओजीओ – चुनिंदा डिशेज़ पर बाय वन, गेट वन फ्री ऑफर।
  • सुपर संडे – पूरे मेन्यू पर फ्लैट ₹149 की कीमत।

कोलकाता के अनोखे स्वाद को समझते हुए, चाइनीज वोक खास किस्म के रीजनल व्यंजन पेश करेगा और ग्राहकों के लिए एक आकर्षक डिजिटल अनुभव लेकर आएगा। इनमें एआर-पावर्ड ऑर्डरिंग विजेट, सीजीआई लॉन्च एनीमेशन, और एक इंटरैक्टिव इंस्टाग्राम गेम शामिल होगा, जो फूड लवर्स को और भी अधिक आकर्षित करेगा।

चाइनीज वोक, बिग बाउल और द मोमो को. जैसे ब्रांड्स के साथ, लेनेक्सिस फूडवर्क्स गुणवत्ता, नवाचार और ग्राहक अनुभव में नए मानक स्थापित कर रहा है। पूर्वी भारत में विस्तार इस बात का प्रमाण है कि कंपनी उच्च-गुणवत्ता, किफायती और स्वादिष्ट भोजन को पूरे देश में अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने इटली की कंपनी बिसियाच एंड कैरू (Bisiach & Carru) के साथ की साझेदारी

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इस साझेदारी के ज़रिये महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की विनिर्माण क्षमता को मज़बूत करने और अत्याधुनिक स्वचालन समाधान प्रदान करने की योजना

 मुंबई, 19 फरवरी 2025: गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अंग गोदरेज एंड बॉयस के टूलिंग व्यवसाय ने भारत में उन्नत रेलवे और एयरोस्पेस उपकरण बनाने के लिए इटली की स्वचालन विशेषज्ञ (ऑटोमेशन स्पेशलिस्ट) कंपनी, बिसियाच एंड कैरू (Bisiach & Carru) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। यह रणनीतिक साझेदारी भारत की विनिर्माण क्षमता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार की मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करती है। यह गठजोड़ शुरू में उच्च स्थानीय विनिर्माण प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करेगा और फिर क्षमता विकास के साथ इसे आगे बढ़ाने की योजना है।

यह रणनीतिक गठजोड़ भारत के विनिर्माण विकास के लिहाज़ से उल्लेखनीय मौके पर हुआ है, जो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए देश के प्रयास के अनुरूप है। यह गठजोड़ भारतीय रेलवे, मेट्रो परियोजनाओं और एयरोस्पेस उद्योग की तेज़ी से बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करेगी। ये ऐसे क्षेत्र जो भारत के बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी उन्नति की रीढ़ हैं। इस भागीदारी के तहत उन्नत रोबोटिक स्पॉट वेल्डिंग प्रणाली सहित परिष्कृत उपकरण का निर्माण किया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ ही उच्च परिशुद्धता (प्रेसिज़न) वाले जिग्स और फिक्स्चर बनेंगे जो कोच निर्माण में असाधारण सटीकता सुनिश्चित करेंगे, भारत की विनिर्माण से जुड़ी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार विशेष स्वचालन समाधान (ऑटोमेशन सॉल्यूशन) और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाली अत्याधुनिक असेंबली मशीनरी तैयार होगी।

 

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के टूलिंग व्यवसाय के कार्यकारी उपाध्यक्ष और बिजनेस हेड पंकज अभयंकर ने कहा, “बिसियाच एंड कैरू (Bisiach & Carru)  के साथ हमारी भागीदारी रेलवे और एयरोस्पेस उपकरणों में उन्नत स्वचालन (ऑटोमेशन) और प्रेसिज़न इंजीनियरिंग की शुरुआत कर भारत के विनिर्माण परितंत्र को मज़बूत करती है। बीएंडसी (B&C) की वैश्विक क्षमताओं के साथ अपनी विशेषज्ञता को जोड़कर, हम भारत की उभरती हुई बुनियादी ढांचा आवश्यकताओं के अनुरूप विश्व स्तरीय समाधान ला रहे हैं। यह सहयोग स्थानीय विनिर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के स्पष्ट खाके के साथ ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसके ज़रिये हमारा लक्ष्य है, महत्वपूर्ण उद्योगों में लागत प्रतिस्पर्धात्मकता, दक्षता, गुणवत्ता और प्रौद्योगिकी नवोन्मेष बढ़ाना।”

