Home Blog Page 181

गौ हत्या कर मांस बेचने वाले पिता पुत्र समेत छह आरोपित गिरफ्तार

0
रायगढ़- धरमजयगढ थाना क्षेत्र अंतर्गत नेवारगांव मे गुरुवार की रात गौ हत्या कर मांस बेचने वाले लोगो को ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस धर दबोचा हैं।
धरमजयगढ़ के पोरिया नेवारगांव धुर आदिवासी क्षेत्र है। इस गांव के कुछ लोग गौ हत्या कर उसके मांस की बिक्री कर रहे थे। इसकी भनक ग्रामीणों को लगने पर उन्होंने मौके पर दबिश दी। इस पर आरोपित मौके से फरार हो गए। गौ हत्या कर मांस बिक्री की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। इस पर तत्परता दिखाते हुए धरमजयगढ़ पुलिस ने मामले में संलिप्त लोगों की धरपकड़ शुरू की। पुलिस ने मामले में अजीत तिर्की पिता भोदरो एम तिर्की (44 ), परश्याम टोपणो पिता ड्रगू राम (50), रंजित तिग्गा पिता जगलो तिग्गी ( 45), चेतन पन्ना पिता जंगेलो पन्ना (26), निकोलम पिता अजित तिर्की (25), दिलाएम टोप्पो पिता डूगू राम टोप्पो (55) पोरिया धरमजयगढ़ गिरफ्तार किया है।

ग्वालियर में गौ हत्या की ग्लानि व डर से फांसी पर झूला बुजुर्ग

0
ग्वालियर (नन्यू)। भितरवार थाना क्षेत्र के जतरथी गांव में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग ने गाय के बछड़े को डंडा मार दिया। बछड़े की मौत के बाद ग्रामीणों ने शुद्धिकरण, गंगा स्नान की बात कही। गो हत्या की ग्लानि और डर से घबराकर उसने खेतों पर लगे नीम के पेड़ से लटककर फांसी लगा ली।
जानकारी के अनुसार डबरा ब्लॉक एवं भितरवार पुलिस थाना क्षेत्र के गांव जतरथी निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग भूप सिंह गुर्जर पुत्र राम प्रसाद गुर्जर ने गुरुवार को गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित खेत में नीम के पेड़ पर गमछे का फंदा बनाकर फासी लगा ली। बताया जाता है कि बुजुर्ग के हाथों से गलती से गाय के बछड़े को डंडा लग गया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
लोगों ने बुजुर्ग से कहा कि अब शुद्धिकरण और गंगा स्नान करना पड़ेगा नहीं तो गौ हत्या का पाप सिर लग जाएगा। गलती से बछड़े की हत्या का पाप और शुद्धिकरण की बात से वह घबरा गया था। जब सांझ ढलने तक बुजुर्ग रोजाना की तरह घर नहीं पहुंचा तो स्वजन तलाश में निकले तो वह फांसी के फंदे पर झूलता हुआ मिला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

 

एक जागरूक सिनेमा दर्शकों के बीच हाजिर ‘आखिर पलायन कब तक’

