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सीएम योगी का निर्देश, गोशालाओं के लिए बनाएं सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल

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छुट्टा जानवरों की समस्या से मिलेगी राहत: सीएम योगी का निर्देश, गोशालाओं के लिए बनाएं सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को छुट्टा जानवरों की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए सेल्फ सस्टेनेबल गौशाला का मॉडल बनाने व इसके लिए इच्छुक एनजीओ से एमओयू करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोशाला चलाने के लिए उसकी अर्थव्यवस्था बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए एक सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाए। साथ ही उन्हें नेचुरल फार्मिग, गोबर पेंट, सीएनजी और सीबीजी से जोड़ा जाए। इससे गोशालाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ होंगी और गायों के रखरखाव एवं पालन पर आने वाला खर्च खुद उठा सकेंगी। सीएम योगी ने कहा कि गोशाला संचालन के लिए इच्छुक एनजीओ के साथ एमओयू करें और उन्हें आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वृहद गौ आश्रय स्थल के संबंध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। इस दौरान पशुधन मंत्री के साथ ही वित्त, ऊर्जा, पंचायतीराज, ग्राम विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उत्तर प्रदेश में दो से तीन हजार गोवंश धारण की क्षमता वाले आश्रय स्थलों के निर्माण को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया गया। सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई गई सहभागिता योजना को पूरे प्रदेश में तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाए। इस योजना के तहत निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को प्रति गोवंश 900 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं। भू सत्यापन के बाद किसानों को उनका भुगतान किया जाए।

प्रेजेंटेशन का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशु संवर्धन, संरक्षण के लिए सेवाभाव के साथ सतत प्रयासरत है। गोवंश सहित सभी पशुपालकों के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र लोगों को इसका लाभ मिलना सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि पशुधन विभाग व्यवहारिक रूप से योजना बनाए। विभागीय अधिकारी अनिर्णय की स्थिति से बचें और रुचि व प्राथमिकता के आधार पर गो सेवा के लिए कार्य योजना तैयार करें। हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पूरे साल का प्रबंधन कैसे हो इसका ख्याल रखकर कार्य योजना बनाई जाए। अप्रैल-मई में ही पूरे साल के लिए हरा चारा, भूसा और चोकर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी गो आश्रय स्थल चल रहे हैं उनका पैसा रिलीज करें। साथ ही निराश्रित गोवंश को पालने वाले पशुपालकों का भी पैसा रिलीज करें। सीएम योगी ने कहा कि भारतीय नस्ल की गोवंश को सफाई और चारागाह की जगह चाहिए होती है अगर उन्हें यह नहीं मिलेगा तो वह बीमार पड़ जाएंगी, जो भी गोशालाएं बनाई जाए उनमें इस बात का विशेष ध्यान में रखा जाए।

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही निराश्रित गो आश्रय स्थल, सहभागिता योजना और कुपोषित परिवारों के लिए एक गाय की योजना गो संरक्षण में काफी प्रभावी है। पूरे प्रदेश में इन तीनों योजनाओं को अभियान चलाकर आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि ठंड और भूख से किसी गोवंश की मौत नहीं होनी चाहिए इसका विशेष ध्यान रखें। सीएम योगी ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने और बेसहारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए नस्ल सुधार योजना में तेजी लाएं। इस योजना के तहत पशुपालक सरकारी पशु अस्पतालों में कृत्रिम गर्भाधान करवा मवेशियों की नस्ल को सुधार सकते हैं। इससे दुग्ध का उत्पादन तो बढ़ेगा साथ ही मवेशियों की नई नस्ल भी तैयार हो जाएगी।

महाराष्ट्र में बिजली संकट का खतरा, हजारों कर्मचारी हड़ताल पर

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महाराष्ट्र में बिजली संकट का खतरा, तीन कंपनियों के हजारों कर्मचारी हड़ताल पर

महाराष्ट्र सरकार ने हड़ताल रोकने के लिए महाराष्ट्र अत्यावश्यक सेवा कानून (MESMA) लागू किया है। कर्मचारियों ने दावा किया है कि मेस्मा का कोई असर नहीं हुआ। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य में विद्युत आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के आवश्यक कदम उठाएं।

