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राहुल गांधी सावरकर का नाम लेकर भाजपा को ही फायदा पहुंचा रहे हैं

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर सावरकर पर ‘आजादी के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल को धोखा देने’ का आरोप लगाकर महाराष्ट्र की सियासत में उबाल ला दिया है।राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के वाशिम में अपनी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के दौरान मंगलवार को आदिवासी क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की शहादत की तुलना हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर से की थी। राहुल ने कहा था कि सावरकर ने क्षमादान के लिए अंग्रेजों को चिट्ठी और दया याचिकाएं लिखी थीं और ‘सबसे आज्ञाकारी सेवक’ बने रहने का वादा किया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सावरकर अंग्रेजों की मदद करते थे और ब्रिटिश सरकार से हर महीने पेंशन लेते थे।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब देश के तमाम स्वतंत्रता सेनानी स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे थे, तब सावरकर ने अंग्रेजों का पक्ष लेकर और उनसे माफी मांगकर आजादी के दीवानों को धोखा दिया। 

राहुल गांधी के इस बयान के तुरंत बाद महाराष्ट्र में FIR दर्ज हो गई और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल ने कांग्रेस नेता की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। महाराष्ट्र के कई शहरों में राहुल के पुतले जलाए गए, प्रदर्शन शुरू हो गए।सावरकर पर अपने बयान को लेकर सफाई देने के लिए राहुल गांधी ने गुरुवार को अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर द्वारा ब्रिटिश शासकों को कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी दिखाई जिसमें उन्होंने क्षमादान की मांग की थी। राहुल गांधी ने कहा, ‘सावरकर ने पत्र का अंत में ‘ I beg to remain, Sir, your most obedient servant ‘ लिखा। उन्होंने इस चिट्ठी पर साइन क्यों किया? उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अंग्रेजों से डरते थे।’राहुल गांधी ने कहा, ‘सावरकर जी द्वारा इस पत्र पर हस्ताक्षर करने के बारे में मेरी यही राय है। महात्मा गांधी, नेहरू और सरदार पटेल जी ने कई साल जेल में बिताए लेकिन उन्होंने कभी भी ऐसी किसी चिट्ठी पर साइन नहीं किया।

अटकाने, लटकाने और भटकाने का समय चला गया – PM Narendra Modi in Itanagar

राहुल गांधी वीर सावरकर की जिस चिट्ठी की आखिरी लाइन ‘I beg to remain, Sir, your most obedient servant’ को पढ़कर उन्हें अंग्रेजों का पिट्ठू बता रहे हैं, महात्मा गांधी भी अंग्रेजों को लिखी चिट्ठियां के आखिर में ऐसी ही लाइन लिखते थे। यह ब्रिटिश राज के दौरान अप्लीकेशन लिखने का एक फॉर्मैट था, प्रोफॉर्मा था।दूसरी बात ये कि 20 मई 1980 को इंदिरा गांधी ने मुंबई के वीर सारवरकर प्रतिष्ठान को सावरकर का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने के लिए बधाई दी थी। इंदिरा गांधी ने इस चिट्ठी वीर सावरकर को भारतमाता का वीर सपूत बताया था। इंदिरा गांधी ने इस चिट्टी में लिखा था, ‘अंग्रेजों के खिलाफ सावरकर का ऐतिहासिक विरोध आजादी की लड़ाई में उन्हें विशेष स्थान देता है। भारत के इस महान सपूत की जन्म शाताब्धि मनाने के लिए आपको शुभकामनाएं।’ एक हकीकत यह भी है कि इंदिरा गांधी की सरकार ने 1970 में वीर सावरकर के नाम से डाक टिकट भी जारी किया था।

वहीं भाजपा यह भी दावा करती है कि इंदिरा गांधी ने अपने पर्सनल अकाउंट से वीर सावरकर ट्रस्ट को 11 हजार रुपये दान किए थे। काश, वीर सावरकर के बारे में ऐसी बातें कहने से पहले राहुल गांधी ने ये सब जानकारी लर ली होती। अगर राहुल यह सब जानते होते तो शायद वह भारत के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक सावरकर के बारे में ऐसी बातें नहीं कहते।

गौरतलब है कि सावरकर के बहाने राहुल गांधी निश्चित तौर पर कांग्रेस और अपने खिलाफ एकतरफा हमलों की धार थोड़ा कुंद कर सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र में ऐसा करना कांग्रेस के लिए किसी भी रूप में फायदे का सौदा नहीं हो सकता – अव्वल तो ये सब करके महाराष्ट्र में वो भारतीय जनता पार्टी को ही फायदा पहुंचा रहे हैं।

