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झांसी: ‘गौ अदालत’ का हुआ आयोजन, बोलीं उमा भारती- गाय की सुरक्षा सरकार नहीं समाज की जिम्मेदारी

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झांसी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की फायरब्रांड नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को झांसी के मऊरानीपुर में “गौ अदालत ” का आयोजन कर लोगों को गायों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। यहां रौनी गांव स्थित केदारेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित “गौ अदालत ” कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने सबसे पहले मंदिर में पूजा अर्चना की।

इसके बाद गाय की दशा और दुर्दशा को लेकर गौ अदालत लगायी जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार गाय को सुरक्षित नही रख सकती है। गाय को बचाने का काम समाज ही कर सकता है क्योंकि सरकार एक ही काम कर सकती है गौवंश की हत्या पर रोक लगाने का काम और यह काम सरकार ने पहले ही कर दिया है। गाय को बचाना जरूरी है और गाय गौशाला बनाने से नहीं बचेगीं। करोड़ों की संख्या में गाय निराश्रित हैं कैसे इतनी बड़ी संख्या में गायों को संरक्षण गौशालाओं में दिया जा सकता है।

उमा भारती ने गौशाला के नाम पर शुरू हुई नयी प्रकार को अव्यवस्थाओं पर भी बेबाकी से अपनी राय रखते हुए कहा कि गाय के नाम पर लोग धंधा करने लगे हैं ,पैसा बनाने लगे हैं, जमीनों पर कब्जा करने लगे हैं। जमीनों की कीमत बढ़ गयी है और लोग इसका लाभ उठाने लगे हैं यह एक धंधा हो गया है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में केवल अंधी, लंगडी या लूली या शारीरिक रूप से अक्षम गायों को रखा जाना चाहिए और इन गौशालाओं में सेवानिवृत लोग गौसेवा करें।

आज अधिकतर गौशालाओं में कई स्वस्थ गाय भरी हैं। ये स्वस्थ गाय किसान इस्तेमाल करके छोड़ देते हैं। गौचर नहीं होने से किसान गायों को नहीं रख पा रहा है। गांव के गौचरों पर या तो कब्जा हो गया है या फिर भू आवंटन में जमीन चली गयी है। आज सरपंचों को सरकार खूब पैसा दे रही है इस पैसे में एक निश्चित धनराशि गौपालकों के लिए निर्धारित करनी होगी। इसके अलावा किसान को खेत में गाय बांधने की सुविधा देनी होगी।

उमा भारती ने कहा कि वह सरकार से इस पर बात करेंगी कि नये गौचरों का विकास जरूरी है।नये गौचरों में घास उगा दो मनरेगा से पानी की व्यवस्था कर दो। सरपंचों को दी जाने वाली राशि में से एक निर्धारित राशि सालभर के लिए गायों की निर्धारित संख्या पर गौपालकों की संख्या निश्चित कर उन्हें पैसा दिया जाए।आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दें, ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध करा दो और इसका जोरदार प्रचार कर दो। इससे किसान ऑर्गेनिक खेती की ओर अग्रसर होगा और ऐसा करने से गाय एक बार फिर किसान के लिए एक बहुमूल्य संसाधन के रूप में बनकर उभरेगी।

मध्यप्रदेश सरकार ने ऑर्गेनिक खेती को प्रश्रय देकर गायों की समस्याओं के निधान का उदाहरण पेश भी किया है जब वहां किया जा सकता है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं। भाजपा की तेजतर्रार नेता ने कहा कि गाय को बचाने का काम समाज का है और समाज को यह जिम्मेदारी लेनी होगी। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा नेता ने पूछे गये सवालों के बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि गऊ, गंगा और शराबबंदी को लेकर उन्होंने लड़ाई शुरू की है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो शराब बंदी कर सकती है। क्योंकि इससे गरीब परिवार बर्बाद हो रहे है। उन्होंने कहा “ अभी मैं सरकार में नहीं लेकिन भाजपा की हूं। अगर सरकार मेरी बात मानकर शराब बंदी को लेकर कदम उठाए तो पूर्व से भी बड़ी जीत कोई नही टाल सकता। लेकिन अगर इस पर कोई ध्यान नहीं दिया तो नुकसान पक्का है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर केंद्र सरकार को भी अवगत करा दिया गया है।

उमा भारती से जब बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए पूछा गया तो उन्होंने बताया बुंदेलखंड राज्य बनाने को लेकर अपने असफल रहने की बात स्वीकारते हुए कहा कि यह मुद्दा उनके राजनीति में आने से पहले से चला आ रहा है। इसको तो उठाना चाहिए हम सबके साथ है लेकिन बुंदेलखंड राज्य में मध्य प्रदेश के लोग शामिल नही होना चाहते इसलिए वह बुंदेलखंड राज्य बनवाने में असफल हो रही हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने सदन में गाँधी परिवार पर हमला करते हुए कहा कि यह देश किसी परिवार की जागीर नहीं है