0

रेटिंग – 3 स्टार

निर्देशक मुकुल विक्रम की फिल्म ‘आखिर पलायन कब तक’ एक संवेदनशील और ज्वलनशील मुद्दे पर बनी फिल्म है।
उत्तराखंड पर आधारित यह फिल्म लगती तो वहां की पलायनवाद पर है जैसा कि वहां के स्थानीय लोग दिल्ली, मुंबई के अलावा विदेशों में बस गए हैं। लेकिन फिल्म देखने के बाद पता चलता है कि यह फिल्म दो धर्मों के बीच की लड़ाई है जहां कट्टरपंथी लोग भले लोगों का जीना हराम कर देते हैं। फिल्म की कहानी मुस्लिम बाहुल्य इलाके पर रहने वाले हिन्दुओं पर हो रहे प्रताड़ना को दर्शाती है। फिल्म की कथा में वास्तविकता की छाप है। एक विशेष धर्म के लोगों का अन्य धर्म के लोगों के प्रति किये गए कटु व्यवहार का वर्णन है। और भारत में पारित मुस्लिम वफ्फ बोर्ड की नीतियों के दुरुपयोग का भी जिक्र है।
फिल्म की शुरुआत में ही निर्देशक ने सस्पेन्स और थ्रिल डालने की कोशिश की है फिल्म को देखने पर लगता है कि यह शायद कोई मर्डर मिस्ट्री कहानी है। लेकिन जैसे ही कहानी आगे बढ़ती है कहानी का मूल मुद्दा ज्ञात हो जाता है। इंस्पेक्टर सूरज शर्मा और उसकी टीम हवलदार अकरम और राजेश नेगी को खबर मिलती है कि उन्हें एक सिर कटी लाश मिली है। पुलिस पूरे छानबीन में जुट जाती है और उन्हें मालूम होता है कि पास में ही रहने वाले दुकानदार सुनील बिष्ट का पूरा परिवार लापता है। पुलिस की छानबीन जारी रहती है तभी एक और लाश मिलने की खबर आती है। यह मंदिर का पुजारी था किंतु वह केवल मूर्छित था लोग उसे मृत समझ रहे थे। पुजारी के होश में आने के बाद इंस्पेक्टर सूरज को एक विशेष धर्म द्वारा फैलाये षडयंत्र के बारे में परत दर परत जानकारियां मिलती है इसी इलाके का रसूकदार और बड़े ओहदे वाला बदरुद्दीन कुरैशी कहीं ना कहीं इस घटना के पीछे मजबूत ढाल बनकर खड़ा है। और साथ ही यहीं से एक परिवार के गुम होने की सच्चाई ज्ञात होती है। इन सभी घटना में पत्रकार मुकेश यादव भी अपना पूर्ण सहयोग देता है। क्या वाकई इंस्पेक्टर सूरज सच्चाई तक पहुँच पाता है? क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिला और आखिर वह सिर कटी लाश किसकी थी ? इन रहस्य भरे प्रश्नों का उत्तर फिल्म देखकर ज्ञात होगा।
फिल्म की कहानी बेहद उम्दा और मार्मिक है जो सत्य घटना पर आधारित भी है।
फिल्म में केवल एक ही बैकग्राउंड गीत है जो फिल्म में पात्रों की मार्मिकता को बीच बीच में दर्शाते रहता है। फिल्म की पटकथा मजबूत है लेकिन निर्देशन कहानी को रोचक बनाने में चूक गए। द कश्मीर फाइल्स फिल्म की तरह यह भी सत्य घटनाओं से प्रेरित है लेकिन उस फिल्म वाली संवेदना की कमी इस फिल्म में साफ दिखाई पड़ती है।
फिल्म में राजेश शर्मा, भूषण पटियाल, गौरव शर्मा, चितरंजन गिरी, धीरेंद्र द्विवेदी और सोहनी कुमारी ने अभिनय किया है।
कई बड़ी फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों का दिल जीतने वाले अनुभवी अभिनेता राजेश शर्मा ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति से सबका ध्यान आकर्षित किया है। अन्य कलाकारों ने भी अपने अभिनय कौशल का ठीक ठाक प्रदर्शन किया है।
मनोरंजन की चाह रखने वाले दर्शकों को इस फिल्म से निराशा होगी लेकिन वे सोचने पर मजबूर हो सकते हैं।

