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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गौ महोत्सव’ कार्यक्रम में भाग लिया

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चिन्यालीसौड / देहरादून –  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चोपड़ाधार कटखाण, चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी स्थित नागराज मंदिर में भगवान नागराज प्रकट दिवस के अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मेले ‘गौ महोत्सव’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने नागराज मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में कथावाचक स्वामी गोपाल मणि जी महाराज की कथा में सम्मिलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने नागराज मंदिर  में पैदल एवं सड़क मार्ग का निरीक्षण कर, मार्गाें को शीघ्र विकसित किए जाने की बात कही। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गोपाल मणि महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूज्य संत गोपाल मणि महाराज जी के प्रयासों से देश-विदेश में सनातन संस्कृति को संवारने एवं लोगों में गौ सेवा का भाव पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान नागराज जी की महिमा से हम सभी भली-भांति परिचित हैं और इसी कारण यहां देश-विदेश से श्रद्धालु शीश झुकाने आते है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में गाय को मां का दर्जा प्राप्त है। गाय हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। जो लोग गाय पालते हैं उनके पास धन संपदा की कोई कमी नहीं रहती। गौ रक्षा की बात करना हमारे लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के डेरी सेक्टर को मजबूत करना, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। प्रदेश सरकार गौ संरक्षण एवं डेरी विकास की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति तथा धार्मिक आयोजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिये जाने पर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड से जाकर विदेशों में बसे हमारे प्रतिभाशाली लोग भी अपनी लोक संस्कृति को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के सभी देव स्थानों, मंदिरों और पूजा स्थलों को विकसित करने और उनका नियमित रख रखाव करने के लिए प्रतिबद्ध है। देवभूमि के प्रसिद्ध मंदिरों के साथ-साथ स्थानीय पूजा स्थलों और पौराणिक स्थलों को भी तीर्थाटन और पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तराखंड को देश और दुनिया की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी बनाने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार, उत्तराखंड के गांवों और युवाओं को जितना हो सके उतना सशक्त बनाए जाने पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सुदूर गांवों तक सभी प्रकार की सुविधाएं पहुंचे। देवभूमि के सभी गांव 21वीं सदी के गांव बने। प्रदेश में सैकड़ो दिव्य स्थल एवं पौराणिक धरोहरों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है। जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होने कहा राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से उत्तराखंड राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर संत गोपाल मणि जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का चौमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नागराज मंदिर में आने से इस क्षेत्र के लोगों में खुशी के साथ क्षेत्र के विकास की उम्मीद जगी है।
इस दौरान विधायक सुरेश चौहान, विधायक संजय डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

गऊपुत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 51 वर्ष के हो गए – इंटरनेट मीडिया पर बधाइयों का तांता लगा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 51 वर्ष के हो गए। गोरखपुर सहित पूरे देश में उनके चाहने वाले सीएम का जन्मदिन मना रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर बधाइयों का तांता लगा है। हालांकि योगी आदित्यनाथ नाथ परंपरा के अनुपालन में अपना जन्मदिन नहीं मनाते। आज यानी सोमवार की सुबह रुद्राभिषेक के साथ सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में दिन की शुरुआत की। आइए आज मुख्यमंत्री योगी के जन्मदिन के अवसर पर उनके संन्यासी से राजधर्म तक की यात्रा के बारे में जानते हैं…

5 जून सन 1972 को योगी जी का जन्म पौड़ी गढ़वाल के पंचुर गांव उत्तराखंड में हुआ था। योगी जी का असली नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट है, उनकी दीक्षा के बाद उन्हें योगी आदित्यनाथ नाम दिया गया। यह एक क्षत्रिय परिवार से है, उनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट है जो एक वन रेंजर थे इनकी माता का नाम सावित्री देवी है। वर्ष 2020 में नई दिल्ली एम्स में उनके पिता की पुरानी बीमारी के चलते मृत्यु हो गयी। अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद ये पांचवें थे एवं इनसे और दो छोटे भाई हैं। योगी आदित्यनाथ जी एक ब्रह्मचारी है उन्होंने शादी ना करने का फैसला लिया था .