भारत जोड़ो यात्रा के के तहत महाराष्ट्र में भी राहुल गांधी की रैली पहले से ही तय था। बिरसा मुंडा की जयंती पर एक रैली वाशिम जिले में हुई और राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा को टारगेट करने के लिए सावरकर के नाम का इस्तेमाल किया अब महाराष्ट्र में ऐसा होगा तो क्या होगा? बिलकुल वैसा ही रिएक्शन हुआ जो स्वाभाविक था। ऐसा तो नहीं लगता कि राहुल गांधी या उनके सलाहकारों को इसका अंदाजा नहीं होगा।

ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी ने पहली बार वीर सावरकर के खिलाफ बोला है। चूंकि गुजरात चुनाव में हिंदुत्व एक बहुत बड़ा फैक्टर है, चुनाव प्रचार जोरों पर है, और सावरकर हिंदुत्व के एक बहुत बड़े प्रतीक हैं, इसलिए राहुल को अपने बयान का बचाव करने के लिए आगे आना पड़ा।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी को उनकी दादी इंदिरा गांधी की चिट्ठी की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि एक चिट्ठी इंदिरा गांधी ने भी लिखी थी जिसमें उन्होंने वीर सावरकर को ‘देश का सपूत’ बताया था, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा कहा था।

पात्रा ने पूछा, ‘अब राहुल गांधी बताएं कि कौन सही है: वह या उनकी दादी?’ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘राहुल तो यह भी नहीं जानते कि सावरकर कितने साल अंडमान की खतरनाक सेल्युलर जेल में बंद रहे। मैं जानना चाहता हूं कि वीर सावरकर की तरह 11 साल तक कितने कांग्रेस नेताओं ने कष्ट सहे। जेल में लंबी यातनाओं के बावजूद उन्होंने आजादी के गीत गाए। कांग्रेस के अन्य नेताओं की तरह राहुल भी सावरकर के बारे में रोज झूठ बोलते रहे हैं। महाराष्ट्र की जनता उन्हें सही समय पर करारा जवाब देगी।’सावरकर के बारे में राहुल के बयान को लेकर भाजपा का गुस्सा सड़कों पर भी नजर आ रहा हैं ।

नवी मुंबई से लेकर नागपुर तक भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन चालू है , राहुल गांधी के पुतले जलाए। शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद राहुल शेवाले ने महाराष्ट्र में राहुल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर रोक लगाने की मांग की।

दिसंबर, 2019 में झारखंड चुनाव के दौरान राहुल गांधी के एक बयान पर संसद में बहुत बवाल हुआ था और भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा था। अगले ही दिन दिल्ली में कांग्रेस की तरफ से भारत बचाओ रैली करायी गयी और राहुल गांधी ने बातों बातों में ही सावरकर को घसीट लिया, ‘मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।माफी नहीं मांगूंगा। मर जाऊंगा लेकिन माफी नहीं मांगूंगा।’

जिस तरीके से महाराष्ट्र की धरती पर पहुंच कर राहुल गांधी ने टिप्पणी की है, अगर उनको लगता है कि सावरकर का नाम लेकर वो संघ और भाजपा को कठघरे में खड़ा कर सकेंगे, ये साबित कर सकेंगे कि संघ और भाजपा का आजादी के आंदोलन में कोई योगदान नहीं रहा और ऐसा करके वो नेहरू पर संघ और भाजपा के हमले को रोक सकेंगे तो ऐसा नहीं होने वाला।संघ और भाजपा ने अपना जो सपोर्ट बेस बना लिया है, राहुल गांधी की बातों का उन पर कोई असर नहीं होने वाला है।

हो सकता है राहुल गांधी को लगता हो कि ऐसा करके वो कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ा सकते हैं लेकिन ये मंहगा भी पड़ सकता है और राहुल गांधी और उनके सलाहकारों की सारी मेहनत बेकार की कवायद साबित होने जा रही है।देखा जाये तो राहुल गांधी सावरकर को विवादों में घसीट कर महाराष्ट्र में कांग्रेस का भला नहीं कर सकते । भला तो केवल भाजपा का होगा जब हिंदूवादी संगठन और ज्यादा भाजपा के साथ जुड़ जायेंगे ।

