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‘गोदान’ के एक गाने की रिकॉर्डिंग सम्पन्न, शान ने दिया स्वर

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मुम्बई। दीनदयाल कामधेनु गऊ अनुसंधान केंद्र की नवीनतम प्रस्तुति ‘गोदान’ के एक गाने की रिकॉर्डिंग पिछले दिनों अंधेरी (पश्चिम), मुम्बई स्थित साउंडियाज Soundideaz स्टूडियो में सम्पन्न हुई।
रिकॉर्डिंग के पूर्व मुम्बई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संचालक डॉ सतीश ने नारियल तोड़ कर भगवान श्री गणेश की पूजार्चना की। गाने की रिकॉर्डिंग के क्रम में जयनन्द कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बाला साहेब चौधरी करवा क्षेत्र संघ संचालक (पश्चिम उत्तरप्रदेश), महेश गुप्ता अध्यक्ष कामधेनु गऊ अनुसंधान केंद्र मथुरा, हरिशंकर कामधेनु अनुसंधान केंद्र मथुरा, महेंद्र जी भाई क्षेत्र प्रचारक पश्चिम उत्तरप्रदेश/उत्तराखंड और सभी संघ समितियों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी ज़ूम मीटिंग के द्वारा ऑनलाइन रिकॉर्डिंग स्टूडियो से जुड़े रहे।
इस अवसर पर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में प्रोड्यूसर संदीप मारवाह का जन्मदिन केक काटकर पूरी प्रोडक्शन टीम के द्वारा मनाया गया। गीतकार समीर द्वारा लिखे गीत ‘जय गऊ जय गोपाला…’ को बॉलीवुड के प्रसिद्ध सिंगर शान एवं कोरस ने स्वर दिया।

विश्व प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘गोदान’ पर आधारित इस फिल्म के निर्मातद्वय विनोद कुमार चौधरी व संदीप मारवाह हैं। भारतीय फिल्म जगत के चर्चित निर्देशक अशोक त्यागी के निर्देशन में बनने वाली इस फिल्म के कैमरामैन बिनोद प्रधान, एक्शन डायरेक्टर बब्बू खन्ना, ध्वनि अनूप देव और संगीतकार ऋजु रॉय हैं।

रिपोर्ट – संतोष साहू

Rajasthan Crime News: डीग में गौ तस्करों ने पुलिस पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, 25 गोवंशों को कराया मुक्त, दो गिरफ्तार

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राजस्थान के भरतपुर से सटे डीग जिले में देर रात पुलिस ने गौ तस्करों से 25 गोवंशों को मुक्त कराया. डीग जिले में पुलिस और गौ तस्करों की भिड़ंत हो गई. पुलिस की कार्रवाई से बौखलाए गौ तस्करों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गौ तस्करों के फायरिंग के बावजदू पुलिस ने बहादुरी से उनका पीछा किया और दो गौ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने गौ तस्करों के कब्जे से 25 गोवंश को मुक्त कराया है.

इस संबंध में पुलिस की जिला स्पेशल टीम को सूचना मिली थी कि कई दिनों से गौ तस्कर, गोवंशों को ट्रक में भरकर ले जाते हैं. विगत रात भी गौ तस्कर एक ट्रक में गौवंश भरकर ले जा रहे थे. इसकी सूचना मिलने पर पुलिस टीम एक्टिव हो गई. पुलिस ने गौ तस्करों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी कर दी. इसी दौरान पुलिस टीम को गौ तस्कर एक ट्रक में 25 गोवंश भरकर हरियाणा की तरफ ले जाते हुए दिखे. जिसके बाद पुलिस की गाड़ी ने गौवंश से भरे ट्रक का पीछा किया, तो गौ तस्करों ने पुलिस पर फायरंगि शुरू कर दी.

गौ तस्करों के ट्रक का फटा टायर 
गोवंश को लेकर जा रहे गौ तस्करों के ट्रक का टायर फट गया और उसके बाद पुलिस ने दो गौ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी गौ तस्करों के पास से जब्त किए गए ट्रक से 25 गोवंश मुक्त कराए. गौ तस्करों के द्वारा पुलिस पर की गई फायरिंग से किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं लगी है. गौ तस्करों द्वारा पुलिस पर हमला करने की घटना नगर थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने ट्रक को जब्त कर 25 गोवंश को मुक्त कराकर गौशाला में शिफ्ट कर दिया है.

क्षेत्र में गौ तस्करों के हौसले बुलंद
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान दो गौ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है. गौ तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है. गिरफ्तार गौ तस्कर की पहचान असलम और सलमान के रुप में हुई, जो डीग जिल के रहने वाले हैं. गौरतलब है कि साल 2014 में बीजेपी की वसुंधरा राजे सरकार ने भरतपुर के मेवात क्षेत्र में गौ तस्करी पर लगाम लगाने के लिए 5 गौरक्षा पुलिस चौकी खोली गई थी, लेकिन यहां पर पुलिस स्टाफ की तैनाती नहीं होने से सभी चौकियां ठप्प पड़ी हुई हैं. इससे गौ तस्करों के हौसले बुलंद हैं.

