हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर अंधेरी (पश्चिम) मुम्बई स्थित एन.के.एफ.सी प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय मौर्य हाउस में ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘मल्टीप्लेक्स प्ले’ का उद्घाटन संगीतकार दिलीप सेन और एडवोकेट शैलेश दूबे ने संयुक्त रूप से नारियल तोड़कर व फीता काटकर किया। इस अवसर पर संगीतकार दिलीप सेन नेमल्टीप्लेक्स प्ले एप्प भी जारी किया।इस कार्यक्रम में कंपनी के सीएमडी रेहान अली, निर्देशक अमोल द्विवेदी एवं कंपनी के प्रोग्रामिंग हेड अविनाश जाधव, उदय मोहित, दीपांकर अधिकारी, वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन से सेक्रेटरीदिलीप दलवी, अभिनेत्री नयन पवार, सुनिता कांबले, निर्देशक हरेंद्र हॅरी, एस पी मिलिंद, प्रतिक यादव, एडवोकेट अजय पोल, बालासाहेब गोरे, कोरील राजेश कुमार, अभिषेक खन्ना (कामेडियन)और कंपनी के क्रिएटिव डायरेक्टर महादेव सालोखे आदि उपस्थित थे।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की सूची में एन.के.एफ.सी प्रा.लि. शामिल है इसलिए इस कंपनी के द्वारा संचालित ‘मल्टीप्लेक्स प्ले’ ओटीटी प्लेटफॉर्म से जुड़े निवेशकों व निर्माताओं का आर्थिक व्यवहार सुरक्षित होने का दावा कंपनी के सी.एम.डी. रेहान अली करते हैं। इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी भोजपुरी, मराठी इंग्लिश सहित 15 भाषाओं के कंटेंट्स का समावेश होगा। यह ओटीटी प्लेटफॉर्म उच्च तकनिकी संसाधनों से सुसज्जित होने के कारण इस पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रम अन्य ओटीटी के मुकाबले अच्छी गुणवत्ता के साथ दिखाई देंगे।प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय
पवित्र भूमि कुरूक्षेत्र हरियाणा में संत रवि दास जी धर्म शाला मे आयोजित विश्व महा पीठ की ओर से आयोजित हरियाणा कुरुक्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल और हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारु दत्तात्रेय के कर कमलों से सांसद श्री डॉ सिकंदर, सामाजिक न्याय अधिकारिता राज्य मंत्री श्री नारायण स्वामी, रविदास आचार्य सुरेश राठौड़, राज्य सभा सदस्य दुष्यंत गौतम और गुजरात के विधायक श्री आत्माराम परमार और देश के विभिन्न प्रांतों से महा पीठ के पदाधिकारी एवं रविदास जी के अनन्य भक्त की उपस्थिति में कार्यकारिणी बैठक एवं दो दिन का अधिवेशन जो दिनांक – 9 और 10 अप्रैल 2022 तक आयोजित किया गाया है जिसका उद्घाटन दौनों राज्यपालों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया इस कार्यक्रम में गुजरात प्रदेश सचिव महा पीठ डॉ गुलाब चंद पटेल, श्री भानुभाई परमार वडोदरा, श्री रतिलाल बी चौहान, श्री नागजी भाई के गोहिल, छगन भाई के सोलंकी भरुच श्री जयेशभाई वडोदरा, गुजरात अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री आर एम पटेल, श्री किशोर भाई अहमदाबाद उपस्थित थे .