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सावरकर को कठघरे में खड़ा कर राहुल गांधी कांग्रेस मुक्त महाराष्ट्र के अलावा कुछ भी हासिल नहीं कर सकते।ऐसा होने से महाराष्ट्र में कांग्रेस के खिलाफ जनमत खड़ा हो रहा है । नाना पटोले इस मुद्दे पर राहुल गांधी के साथ खड़े होने का असर देख चुके हैं। राहुल गांधी के बयान के बाद जिस तरह उद्दव ठाकरे ने उनके बयान से किनारा करते हुए कहा कि हम वीर सावरकर पर राहुल गांधी के बयान का समर्थन नहीं करते हैं। वीर सावरकर के लिए हमारे दिल में आदर और सम्मान है और उनके योगदान को कोई नहीं मिटा सकता । जाहिर है कांग्रेस के साथ होने बाद भी उद्धव ने उनसे दूरी बनाकर साफ कर दिया है, कि वह वीर सावरकर पर राहुल गांधी के साथ खड़े नहीं हो सकते हैं।

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वैसे तो वीर सावरकर कभी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिस्सा नहीं रहे लेकिन जिस तरह उन्होंने भारत में हिंदू राष्ट्र की कल्पना की और 1857 के अंग्रेजों के खिलाफ हुए विद्रोह को पहले स्वतंत्रता संग्राम के रूप में स्थापित किया, उससे वह हमेशा से आरएसएस और भाजपा के लिए वह हमेशा से नायक रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सावरकर का विपक्ष में केवल उद्धव ठाकरे ही समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस के एक और पुराने साथी एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी साल 2021 में वीर सावरकर के बारे में राहुल गांधी से अलग विचार रखते हैं। उन्होंने कहा था कि स्वतंत्रता आंदोलन में सावरकर के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही नहीं महाराष्ट्र और मराठी मानुष में हर कोई उनका सम्मान करता है। उस वक्त उन्होंने यह भी कहा था कि सावरकर दलितों के लिए मंदिर प्रवेश सुधारों को बढ़ावा देने वाले अग्रणी लोगों में से एक थे। अब राहुल की बात का इतना प्रचार हुआ है कि आम आदमी को सावरकर के बारे में जानने व उसके हिंदूवादी होने व भाजपा को उसे पूजने का ज्ञान प्राप्त हुआ । इसलिए कहा जा सकता है कि राहुल गांधी सावरकर का नाम लेकर भाजपा को ही फायदा पहुंचा रहे हैं ।

– अशोक भाटिया

अटकाने, लटकाने और भटकाने का समय चला गया – PM Narendra Modi in Itanagar

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PM Modi in Itanagar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में डोनी पोलो हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। यह राज्य का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि अटकाने, लटकाने और भटकाने का समय चला गया।

ईटानगर में पीएम मोदी ने कहा, “फरवरी 2019 में इस एयरपोर्ट का शिलान्यास हुआ था और ये सौभाग्य मुझे मिला था। हम ऐसा वर्क कल्चर लाए हैं, जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम करते हैं। अटकाना, लटकाना और भटकाना वह समय चला गया।” उन्होंमे कहा, “जब मैंने 2019 में इसका शिलान्यास किया, तब चुनाव होने वाले थे। राजनीतिक टिप्पणीकारों ने शोर मचाया कि हवाई अड्डा नहीं बनने जा रहा है और आज इसका उद्घाटन हो रहा है।”

पूर्वोत्तर को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है: PM Modi ने कहा, “देश ने 2014 के बाद हर गांव तक बिजली पहुंचाने का अभियान शुरू किया था। इस अभियान का बहुत बड़ा लाभ अरुणाचल प्रदेश के गांवों को भी हुआ है। यहां ऐसे अनेकों गांव थे, जहां आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची थी। आज देश में जो सरकार है, उसकी प्राथमिकता देश का विकास है, देश के लोगों का विकास है। साल में 365 दिन, चौबीसों घंटे, हम देश के विकास के लिए ही काम करते हैं। कल्चर हो या एग्रीकल्चर, कॉमर्स हो या कनेक्टिविटी, पूर्वोत्तर को आखिरी नहीं बल्कि सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है।”

कोर्ट का आदेश आफताब पर पुलिस थर्ड डिग्री प्रयोग नहीं कर सकती – 5 दिनों के अंदर होगा नार्को टेस्ट

तिहाड़ जेल में सत्येंद्र जैन का मसाज वाला वीडियो वायरल

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन का एक वीडियो बीजेपी की ओर से जारी किया गया है। तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन इस वीडियो में मसाज कराते दिख रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए आम आदमी पार्टी पर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले ईडी की ओर से भी कोर्ट में यह कहा गया था कि सत्येंद्र जैन को नियमों की अनदेखी करते हुए जेल में कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। ईडी ने कुछ दिन पहले ही यह आरोप लगाया था।