वर्ष 1977 में टिहरी के गजा स्थानीय स्कूल से इन्होने अपनी पढाई शुरू की और वर्ष 1987 में यहाँ से योगी जी ने दसवीं की कक्षा पास की। सन 1989 में ऋषिकेश के श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से योगी जी के द्वारा बारहवीं कक्षा पास की गयी। इसी के साथ ग्रेजुएशन की पढाई करते हुए यह 1990 में अखिल भारतीय परिषद से जुड़े। इसी के साथ हेमवंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से इन्होने वर्ष 1992 में गणित में बीएससी की परीक्षा पास की। पढाई करने के दौरान कोटद्वार में रहने से इनके कमरे से सामान चोरी हो गया था जिसमें इनके सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी चोरी हो गए ,इस कारण वह गोरखपुर से विज्ञान पोस्ट ग्रेजुएशन करने में असफल रहे।

इसके बाद विज्ञान स्नातकोत्तर हेतु उनके द्वारा ऋषिकेश में प्रवेश लिया गया तो राम मंदिर आंदोलन के चलते उनका ध्यान बंट गया। एमएससी की पढ़ाई के दौरान गुरु गोरखनाथ पर शोध करने ये 1993 में गोरखपुर आये थे। इसी दौरान वह गोरखपुर में अपने चाचा महंत अवैधनाथ के शरण में ही चले गए और इनके द्वारा दीक्षा ले ली गयी। जिसके बाद यह पूर्ण रूप से 1994 में संन्यासी बन गए। जिसके बाद इनको अजय मोहन सिंह बिष्ट के नाम से नहीं बल्कि योगी आदित्यनाथ के नाम से जाना जाता है।

इसके बाद वर्ष 2014 ,12 सितंबर को योगी जी महंत अवध नाथ जी के निधन के बाद इन्हे गोरखनाथ मंदिर का महंत बनाया गया। इसी के साथ 2 दिन के बाद नाथ पारंपरिक अनुष्ठान के अनुसार योगी जी को मंदिर का पीठाधीश्वर बनाया गया।

बखूबी निभा रहे गोरक्षपीठाधीश्वर की भूमिका

गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी के तौर पर योगी ने पीठ की लोक कल्याण और सामाजिक समरसता के ध्येय को विस्तारित किया ही, महंत अवेद्यनाथ के ब्रह्मलीन होने के बाद जब 14 सितंबर 2014 को गोरक्षपीठाधीश्वर बने तो यह पूरी तरह से उनके कंधे पर आ गई, जिसे वह बखूबी निभा रहे हैं। इसी भूमिका के तहत ही वह अखिल भारतीय बारह वेश पंथ योगी सभा के अध्यक्ष भी हैं।

मात्र 26 की उम्र में लोकसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य बने योगी

मात्र 22 साल की उम्र में अपने परिवार का त्याग कर पूरे समाज को परिवार बना लेने वाले योगी आदित्यनाथ ने लोक कल्याण को ध्येय बनाने के क्रम में ही अध्यात्म के साथ-साथ राजनीति में भी कदम रखा और मात्र 26 की उम्र में लोकसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य बन गए। फिर तो राजनीति में उनके कदम जो बढ़े, वह बढ़ते ही गए। गोरखपुर की जनता ने योगी को लगातार पांच बार अपना सांसद चुना। अभी यह सिलसिला चल ही रहा था कि उनकी राजनीतिक क्षमता को देखते हुए 2017 में भाजपा नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व सौंप दिया।

योगी ने सबसे बड़े राज्य के दोबारा मुख्यमंत्री बनने का रचा इतिहास

मुख्यमंत्री के रूप में योगी ने प्रदेश को जो उपलब्धि दिलाई, वह सर्वविदित है। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर जनता ने उनके नेतृत्व पर मुहर भी लगा दी। संसदीय चुनावों में अजेय रहे योगी आदित्यनाथ पहली बार विधानसभा चुनाव लड़े और एक लाख से अधिक मतों से जीतकर अपनी अपराजेय लोकप्रियता को फिर से प्रमाणित कर दिया। यही वजह है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री की शपथ दिलाया। उन्होंने आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य के दोबारा मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रचा।

नोएडा जाने का मिथक तोड़ा

योगी आदित्यनाथ प्रदेश के अबतक के इकलौते मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने प्रदेश के हर जिले का कई बार दौरा करने के साथ नोएडा जाने के मिथक को भी तोड़ा है। पहले मुख्यमंत्री इस मिथक के भय से नोएडा नहीं जाते थे कि वहां जाने से कुर्सी चली जाती है। योगी ने आधा दर्जन से अधिक बार नोएडा की यात्रा कर यह साबित किया है कि एक संत का ध्येय सिर्फ सत्ता बचाए रखना नहीं, बल्कि लोक कल्याण होता है।

बिहार में लड़की ने अपनी मर्जी से कर ली शादी, बाइक पर दिनदहाड़े टांग ले गए घर वाले

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अररियाजिले के बथनाहा ओपी क्षेत्र के एक गांव में शनिवार (3 जून) को अजीबो-गरीब मामला देखने को मिला. प्रेम विवाह (Love Marriage) से नाराज लड़की के घर वालों को पता चला तो उन्होंने बाइक पर ही उसको उठाया और लेकर फरार हो गए. इसका वीडियो अब जाकर सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहा है जिसके बाद मामला सामने आया. वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि किसी फिल्म की शूटिंग हो रही है.