इस कार्यक्रम में सभी का हार्दिक स्वागत उपाध्यक्ष श्री सूरजभान कटारिया ने कार्यक्रम का संचालन किया था, दुष्यंत गौतम ने संत रवि दास जी विश्व महा पीठ के बारे में विस्तृत जानकारी दी, आचार्य सुरेश राठौड़ ने अतिथियों का स्वागत किया और भजन तो ही मोहि प्रस्तुत किया, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री राजेन्द्र सिंह ने अपना प्रवचन किया और संस्था को हिमाचल प्रदेश राज भवन की ओर से रुपया पांच लाख की राशि देने की घोषणा की राज्य पाल हरियाणा ने अध्यक्षीय वक्तव्य दिया और रुपये दश लाख की राशि देने की घोषणा कीसामाजिक न्याय अधिकारिता केंद्रीय राज्य मंत्री ने अपना वक्तव्य अंग्रेजी में दिया, इस कार्यक्रम में बाहर से आए सदस्यों को भोजन की असुविधा हुई, निवास बहुत सुन्दर जगह जय राम विद्यापीठ ब्रह्म सरोवर कुरूक्षेत्र हरियाणा में की गई थी, प्रथम सत्र 1.30 बजे दोपहर मे खत्म हुआ था भोजन के बाद दूसरा सत्र था, इस कार्यक्रम की महत्व पूर्ण बात यह थी कि लोग पूरे देश से इस कातिल गर्मी सहकार भी भारी संख्या में उपस्थित रहे अंत में आभार व्याप्त बिहार के मंत्री ने किया और सत्र समाप्ति की घोषणा की गई दूसरे दिन हरियाणा के मुख्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर उपस्थित रहे हैं, इन्होने सभी समाज को मिलजुलकर रहने का और जो पिछडे है इन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए कहा, इस सम्मेलन के आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामना दी, संस्था की ओर से बहुत सारे प्रस्ताव पारित किये गये, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आये हुए प्रदेश अध्यक्षों ने अपनी अनुमती मौखिक रूप से भी दी, कार्यक्रम का आयोजन बहुत ही सुन्दर था, कुरुक्षेत्र में रोड स्थित बहुत ही खराब है, ओटो मे बैठे तो पूरा शरीर डिस्को करने लगा, मिट्टी भी उड़ रही थी, नाक से मिट्टी अंदर जा रही थी, ओटो रिक्शा चालक ने बताया कि कितने सालो से ये रोड कच्चा ही रह गया है उस पर डामर रोड नहीं बन पाया है लोग परेशान हैं किन्तु क्या करे प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है, ब्रह्म सरोवर कुरूक्षेत्र हरियाणा में बहुत ही सुन्दर जगह पर जाने का अवसर प्राप्त हुआ, ब्रह्म सरोवर के सामने जय राम विद्यापीठ मे रुकने का अवसर प्राप्त हुआ बहुत ही पवित्र माना जाता है यह कुरूक्षेत्र हरियाणा की धरती पर जहा कृष्ण भगवान ने अर्जुन को उपदेश दिया था, महा भारत का युद्ध इसी धरती पर हुआ था . इस कार्यक्रम में गुजरात के विधायक एवं अन्तरराष्ट्रीय महा पीठ के महा मंत्री श्री आत्मा राम परमार ने अपना उद्बोधन दिया था पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष गुजरात प्रदेश विश्व महा पीठ श्री आर एम पटेल साहब ने अपने वक्तव्य में कहा कि एक लाख रुपये की राशि किताब संत रवि दास जी के बारे में पब्लिश करने हेतु देंगे और श्री किशोर भाई जो गुजरात प्रदेश के कार्यकारी सचिव हे इन्होने भी एक लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की है डॉ गुलाब चंद पटेलसचिव गुजरात प्रदेश विश्व महा पीठ संत रवि दास जी अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगरMo 8849794377