– संतोष साहू

अनुपम खेर ने जारी किया “द यूपी फाइल्स” का पहला लुक

0
मुंबई (अनिल बेदाग): निर्माता ओस्तवाल फिल्म्स ने 14 फरवरी, 2024 को अपनी आगामी फिल्म “द यूपी फाइल्स” के टीज़र और पोस्टर जारी करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम की मेजबानी की। इस शाम के सम्मानित मुख्य अतिथि पद्म भूषण पुरस्कार विजेता श्री अनुपम खेर थे।
नीरज सहाय के निर्देशन और कुलदीप उमराव सिंह ओस्तवाल द्वारा निर्मित, “द यूपी फाइल्स” एक सिनेमाई उत्कृष्ट कृति होने का वादा करती है, जो अपनी अनूठी कथा और सम्मोहक कहानी के साथ दर्शकों को लुभाती है।
यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ क्योंकि अभिनेता अनुपम खेर ने “द यूपी फाइल्स” की दुनिया की एक झलक प्रदान करने वाले टीज़र और पोस्टर सहित पहली नज़र सामग्री का अनावरण किया। ओस्तवाल फिल्म्स और मशहूर अभिनेता के बीच सहयोग इस आशाजनक सिनेमाई उद्यम के लिए प्रत्याशा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है।
निर्माता कुलदीप उमराव सिंह ओस्तवाल ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “‘द यूपी फाइल्स’ के निर्माण की यात्रा चुनौतीपूर्ण और फायदेमंद दोनों रही है। हम कहानी कहने की शक्ति में विश्वास करते हैं, और इस फिल्म के साथ, हमारा लक्ष्य एक व्यापक फिल्म बनाना है। वह अनुभव जो हमारे दर्शकों के दिलों में बसता है। श्री अनुपम खेर की उपस्थिति हमारे प्रोजेक्ट को ऊंचा उठाती है, और हम इस सिनेमाई यात्रा को दुनिया के साथ साझा करने के लिए उत्साहित हैं।”
निर्देशक नीरज सहाय ने “द यूपी फाइल्स” के बारे में अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “यह फिल्म प्यार का परिश्रम है, एक सम्मोहक कथा को सामने लाने के समर्पित प्रयासों की परिणति है जो दर्शकों को पसंद आती है। हम हमारे मुख्य अतिथि के रूप में, श्री अनुपम खेर जी को पा कर रोमांचित हैं। उनकी अपार प्रतिभा और करिश्मा को हमारे प्रोजेक्ट से जोड़ना सौभाग्यशाली है।”
इस अवसर पर बोलते हुए अभिनेता मनोज जोशी ने कहा, “एक राज्य के रूप में यूपी में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं और फिल्में हमारे देश के लोगों की कहानियों को साझा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”
मंजरी फडनीस, अवतार गिल, अली असगर, शाहनवाज खान, मिलिंद गुणाजी सुहैल लोन – लाइन प्रोड्यूसर, गौतम राय – प्रोडक्शन हेड सहित अन्य मूवी के कलाकार और क्रू ने पोस्टर और ट्रेलर लॉन्च में सहभाग लिया।

राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘लाहौर 1947’ में अभिमन्यु सिंह निभाएंगे विलेन का किरदार

0

फिल्म में सनी देओल की है मुख्य भूमिका

राजकुमार संतोषी की अगली फिल्म ‘लाहौर 1947’ को लेकर हर दिन एक नई अपडेट सामने आ रही है। इस फिल्म में जहां सनी देओल मुख्य किरदार निभाते नजर आएंगे, वहीं राजकुमार संतोषी, आमिर खान और सनी की तिकड़ी को ये पहली बार साथ लेकर आई है। अब इस फिल्म में विलेन के किरदार के लिए एक्टर अभिमन्यु सिंह फाइनल किए जा चुके हैं।
इस पर बात करते हुए फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा हैं कि आमतौर पर, जब भी हम किसी खलनायक के किरदार के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले कुछ नाम अमरीश जी और डैनी जी आते हैं, लेकिन हमें आगे देखना होगा और देखना होगा कि कौन आगे की कमान संभालता है। दिलचस्प बात यह है कि हमने अभिमन्यु सिंह को शामिल किया है जो लाहौर 1947 में खलनायक के रूप में एक मजबूत और मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। उनकी इंटेंसिटी, उनकी आवाज और उनका दृढ़ विश्वास वास्तव में बेजोड़ है। वह यकीनन हमारी इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक हैं।
अभिमन्यु सिंह मुख्य रूप से हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषा की फिल्मों में काम करते हैं। उनके पास लक्ष्य, ढोल, वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा!, गोलियों की रासलीला राम-लीला, बच्चन पांडे, किसी का भाई किसी की जान जैसी कई अन्य फिल्मों में काम करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने हमेशा अपनी भूमिकाओं से दर्शकों को प्रभावित किया है और अब लाहौर 1947 में उन्हें विलेन के रूप में देखना यकीनन शानदार अनुभव होगा।
जहां तक ‘लाहौर 1947’ की बात करें तो इस फिल्म को आमिर खान अपने प्रोडक्शन बैनर तले प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि कुशल निर्देशक राजकुमार संतोषी इस प्रोजेक्ट को डायरेक्ट करने जा रहे हैं। इस फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा लीड एक्टर्स के रूप में दिखाई देंगे।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास पथ पर बढ़ता मध्यप्रदेश