मामले को लेकर अगवा किए गए युवती के ससुर ने ऑनर किलिंग के तहत बेटे और बहू की हत्या करने की आशंका व्यक्त करते हुए बथनाहा ओपी में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई. इसके बाद फारबिसगंज एसडीपीओ खुश्रु सिराज और बथनाहा ओपी अध्यक्ष नंदकिशोर नंदन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती को बरामद किया. इससे पहले प्रेम के दुश्मनों ने लड़के के पिता के साथ बुरी तरह मारपीट करते हुए उनका बायां हाथ तोड़ दिया था. इस मामले में भी बथनाहा ओपी में पीड़ित की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी.

योगी राज में गौ माता के नाम तीन लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया पशु चिकित्सा अधिकारी

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यूपी में नेताओं और अफ़सरों के लिए नोट छापने की मशीन बन गई हैं गऊ माता! ललितपुर में प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी सुरेश कुमार पांडे का तीन लाख रुपये रिश्वत लेते हुए वीडियो सामने आया है।

ललितपुर जिले में कुल 27 गौशाला हैं। उन गौशालाओ में कुल जानवर 29401 हैं जिसमें 30 रुपये प्रतिदिन एक जानवर पर भूसा, चुनी आदि पर खर्च होता है। कुल गोवंश के सापेक्ष आठ लाख बयासी हजार तीस रुपये खर्च किये जाते हैं।

भूसा चुनी आदि आपूर्ति के लिए टेंडर निकाले जाते हैं जिसमें जिला पशु चिकित्सा अधिकारी सुरेश पांडे ने टेंडर के नाम पर एक ठेकेदार से अपने ऑफिस में तीन लाख की रिश्वत ली।

जिले में बड़ी मात्रा में पशुओं के भोजन के पैसे का बंदरबाट हो रहा है। कुछ दिन पहले प्रभारी जिला पशु चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट में पशु गणना की रिपोर्ट में अलग-अलग पशु संख्या कई आशंकाओं को जन्म देती है। भूसा और अन्य सामग्री की सप्लाई में बड़ा खेल होता है।

देखें वीडियो-

यदि भैंसों और बैलों का वध किया जा सकता है तो गायों का क्यों नहीं ? – कर्नाटक के पशुपालन मंत्री टी. वेंकटेश

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मैसूर, आईएएनएस। कर्नाटक के पशुपालन मंत्री टी. वेंकटेश ने शनिवार को विवादित बयान दिया। जिसके बाद से सियासी पारा गरमा गया है। उन्होंने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि यदि भैंसों और बैलों का वध किया जा सकता है तो गायों का क्यों नहीं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श के बाद वध रोकथाम और मवेशी संरक्षण अधिनियम को वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा, जो किसानों के लिए काफी हितकर होगा।

वेंकटेश ने क्या कहा?

वेंकटेश ने कहा कि उन्होंने अपने निवास पर तीन से चार गायों का पालन-पोषण किया। लेकिन, जब इनमें से एक गाय की मृत्यु हो गई तो उसके अंतिम संस्कार के लिए मुझे बहुत संघर्ष करना पड़ा। उसे उठाने के लिए लगभग 25 लोग आए, लेकिन फिर भी उसे नहीं उठा सके। बाद में एक जेसीबी की मदद से उठाया जा सका। उन्होंने कहा कि राज्य में गोशालाओं के प्रबंधन के लिए धन की कमी है।

भाजपा समर्थकों ने परिणाम भुगतने की दी चेतावनी

इस बीच, भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस के मंत्री द्वारा दिए गए इस बयान की निंदा की है। उन्होंने गोहत्या पर कानून वापस लेने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। पिछली भाजपा सरकार ने गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने और अपराधियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला विधेयक पारित किया था। यदि यह विधेयक वापस ले लिया जाता है तो कर्नाटक में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा लाया गया गोवध कानून भी समाप्त हो जाएगा। इसके बाद गायों की हत्या अपराध नहीं रह जाएगा।