फिल्म ‘सलार’ के सेट पर चढ़ा प्रभास और पृथ्वीराज की मित्रता का रंग, प्रभास ने बातों बातों में बताई बातें

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प्रश्न – एस एस राजमौली ने आपको ‘सलार’ करने के लिए प्रोत्साहित किया और आप अपने आने वाले परियोजनाओं पर अक्सर उनसे सलाह लेते हैं। जब फिल्ममेकर प्रशांत नील ने आपको “सलार” के बारे में बताया, तो आप सीधे उनके पास गए। क्या आपको लगता है कि एसएस राजमौली की इस चयन में बाहुबली के बाद विश्वास बढ़ा था? आपके ख्याल में उनकी सलाह पर कितना विश्वास है?

प्रभास – हाँ, लगभग 15 साल हो गए हैं फिल्म ‘छत्रपति’ के बाद, हमने दोस्ती बनाई है। उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। जब प्रशांत या कोई और आता है, हम सामान्य चर्चा करते हैं। राजमौली ऐसा नहीं करते कि, ‘तुम्हें ऐसा करना चाहिए’, या ‘तुम्हें वैसा करना चाहिए’। हम दोस्तों की तरह बातचीत करते हैं। मैंने राजमौली को प्रशांत के साथ काम करने की सूचना दी और हमारी चर्चाओं के बारे में जानकारी दी। मैं हमेशा अपनी योजनाओं और अपने मन के बारे में साझा करता हूँ, और हमारी बातचीत एक दोस्ताना चैट की तरह होती है जहां उन्होंने भी मुझे अपने परियोजनाओं के बारे में अपडेट दिया। हमारे इंटरएक्शन का स्वभाव – व्यक्तिगत जीवन की चर्चाएं और फिल्म से संबंधित बातें करने का एक मिश्रण है। मेरे दोस्त और परिवार दोनों ही प्रशांत के साथ मेरे काम पर उत्सुक हैं और वे ‘सलार पार्ट 2’ के लिए भी बेताब हैं।”

प्रश्न – अब जब ‘सलार 2’ का ऐलान हो गया है, तो हम इसे कब देख सकते हैं, और आप सभी के साथ फिर से जुड़ने के लिए कितने उत्सुक हैं?

प्रभास – हाँ, कहानी पहले से ही तैयार है, और हम बहुत जल्दी इसे शुरू करेंगे, लक्ष्य यह है कि हम दर्शकों को जल्दी से फिल्म पहुंचा सकें। मुझे पता है कि मेरे कई प्रशंसक इसके रिलीज़ के लिए बेताबी से इंतजार कर रहे हैं। हम जल्द ही ‘सलार पार्ट 2’ के विवरणों को उजागर करेंगे।

प्रश्न – आपके और पृथ्वीराज के बीच स्क्रीन के बाहर कैसा रिश्ता है?

प्रभास – पृथ्वी सर का इस प्रोजेक्ट को स्वीकार करना मुझे बहुत प्रभावित किया और मैं उसकी विशेषता और महत्ता को महसूस करता हूं। वह एक सुपरस्टार और एक शानदार व्यक्तित्व हैं। मुझे बेहद खुशी है कि उन्हें फिल्म पसंद आई और वह इस फ़िल्म से जुड़े, अब हम पार्ट 2 के लिए तैयार हो रहे हैं। पृथ्वी सर के साथ काम करना शानदार रहा है, वह सेट पर हमेशा कूल रहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया, ‘अगर एक खूबसूरत लेख है, तो इसे देवा को ना नही कहना चाहिए, क्योंकि इससे उसके पात्र के लिए बेहतर काम करेगा। पृथ्वी सर एक अद्भुत बहु-प्रतिभागी हैं, वे केवल एक टॉप के निर्देशक और सुपरस्टार ही नहीं हैं, बल्कि एक शानदार व्यक्तित्व भी हैं। मैंने उसके साथ काम करने का बहुत आंनद उठाया, मैं उनके साथ और भी कई सालों तक कॉलेब्रेशन करने के लिए उत्सुक हूं। हम एक मजबूत दोस्ती बना रहे हैं। मैं पृथ्वी सर का आभारी हूं कि उन्होंने इस फिल्म का हिस्सा बनाया। उनकी विनम्रता की सराहना की जाती है। मैं उनके साथ काम करने के अनुभव को महत्वपूर्ण मानता हूं और भविष्य में उनके साथ और अधिक परियोजनाओं में सहयोग करने की आशा करता हूं।

प्रश्न – प्रशांत नील यूनिवर्स के बारे में आपकी दो पसंदीदा चीजें क्या हैं?