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राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गाँधी का नाम लेकर कॉन्ग्रेस को जमकर धोया। उन्होंने कहा कि नेहरू और इंदिरा गाँधी ने देश की चुनी हुई गैर-कॉन्ग्रेसी सरकारों को 90 बार गिराया। इतनी ही नहीं, पीएम ने कहा कि इस देश में 600 से अधिक सरकारी योजनाएँ सिर्फ गाँधी-नेहरू के नाम पर हैं।

कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यूथ विरोधी नीति लेकर चले हुए लोगों को आज यूथ नकार रहा है। यहाँ सरकार की योजनाओं के नामों को लेकर आपत्ति उठाई गई। लोगों को ऐसी परेशानी है कि इन नामों में कुछ संस्कृत-टच है। बताइए, इसकी भी इन्हें (कॉन्ग्रेस) को परेशानी है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैंने किसी अखबार में पढ़ा था। हालांँकि उसे वेरिफाई तो नहीं किया। रिपोर्ट में कहा गया था कि 600 सरकारी योजनाएँ सिर्फ गाँधी-नेहरू परिवार के नाम पर हैं। अगर किसी कार्यक्रम में नेहरू जी के नाम का उल्लेख नहीं हुआ तो कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं। उनका लहू एकदम गरम हो जाता है कि नेहरू जी नाम क्यों नहीं लिया।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “चलो, ये गलती हम सही कर लेंगे, लेकिन मुझे आश्चर्य है कि उनकी पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों हैं। नेहरू सरनेम रखने से क्या शर्मिंदगी है? इतने महान व्यक्ति का नाम अगर आपको (राहुल गाँधी को) मंजूर नहीं है, परिवार (गाँधी परिवार) को मंजूर नहीं है और हमारा हिसाब माँगते रहते हो?”

नरेंद्र मोदी ने सदन में गाँधी परिवार पर हमला करते हुए कहा कि यह देश किसी परिवार की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सदियों पुराना यह देश, लोगों के पुरुषार्थ और पसीने से बना हुआ देश है। जन-जन की पीढ़ियों से चली आई परंपरा से बना हुआ देश है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस भारतीय सेना को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ती है, लेकिन परमवीर चक्र प्राप्त इन्हीं सेनानियों के नाम पर भाजपा ने द्वीप का नाम कर दिया, जो सदियों तक प्रचलित रहेगा।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम पर ऐसे भी आरोप लगाए जाते हैं कि हम राज्यों को परेशान करते हैं। जो लोग आज विपक्ष में बैठे हुए हैं, उन्होंने तो राज्यों के अधिकारों की धज्जियाँ उड़ा दी थीं। इतिहास उठाकर देख लीजिए कि वो कौन पार्टी थी, वो कौन लोग सत्ता में बैठे थे, जिन्होंने आर्टिकल 356 का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया? 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया।”

पीएम मोदी ने नेहरू और इंदिरा के बहाने कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए आगे कहा, “एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया। आधी सेंचुरी कर दी। वो नाम है श्रीमती इंदिरा गाँधी का। केरल में जो लोग आज इनके साथ खड़े हैं, वो भी इन्हें याद कर लें। केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई, जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे। कुछ समय बाद चुनी हुई पहली सरकार को गायब कर दिया।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं DMK के मित्रों को भी बताता हूँ। तमिलनाडु में MGR और करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारों को भी इन्हीं कॉन्ग्रेस वालों ने बर्खास्त कर दिया था। MGR की आत्मा देखती होगी कि आप (DMK वालों) आज कहाँ खड़े हो। 1980 में शरद पवार की सरकार को भी गिरा दिया गया था। आज वो वहाँ (कॉन्ग्रेस के साथ) बैठे हैं।”

आप इण्डिया ने BBC को लताड़ा – गाय पर कार्टून… मतलब BBC को हुआ बवासीर

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समाचार पोर्टल BBC के गाय वाले कार्टून पर जमकर लताड़ते हुए लिखा है कि – ” गाय पर कार्टून… मतलब BBC को हुआ बवासीर: कभी ‘बहनोई’ आतंकवादी के लिए उमड़ा था प्यार, अब लंदन में मिल रही गालियाँ ”

