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एलपीजी सिलेंडर का सुरक्षा मानक

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एलपीजी सिलेंडरों का निर्माण भारतीय मानकों (आईएस) 3196 (भाग-I) 2006 के अनुसार किया जाता है। नए सिलेंडरों के प्रत्येक बैच को भेजने से पहले आईएस 3196 भाग-I के खंड 3.7 में दी गई नमूना योजना के अनुसार भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा परीक्षण किया जाता है। बीआईएस प्रमाणपत्र के आधार पर, गैस सिलेंडर नियम (जीसीआर), 2016 के अनुसार एलपीजी भरने के लिए सिलेंडर के उपयोग को मुख्य विस्फोटक नियंत्रक (सीसीओई), नागपुर या उनके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा मंजूरी प्रदान की जाती है।
गैस सिलेंडर नियम 2016 के अंतर्गत, प्रत्येक सिलेंडर को आगे की सेवा के लिए उसके फिटनेस की जांच के लिए फिर से परीक्षण करने की आवश्यकता होती है। सिलेंडर के निर्माण की तारीख से पुन: परीक्षण की आवधि 10 वर्ष है और बाद में हर पांच वर्ष बाद किया जाता है। इसलिए पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार एलपीजी सिलेंडरों की सुरक्षा के लिए आवधिक रूप से जांच की जाती है। सिलेंडरों का वैधानिक परीक्षण आईएस 16054 के अनुसार किया जाता है।
वैधानिक परीक्षण के लिए आए सिलेंडरों को एलपीजी फिलिंग प्लांट में अलग किया जाता है और उपयोग में लाने से पहले इसका परीक्षण किया जाता है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की दुर्घटनाएं विभिन्न कारणों से होती हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ सिलिंडरों से गैस की चोरी, घरेलू से गैर-घरेलू सिलेंडर में एलपीजी का स्थानांतरण, गैर-अनुमोदित/अमानक उपकरणों का उपयोग, उपभोक्ता के परिसर में अनुचित हैंडलिंग, समय-समय पर नली पाइप को नहीं बदलना, जिससे इसमें टूट-फूट हो जाते हैं, ओ-रिंग्स की विफलता, एलपीजी नली से रिसाव, स्टोव से रिसाव, अन्य कारकों से आग लगने के कारण उत्पन्न अत्यधिक गर्मी के कारण एलपीजी सिलेंडर का फटना आदि।
तेल विपणन कंपनियां (ओएमसीज) तेल उद्योगों के लिए सार्वजनिक देयता नीति के अंतर्गत व्यापक बीमा पॉलिसी लेती हैं, जिसमें ओएमसीज के साथ पंजीकृत सभी एलपीजी उपभोक्तों को कवर प्राप्त होता हैं। ओएमसीज द्वारा ली गई सार्वजनिक देयता बीमा पॉलिसी में उन दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को शामिल किया जाता है जहां एलपीजी आग लगने का प्राथमिक कारण होता है।
वर्तमान में, पॉलिसी निम्नलिखित प्रदान करती है:
  1. मृत्यु के मामले में प्रति व्यक्ति को 6,00,000/- रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर।
  2. प्रति व्यक्ति अधिकतम 2,00,000/- रुपये के साथ प्रति घटना के लिए 30 लाख रुपये के चिकित्सा व्यय को कवर किया जाता है।
  3. संपत्ति की क्षति के मामले में, यह अधिकृत ग्राहक के पंजीकृत परिसर में प्रति घटना अधिकतम 2,00,000/- रुपये का कवर प्रदान करता है।
उपभोक्ता के परिसर से जुड़ी किसी भी दुर्घटना के मामले में, ग्राहक को संबंधित ओएमसी वितरक को सूचित करना होगा। वितरक से सूचना प्राप्त होने के बादद ओएमसी का कार्यालय बीमा कंपनी को सूचित करता है। संबंधित बीमा कंपनी बीमा पॉलिसियों के प्रावधानों के अनुसार दावे के निपटान के संबंध में आगे निर्णय लेती है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को एकीकृत चयन दिशा-निर्देश, 2016 के अनुसार नियुक्ति किया जाता है और यह ओएमसी और वितरक के बीच हस्ताक्षरित डिस्ट्रीब्यूटरशिप समझौते द्वारा शासित होता है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप का संचालन विपणन अनुशासनिक दिशा-निर्देशों के अंतर्गत निर्धारित विनियमों के अनुसार किया जाता है और अनियमितताओं की प्रकृति के आधार पर दंड लगाया जाता है।
यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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