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पंजाब के मल्टी स्पैशिलिस्ट हस्पताल बने लूट के अड्डे

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सुभाष आनंद -विभूति फीचर्स
पंजाब में पिछले दिनों से जिस प्रकार स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं,यह किसी से छिपी नही हैं, खासकर ग्रामीण
और सीमावर्ती क्षेत्रों के हालात राम भरोसे हैं। पाकिस्तान के शहर कसूर से विषैला पानी आने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रोंं
में कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकारी डाक्टरों की कमी को पूरा
करने के लिए पंजाब के मल्टी स्पैशिलिस्ट हस्पतालों ने अपना स्थान बनाना शुरू कर रखा है।
पंजाब में मल्टी स्पैशिलिस्ट हस्पतालों के प्रबंधकों ने मरीजों को अपनी तरफ खींचने के लिए अब गांवों में मुफ्त
मैडीकल कैंपों का आयोजन करना शुरू कर दिया है। मैडीकल कैंप लगवाने के लिए वह शहरी संगठनों का सहयोग ले
रहे हैं। मैडीकल कैम्पों को सफल बनाने के लिए बड़े बड़े विज्ञापन दिए जाते हैं। कैम्पों में मुफ्त चेकअप के के नाम पर
ग्रामीण लोग इनके चक्कर में फंस जाते हैं। कैम्पों में आने वाले लोगों को फिर अपन हस्पतालों में बुलाकर कई प्रकार
के महंगे टैस्ट करवाए जाते हैं, ह्रदय रोगियों को वाल्व बदलने और स्टेंट डलवाने के नाम पर लाखों रुपए की लूट
मचाई जाती हैं और वहां रोगियों का तरह तरह का शोषण किया जाता है। रोगियों पर इतना मानसिक दबाव डाला
जाता है कि यदि तुरंत आपरेशन नहीं हुआ तो स्थिति विकट हो सकती है।
सतलुज के किनारे बसे भारतीय कई प्रकार की बीमारियों से पीडि़त सिविल अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण
लोगों को प्राईवेट हस्पतालों का रुख करना पड़ता है। बड़े-बड़े हस्पतालों के मालिकों ने आगे कस्बों में मरीजों को देखने
के लिए अपनी अपनी शाखाएं स्थापित कर रखी हैं,जहां विशेषज्ञ डाक्टर सप्ताह में एक दिन जाकर रोगियों को खींचते
हैं।
इन बड़े अस्पतालों में स्पर्धा इतनी बढ़ चुकी है कि कई हस्पतालों में ओ.पी.डी फीस 10 रुपए से 30 रुपए तक कर दी है।
इन बड़े बड़े अस्पतालों ने अपने मैडीकल स्टोर और लैबार्टी स्थापित कर रखे है जो बड़ी कमाई का स्रोत है। मालिकों ने
गांवों और शहरों में कई एजेंट भी रखे हुए हैं जो नीम हकीम डाक्टरों के साथ साथ छोटे मोटे डाक्टरों से संपर्क बनाए

रखते हैं ताकि वह अधिक से अधिक मरीजों को उनके अस्पतालों में भेजे,इसके लिए उन्हें उचित कमीशन दी जाती है।
मोटी कमाई करने के लिए कई बार डाक्टर मरीजों को वहम में डाल देते हैं। मेडीकल कैम्पों के नाम पर ग्रामीणों और
सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया जा रहा है,कुछ मरीजों को ह्रदय रोगी बताकर उनका
खुलेआम शोषण किया जा रहा है।
भारतीय समाज में जहां डाक्टरों को दूसरा भगवान कहा जाता था,अब डाक्टर की परिभाषा पूरी तरह बदल दी है।
चक्क जानीसर के सरपंच ने बताया कि यदि एक बार इन अस्पतालों में कोई मरीज दाखिल हो जाए तो उन्हें छुट्टी के
लिए जितनी बार विनती कर ली जाए उन्हें छुट्टी निर्धारित समय पर ही दी जाती है और इन हास्पिटल मीटर चलता
रहता है। लोगों का कहना है कि प्राईवेट लोगों द्वारा बनाए गए मल्टी स्पैशिलिस्ट अस्पताल लूट के अड्डे बनते जा
रहे हैं,इसकी गतिविधियों को रोकने के लिए पंजाब सरकार द्वारा एक एक्ट विधानसभा में लाना जरूरूी होगा।
अमृतसर में किस प्रकार की हड्डियां बदलने के लिए अंग डाले जाते है उसको लेकर कई प्रकार के प्रश्न उठ रहे हैं।
आंखों के आपरेशन के लिए भी भोलीभाली जनता को लूटा जा रहा है। 200 रुपए वाला लैंस 20,000 में बेचा जा रहा है।
इस खुली लूट के लिए मल्टीस्पैशिलिस्ट हस्पतालों के बारे डायरेक्टर हैल्थ पंजाब चंडीगढ़ से पूछा गया कि इन
अस्पतालों में पर आप का क्या कंट्रोल है,उन्होंने इसको लेकर कोई पुख्ता उत्तर नही दिया।
कुछ मल्टी स्पैशिलिस्ट अस्पतालों में पूरा योग्यता प्राप्त स्टाफ काम कर रहा है, जबकि कई अस्पतालों में पूरी तरह
स्टाफ काम कर रहा है,जिससे अप्रिय घटनाएं घटती है तो अस्पताल प्रबंधक पूरी तरह दोषी हैं। सूत्रों से पता चला है कि
जिन मरीजों को इन मल्टी स्पैशल अस्पतालों में उचित इलाज नही मिल रहा उनके द्वारा कोर्ट में केस इन मालिक के
खिलाफ दायर किए हुए हैं। कुछ केस जिलों की कंज्यूमर कोर्ट में भी चल रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 7 फीसद केसों में न्याय पालिका और कंज्यूमर कोर्ट बड़े -बड़े अस्पतालों के विरुद्ध
निर्णय दे चुकी है और उन पर बड़े बड़े जुर्माने लगा चुकी है। कंज्यूमर कोर्ट में बड़े अस्पतालों में लापरवाही के केसों की
संख्या बढ़ती जा रही है,स्टेट कंजूमर कोर्ट के प्रवक्ता का कहना है कि गांवों के अधिकतर भोलेभाले लोग
न्यायपालिका से परहेज कर रहे हैं। (विभूति फीचर्स)