उर्वशी रौतेला के सनसनीखेज प्रदर्शन ने दिल जीता

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र्वशी रौतेला के सनसनीखेज प्रदर्शन ने दिल जीता

मुंबई (अनिल बेदाग) : बॉलीवुड और वैश्विक मंच दोनों पर उर्वशी रौतेला का उल्लेखनीय प्रभाव दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित कर रहा है। जहां तक काम की बात है, उर्वशी रौतेला बड़े पर्दे पर अपने अभूतपूर्व काम के साथ मनोरंजन के क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए हुए हैं। वर्ष 2025 की शुरुआत ‘डाकू महाराज’ की सफलता के साथ की, जिसने वास्तव में बॉक्स ऑफिस पर सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। उर्वशी न केवल 100 करोड़ से अधिक की हिट देने वाली पहली और एकमात्र स्व-निर्मित महिला सुपरस्टार बनीं, बल्कि एकमात्र समकालीन बॉलीवुड अभिनेत्री भी बनीं जो दक्षिण में समान रूप से अच्छा काम कर रही हैं। उनका गीत ‘दबीदी दिबीदी’ निश्चित रूप से आज देश का स्वाद है और इसने पहले से ही सोशल मीडिया पर अविश्वसनीय दर्शकों की संख्या अर्जित कर ली है।

अगर भारत में क्रेज बिल्कुल बेजोड़ था, तो उर्वशी ने अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को एक अलग स्तर पर ले लिया है। उर्वशी रौतेला को हाल ही में लीजेंड 90 क्रिकेट लीग के उद्घाटन समारोह में प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया था, जहां वह अपने शानदार प्रदर्शन से लाइव दर्शकों को आकर्षित करने में कामयाब रहीं। वह पृथ्वी पर सबसे सुंदर लड़की की तरह लग रही थी क्योंकि उसकी उच्च-ऑक्टेन ऊर्जा गीत के कदमों और तालों से मेल खाती थी और अच्छी तरह से, दबीदी दिबीदी अब आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के मैदानों पर भी एक ब्लॉकबस्टर हिट है। अभिनेत्री ने अपने वफादार प्रशंसकों को अपने प्रदर्शन की एक विशेष झलक देने के लिए अपने सोशल मीडिया हैंडल का सहारा लिया।

नीचे दिया गया वीडियो देखें-https://www.instagram.com/reel/DFx38omotKe/?igsh=MThqcG44c2ozZTdqYw

महाराष्ट्र में पहली बार टिलूप रिकंस्ट्रक्शन सहित रोबोटिक निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी

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मुंबई (अनिल बेदाग) : कैंसर दुनिया की एक ऐसी बीमारी है जिससे आज भी लोग सबसे ज्यादा डरते हैं। लेकिन चलती आ रही इन चुनौतियों से निपटने के लिए कैंसर निदान तकनीकों और प्रौद्योगिकीय विकास की सहायता से कैंसर का शीघ्र पहचान करना संभव हुआ है जिसके परिणामस्वरूप संभावित जीवन अवधि में सुधार हुआ है और कैंसर देखभाल की अंतर को पाटने में मदद मिली है।
कैंसर के खिलाफ जंग जारी है और आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाकर उपचारों का पुनोर्त्थान हुआ है, नतीजतन कैंसर देखभाल में बहुत तेजी से सुधार हुआ है और रोगियों की जीवन गुणवत्ता भी बढ़ी है। ऐसी कई प्रगतियों में से, रोबोटिक निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी के साथ टिलूप इम्प्लांट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी एक अभूतपूर्व ब्रेस्ट सर्जरी के रूप में विकसित हुई है।
एक चिकित्सीय नवाचार के अंतर्गत, नवी मुंबई स्थित अपोलो कैंसर सेंटर ने महाराष्ट्र की पहली टिलूप रिकंस्ट्रक्शन वाली रोबोटिक निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी सफलतापूर्वक पूरा किया है – जो ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम और ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन में एक प्रमुख सर्जिकल प्रक्रिया है। यह उपलब्धि रोगियों में सुरक्षित कैंसर प्रक्रियाओं में एक महत्वपूर्ण प्रगति को रखांकित करने के साथ-साथ काफी हद तक एस्थेटिक भी होता है।
अपोलो कैंसर सेंटर, नवी मुंबई में कंसल्टेंट, ब्रेस्ट सर्जन डॉ. संदीप बिप्ते की अगुआई में कुशल मल्टीडिसिप्लिनरी चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी पूरी की।
श्रीमती ज्योति (अनुरोध पर नाम बदला गया है), 43 वर्षीय महिला, को 2024 में दाएं स्तन में कैंसर होने का पता चला। उनकी आयु को ध्यान में रखते हुए जेनेटिक परीक्षण किया गया, जिसके परिणाम में BRCA जीन पॉजिटिव आया। इसका अर्थ है कि जीवन काल में उनके बाएँ स्तन में कैंसर विकसित होने का जोखिम 70-80% है। छह महीने पहले उन्होंने दाएं स्तन की ब्रेस्ट-कंजर्विंग सर्जरी करवाई लेकिन उसके बाद बाएं स्तन की प्रोफाईलैक्टिक मास्टेक्टॉमी करवाने से डर रही थीं क्योंकि ऐसी रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी एक बहुत बड़ी सर्जरी होती है जो शारीरिक एवं भावनात्मक रूप से पीड़ा दायक होता है। पर फिर भी दूसरे स्तन में कैंसर बनने का डर उन्हें सता रहा था।
सर्जरी के लाभों को समझकर राजी होने के बाद, 3 जनवरी, 2025 को श्रीमती ज्योति जी को रोबोटिक निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी के बारे में जानकारी मिली जिसके साथ इमीडियेट रिकंस्ट्रक्शन भी किया जाता है, तब उन्होंने डॉ. बिप्ते से परामर्श किया और उन्होंने RNSM – एक एडवांस्ड टेक्नीक जो विशेष रूप से BRCA-पॉजिटिव महिलाओं में प्रोफाईलैक्टिक ब्रेस्ट सर्जरी के लिए विकसित की गई है – की सुरक्षा, प्रभावशीलता और बेहतर कॉस्मेटिक परिणामों के संबंध में आश्वासन दिया। सर्जरी लगातार चार घंटों तक चली और कॉस्मेटिक परिणाम बढ़िया रहे। अगले ही दिन छुट्टी भी दे दी गई और अब वे बिना किसी दिक्कत के और तेजी से रिकवर कर रही हैं।
अपोलो कैंसर सेंटर में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट एवं पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता, डॉ सुरेश एच. आडवाणी ने कहा,“यह सर्जरी, जो महाराष्ट्र की पहली टिलूप रिकंस्ट्रक्शन वाली रोबोट निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी है, मात्र एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है बल्कि यह करुणामय कैंसर केयर को समझकर इसे लगातार विकसित करने के बारे में है। यह अप्रोच रोगियों की गरिमा और भावना को प्राथमिकता देते हुए उपचार के मानकों को बढ़ाता है।
अपोलो कैंसर सेंटर, नवी मुंबई के कंसल्टेंट-ब्रेस्ट सर्जन डॉ. संदीप बिप्ते ने कहा,” टिलूप रिकंस्ट्रक्शन वाली रोबोटिक निप्पल-स्पेयरिंग मास्टेक्टॉमी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और इनोवेटिव सर्जिकल तकनीकों के तालमेल को उजागर करता है, जिससे रोगियों को एक सुरक्षित, कम आक्रामक और अधिक प्रभावपूर्ण उपचार विकल्प मिलते हैं।
बैंगलोर के अपोलो कैंसर सेंटर में ब्रेस्ट ऑन्कोलॉजी की लीड एंड रोबोटिक सर्जन डॉ. जयंती थमसी ने कहा, “ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी विकसित हो रही है, जिससे महिलाओं को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
कैंसर विजेता श्रीमती ज्योति जी ने कहा, “मुझे नवी मुंबई के अपोलो कैंसर सेंटर में एक जीवन बदलने वाला अनुभव मिला, जिसके लिए मैं आभारी हूँ। डॉ. संदीप बिप्ते और उनकी विशेषज्ञ टीम की बदौलत मुझे गर्व के साथ अपना जीवन जीने का दूसरा मौका मिला है।”