समाचार पोर्टल आगे लिखता है कि – ” भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। गाय धार्मिक, समाजिक और सांस्कृतिक रूप से सनातन का हिस्सा रही है। इसको देखते हुए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने 14 फरवरी को ‘काउ हग डे’ मनाने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि लोगों को अपने संस्कृति के प्रति जागरुक करने, भावनात्मक समृद्धि और खुशी के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार के इस फैसले से पेचिस की मार झेल रहे बीबीसी को अब बवासीर हो चुका है।

दरअसल, सरकार के फैसले का मजाक उड़ाते हुए बीबीसी ने गाय पर कार्टून शेयर किया। इस कार्टून के जरिए बीबीसी ने सरकार के फैसले का नहीं, बल्कि गौमाता का मजाक उड़ाया है। कार्टून में मजाकिया अंदाज में एक हफ्ते तक काउ गोबर डे, काउ मूत्र डे, काउ मिल्क डे, काउ घास डे इत्यादि मनाने की बात कही गई है। बात यहीं खत्म नहीं होती। पोस्ट पर मुस्लिम नाम वाले अकाउंटों से गाय को लेकर ऐसे कमेंट किए गए हैं, जो गाय में आस्था रखने वालों के लिए अपमानसूचक है।

गाय का कार्टून शेयर करने वाले बीबीसी के लोगों को संभवतः यह जानकारी नहीं है कि गाय के मूत्र का इस्तेमाल दवा बनाने के लिए और गोबर का इस्तेमाल आज भी घर-आँगन की लिपाई-पुताई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्राचीन समय से ही गोमूत्र को पंचगव्य का हिस्सा माना जाता रहा है और इसका इस्तेमाल शक्तिवर्धक औषधियों के निर्माण में किया जाता है।

बीबीसी वालों को पता तो होगा ही कि जिस गोमूत्र का वे मजाक उड़ा रहे हैं, उसी गोमूत्र का अमेरिका तीन पेटेंट करवा चुका है। गाय का दूध नवजात बच्चों के लिए तो माँ के दूध के समान बताया गया है। बीबीसी वालों ने गाय के घास खाने का भी मजाक उड़ाया। ऐसे में बीबीसी का यह कार्टून हिंदू आस्था के प्रति घृणा को दर्शाता हुआ प्रतीत होता है।

वैसे यह पहली बार नहीं है, जब बीबीसी ने भारतीयता पर हमला किया हो। यह वही बीबीसी है जो आतंकवादियों के प्रति मोहब्बत जताता रहता है। जिन आतंकवादियों को हम दशकों से झेलते आए हैं, उसके लिए बीबीसी की हमदर्दी उसके रिपोर्ट में झलकती है। बालाकोट हमले के बाद एक रिपोर्ट में बीबीसी ने आतंकियों के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, उससे उनकी मंशा जाहिर होती है।

हाल ही में बीबीसी ने गुजरात दंगों पर एक प्रोपगेंडा डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें तथ्य कम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि के साथ खिलवाड़ की कोशिश ज्यादा की गई है। पीएम मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए बनाई गई बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का ब्रिटेन में भारी विरोध हुआ था। 29 जनवरी 2023 को प्रवासी भारतीयों ने लंदन में स्थित बीबीसी मुख्यालय और उसके क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में एकजुट होकर प्रदर्शन किया था।

बीबीसी की स्थिति अब चूँकि बवासीर तक पहुँच चुकी है, इसलिए ऐसे विरोधों और प्रदर्शनों का उस पर कोई खास प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। ऐसा होता तो करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक गौमाता का मजाक उड़ाने से पहले वह कई बार विचार करता।

Cow Hug Day: भारत में 14 फरवरी को काउ हग डे – व्यापक डच आंदोलन का हिस्सा है. आज, रॉटरडैम, स्विटज़रलैंड और यहां तक ​​कि अमेरिका में भी गायों को गले लगाने का ट्रेंड है.

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Cow Hug Day In India: भारतीय पशु कल्याण बोर्ड 14 फरवरी को काउ हग डे (Cow Hug Day) के रूप में मनाना चाहता है. जनता से गायों को गले लगाने की अपील भी की गई है. बोर्ड का मानना है कि इससे लोगों में गायों के प्रति भावनात्मक समृद्धि आएगी और साथ ही ये व्यक्तिगत और सामूहिक खुशी को भी बढ़ाएगा. 14 फरवरी को दुनिया के कई हिस्सों में वेलेंटाइन डे (Valentine Day) के रूप में मनाया जाता है.

इसमें कोई शक नहीं है कि भारतीय लोगों के लिए इस बार का वेलेंटाइन डे खास होने वाला है. हालांकि, यहां ये भी जानना जरूरी है कि भारत की तरह ही दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां गायों को बहुत प्यार और स्नेह किया जाता है. इन्हीं देशों में से एक नीदरलैंड्स (Netherlands) भी है. यहां के नागरिक गायों को खूब प्रेम करने के लिए जाने जाते हैं. नीदरलैंड्स से ही ये ट्रेंड निकला है जो अब कई देशों में फैसला जा रहा है.