चर्चित टीवी शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरने के बाद अभिनेत्री जागृति सिंह परिहार इन दिनों टीवी जगत में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उनको हाल ही में साउथ की दो अनाम फिल्मों के लिए और कई म्यूजिक वीडियो के लिए अनुबंधित किया गया है। मिस वर्ल्ड ग्लोरी में थर्ड रनरअप रहीं जागृति सिंह परिहार मध्यप्रदेश के दमोह जिला की रहने वाली हैं। स्कूल की पढ़ाई दमोह से ही की और आगे की पढ़ाई के के लिए भोपाल गईं। मास्टर इन स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी की डिग्री हासिल की। मिस भोपाल के पेजेंट में वह रनरअप रहीं। कई ब्यूटी पेजेंट्स में विनर भी रहीं। मुम्बई के नानावती अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम शुरू किया। साथ ही वह एक्टिंग के लिए ऑडिशन भी देती रहीं। 4-5 महीने नानावती अस्पताल में काम करने के बाद उन्हें लोकप्रिय टीवी शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ में काम मिल गया। जागृति ने इस शो में करीब 12 किरदार निभाए हैं। टीवी शो ‘भाभीजी घर पर हैं’ में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए वह काफी लोकप्रिय हैं।
छेदी सिंह की पत्नी गुलबिया के रोल में उनकी इस शो में एंट्री हुई थी बाद में मास्टरजी की पत्नी सहित कई रोल किए। अभिनेत्री जागृति सिंह परिहार सिर्फ एक शो में कई किरदारों को निभाने का पूरा श्रेय निर्माताओं को देती है। गौरतलब है कि जागृति ने इस शो में करीब 12 किरदार निभाए हैं। ‘भाभीजी घर पर हैं’ के निर्माताओं के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए वो कहती हैं “मैं वाकई ‘भाभीजी घर पर हैं’ का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली मानती हूँ। मुझे एक ही शो में कई भूमिकाएं निभाने का सौभाग्य मिला है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा किसी एक्ट्रेस ने भी किया है। एक एयर होस्टेस की भूमिका निभाने से लेकर एक पड़ोसी से लेकर, एक ठग से लेकर नौकरानी तक, मैंने कई तरह की भूमिकाएँ की हैं, जो सभी एक-दूसरे से अलग हैं”।
जागृति का मानना है कि किसी भी शो का कैरेक्टर स्केच सबसे ज्यादा मायने रखता है। यदि किरदार आकर्षक है और अच्छी तरह से लिखा और ढाला गया है, तो दर्शकों को याद रह जाता है।’चिड़ियाघर’, ‘हप्पू की उल्टन पलटन’, ‘जीजा जी छत पर हैं’ सहित और भी कई सीरियल्स में जागृति ने काम किया है। पिछले डेढ़ दो साल से उन्हें म्यूज़िक वीडियो के भी ऑफर आ रहे हैं। उनके दो गाने ‘हार ले’ और ‘देसी’ रिलीज होकर लोकप्रिय हो चुके हैं। इनके अलावा 4-5 सांग्स आने वाले हैं उनमें से एक ‘हंजू’ गीत इसी माह आने वाला है।प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय
संगीत की दुनिया का सबसे बड़े पुरस्कार ग्रैमी अवार्ड्स समारोह का आयोजन इस बार अमेरिका के लॉस वेगास स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ रिकॉर्डिंग आर्ट्स एंड साइंसेज में किया गया। दो बार ग्रैमी अवार्ड्स से सम्मानित भारतीय संगीतकार ए. आर. रहमान ने अपने पुत्र एवं पार्श्व गायक ए.आर. अमीन के साथ इस बार के 64वें ग्रैमी अवार्ड्स समारोह में शिरकत की। इस बार इस समारोह में न्यूयॉर्क की भारतीय-अमेरिकी गायिका फाल्गुनी शाह और बेंगलुरू में रहने वाले संगीतकार रिक्की केज़ को भी ‘ग्रैमी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। फाल्गुनी शाह को ‘ए कलरफुल वर्ल्ड’ के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल एल्बम श्रेणी में ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। वहीं, रिक्की केज़ को ‘डिवाइन टाइड्स’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नये एल्बम की श्रेणी में ग्रैमी अवार्ड से नवाजा गया। ग्रैमी अवॉर्ड हॉलीवुड का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड है जिसमें म्यूजिक जगत से जुड़े सितारों को अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड देकर सम्मानित किया जाता है। इसकी शुरुआत 4 मई 1959 की गई थी। पहले ग्रैमी अवॉर्ड समारोह में वर्ष 1958 के लिए कलाकारों की संगीत उपलब्धियों का सम्मान और सम्मान करने के लिए आयोजित किया गया था। ग्रैमी अवॉर्ड का ट्रॉफी सोने का पानी चढ़ा हुआ ग्रामोफोन का प्रतिनिधित्व करता है। 