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बप्पी दा के चलें जाने की खबर से मन आहत है-प्रकाश तिवारी मधुर

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संगीत की दुनिया में एक अलग संगीत को पहचान दिलाने वाले बप्पी लहरी जिन्हें डिस्को किंग कहा जाता है। संगीत का एक नया आयाम,नया इतिहास बनाया । याद आ रहा है से लेकर उलाला तक ,सभी गाने लोगों की जुबां पर हैं। गायक संगीतकार प्रकाश तिवारी मधुर बताते हैं कि,कुछ ही दिन पहले उनसे मुलाकात करने लहरी हाउस में गया था,तब एक दम स्वस्थ थे हंसते मुस्कुराते हुए बातें कर रहे थे,मुझसे गाने भी सुने और आशिर्वाद भी दिया । उनके चलें जाने की खबर से मन आहत है,क्यों चलें जाते हैं ऐसे लोग जो दुनियां को हंंसना गाना सिखाते हैं,और फिर अचानक चलें जाते हैं। लता जी के बाद भारत ने एक और रत्न खो दिया।

Singer Prakash Tiwari Madhur With Music Director Late Bappi Lahri Ji in lahri house

Chitra Ramkrishna के घर IT की छापेमारी, हिमालय में भटकते अज्ञात योगी के इशारे पर NSE की कई जानकारी की लीक

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नई दिल्ली, एएनआइ। आयकर विभाग ने NSE के पूर्व एमडी चित्रा रामकृष्णन (Former MD Chitra Ramkrishna) के परिसरों में छापेमारी की है। सेबी समूह संचालन अधिकारी और प्रबंध निदेशक के सलाहकार के रूप में आनंद सुब्रमण्यम की नियुक्ति से संबंधित प्रतिभूति अनुबंध नियमों में कथित उल्लंघन में उनकी भूमिका की जांच कर रहा है। यह फैसला उच्च स्तर पर लिया गया है और टीमों को सुबह से ही रामकृष्ण से जुड़े परिसरों की तलाशी के लिए लगाया गया है। छापेमारी विभाग की मुंबई जांच शाखा द्वारा की जा रही है। 

यह कदम SEBI द्वारा आरोप लगाए जाने के कुछ दिनों बाद लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व प्रमुख एक ‘अज्ञात व्यक्ति’ के साथ स्टॉक एक्सचेंज के बारे में गोपनीय जानकारी का संचार करते थे। नियामक ने आरोप लगाया कि रामकृष्ण ने एनएसई के पांच साल के वित्तीय अनुमान, लाभांश भुगतान अनुपात, एक्सचेंज की व्यावसायिक योजनाओं और एनएसई की बोर्ड बैठक के एजेंडे जैसी गोपनीय जानकारी ‘अज्ञात व्यक्ति’ के साथ साझा की थी।

शुक्रवार को जारी नियामक के 190-पृष्ठ के आदेश के अनुसार सेबी के सामने अपने सबमिशन में रामकृष्ण ने कहा कि वह व्यक्ति एक ‘सिद्ध पुरुष’ या ‘योगी’ था, वह एक ‘परमहंस’ है। सेबी ने एनएसई, रामकृष्ण, पूर्व सीईओ रवि नारायण और दो अन्य को समूह संचालन अधिकारी और प्रबंध निदेशक के सलाहकार के रूप में आनंद सुब्रमण्यम की नियुक्ति से संबंधित प्रतिभूति अनुबंध नियमों का उल्लंघन करने के लिए दंडित किया क्या है NSE का बयान NSE का कहना है कि उक्त आदेश 2013-2016 की अवधि के दौरान एनएसई में कुछ मुद्दों से संबंधित है और इसलिए लगभग 6-9 वर्ष पुराना है। इस संबंध में पिछले कुछ वर्षों में एनएसई में बोर्ड और प्रबंधन स्तर पर कई बदलाव हुए हैं। सेबी एनएसई और अन्य एमआईआई के संचालन की बारीकी से निगरानी और पर्यवेक्षण कर रहा है। बयान के अनुसार, एनएसई ने वर्षों से विभिन्न मामलों पर सेबी के निर्देशों का संचालन किया है और टेक्नोलॉजी वास्तुकला सहित नियंत्रण पर्यावरण को और मजबूत करने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं।

PM Modi Fatehpur Rally: प्रधानमंत्री बोले- बुंदेलखंड में घोषणा करके सो जाने वाले नहीं घोर परिश्रम करने वाले चाहिये

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फतेहपुर के बहुआ रोड के एफसीआई के पास मैदान में फतेहपुर-बांदा और रायबरेली समेत 11 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की जीत के लिए माहौल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंच पर पहुंच गए और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने स्वागत किया। वहीं भाजपा नेताओं ने भारत माता के जयकारे लगाकर उनका स्वागत किया।