बीजेपी की ओर से अलग-अलग वीडियो जारी किया गया है। एक वीडियो में सत्येंद्र जैन के पास कई लोग बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। सत्येंद्र जैन मंत्री भी हैं। बीजेपी सत्येंद्र जैन को पहले ही बर्खास्त करने की मांग कई बार कर चुकी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बीजेपी और आक्रामक हो गई है।दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन को झटका देते हुए गुरुवार को ही मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा कि वह प्रथम दृष्टया अपराध से प्राप्त धन को छिपाने में शामिल थे। इससे पहले पिछले महीने ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट का रुख करते हुए यह दावा किया था कि सत्येंद्र जैन ने तिहाड़ जेल के भीतर गवाहों से मुलाकात की।

ईडी की ओर से दावा किया गया कि आरोपी जैन के पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तक पहुंच है। इसके साथ ही जेल के सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए AAP के मंत्री से जेल में लोगों ने मुलाकात की।

कोर्ट का आदेश आफताब पर पुलिस थर्ड डिग्री प्रयोग नहीं कर सकती – 5 दिनों के अंदर होगा नार्को टेस्ट

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दिल्ली की महरौली में हुए श्रद्धा मर्डर केस में आफ़ताब की कस्टडी रिमांड देते हुए कोर्ट ने पुलिस को सख्त हिदायतें दी हैं। इन हिदायतों में आरोपित पर थर्ड डिग्री प्रयोग न करना भी शामिल है। पुलिस को इन्हीं 5 दिनों के अंदर ही आफताब का नार्को टेस्ट भी करवाना होगा। इसी के साथ पुलिस को आफ़ताब का मेडिको लीगल केस (MLC) भी नियमों के मुताबिक बनाना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 नवम्बर 2022 (शुक्रवार) को आफ़ताब का और 5 दिनों का कस्टडी रिमांड स्वीकृत करते हुए मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौर ने ये दिशा निर्देश दिए। उन्होंने केस के जाँच अधिकारी के साथ रोहिणी की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भी आदेश जारी करते हुए 5 दिनों के भीतर ही आफ़ताब का नार्को टेस्ट करने के लिए कहा।

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बेल बजाने से नाराज होता था आफताब
सामने आ रही एक नई जानकारी के मुताबिक आरोपित आफताब को घर में लगी बेल (घंटी) बजने से दिक्कत होती थी। सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार प्रेम कश्यप की एक ग्राउंड रिपोर्ट में आफ़ताब के एक पड़ोसी मिथलेश कुमार ने इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वो आफताब के ही फ़्लैट में 1 माह पहले किराएदार के तौर पर आए थे। मिथलेश ने आगे बताया कि जब उन्होंने पहली बार घर की बेल बजाई थी, तब आफ़ताब काफी नाराज हुआ था।

मिथलेश का दावा है कि घंटी बजने से नाराज हो कर आफ़ताब नीचे उत्तर आया था और दुबारा उन्हें ऐसा न करने की नसीहत दी थी। इसके अलावा मिथलेश का दावा है कि आरोपित काफी रिजर्व रहता था और रात में अपना खाना आदि लेने के लिए घर से बाहर निकलता था। जिस घर में आफताब किराए पर रहता था, वो हरे रंग में रंगा गया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक यहाँ के मकान मालिक से भी पूछताछ चल रही है। ऑपइंडिया के पास वीडियो बयान मौजूद हैं।

आफ़ताब के गुस्से की दवा खोज रही थी श्रद्धा

मुंबई के एक डॉक्टर प्रणव काबरा का दावा है कि श्रद्धा आफ़ताब के गुस्से की दवा खोज रही थी। उन्होंने दावा किया है कि फरवरी 2021 में श्रद्धा ने उन्हें फोन करके बताया था कि उनका पार्टनर काफी गुस्से वाला है, जिसके लिए वो दवा चाहती हैं। डॉक्टर के मुताबिक वो इस बात को भूल चुके थे लेकिन TV पर न्यूज़ चलती देख कर उन्हें सब याद आ गया।

राहुल गांधी के सावरकर पर बयान से MVA में पड़ सकती है दरार, बोले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत

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Maharashtra: शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने शुक्रवार को कहा कि हिंदुत्व विचारक वी डी सावरकर (Veer Savarkar) के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में दरार पैदा कर सकती है।

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा वीर सावरकर पर दिए बयान पर उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने कहा, “वीर सावरकर पर ऐसा आरोप लगाना यह न महाराष्ट्र को और न शिवसेना को मंजूर है। महाराष्ट्र के कांग्रेस के नेता भी समर्थन नहीं करेंगे। यह मुद्दा लाने की जरूरत नहीं थी। इससे MVA में भी दरार आ सकती है।”

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) – शव काटते-काटते थक गया तो मंगाया खाना, बीयर पी और रातभर देखी वेब सीरीज