0
मध्यप्रदेश की नवगठित सरकार ने अपने 2 माह के कार्यकाल में प्रदेश के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास पर विशेष जोर दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सांस्कृतिक अभ्युदय के संकल्प की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार मजबूती से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व सनातन परंपरा के गौरव को संरक्षित करने और सहेजने की पहल करते हुए अभूतपूर्व निर्णय ले रहे हैं। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास से न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक भाव का जागरण हो रहा है, बल्कि दुनिया भी भारतीय संस्कृति और मूल्यों से परिचित हो रही है। पर्यटन के विकास से रोजगार के अवसर पहले से अधिक बढ़ेंगे साथ ही प्रदेश भी धार्मिक एवं आर्थिक रूप से समृद्ध एवं खुशहाल होगा। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा थीम आधारित पर्यटक सर्किट के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना भी शुरू की गई, जिसमें कुल 76 परियोजनाओं को मंजूरी मिली। प्रदेश के लिए यह खुशी की बात है कि इस परियोजना में ग्वालियर और चित्रकूट जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल हैं।
पर्यटन विकास के लिए ब्याज मुक्त ऋण देगी केन्द्र सरकार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत में पर्यटन की अपार संभावनाओं का जिक्र अक्सर करते हैं। देश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत पर्यटन को समग्रता प्रदान करती है। केन्द्र सरकार की प्राथमिकता देश में पर्यटन के विकास और इस क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने की है। हाल ही में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि ‘आध्यात्मिक पर्यटन समेत सभी तरह के पर्यटन में स्थानीय उद्यमियों के लिए व्यापक संभावनाएं नजर आ रही हैं। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यह अंदाजा लग गया  है कि देश में आध्यात्मिक पर्यटन में काफी संभावनाएं हैं। हाल ही में जैफरी रिपोर्ट में कहा गया था कि अयोध्या में राम मंदिर प्रतिवर्ष 5 करोड़ आध्यात्मिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय को इस अंतरिम बजट में 2,449.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार लक्षद्वीप समेत देश के द्वीपीय क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई विकास परियोजनाएं शुरू करेगी।  इन विकास परियोजनाओं के शुरू करने से रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि विशिष्ट पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन पर्यटन स्थलों के विकास और इनकी विश्व स्तर पर ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए उन्हें लंबी अवधि के लिए ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा। सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता के आधार पर पर्यटन केंद्रों के लिए रेटिंग ढांचा स्थापित किया जाएगा।
अयोध्या की तर्ज पर चित्रकूट का विकास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी प्रदेश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विकास पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने चित्रकूट को अयोध्या के तर्ज पर विकसित किए जाने की घोषणा की है साथ ही चित्रकूट सहित राम वन पथ गमन मार्ग के सभी प्रमुख स्थलों को विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य करने की बात भी कही। इसके लिये पूरी कार्य योजना बनाकर उसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा। इसमें अधोसंरचना विकास के कार्यों के साथ-साथ धार्मिक चेतना, आध्यात्मिक विकास और राम कथा से जुड़े आयामों को भी शामिल किया जायेगा।
सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बनेगा राम वन पथ गमन मार्ग
प्रदेश सरकार के निर्णयानुसार 1450 किलो मीटर की दूरी वाला राम वन पथ गमन मार्ग प्रदेश में सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से अद्भूत धार्मिक केंद्र होगा। राम वन पथ गमन मार्ग के विकास से आस-पास के क्षेत्रों का भी विकास होगा और नागरिकों के लिए पर्यटन के साथ ही रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। राम वन पथ गमन के लिए तैयार की गई कार्य योजना के अनुसार 1450 किलोमीटर की दूरी में 23 प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जिनमें सतना, पन्ना, कटनी, अमरकंटक, शहडोल, उमरिया आदि जिले भी शामिल हैं,मंदिरों के कायाकल्प से इन जिलों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट में भगवान कामतानाथ के परिक्रमा पथ का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की बात कही।  इसके साथ ही उन्होंने जिला पर्यटन संवर्धन परिषद को सक्रिय कर चित्रकूट में पर्यटन गतिविधियां को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
पर्यटन विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक होगा विक्रमोत्सव-2024
मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठा रही है।  प्रदेश सरकार पर्यटन विकास के माध्यम से रोजगार की संभावनाओं पर भी बल दे रही है। इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश के प्राचीन आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र एवं राजा विक्रमादित्य की ऐतिहासिक नगरी उज्जैन में आगामी महाशिवरात्रि पर्व से गुड़ी पड़वा पर्व तक विक्रमोत्सव-2024 एवं विशाल व्यापार मेले के आयोजन का निर्णय लिया है। उज्जैन को व्यवसाय, पर्यटन एवं विकास की राह में आगे बढ़ाने के उद्देशय के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर उज्जैन में मनाए जाने वाले गौरव दिवस के पूर्व 40 दिनों तक भव्यता के साथ विभिन्न सांस्कृतिक, व्यापरिक एवं औद्योगिक आयोजन किये जायेंगे। जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को उज्जैयनी विक्रम व्यापार मेले के अवसर पर किया जाएगा तथा समापन 9 अप्रैल 2024 को शिवज्योति अर्पण कार्यक्रम के साथ होगा। मोदी जी की सांस्कृतिक अभ्युदय की गारंटी को पूरा करने में जुटे मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के प्रयासों से एक तरफ जहां प्रदेश के विकास को गति मिल रही है तो वहीं धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि का भी नव सूर्योदय हो रहा है।(विभूति फीचर्स)