महाराष्ट्र की तीन सरकारी बिजली कंपनियों के हजारों कर्मचारी आज से 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारी इन कंपनियों के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। इससे राज्य में बिजली संकट पैदा हो सकता है। महाराष्ट्र सरकार ने हड़ताल रोकने के लिए महाराष्ट्र अत्यावश्यक सेवा कानून (MESMA) लागू किया है। कर्मचारियों ने दावा किया है कि मेस्मा का कोई असर नहीं हुआ। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य में विद्युत आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के आवश्यक कदम उठाएं।

हजारों कर्मचारी हड़ताल में शामिल, धरने पर बैठ
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव कृष्णा भोईर ने बताया कि आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल में तीनों कंपनियों के हजारों कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। राज्य भर में विरोध शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी कर्मचारी अपने प्रतिष्ठानों के बाहर बने पंडालों में बैठे हैं।

डिप्टी सीएम फडणवीस ने बुलाई बैठक
भोईर ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें बैठक के लिए बुलाया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोपहर करीब एक बजे सह्याद्री गेस्ट हाउस में कर्मचारी संघों की कार्य समिति के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (महावितरण), महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (महापारेषण) और महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन कंपनी लिमिटेड (महानिर्मिती) ये तीन महाराष्ट्र सरकार के स्वामित्व वाली बिजली कंपनियां हैं।

मंगलवार रात से मेस्मा लागू
इस बीच, बिजली कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की चेतावनी देने के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार रात मेस्मा लागू किया, ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा की जा सके। महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी, अधिकारी और अभियंता संघर्ष समिति से जुड़ी 31 यूनियन के सदस्यों ने पिछले माह विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया था।

अदाणी की कंपनी को वितरण लाइसेंस का विरोध
इनकी प्रमुख मांगों में अदाणी समूह की एक सहायक कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस जारी नहीं करने की मांग शामिल है। पिछले साल नवंबर में समूह की कंपनी ने यह लाइसेंस हासिल कर लिया है। कंपनी मुंबई के कुछ और क्षेत्रों में बिजली वितरण शुरू करने जा रही है।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी नवी मुंबई लि. अदाणी ट्रांसमिशन की सहायक कंपनी है। उसने महाराष्ट्र राज्य विद्युत नियामक आयोग (MERC) को मुंबई के कुछ और इलाकों में समानांतर बिजली वितरण के लिए आवेदन दिया था। कंपनी महावितरण के अधिकार क्षेत्र वाले भांडुप, मुलुंड, ठाणे, नवी मुंबई, पनवेल, तलोजा और उरन क्षेत्रों में बिजली वितरण करना चाहती है। हड़ताल को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों को हर हाल में बिजली वितरण सामान्य बनाए रखने का निर्देश दिया है।

सावित्रीबाई फुले जयंती मनाई

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क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले जयंती नवी मुंबई में मनाई
नवी मुंबई। देश की पहली महिला शिक्षिका, मुख्याध्यापिका क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती दिवस पर नवी मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में एंपिथिएटर में महापालिका सचिव श्रीमती चित्रा बाविस्कर के हाथों प्रतिमापूजन संपन्न हुई। इस अवसर पर इस्टेट मैनेजर अशोक अहिरे, प्रशासकीय अधिकारी उत्तम खरात व विलास मलुष्टे, शिक्षा विस्तार अधिकारी श्रीमती उज्वला बारघरे और अन्य अधिकारी, कर्मचारी उसमें भी बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी सावित्रीबाई को ‘हम सावित्री के अनुयायी हैं’ कहकर अभिवादन करने के लिए उपस्थित थीं।

सावित्रीबाई फुले जयंती मनाई
मीरा भायंदर। देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 191वीं जयंती तीन जनवरी को मीरा भायंदर मनपा मुख्यालय में मनपा के अतिरिक्त आयुक्त संभाजी पानपट्टे व उपायुक्त (चिकित्सीय स्वास्थय) संजय शिंदे के हाथों पुष्पहार अर्पित करके आयोजितकी गई। इस अवसर पर मनपा नगरसचिव वासुदेव शिरवलकर, मनपा आयुक्त के निजी सहायक महेश भोसले व मनपा के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

कल्याण डोंबिवली मनपा ने मनाई सावित्रीबाई फुले की जयंती
कल्याण डोंबिवली। महिला शिक्षा की अग्रदूत क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती पर मनपा उपायुक्त पल्लवी भागवत ने महानगरपािलका मुख्यालय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर मनपा उपायुक्त धैर्यशील जाधव, वंदना गुलवे, महापालिका सचिव व सूचना व जनसंपर्क विभाग प्रमुख संजय जाधव, सहायक आयुक्त स्नेहा करपे, हेमा मुंबरकर, संजय साबले, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी माधवी पोफले और अन्य अधिकारी व कर्मचारी वर्ग ने सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्पसुमन अर्पण करके उनका अभिवादन किया।

