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रायपुर – गोठानों को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा -कांग्रेस में राजनीति तेज

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रायपुर। गोठानों को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी तकरार जोरों पर है। चलबो गोठान, खोलबो पोल के अभियान के तहत प्रदेश के तमाम दिग्गज भाजपा नेता गोठनों का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल गोकुल नगर और फुंडहर स्थित गौठान में पहुंचे, इस दौरान उन्होंने देखा कि, गोबर की खरीदी बंद कर दी गई है। संचालन समूहों को पैसे न मिलने, चारा, खाद का बंदोबस्त न होने जैसी स्थितियां भी सामने आई है।
बता दें, पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन ने जब फुंडहर स्थित गौठान गए तो पता चला कि, 3 महीने से गोबर की खरीदी बंद है और 12,64,500 किलो का गोबर गायब नजर आया। जब अफसरों से इस बात की जानकारी ली, तो निगम के कर्मचारियों ने मुस्कुराकर बात को टाल दिया।
इसी मुद्दे पर अब कांग्रेस के नेताओ ने पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन को घेरते हुए INC Chhattisgarh ने एक ट्वीट कर के वीडियो पोस्ट किया है। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि – गौ-माता के भोजन पात्र पर जूता रखने वाले गौ-हत्यारे भाजपाइयों का झूठ अब और नहीं।

नासिर-जुनैद हत्याकांड में -हरियाणा के गौ-रक्षा दल अध्यक्ष समेत 30 को माना आरोपी

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हरियाणा में भरतपुर के दो मुस्लिम युवकों नासिर और जुनैद को जलाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट में पुलिस ने 8 नहीं 30 लोगों को आरोपी माना है। इसमें मुख्य रूप से हरियाणा का यूट्यूबर और गौ रक्षा दल का प्रमुख मोनू मानेसर समेत हरियाणा गौ रक्षा दल के अध्यक्ष योगेंद्र आचार्य का नाम भी शामिल है।

हालांकि पुलिस की ओर से जोड़े गए 21 आरोपियों का क्या रोल था, उसकी अभी जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि इनका कनेक्शन कहीं न कहीं इस हत्याकांड से रहा है।

वहीं अभी तक इस मामले में हरियाणा के रहने वाले रिंकू सैनी के साथ मोनू राणा और गोगी की गिरफ्तारी हो चुकी है। 6 आरोपी अभी भी फरार है।