डच से ही निकला ट्रेंड

डच भाषा में गाय को गले लगाने का मतलब है ‘कोए नफ़ेलेन’ (koe knuffelen). गायों को इससे काफी अच्छा महसूस होता है. जब इंसान गायों की पीठ को थपथपाते हैं तो वो उनके लिए काफी आरामदायक होता है. माना जाता है कि गाय पालना सकारात्मकता को बढ़ावा देता है और मनुष्यों में ऑक्सीटोसिन को बढ़ाकर तनाव को कम करता है.

स्विट्जरलैंड से अमेरिका तक गायों को हग करने का ट्रेंड

नीदरलैंड्स में गायों को लेकर ऐसा प्रेम पिछले 10 सालों में ज्यादा देखने को मिला है और अब ये लोगों को प्रकृति और देश के जीवन के करीब लाने के लिए एक व्यापक डच आंदोलन का हिस्सा है. आज, रॉटरडैम, स्विटज़रलैंड और यहां तक ​​कि अमेरिका में भी गायों को गले लगाने का ट्रेंड है.

‘गले लगाने से गाय अच्छा महसूस करती हैं’

पालने का अनुभव स्वयं मवेशियों के लिए भी सुखद हो सकता है. एप्लाइड एनिमल बिहेवियर साइंस जर्नल में 2007 के एक अध्ययन में कहा गया है कि जब गायों की गर्दन और ऊपरी पीठ के विशेष क्षेत्रों में मालिश की जाती है, तो वे गहरी छूट, खिंचाव और अपने कानों को वापस गिरने देती हैं.

AWBI के बाद ”गऊ भारत भारती ” की अपील वेलेंटाइन पर COW HUG DAY मनाएं

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AWBI के बाद ”गऊ भारत भारती ” की अपील वेलेंटाइन पर COW HUG DAY मनाएं

मुम्बई – COW HUG DAY: 14 फरवरी को लगाएँ गाय को गले, भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए AWBI ( एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया ) की पहल का स्वागत करते हुए ” गऊ भारत भारती ” के संपादक संजय अमान ने कहा है कि बोर्ड का यह एक शानदार कदम है सभी गौ से सम्बंधित संस्थाओ को इस का स्वागत करते हुए बड़े पैमाने पर गौशालाओं और सार्वजानिक स्थानों पर १४ फ़रवरी को COW HUG DAY कार्यक्रम का आयोजन कर लोगो को जोड़ना चाहिए खासकर युवा समाज को।

ज्ञात हो कि इस पश्चात् संस्कृति को 7 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक के दिन को वेलेंटाइन वीक के रूप में मनाया जा है। जिसका भारत में बड़ा विरोध होता है। यह भारत की संस्कृति नहीं है हिन्दू संगठनों का बड़े पैमाने पर इसके विरोध में कार्यवाही की जाती है।

संजय अमान का आगे कहना है कि बोर्ड ने COW HUG DAY: 14 फ़रवरी को मनाने के संकल्प से हमारा युवा समाज जो वेलेंटाइन जैसे इस बेहूदा प्रचलन को बढ़ावा दे रहा है उसे हम रोकने में सफल होंगे और हमारे भारतीय संस्कृति सनातन धर्म की मुख्य धुरी गौ माता से भटके युवाओं को राह दिखा सकते है।

इसी सन्दर्भ में ” गऊ भारत भारती ” के द्वारा १४ फ़रवरी को COW HUG DAY का एक कार्यक्रम वीले पार्ले सन्यास आश्रम में एक भव्य कार्यक्रम शाम को ४ बजे से करने जा रहा है।

वैसे भी गौ माता के गले लगने मात्र से ही मनुष्य की जीवन में परिवर्तन आने लगता है। विदेशो में गौ को गले लगाने के लिए लोग १०० डॉलर तक दे देते है तो क्यों न हम सभी १४ फ़रवरी को COW HUG DAY: मना कर एक नई परंपरा की शुरुआत करे।

टीवी सितारों को दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड्स से अखिलेश सिंह ने किया सम्मानित