मेंटर माय बोर्ड ने मुंबई में बोर्डरूम कॉन्क्लेव और पुरस्कारों का समापन किया

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मुंबई (अनिल बेदाग) : 14 फरवरी को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में मास्टरींग बोर्डरूम कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2025 के समापन के रूप में कॉर्पोरेट विचार नेतृत्व, ज्ञान साझाकरण और मान्यता का एक उल्लेखनीय दिन मनाया गया। मेंटरमायबोर्ड (एमएमबी) की एक पहल, इस कार्यक्रम ने कॉर्पोरेट नेताओं और दूरदर्शी लोगों को शासन की उत्कृष्टता का जश्न मनाने और भविष्य के नेतृत्व को प्रेरित करने के लिए एक साथ लाया।
कॉन्क्लेव में दुबई और पूरे भारत से विश्व स्तर पर भाग लेने वाले 11 दूरदर्शी नेताओं के साथ गोलमेज सम्मेलन, आकर्षक पैनल चर्चा, विशेषज्ञ अंतर्दृष्टि और आधुनिक बोर्डरूम में प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से सार्थक बातचीत शामिल थी। उपस्थित लोगों ने उद्योग के दिग्गजों और विचारकों से मूल्यवान दृष्टिकोण प्राप्त करते हुए उच्च प्रदर्शन वाले बोर्ड, हितधारक जुड़ाव और उत्तराधिकार योजना जैसे विषयों का पता लगाया।
मुख्य वक्ता बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व अध्यक्ष और एमडी डॉ. अनिल खंडेलवाल और 5एफ वर्ल्ड, जीटीटी डेटा सॉल्यूशंस और हनीवेल ऑटोमेशन के अध्यक्ष गणेश नटराजन थे।
इस कार्यक्रम में अभिनेता और प्रसिद्ध बिग बॉस आवाज कलाकार विजय विक्रम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने अलिखित सफलता – अजेय बनने का मार्ग विषय पर एक सशक्त भाषण दिया। और 32 साल की उम्र में अपने वास्तविक करियर की शुरुआत करने की अपनी यात्रा को साझा किया और बताया कि क्यों वह गर्व से खुद को ‘असफलता में मास्टर’ कहते हैं।
5 लोगों की एक स्वतंत्र जूरी द्वारा मूल्यांकन किए गए 90 से अधिक नामांकनों में से 30 बोर्ड लीडरों को बोर्डरूम में अपने नेतृत्व के माध्यम से बनाए गए प्रभाव के लिए सम्मानित किया गया, जो एक भव्य आकर्षण था।
आयोजन की सफलता के लिए अपना आभार व्यक्त करते हुए, एमएमबी के संस्थापकों, दिव्या मोमाया और नेहा शाह ने कहा, “यह सम्मेलन एक मंच से कहीं अधिक है, यह मजबूत, अधिक समावेशी बोर्डरूम बनाने की दिशा में एक आंदोलन है। शक्तिशाली कहानियों, व्यावहारिक चर्चाओं और सार्थक पहचानों के माध्यम से, हमारा लक्ष्य विश्व स्तर पर नेताओं को शासन उत्कृष्टता लाने और एक लचीले भविष्य को आकार देने के लिए प्रेरित करना है।”