माेनू राणा और गोगी पकड़े गए तो बड़े नाम आए सामने
गोपालगढ़ पुलिस के मुताबिक 15 फरवरी को जुनैद के चचेरे भाई इस्माइल ने जुनैद-नासिर को किडनैप करके मारपीट और फिर उनकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हरियाणा के पांच लोगों पर आरोप लगाया गया। इनमें मुरथल के अनिल, मरोड़ा के श्रीकांत, फिरोजपुर झिरका के रिंकू सैनी, होटल के लोकेश सिंगला और मानेसर के मोनू उर्फ मोहित शामिल थे।
16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी में दोनों के शव बोलेरो गाड़ी सहित जले मिले थे। इसी मामले में सबसे पहले 17 फरवरी को रिंकू सैनी से पूछताछ की गई थी। रिंकू से हुई पूछताछ में 8 नाम सामने आए थे। बताया गया था कि ये मुख्य आरोपी है। इसके बाद आईजी गौरव श्रीवास्तव ने सभी 8 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
भरतपुर पुलिस ने 13 अप्रैल को उत्तराखंड के देहरादून के पास से पहाड़ियों में छिपे भिवानी के रहने वाले मोनू राणा और गोगी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन दोनों से पूछताछ की तो पता चला कि हरियाणा गौ रक्षा दल के अध्यक्ष और मोनू मानेसर समेत अन्य लोगों ने भी उनकी सहायता की थी।
कोर्ट में चार्जशीट पेश की तब हुआ खुलासा
पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ 16 मई को कोर्ट में चालान पेश किया था। तब इस बात का खुलासा हुआ है कि नासिर और जुनैद की हत्या में अभी 21 आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। कुछ आरोपियों के नाम FIR में शामिल हैं, और कुछ अन्य आरोपी है, जिनकी पुलिस जांच में मिलीभगत नजर आई है।
10 दिन की पुलिस रिमांड में दोनों ने मोहित उर्फ मोनू मानेसर, श्रीकांत मरोड़ा, अनिल मूलथान, लोकेश सिंगला, विकास आर्य, विशाल जेवली उर्फ नटवर, कालू उर्फ कृष्ण, बादल, शशिकांत, देवी लाल, भोलू, नवनीत, संजय परमार, दीपक मतलोड़ा, आजाद आचार्य, किशोर सैन, शिवम, तुषार उर्फ तन्नू , राजवीर, मनोज गुहाना, हरियाणा गौ रक्षा दल के योगेन्द्र आचार्य, भोला सिलानी, रमेश उर्फ मेस्सा सिसर, आशु जांगडा, सुखविंदर उर्फ सुक्खी, प्रवेश बॉक्सर और रविंद्र उर्फ कालिया के नाम बताए थे। अभी पुलिस इन सभी के नामों को लेकर जांच कर रही है।
आईजी ने बताया था गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने भी की है सहायता
13 अप्रैल को आईजी गौरव श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था। इस खुलासे के दौरान उन्हाेंने आशंका जताई थी कि हरियाणा गौ रक्षा दल के कुछ पदाधिकारी भी इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि अभी इसकी जांच चल रही है। आईजी ने बताया था कि फरारी के दौरान इन आरोपियों की कुछ लोगों ने मदद की थी, इनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मोनू मानेसर को लेकर कहा था- उसका नाम एफआईआर और संदिग्ध लिस्ट में भी शामिल है। पूछताछ के बाद मोनू मानेसर के बारे में पता चलेगा कि उसका कितना रोल है। वहीं, इस पूरे मामले में हरियाणा गौ रक्षा दल के अध्यक्ष का नाम भी सामने आया था। इसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के साथ अन्य पदाधिकारियों का भी पूरे मामले में सहयोग रहा था। ऐसे में उन्हें नोटिस जारी किया गया है और अब पूछताछ होगी।

पूछताछ में हुए थे ये चार बड़े खुलासे

1. गौ तस्करों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी की थी: भरतपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि मोनू राणा और गोगी समेत उनका पूरा गिरोह नाकाबंदी कर गौ तस्करी के संदेह में लोगों को पकड़ता है। 14 फरवरी की रात भी ऐसा ही कुछ हुआ था। इन आरोपियों की तीन टीमें वहां थीं। दो टीम भरतपुर आई थी और एक टीम नूंह मेवात इलाके से इनके साथ जुड़ी थी।

2. नासिर-जुनैद को किडनैप कर सरियों से पिटाई कर अधमरा किया: ये लोग नासिर और जुनैद को किडनैप कर फिरोजपुर झिरका (हरियाणा) ले गए थे। यहां पूरे एरिया में इन्हें गाड़ी में बैठाकर घुमाते रहे। फिर लाठी और सरियों से इनकी पिटाई की। पीट-पीटकर आरोपियों ने दोनों को अधमरा कर दिया। अधमरी हालत में आरोपी दोनों काे हरियाणा पुलिस के पास ले गए थे।

3. पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया तो हत्या का प्लान: नासिर और जुनैद की हालत देख हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार करने से मना कर दिया था। इन आरोपियों को जब पता चला कि हरियाणा पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी तो उन्हें डर सताने लगा कि दोनों युवकों को ऐसे ही छोड़ दिया तो उनके लिए मुसीबत बन जाएंगे। इसके बाद आरोपियों ने दोनों की हत्या का प्लान बनाया।

4. भिवानी लेकर गए, एक का गला घोंटा, दूसरे को पीटा: नासिर और जुनैद को आरोपी भिवानी लेकर गए। यहां नासिर की गला घोंटकर हत्या की गई। जुनैद की भी दोबारा पिटाई की गई। भिवानी के बाहर आते-आते दोनों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए भिवानी के लोहारू में दोनों के शव बोलेरो में रखे और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