हिंदुओं का अपमान करने का लगा आरोप

भाजपा ने मंत्री के द्वारा विवादित बयान देने पर आरोप लगाया कि उन्होंने हिंदुओं का अपमान किया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस सरकार एक वर्ग को खुश करने के लिए इस तरह की घोषणाएं कर रही है। इससे पहले बजरंग दल पर बैन लगाने की घोषणा पर बवाल मचा था।

बीजेपी ने 2021 में लागू किया गया था अधिनियम

दरअसल, कर्नाटक में जब बीजेपी की सरकार थी तो उन्होंने मवेशी वध रोकथाम व संरक्षण अधिनियम को 2021 में लागू किया था। ये अधिनियम साफ तौर पर मवेशियों के वध पर प्रतिबंध लगाता है। वहीं, बीमार और 13 साल के ज्यादा उम्र की भैंसो का वध करने की अनुमति दी गई है। उस दौरान राज्य में विपक्ष में रही कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया था। तो वहीं, अब कांग्रेस नेता द्वारा दिए गए इस बयान से बवाल मच गया है।

60 फीट गहरे कुएं में गिरी गौ माता; रस्सियों के सहारे निकाला बाहर

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक गौ माता का रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। ये अनोखा रेस्क्यू ऑपरेशन ही था क्योंकि गौ माता दो दिन से एक कुएं में तड़प रही थी। अंत में फायर ब्रिगेड, पशु चिकित्सालय 1962 एंबुलेंस की पूरी टीम, पुलिस, नगर पालिका कर्मियों की मदद से गौ माता को बाहर निकाला गया।
वैसे खुले हुए कुएं जानलेवा बन रहे हैं। इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए ये आत्मघाती साबित हो रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 11 राजकीय कॉलोनी मॉडल टाउन मोहल्ले में 60 फीट गहरे कुएं में अचानक एक गाय गिर गई। इतने गहरे कुएं में गिरने की वजह से वह घायल भी थी। गौ माता 2 दिन से तड़प रही थीं।
60 फीट गहरे कुएं में गिरी गौ माता का हुआ रेस्क्यू
जानकारी मिलते ही सभासद सरदार परमजीत सिंह, समाजसेवी पूर्व सभासद पूनम तिवारी, ने तत्काल फायर ब्रिगेड, पशु चिकित्सालय 1962 एंबुलेंस की पूरी टीम, पुलिस, नगर पालिका कर्मियों सूचना दी। इन सभी के सहयोग से शनिवार गौ माता को 60 फीट गहरे कुएं से बड़े कठिन प्रयत्न के बाद बाहर निकाला जा सका।
गौ माता के दर्शन करने वालों की लगा तांता
मौत के कुएं से बाहर निकलने के बाद गौ माता ने राहत की सांस ली। गौ माता के दर्शन करने वालों का तांता लग गया। पशु प्रेमी सभासद समाजसेवी पूर्व सभासद पूनम तिवारी व सरदार परमजीत सिंह, सभासद पुष्पा यादव, रानी सिंह, आकाश के प्रयासों की सराहना हो रही है। लोगों ने उन्हें गौ माता की जान बचाने के लिए धन्यवाद भी कहा। बाद में खुले कुएं में लोहे का जाल रखा गया जिससे कोई जनहानि ना हो सके। कहते हैं कि न कि जिसको राखे साइयां मार सके ना कोय।
जानलेवा हैं खुले कुएं
गौरतलब है कि गांवों में अभी भी कुएं एक मुख्य जलस्त्रोत हैं। कुओं में अब पानी तो नहीं होता, लेकिन अनदेखी की वजह से ये कुएं जानलेवा बनते जा रहे हैं। सूखे हुए कुएं को ढका नहीं जाता, जिसकी वजह से इसमें बच्चों और जानवरों के गिरने का डर रहता है।

Odisha Train Accident: तीन ट्रेनों की टक्कर में पलटी 17 बोगियां, 288 यात्रियों की मौत, 803 घायल

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नई दिल्ली: ओडिशा (Odisha) के बालासोर (Balasore) जिले में शुक्रवार शाम को हुए एक दर्दनाक रेल हादसे में अब तक 288 से लोगों की मौत की खबर आ चुकी है. वहीं 803 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. दरअसल कोरोमंडल एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसके बाद यह दूसरी लाइन पर सामने से आ रही एक अन्य ट्रेन से टकरा गई. जिस वजह से ये दर्दनाक हादसा हुआ. ओडिशा रेल हादसे (Odisha Train Accident) की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. साउथ ईस्टर्न जोन के कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (CRS) ए एम चौधरी इस बड़ी ट्रेन दुर्घटना की जांच करेंगे.