टाटा ईवी भारत में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगा

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मुंबई (अनिल बेदाग): भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रांति की अगुआई करने वाली कंपनी टाटा ईवी ने आज देश के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए एक साहसिक, अभूतपूर्व पहल की घोषणा की है। 200,000 ईवी बेचने की उपलब्धि हासिल करने के बाद टाटा ईवी ने 2027 तक देश में उपलब्ध चार्ज पॉइंट की संख्या को दोगुना से भी ज़्यादा बढ़ाकर 400,000 करने का लक्ष्य रखा है और इसके साथ ही ईवी को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती दी है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए टाटा ईवी प्रमुख चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटर्स (सीपीओ) के साथ मिलकर 30,000 नए सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करेगा। ये चार्जिंग स्टेशन सभी ईवी ब्रांड्स के लिए उपलब्ध होंगे, जिससे सभी उपयोगकर्ताओं, चार्ज पॉइंट ऑपरेटर्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग करने वालों के लिए एक व्यापक और सुविधाजनक नेटवर्क तैयार हो सकेगा। इस विस्तृत नेटवर्क में सार्वजनिक, सामुदायिक और निजी/घरेलू चार्जर्स शामिल होंगे, जो शून्य उत्सर्जन वाली मोबिलिटी की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे। भारत को हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर तेजी से ले जाएंगे।
‘ओपन कोलैबोरेशन 2.0’ के लॉन्च पर बोलते हुए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शैलेश चंद्रा ने कहा, “ओपन कोलैबोरेशन 2.0’ के पहले चरण में, ओपन कोलैबोरेशन 2.0’ के पहले चरण में, ओपन कोलैबोरेशन 2.0’ के पहले चरण में, टाटा ईवी प्रमुख अग्रणी सीपीओ के साथ साझेदारी कर टाटा ईवी मेगा चार्जर नेटवर्क बनाएगा, जो सुपरफास्ट चार्जिंग और अतुलनीय विश्वसनीयता प्रदान करेगा। टाटा ईवी ने टाटा पावर, चार्जज़ोन, स्टैटिक और ज़िऑन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अगले दो वर्षों में 500 टाटा ईवी मेगा चार्जर्स स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में ये चार्जर्स मुख्य शहरों और प्रमुख राजमार्गों पर लगाए जाएंगे। प्रमुख अग्रणी सीपीओ के साथ साझेदारी कर ओपन कोलैबोरेशन 2.0’ के पहले चरण में, ओपन कोलैबोरेशन 2.0’ के पहले चरण में, टाटा ईवी प्रमुख अग्रणी सीपीओ के साथ साझेदारी कर टाटा ईवी मेगा चार्जर नेटवर्क बनाएगा, जो सुपरफास्ट चार्जिंग और अतुलनीय विश्वसनीयता प्रदान करेगा। TATA.ev ने टाटा पावर, चार्जज़ोन, स्टैटिक और ज़िऑन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अगले दो वर्षों में 500 टाटा ईवी मेगा चार्जर्स स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में ये चार्जर्स मुख्य शहरों और प्रमुख राजमार्गों पर लगाए जाएंगे। प्रमुख अग्रणी सीपीओ के साथ साझेदारी कर टाटा ईवी मेगा चार्जर नेटवर्क बनाएगा, जो सुपरफास्ट चार्जिंग और अतुलनीय विश्वसनीयता प्रदान करेगा।
टाटा ईवी 2019 से ही भारत के ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने में सबसे आगे रहा है। टाटा ईवी ने पहले टाटा समूह की कंपनियों के साथ साझेदारी कर निजी/घरेलू चार्जिंग समाधान पेश किए और फिर सबसे तेज़ ईवी अपनाने वाले शहरों में सार्वजनिक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत की। इससे शुरुआती उपयोगकर्ताओं को ईवी अपनाने में आवश्यक समर्थन और प्रोत्साहन मिला।

दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर सम्मेलन आईटीसीएक्स 2025 तिरुपति में भव्य समारोह के साथ शुरू हुआ