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मुम्बई। पिछले दिनों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविज़न अवार्ड्स 2023 का सफलतापूर्वक आयोजन अखिलेश सिंह द्वारा अविस्मरणीय यादों और हर्षोल्लास के साथ ताज, सांताक्रुज में सम्पन्न हुआ।
बॉलीवुड के अलावा बिजनेस एवं सामाजिक कार्यों में सफल लोग पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने प्रयासों से लोगों को प्रेरित करते हैं। वे अपने उल्लेखनीय कार्यों से सम्मानित होते हैं। इन्हीं विशिष्ट लोगों को दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविज़न अवार्ड्स 2023 से सम्मानित किया गया।
अवार्ड समारोह में फिल्म, टीवी, वेबसिरिज में काम करने वाले अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने भाग लिया। जिसमें ‘कुंडली भाग्य’ से अनीशा हिंदुजा, ‘बिग बॉस 15’ से प्रतीक सहजपाल, ‘इश्क में मरजावां 2’ से चांदनी शर्मा, ‘उतरन पिया रंगबाज एवं जन्म जन्म का साथ’ से गौरव एस बजाज, डोनल बिष्ट (टीवी अभिनेत्री), ‘भाभी जी घर पर हैं’ से सलीम जैदी, ‘पुनर्विवाह, बड़े अच्छे लगते हैं, पूर्णिमा लुनावत’ से आदित्य देशमुख सहित कई अन्य सेलिब्रिटी इस ग्रैंड अवार्ड शो का हिस्सा थे।
अखिलेश सिंह ने मनोरंजन उद्योग में अथक परिश्रम करने वाले कलाकारों का आभार व्यक्त करने के लिए इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का आयोजन किया। ये उत्कृष्ट कलाकार अपनी यात्रा के दौरान किए गए प्रत्येक प्रयास के लिए ट्राफियां अर्जित करते हैं और मनोरंजन के साथ आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाते हैं। इस पुरस्कार कार्यक्रम के लिए सभी योजना और तैयारियां फिल्मोरा मीडिया नेटवर्क द्वारा अन्य महत्वपूर्ण ब्रांडों के सहयोग से की गई।
पिछले कुछ वर्षों से, दादा साहेब फाल्के इंडियन टेलीविज़न अवार्ड (DPITA) कलाकारों, निर्माताओं, निर्देशकों, युवा उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके प्रयासों को पहचानने और उनका जश्न मनाने और उन्हें उत्साह से भरने के लिए प्रदान किया जाता है ताकि भविष्य में वे दुनिया में बड़ी चीजें हासिल कर सकें।

– संतोष साहू

COW HUG DAY: 14 फरवरी को लगाएँ गाय को गले, भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए AWBI की पहल

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14 फरवरी को ‘काउ हग डे’ (COW HUG DAY) मनाने की अपील की गई है। अपील के मुताबिक ‘काउ हग डे’ का अर्थ है – गाय को गले लगाना। यह अपील केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (The Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying) ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) के साथ मिलकर की है। जानकारी के मुताबिक लोगों को अपने संस्कृति के प्रति जागरुक करने, भावनात्मक समृद्धि और खुशी के लिए ‘काउ हग डे’ मनाने का फैसला लिया गया है।

बोर्ड की तरफ से की गई अपील में लिखा है, “हम सब जानते हैं कि गाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। गाय हमारे जीवन को बनाए रखने के अलावा पशुधन और जैव विविधता का प्रतिनिधित्व भी करती है। माँ के समान पोषक प्रकृति और दूध देने के कारण गायों को कामधेनु और गौमाता के नाम से जाना जाता है। अपील में आगे लिखा है कि पश्चिमीकरण के कारण हमने अपनी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को भुला दिया है।” ज्ञात हो कि की बोर्ड के चेयरमैन ओपी चौधरी है जो कि भारतीय संस्कृति और गौ माता को बहुत मानते है।

 

 

Prayagraj: गौ संरक्षण के लिए गांव-गांव जाएंगे VHP स्वयंसेवक, नए योजना से लोगों को करेंगे जागरूक

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अमित सिंह

प्रयागराज. विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की ओर से गौ माता की रक्षा के लिए नए सिरे से कार्य योजना तैयार की गई है. इसके तहत वीएचपी के स्वयंसेवक गांव-गांव जाकर लोगों को गायों के संवर्धन के प्रति प्रेरित (जागरूक) करेंगे. माघ मेला शिविर में काशी प्रांत की बैठक में इसको लेकर चर्चा की गई, जहां केंद्रीय मंत्री गोरक्षा वासुदेव पटेल ने कहा कि हमें गौ माता की रक्षा के लिए गांव-गांव जाना पड़ेगा, और किसान भाइयों को यह बताना पड़ेगा कि हमारी परंपरा क्या है. गौ माता की रक्षा के लिए उनको पालकर हम पर्यावरण की रक्षा और आर्थिक समृद्धि की ओर जा सकते हैं.