प्रभास – मुझे उसकी कला के कई पहलुओं की सराहना है—उसके अभिनेताओं की प्रस्तुति, कला, कैमरा काम (सहित फोटोग्राफी), संपादन, और स्क्रीनप्ले। मुझे यह पसंद है कि वह अपने हीरोज को उच्चतम स्थान पर लेकर जाते हैं और क्रिया दृश्यों को डिज़ाइन करते हैं। उनके साथ काम करना आनंददायक है, और मैं हमेशा उसके साथ सहयोग करना चाहता था। हम जल्द से जल्द पार्ट 2 को रिलीज़ करने के लिए उत्सुक हैं।

प्रश्न – आपकी फिल्मों में ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में प्रतिष्ठा बन गई है, पहले ‘बाहुबली’ और अब ‘सलार’! आप अपने पात्रों में तेज़ी कैसे लाते हैं?

प्रभास – मुझे ऐसा प्रतिष्ठान प्राप्त होने पर भाग्यशाली मानता हूँ, लेकिन मैं मानता हूँ कि यह मुख्य रूप से कहानी और निर्देशक की दृष्टि के कारण है। जिसे निर्देशक ने तेज़ दृश्य को शक्तिशाली तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों को असर हुआ। मुझे खुशी है कि मेरे प्रशंसक मेरे गंभीर, या जिसे आप ‘एंग्री’ कह सकते हैं, दृश्यों को सराहते हैं। मौजूदा स्थिति के अनुसार दिखाई जाने वाले ‘एंग्री मैन’ का चित्रण निर्देशक के विवेचन और सीन के साथ समर्थन होने के कारण प्रभावी है।

प्रश्न – ‘डार्लिंग’ शब्द आपके प्रशंसकों के साथ जुड़ा हुआ है। इन वर्षों आपके साथ यह अद्वितीय बंधन कैसे विकसित हुआ?

प्रभास – शब्द ‘डार्लिंग’ एक फिल्म ‘बुज्जीगड़ु’ से आया था, ‘डार्लिंग’ के रूप में संदर्भित होने के लिए मेरे प्रशंसकों के साथी रूप से समय के साथ यह बंधन स्वतंत्र रूप से विकसित हुआ। उनका प्यार और समर्थन स्थिर रहा है, और यह संबंध मैं गहराई से मूल्यांकित करता हूं।

प्रश्न – फैंस आपकी और पृथ्वीराज के बीच की केमिस्ट्री को बहुत पसंद करते हैं। क्या हम भविष्य में और सहयोगों की उम्मीद कर सकते हैं जो आपके स्क्रीन पर की जाने वाली दोस्ती को दिखाते हैं?

प्रभास – मुझे खुशी है कि लोग पृथ्वीराज और मेरे बीच की यारी का आनंद ले रहे हैं। मैंने उसके साथ काम करने में पूरी तरह से आनंद लिया और हां, आप सलार 2 में और स्क्रीन ब्रोमैंस को देखेंगे। मैं सबको पार्ट 2 दिखाने के लिए बेताब हूँ। और मुझे यकीन है कि हमारा सहयोग तब तक जारी रहेगा जब तक कि मैं इस इंडस्ट्री में हूँ।

महायोगी हाईवे वन टू वननेस’ 8 मार्च को रिलीज होगी

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फिल्म निर्माता राजन लूथरा की बहुप्रतीक्षित संदेशपरक फिल्म ‘महायोगी हाईवे वन टू वननेस’ 8 मार्च को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसे अंग्रेजी, हिंदी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं सहित कई भाषाओं में प्रस्तुत किया जाएगा। त्रिलोक फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘महायोगी हाईवे वन टू वननेस’ की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो सभी धर्मों और सभी जीवित प्राणियों की अच्छाई में विश्वास करता है और ‘एक ईश्वर’ में दृढ़ विश्वास रखता है। ईश्वर के बुलावे से उसे एहसास होता है कि विश्व की वर्तमान आवश्यकता एकता, शांति और प्रेम है। मूलरूप से इस फिल्म की कहानी कलयुग से सतयुग में गहन परिवर्तन को उजागर करती है। यह सत्य और सदाचार की विशेषता वाले स्वर्ण युग की ओर बदलाव का प्रतीक है। कथा का दूसरा भाग सतयुग की सुखद स्थिति की अंतर्दृष्टि का वादा करता है, जहां हर कोई अपने भीतर भगवान की उपस्थिति महसूस करेगा। महायोगी द्वारा निर्देशित संदेश आध्यात्मिक क्रांतिकारी पहल सतयुग का द्वार खोलेगी। इस फिल्म में महायोगी की परिकल्पना के साथ परिवारों में सद्भाव, मित्रता और सच्चाई, पड़ोसी देशों हेतु एकता, राजनीति में सद्भाव, स्वर्ण युग की पहल, आंतरिक जागृति, अंतरधार्मिक सद्भाव से जुड़े तथ्यों को कथावस्तु में समावेश कर आध्यात्मिक जागृति और सार्वभौमिकता पर जोर देते हुए सकारात्मक संदेश दिया गया है कि सभी के धर्म पर विश्वास करें, सम्मान करें और प्यार करें और एक साथ मिलजुल कर खुशी से रहें। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम भारत की सच्ची संस्कृति को सभी के सामने ला सकते हैं। दिल्ली में जन्मे राजन लूथरा अमेरिका में रहते हैं। वह अपने परोपकारी स्वभाव के कारण समाजसेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। एक सफल उद्यमी होने के बावजूद, श्री लूथरा का सच्चा जुनून उनके गैर-लाभकारी, हेल्प फाउंडेशन ग्रुप में निहित है, जिसके वे संस्थापक और अध्यक्ष हैं। यह संस्था 2014 से भारत में पंजीकृत है। बकौल फिल्मकार राजन लूथरा ‘महायोगी’ को तीन भागों में बनाया गया है। आज दुनिया में युद्ध को विराम देकर शांति स्थापित करने की आवश्यकता है। ईश्वर ने हमें प्रेम बांटने के लिए भेजा है न कि लड़ने झगड़ने के लिए। परस्पर एकता की अवधारणा धार्मिक सीमाओं से परे होना चाहिए। सभी समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को एकमत होना होगा। यह फिल्म लोगों की दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव लाने में सहायक साबित होगी।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