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आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा के मुख्यमंत्रियों की तिकड़ी ने ‘मंदिरों के महाकुंभ’ में एक साथ मंच की शोभा बढ़ाई
मुंबई (अनिल बेदाग) : आज तिरूपति में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो 2025 का उद्घाटन और आयोजन अंतर्राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो के अध्यक्ष और महाराष्ट्र विधान परिषद के मुख्य सचेतक श्री प्रसाद लाड और अंत्योदय प्रतिष्ठान के सहयोग से आईटीसीएक्स और टेम्पल कनेक्ट के संस्थापक श्री गिरेश कुलकर्णी के साथ किया गया।आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा के मुख्यमंत्रियों की तिकड़ी ने ‘मंदिरों के महाकुंभ’ में एक साथ मंच की शोभा बढ़ाई।
शाम की शुरुआत युवा नाद ढोल ताशा, युवाओं की ध्वनि – पनवेल, नवी मुंबई के ढोल ताशा पाठक के साथ हुई, जिसमें युवा लड़के और लड़कियों का एक जीवंत समूह शामिल था, जिनकी थिरकती ढोल की थाप पूरे सभागार में सकारात्मकता फैलाती थी। भीड़ में ‘श्री हरि गोविंदा’ का जयघोष गूंज उठा। इसने न केवल संगीत की गूंज सुनाई दी, बल्कि महाराष्ट्र की लंबे समय से चली आ रही परंपराओं को जीवंत कर दिया।
दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों के उत्सव की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए, पुजारी महाराज ने आशीर्वाद के साथ गणेश स्थापना और गणपति अथर्व शीर्षम का अनुष्ठान किया, जिससे ऑडिटरी में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
जैसे ही पवित्र लपटों ने सभा को रोशन किया, देश के सर्वोच्च कार्यालय के एक विशेष पत्र द्वारा कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया। माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिरों के महाकुंभ आईटीसीएक्स 2025 के बारे में हार्दिक सराहना करते हुए अपने विचार साझा किए। पत्र में, उन्होंने बताया कि कैसे अंतर्राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो 2025 एक अभूतपूर्व पहल है जो नई शिक्षा को बढ़ावा देने, सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और मंदिर प्रबंधन में प्रमुख चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए हिंदू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसी विविध पृष्ठभूमि के हजारों मंदिर ट्रस्टियों, प्रशासकों और हितधारकों को एक साथ लाता है। प्रधान मंत्री ने अपने संदेश में जोर देकर कहा, “आईटीसीएक्स विश्व स्तर पर मंदिरों की विविधता में अंतर्निहित एकता को दर्शाता है, और एक तरह से वसुधैव कुटुंबकम की भावना का उत्सव है – पूरी पृथ्वी को एक परिवार के रूप में देखना।”
आरएसएस के परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने भी 2023 में अपने पहले संस्करण के बाद इसकी उल्लेखनीय प्रगति पर जोर देते हुए दुनिया भर के मंदिरों को एकजुट करने के प्रयास के लिए टेम्पल कनेक्ट द्वारा आईटीसीएक्स 2025 की प्रशंसा करते हुए एक आभासी संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, “पहले के समय में, मंदिर भारतीय समाज के सांस्कृतिक, शैक्षिक, आध्यात्मिक, आर्थिक और सामाजिक केंद्र हुआ करते थे। आज भी, सनातन परंपराओं का पालन करने वाले सभी लोगों में मंदिरों के प्रति असीम आस्था मौजूद है और यह अनगिनत उदाहरणों के माध्यम से बार-बार साबित हुआ है।
इस अवसर पर श्री श्रीपाद नाइक – केंद्रीय मंत्री और भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री, श्री आचार्य गोविंद देव गिरिजी महाराज – आध्यात्मिक नेता और विद्वान, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, और मथुरा कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष
श्री सी आर मुकुंद – संयुक्त महासचिव, आरएसएस, अनागनी सत्य प्रसाद – माननीय मंत्री, आंध्र प्रदेश, श्री आशीष शेलार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री, महाराष्ट्र, श्री विश्वजीत राणे, गोवा के स्वास्थ्य, टीसीपी, वन, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती मेघना बोर्डिकर – महाराष्ट्र राज्य मंत्री, श्री रोहन खौंटे – पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार और मुद्रण और स्टेशनरी मंत्री, गोवा, श्री प्रवीण दरेकर – महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य,
श्री बी.आर. नायडू – अध्यक्ष, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी),
श्रीमती नीता लाड – प्रधान सलाहकार, अंतर्राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो 2025 और संस्थापक अंत्योदय प्रतिष्ठान ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