64वें एनुअल ग्रैमी अवार्ड्स समारोह में के दिग्गज म्यूजीशियंस, सिंगर्स, कंपोजर्स आदि ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बेस्ट न्यू आर्टिस्ट का अवॉर्ड आलीविया रोड्रीगो को मिला तो वहीं बेस्ट ट्रेडिशनल पॉप वोकल के लिए लेडी गागा को इस अवॉर्ड से नवाजा गया। विश्वविख्यात सिंगर लेडी गागा भी इस अवॉर्ड शो में अपने हुस्न का जमकर जलवा बिखेरा। अवॉर्ड से सम्मानित होने के बाद सेलिब्रिटीज ने फोटोशूट भी करवाया।
64वें एनुअल ग्रैमी अवार्ड्स :
* साल का बेस्ट गीत – ‘लीव द डोर ओपन’, ब्रैंडन एंडरसन, क्रिस्टोफर ब्रॉडी ब्राउन, डर्नस्ट एमिल और ब्रूनो मार्स, गीतकार सिल्क सोनिक
शिक्षा संस्थानों और मीडिया द्वारा फैलाये गये व्यापक अज्ञान का यह कारण है कि कुछ उत्साहित नवशिक्षित हिन्दू इस कल्पना से प्रसन्न हो रहे हैं कि उच्चतर माध्यमिक या माध्यमिक कक्षाओं में गीता, कुरान और बाईबिल का सार साथ-साथ पढ़ाया जायेगा। अपनी मूढ़ता में मग्न वे मान रहे हैं कि गीता तो अत्यन्त उदात्त शास्त्र है ही और समस्त मनुष्यों के लिये कल्याणकारी मार्ग और नियम बताती है। अतः उसे पढ़ कर छात्र-छात्रायें सहज ही गीता के प्रति श्रद्धा पाल लेंगे। जबकि कुरान और बाईबिल अपने-अपने अनुयायियों के अतिरिक्त शेष मनुष्यों के प्रति इतनी अधिक हिंसा और घृणा तथा द्वेष और दुर्भाव सिखाते हैं कि उनसे हर पढ़ने वाला जुगुप्सा और विरक्ति पाल लेगा।
बौद्धिक अन्धता का यह एक विशेष उदाहरण है। अपने चारों ओर जो नित्य घटित होता है, उसे न देखना और अपने ही मन की कल्पनाओं और उड़ानों में मगन रहना इसे ही कहते हैं। नवशिक्षित हिन्दू इसी मानसिक व्याधि के शिकार हैं।
उन्हें यह पता नहीं कि गीता, कुरान और बाईबिल में क्या लिखा है, यह छांट कर पढ़ाया जायेेगा और धोखा देते हुये पढ़ाया जायेगा। मौलवी और पादरी इसमें निष्णात हैं और आधुनिक हिन्दू विद्वान आत्मवंचना और मिथ्याकथन में निपुणता की पराकाष्ठा को छू रहे हैं। इसमें नेकनीयती और बदनीयती भर की बात नहीं है। सद्च्छिापूर्वक ही हिन्दू ऐसा करते रहे हैं।
इसमें एक महत्वपूर्ण उदाहरण संस्कृत, फारसी और अंग्रेजी के उद्भट विद्वान, परम तपस्वी और सात्विक सज्जन आचार्य विनोबा भावे का है। वे परम पवित्र जीवन जीने वाले महापुरूष थे। सबका भला चाहते थे और प्रेम, मैत्री तथा करूणा का प्रसार चाहते थे। उन्होंने कुरान धर्मसार और ख्रीस्त धर्मसार पुस्तकें लिखी हैं। दोनों में कुरान और बाईबिल के ऐसे अंश चुन-चुनकर एकत्र किये हैं और फिर उनकी ऐसी झूठी पंडिताऊ व्याख्या की है कि लगता है कि मानों जो वेदों में है, वही इन दोनों ग्रंथों में है।
मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी जानता था और कुछ दिनों तक भूदान आंदोलन में उनके साथ एक उदीयमान युवक के रूप में पदयात्रा भी की थी। उनकी नेकनीयती और सज्जनता निर्विवाद है। साधु चरित और तपस्वी थे। संस्कृत के विद्वान थे। परंतु जो कुछ उन्होंने कुरान और बाईबिल के चयनित अंशों की हिन्दी में व्याख्या करते हुये प्रस्तुत किया है, वह झूठ है, अनर्थकारी है और पाठक को वंचना तथा छल में डालने वाली है। क्योंकि मैंने भी इन तीनों को पढ़ा है और उनके विस्तृत ऐतिहासिक तथा सामाजिक एवं आध्यात्मिक संदर्भों का भी अध्येता हूँ। अतः मैं निश्चित रूप से जानता हूँ कि विनोबा जी ने जो उन दोनों किताबों के सार कहकर प्रस्तुत किया है, वह झूठ है और अनजाने ही यह उनसे बड़ा छल हो गया है। उनको पढ़कर हिन्दू बच्चे ही नहीं, बड़े बूढ़े भी केवल भ्रमित हुये हैं, हो रहे हैं और भ्रमित होते रहेंगे। अतः यह अनुचित कार्य है।