कन्यादान सर्वश्रेष्ठ पुण्य, किंतु उससे पूर्व करें विद्यादान -पुष्कर सिंह धामी,मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

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मुख्यमंत्री ने कपकोट में किया 100 करोड़ की 37 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने कपकोट, बागेश्वर में आयोजित चेलि ब्वारयूं कौतिक (मातृशक्ति उत्सव) कार्यक्रम में हुए सम्मिलित

2 जनवरी 2024,मंगलवार,देहरादून
संजय बलोदी प्रखर
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

देहरादून/कपकोट ,2 जनवरी, मंगलवार को जनपद बागेश्वर के विकास खण्ड कपकोट के केदारेश्वर मैदान में आयोजित (चेलि ब्वार्यूं कौतिग) मातृशक्ति उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 100 करोड़ की विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 19 करोड़ की 11 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण तथा 81 करोड़ की 26 योजनाओं का शिलान्यास है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना, बागनाथ मंदिर बागेश्वर के संग्राहलय में 90 प्रतिमाओं की स्थापना किये जाने, बदियाकोट कर्मी तलाई में 100 एम.टी. गोदाम तथा आवासीय भवन का निर्माण किये जाने, विधानसभा क्षेत्र कपकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपर जिला चिकित्सालय बनाये जाने, शामा में मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किये जाने के साथ जनपद बागेश्वर के भराड़ी में मल्टी पार्किंग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूर किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सरयू के मूल स्थान को पर्यटन स्थल बनाये जाने की भी घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न घाटियों में निर्मित हस्तशिल्प और हस्तकला उत्पादों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी तांबे के बर्तन में कलाकृतियां एवं रिंगाल की टोकरी भी बनाई। उन्होंने सशक्त मातृशक्ति सशक्त उत्तराखंड के तहत मातृशक्ति का पूजन कर शहीदों की वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया। जनपद में साहसिक पर्यटन, आपदा प्रबन्धन गतिविधियों का भी अवलोकन कर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुये लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने बाबा बागनाथ की पावन भूमि के साथ ही चेलि ब्यारयूं कौतिक कार्यक्रम में बडी संख्या में उपस्थित माताओं एवं बहनों को नमन करते हुये कहा कि बागेश्वर जिले हेतु लगभग 100 करोड़ की लागत से विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास, बागेश्वर जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने रैली एवं कार्यक्रम में जनता द्वारा दिए गए सम्मान के प्रति भी सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में मातृ शक्ति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मातृ शक्ति अपने परिवार के साथ ही समाज और प्रदेश हितों का भी ख्याल रखती हैं। मातृ शक्ति के सहयोग से ही समाज या राष्ट्र का संपूर्ण विकास संभव है। परिश्रम और मातृ शक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्र की मातृ शक्ति शिक्षित होने से उस राष्ट्र का वर्तमान एवं भविष्य सुरक्षित रहता है। बेटियां अपने ज्ञान से दो-दो घरों को प्रकाशित करती हैं। भारतीय संस्कृति में ’’कन्यादान’’ करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है, परंतु हम सभी ’कन्यादान’ से पहले ’विद्यादान’ भी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल तथा प्रदर्शित किए उत्पाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘’आत्मनिर्भर भारत’‘ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे हैं। आज देशभर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, उत्तराखंड में भी महिला स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। ’’सुविधा के साथ सुरक्षा भी’’ का सिद्धांत अपनाकर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया रहा है, बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। प्रदेश की जनता की जरूरतों एवं हितों के लिये जो भी कदम उठाये जाने होंगे बिना देरी के उठाएं जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू करने के साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर सरकारी भूमि में हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी निरंतर कार्रवाई जारी है। राज्य सरकार उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’विकल्प रहित संकल्प’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत 3.5 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए गए हैं जिन पर निरंतर कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में बाहरी व्यक्तियों द्वारा कृषि और उद्यान के नाम पर धड़ल्ले से जमीन खरीदने पर राज्य सरकार ने अंतरिम रोक लगाई है।यह रोक भू माफियाओं एवं गलत नीयत से जमीन खरीदने वालों पर लगाई गई है। यदि कोई व्यवसाय उद्योग एवं किसी अन्य स्टार्टअप के लिए जमीन खरीदेगा, जिससे यहां के स्थानीय लोगों को फायदा मिले, तो उसका उत्तराखंड में स्वागत है।