पीएम मोदी ने किया घटनास्थल का दौरा

पीएम मोदी ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया.पीएम मोदी ने इस दौरान घटनास्थल पर चल रहे राहत-बचाव कार्य का भी जायजा लिया. इसके बाद पीएम कटक के उस अस्पताल भी गए जहां ज्यादातर घायलों का इलाज चल रहा है. पीएम मोदी ने अस्पताल में घायलों से बात भी की. साथ ही घायलों के इलाज में लगे डॉक्टरों से भी बात की.

पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने किया घटनास्थल का दौरा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटनास्थल का दौरा किया. रेल मंत्री के सामने ममता बनर्जी ने कहा कि इस हादसे की गहनता से जांच हो. बंगाल सीएम ने राज्य के प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹ 5 लाख की वित्तीय सहायता की घोषणा की. पश्चिम बंगाल सरकार ने ओडिशा में 110 एम्बुलेंस और 40 डॉक्टर भेजे हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेगी.

बालासोर दुर्घटना : दोनो ट्रेनों में करीब 3500 के आसपास यात्री यात्रा कर रहे थे

कोरोमंडल एक्सप्रेस का सीट कंपोजिशन : 1256 + 500 ( जनरल बोगी) = 1756

स्लीपर ( 5 कोच) = 80x 5
थर्ड एसी ( 9 कोच) = 72x 9
सेकंड एसी ( 2 कोच) = 52x 2
फर्स्ट एसी ( 1 कोच) = 24 x 1
जनरल बोगी ( 2 कोच) = 250x 2

विशेस्वर्रैया हावड़ा एक्सप्रेस : 1244 + 500 ( जनरल बोगी) = 1744

स्लीपर ( 7 कोच) = 80x 7
थर्ड एसी ( 8 कोच) = 72x 8
सेकंड एसी ( 2 कोच) = 52x 2
जनरल बोगी ( 2 कोच) = 250x 2

रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी

रेल हादसे में घायलों को इलाज के लिए गोपालपुर, कांतापाडा, बालासोर, भद्रक और सोरो के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जानकारी के मुताबिक अभी भी राहत एवं बचाव कार्य जारी है. पटरी से उतरे डिब्बों में कई लोग फंस गए और स्थानीय लोग उन्हें बचाने के लिए आपातकालीन सेवा कर्मियों की मदद कर रहे थे, लेकिन अंधेरा होने की वजह से अभियान में दिक्कतें आईं. मुख्य सचिव प्रदीप जेना के मुताबिक 7 NDRF, 5 ODRAF और 24 फायर सर्विस यूनिट, स्थानीय पुलिस, वालिंटियर खोज और बचाव में खूब मशक्कत कर रहे हैं.

हाई लेवल कमेटी करेगी हादसे की जांच

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि घायलों के उपचार की कोशिश जारी है. साथ ही कहा कि इस भयानक हादसे की जांच हाई लेवल कमेटी करेगी और CRS भी इंडिपेंडेंट जांच करेंगे. किस कारण से ये हादसा हुआ, ये पता लगाया जाएगा. फिलहाल फोकस अभी रेस्क्यू पर है. हादसा कैसे हुआ, इस बारे में तो इंक्वायरी के बाद पता चलेगा.

कई ट्रेनों पर पड़ा रेल हादसे का असर

करीब इस रूट से गुजरने वाली 92 और दूसरी ट्रेनों पर रेल हादसे का असर पड़ा है. नतीजतन 43 ट्रेन रद्द की कर दी गई. वहीं 38 ट्रेनों का रुट डायवर्जन कर दिया गया. जबकि 9 ट्रेन टर्मिनेशन की गई है. इसके अलावा एक ट्रेन रिशिड्यूल की गई.

रद्द की गई ट्रेन


मुआवजे का ऐलान

इसी के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा की ट्रेन दुर्घटना को लेकर मुआवजे की घोषणा की है. वैष्णव ने ट्वीट किया है – ओडिशा में हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण ट्रेन हादसे में मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 10 लाख रुपये, गंभीर घायलों को दो लाख रुपये और मामूली घायलों को 50,000 रुपये की मदद दी जाएगी. साथ ही पीएम मोदी ने मृतक के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000-50,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया.

ओडिशा सीएम ने राजकीय शोक की घोषणा की

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ट्रेन हादसे के बाद राज्य दिवस समारोह रद्द करते हुए एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. ट्रेन हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज ओडिशा का दौरा कर सकती हैं. रेलवे के खड़गपुर डिवीजन के डीआरएम के अनुसार, रेल हादसा होने के बाद कम से कम 13 ट्रेनें या तो डायवर्ट की गई हैं या फिर रद्द कर दी गई हैं.