क्षेत्रीय प्रमुख पूरन जी ने कहा कि आज देसी नस्ल की गाय का अस्तित्व संकट में है. क्रश कराकर उनकी नस्ल को नष्ट कर दिया गया है. आज यूरिया, डीएपी के प्रयोग से धरती बंजर होती जा रही है. कुछ दिनों के बाद उत्पादन बंद हो सकता है. पर्यावरण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इसको लेकर विश्व हिंदू परिषद ने तय किया है कि हम गांव-गांव जाकर किसानों के बीच गोष्ठी करेंगे और उन्हें गाय पालने के फायदे बताएंगे.

अभियान चलाकर गौ हत्या को रोकेंगे

उन्होंने बताया कि आज वीएचपी गौशाला के माध्यम से गौ माता की सुरक्षा एवं देखरेख की जा रही है. कैसी स्थिति आ गई है, जिसे हम मां मानते हों. जिस का पूजन करते हैं, उसे आज स्लॉटर हाउस में काटा जा रहा है. इसके लिए हमें अभियान चलाकर प्रयास करना होगा. आज गाय के दूध, गोबर, गौ मूत्र से अनेक उत्पाद और औषधियां बन रही हैं. पूरी दुनिया में इसे आश्चर्य के रूप में देखा जा रहा है और इस पर शोध किए जा रहे हैं. गाय की सींग से जैविक खाद बनाई जा रही है. अमृत संजीवनी, अमृत पानी, जीवामृत जिसको अनुसंधान केंद्रों में तैयार किया गया. इसके फायदे चमत्कारी भी हैं.

सुख और शांति के लिए जरूरी

क्षेत्र प्रमुख ने आगे कहा कि गाय हमारी समृद्धि के लिए आवश्यक है. इसलिए गायों को हमें कसाई से बचाना है. किसानों के घर-घर पूजन करवाना है. यह जागरण का कार्यक्रम संगठन की स्थापना से चल रहा है. संगठन के माध्यम से लाखों गायों की रक्षा की गई है और हमारी देसी नस्लों की परंपरा भी सुरक्षित की गई है.

कार्यक्रम के दौरान अनेक लोगों ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए. इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, प्रांत अध्यक्ष कवींद्र प्रताप सिंह, प्रांत गोरक्षा प्रमुख राम जी, जितेंद्र लवलेश, बजरंगी, महेश द्विवेदी विजय द्विवेदी आदि उपस्थित रहे.

PM Modi Speech: पौने दो घंटे के भाषण में PM मोदी ने कांग्रेस को जमकर धोया, करप्शन से लेकर कश्मीर तक पर घेरा

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PM Modi Parliament Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा का जवाब दिया. अपने भाषण के शुरू में पीएम मोदी ने कहा कि इस बार मैं धन्यवाद के साथ-साथ राष्ट्रपति जी का अभिनंदन भी करना चाहता हूं. गणतंत्र के मुखिया के रूप में उनकी उपस्थिति ऐतिहासिक तो है ही, देश की कोटि-कोटि बेटियों के लिए यह बहुत बड़ा प्रेरणा का अवसर भी है.

पीएम ने राहुल गांधी पर साधा निशाना 

पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनपर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा, यहां चर्चा में हर किसी ने अपने अपने आकड़ें और तर्क दिए… अपनी रूचि, प्रवृति और प्रकृति के अनुसार अपनी बातें रखी और जब इन बातों को समझने का प्रयास करते हैं तो यह भी ध्यान में आता है कि किसकी कितनी क्षमता, योग्यता और इरादा है. देश इन सभी का मूल्यांकन करता है.

पीएम मोदी ने कहा, मैं कल देख रहा था. कुछ लोगों के भाषण के बाद कुछ लोग खुशी से उछल रहे थे. वे कह रहे थे ये हुई ना बात. उन्हें अच्छी नींद भी आई होगी. आज समय से उठ भी नहीं पाए होंगे. उनके लिए कहा गया है कि ये कह के हम दिल को बहला रहे हैं, वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, जनजातीय समुदाय के प्रति नफरत भी दिखाई दी है और हमारे जनजातीय समाज के प्रति उनकी सोच क्या है, लेकिन जब इस प्रकार की बातें टीवी के सामने कही गईं तो भीतर पड़ा हुआ जो नफरत का भाव था, वो सच बाहर आ ही गया.