119वें दिन भी जारी रहा गौ माता को राष्ट्रिय माता का दर्जा दिलाने का आंदोलन

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जम्मू, । जम्मू के आमफला चौक पर मूवमेंट कल्कि के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन 119वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन का उद्देश्य गाय माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाना, सनातन बोर्ड का गठन, गौशालाओं का निर्माण, और सख्त गौ संरक्षण कानून लागू कराना है। आज इस आंदोलन के तहत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। सभी संगठनों ने संयुक्त संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

योग गुरु श्री श्री 1008 विजय कृष्ण पाराशर जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं बल्कि सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा का यज्ञ है। मूवमेंट कल्कि ने सभी सनातन प्रेमियों और गौ भक्तों से अपील की है कि वे इस पवित्र आंदोलन से जुड़ें और धर्म तथा संस्कृति की रक्षा में योगदान दें।

मुंबई पहुंच कर बुरी फंसी मोनालिसा, प्रोड्यूसर का आरोप- सनोज मिश्रा को शराब के बाद लड़की चाहिए होती है

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नेशनल डेस्क: महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा फिल्मों में एंट्री करने वाली है। ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर गंभीर आरोप लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि मोनालिसा अब एक ट्रैप में फंस गई हैं। एक इंटरव्यू में, बंगाल डायरी, राम की जन्मभूमि और काशी टू कश्मीर फिल्मों के प्रोड्यूसर जितेंद्र नारायण सेंगर उर्फ वसीम रुजवी ने सनोज मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सनोज मिश्रा शराब के नशे में रहते हैं और फिल्म सेट पर भी शराब पीते हैं। शराब पीने के बाद उन्हें लड़कियों की जरूरत होती है।

जितेंद्र नारायण सेंगर ने कहा कि सनोज मिश्रा ने कई फिल्में बनाने का दावा किया, लेकिन उनकी एक भी फिल्म रिलीज नहीं हुई और न ही उसने कोई कमाई की। उन्होंने यह भी कहा कि मोनालिसा का परिवार बहुत सीधा और भोला है। जितेंद्र नारायण सेंगर ने बताया कि हमारी फिल्म की शूटिंग सीतापुर में हो रही थी, जहां सनोज मिश्रा ने सेट पर शराब पीनी शुरू कर दी थी और वहां मौजूद महिलाओं के साथ बदतमीजी की थी।

डायरेक्टर सनोज मिश्रा के बारे में कहा गया कि महाकुंभ में वायरल हुईं मोनालिसा का परिवार बहुत सीधा है। सनोज उनके घर गए और बिना कोई जांच किए मोनालिसा के परिवार ने अपनी बेटी को उनके हवाले कर दिया। जितेंद्र नारायण सेंगर ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की कई लड़कियों ने शिकायत की है कि सनोज मिश्रा उन्हें हीरोइन बनाने का वादा करके मुंबई ले गए थे, जहां उन्होंने उनके साथ गलत काम किया।

बता दें कि मोनालिसा, जो मध्य प्रदेश से हैं, महाकुंभ में अपनी आंखों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। वह इतनी वायरल हो गईं कि महाकुंभ में लोग उनकी फोटो और वीडियो बनाने के लिए उन्हें परेशान करने लगे थे। इससे तंग आकर मोनालिसा ने महाकुंभ छोड़ने का फैसला किया था। इसके बाद डायरेक्टर सनोज मिश्रा उनके घर पहुंचे और उन्हें फिल्म का ऑफर दिया।