नामांकन करने दो बोरियों में 10 हजार सिक्के लेकर पहुंचे निर्दलीय उम्मीदवार

हाल ही में राहुल गांधी ने वीर सावरकर को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि सावरकर अंग्रेजों के नौकर थे और उन्होंने जेल से बाहर आने के लिए माफी मांगी थी, जिसके बाद से महाराष्ट्र की सियासत तेज हो गई है। संजय राउत ने कहा कि अगर कांग्रेस ऐसे ही बयान देती रही तो महाविकास अघाड़ी गठबंधन में दरार आ सकती है।

वहीं, कांग्रेस इस मामले में सफाई देने के लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना के पास पहुंच गई है कि सावरकर पर राहुल गांधी के बयान से दोनों पार्टियों के संबंधों में तनाव नहीं आएगा। हालांकि, पार्टी ने यह भी तर्क दिया कि राजनीतिक सुविधा के लिए ऐतिहासिक तथ्यों को बदला नहीं जा सकता है।

महाराष्ट्र के शेगांव में एक मीडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा, “मेरी आज शिवसेना नेता संजय राउत के साथ लंबी बातचीत हुई। सावरकर के बारे में उनका बिल्कुल अलग दृष्टिकोण है, लेकिन हम असहमत होने के लिए सहमत हुए। उन्होंने मुझसे कहा कि इस मुद्दे पर विचारों के अंतर से महागठबंधन महा विकास अघाड़ी को परेशानी नहीं होगी।”

विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी – उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गाँधी पर किया पलटवार

नामांकन करने दो बोरियों में 10 हजार सिक्के लेकर पहुंचे निर्दलीय उम्मीदवार

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Mahendra Bhai Patni महेंद्रभाई पाटनी के हलफनामे में संपत्ति शून्य है। कोई बैंक खाता विवरण भी नहीं है।
Mahendra Bhai Patni महेंद्रभाई पाटनी के हलफनामे में संपत्ति शून्य है। कोई बैंक खाता विवरण भी नहीं है।

Gujarat Assembly Election 2022: Gandhinagar North Assembly Seat: गुजरात की राजधानी गांधीनगर में 35 साल के एक मजदूर महेंद्रभाई पाटनी ने गांधीनगर उत्तरी सीट से निर्दलीय के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। पाटनी चुनाव आयोग कार्यालय में 10,000 रुपये का नामांकन शुल्क दाखिल करने के लिए एक रुपये के सिक्कों से भरी दो बोरी लेकर पहुंचे थे। महेंद्रभाई पाटनी गांधीनगर में रहते हैं, लेकिन वहां की हालत से नाखुश हैं।

महेंद्रभाई पाटनी (Mahendrabhai Patni ) ने सिक्के जमा करने की वजह पूछे जाने पर कहा,“मैं स्थायी रोजगार से वंचित एक मजदूर हूं। हमारे पास न घर है, न पीने का पानी और न ही बिजली है। मेरे पड़ोसी मेरा समर्थन करने के लिए राजी हो गए। क्योंकि मेरे पास नोमिनेशन की डिपॉजिट फाइल करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इसलिए मुझे वोट देने का वादा करने वाले लोगों से मैंने लगातार तीन दिनों तक मांगकर ये सिक्के जमा किए।”

Mahendra Bhai Patni महेंद्रभाई पाटनी के हलफनामे में संपत्ति शून्य है। कोई बैंक खाता विवरण भी नहीं है।
Mahendra Bhai Patni महेंद्रभाई पाटनी के हलफनामे में संपत्ति शून्य है। कोई बैंक खाता विवरण भी नहीं है।

दूसरे चरण में होगा गांधीनगर उत्तर सीट पर मतदान

महेंद्रभाई पाटनी के हलफनामे में संपत्ति के सामने शून्य दर्ज है। नामांकन के लिए दिए हलफनामे में कोई बैंक खाता विवरण नहीं है। महेंद्रभाई पाटनी ने कहा, ‘मैंने 14 नवंबर को ही बैंक ऑफ बड़ौदा में जीरो बैलेंस बैंक खाता खोला था। क्योंकि चुनाव के लिए यह जरूरी था। गांधीनगर उत्तर (Gandhinagar North) विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करने वाले 28 उम्मीदवारों में महेंद्रभाई पाटनी भी शामिल हैं। इसी सीट पर दूसरे चरण में मतदान होने वाला है। गुजरात में पांच दिसंबर को दूसरे चरण का मतदान होने वाला है।

Gujarat Assembly Election 2022: पहले चरण की 40 सीटों पर प्रचार में सीएम योगी, शिवराज, हिमंता समेत 29 दिग्गज नेता