सोशल मीडिया पर माेनू मानेसर के लाखों फाॅलोअर्स

बता दें कि मोनू मानेसर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहता है। उसके फेसबुक पर 80 हजार तो यूट्यूब पर 2 लाख फॉलोअर्स हैं। कथित गौ-तस्करों को धमकी और रोड पर उनके साथ मुकाबला करते हुए कई बार मोनू मानेसर और उनकी टीम के वीडियो सामने आते रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही गुरुग्राम में बगैर टायर सड़क पर खाली रिम से चिंगारी निकलती गाड़ी दौड़ाते हुए वीडियो सामने आया था। इसमें कुछ लोग गाड़ी से गाय भी फेंकते नजर आ रहे थे। बाद में मोनू मानेसर की टीम ने ही उन्हें पीछा कर पकड़ा था।

खड़ा कर दिया मजबूत नेटवर्क
साल 2016 तक मोनू मानेसर खुद को गौ रक्षा दल का प्रमुख चेहरा बनाने के लिए अपना नेटवर्क एक्टिव किया। उसके मुखबिरों का नेटवर्क हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नूंह, सोनीपत, पलवल और झज्जर समेत कई शहरों में खड़ा हो गया। जहां उसकी टीम और बजरंग दल के लोग हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर काम करने लगे।

ये कथित गौ-तस्करों को पकड़ने के बाद उनको पुलिस को सौंप देते हैं। हालांकि खास बात यह है कि मोनू मानेसर का नेटवर्क ऐसा है कि गौ-तस्करी के मामले में पुलिस के पास बाद में सूचना पहुंचती है, पहले मोनू के ग्रुप को पता चल जाती है। उसकी टीम में काफी सारे युवा शामिल हैं।

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पुलिस और गौ तस्कर हुए आमने-सामने, पैर में गोली लगने से एक तस्कर हुआ घायल

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हरिद्वार। एक बार फिर से हरिद्वार में पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। जिसमें पैर में गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया। पथरी थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि एक बदमाश की तलाश में कांबिंग चल रही है।

जिलेभर में पुलिस ने बॉर्डर से लेकर सभी मुख्य मार्गों पर चेकिंग कर वाहनों को खंगाला। मामले के अनुसार, शनिवार की मध्य रात्रि पथरी थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिली कि जंगल के अंदर गोकशी की तैयारी चल रही है। पुलिस और सीआईयू की टीम ने मौके पर पहुंचकर खंगाला शुरू किया। तभी दो लोग गोकशी करने की तैयारी करते मिले। जैसे ही पुलिस ने उनकी घेराबंदी शुरू की वैसे बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इधर से पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। जिसमें बदमाश जब्बार के पैर में गोली जा लगी। घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि एक बदमाश भाग निकला।

जिसकी तलाश में कांबिंग शुरू की गई। सूचना मिलते ही एसएसपी अजय सिंह ने निर्देश देते हुए हरिद्वार पुलिस की कई टीमें बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगाई। जबकि अधीनस्थों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। पुलिस रातभर तक कांबिंग करते हुए बदमाशों की तलाश में जुटी रही। जिले की फोर्स को अलर्ट कर दिया गया। जिलेभर में पुलिस चेकिंग में जुट गई। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हुआ है। जबकि दूसरा फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है।

असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गौ-विज्ञान पर राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया

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गुवाहाटी (एएनआई): असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आधुनिक जीवन और चिकित्सा विज्ञान में गायों के महत्व पर चर्चा करने के लिए ‘गौ-विज्ञान’ पर आईआईटी-गुवाहाटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया है. शनिवार को उद्घाटन के बाद कटारिया ने कहा, ”गाय भारतीय सामाजिक-आर्थिक और कृषि व्यवस्था का अभिन्न अंग रही है. आज गौ-विज्ञान हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम कर रहा है. आयुष चिकित्सा”।