सांसद अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में निरंतर प्रगति के पद पर अग्रसर है। हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत दुनिया भर से उद्योग जगत के लोगों को उत्तराखंड में बुलाया गया। आज उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है।

विधायक सुरेश गढ़िया ने कहा कि पहली बार कपकोट क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं। विभिन्न घाटियों से भी बढ़-चढ़ के लोगों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य एवं बागेश्वर जनपद निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कपकोट क्षेत्र की प्रत्येक मांग को प्राथमिकता से लेते हैं। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में खेल मैदान, चिकित्सालय में डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जो भी मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई वह पूरी हुई है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, विधायक बागेश्वर पार्वती दास, शिव सिंह बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण, वीरेंद्र वल्दिया, जिलाधिकारी अनुराधा पाल सहित बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता भी उपस्थित थी।

नज़ारा’ टीवी पर प्रसारित धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ ने पुरे किये 100 एपिसोड

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नज़ारा’ टीवी पर सोमवार से शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे प्रसारित हो रहे धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ ने 100 एपिसोड पूरा कर लिया है। डीसीटी मूवीज के बैनर तले दीपिका चिखलिया टोपीवाला द्वारा निर्मित धारावाहिक ‘धरतीपुत्र नंदिनी’ को दर्शक पहले एपिसोड से लेकर अब तक के एपिसोड के प्रति दर्शकों का आकर्षण बना हुआ है और दर्शकों का प्यार शो के हर किरदार तक पहुँच रहा है जिसके लिए इस धारावाहिक की पूरी मेकिंग टीम ने सभी दर्शकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है।
100 एपिसोड पूरे होने की खुशी के इस मौके पर शो की निर्मात्री और अभिनेत्री दीपिका चिखलिया टोपीवाला कहती हैं “पहले दिन से लेकर अब तक का सफ़र काफ़ी रोमांचक रहा। बतौर प्रोड्यूसर मुझे कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, पर यह टीम का सपोर्ट, लोगों के सहयोग व प्यार के बदौलत ‘डीसीटी मूवीज’ हर चुनौतियों को सफ़लता में बदलता गया। जिसका श्रेय मैं पूरी टीम को देती हूँ।”
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

गोदरेज लॉक्स का लक्ष्य है 2024 में डिजिटल लॉक बाज़ार में अपनी आय 10% तक बढ़ाना

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मुंबई, 2 जनवरी 2024: डिजिटल नवोन्मेष से प्रेरित आज के दौर में, गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी, गोदरेज एंड बॉयस का व्यवसाय गोदरेज लॉक्स ने वित्त वर्ष 2025 तक बाज़ार हिस्सेदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और वह अपने डिजिटल लॉकिंग समाधानों को निरंतर विस्तार कर रही है। इस 125 साल से अधिक पुराने ब्रांड को उम्मीद है कि 25 से अधिक नए उत्पादों के साथ वह बाज़ार पर हावी होगा, जिनमें से 50% से अधिक जंप एंड लीप इनोवेशन से आएंगे।

गोदरेज लॉक्स की एक हालिया रिपोर्ट- ‘लाइव सेफ, लिव फ्री’ में यह पाया गया कि दो तिहाई से अधिक उत्तरदाता अपने घर की सुरक्षा के लिए स्मार्ट लॉक का उपयोग करते हैं। यह अध्ययन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में दर्ज सुरक्षा की दृष्टि से 5 प्रमुख संवेदनशील शहरों, अर्थात् मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, भोपाल और बेंगलोर में किया गया था।

उन्नत सुरक्षा के साथ सुविधा प्रदान करने वाली स्मार्ट होम तकनीक और डिजिटल होम सुरक्षा समाधानों को अपनाने के साथ, गोदरेज लॉक्स इस विशेष श्रेणी को बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। फिलहाल, डिजिटल लॉक की आय में हिस्सेदारी 4% है और इस व्यवसाय इकाई का लक्ष्य है इसे अगले तीन साल में इसे बढ़ाकर लगभग 20% करना।