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गुजरात में चुनाव प्रचार करते गृहमंत्री अमित शाह (Photo Source- Twitter/ @AmitShah)

Gujarat Assembly Election: गुजरात चुनाव के पहले चरण के प्रचार के समाप्त होने में सिर्फ 10 दिन बचे हैं। ऐसे में सत्ताधारी BJP कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी ने देश और प्रदेश स्तर के तमाम दिग्गज नेताओं को राज्य में प्रचार अभियान पर लगा दिया है। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा (J P Nadda), केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों सहित भाजपा के राष्ट्रीय नेता शुक्रवार को 40 सीटों पर उतरे। गौरतलब है कि पहले चरण में 89 सीटों पर 1 दिसंबर 2022 को मतदान होगा।

जेपी नड्डा सहित लगभग 15 राष्ट्रीय भाजपा नेताओं ने 40 से अधिक जनसभाओं को संबोधित किया। इन नेताओं में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अनुराग ठाकुर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मैदान में उतरे। इसके अलावा भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या और लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने भी गुजरात में अपनी पार्टी के लिए प्रचार किया।

गुजरात में चुनाव प्रचार करते गृहमंत्री अमित शाह (Photo Source- Twitter/ @AmitShah)

पंडित नेहरू एक ‘महिला’ के कहने के कारण देश का विभाजन करने पर सहमत हुए थे – रंजीत सावरकर

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‘हनीट्रैप में फँसे नेहरू के कारण देश बँटा, 12 साल तक वे देश की खुफिया रिपोर्ट अंग्रेजों को भेजते रहे’: सावरकर के पोते ने PM मोदी से की जाँच की माँग

माउंटबेटन का हवाला देते हुए रंजीत ने कहा, “वायसराय ने लिखा था कि उनके भारत छोड़ने के बाद पंडित नेहरू ने उन्हें 12 वर्षों तक हर दिन अपनी रिपोर्ट भेजी थी।” रंजीत सावरकर ने कहा कि यह खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामी है। उन्होंने कहा कि नेहरू को हनीट्रैप में फँसाया गया था और वे फँस गए थे।

 

Mumbai – Maharashtra – कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने ‘भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra)’ के दौरान महाराष्ट्र में विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) पर देश के साथ धोखा देने का आरोप लगाया था। अब सावरकर के पोते ने राहुल गाँधी के नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सावरकर के पोते रंजीत सावरकर (Ranjit Savarkar) ने राहुल गाँधी के आरोपों का खंढन करते हुए कहा कि पंडित नेहरू एक ‘महिला’ के कहने के कारण देश का विभाजन करने पर सहमत हुए थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 12 वर्षों तक पंडित नेहरू ने देश की गुप्त जानकारियाँ अंग्रेजों के साथ साझा की थी। रंजीत सावरकर ने इस पर राहुल गाँधी से जवाब माँगा है।

बता दें महाराष्ट्र के वाशिम में राहुल गाँधी ने सावरकर पर देश से गद्दारी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सावरकर अंग्रेजों को पत्र लिखकर उनका नौकर बने रहने के लिए कहा था और आजीवन पेंशन लेते रहे थे। इस दौरान उन्होंने सावरकर का एक पत्र भी मंच से लोगों को दिखाया था।

रंजीत सावरकर ने शुक्रवार (18 नवंबर 2022) को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन की पत्नी एंडविना और पंडित नेहरू के बीच हुए पत्रचारों को अंग्रेजों से वापस माँगा जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा, “इससे पता चलेगा कि जिसे देश चाचा नेहरू कहता है, उसने देश के साथ कैसे धोखा किया।”

स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए रंजीत सावरकर ने कहा कि पंडित नेहरू 9 मई से 12 मई 1947 के बीच अकेले हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला गए थे वे वहाँ चार दिनों तक रहे। रंजीत ने आगे कहा, “उस दौरान एडविना के ब्रिटिश सरकार को लिखे पत्रों में कहा गया था कि मैंने पंडित नेहरू को अपना अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।”

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) – शव काटते-काटते थक गया तो मंगाया खाना, बीयर पी और रातभर देखी वेब सीरीज

व्यक्तिगत संबंधों को लेकर एडविना के पत्र में उल्लेखित बातों का जिक्र करते हुए रंजीत सावरकर ने कहा, पंडित नेहरू बहुत व्यस्त हैं। इसलिए वे ‘नर्वस ब्रेकडाउन’ के करीब पहुँच रहे हैं। उन्होंने मेरे साथ चार दिन बिताए। हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं और यह दोस्ती लंबे समय तक चलेगी।” रंजीत सावरकर ने यह कहा कि एडविना ने अपने पत्र में लिखा था कि ‘पंडित नेहरू मेरे काबू में आ गए हैं’।