फतेहपुर, संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सारे वाद और विवाद एक तरफ और राष्ट्रवाद एक तरफ, यूपी के लोगों ने ठान लिया है कि होली आने से पहले दस मार्च को ही रंगों की होली धूमधाम से विजय की होली मना लेंगे। फतेहपुर बुंदेलखंड के क्षेत्र में पराक्रम और वीरता यहां के लोगों के नसों और खून में है। देश का सामर्थ्य बढ़ता देखकर यहां के लोगों का उत्साह बढ़ता है। लेकिन, यूपी के घोर परिवारवादी हैं, उन्हें देश का पराक्रम कभी नहीं अच्छा लगा। देश कुछ भी अच्छा करता है ये परिवारवादी उसपर सवाल उठाते हैं। वह फतेहपुर के बहुआ रोड पर एफसीआई के पास मैदान में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

कहा, अब अवध और बुंदेलखंड के विकास के लिए बदला लेने वाले नहीं, जमीन पर बदलाव लाने वाले चाहिये, परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले नहीं पलायन को रोकने वाले चाहिये, सिर्फ घोषणा करके सो जाने वाले लोग नहीं बल्कि घोर परिश्रम करने वाले लोग चाहिये। इसलिए चुनाव को महत्वपूर्ण मानिए और ठान लीजिए किए सारे काम छोड़कर मतदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि कोरोना ने दो साल में अपनी चपेट में लिया है और मानवता को संकट में डाला है। ऐसी भयंकर महामारी के बीच एक एक जीवन बचाने के लिए दो साल से काम कर रहे हैं कोशिश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी सरकार में आपके आशीर्वाद से हमे देश की सेवा करने का मौका मिला है, ये भाजपा सरकार देश को मुफ्त टीका लगा रही है, वैक्सीनेशन हो रहा है। घर घर एक एक व्यक्ति को सभी डोज मिल जाए इसके लिए पूरी मेहनत करती है। संकट से आपको रक्षा कवच दिया है, सच्चे अर्थ में मानवता की जिंदगी बचाने का काम किया है। लेकिन, ये परिवारवादी क्या बोल रहे हैं कि ये तो भाजपा का टीका है। अरे ये तो कोरोना से बचने का टीका है, जब यूपी के लोगों ने इनकी बात अनसुनी कर दी, कभी कभी तो लगता है कि टीके से दो लोग डरते हैं, पहला कोराना वायरस और दूसरे टीका विरोधी लोग। रिकार्ड वैक्सीन लगवा दी तो अब ये क्या शुरू किया है कि सरकार ये टीके के पीछे इतना खर्चा क्यों कर रही है। आपकी जिंदगी बचेगी तो मुझे खुशी होगी, आप लोगों ने इतना प्यार दिया सम्मान दिया और पद दिया, मुझे आप लोगों के लिए काम करते रहना है। ये परिवारवादी को टीके से भी समस्या, मोदी से भी समस्या और योगी से भी समस्या।

कहा, दशकों तक घोर परिवारवादी सत्ता में आए, इन्होंने छोटे किसानों के लिए कुछ किया। किसानों के नाम पर झूठी घोषणाएं करके अपने रिश्तेदार और परिवारवादियों की तिजोरियां भरी हैं।

कहा, बेसहारा पशुओं से होने वाली परेशानी कम हो, आपका संकट दूर करने के लिए हम चिंता करते हैं। फतेहपुर के लोग कभी नहीं भूल सकते हैं कि पिछली सरकार के लोग यहां कैसे कैसे दबंगई करते थे। सरकारी जमीनों पर कब्जा, अवैध खनन माफिया ने इस पूरे इलाके को तबाह कर दिया था। योगी जी की सरकार ने इन माफिया का इलाज करके सही किया है ना। घोर परिवारवादियों ने गन्ना मिलों को बंद किया, सिंचाई की सुविधा देने की बजाए अवैध खनन माफिया को पाला पोसा था। दशकों तक ऐसी परियोजनाओं को दबाकर रखा था, लेकिन तब इन्हें बुंदेलखंड के किसानों की याद नहीं आई।

डबल इंजन की सरकार ने सिंचाई परियोजनाएं 44 हजार करोड़ लागत से अधिक खर्च से खेत खेत तक पानी पहुंचाया। केन बेतवा लिंक परियोजना को मैं पूरा करना चाहता हूं लेकिन परिवारवादियों को अगर मौका मिल गया तो ये उसमें भी रोड़ा अटकाएंगे। हमारी सरकार यहां हर घर जल अभियान चला रही है। भाजपा सरकार का फतेहपुर और इस क्षेत्र से स्नेह है। घोर परिवारवादियों ने यहां से पल्ला झाड़ लिया था लेकिन भाजपा ने फतेहपुर की आकांक्षा को समझा और उसे पूरा किया।

78 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर याद किये गए भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब फाल्के

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प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