महिलाओं को उचित सम्मान देना ही सावित्री बाई को श्रद्धांजलि है : श्रीमती राही भिडे
नवी मुंबई। नवी मुंबई महानगरपािलका ने बाबासाहेब अम्बेडकर के प्रेरक विचारों को फैलाने वाले बाबासाहेब अम्बेडकर के लिए एक बहुत ही उपयुक्त और शानदार स्मारक बनाया है और यह कहते हुए कि यहां का पुस्तकालय देखकर विशेष रूप से अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय के पुस्तकालय की याद आ जाती है। यह विचार व्यक्त करते हुए संपादिका और लेखिका श्रीमती राही भिडे ने कहा कि यदि सावित्रीबाई हमारी अक्षरमाई न होतीं तो मैं आज इतने आत्मविश्वास से आपके सामने बोलने के लिए खड़ी नहीं हो पाती।
क्रांतिज्योित सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस की पूर्व संध्या में नवी मुंबई महानगरपालिका के सेक्टर 15, ऐरोली में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर स्मारक में आयोजित ‘अक्षरवेध’ विचार शृंखला के तहत ‘सावित्रीबाई की राह में आगे बढ़ना’ विषय पर व्याख्यान के दौरान उन्होंने श्रोताओं से बातचीत की।

विधायक तूफानी सरोज का मुंबई मे आगमन!

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केराकत विधानसभा-जौनपुर के विधायक तूफानी सरोज का मुंबई प्रवास के दौरान मुलाकात करते हुए पत्रकार अंकित मिश्रा (विशेष कार्यकारी अधिकारी -महाराष्ट्र शासन) एवम रिको रबर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन अभिषेक यादव !

मुंबई यूनिवर्सिटी का मास्टर प्लान तैयार करने में देरी!

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40 महीने से काम कर रही हैं दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी
मुंबई: एमएमआरडीए की ओर से आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी गई जानकारी में यह बात सामने आई है कि दुनिया में मशहूर मुंबई यूनिवर्सिटी के मास्टर प्लान तैयार करने में देरी हो रही है। एमएमआरडीए की देरी से काम अधर में लटका हुआ है। दिल्ली कंसल्टेंट इस मास्टर प्लान पर 40 महीने से काम कर रहा है और उसे एमएमआरडीए ने अब तक 5 लाख रुपए दिए हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने एमएमआरडीए से मुंबई यूनिवर्सिटी के मास्टर प्लान की जानकारी मांगी थी। एमएमआरडीए के जन सूचना अधिकारी अंकित दास ने अनिल गलगली को बताया कि उक्त मास्टर प्लान तैयार करने के काम की प्रक्रिया प्रगति पथ पर है। उक्त मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नियुक्त कंसल्टेंट द्वारा प्रस्तुत बिल के अनुसार रू 4,96,000 का भुगतान किया गया है।

एमएमआरडीए ने मुंबई यूनिवर्सिटी का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए 28 अगस्त 2019 को मैसर्स डीडीएफ कंसल्टेंट्स, दिल्ली को नियुक्त किया है और कुल 1.12 करोड़ रुपये की लागत है। पिछले 40 माह से मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

मुंबई यूनिवर्सिटी के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार की ओर से पहल की है एवं एमएमआरडीए उस पर काम कर रही है लेकिन अफसोस है कि एमएमआरडीए दुर्भाग्य से आगे काम बढाने से चूक गई है। अनिल गलगली ने कहा कि अभी भी एमएमआरडीए निश्चित नहीं है कि मास्टर प्लान कब पूरा होगा। अनिल गलगली ने कंसल्टेंट के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

सम्मेद शिखर बचाने के लिए अनशन पर बैठे जैन मुनि का निधन

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सम्मेद शिखर बचाने के लिए नौ दिन से अनशन पर बैठे जैन मुनि का निधन

सम्मेद शिखर जी को टूरिस्ट प्लेस बनाए जाने की घोषणा के बाद से ही जैन समाज इसका विरोध कर रहे हैं। इसी के विरोध में जयपुर के जैन मंदिर में मुनि सुज्ञयसागर नौ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे।