रंजीत यहीं नहीं रूके। उन्होंने कि पंडित नेहरू ने देश की सुरक्षा को दरकिनार कर लॉर्ड माउंटबेटन को वायसराय नियुक्त किया था। उन्होंने कहा, “बलवंत सिंह ने कहा था कि माउंटबेटन वायसराय होने के कारण पाकिस्तान में सेना नहीं भेज सकते। 20,000 लड़कियों का अपहरण कर पाकिस्तान ले जाया गया। नरसंहार को देखकर भारतीय नेताओं को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें, इसलिए मैंने पूर्ण नियंत्रण ले लिया।”

विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी – उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गाँधी पर किया पलटवार

माउंटबेटन का हवाला देते हुए रंजीत ने कहा, “वायसराय ने लिखा था कि उनके भारत छोड़ने के बाद पंडित नेहरू ने उन्हें 12 वर्षों तक हर दिन अपनी रिपोर्ट भेजी थी।” रंजीत सावरकर ने कहा कि यह खुफिया एजेंसियों की बड़ी नाकामी है। उन्होंने कहा कि नेहरू को हनीट्रैप में फँसाया गया था और वे फँस गए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसकी जाँच की माँग करते हुए रंजीत ने कहा कि पीएम को इस पूरे मामले की जाँच कराना चाहिए। इसके पहले भी कई लोग हनीट्रैप में पकड़े जा चुके हैं और उन्हें सजा भी दी जा चुकी है, लेकिन नेहरू की बता कौन करे। उन्होंने इस हनीट्रैप पर राहुल गाँधी से जवाब माँगा।

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) – शव काटते-काटते थक गया तो मंगाया खाना, बीयर पी और रातभर देखी वेब सीरीज

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श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) सुन कर और पढ़ कर रोंगटे खड़े हो जा रहे है। उसके क़ातिल आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग उठ रही है। न्यायपालिका को भी इस हत्याकांड पर जल्द संज्ञान ले कर क़ातिल को सजा निश्चित कर देना चाहिए क्योकि यह किसी भी सभ्य समाज के लिए अच्छी बात नहीं है।

श्रद्धा मर्डर केस (Shraddha Walker Murder) में हर रोज़ नए नए खुलाशे हो रहे है , एक और जानकारी सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) ने नवंबर 2020 में श्रद्धा वाकर को मौत के घाट उतारने की कोशिश की थी। उसे बहुत पीटा था। इस बात का खुलासा श्रद्धा के दोस्त गॉडविन ने किया है।

गॉडविन ने इंडिया टुडे को बताया कि आफताब उसकी दोस्त के साथ दरिंदों जैसा व्यवहार करता था। उन्होंने आफताब के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन वह उसे बार-बार फोन करता रहता, धमकी देता कि अगर वह उसके पास वापस नहीं आई, तो वह अपनी जान दे देगा। आफताब के आत्महत्या की धमकी देने के बाद श्रद्धा उसके पास वापस चली गई।

2020 में श्रद्धा वाकर का इलाज करने वाले एक डॉक्टर ने भी खुलासा किया है कि आफताब अमीन पूनावाला उस वक्त अस्पताल में मौजूद था, जब श्रद्धा को कंधे और पीठ में तेज दर्द के लिए भर्ती कराया गया था। नालासोपारा के ओजोन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में दो साल पहले श्रद्धा का इलाज करने वाले डॉ एसपी शिंदे ने कहा कि श्रद्धा को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी, लेकिन उसने कंधे और पीठ में तेज दर्द की शिकायत की थी।

ओजोन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में श्रद्धा वाकर ने हालाँकि इसका खुलासा नहीं किया था कि उसे ये दर्द किस वजह से हो रहा था। जब वह अस्पताल में भर्ती थी, उस वक्त श्रद्धा के परिवार का कोई भी सदस्य वहाँ मौजूद नहीं था। वहाँ केवल आफताब दिखाई दे रहा था।

श्रद्धा वाकर के दोस्तों द्वारा किए गए खुलासे के मुताबिक, श्रद्धा और आफताब 2018 से रिलेशनशिप में थे, लेकिन श्रद्धा ने आफताब के बारे में अपने दोस्तों को 2019 में बताया था। श्रद्धा के एक और दोस्त राहुल राय ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया , राहुल राय के अनुसार, “अगले दिन पुलिस ने उसे (श्रद्धा) थाने बुलाया, जहाँ उसने कहा कि वह आफताब से बहुत डरती है। वह उसे मार डालेगा। क्योंकि वह इससे पहले भी उसे जान से मारने की कोशिश कर चुका है और उसे कई बार बुरी तरह पीटा है। आफताब ने उसे घर में बंद कर दिया था। उसका एक और अफेयर चल रहा था। वह दूसरी और लड़कियों से भी बात करता था। उसने कहा था कि आफताब ड्रग्स लेता है।