गोरेगांव (मुम्बई) स्थित दादा साहेब फाल्के चित्र नगरी,फिल्म सिटी स्टूडियो में भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब फाल्के की 78 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर फिल्मसिटी स्टूडियो प्रबंधन द्वारा एक भव्य समारोह आयेजित किया गया। इस समारोह में भारतीय फिल्म जगत से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, बॉलीवुड के नामचीन शख्सियतों व महाराष्ट्र सरकार के प्रशाशनिक पदाधिकारियों के अलावा दादा साहेब फाल्के के ग्रैंडसन चंद्रशेखर कुशेलकर भी अपने पूरे परिवार के सदस्यों के साथ, अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सभी ने दादा साहेब फाल्के की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात दिवंगत भारत रत्न लता मंगेशकर और संगीतकार बप्पी लहरी के लिए श्रंद्धांजलि स्वरूप एक मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद दादा साहेब फाल्के की स्मृति में भारत सिने एंड टीवी राइटर एसोसिएशन तत्वाधान में निर्धारित छठे कफ(KAF) अवार्ड के लिए फिल्म विधा से जुड़े चयनित नवोदित प्रतिभाओं को रविन्द्र अरोड़ा के द्वारा अवार्ड दे कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में वेस्टर्न इंडिया फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन की खास भागीदारी रही।

दादा साहेब फाल्के के ग्रैंडसन चंद्रशेखर कुशेलकर ने कार्यक्रम के दौरान अपने संक्षिप्त भाषण में दादा साहेब फाल्के के संघर्ष काल की चर्चा  करते हुए कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पूरी दुनिया मे हर साल सबसे ज्यादा फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। देश का हर दूसरे नौजवान फिल्मों में काम करने की या फिर फिल्मों से जुड़ी अन्य विधाओं से खुद को जोड़ कर अपना कैरियर बनाना चाहता है। लेकिन देश में जब दादा साहेब फाल्के जी ने फिल्म निर्माण को शुरू किया होगा तो उनको कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा इसको हमेशा दिल और दिमाग में रखना होगा। आज सिनेमा उद्योग कई तरह के संकटों के दौर से गुज़र रहा है। इससे घबराना नहीं है।

आज धैर्य के साथ संघर्ष करने की आवश्यकता है।विदित हो कि दादासाहब फाल्के का असल नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के था। उनका जन्म 30 अप्रैल, 1870 को महाराष्ट्र के त्रिम्बक (नासिक) में एक मराठी परिवार में हुआ था। सन1910 में तब के बंबई के अमरीका-इंडिया पिक्चर पैलेस में ‘द लाइफ ऑफ क्राइस्ट’ दिखाई गई थी। थियेटर में बैठकर फिल्म देख रहे धुंदीराज गोविंद फाल्के ने तालियां पीटते हुए निश्चय किया कि वो भी भारतीय धार्मिक और मिथकीय चरित्रों को रूपहले पर्दे पर जीवंत करेंगे। इसके बाद दादा साहेब ने फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ का निर्माण कार्य शुरू किया जो देश की पहली फीचर फिल्म के रूप में जानी जाती है। दादा साहेब अपनी इस फिल्म के सबकुछ थे। उन्होंने इसका निर्माण किया, निर्देशक भी वही थे, कॉस्ट्यूम डिजाइन, लाइटमैन और कैमरा डिपार्टमेंट भी उन्हीं ने संभाला था। वही फिल्म की पटकथा के लेखक भी थे।

3 मई 1913 को इसे कोरोनेशन सिनेमा बॉम्बे में रिलीज किया गया। यह भारत की पहली फिल्म थी। राजा हरिश्चंद्र की सफलता के बाद दादा साहेब फाल्के ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद दादा साहेब फाल्के ने देश की पहली फिल्म कंपनी’हिंदुस्तान फिल्म्स’ की स्थापना की। ‘राजा हरिश्चंद्र’ से शुरू हुआ उनका करियर 19 सालों तक चला। राजा हरिश्चंद्र की सफलता के बाद अपने फिल्मी करियर में उन्होंने 95 फिल्म और 26 शॉर्ट फिल्में बनाईं। उनकी सफल फिल्मों में मोहिनी भस्मासुर (1913), सत्यवान सावित्री (1914), लंका दहन (1917), श्री कृष्ण जन्म (1918) और कालिया मर्दन (1919) के नाम उल्लेखनीय  हैं।

उनकी आखिरी मूक फिल्म ‘सेतुबंधन’ थी और आखिरी फीचर फिल्म ‘गंगावतरण’ थी। उनका निधन 16 फरवरी 1944 को नासिक में हुआ था। उनके सम्मान में भारत सरकार ने 1969 में ‘दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड’ देना शुरू किया। यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। सबसे पहले यह पुरस्कार पाने वाली देविका रानी चौधरी थीं। 1971 में भारतीय डाक विभाग ने दादा साहेब फाल्के के सम्मान में एक डाक टिकट भी जारी किया।आज भले ही दादा साहेब फाल्के हमारे बीच नहीं है लेकिन आज भी उनका संदेश व उनके संघर्षों को बयां करते पदचिन्ह भारतीय फिल्म जगत के फिल्मकारों  को कर्मपथ पर धैर्य के साथ अग्रसर रहने के लिए सदैव प्रेरित  करता है और युगों युगों तक करता रहेगा।