अपने भाषण में पीएम ने कहा, राष्ट्रपति जी का भाषण हो रहा था तो कुछ लोग कन्नी भी काट गए. एक बड़े नेता महामहिम राष्ट्रपति जी का अपमान भी कर चुके हैं. राष्ट्रपति जी ने अपने भाषण में कहा था, जो भारत अपनी अधिकांश समस्याओं के लिए दूसरों पर निर्भर था, वो आज दुनिया की समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहा है. पीएम ने कहा, जब राष्ट्रपति जी के भाषण पर चर्चा मैं सुन रहा था, तो मुझे लगा कि बहुत सी बातों को मौन रहकर स्वीकार किया गया है.
यानी, राष्ट्रपति जी के भाषण के प्रति किसी को ऐतराज नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा, राष्ट्रपति जी ने यह भी कहा था… देश की एक बड़ी आबादी ने जिन सुविधाओं के लिए दशकों तक इंतजार किया, वे इन वर्षों में उसे मिलीं.  देश सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की समस्याओं से मुक्ति चाहता था, वो मुक्ति उसे अब मिल रही है. उन्होंने कहा, सदन में हंसी-मजाक, टीका-टिप्पणी, नोंक-झोंक होती रहती है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आज राष्ट्र के रूप में गौरवपूर्ण अवसर हमारे सामने खड़े हैं. गौरव के क्षण हम जी रहे हैं.

पीएम मोदी का UPA पर बड़ा हमला

पीएम मोदी ने 2004 से 2014 तक की यूपीए सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, लगभग तीन दशकों तक भारत में राजनीतिक अस्थिरता रही.
आज हमारे पास एक स्थिर और निर्णायक सरकार है और एक स्थिर और निर्णायक सरकार में विश्वास हमेशा राष्ट्र हित में निर्णय लेने का साहस रखता है. उन्होंने कहा, CWG के टाइम भी ये घोटालों में फंसे रहे. इन्होंने मौके को मुसीबत में पलट दिया. उन 10 सालों में भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर इतनी कमजोर थी कि दुनिया सुनने को तैयार नहीं थी.  UPA की पहचान यह थी कि इन्होंने हर मौके को मुसीबत में पलट दिया. तकनीक के समय ये 2G घोटाले में फंसे रहे और सिविल न्यूक्लियर डील के समय ये ‘कैश फॉर वोट’ में फंसे रहे.

पीएम ने कहा, 2004 से 2014 आजादी के इतिहास में घोटाला का दशक रहा. दस साल भारत के हर कोने में आतंकवादी हमलों का सिलसिला चलता रहा।. हर नागरिक असुरक्षित था. 10 साल में कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक देश हिंसा का शिकार था. पीएम ने कहा, आतंकवाद पर सीना तान कर हमले करने का इनके पास सामर्थ नहीं था और 10 साल तक मेरे देश के लोगों का खून बहता रहा. 2014 से पहले के दशक को Lost Decade के नाम से जाना जाएगा और 2030 का दशक अब India Decade के नाम से जाना जाएगा. देश में हर स्तर, हर क्षेत्र में, हर सोच में आशा ही आशा नजर आ रही है. सपने और संकल्प लेकर चलने वाला देश है. लेकिन कुछ लोग ऐसे निराशा में डूबे हुए हैं कि क्या कहें….

काका हाथरसी ने कहा था-

आगा-पीछा देख कर, क्यों होते गमगीन
जैसी जिसकी भावना वैसा दिखे सीन…

प्रधानमंत्री ने कहा, आज UPA की पहचान यही है कि इन्होंने हर मौके को मुसीबत में पलट दिया. जब Tech और Information का युग तेजी से बढ़ रहा थो तो ये 2G में फंसे रहे. Civil Nuclear Deal की चर्चा थी तो ये Cash for Vote में फंसे रहे. 2010 में Commonwealth Games हुए. CWG घोटाले में पूरा देश बदनाम हो गया.

पीएम मोदी ने कहा कभी आर्थिक प्रगति की चर्चा हो.. तो यहां से निकल RBI को गाली.  9 साल में Constructive Criticism की जगह Compulsive Criticism ने ले ली है.  इन्होने 9 साल आलोचना करने की जगह आरोप में गंवा दिए.

पीएम ने कहा, चुनाव हार जाओ तो EVM को गाली, चुनाव आयोग को गाली… कोर्ट में फैसला पक्ष में नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट की आलोचना, भ्रष्टाचार की जांच हो रही हो तो जांच एजेंसियों को गाली, सेना अपना पराक्रम दिखाए तो सेना को गाली… सेना पर आरोप. उन्होंने कहा, हिंदुस्तान इस बात को हर पल याद रखेगा कि 2014 के पहले का दशक The Lost Decade के रूप में जाना जाएगा और इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि 2030 का दशक पूरे विश्व के लिए India’s Decade है.

तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं,
कमाल यह है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं…

बिना सिर-पैर की बातें करने के आदि होने के कारण इनको यह भी याद नहीं रहता कि पहले क्या कहा था. उन्होंने जो अहंकार में डूबे रहते हैं, उनको लगता है कि मोदी को गाली देकर ही हमारा रास्ता निकलेगा. गलत आरोप लगा कर ही आगे बढ़ पाएंगे. मोदी पर देश का यह भरोसा अखबार की सुर्ख़ियों और टीवी पर चमकते चेहरों से नहीं हुआ है.