जयपुर के सांगानेर स्थित जैन समाज के मंदिर में सम्मेद शिखर को बचाने के लिए मुनि सुज्ञयसागर अनशन पर बैठ गए थे। नौ दिनों बाद यानी मंगलवार को मुनि सुज्ञयसागर का निधन हो गया। मुनि सुज्ञयसागर को सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।

अखिल भारतीय जैन बैंकर्स फोरम के अध्यक्ष भागचन्द्र जैन ने बताया कि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के बाद से मुनी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए बलिदान दिया है। मुनीश्री सम्मेद शिखर से भी जुड़े हुए थे। इन्हें सांगानेर में श्रमण संस्कृति संस्थान में समाधि दी जाएगी।

बता दें कि झारखंड के गिरिडीह जिले में अवस्थित पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। पारसनाथ पहाड़ी दुनिया भर के जैन धर्मावलंबियों के बीच सर्वोच्च तीर्थ सम्मेद शिखरजी के रूप में विख्यात है।

टोंक में भी सोमवार को जैन समाज के लोगों ने सोमवार देर शाम को कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में सैकड़ों लोग हाथों में ‘सम्मेद शिखर बचाओ के स्लोगन’ लिखी तख्तियां लिए नजर आए। खास बात रही कि इस मार्च में सर्व समाज के लोग भी शामिल हुए। जैन समाज के लोगों ने सम्मेद शिखर को जैन तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की। उन्होंने मांग नहीं मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