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फतेहपुर-बिंदकी में तीन गौ-तस्करों को तमंचा व बम के साथ दबोचा

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फतेहपुर – बिंदकी पुलिस ने सोमवार की रात तीन गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से प्रतिबंधित मांस के साथ तमंचा व देशी बम भी बरामद किया है। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस को सूचना मिली कि तस्कर प्रतिबंधित मांस बिक्री के लिए ले जा रहे हैं। इस पर क्षेत्र के नाथुखेड़ा तिराहे पर ग्राम आलमगंज के पास घेराबंदी की गई। पुलिस की टोकाटाकी पर तस्करों में हमला करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस ने जबावी कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। बिंदकी सीओ योगेन्द्र मलिक ने बताया कि शातिरों के पास एक तमंचा, कारतूस, चार देशी बम और 50 किलो प्रतिबंधित मांस से लदी दो बाइकों को बरामद कर लिया। हत्थे चढ़े शातिर शबलु , फुरकान व गुलफाम निवासी आलमगंज हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में एसएसआई राजेश कुमार सिंह, शहनवाज हुसैन, पंकज, नीतेश आदि पुलिस बल मौजूद रहे।

सरकारी उदासीनता से आलू किसान नाराज तीसरे चरण में 36 सीटें आलू बेल्ट में

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  • Ajay Bhattacharya

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण में शामिल 16 जिलों की 59 विधानसभा क्षेत्रों में 36 विधानसभा क्षेत्र आलू उत्पादक हैं। यादव, कुर्मी बहुलता वाले इन इलाकों में किसान आलू को खरा सोना मानते हैं। अगर आलू के उत्पादन क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है। यहां करीब 6.1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आलू बोया जाता है। प्रदेश में करीब 147.77 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ है। आगरा से शुरू होकर मथुरा, इटावा, फर्रुखाबाद से लेकर कानपुर देहात तक फैले आलू बेल्ट में देश में होने वाली कुल पैदावार का करीब 30 फीसदी हिस्सा पैदा होता है। डीजल की कीमतों में वृद्धि, डीएपी और यूरिया की कमी, तैयार आलू आढ़ती के सहारे होने का दर्द किसानों को बेचैन किए रहता है। आलू उत्पादक किसानों को रिझाने के लिए हर दल के घोषणा पत्र में इसका जिक्र है।

भाजपा ने मेगा फूड पार्क, एक जनपद एक उत्पाद, फूड प्रॉसेसिंग, किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, स्टोरेज प्लांट आदि को अपने घोषणापत्र में जगह दी है। तो समाजवादी पार्टी ने भी किसान आयोग का गठन, ग्रीन फील्ड परियोजनाओं के लिए लैंड बैंक की स्थापना, किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, ब्याज मुक्त कर्ज, हर 10 किलोमीटर के दायरे में किसान बाजार नेटवर्क के तहत बाजार की स्थापना, सभी मंडलों में फूड प्रॉसेसिंग क्लस्टर।

प्रदेश में पांच जगह फूड प्रॉसेसिंग क्लस्टर, कन्नौज में कंटेनर डिपो के साथ आलू निर्यात क्षेत्र की स्थापना जैसे ख्वाब अपने घोषणापत्र में परोसे हैं। वहीं कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कोल्ड स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा, हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की बात रखी है।

मगर किसी भी पार्टी के घोषणापत्र में गन्ने की तरह आलू की भी कीमत निर्धारित करने की बात गायब है। फर्रुखाबाद आलू आढ़ती एसोसिएशन का कहना है कि यहां का आलू पश्चिम बंगाल, असम के साथ ही नोएडा भी जाता है। नोएडा में आलू पाउडर बनाने की कंपनी है। यदि यह सुविधा आलू बेल्ट में हो जाए, तो यहां के किसानों और आढ़तियों, दोनों को फायदा मिलेगा।

इंडियन पोटैटो ग्रोवर एंड एक्सपोर्ट सोसायटी चाहती है कि हर जिले में गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था हो जाए तो अन्य राज्यों में आलू भेजना आसान हो जाय। वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने पर तत्कालीन सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने पहल की थी। उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मंडी परिषद के किसानों को प्रशिक्षण दिलाया। बाद में पता चला कि निर्यात के लिए जरूरी रोगमुक्त प्रमाण पत्र दिए जाने की यहां व्यवस्था ही नहीं है। गन्ना परिषद की तरह आलू विकास परिषद, आलू आयोग का गठन हो, नए बीज के लिए अनुसंधान केंद्र बने और निर्यात की दृष्टिकोण से किसानों को आलू बीज उपलब्ध कराए जाएं।