गौ सेवा करने के साथ ही कमाई भी करना चाह रहे हैं – करना होगा ये काम

0

अगर आप भी गौ सेवा करने के साथ ही कमाई भी करना चाह रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. दरअसल, यूपी सरकार द्वारा निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं उनके भरण -पोषण के लिए सहभागिता योजना शुरू की गई है. जिससे जुड़कर आप घर बैठे अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा. इस योजना के अंतर्गत सरकार आपको आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी.

गोवंश के संरक्षण एवं उनके भरण पोषण के लिए चलाई जा रही सहभागिता योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति किसी भी गौशाला से गोवंश लेकर उनका भरण पोषण करें. उसके एवज में सरकार गौ-वंश का संरक्षण करने वाले व्यक्ति को 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से उपलब्ध कराएगी यानी कि महीने में एक पशु पर 1500 रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी. आप भी इस योजना से जुड़कर निशुल्क गाय लेकर गौ सेवा भी कर सकते हैं और पैसे भी कमा सकते हैं.

करना होगा ये काम

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत वर्मा(एमवीएससी वेटनरी) के मुताबिक इस योजना के तहत एक व्यक्ति अधिकतम चार गोवंश ले सकता है. प्रति गोवंश 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से उसे मिलेंगे यानी की चार गोवंश पर आप घर बैठे 6 हजार रुपए प्रति माह की कमाई करने के साथ ही गौ-सेवा भी कर सकते हैं. सहभागिता योजना के तहत गोवंश लेने के लिए आपको अपने निकटतम पशु चिकिसालय में सहभागिता योजना के फार्म भर जमा करने के साथ ही एक शपथ पत्र भी देना होगा. उसके बाद आप गोवंश ले सकते हैं.