मुंबई-गोवा वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन समारोह रद्द

ओडिशा में रेल हादसा होने पर शनिवार की सुबह होने वाला मुंबई-गोवा वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन समारोह रद्द कर दिया गया है. इस ट्रेन को पीएम मोदी हरी झंडी दिखाने वाले थे. समारोह सुबह साढ़े दस बजे होना था.

बीएमसी की टीम भी मदद करने में जुटी

बीएमसी की टीम भी लोगों की मदद करने में जुटी है. भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के यात्री जो होटल / लॉज का खर्च नहीं उठा सकते, उन्हें बीएमसी के एसयूएच में आश्रय दिया जा रहा है.

लोगों की जिंदगी बचाने में जुटे स्थानीय लोग, ब्लड डोनेट करने के लिए लगी लंबी लाइन

इस ट्रेन हादसे का शिकार हुए कई लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है. ऐसे में स्थानीय लोग ब्लड डोनेट करने के लिए पहुंच चुके हैं. नतीजतन ब्लड डोनेट करने वालों की लंबी कतार लग गई है.

परिवारों को सौंपे जा रहे हैं मृतकों के शव

ओडिशा मुख्य सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि शिनाख्त किए गए शवों को या तो उनके परिजनों को सौंप दिया जा रहा है. अज्ञात लोगों के लिए वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा:

दुर्घटना के मद्देनजर ओडिशा सरकार और रेलवे ने हेल्पलाइन की शुरुआत की है.

रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं-
Help line numbers – 033 26382217, 8972073925, 9332392339, 8249591559, 7978418322, 9903370746,044- 25330952, 044-25330953, 044-25354771

Sankalp Hariyali Gau Sewa Samiti: संकल्प हरियाली गौ सेवा समिति गौ सेवा अपार उत्साह एवं श्रद्धा से कर रहे गौ सेवा

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Sankalp Hariyali Gau Sewa Samiti: संकल्प हरियाली गौ सेवा समिति गौ सेवा अपार उत्साह एवं श्रद्धा से कर रहे गौ सेवा

पावटा, क्षेत्र में इन दिनों लोगों में गौ सेवा के लिए अपार उत्साह एवं श्रद्धा देखने को मिल रही है। संकल्प हरियाली गौ सेवा समिति के तत्वाधान में प्रतिदिन सवेरे जल्दी उठकर बडी संख्या में क्षेत्र के युवा आसपास की गौशालाओं में गौ सेवा करने के लिए निकलते हैं। क्षेत्र के लोगों के सहयोग से गौ सेवा के कार्य में लगे रहते हैं। संकल्प हरियाली समिति संयोजक नीरज सैन ने जानकारी देते हुए बताया कि गौ माताओं की सेवा के लिए मैक्स संजीवनी हाॅस्पिटल निदेशक डाॅ. सुरेन्द्र यादव, महावीर यादव, एडवोकेट विजय यादव, जीतू यादव, बालूराम राठी, रामकरण राठी, महेन्द्र यादव सहित समिति सदस्यों ने गौ माताओं की सेवा के लिए एक- एक हरे चारे की पिकअप समिति को भेट की है! जिसे समिति के सदस्य प्रतिदिन सवेरे क्षेत्र की अलग- अलग गौशालाओं एवं खुले में विचरण कर रही गौ माताओं की सेवा में भेजा जायेगा! सैन ने बताया कि समिति के लोगों से प्रेरित होकर बडी संख्या में क्षेत्रवासी सहयोग के लिए समिति के सम्पर्क में आ रहे हैं।

इस दौरान समिति के संरक्षक राम यादव,संकल्प हरियाली समिति के संयोजक नीरज सैन, संकल्प गौसेवा समिति के संयोजक सुभाष यादव, पंकज जिंदल, डॉ सुरेन्द्र यादव,भानू सैन,रामकरण राठी, लोकेश टांक, हरी जी यादव,महावीर यादव,सोनू कुमावत, मनीष सैन, रुबी यादव,राजा राव, उमेश अग्रवाल, शुशील योगी,भीम राठी, प्रकाश यादव कुनेड़, रामावतार राठी, दीपक यादव ककराना, बलवीर जी यादव मंढ़ा सहित मंढ़ा एवं कारोली क्षेत्र के गौभक्त भी सुबह पांच बजे अपने अपने वाहनों से आकर इस गौसेवा जैसे पुनीत कार्य में सहयोग प्रदान कर रहे एवं गौमाताओं की सेवा में दिन रात लगें हुए हैं।