सरकार आलू की लागत का मूल्यांकन करे और खोदाई के वक्त बाजार भाव तय करे, तो किसानों का फायदा होने लगेगा। मजदूरों के साथ आलू की खोदाई में लगे किसान कहते हैं, इस बार पैदावार तो ठीक है, बस अच्छे दाम का इंतजार है। 10 फरवरी को भाव 800 रुपये क्विंटल था, पर यह तय नहीं है कि आगे भी यही स्थिति रहेगी। न्यूनतम भाव तय हो जाए तो किसान इत्मीनान की सांस ले। वह सवाल करते हैं कि आखिर गन्ने की तरह आलू का भाव क्यों तय नहीं होता है? आलू का औद्योगिक विकास क्यों नहीं हो रहा है? हर दूसरे साल आलू फेंकने की नौबत क्यों आती है? इसे लेकर समूचे आलू बेल्ट के किसानों में सभी दलों के प्रति गुस्सा है। कुछ ऐसा ही सवाल फर्रुखाबाद के बुढ़नामऊ के किसान भी करते हैं। खेत में आलू की खोदाई में व्यस्त इन किसानों का कहना है कि हर चुनाव में चिप्स, अल्कोहल फैक्टरी और आलू पाउडर बनाने की बात उठती है। इस चुनाव में भी राजनीतिक दल इसके दावे करने लगे हैं। लेकिन यह दावा हकीकत में बदल पाएगा, इस पर संशय है। ऐसे में वोट उसे ही देंगे, जो आलू किसानों की बात करेगा। कमालगंज हो कायमगंज, सियासी दलों की आलू किसानों के प्रति उदासीनता से किसानों में नाराजगी है।

अलबत्ता घोषणा पत्र के सवाल पर वे कहते हैं कि कुछ ने ज्यादा तो कुछ ने कम, आलू से जुड़ी बातें रखी हैं। पर, ऐसी घोषणाएं तो हर चुनाव में होती हैं। वे धरातल पर उतरेंगी, इसमें संशय है। फर्रुखाबाद से आगे बढ़ने पर कायमगंज से लेकर एटा तक और मैनपुरी से फिरोजाबाद तक खेतों में आलू के ढेर लगे हैं। सातनपुर आलू मंडी में पहुंचने वाले किसान सवाल उठाते हैं उनकी उपज की बिक्री को लेकर सरकार गंभीर क्यों नहीं होती है? आलू आधारित उद्योग नहीं लगने की वजह से उनके बच्चे उन्हें छोड़कर दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में रहने के लिए विवश हैं। क्योंकि, आलू से मिलने वाले रुपये से सिर्फ पेट भरता है।

जीवन स्तर नहीं सुधारा जा सकता है। बेटी की शादी हो या बेटे की कोचिंग की फीस, इसकी भरपाई आलू की उपज नहीं कर पाती है। एटा के प्रगतिशील किसान कहते हैं, हमेशा की तरह चुनावी सीजन में चिप्स फैक्टरी, अल्कोहल फैक्टरी, प्रसंस्करण आदि की सबको याद आ रही है। फर्रुखाबाद के नवाबगंज में चिप्स फैक्टरी के लिए 2013 में और कन्नौज में वोदका फैक्टरी के लिए जमीन अधिगृहीत की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। मथुरा में आलू चिप्स उत्पादन इकाई की बात चली, लेकिन किसानों को कोई फायदा नहीं मिला। आलू में परता (मुनाफा) कम होता जा रहा है। इसलिए सड़क के किनारे की जमीनों पर दुकान बनवा दिए हैं। दो साल तक आलू की खेती में फायदा होता है। तीसरे साल अचानक मूल्य में गिरावट होती है और लागत भी नहीं निकल पाती है। करीब 10 साल से यही प्रचलन रहा है।

कानपुर देहात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक सभा
चिराग सुन्दर लाल गुप्ता की टीम ने संभाला मोर्चा

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श्री चिराग सुंदरलाल गुप्ता ने प्रधानमंत्री के बारे में बताया कि उन्होंने जब अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में रंगों वाली होली 10 दिन पहले ही मनाई जाएगी। 10 मार्च को चुनाव नतीजे आते ही धूमधाम से रंगों वाली होली मनाई जाएगी। भाजपा के प्रचंड जीत की खुशी मनेगी। ममता बनर्जी की पार्टी के एक नेता जो गोवा में चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं उनसे पूछा गया कि गोवा में आपकी पार्टी का कोई वजूद तो है नहीं, आप यहां चुनाव लड़ने क्यों आए हो। वो कहते है कि हमने तो इस पार्टी से इसलिए गठंधन किया है, क्योंकि हम गोवा में हिंदू वोटों को बांटना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि सारी समस्याओं का समाधान विकास में ही है। विपक्ष मतदाताओं को गुमराह करते हैं। फिर बाद में हार का ठीकरा जनता के सिर मढ़ देते हैं।

सभा से पहले चिराग सुन्दर लाल गुप्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए

उत्तरप्रदेश। संवाददाता, दिनाँक १५ फ़रवरी को कानपुर देहात में अकबरपुर के शहजादपुर स्थित मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि हिंदू वोटों को बांटना चाहते हो तो किसके वोट इकट्ठा करना चाहते हो। वोट बांटने की राजनीति करने वालों से सावधान रहें। प्रधानमंत्री ने कहा कि घोर परिवारवादी 2022 के चुनाव में हारेंगे।