राज्यपाल ने यह भी कहा, “हमारी भारतीय संस्कृति में गायों का बहुत महत्व रहा है और वे माता के रूप में पूजनीय रही हैं। वेदों में गाय के दूध को अमृत के समान माना गया है। दूध की तरह गाय का गोबर और गोमूत्र भी मूल्यवान है। इसी तरह गाय का दूध, दही, घी और मक्खन मनुष्य के लिए पौष्टिक आहार है, उसी प्रकार गाय का गोबर और गोमूत्र धरती के लिए लाभदायक है। कटारिया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि गाय कृषि उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आलम यह है कि गाय धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण है. बल्कि कुछ वैज्ञानिक तथ्य भी हैं, जो गाय के महत्व को बताते हैं। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और गायों को कृषि के लिए बहुत उपयोगी दिखाया गया है।

प्राकृतिक खेती गाय आधारित खेती का संशोधित रूप है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों और कीटनाशकों के रूप में गोबर और गोमूत्र के उपयोग से जैव विविधता मजबूत होती है। “मुझे खुशी है कि इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, भारतीय गोवंश रक्षा संवर्धन परिषद के सहयोग से भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र (सीआईकेएस) और आईआईटी-गौहाटी द्वारा गौ-विज्ञान पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है। मुझे बहुत खुशी है कि ध्यान दें कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय इतिहास और परंपरा में गायों के महत्व, गौशालाओं और डेयरी फार्मों के प्रबंधन आदि को शामिल किया गया है,” असम के राज्यपाल ने कहा।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन आधुनिक विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के साथ प्राचीन परंपराओं के एकीकरण के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि देश भर के विद्वानों से बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त होंगे। सम्मेलन में आईआईटी-जी के निदेशक प्रोफेसर परमेश्वर के अय्यर, भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र के प्रमुख प्रोफेसर उदय एस दीक्षित, गाय विज्ञान अनुसंधान केंद्र के मुख्य संयोजक, देवलापार, नागपुर सुनील मानसिंहका, भारतीय गोवंश संरक्षण संवर्धन परिषद के अध्यक्ष विनोद कयाल ने भाग लिया। अन्य गणमान्य व्यक्तियों के एक मेजबान के साथ। (एएनआई)

JAUNPUR NEWS : पुलिस ने 5 गौ तस्करों को किया गिरफ्तार

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केएस यादव
जफराबाद, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के नावघाट के पास 5 गौ तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा के निर्देश पर थानाध्यक्ष जफराबाद राजाराम द्विवेदी व स्वाट टीम ने पांच शातिर गौ तस्करी के अभियुक्तों को तस्करी में प्रयुक्त की जाने वाली जाइलो कार, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन व नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने बताया कि हम लोग नाथुपुर के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी उ.नि. रामजनम यादव अपने हमराहियों के साथ वहां आये। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आपके थाने पर जो गोवंश से लदी कन्टेनर पकड़ी गई थी। उसका मालिक एक काले रंग की जाइलो कार से अपने सहयोगियों के साथ केराकत बाजार की तरफ से सेवईनाला होते हुए सिरकोनी बाजार की तरफ जाने वाला है। स्वाट टीम में नियुक्त उ.नि. रमेश कुमार मय टीम के साथ जफराबाद बाजार पहुंचे।

तभी सूचना पर नावघाट पुल के पहले ही वाहनों को उचित आड़ में खड़ाकर घेराबंदी करके आने वाले वाहन का इंतजार करने लगे कि थोड़े देर बाद एक वाहन के नज़दीक आने पर पुलिस टार्च जलाकर देखने लगी उतने में वे लोग गाड़ी पीछे मोड़ने लगे। पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। कड़ी से पूछताछ करने पर सारा उन्होंने कबूल लिया। इस मौके पर कमलेश सैनी, विपुल राय, कौशल सिंह, राजेश सिंह, सौरभ मिश्रा, एजाज अहमद, संदीप सिंह, अजय कुमार, भानु प्रताप सिंह, आनंद सिंह, औरंगजेब खान रहे।

गौ माता के नाम पर पाप करने वाली इस सरकार की रवानगी तय – पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन

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रायपुर। गोठानों को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी तकरार जोरों पर है। चलबो गोठान, खोलबो पोल के अभियान के तहत प्रदेश के तमाम दिग्गज भाजपा नेता गोठनों का निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं। इस बीच पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल गोकुल नगर और फुंडहर स्थित गौठान में पहुंचे, इस दौरान उन्होंने देखा कि, गोबर की खरीदी बंद कर दी गई है। संचालन समूहों को पैसे न मिलने, चारा, खाद का बंदोबस्त न होने जैसी स्थितियां भी सामने आई है।

बता दें, पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन ने जब फुंडहर स्थित गौठान गए तो पता चला कि, 3 महीने से गोबर की खरीदी बंद है और 12,64,500 किलो का गोबर गायब नजर आया। जब अफसरों से इस बात की जानकारी ली, तो निगम के कर्मचारियों ने मुस्कुराकर बात को टाल दिया।

विधायक ने सवाल किया रि इतनी बड़ी मात्रा में गोबर न गौठान में कहीं दिखा न ही इसे बेचा गया तो ये गया कहां, वहीं गोठान में रहने वाले भोला नाम के एक व्यक्ति से सवाल किए गए तो उसने कहा कि, आप कृषि मंत्री रहे हैं, आप ही बताइए। इस पर बृजमोहने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक गाय अगर 5 किलो गोबर भी दिन भर में देती है तो 281 जानवरों का दिन का 1405 किलो होता है। महीने का 42,150 किलो और तीन महीने से गोबर खरीदी नहीं हो रही तो तीन महीने का 12,64,500 किलो गोबर कहां रखा है। लेकिन उस वक्त वहां मौजूद सभी लोग मौन दिखाई दिए।

बता दें, बृजमोहन अग्रवाल अपने कार्यकर्ताओं के साथ जब गोकुल नगर इलाके में पहुंचे तो उन्होंने पाया कि, गोबर खरीदी के लिए जो केंद्र बनाया गया है। उसका संचालन करने वाली समितियां अपना काम ही छोड़ चुकी हैं। कार्य छोड़ने की असली वजह यह है कि, गोठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को ठेकेदार पैसा नहीं देते। इसलिए महीनों से इस केंद्र में कामकाज बंद पड़ा है। ठेकेदार खुद ही गोबर लाकर रजिस्टर में एंट्री कर देते है, इसके अलावा यहां पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। यानी गोधन खरीदी केंद्र पूरी तरह से खाली मिला, इस दौरान पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन ने देखा कि, गाय तो यहां नहीं मिली, लेकिन कुत्ते घूम रहे थे और हर जगह कचरा नजर आ रहा था। बीमार पशुओं के इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं है।

इस संबंध में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार राजधानी रायपुर के गौठानों के निरीक्षण में हमने भारी अनियमितता पाई है। साफ तौर पर यह दिखाई पड़ रहा है कि यह पूरी योजना भ्रष्टाचार के मकसद से बनाई गई है। जिसमें केंद्रीय योजनाओं के पैसों का दुरुपयोग किया गया है। इस पूरी योजना में 13 सौ करोड़ रुपए का घोटाला स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ रहा है।

बृजमोहन ने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार पूर्ण रूप से भ्रष्टाचारी सरकार है। अभी तो भाजपा न गौठान का घोटाला उजागर किया है, आने वाले समय में शराब घोटाला, रेत घोटाला,जमीन घोटाला जंगल,नौकरी घोटाला उजागर कर छत्तीसगढ़ की लुटेरी सरकार को बेनकाब करेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाली इस कांग्रेस सरकार की रवानगी अब तय है।