गोदरेज लॉक्स एंड आर्किटेक्चरल फिटिंग्स एंड सिस्टम्स के बिजनेस हेड, श्याम मोटवानी के अनुसार, “सुरक्षा समाधान उद्योग में एक विश्वसनीय नाम, गोदरेज लॉक्स नवोन्मेषी डिजिटल होम सुरक्षा समाधानों की ओर बदलाव का नेतृत्व करता है जो ब्रांड के नवोन्मेषी और स्मार्ट दृष्टिकोण के साथ सुविधा को सहजता से जोड़ता है। हम अत्याधुनिक तकनीक के साथ उन्नत घरेलू सुरक्षा समाधान प्रदान करने पर ध्यान देते हैं। मेकेनिकल और पारंपरिक तालों में खुद को अग्रणी के रूप में स्थापित करने के बाद, हमने प्रभावशाली 23% बाजार हिस्सेदारी के साथ अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है। इस बीच, हम समग्र व्यवसाय में डिजिटल लॉक श्रेणी के योगदान को बढ़ा रहे हैं, और हम अपनी नई पेशकशों के साथ अगले साल इसे 10% तक ले जाना चाहते हैं, जो बेहद खूबसूरत हैं और उपभोक्ताओं की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किये गए हैं। घरेलू सुरक्षा के इस निरंतर विकसित हो रहे डिजिटल युग में, हमारा लक्ष्य है, घरेलू सुरक्षा के लिए विश्वसनीय और बेहतरीन लॉकिंग समाधान प्रदान कर ग्राहकों को सशक्त बनाना।”

गोदरेज लॉक्स ने आवासीय और आतिथ्य क्षेत्र के लिए भारत का पहला इंटरकनेक्टेड डिजिटल लॉक लॉन्च कर भारत के डिजिटल लॉक बाजार में अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है। कुल मिलाकर, उपभोक्ता अपनी विशिष्ट विशेषताओं और प्रौद्योगिकियों के साथ डिजिटल लॉक के विस्तृत पोर्टफोलियो में से चुन सकते हैं। बिना चाभी के प्रवेश, रिमोट एक्सेस कंट्रोल और वास्तविक समय की निगरानी जैसी सुविधाएं समग्र उपयोगकर्ता को बेहतरीन अनुभव प्रदान करती हैं। डिजिटल लॉक पर कंपनी की ध्यान देने की रणनीति नवोन्मेष और उपभोक्ताओं को केंद्र रखने के प्रति इसकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

ऊधमपुर व मजालता में गौ तस्करी के तीन प्रयास विफल, तीस मवेशी कराए गए मुक्त

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ऊधमपुर। ऊधमपुर जिला पुलिस ने ऊधमपुर और मजालता थाना क्षेत्रों में मवेशी तस्करी के तीन प्रयासों को विफल किया है। पुलिस ने तीनों वाहनों में से 30 मवेशियों को मुक्त कराया है। मजालता पुलिस स्टेशन की टीम ने बट्टल मोड़ में लगाए।
तलाशी अभियान में 24 गोवंशी मवेशियों को किया बरामद
नाके पर ट्रक नंबर जेके032115 व टैंकर नंबर जेके03बी-9363 को तलाशी के लिए रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों वाहनों में छिपा कर ले जाए जा रहे 24 गोवंशी मवेशियों को बरामद किया।
इसी तरह से ऊधमपुर थाना पुलिस की टीम ने भी नाके के दौरान वाहन नंबर जेके03सी-0130 को तलाशी के लिए रोका। पुलिस ने उसमें से चार गोवंशी मवेशियों को मुक्त कराया।

2023 में कुल मिलाकर मवेशी तस्करी के 336 मामले दर्ज

मजालता और ऊधमपुर थानों में उक्त तीनों तस्करी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में कुल मिलाकर मवेशी तस्करी के 336 मामले दर्ज किए गए।

असाधारण फिल्म “महायोगी हाईवे वन टू वननेस” के दूरदर्शी निर्माता राजन लूथरा ने नवीन वर्ष 2024 हेतु आपसी एकता के लिए दी शुभकामनाएं

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राजन ने कहा 2024 आनंदपूर्वक एकता को अपनाकर वैश्विक स्तर पर एकता का उत्सव होगा।

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और एकता समाज का आधार बिंदु है। यही वह कड़ी है जो लोगों को बांध कर रखती है और उनका जीवन सुखमय बनाती है। भारत देश विविध संस्कृति, संस्कार, आस्था से समाहित समृद्ध भूमि है यहाँ अनेकता में एकता के दर्शन होते हैं और ऐसी जगह एकता का महत्व जीवंत हो जाता है। महायोगी की दूरदृष्टि से देखा जाय तो यह एकता का विश्वस्तरीय उत्सव है जो किसी समुदाय का नहीं अपितु अखण्ड भारत की आत्मा से उत्पन्न होने वाला उत्सव है।

परिवारों में सद्भाव : एकता टूटे हुए परिवारों के लिए एक मरहम का कार्य करती है। इससे आर्थिक विकास होता है। यह धन, सम्पति और मदद से जुड़े संघर्ष को दूर करता है। महायोगी समस्त भाई-बहनों के बीच पारिवारिक पुनर्मिलन, पोषण, समझ, सहयोग और एकजुटता की कल्पना करते हैं। जिससे आपसी प्रेम और समर्थन की नींव रखी जा सके।