युवाओं ने मानव और गौ सेवा कर नये साल का किया स्वागत

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दुर्ग। जन समर्पण सेवा संस्था द्वारा 31 दिसम्बर एवं 1 जनवरी को नये साल एवं संस्था के 7वे वर्ष के प्रवेश का पूरे जिले में मानव सेवा, दिव्यांग सेवा, गौ सेवा करके नये साल का स्वागत किया गया. एक ओर प्रदेश एवं देश मे आम जन नये साल का जश्न बना रहे थे वही दुर्ग शहर के युवा पार्टी, डांस, मस्ती, जश्न को छोड़कर वर्ष 2022 साल के अंतिम दिवस 31 दिसम्बर एवं नये साल 2023 के प्रथम दिवस 1 जनवरी को सुबह से लेकर रात तक मानव सेवा, गौ सेवा कर रहे थे. समाजवादी विचारधारा का जन्म ही समाज के निराश्रित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी वह सुख सुविधाएँ पहुंचाने के लिए हुआ है, जिनसे अभी तक वह अछूता रहा है। एक सच्चे सामाजिक कार्यकर्ता का एकमात्र धर्म मानवता व सेवा होता है। इन्ही बातों को आत्मसात करते हुए जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग द्वारा 6 साल पूर्व 1 जनवरी 2017 से अनवरत (प्रतिदिन) गरीब, असहाय, अनाथ, एवं विकलांग जनों को निःशुल्क भोजन वितरण कर रही है, जिसमे प्रतिदिन लगभग 100 से 150 लोगो को दुर्ग रेल्वे स्टेशन में रात्रि 8 बजे भोजन कराया जाता आ रहा है. शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोये, एक मात्र यही उदेश्य को लेकर विगत 6 सालों से जन समर्पण सेवा संस्था कार्य कर रही है, उसी सोच एवं उद्देश्य में संस्था द्वारा प्रतिदिन दुर्ग शहर के विभिन्न स्थानों में जाकर गरीब, असहाय, विकलांग, जरूरतमंदों को खोज खोज कर रात्रि में भोजन करा रही है, साथ ही साथ जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता की वस्तु निःशुल्क वितरण कर रही है. जन समर्पण सेवा संस्था के इस कार्य को अनवरत 6 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संस्था द्वारा विशेष आयोजन किया गया. संस्था के युवाओं ने संस्था के 7वे वर्ष के प्रवेश पर 31 दिसम्बर को दुर्ग के प्रमुख आश्रमों में जाकर जरूरत की सामग्री का वितरण किया गया, एवं फुटपात में जीवन यापन करने वाले जरूरतमंदों को कम्बल वितरण किया गया. संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया की संस्था द्वारा दिनाँक 1 जनवरी 2023 को प्रातः 10 बजे से देर रात्रि तक जिला चिकित्सालय एवं जिले के प्रमुख हॉस्पिटल में जाकर दिनाँक 1 जनवरी को जन्म लेने वाले बच्चों एवं जन्म देने वाली मां को जरूरत की सामग्री एवं कम्बल वितरण किया गया, जिसमें दुर्ग जिला चिकित्सालय में जन्म हुए 21 बच्चों, गुलाटी नर्सिंग होम में 4 बच्चों, एवं आंगनबाड़ी के माध्यम से 6 बच्चों एवं उनकी माँ को सामग्री का वितरण किया गया इस आयोजन में दुर्ग जिला चिकित्सालय में विशेष रूप से राजेन्द्र साहू, अध्यक्ष दुर्ग जिला केंद्रीय सहकारी बैक उपस्थित हुए, और अपने हाथों से जन्म लेने वाले बच्चे एवं जन्म देने वाली मां को जरूरत की सामग्री का वितरण किये और संस्था द्वारा विगत 6 वर्षों से की जा रही निस्वार्थ सेवा की भारी प्रशंसा की सभी सदस्यों को सेवा कार्य के 6 वर्ष पूर्ण होने की बधाई दी. संस्था द्वारा अपने मूल उद्देश्य मानव सेवा एवं गौ सेवा के कार्य को पूरा करते हुए, सँध्या 4 बजे दुर्ग पुलगांव स्तिथ गौठान जाकर गौ माता को हरि सब्जी, भाजी, घास एवं चारा खिलाया गया. मानव सेवा में प्रतिदिन की तरह 1 जनवरी को भी रात्रि 8 बजे जरूरतमंदों को भोजन वितरण किया गया, एवं भोजन कर रहे छोटे छोटे गरीब बच्चों के अपने हाथों से संस्था के 6 वर्ष पूर्ण होने पर 6 केक काटकर जरूरतमंदों को केक, मिष्ठान, नमकीन, भोजन, बिस्किट एवं जरूरत की सामग्री वितरण किये.. इसके साथ साथ को शहर में घूम-घुमकर गौ सेवा एवं मानव सेवा की गयी, जिसमें युवाओं द्वारा गौ माता को रोटी, हरी सब्जी, गुड़ खिलाया गया, एवं गौ माता को दुर्घटाना से बचाने के उदेश्य से उनके सिर पर रेडियम पट्टी लगाई गयी, जिसमें पुलगांव, पटेल चौक, अंजोरा, नेहरूनगर, स्टेशन रोड, पिसेगांव, गंजपारा चौके, में युवाओं ने लगभग 130 से अधिक गाय को रेडियम पट्टी लगाई गई इसके साथ साथ शहर के विभिन्न स्थानों में जाकर 126 जरूरतमंदों को ठिठुरती ठंड से बचने के लिए गर्म कपडे, कम्बल एवं गर्म टोपी का वितरण किया गया. संस्था के द्वारा किये जा रहे मानव सेवा के कार्य को 5 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित मानव सेवा, दिव्यांग सेवा, गौ सेवा के कार्यों को देखकर पूरे जिले के नागरिकों ने संस्था के कार्यों की प्रशंसा की इस वर्ष नए साल पर जन समर्पण सेवा संस्था के कार्यों से प्रभावित होकर जिले के बहुत से लोगों एवं संस्थाओं ने मानव सेवा कार्य किये।

नववर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच द्वारा काव्य सम्मेलन संपन्न

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मुम्बई। अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच एक साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था है जो कि वर्षों से सामाजिक और साहित्यिक कार्यक्रम करती आ रही है। इसी कड़ी में संस्था द्वारा नववर्ष के उपलक्ष्य में ‘नव वर्ष पर हमारा संकल्प है’ इस विषय में ऑनलाइन एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि राम राय, विशेष अतिथि आशा जाकड़, अभिलाष शुक्ला, संतोष साहू, शिवपूजन पांडे रहे। कार्यक्रम के समारोह अध्यक्ष रहे डॉ कुंवर वीर सिंह और सरस्वती वंदना की डॉ सुशील श्रीवास्तव सागर ने। कार्यक्रम का संचालन अलका पांडे और शोभा रानी तिवारी ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी विशेष अतिथियों ने अपने उद्गार व्यक्त किए और मंच को आशीर्वचन दिया सभी रचनाकारों ने उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया तथा आभार व्यक्त किया नीरजा ठाकुर ने। नव वर्ष में हम क्या संकल्प लें क्या काम करें इस विषय पर एक शानदार कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। अलका पांडे ने बताया कि नए वर्ष पर हमारे संकल्प इसलिए रखा गया कि हम जीवन में अपने लिए कुछ संकल्प लें तभी हम अपने अंदर की गांठे खोल सकेंगे और समाज के लिए कुछ कर सकेंगे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। लोगों ने बड़ी सार्थक व सकारात्मक रूप से अपने विचार रखे।
प्रस्तुत है कवि सम्मेलन में काव्य पाठ की चंद पंक्तियां