Cow Economy – रायपुर के गौठान से बदली गौवंश एवं गौ पालकों की तकदीर

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की गौठान योजना का क्रियान्वयन करते हुए रायपुर नगर निगम द्वारा फुंडहर, गोकुल नगर, जरवाय के गौठानों में गौवंशीय पशुओं के बेहतर रख-रखाव के साथ ही आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में अभिनव पहल की जा रही हैं। गोकुल नगर गौठान में महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं गौमूत्र का अर्क तैयार करने के साथ ही साथ ब्रम्हास्त्र जैविक कीटनाशक, पौधों के पोषण में उपयोगी जीवा अमृत, गौकाष्ठ और गोबर से 32 तरह के उत्पाद तैयार कर अपने आर्थिक स्तर में बड़ा बदलाव ला रही है।
जरवाय गौठान में दीवारों की पुताई के लिए पेंट तैयार किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अब नगर निगम सहित शासकीय भवनों को इस पेंट से ही पुताई की जा रही है। फुन्डहर गौठान, जहाँ परित्यक्त, घायल ,बीमार व सड़कों पर विचरण करते लावारिस गौ वंशियों को रखने की सभी व्यवस्थायें की गई है,इस गौठान में 281 गायें है।गर्मी के मौसम में इन्हें ठंडक देने फ़ॉगर की व्यवस्था के साथ ही सब्ज़ी बाज़ार से चारे , तरकारी आदि भी नगर निगम द्वारा ख़रीदकर दिए जा रहे हैं।
इस गौठान में 24 घंटे पशु चिकित्सक की सेवा उपलब्ध है तथा 10 कर्मचारी गौठान में नियमित साफ-सफाई, चारे, पानी हेतु शिफ्ट में काम करते हैं। गायों की संख्या बढ़ने पर इन पशुओं को ग्रामीण गौठानॉ में स्थानांतरित किया जाता है और सड़कों पर लावारिस हालत में यहाँ लाए गये पशु की पहचान कर पशु मालिक नियत जुर्माना अदा कर वापस भी ले जाते हैं। रायपुर नगर निगम द्वारा इस समय शहर में तीन गौठानों का संचालन किया जा रहा है। इन गौठानों में परित्यक्त व दुर्घटना में घायल गौधन के देखभाल की व्यवस्था की जाती है। इन गौठानों के बेहतर प्रबंधन से न केवल गौवंशीय पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, बल्कि गौ सेवा में जुटे स्व-सहायता समूहों का जीवन स्तर भी बदला है। गोकुल नगर में “एक पहल महिला स्व-सहायता समूह“ की महिलाएं अर्क निकालने 4 रूपये लीटर पर गौमूत्र क्रय कर रही हैं।
समूह द्वारा उत्पादित जैविक कीटनाशक ब्रम्हास्त्र की भी अत्यधिक मांग है और 50 रूपये लीटर में इस कीटनाशक की बिक्री इस गौठान से की जा रही है। पौधों के लिए उपयोगी जीवा अमृत नामक पोषक भी इस गौठान में उत्पादित हो रहा है। महिलाएं बताती है कि 50 रूपये लीटर बिकने वाले इस जीवा अमृत में पौधों को जीवन प्रदान करने की अद्भुत शक्ति है। इन महिलाओं ने बरसों पुराने मोटे ठूंठ को इसी गौठान में ही वृक्ष के रूप में पुनर्जीवित करने का कार्य भी किया है। महिला समूह द्वारा निर्मित गोबर से बने सूटकेश, दीये, मूर्तियां, पूजन सामग्री, सजावटी सामान की मांग भी बहुतायत है। इसके अलावा वैदिक पद्धति से तैयार बिलौना घी, पनीर, दूध, दही से गौठान की अपनी अलग पहचान बनी है। महिला समूह की सचिव श्रीमती नोमिल पाल बताती है कि कई घायल गौवंशीय के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार के बाद अब इन पशुओं के लिए गौठान अब स्थायी बसेरा है।
घायल अवस्था में दो साल पहले गौठान पहुंचे मुर्रा नस्ल की भैंस अब बच्चे को जन्म देने वाली है। गौवंशीय के वंश वृद्धि के लिए गौठान में कृत्रिम गर्भाधान पद्धति अपनायी जाती थी, किन्तु अब इनके जोड़े भी गौठान में तैयार हो चुके हैं। इस गौठान में छत्तीसगढ़ की कोसली नस्ल के गाय, बछड़ों के अलावा, साहीवाल, थारपार, गिर नस्ल के गौधन भी हैं, जो घायल अवस्था में पशु पालकों द्वारा सड़कों पर छोड़ दिए गए थे, यही गौधन अब स्वस्थ्य होकर दुग्ध व अन्य उत्पादों से महिला समूहों के लिए नये आर्थिक स्त्रोत सृजित करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। जरवाय के गौठान में दीवारों को रंगने के लिए गोबर से पेंट का उत्पादन किया जा रहा है।
इस उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भी स्वयं पहल की है। उनके निर्देश पर रायपुर नगर निगम मुख्यालय सहित अन्य भवनों की दीवारों को गोबर से बने पेंट से ही रंगने की शुरूआत की जा चुकी है। समूह की महिलाएं बताती है कि यह पेंट किसी भी रसायनिक पेंट से ज्यादा उपयोगी है। गोबर पेंट किफायती होने के साथ ही साथ एंटीबैक्टीरियल, एंटी फंगल, नॉन टॉक्सिक और इको फ्रेंडली पेंट के रूप में जाना जाता है, जो कि कैमिकल पेंट की तुलना में अधिक आकर्षक और प्रभावशाली है। समूह की महिलाएं इसे गौठान योजना का बेहतर उत्पाद मानते हुए इसे कृषि आधारित उद्योगों में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखती है। इन सब प्रयासों से गौठानों की आत्म निर्भरता बढ़ रही है एवं इससे जुड़े स्व-सहायता समूह के जीवन में भी बड़े बदलाव की आहट है।