मित्रता और सच्चाई: दुनिया से मानवता और आपसी विश्वास का भाव कम हो रहा है। जिससे लोग एक दूसरे पर विश्वास नहीं कर पा रहे पूरी दुनिया इस समस्या से जूझ रही है। महायोगी वास्तविक मित्रता और सच्चाई के पुनरुद्धार के बड़े समर्थक हैं। उनका संदेश वास्तविक संबंधों को प्रबल बनाना और छल कपट से टूटे हुए लोगों में पुनः विश्वास की भावना का निर्माण करना है। महायोगी इस आह्वान का प्रतिनिधित्व कर रहा है जिससे आपसी विश्वास बढ़ सके।

पड़ोसी राज्यों हेतु एकता: वर्तमान में पड़ोसियों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द कम हो गया है। महायोगी पड़ोसियों के बीच आपसी सौहार्द को बढ़ाने हेतु संबोधित करते हैं और आपसी निस्वार्थता और सामुदायिक एकता की भावना को प्रेरित करते हैं। उनका दृष्टिकोण एक ऐसी दुनिया की तस्वीर पेश करता है जहां पड़ोसी स्वार्थी प्रवृत्तियों को कम करते हुए मदद के लिए एक दूसरे का सहयोग करें।

अंतरधार्मिक सद्भाव: महायोगी किसी एक देश या सम्प्रदाय की सीमाओं से बंधे नहीं है अपितु सम्पूर्ण दुनिया के हित चाहने वाले हैं। भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक विभिन्नता अधिक है। महायोगी आध्यात्मिक जागृति और सार्वभौमिकता पर जोर देते है और देश में हो रहे धार्मिक संघर्षों को हल करना चाहते हैं। वह एक ऐसी दुनिया का सपना देखते हैं जहां सभी विभिन्न आस्थाएं एकता के सिद्धांतों को अपनाकर सही निर्देशानुसार सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलजुल कर रहें साथ ही अपना सह अस्तित्व भी बनाकर रहे। सभी के धर्म पर विश्वास करें, सम्मान करें और प्यार करें और एक साथ मिलजुल कर खुशी से रहें। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम भारत की सच्ची संस्कृति को सभी के सामने ला सकते हैं।

महायोगी के साथ आंतरिक जागृति: महायोगी आंतरिक जागृति के उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर रहे हैं। महायोगी मानव चेतना को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके द्वारा दिया गया ज्ञान और शिक्षा मानव को भौतिक संसार के अलावा आत्मिक ज्ञान और आंतरिक समझ की गहरी प्रेरणा देता है। जिससे आपसी संबंध और एकता की भावना बढ़ती है।

स्वर्ण युग की पहल : महायोगी की कथा कलयुग से सतयुग में गहन परिवर्तन को उजागर करती है। यह सत्य और सदाचार की विशेषता वाले स्वर्ण युग की ओर बदलाव का प्रतीक है। कथा का दूसरा भाग सतयुग की सुखद स्थिति की अंतर्दृष्टि का वादा करता है, जहां हर कोई अपने भीतर भगवान की उपस्थिति महसूस करेगा। महायोगी द्वारा निर्देशित आध्यात्मिक क्रांतिकारी पहल सतयुग का द्वार खोलेगी।

मानवता के लिए मार्गदर्शन: महायोगी ज्ञान के स्रोत के रूप में उभरे हैं, जो मानवता को संकट में लाने वाले समस्याओं का समाधान करने वाले प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं। उनका ज्ञान अतीत, वर्तमान और भविष्य तक फैला हुआ है, जो अपनी यात्रा पर स्पष्टता चाहने वाले व्यक्तियों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। महायोगी ने अपनी साधना से विश्व में हुए सभी नरसंहारों के सभी कारणों को उजागर किया है और आगामी भविष्य ऐसा ना हो उसके लिए उपाय भी बताए हैं। कलयुग समाप्त होकर पुनः सतयुग का उदय हो उसके लिए अथक प्रयास किया है।

एकता की नगरी अयोध्या: महायोगी भगवान राम की पवित्र भूमि अयोध्या की कल्पना एकता की नगरी के रूप में करते हैं। जहां एकता दुनिया के हर कोने तक फैली हुई है। भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भाव रखे। महायोगी का लक्ष्य धार्मिक संघर्षों को खत्म करने, सामूहिक एकता को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत चेतना को ऊपर उठाना है। उनका उद्देश्य है कि शहर में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, यहूदी मंदिर, बुद्ध मंदिर और कई अन्य धार्मिक स्थानों में एकता का समावेश हो।

राजन लूथरा का मानना ​​है कि महायोगी हर जगह, हर आत्मा के भीतर निवास करते हैं और सच्ची एकता की प्राप्ति के लिए चेतना से शुद्ध चेतना तक की यात्रा का मार्गदर्शन करते हैं। आध्यात्मिक प्रतिमान 2024 में घटित होने लगेगा।