स्पष्ट है कि बच्चों के लिये इन तीनों पुस्तकों पर पाठ्यक्रम के लिये लिखने वाले लोग आचार्य विनोबा भावे से बड़े विद्वान नहीं होंगे। यह असंभव है कि उनसे बड़ा कोई विद्वान इस विषय पर पाठ्यक्रम के लिये लिखे। दूसरी ओर, अगर कुरान और बाईबिल में जो कुछ भी है, उसे अनावृ़त्त रूप में समझा कर लिखा गया, तो उन दोनों ही समुदायों के नेता और मुल्ला तथा पादरी भारत में भूचाल मचा देंगे।
यदि इन तीनों ही ग्रथों को महाविद्यालय में सम्पूर्ण भी पढ़ा दिया जाये, तो भी विश्वविद्यालय स्तर के छात्रों तथा अध्यापकों में भारत में इतनी परिपक्वता नहीं है कि वे मूल संदर्भाें और परम्पराओं को जाने। इसकी जगह वे उदात्त भारतीय अर्थों के साथ ही उन दोनों पुस्तकों को भी देखेंगे और भयंकर आत्मवंचना से ग्रस्त हो जायेंगे। कुरान के जितने भी हिन्दी अनुवाद सुलभ हैं, उन सबमें भयावह अवधारणाओं को उदात्त भारतीय पदावली में जानबूझकर प्रस्तुत किया गया है। जो शुद्ध छल, वंचना और धोखाधड़ी है। इसी प्रकार ईसाई पादरियों ने तो वंचना और छल में अद्भुत निपुणता अर्जित की है। आखिर ‘गॉड’ को ईश्वर या परमेश्वर, रिलीजन को धर्म, थियालॉजी को ब्रह्मविद्या आदि छलपूर्वक प्रचारित करने में भारत में उन्हें अद्भुत सफलता प्राप्त हुई ही है। इसीलिये भारत शासन के द्वारा सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) को अल्पसंख्यकों के मजहब के बराबर संरक्षण देने की मांग ही एकमात्र करणीय मांग है। जिसके लिये न तो सबल हिन्दू सामने आते दिख रहे हैं और न ही संघ या भाजपा ने आजतक इसकी मांग भी की है या आश्वासन दिया है।
उसके स्थान पर गीता, कुरान और बाईबिल को साथ-साथ पढ़ाने की मांग हिन्दुओं के लिये आत्मवंचना और व्यापक अवधि में आत्महनन का कारण बनने वाली है।
उत्तरी अमेरिका का सबसे पुराना मंदिर गणेश देवस्थान है जिसकी सड़क को ब्राउन स्ट्रीट कहा जाता था। उस सड़क के नाम को बदलने को लेकर स्थानीय हिंदुओं द्वारा काफी समय से विभिन्न कार्यक्रम किये जा रहे थे। यह कार्यक्रम भगवान गणेश से जुड़ी तार्किक प्रस्तुति, उनके द्वारा शुभ और लाभ के संदेशों से संबंधित थे।न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल द्वारा इसे पूर्णतम रूप प्रदान किया गया।
पिछले शनिवार को क्वीन बरो के अध्यक्ष डोनोवन रिचर्ड्स, न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स की उपस्थिति में ब्राउन स्ट्रीट का नाम बदलकर गणेश टेम्पल स्ट्रीट कर दिया गया। न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहर में, भगवान गणेश के नाम पर एक सड़क का नामकरण विदेशों में हिंदू धर्म की स्वीकार्यता और उसके सहज समवेशी होने का प्रमाण है। यह न केवल हिंदुओं बल्कि भारत तथा विश्व के सभी लोगों के लिए गर्व की बात है क्योंकि यही विचार ऐसा है जो प्राणिमात्र के कल्याण को अपना अंतिम लक्ष्य मानता है।
ब्रह्मवादिनी फिल्म्स के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ‘अनोखा बंधन’ का पोस्ट प्रोडक्शन वर्क पूर्णता की ओर अग्रसर है। अब बहुत जल्द ही यह फिल्म सिनेदर्शकों तक पहुँचने वाली है। मदन चौरसिया द्वारा निर्मित इस फिल्म के निर्देशक आशोक अत्री, पटकथा व संवाद लेखक ए बी मोहन व डा. वशिष्ठ नारायण सिंह, संगीतकार मनोज भास्कर, कोरियोग्राफर संतोष सर्वदर्शी व मनोज भास्कर और सिनेमेटोग्राफर अजय रौनियार हैं।