गौरतलब हो कि उत्तरप्रदेश विधानसभा 2022 के दूसरे चरण के दौरान भाजपा उत्तरभारतीय मोर्चा महाराष्ट्र प्रदेश के अध्यक्ष श्री संजय पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ो प्रवासी भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की टीम उत्तरप्रदेश के 54 विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र व उत्तरप्रदेश सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच मे ले जाकर 2022 के चुनावों में भाजपा को वोट कर एकबार फिर उत्तरप्रदेश में बाबा योगी आदित्यनाथ की सरकार बनाने व उत्तरप्रदेश से गुंडाराज खत्म कर प्रदेश में सुशासन की सरकार लाने के लिए यद्ध स्तर पर कार्य कर रहे है बता दें कानपुर देहात की चार विधानसभा की जिम्मेदारी जिला प्रवासी के रूप में भारतीय जनता पार्टी उत्तरभारतीय मोर्चा कोषाध्यक्ष श्री चिराग गुप्ता एवं उपाध्यक्ष श्री अर्जुन गुप्ता की अगुवाई में दस प्रवासी कार्यकर्ताओ के साथ कानपुर देहात में पिछले डेढ़ महीने से भाजपा प्रत्याशियों को विजय दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे है वही 14 फरवरी को देश के यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक जनसभा के साक्षी बने श्री चिराग सुंदरलाल गुप्ता ने एक पत्रकार परिषद में बताया कि बड़े सौभाग्य की बात है कि इस ऐतिहासिक पल का प्रत्यक्ष दर्शी होने व देश के महान व विकाश पुरुष श्री नरेन्द्र मोदी से साक्षात्कार व आशीर्वाद प्राप्त करने का सुअवसर मिला,जीवन धन्य धन्य हो गया।

श्री चिराग सुंदरलाल गुप्ता ने प्रधानमंत्री के बारे में बताया कि उन्होंने जब अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में रंगों वाली होली 10 दिन पहले ही मनाई जाएगी। 10 मार्च को चुनाव नतीजे आते ही धूमधाम से रंगों वाली होली मनाई जाएगी। भाजपा के प्रचंड जीत की खुशी मनेगी। ममता बनर्जी की पार्टी के एक नेता जो गोवा में चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं उनसे पूछा गया कि गोवा में आपकी पार्टी का कोई वजूद तो है नहीं, आप यहां चुनाव लड़ने क्यों आए हो। वो कहते है कि हमने तो इस पार्टी से इसलिए गठंधन किया है, क्योंकि हम गोवा में हिंदू वोटों को बांटना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि सारी समस्याओं का समाधान विकास में ही है। विपक्ष मतदाताओं को गुमराह करते हैं। फिर बाद में हार का ठीकरा जनता के सिर मढ़ देते हैं।

सपा पर हमला करते हुए कहा कि घोर परिवारवादियों ने यूपी को दिन रात लूटा। यहां के लोगों को अपराधियों, दंगाइयों और माफियाओं के हवाले कर दिया। इन लोगों का बस चलता तो कानपुर और यूपी के शहरों में हर एक मोहल्ला माफियागंज के नाम पर बना देते।

पीएम ने कहा कि योगी सरकार की सख्ती से मनचलों, गुंडों, दबंगों, दंगाइयों में जो डर पैदा हुआ है, वो हमारी बहन-बेटियों के हौसलों को बुलंद करने में बहुत उपयोगी है। इसलिए यूपी की हर बहन-बेटी कह रही है कि यूपी के लिए योगी बहुत उपयोगी हैं। पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमनें जो पैसा दिल्ली से भेजा उसकी पाई-पाई का उपयोग हुआ और उत्तर प्रदेश में 34 लाख घर पक्के घर गरीबों को बनाकर दिए गए।

गौ तस्करों ने किया पुलिस टीम पर हमला हरियाणा में गौ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, तीन गिरफ्तार