इस धरती पर एक खूबसूरत दुनिया बनाने के लिए हम सभी को बदलाव को स्वीकार करना होगा। अंत में कहा गया है- “लोकः समस्त सुखिनो भवन्तु”।
एकता के लिए महायोगी का दृष्टिकोण सीमाओं से परे है। यह फिल्म एक परिवर्तनकारी कथा प्रस्तुत करता है जो सामाजिक दरारों को ठीक करता है और मानवता, प्रेम और एकता के भाव को प्रेरितकर सुखद भविष्य निर्माण करने में मदद करता है। भारत के साथ सभी पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और कई अन्य देशों का एकीकरण पर बल देता है। धार्मिक विभिन्नता को भुलाकर सभी यूरोपीय देशों में मित्रता और एकता का भाव उत्पन्न हो। सभी एकजुट होकर हो किसी प्रकार का भेदभाव या संघर्ष ना हो।

इस गहन संदेश और परिवर्तनकारी मार्ग को राजन लूथरा की फिल्म “महायोगी हाईवे वन टू वननेस” की प्रेरक पहल के माध्यम से खूबसूरती से चित्रित किया गया है। राजन लूथरा का मानना ​​है कि एकता के मार्ग पर चलकर सार्थक बदलाव आ सकता है। जैसा कि इस बेहतरीन फिल्म की उत्कृष्ट कृति में दर्शाया गया है। सामूहिक रूप से महायोगी के सिद्धांतों का अनुकरण करके आपसी सामंजस्य और एकता सम्पूर्ण संसार में विद्यमान हो सकती है। यह फिल्म एकता, सामंजस्य और सार्वभौमिकता की भावना को बढ़ाने हेतु प्रेरणा स्त्रोत के रूप में कार्य करता है।

यह फिल्म 8 मार्च, 2024 को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और इसे अंग्रेजी, हिंदी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं सहित कई भाषाओं में प्रस्तुत किया जाएगा। निश्चित रूप से यह दर्शकों को पसंद आएगी और प्रेरित करेगी।
यह फिल्म के भारत की एकता, अखंडता और सार्वभौमिकता दुनिया के हर कोने तक पहुँचाकर प्रेम, एकता और शान्ति की सीख देगा।

RSS नेता इंद्रेश कुमार बोले- 22 जनवरी को मस्जिद-मदरसों में करें देश की प्रगति के लिए इबादत

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आरएसएस नेता ने कहा कि सभी का डीएनए एक है। सभी राम के हैं। नेकां नेता फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि राम हिंदुओं के ही नहीं हमारे भी हैं। हमने कब इनकार किया है। फारूक आइएनडीआइए को समझाते क्यों नहीं कि इबादत के लिए न्योते की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता छह दिन से 15 दिनों तक पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगे।
New Delhi – आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने अपील की कि 22 जनवरी को सुबह 11 बजे से दिन के एक बजे तक जब अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो, दरगाहों, मदरसों, मकतबों, मस्जिदों में देश की उन्नति, प्रगति, सौहार्द के लिए इबादत करें।
शाम को इन स्थानों पर चिराग रोशन करें। इंद्रेश कुमार रविवार को आकाशवाणी के रंगभवन में “राम मंदिर, राष्ट्र मंदिर-एक साझी विरासत: कुछ अनसुनी बातें” पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, सभी का डीएनए एक है। सभी राम के हैं। नेकां नेता फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि राम हिंदुओं के ही नहीं, हमारे भी हैं। हमने कब इनकार किया है। फारूक आइएनडीआइए को समझाते क्यों नहीं कि इबादत के लिए न्योते की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता छह दिन से 15 दिनों तक पदयात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगे।
राम की भारत को आवश्यकताः आरिफ मोहम्मद खान
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, मर्यादा पुरुषोत्तम राम की भारत को आवश्यकता है। आने वाली नस्लों को चरित्र निर्माण के लिए राम को समझना और समझाना जरूरी है। कहा, मनुष्य सामाजिक प्राणी भर नहीं, उसकी महत्वकाक्षाएं भी हैं। अगर उसके पास आदर्श नहीं है, तो यह बेलगाम हो जाती हैं। इसके चलते संस्कृतियां खराब हुईं। उन्होंने कहा, जी-20 के जरिये हमने वसुधैव कुंटुम्बकम का संदेश दिया है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राममंदिर आंदोलन कभी भी मुसलमानों के विरोध में नहीं था। विशिष्ट अतिथि राम जन्मभूमि न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा, राम भारत की एकता का प्रतीक हैं, उन्होंने सिर्फ सेतु निर्माण नहीं किया था, अपने वनवास के दौरान सभी जनजातियों और लोगों को भी जोड़ा था। इससे पहले पुस्तक की लेखिका गीता सिंह और आरिफ खान भारती ने पुस्तक की सामग्री पर विस्तार से चर्चा की।