निर्माता मदन चौरसिया ने स्वयं इस फिल्म की कहानी को लिखा है। इस फिल्म की कहानी पर प्रकाश डालते हुए कहते हैं “इस फिल्म का नायक शराब के नशे में धुत होकर एक गरीब परिवार के युवक को अपनी कार से कुचल देता है। लिहाजा उस युवक की मौत हो जाती है। अदालत में नायक को सजा सुनाई जाती है कि, नायक तीन वर्ष तक गांव में रहकर मेहनत मजदूरी करके मृतक परिवार का भरण पोषण करे और नायक को मृतक परिवार का भरण पोषण करना पड़ता है। इस फिल्म के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सहज व सरल मुक्ति मार्ग के लिए निर्धारित दायित्व को पूरे मनोयोग से निभाने का प्रयास करना चाहिए”। 6 कर्णप्रिय गीतों से सजी इस भोजपुरी फिल्म के मुख्य कलाकार आनंद देव मिश्रा, तनुश्री, ग्लोरी मोहंतो, सृष्टि भंडारी, आशा चौहान, सिमरन, रमन श्रीवास्तव, यादवेंद्र यादव, संजना, देव सिंह राजपूत और बेबी नैना चौरसिया आदि हैं।
फिल्म समीक्षा : ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज डेट : 11 मार्च 2022कलाकार : मिथुन चक्रवर्ती, अमान इकबाल, अनुपम खेर, भाषा सुंबली, पुनीत इस्सर, अर्पण भिखारी, पल्लवी जोशी, एकता सिंह, आरके गौरव, चिन्मय मंडलेकर और दर्शन कुमार आदि।डायरेक्टर : विवेक अग्निहोत्रीनिर्माता : ज़ी स्टूडियोज़, अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स वितरक : ज़ी स्टूडियोज़संगीत : स्वप्निल बंदोड़कर, रोहित शर्मा छायांकन : उदय सिंह मोहितेएडिटर : शंख राजाध्यक्षअवधि: 170 मिनट
रेटिंग : *** 4.5/5
वास्तविक घटनाओं पर आधारित और कश्मीरी पंडितों के तकलीफों को बयां करती, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ 1989 में घटी घटनाओं का एक नाटकीय संस्करण है। परंतु प्रस्तुतिकरण उत्कृष्ट होने की वजह से पूरी फिल्म दिल मे उतर जाती है और सिनेदर्शकों को बांधे रखती है। साल 2019 में विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द ताशकंद फाइल्स’ रिलीज हुई थी और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। इस फिल्म को दो नेशनल अवॉर्ड भी मिले थे। ‘द ताशकंद फाइल्स’ के बाद अब विवेक अग्निहोत्री ‘द कश्मीर फाइल्स’ लेकर आए हैं, जिसमें उन्होंने 90 के दशक में कश्मीर में हुए कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं के नरसंहार और पलायन की कहानी को दर्शाया है। इस फिल्म में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती जैसे धुरंधर कलाकार तो हैं ही, लेकिन साथ ही फिल्म में पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार जैसे मंझे हुए कलाकार ने भी अपनी अभिनय प्रतिभा का जलवा स्क्रीन पर बिखेरा है। फिल्म की कहानी कश्मीर के एक टीचर पुष्कर नाथ पंडित (अनुपम खेर) की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। कृष्णा (दर्शन कुमार) दिल्ली से कश्मीर आता है, अपने दादा पुष्कर नाथ पंडित की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए. कृष्णा अपने दादा के जिगरी दोस्त ब्रह्मा दत्त (मिथुन चक्रवर्ती) के यहां ठहरता है। उस दौरान पुष्कर के अन्य दोस्त भी कृष्णा से मिलने आते हैं इसके बाद फिल्म फ्लैशबैक में चली जाती है। फ्लैशबैक में दिखाया गया है कि 1990 से पहले कश्मीर कैसा था। इसके बाद 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों को मिलने वाली धमकियों और जबरन कश्मीर और अपना घर छोड़कर जाने वाली उनकी पीड़ादायक कहानी को दर्शाया गया है। अभिनय के मामले में फिल्म के सभी कलाकारों ने अपने अभिनय कौशल से फिल्म की कहानी से जुड़े सभी पात्रों को जीवंत किया है। इसे फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की निर्देशकीय प्रतिभा का प्रतिफल कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। विवेक अग्निहोत्री ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को उजागर करते हुए एक रोंगटे खड़े करने वाली अलग तरह की हृदयस्पर्शी कहानी को दर्शाने की कोशिश की है।