गाय को राष्ट्र माता घोषित करने को रैली निकाली

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गाय को राष्ट्र माता घोषित करने को रैली निकाली

नई टिहरी। गोपाल गो लोक संवर्धन समिति की ओर से आंचल डेयरी स्थित गोशाला में आयोजित धेनु मानस कथा का हवन-यज्ञ, पूर्णाहुति और भंडारे के साथ समापन हुआ। उन्होंने नगर क्षेत्र में रैली निकालकर गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की।
रविवार को धेनु मानस कथा के समापन पर कथा वक्ता गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय हिंदू संस्कृति की प्रतीक है। गाय के बिना सनातन संस्कृति में शुभ कार्य नहीं हो सकते हैं।कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने से गाय संरक्षित होंगी। इसके विषय को धर्म के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। गाय का वैज्ञानिक महत्व भी अलग है। सरकार को चाहिए कि अलग से गो मंत्रालय बनाए। समिति के अध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में गौ भक्तों ने आंचल डेयरी से बौराड़ी तक रैली निकाल कर गाय का संरक्षण करने और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की। इस मौके पर जीतराम भट्ट, विक्रम सिंह कठैत, अनुसूया नौटियाल, देवेंद्र नौटियाल, आनंद सिंह चौहान, घनानंद डोभाल, पीडी चमोली, उर्मिला महर, सरोजिनी, बीना, बबीता, रीना, देवेश्वरी, उर्मिला, रागिनी, हर्षिला, विनीता आदि मौजूद थे।

रोचक व रोमांचक है महिलाओं पर केंद्रित डार्क कॉमेडी फिल्म “चार लुगाई”

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फिल्म समीक्षा : चार लुगाई
कलाकार : निधि उत्तम, मानसी जैन, दीप्ति गौतम, कमल शर्मा, बृजेंद्र काला, सानंद वर्मा, अशोक शर्मा, अभिनव और गरिमा सिंह
लेखक निर्देशक : प्रकाश सैनी
प्रोड्यूसर : गीता शर्मा, अशोक कुमार शर्मा
रेटिंग : 3 स्टार्स