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फरीदाबाद, 15 फरवरी (भाषा) हरियाणा के फरीदाबाद में पुलिस की अपराध शाखा ने गौ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार की सुबह पांच बजे पुलिस थाना धौज की टीम एक गोपनीय सूचना पर क्षेत्र में गौ तस्करों को पकड़ने गई थी कि इसी दौरान उन्होंने पुलिस दल पर हमला कर दिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और कुछ आरोपी फरार हो गये जिनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गौरक्षा अधिनियम, हिंसा करने, पुलिस दल पर हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने तथा अवैध हथियार अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मंगलवार पांच बजे तड़के पुलिस थाना धौज की टीम एरिया में गश्त कर रही थी। इस बीच सूचना मिली कि धौज गांव में निजाम नामक व्यक्ति अपने घर के सामने गाय को काट रहा है। एसआई धर्मेंद्र की अगुवाई में टीम गठित की गई। टीम बताए गए स्थान पर पहुंची तो वहां पर आरोपित निजाम, बद्री, साजिद गाय को काट रहे थे। पुलिस को देखकर बाकी आरोपित फरार हो गए परंतु निजाम को जब पुलिस पकड़ने लगी तो मारने की नियत से उसने अपने हाथ में ली हुई कुल्हाड़ी पुलिस टीम की तरफ फेंक दी। हालांकि पुलिसकर्मियों पर कुल्हाड़ी लगते लगते रह गई और आरोपित निजाम को पकड़ लिया गया। टीम जैसे ही आरोपित को लेकर आने लगी तो उसने शोर मचा दिया और शोर सुनकर उसके घर से उसके कई साथी आ गए जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। उसके साथियों में आरोपित बदरू, साजिदा, आयशा, मेहरूमा तथा उसकी बेटियां भी मौके पर पहुंच गई और लाठी-डंडों के साथ पुलिस पार्टी पर हमला करते हुए आरोपित निजाम को छुड़ाकर ले गए। इस हमले में पुलिसकर्मियों को काफी चोटें आईं तथा तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस पार्टी ने इसकी सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जिसके बाद पुलिस टीम को वापस बुलाया गया। पुलिस ने मौके से 120 किलो मांस, लोहे की तीन छुरियां, एक कुल्हाड़ी, एक सुआ और तराजू बाट अपने कब्जे में ले लिए।

एसीपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच 17, 48, 56,65, बॉर्डर तथा थाना पुलिस की एक टीम तैयार की गई जिसमें करीब 35 से 40 पुलिसकर्मी शामिल थे। गठित की गई टीम आरोपितों को दोबारा पकड़ने के लिए गांव में गई जहां पर उन्होंने आरोपित साजिद उर्फ टिल्लम, बदरू तथा उसकी पत्नी मेहरून को मौके से काबू कर लिया। इस मामले में शामिल अन्य आरोपित निजाम, यूनि

छत्तीसगढ़ के इस किसान ने निकाला यूरिया का देशी जुगाड़ गौ-मूत्र, दावा-पांच साल से प्रयोग, हर बार बेहतर पैदावार

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दुर्ग. यूरिया के संकट से प्रदेशभर के किसान जूझ रहे हैं। ऐसे में इसका देशी जुगाड़ सामने आया है। पाटन के ग्राम अचानकपुर के किसान रोहित साहू ने इसका विकल्प खोज निकाला है। किसान का दावा है कि यूरिया के विकल्प के रूप में गौ-मूत्र का उपयोग किया जा सकता है। पांच साल में दस फसलों पर प्रयोग के आधार पर किसान का दावा है कि इससे यूरिया की तुलना में बेहतर पैदावार हो रहा है। जैविक खेती में हाथ आजमाकर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके रोहित साहू बताते हैं कि उन्होंने खुद के खेतों में गौ-मूत्र के प्रयोग के साथ इसके प्रभावों को लेकर गहन अध्ययन किया। इसके आधार पर कब कितनी मात्रा में गौ-मूत्र का छिड़काव किया जाए यह तय किया है। इसमें तीन साल से ज्यादा समय लगे। अब वे यूरिया की जगह गौ-मूत्र के इस्तेमाल से ही धान और गेहूं की खेती कर रहे हैं। इसमें बेहतर परिणाम मिल रहा है। उन्होंने बताया कि फूल की स्थिति को छोड़कर गौ-मूत्र का प्रयोग कभी भी किया जा सकता है। यह सामान्य यूरिया से कहीं बेहतर व फायदेमंद है।

खुद झेला संकट, तब आजमाया हाथ
किसान रोहित बताते है कि उन्होंने यूरिया संकट का दुष्परिणाम झेला तब उन्होंने गौ-मूत्र के प्रयोग पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि यूरिया नहीं मिलने पर गेहूं की फसल में गौ-मूत्र डाला। इसमें बेहतर परिणाम आया। इसके बाद से उन्होंने यूरिया का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया है।जैविक खेती के लिए चला रहे मुहिम
रसायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से चिंतित रोहित जैविक खेती को लेकर भी मुहिम चला रहा है। रोहित वर्ष 2013 में जैविक खेती शुरू की। तब जिले में एक-दो किसान ही प्रायोगित तौर पर जैविक खेती करते हैं। अब जिले के 2700 से ज्यादा किसान 8000 एकड़ से ज्यादा में जैविक खेती कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर किसान ऐसे हैं जो रोहित की प्रेरणा से जैविक खेती से जुड़े हैं।गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षण
रोहित किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण भी देते हैं। वे किसानों के समूह के साथ खुद के खर्च पर सेमीनार, प्रशिक्षण, गोष्ठी आदि का आयोजन करते है। लोगों को जैविक खाद, कीटनाशक, बीज आदि भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि वे एक अभियान से जुड़कर पाटन के 20 गांवों के किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं।यूरिया के विकल्प के रूप में गौ-मूत्र का इस तरह कर सकते हैं उपयोग
0 10 दिन की फसल में 700 एमएल/स्प्रेयर (15 लीटर पानी)
0 20 दिन की फसल में 1400 एमएल/स्प्रेयर
0 30 दिन की फसल में 2100 एमएल/स्प्रेयर
0 40 दिन की फसल में 3000 एमएल/स्प्रेयर
0 50 दिन या उससे अधिक में 3800 एमएल/स्प्रेयर
गौ-मूत्र के उपयोग से यह भी फायदे
0 सख्त हो चुकी जमीन को मुलायम करता है।
0 जमीन में केचुओं की संख्या में बढ़ोतरी होती है।
0 गोमूत्र छिड़कने के बाद पानी नदी-नाले में जाने से कोई प्रदूषण नहीं।
0 छिड़काव करने वाले के स्वास्थ्य पर कोई भी विपरीत प्रभाव नहीं।
0 दुर्गंध के कारण जंगली सूअर फसल को नुकसान नहीं पहुंचाता।
0 जहरमुक्त अनाज का उत्पादन, जो इम्यूनिटी पावर को बढ़ाता है।
0 जैव विविधता और पर्यावरण के लिए अत्यंत उपयोगी।