घर बैठे कर सकते हैं कमाई

रायबरेली के पशु चिकित्सालय शिवगढ़ के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से जुड़कर आप गौ-सेवा करने के साथ ही घर बैठे कमाई भी कर सकते हैं जो भी व्यक्ति गौ सेवा करके कमाई भी करना चाह रहे हैं वह इस योजना से जुड़कर इसका लाभ ले सकते हैं. लाभार्थी को प्रतिदिन 50 रुपए यानी कि महीने का 1500 रुपए मिलेगा. साथ ही एक व्यक्ति अधिकतम चार गोवंश ले सकता है जिससे उसे 6000 हजार रुपए प्रति माह मिल सकेंगे.

Cow Smuggling in Chhattisgarh- सदन में गूंजा गायों की तस्करी का मुद्दा

0
Cow Smuggling in Chhattisgarh : रायपुर शहर में बड़े पैमाने पर मवेशी तस्करी शुरू हो गई है। बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रही एक कंटेनर को ग्रामीणों ने पकड़ा। कंटेनर में 100 से ज्यादा गायों और गोवंश को रखा गया था। इनमें 13 गाय मृत मिलीं। इसकी शिकायत पर आमानाका पुलिस ने अज्ञात मवेशी तस्करों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक बिलासपुर से रायपुर की ओर आ रही रात 11.30 बजे एक कंटेनर में मवेशी होने की सूचना पर कुछ गोसेवक उसे रुकवाने लगे। कंटेनर चालक ने गाड़ी नहीं रोकी, तो गोसेवक उसके पीछे लग गए। कंटेनर टाटीबंध बायपास होते हुए हीरापुर के पास पहुंची, तो लोगों ने पकड़ा। इस दौरान कंटेनर में सवार तस्कर उतरकर भाग निकले।
सदन में गूंजा गायों की तस्करी का मुद्दा 

Cow Smuggling: विधानसभा में बुधवार को विपक्ष के विधायकों ने गायों की तस्करी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। सरकार को घेरते हुए विधायकों ने गो-तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वो राजधानी से कंटेनर में गाय की तस्करी कर रहे हैं। 13 गायों की मौत हो गई है। इसमें सरकार का वक्तव्य आना चाहिए। इसे लेकर विपक्ष के विधायकों ने जमकर नारेबाजी भी की। विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण समाप्त होने के बाद विपक्ष के विधायक विक्रम मंडावी और रामकुमार यादव ने इस मुद्दे को उठाया। यह छत्तीसगढ़ की पहली घटना है।

100 गायों को कंटेनर में बंद कर ले जाया जा रहा था। विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा, यह गो-माता का विषय है। आखिर तस्करों के पास इतनी शक्ति कैसे आ गई है। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा, गंभीर विषय पर आप लोगों ने ध्यान आकर्षित कराया है। सरकार के ध्यान में बात आ गई है।