वास्तु और ज्योतिष में भी है गाय का ऊंचा स्थान, जानें गौ पूजन की महिमा और अचूक उपाय

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वास्तु और ज्योतिष में भी है गाय का ऊंचा स्थान, जानें गौ पूजन की महिमा और अचूक उपाय

प्राचीन काल से ही भारत में गोधन को मुख्य धन मानते आए हैं और हर प्रकार से गौरक्षा, गौसेवा एवं गौपालन पर ज़ोर दिया जाता रहा है। हमारे हिन्दू शास्त्रों, वेदों में गौरक्षा, गौ महिमा, गौ पालन आदि के प्रसंग भी अधिकाधिक मिलते हैं। रामायण, महाभारत, भगवद् गीता में भी गाय का किसी न किसी रूप में उल्लेख मिलता है। गाय, भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है। गौ पृथ्वी का प्रतीक है। गौमाता में सभी देवी-देवता विद्यमान रहते हैं। सभी वेद भी गौमाता में प्रतिष्ठित हैं।
शुभता और सेहत का वरदान हैं गाय से जुड़ी ये चीजें

गाय से प्राप्त सभी घटकों में जैसे दूध, घी, गोबर अथवा गौमूत्र में सभी देवताओं के तत्व संग्रहित रहते हैं। आपने देखा होगा कि किसी भी धार्मिक कार्य में गाय के गोबर से स्थान को पवित्र किया जाता है एवं गाय के गोबर से बने उपलों से हवनकुंड की अग्नि जलाई जाती है। आज भी गांवों में महिलाएं सुबह उठकर गाय के गोबर से घर के मुख्य द्वार को लीपती हैं। माना जाता है कि इसमें लक्ष्मी का निवास होता है। प्राचीन काल में मिट्टी और गाय का गोबर शरीर पर मलकर साधु-संत भी स्नान किया करते थे।

गौमूत्र में गंगा जी का वास बताया गया है, तभी तो आयुर्वेद में चिकित्सा के लिए गौमूत्र पीने की सलाह दी जाती है। सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु के साथ-साथ वरुण, वायु आदि देवताओं को यज्ञ में दी हुई प्रत्येक आहुति गाय के घी से देने की परंपरा है। जिससे सूर्य की किरणों को विशेष ऊर्जा मिलती है। यही विशेष ऊर्जा वर्षा का कारण बनती है और वर्षा से ही अन्न, पेड़-पौधों आदि को जीवन प्राप्त होता है। वैतरणी पार करने के लिए गौ दान की प्रथा आज भी हमारे देश में मौजूद है। श्राद्ध कर्म में भी गाय के दूध की खीर का प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसी खीर से पितरों को तृप्ति मिलती है। पितर, देवता, मनुष्य सभी को शारीरिक बल गाय के दूध और घी से ही मिलता है।

गौमूत्र में गंगा जी का वास बताया गया है, तभी तो आयुर्वेद में चिकित्सा के लिए गौमूत्र पीने की सलाह दी जाती है। सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु के साथ-साथ वरुण, वायु आदि देवताओं को यज्ञ में दी हुई प्रत्येक आहुति गाय के घी से देने की परंपरा है। जिससे सूर्य की किरणों को विशेष ऊर्जा मिलती है। यही विशेष ऊर्जा वर्षा का कारण बनती है और वर्षा से ही अन्न, पेड़-पौधों आदि को जीवन प्राप्त होता है। वैतरणी पार करने के लिए गौ दान की प्रथा आज भी हमारे देश में मौजूद है। श्राद्ध कर्म में भी गाय के दूध की खीर का प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसी खीर से पितरों को तृप्ति मिलती है। पितर, देवता, मनुष्य सभी को शारीरिक बल गाय के दूध और घी से ही मिलता है।

— प्रसिद्ध वास्तु ग्रन्थ समरांगण सूत्र के अनुसार, भवन निर्माण का शुभारंभ करने से पूर्व उस भूमि पर ऐसी गाय को लेकर बांधना चाहिए, जो सवत्सा यानि कि बछड़े वाली हो। नवजात बछड़े को गाय जब गाय दुलारकर चाटती है, तो उसका फैन भूमि पर गिरकर उसे पवित्र बनाता है और वहां के समस्त दोषों का निवारण स्वतः ही हो जाता है।

— महाभारत के अनुशासन पर्व में कहा गया है कि गाय जहां बैठकर निर्भयतापूर्वक सांस लेती है। वह उस स्थान के सारे पापों को मिटा देती है।