और संकल्प करें कि अब ना करेंगे कोई भी गलती।
ना किसी का दिल दुखाएंगे।।
ना किसी को अपशब्द कहेंगे।
नया साल भी देखो कैसे मधुर मुस्कान लिए आया है।।
हम अपनी सोच बदलें।
कि अब तो हम इस जीवन को सार्थक करेंगे।।
और कुछ ऐसा करेंगे कि इतिहास रच डाले।
अंतर्मन से कहो कि हम कुछ तो बड़ा करेंगे।।
नया साल है आया ।
नए विचारों को लाया।।
मान लेंगे हम बड़ों का कहना।
दया भाव सब पर रखेंगे।।
इंसान हैं इंसान का काम करेंगे।
सोच जरा इस दुनिया में हम क्या लेकर आए थे।।
और क्या लेकर जाएंगे।
जो कमाया है वह यही रह जाएगा।।
फिर क्यों छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाए।
मेरा तेरा करते-करते क्यों जिंदगी बिताएं।।
जो है वह सब प्रभु का है। माया को त्यागे सब रिश्तो को अपनाए ।।
छोड़ो कल की बात पुरानी ।
ईर्ष्या द्वेष को मन से मिटाएं।।
खोले मन की गांठे सारा बोझ हल्का कर दे।
क्यों अपना दिल दुखाए।।
क्यों औरों का दिल दुखाए ।
नया साल नई नई चुनौतियां लाया।
हम अपनी सारी मन का बोझ हटा दें।।
और मिश्री की डली को मन में घोलकर मीठा बोले।
सोचे विचारे बीते वर्ष में ।।
हमसे क्या गलती हुई।
उसको अब ना दोहराएं ।।
नए साल में नया करे हम।
संकल्प ले कुछ ऐसा करें।
देश दुनिया घर परिवार सब के हित की बात हो।।
अपने मन को भी अच्छा लगे और प्रभु भी खुश हो जाए।
जीवन अपना सफल बनाएं।।
नया साल है ऐसा कुछ कर। जाए की कि नहीं कहानी लिख दे।
और अमर हो जाए ।।
क्या कुछ ऐसा हम कर सकते हैं ।
सोचो विचारों की नए साल में
हम क्या क्या नया करे ।।
आया है नया साल उसका अभिनंदन है स्वागत है।
दिल से खुशियां मनाएं ।।
और पूरे साल हम हंसी खुशी से बिताए।
नहीं यह बस यही संकल्प है हमारा ।।
– अलका पांडे, मुंबई

बीत गया है साल पुराना
जगमग करता आया साल नया
श्री ज़मीं है नया है आसमान,नया सूरज होगा, होगा सब कुछ आसान
– नीरजा ठाकुर नीर

नववर्ष का संकल्प-
है महान किंतु लगता अल्प,
मेरे नववर्ष का संकल्प।
चाहूँ मैं, मैं, न रहे, सब हम हो जाएँ,
केवल ख़ुशी ही ख़ुशी हो, दूर गम हो जाएँ।
– रानी अग्रवाल, मुम्बई

नववर्ष का करें अभिनंदन,
आओ मिलकर खुशी मनाएं,
शुरू करें फिर से नवजीवन,
बीते कल को हम भूल जाएं।
– शोभा रानी तिवारी

कभी हार न मानेंगे, मुसीबतों से टकराएंगे, उस पर विजय पाएंगे, जीवन को, उन्नत व सुखमय बनाएंगे, हर हार को, जीत में बदल डालेंगे, बस सफलता के कदम, आगे ही आगे बढ़ाएंगे, कर्तव्यनिष्ठ होकर, सच्चाई के मार्ग पर, अग्रसर हो, देश का गौरव बढ़ाएंगे।
– डॉ. आशालता नायडू, मुंबई