बॉलीवुड में इन दिनों अलग अलग विषयों पर फिल्मों का निर्माण हो रहा है। निर्माता अशोक कुमार शर्मा की फिल्म चार लुगाई का टाइटल जितना यूनिक है इसकी पटकथा और इसका प्रस्तुतिकरण भी उतना ही अनोखा और रोचक है। महिलाओं के जीवन मे कितनी परेशानियां होती है इसका अनूठा चित्रण इस सिनेमा के माध्यम से किया गया है।
फिल्म ‘चार लुगाई’ में एक गांव में रहने वाली चार शादीशुदा महिलाओं की कहानी को पेश किया गया है, जिनके पति रोजी रोटी के चक्कर मे गांव से हजारों किलोमीटर दूर शहरों में जाकर कमाते हैं। ऐसी महिलाओं के दर्द, उनकी भावनाओ को फ़िल्म में डार्क कॉमेडी के अंदाज़ में परोसा गया है जो दर्शकों को हंसाते हंसाते उनकी आंखें नम भी कर देती है।
फ़िल्म “चार लुगाई” की कहानी चार महिलाओं, एक युवक और एक पुलिस इंस्पेक्टर के इर्दगिर्द घूमती है। उन चार महिलाओं का किरदार निधि उत्तम, मानसी जैन, दीप्ति गौतम और कमल शर्मा ने निभाया है। सानंद वर्मा ने इसमें पुलिस इंस्पेक्टर संतोष गुप्ता का किरदार निभाया है जिन्हें एक मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई है। विख्यात चरित्र अभिनेता बृजेंद्र काला ने फिल्म में एक डॉक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
निधि उत्तम जहां ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सहित कई धारावाहिकों में अभिनय कर चुकी हैं वहीं मानसी जैन क्राइम पेट्रोल और फ़िल्म ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में नजर आ चुकी हैं। अशोक शर्मा ने फ़िल्म में गांव के प्रधान की भूमिका अदा की है। सभी एक्टर्स ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। गांव के एक बेफिक्रे युवक के रोल में अभिनव ने भी नेचुरल एक्टिंग की है और उनमें काफी संभावनाएं नजर आती हैं।


19 मई, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही फिल्म चार लुगाई की रोचक, रोमांचक कहानी और प्रतिभाशाली कलाकारों की अदाकारी ने इसे देखने लायक बना दिया है। स्ट्राइप्स एंटरटेनमेंट एलएलपी के बैनर तले बनी फिल्म फिल्म की पटकथा अंजू पटेल और मनीष कौशिक के साथ प्रकाश सैनी ने लिखी है, जबकि संवाद अंजू पटेल द्वारा लिखित है। दीप्ति गौतम ने अभिनय करने के साथ साथ संगीतकार और गीतकार के रूप में भी फिल्म में अपना योगदान दिया है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अनूप भट ने दिया है। फिल्म के छायाकार सोनू पासवान हैं।
मुम्बई में फिल्म के स्पेशल शो के अवसर पर निर्माता अशोक कुमार शर्मा के साथ अभिनेत्री निधि उत्तम, मानसी जैन, दीप्ति गौतम, कमल शर्मा, अभिनव और गरिमा सिंह उपस्थित थे।

Cow Lover : लाडली गाय की अंतिम यात्रा, गांव वालों ने दिया मृत्युभोज, सैकड़ों लोग हुए शामिल

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– अजय कुमार पटवा
उज्जैन. उज्जैन में पशु प्रेम की अनोखी मिसाल देखने को मिली है. यहां गाय लक्ष्मी मीरा की मौत के बाद गांव के लोगों ने सम्मान के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली. अब उसकी याद में गांव वासियों ने मिलकर मृत्युभोज दिया. इस दौरान निमंत्रण कार्ड बांटे गए. भोजन में छह प्रकार के पकवान बनवाए गए.
उज्जैन की घट्टिया तहसील के बकानिया गांव में बीते दिनों गाय की अंतिम यात्रा निकाली गई थी.  गाय का विधिवत हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया था. अपनी लाडली गाय की याद में गांव वासियों ने भोजन प्रसादी का आयोजन किया. इस दौरान निमंत्रण कार्ड बनवा कर लोगों को भेजे गए. गाय की फोटो रखकर उसे याद किया गया और मृत्यु भोज दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए थे.
मृत्युभोज के लिए ग्रामीणों ने इकट्ठे किए पैसे
उज्जैन में गाय के अंतिम संस्कार के बाद मृत्यु भोज कराया गया है. मृत्यु भोज के लिए निमंत्रण पत्र बनवाकर गांव में बांटे गए. इस मृत्यु भोज का आयोजन कराने के लिए गांव वालों ने मिलकर डेढ़ लाख रुपए इकट्ठे किए थे. 1 दिन पहले गाय को याद किया गया. इसके अगले दिन मृत्यु भोज में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए थे. इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और उन्होंने कहा कि गाय की याद में हर साल आयोजन किए जाएंगे