Cattle Smuggling Case: गौ तस्करी मामले में CBI कार्यालय में हाजिर हुए बांग्ला फिल्म एक्टर और TMC MP देव

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बांग्ला फिल्म अभिनेता और टीएमसी सांसद देव Bengali Film Actor Dev गौ तस्करी मामले (Cow Smuggling) में एक गवाह के रूप में पूछताछ के लिए मंगलवार की सुबह सीबीआई कार्यालय (CBI Office) निजाम पैलेस पहुंचे. उन्हें इस मामले में सीबीआई ने तलब किया था और उन्हें मंगलवार को पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि, चूंकि वह काफी व्यस्त रहते हैं, इसलिए यह सोचा जा रहा था कि वह हाजिर नहीं होंगे. इसके बजाय उनके वकील से मिल सकते हैं. हालांकि एक्टर मंगलवार को निजाम पैलेस में खुद नजर आए और फिलहाल सीबीआई के अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं. सीबीआई ने पहले कहा था कि वह इस मामले में तृणमूल सांसद और अभिनेता दीपक अधिकारी उर्फ ​​देव से पूछताछ करना चाहती है.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को देव को इस आशय का नोटिस भेजा था. नोटिस में देव को 15 फरवरी को सुबह 11 बजे तक निजाम पैलेस स्थित सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के कोलकाता कार्यालय में रिपोर्ट करने को कहा गया था. उन्होंने नोटिस का पालन किया और पेश हुए.

गौ तस्करी के मामले में सामने आया था देव का नाम

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि देव और पशु तस्करी मामले के बीच क्या संबंध है. सीबीआई के नोटिस में भी इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया. हालांकि सूत्रों ने बताया कि पशु तस्करी मामले में विभिन्न गवाहों से पूछताछ के दौरान देब का नाम सामने आया था. हालांकि तृणमूल सांसद देव ने नोटिस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी. सीबीआई सूत्रों का कहना है कि छह महीने पहले ही गौ तस्करी मामले में देव के शामिल होने की बात आई थी, लेकिन उसके पास कुछ ठोस प्रमाण नहीं थे. उसके बाद जांच के सिलसिले में इस मामले में देव के शामिल होने के प्रमाण मिले हैं. उसके बाद ही अभिनेता को तलब किया गया है.

तस्करी के आरोपी इनामुल हक से गिफ्ट लेने का आरोप

बताते चलें कि पिछले दिनों मवेशी तस्करी मामले में मुख्य आरोपित इनामुल हक को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. इनामुल मवेशियों की सीमा पार बांग्लादेश में तस्करी करने का मुख्य आरोपित है. मामले में एक बीएसएफ कमांडेंट को भी गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि तस्करी में घूस की रकम राजनीतिक दलों और स्थानीय अधिकारियों को दी जाती थी. सीबीआई ने मवेशी तस्करी मामले में पिछले वर्ष छह फरवरी और 21 फरवरी को चार्जशीट दाखिल की थी. बीएसएफ कमांडेंट समेत मामले के अन्य आरोपितों को जमानत मिल चुकी है. इनामुल हक तस्करी गिरोह का सरगना है।.इस मामले में बीएसएफ कमांडेंट, कस्टम्स आफिसर, स्थानीय पुलिस और अन्य लोग मवेशियों की सीमा पार तस्करी करवाने में संलिप्त हैं. सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अभिनेता देव ने 2017-18 में गौ तस्करी के मामले के मुख्य आरोपी इनामुल हक से कुछ लाख नकद और एक घड़ी सहित कई उपहार दिये थे. एनामुल होक ने सीबीआई को दिए एक बयान में यह बात कही थे. उस बयान के मुताबिक, देव को पूछताछ के लिए तलब किया गया है.