आओ चलो हिलमिल अब कुछ करें मंथन
कुछ स्वप्निल स्वप्न सजाएं, करें नव संकल्प
पुरजोर कदम आगे आगे बढ़ाएं, करें सत्कर्म
नववर्ष आ रहा विभोर होकर, करे नव चिंतन।
– डॉ अंजुल कंसल “कनुप्रिया” इंदौर

दुख हो अदावतें हो न रंजो मलाल हो।
मौला करे यह साल मोहब्बत का साल हो।।
– डॉ. महताब आज़ाद

तेरे चरणों में समर्पित दे शरण कल्याणिनी माँ
सारे जग में ज्योति तेरी ज्ञान चक्षु प्रदायिनी माँ
सारी दुनियाँ जल रही है द्वेष के अंगार से माँ
शीतले कर जग को शीतल तू ही है जग तारिनी माँ
– डॉ. सुशील श्रीवास्तव “सागर”
सिद्धार्थनगर, यूपी

इस ऑनलाइन कार्यक्रम में कविता पाठ करने वाले कवियों में शोभा रानी तिवारी, अलका पांडे, निरजा ठाकुर, डॉ अझूल कंसल, विजेंद्र मोहन, ओम प्रकाश पांडे, आशा लता नायडू, अनीता झा, सुशील सागर, डॉ. महताब अहमद आजाद, सुरेंद्र हरडे, रवि शंकर कोलते का नाम प्रमुख रहा।

नए साल के जश्न में डूबा देश

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नए साल के जश्न में डूबा देश, पीएम मोदी ने भी दी बधाई

भारत में भी नए साल की शुरुआत हो चुकी है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत तमाम शहरों में जश्न का माहौल है और लोग घरों से निकलकर नए साल का जश्न काफी धूमधाम से मना रहे हैं। इस बीच सैलानी देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच कर नए साल का जश्न मना रहे हैं। वहीं प्रशांत द्वीप के देश सामोआ, टोंगा, किरिबाती उन देशों में से हैं, जहां दुनिया में सबसे पहले नए साल का स्वागत होता है। इसके बाद अन्य देश इसकी खुमारी में डूबते जाते हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को नए साल की बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, वर्ष 2023 हमारे जीवन में नई प्रेरणा, लक्ष्य और उपलब्धियां लेकर आए। आइए हम देश की एकता, अखंडता और समावेशी विकास के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का संकल्प लें।

पीएम मोदी ने भी दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, 2023 शानदार हो। यह नया साल आशाओं, खुशियों और ढेर सारी सफलताओं से भरा हो। सभी के बेहतर स्वास्थ्य की कामना।

मुंबई में लोगों ने मनाया जश्न

न्यू ईयर 2023 मनाने के लिए मुंबई के मरीन ड्राइव पर भारी भीड़ उमड़ी

गोवा में लोगों ने किया नए साल का स्वागत
गोवा पणजी के मैजेस्टिक ग्रुप होटल में रोशनी, संगीत और नृत्य के साथ नए साल 2023 का स्वागत किया।

मसूरी में खूब थिरके लोग
उत्तराखंड के मसूरी में दूर-दराज से आए सैलानियों ने नए साल 2023 का जश्न मनाया। लोग चमकदार रोशनी में संगीत पर खूब थिरके।

मनाली के माल रोड पर उमड़ी भारी भीड़
नए साल 2023 के स्वागत के लिए हिमाचल प्रदेश के मनाली के माल रोड पर भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पटाखे जलाकर खूब धूमधाम से नए साल का जश्न मनाया।

छत्तीसगढ़ में आर्मी जवानों ने मनाया नया साल
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के जवानों ने नए साल का जश्न मनाया। साथ ही यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कनॉट प्लेस पर लोगों ने लगाए ठुमके
दिल्ली के कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में लोगों ने नए साल का जश्न मनाया। बड़ी संख्या में लोग कनॉट प्लेस पहुंचे और खूब थिरके।

नव वर्ष 2023 की सुबह गंगा आरती
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के अस्सी घाट पर नव वर्ष 2023 की सुबह गंगा आरती हुई।

महाराष्ट्र के श्री सिद्धिविनायक मंदिर में हुई आरती
महाराष्ट्र के श्री सिद्धिविनायक मंदिर में नव वर्ष 2023 को सुबह की आरती हुई।

नववर्ष 2023 की तड़के भस्म आरती
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष 2023 की तड़के भस्म आरती की गई।

तनाव को हैंडल नहीं कर पाना है, ‘तुनीषा’ जैसी आत्महत्याओं के पीछे का कारण

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मिथिलेश कुमार सिंह

चकाचौंध की इस दौड़ में जब कभी थोड़ा सा अंधेरा आता है, थोड़े से कदम डगमगा जाते हैं, तब उस डगमगाते
कदम को किस प्रकार से हैंडल किया जाए इसकी कला, भला कितने लोगों को आती है?
कहना बड़ा आसान है कि प्यार में धोखा खाना के कारण, लव जिहाद के कारण कोई व्यक्ति आत्महत्या कर
लेता है लेकिन इसके पीछे हम मूल सवालों को दफन कर देते हैं!