गांधीनगर गुजरात के हिन्दी गुजराती कवि लेखक अनुवादक एवं गांधी नगर साहित्य सेवा संस्थान चेरी टेबल ट्रस्ट गाधीनगर के अध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल द्वारा लिखित “वैश्विक परिप्रेक्ष्य में गांधीजी और अन्य शोध” पुस्तक का विमोचन आदरणीय न्यायाधीश श्री शेखर कुमार यादव उच्च न्यायालय इलाहाबाद, एवं डॉ सूर्य प्रसाद दीक्षित अध्यक्ष हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा किया गयाहिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की ओर से 73 वा अधिवेशन एवं परिसंवाद दिनांक 12 – 13 मार्च 2022 को राजर्षि टण्डन मंडपम प्रयाग राज में आयोजित किया गया था, जिस में डॉ गुलाब चंद पटेल जी ने हिस्सा लेकर अपना आलेख स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्य की भूमिका विषय में प्रदान किया गया थाइस कार्यक्रम में गुजरात के एडवोकेट श्री कांति भाई पटेल, श्रीमती विमलाबहन पटेल, श्रीमती पार्वतीबहन पटेल, कुमारी हिना शाह,श्री भानुभाई त्रिवेदी, श्रीमती आशाबहन त्रिवेदी और श्री नटवर लाल जानी उपस्थित रहे थेडॉ गुलाबचंद पटेल अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर को वैश्विक साहित्य हिंदी पत्रिका के संपादक श्री विजयानंद प्रयाग द्वारा हार्दिक बधाई प्रदान किया गया डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच गांधीनगर Mo 8849794377
एमएलए डॉ भारती लव्हेकर, एसीपी बाजीराव महाजन, डॉ परिन सोमानी, डॉ दीपा नारायण झा, हर्षाली मल्होत्रा, एहसान कुरैशी, प्रेमा किरन रहे उपस्थित
मुम्बई। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 7 मार्च 2022 को केसीएफ और केसीपी के अंतर्गत डॉ कृष्णा चौहान ने मुम्बई के उपनगर अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में ‘मिस एंड मिसेज इंडिया ब्यूटी कॉन्टेस्ट’ और ‘नारी शक्ति सम्मान 2022’ का भव्य आयोजन किया। जिसके ज्यूरी मेम्बर्स में डॉ कृष्णा चौहान, एसीपी बाजीराव महाजन, डॉ परिन सोमानी, डॉ दीपा नारायण झा, सुजाता शर्मा और फैशन डिजाइनर सरला पाण्डेय का नाम उल्लेखनीय रहा। इस कार्यक्रम में वर्सोवा, अंधेरी की एमएलए डॉ भारती लव्हेकर, डॉ परिन सोमानी, डॉ दीपा नारायण झा, एसीपी बाजीराव महाजन, एहसान कुरैशी के हाथों कई विशिष्ट महिलाएं सहित कलाकार, समाजसेवक और पत्रकार सम्मानित हुए। उसी दौरान फ़िल्म पीके में आमिर खान द्वारा निभाए गए किरदार के गेटअप में पीके ने अपनी परफॉर्मेंस से यहाँ सबको खूब हंसाया। सलमान खान की फ़िल्म बजरंगी भाईजान में मुन्नी का रोल करने वाली हर्षाली मल्होत्रा को नारी शक्ति सम्मान 2022 से नवाजा गया। कॉमेडियन एहसान कुरैशी ने स्टेज पर अपनी परफॉर्मेंस से खूब हंसाया। डॉ भारती लव्हेकर ने नारी शक्ति सम्मान 2022 की ट्रॉफी प्राप्ति के बाद कहा कि कृष्णा चौहान बहुत अच्छा प्रोग्राम करते हैं। नारी शक्ति को सलाम, सभी अवार्डी को अभिनंदन। सिमरन आहूजा का शुक्रिया, वह बेहतरीन एंकर हैं।