पीएम मोदी के भाषण से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी, आप लोकतंत्र की आवाज़ को मिटा नहीं सकते. भारत के लोग आपसे सीधे सवाल कर रहे हैं. जवाब दीजिए.

संसद में विभिन्न मुद्दों पर तीन दिन तक चले गतिरोध के बाद मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चंद्र प्रकाश जोशी ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया था. इसके बाद मंगलवार को निम्न सदन में शुरू हुई चर्चा के दौरान कांगेस नेता राहुल गांधी, द्रमुक नेता कानिमोझी, तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा तथा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित विभिन्न दलों के नेताओं एवं सदस्यों ने अपना पक्ष रखा. लोकसभा में यह चर्चा 12 घंटे तक चलनी है.

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल का C20 एवं G20 में चयन

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मुम्बई। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल पिछले 50 वर्षों से आध्यात्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाला एक सशक्त एनजीओ है। वर्तमान में तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमणजी के आध्यात्मिक निर्देशन में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल प्रगतिशील है। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल देशव्यापी 60,000 महिला सदस्यों व 450 शाखाओं वाला NGO है। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल सजगता से प्रत्येक कार्य को निष्पत्तिजनक परिणाम तक पहुंचाने में सदैव प्रयत्नशील है। प्रत्येक कार्य को बुद्धिशीलता एवं गहन चिन्तन के बाद प्रस्तावित किया जाता है और देश भर में फैली शाखाओं द्वारा समर्पित भाव से उन कार्यों को अंजाम दिया जाता है।
दिनांक 29 जनवरी 2023 रविवार को तेरापंथ भवन गांधीनगर में आयोजित #LifeStyleforEnvironment समाज-शाला में भारत सरकार द्वारा मनोनीत ‘रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी’ द्वारा अधिकृत ‘सम्पूर्णा’ की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती शोभा विजेन्द्र गुप्ता (दिल्ली से समागत) द्वारा भारत सरकार के महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम सिविल-20 इंडिया 2023 – यू आर द लाइट और G20 भारत, वसुधैव कुटुम्बकम् वन अर्थ वन फैमिली वन फ्यूचर में चयनित होने की घोषणा करते हुए अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल को C20 का प्रतीक फ्लैग एवं लोगो प्रदान किया, जिसे अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की पूर्व महामंत्री श्रीमती वीणा बैद एवं परामर्शक श्रीमती लता जैन ने स्वीकार किया।
श्रीमती शोभा विजेन्द्र गुप्ता ने अपने वक्तव्य में कहा कि C20 और G20 में चयनित होना किसी भी संस्था के लिए अत्यन्त गौरव भरी उपलब्धि है एवं इस C20 द्वारा निर्धारित सामाजिक सरोकार के विभिन्न विषयों पर काम करने हेतु अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल पूर्णतः सक्षम एवं समर्पित संस्था है। भारत सरकार के अभियान में इस चयन से अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के कदमों में अधिक तीव्रता आएगी और और उसे और अधिक शक्तिशाली बनाएगा। इस विश्वास के साथ उन्होंने संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती नीलम सेठिया तथा राष्ट्रीय संयोजिका श्रीमती सुमन नाहटा (दिल्ली) को मंच से उत्साहपूर्ण बधाई प्रेषित की।
इस अवसर पर धारवाड़ से डायरेक्टर ऑफ वॉटर एंड लैंड मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट राजेन्द्र पोद्दार एवं दिल्ली से समागत मेम्बर – वर्ल्ड वॉटर कॉउंसिल ऑफ फ्रांस दीपक पर्वतियार ने प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित होकर समारोह की गरिमा बढ़ाई और अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उपस्थित जनमेदिनी को जल संरक्षण पर अपने महत्त्वपूर्ण विचारों से अवगत कराया।
#LifeStyleforEnvironment समाज-शाला हेतु देश भर के विशिष्ट जन एवं सम्पूर्ण देश की शाखा मंडल से बधाइयां प्राप्त हुई।
C20 के अन्तर्गत प्रस्तावित विषय जैसे जेंडर इक्वालिटी एंड डिसएबिलिटी, लाइफस्टाइल फॉर एन्वॉयरमेंट, ह्यमन राइट्स एस ह्यमन वैल्यूज, वसुधैव कुटुम्बकम जैसे गहन मुद्दों पर अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल सघन कार्य करेगा और देश भर की शाखाओं से जुड़ा प्रत्येक सदस्य इन कार्यों को अंजाम देने हेतु कटिबद्ध है।