वास्तविकता तो ये है कि हम उन सवालों पर चर्चा भी नहीं करना चाहते हैं, वह चाहे परिवार के लोग हों,
समाज के लोग हों या फिर कोई दार्शनिक ही क्यों ना हो। सभी इन मूल सवालों से भागना चाहते हैं.
आप किसी भी साइकोलॉजिस्ट से, डॉक्टर से या इंटेलेक्चुअल व्यक्ति से पूछ लीजिए और जरा इन प्रॉब्लम्स की
गहराई में जाइए तो आपको पता चलेगा कि इसके पीछे दबाव को हैंडल नहीं कर पाना ही सबसे बड़ा कारण है।
खासकर ग्लैमर वर्ल्ड में (Tunisha suicide case) जब कोई सफल होता है तो उसके मन मस्तिष्क में किंचित
भी यह ख्याल नहीं आता है कि, असफलता को वह कैसे हैंडल करेगा! असफलता चाहे आर्थिक एंगल से कह
लीजिए, चाहे हेल्थ का एंगल कह लीजिए, ऐसी अवस्था में जब भी थोड़ा झटका लगता है, तो उसे बर्दाश्त कर
पाना मुश्किल होता है। कुछ समय पहले हरियाणा में मशहूर गीतिका और गोपाल कांडा का मामला आया था.
 जरा सोचिए, एक आम

लड़की अगर बीएमडब्ल्यू (BMW) में चल रही है और लाखों पैसे अपनी लाइफ स्टाइल (luxury lifestyle) पर
लुटा रही है तो उसके परिवार वाले उससे यह सवाल क्यों नहीं पूछते हैं कि वह पैसा कहां से आ रहा है?
सच तो यह है कि अधिकांश परिवार के लोग भी आम खाने से मतलब रखते हैं, पेड़ गिनने से नहीं। जब तक
कोई गाय दूध दे रही है, तो कैसे दे रही है, कैसे उससे लाभ मिल रहा है, इसका संज्ञान बहुत कम लोग ही ले
पाते हैं। यहाँ कहने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति ही असंवेदनशील है बल्कि सिस्टम ही कुछ ऐसा बन
गया है, कुछ परवरिश ही ऐसी हो रही है कि लोग अपनों से भी सवाल-जवाब नहीं कर पाते हैं।
सच्चाई से देखें तो आप यह सब एक या दो दिन में नहीं कर सकते बल्कि आप यह तब कर सकते हैं जब
सवाल जवाब करने की प्रक्रिया शुरू से ही अपनाई गई हो। जब आप बचपन से ही बच्चों से सवाल पूछते हैं कि,
उसके बैग में एक एक्स्ट्रा पेंसिल क्यों है और वह जवाब देने को तैयार होता है, तभी आप उससे उसकी
युवावस्था में भी सवाल कर सकते हैं।

किंतु सवाल करने का जोखिम कौन ले भला? खुद से सवाल करने के बाद उत्तर देने का जोखिम कौन ले? और
यही वह चीजें हैं जो मूल प्रश्न हैं. वस्तुतः यह बच्चों की परवरिश, समाज के स्ट्रक्चर (family, religion, law,
economy, and class) से जुड़ा हुआ प्रश्न है।
इसे लेकर जागरूकता अभियान फैलाए जाने की जरूरत है ताकि और बच्चे दबाव में न आएं, और अगर किसी
को समस्या है तो उस समस्या को सुलझाने के लिए समाज को आगे आना चाहिए।
हो सकता है कि कुछ मामलों में लव जिहाद भी एक कारण रहा हो, कुछ मामलों में ब्रेकअप भी एक कारण रहा
हो, लेकिन इस के शोर में मूल प्रश्न को दबा दिया जाना कहां तक न्यायोचित है? स्वयं ही विचार
कीजिए। (युवराज)