इस कार्यक्रम में एमएलए डॉ भारती लव्हेकर, डॉ परिन सोमानी, डॉ दीपा नारायण झा, प्रेमा किरण, अनुराधा सोलंकी, किरण गोलानी, मयूरी पटालिया, ज़ीनत एहसान कुरैशी, सानिया एजाज़, सरला पाण्डेय, रेशमा (फ़ॉर योगेश लखानी ब्राइट), सुधाकर शर्मा, राजकुमार कनौजिया, श्याम लाल, डॉ प्रवीण भालेराव, शिरीन फरीद, ललिता प्रथमेश जाधव, मोना शाह, इंदु शशिकांत सिंह, आसमा कपाड़िया, प्रियंका राज, मानवी त्रिपाठी, डॉ चंद्रकला, गायत्री साहू, सीमा सूर्यवंशी, सिमरन आहूजा, कैलाश मासूम, सुंदर मोरे, एहसान कुरैशी, राजेश कुरील, आर राजपाल, पंकज पाण्डेय, दिनेश कुमार, मोहन राजपुत, केवल कुमार, टिंकु चौहान, समीर खान, जुबैर अली, अनिता पाण्डेय, डॉ छाया को नारी शक्ति सम्मान 2022 से सम्मानित किया गया। सिमरन आहूजा ने इस शानदार शो की एंकरिंग की। स्टेज पर कई कलाकारों ने डांस और गायकी से दर्शकों का मन बहलाया। मिस एंड मिसेज इंडिया मुकाबले में कई महिलाओं ने भाग लिया। कई राउंड में यह ब्यूटी कांटेस्ट हुआ जहां सभी प्रतियोगी ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। रैम्प वाक से लेकर डांस प्रस्तुति तक इन महिलाओं ने हर इम्तिहान में खुद को बेहतर साबित किया। आखरी राउंड सवाल जवाब का था जहां ज्यूरी मेम्बर्स ने प्रतियोगियों से कई तरह के सवाल किए जिसका जवाब सभी कंटेस्टेंट ने बखूबी दिया। अगर वे यह ट्रॉफी जीत जाती हैं तो समाज की भलाई के लिए वह क्या करना चाहेंगी? इस तरह के सवाल किए गए। मिस इंडिया मुकाबले में मिसेस रश्मि अग्रवाल फर्स्ट रनर अप (सिल्वर क्लास) रहीं जबकि कोमल कटारिया फर्स्ट रनर अप (गोल्डन क्लास) घोषित की गईं। मिस इंडिया 2022 सीमा सूर्यवंशी विजेता रही जबकि मिसेस इंडिया प्रीति अमनेरकर को सिल्वर क्लास और अनीता दत्तानि को गोल्डन क्लास, डॉ चन्द्र कला गोठवाल को प्लैटिनम क्लास में विजेता चुना गया। वहीं कृष्णा चौहान फाउंडेशन 2022 की गुजरात की ब्रान्ड अम्बेसडर डॉ परिन सोमानी, दिल्ली की ब्रान्ड अम्बेसडर छाया सखारे, महाराष्ट्र की ब्रान्ड अम्बेसडर इस्मिता अग्रवाल घोषित की गई। डॉ कृष्णा चौहान ने सभी ज्यूरी मेम्बर्स का शुक्रिया अदा करते हुए बताया कि महिला दिवस के मौके पर हमारे देश की महिला शक्ति को नारी शक्ति सम्मान से नवाजा गया है। इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली ऐसी महिलाएं रहीं जिन्होंने समाज और देश के लिए अपना योगदान दिया है। उल्लेखनीय है कि डॉ कृष्णा चौहान न केवल एक कामयाब फ़िल्म निर्देशक हैं, समाज सेवक हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन्स करने के मामले में सबसे अधिक सुर्खियों में रहने वाली पर्सनाल्टी माने जाते हैं। उनका एक अवार्ड फंक्शन सम्पन्न होता है और वह अपने अगले पुरस्कार समारोह की तैयारियों में लग जाते हैं। नए साल 2022 में उन्होंने मुम्बई के मेयर हॉल में “बॉलीवुड आइकोनिक अवार्ड 2022” का सफल आयोजन किया। और अब इन्होंने नारी शक्ति सम्मान 2022 का सफल आयोजन करके यह सिद्ध कर दिया है कि वह अवार्ड्स के शंहशाह हैं। इस अवसर पर बॉलीवुड की सेलिब्रिटीज़ तथा सोशल वर्क के लिए कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। कृष्णा चौहान फाउंडेशन (केसीएफ) के अंतर्गत कृष्णा चौहान कई अवार्ड्स शो का आयोजन करते आये हैं। केसीएफ के अंतर्गत बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड, बॉलीवुड आइकोनिक एवॉर्ड, लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड और महात्मा गांधी रत्न अवार्ड का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जाता रहा है। 4 मई 2022 को अपने जन्मदिन के अवसर पर डॉ कृष्णा चौहान लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2022 का आयोजन करने वाले हैं।