 

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क़ातिल आरोपी आफताब का क़बूलनामा

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब ने पूछताछ में पुलिस को एक और बात बताई है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद वह बाहर से आरी लाया और बाथरूम में ले जाकर श्रद्धा का शव काटने लगा। कुछ देर बाद जब वह थक गया तो उसने बाहर से खाना मंगाया। उसने वहीं शव के सामने बैठकर खाना खाया। इस दौरान उसने बीयर भी पी और उसके बाद वेब सीरीज देखी।

गुरुवार को साकेत कोर्ट ने पांच दिनों के लिए आफताब की कस्टडी बढ़ा दी है। पेशी से पहले कोर्ट के बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकीलों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। वकीलों की मांग थी कि आफताब को मौत की सजा दी जाए।

वकीलों ने जमकर आरोपी के लिए फांसी की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद आफताब की फिजिकल हीयरिंग की बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरीये सुनवाई हुई। आरोपी आफताब पूनावाला ने गुरुवार की पूछताछ में कबूल किया कि उसने श्रद्धा के सिर समेत शरीर के कई टुकड़ों को फ्रिज में पांच महीने से ज्यादा समय तक रखा था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी इसकी पुष्टि हुई है।

आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने श्रद्धा के शव के सिर्फ 16 टुकड़े किए थे। इस दौरान पहले की तरह वह मुस्कुराता रहा। उसके चेहरे पर दुख या पश्चाताप का कोई भाव नहीं दिख रहा है।

हत्या के अगले दिन उसने श्रद्धा के शव को बाथरूम में रख दिया था। शव एक दिन बाथरूम में पड़ा रहा। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि इसके बाद उसने श्रद्धा के शरीर के कुछ टुकड़े पॉलिथीन में पैक कर जंगल में फेंक दिए थे। श्रद्धा का सिर, धड़, पैरों के पंजे और हाथों की उंगुलियों को फ्रीज में पॉलिथीन में पैककर रख दिया था। आरोपी का कहना है कि उसे शव के इन टुकड़ों को फेंकने का मौका नहीं मिला था।

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Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी करने के बाद से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस, बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पलटवार करते हुए कहा कि महात्मा गांधी भी इस तरह के पत्र लिखते थे।
भावनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए भाजपा नेता ने कांग्रेस सांसद की आलोचना करने हुए कहा कि उन्हें गांधी-नेहरू परिवार को छोड़कर राष्ट्रीय नायकों का अपमान करने का शौक है।
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक दस्तावेज का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि सावरकर ने अंग्रेजों की मदद की थी और दया याचिकाएं लिखी थीं।

 

Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis
गुजरात में भाजपा की एक प्रचार रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने जो कुछ भी कहा वह बचकाना था। वह जिस तरह के पत्र दिखा रहे हैं..मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि महात्मा गांधी जी ने भी ऐसे पत्र लिखे थे। लोगों ने उन्हें प्रकाशित भी किया है। वह हमेशा हमारे सम्मानीय राष्ट्रीय शख्सियतों का अपमान करते हैं सिवाय गांधी-नेहरू परिवार के।

बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर उद्धव ‘सेना’ ने छिड़का गोमूत्र

भाजपा नेता ने आगे कहा, वह सावरकर या नेताजी सुभाष चंद्र बोस या सरदार पटेल में विश्वास नहीं करते हैं। इसके बजाय वह हमेशा उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
महाराष्ट्र के अकोला में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गांधी ने मीडियाकर्मियों को एक कागज दिखाया, जिसमें दावा किया गया था कि यह सावरकर द्वारा अंग्रेजों को लिखा हुआ पत्र था। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा, मैं आखिरी पंक्ति पढ़ूंगा, जो कहती है- मैं आपका सबसे आज्ञाकारी सेवक बने रहने की विनती करता हूं और वीडी सावरकर ने हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी भाजपा उम्मीदवारों के प्रचार के लिए सूरत में हैं। उन्होंने भी राहुल गांधी के बयान की आलोचना की और कहा कि विपक्षी दल और उसके नेता कभी भी एक से परिवार से आगे नहीं देख पाएंगे।

राहुल गांधी का बयान महाराष्ट्र में उनके सहयोगी दल उद्धव ठाकरे की शिवसेना के लिए गले की हड्डी बन चुका है