— अत्रि संहिता ने तो यह भी कहा है कि जिस घर में सवत्सा धेनु नहीं हो, उसका मंगल-मांगल्य कैसे होगा? गाय का घर में पालन करना बहुत लाभकारी है। जिन घरों में गाय की सेवा होती है, ऐसे घरों में सर्व बाधाओं और विघ्नों का निवारण हो जाता है। विष्णु पुराण के अनुसार जब श्री कृष्ण पूतना के दुग्धपान से डर गए तो नन्द दम्पति ने गाय की पूंछ घुमाकर उनकी नज़र उतारी और भय का निवारण किया।

— कूर्म पुराण में कहा गया है कि कभी गाय को लांघकर नहीं जाना चाहिए। किसी भी साक्षात्कार, उच्च अधिकारी से भेंट आदि के लिए जाते समय गाय के रंभाने की ध्वनि कान में पड़ना शुभ होता है।

टीवरी ग्रामपंचायत , राजावाली , की सड़को को खड्डा मुक़्त करवाएंगे आगरी सेना के महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष कैलाश हरी पाटिल

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टीवरी ग्रामपंचायत , राजावाली , की सड़को को खड्डा मुक़्त करवाएंगे आगरी सेना के महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष कैलाश हरी पाटिल
पालघर – विरार: वसई विरार महानगरपालिका के अनतर्गत आने वाला उपनगर वसई ,नायगांव और आस पास के क्षेत्रों में नई इमारतों के निर्माण कार्य में बड़ी तेजी के साथ विकास हुआ है लोग मुंबई से बड़ी संख्या में यहाँ रहने के लिए आ रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यहाँ सस्ते घर उनकी बजट में मिल रहे है मगर घर तो बन रहे है है मगर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत बड़ी खराब है।
वसई के अंतर्गत राजावाली , टीवरी ग्रामपंचायत , भोईदापाड़ा की सड़के इतनी ख़राब है कि गाड़ियों का चलना बड़ी मुश्किल से हो रहा है। जगह – जगह बड़े – बड़े खड्डे है। जून का महीना शुरू हो चूका है , मानसून का समय है , यैसे में इस पुरे क्षेत्र में भारी जलभराव होता है।
केंद्र सरकार का सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय हर वर्ष ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं’ रिपोर्ट के जरिए गड्ढों के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं का डेटा भी उपलब्ध कराता है। रिपोर्ट के अनुसार गड्ढों के चलते 2019 में 4,775 और 2020 में 3,564 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन सड़क दुर्घटनाओं में 2019 में 2,140 और 2020 में 1,471 मौतें हुईं।
इस विषय में जब आगरी सेना के महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष कैलाश हरी पाटिल से बात किया और ख़राब रोड और सड़को की जानकारी दी तो उन्होंने हमारे प्रतिनिधि को भरोसा दिलाया की जल्द ही मैं और मेरी पार्टी इस विषय पर ध्यान देते हुए सड़को की मरम्मत का काम पालिका के इंजिनियर को बोल कर करवाएंगे। आगरी सेना के नेता कैलाश हरी पाटिल पहले से जान सेवा के काम करते आ रहे है।
स्थानीय लोगो का भी यही कहना है कि मानसून से पहले सड़को की मरम्मत बहुत जरुरी है। नहीं तो पूरा क्षेत्र पानी से डूब जायेगा।
ज्ञात हो कि वसई , नायगाव , में कंट्रक्शन का काम बहुत हो रहा है जिस वजह से बड़े बड़े टैंकर और डम्फर का भारी मात्रा में आना जाना लगा रहता है। सड़को में खड्डे की वजह से छोटी गाड़ियों , बाईक सवार को जान का खतरा बना रहता।
खैर आगरी सेना के महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष कैलाश हरी पाटिल ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही वो सड़क और खड्डों की मरम्मत करवा देंगे।
ज्ञात हो कि आगरी सेना अपने राजनैतिक , सामाजिक कार्यों के लिए हमेशा से आगे रहती है। पार्टी के महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष कैलाश हरी पाटिल अभी हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से प्रोटोकॉल तोड़ कर मिले और स्थानीय जनता की समस्याओं से अवगत करवाया।
ये हाल है वसई विरार महानगरपालिका के अंतर्गत राजावाली ,टीवरी ग्रामपंचायत भोईदापाड़ा की सड़को का। जगह जगह बड़ेबड़े खड्डे है। लोगो की जान की सुरक्षा के लिए कृपया आप इस पर ध्यान दे। सड़क में खड्डो के कारण बहुत से बाईक सवार मारे जाते है। @nitin_gadkari @mieknathshinde @Dev_Fadnavis pic.twitter.com/eTrsAFAY5K