गौ तस्करी करने वाले वाहन को जप्त कर 48 गौवंश को मुक्त कराया गया

0
BHOPAL NEWS : थाना अयोध्यानगर पुलिस ने गौ तस्करी करने वाले वाहन को जप्त कर 48 गौवंश को मुक्त कराया है, भोपाल की थाना अयोध्यानगर पुलिस द्वारा गौ तस्करी में प्रयुक्त वाहन को भी जप्त किया गया है। वाहन से मिले गोवंश को गौ शाला मे शिफ्ट कराया गया। बताया जा रहा है कि रात्रि गस्त के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहन एवं व्यक्तियों की चैकिंग के दौरान रात्रि करीब 03.20 बजे गौ वंश की तस्करी करने वाले वाहन को गौवंश के साथ पकड़ा।
इस तरह पकड़े गए तस्कर 
थाना अयोध्यानगर भोपाल पुलिस द्वारा रात्रि गस्त के दौरान वाहन चैकिंग करते समय रत्नागिरी तरफ से वाहन क्र. – RJ 17 GB 0991 सफेद रंग के संदिग्ध होने पर रोका गया, जो चालक द्वारा वाहन को न रोकते हुये तेजी से वाहन को लेकर भानपुर की तरफ भागा जिसे स्टाफ की मदद से पीछा किया तो वीरा ढाबा के पास वाहन खडा कर चालक एवं वाहन मे बैठा साथी वाहन से कूदकर भाग गये जिन्हे पकडने का प्रयास किया गया लेकिन वाहन चालक एवं उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गये, वाहन को तिरपाल खोलकर चैक किया गया तो वाहन में असुरक्षित तरीके से ठूसकर दो रैक में करीब 48 मवेशी रस्सियों से एक दूसरे से बंधे हुये थे मवेशियों का जीवन संकटापन्न एवं कष्ट पहुंचाते हुये परिवहन किया जा रहा था  वाहन चालक के विरूद्ध पशु क्रुरता निवारण अधिनियम का मामला पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना मे लिया गया है।
गौशाला लाया गया बरामद गौवंश 
वाहन को मौके से मय मवेशियों के जप्त कर मवेशियों को हरिप्रिया गौशाला एवं महामृत्युजय गौशाला में सुरक्षित रखवाया जाकर मेडीकल परीक्षण कराया गया। वाहन क्र. – RJ 17 GB 0991 सफेद रंग के ट्रक (कीमत 30 लाख ) को मय 48 मवेशियों के जप्त कर मवेशियों को हरिप्रिया गौशाला एवं महामृत्युजय गौशाला में सुरक्षित रखवाया जाकर मेडीकल परीक्षण कराया गया ।

माँ की भावनात्मक पुकार को सामने लाया ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ का टीज़र

0

 

मुंबई(अनिल बेदाग )द केरल स्टोरी’ के निर्माताओं द्वारा प्रस्तुत, विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ ने अपने पहले पोस्टर और टीज़र के साथ दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया। फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का उत्साह देखने मिल रहा है, जहाँ नेटिजन्स फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अब, उत्साह को और बढ़ाने और दर्शकों को बस्तर की दुनिया में ले जाने के लिए, निर्माताओं ने दूसरा टीज़र जारी किया है। एक हार्ड-हिटिंग एग्रेसिव प्रोमो के बाद, निर्माताओं ने दूसरे टीज़र में एक माँ की भावनात्मक पुकार को सामने लाया है।

‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ का नया टीज़र आ गया है, जिसमें एक माँ की आवाज सुनाई देती है जो नक्सलियों से अपने परिवार के लिए बदला लेना चाहती है। इसमें दिखता है कि माँ कितनी दुखी है और उसे अपने परिवार के खोने का कितना दर्द है। डरावने म्यूजिक और हार्ड हिटिंग डायलॉग्स दिलों को छू लेते हैं। यही वह चीज है जो दर्शकों को बड़े पर्दे पर इस असल कहानी को देखने के लिए उत्साहित कर रहा है।

टीज़र बताता है कि ‘द केरल स्टोरी’ के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह, निर्देशक सुदीप्तो सेन और अभिनेत्री अदा शर्मा एक और दिलचस्प, बहादुर और सच्ची कहानी को लाइव करने के लिए तैयार हैं।

यह सिर्फ एक झलक है, लेकिन पूरी फिल्म और उन सभी घटनाओं को देखने के लिए हम सभी बहुत उत्सुक हैं, जिन्हें विपुल अमृतलाल शाह और सुदीप्तो सेन हमें फिल्म में प्रस्तुत करने जा रहे हैं।

विपुल अमृतलाल शाह की सनशाइन पिक्चर्स द्वारा निर्मित और आशिन ए शाह द्वारा सह-निर्मित, ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित है और इसमें अदा शर्मा मुख्य भूमिका में होंगी। यह फिल्म 15 मार्च 2024 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।