राज्य के बुनियादी विकास से जुडी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा क्रियान्वित. -पुष्कर सिंह धामी,मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

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राज्य के बुनियादी विकास से जुडी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा क्रियान्वित.
-पुष्कर सिंह धामी,मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

 

9 जनवरी 2024,मंगलवार, देहरादून
संजय बलोदी प्रखर
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

 

देहरादून,9 जनवरी, मंगलवार सचिवालय में उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यू.आई.आई.डी.बी.) की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में पहली बोर्ड बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बोर्ड एवं कार्य समिति की संरचना के साथ ही 10 करोड के प्रारम्भिक कॉरपस कोष के गठन को भी मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास से जुडी परियोजनाओं की पहचान कर उनका प्राथमिकता के साथ उनका सफल क्रियान्वयन हो इस पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। राज्य में हवाई अड्डों के विकास एवं विस्तार, दूरसंचार अवसंरचना, मेडिकल कॉलेजों के विकास, नई टाउनशिप-आवास, औद्योगिक लॉजिस्टिक गलियारे, पर्यटन संबंधी निर्माण विकास जैसी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र की परियोजनाओं के विकास के लिए अत्यधिक पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि राज्य में वित्तीय संसाधनों की सीमितता के दृष्टिगत राज्य के आधारभूत अवसंरचनात्मक ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु इस क्षेत्र के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पूंजी निवेशकों को आकर्षित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए लोक निजी सहभागिता (पी०पी०पी०) परियोजनाओं के प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश के बुनियादी ढांचागत विकास के क्षेत्र में निरन्तर परिवर्तित हो रहे परिदृश्य एवं विकास की नवीन आवश्यकताओं के दृष्टिगत उत्तराखंड राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने हेतु और पी०पी०पी० परियोजनाओं को विकसित करने हेतु उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यू.आई.आई.डी.बी.) गठित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य हित में जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये यू.आई.आई.डी.बी. का गठन किया गया उसके परिणाम शीघ्र धरातल पर दिखाई दे इसके लिये प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि बोर्ड की संरचना तथा कार्यकारी समिति से संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों सहित अच्छे विषय विशेषज्ञों को भी नामित किया जाय। यदि बोर्ड से अच्छे और अनुभवी विशेषज्ञ जुडेंगे तो कार्यों का संचालन भी बेहतर ढंग से हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है उनकी प्राथमिकता तय कर समयबद्धता के साथ उन्हें पूरा करने के प्रयास होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिये कि हरिद्वार, ऋषिकेश कोरिडोर, शारदा कोरिडोर के साथ वेडिंग डेस्टिनेशन के लिये प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर स्थान चयन में प्राथमिकता दी जाय।
उन्होंने कहा कि राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन के लिये त्रिजुगीनारायण के अलावा कई और भी सुरम्य स्थल है। राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी निर्देश है।
अतः इस दिशा में तेजी से कार्य किया जाय। इसके लिये उन्होंने वेडिंग प्लानर की सेवा लेने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में दो नई टाउनशिप के प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्यवाही के साथ बिहारीगढ के आसपास के क्षेत्रों के विकास के साथ रेसकोर्स, यमुना कॉलोनी, एच.एम.टी. रानीबाग के पुनर्विकास की योजनाओं पर भी ध्यान देने को कहा।

क्लब महिंद्रा ने दक्षिण पूर्व एशिया में उपस्थिति मजबूत की

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 ~पने मेंबेर्स को सर्वोत्तम रूम ऑफर करने के लिए वियतनाम और इंडोनेशिया के शानदार रिसॉर्ट्स से साझेदारी

मुंबई 9 जनवरी 2024: महिंद्रा हॉलिडेज एंड रिसॉर्ट्स इंडिया लिमिटेड (एमएचआरआईएल) के प्रमुख ब्रांड क्लब महिंद्रा ने अपने सदस्यों को सर्वोत्तम रूम की पेशकश करने के लिए वियतनाम और इंडोनेशिया के बेहतरीन रिसॉर्ट्स के साथ साझेदारी करते हुए दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इस साझेदारी से मेंबर्स को वियतनाम में दो उत्कृष्ट रिसॉर्ट्स – सिटाडाइन्स पर्ल होई एन और सिटाडाइन्स बेफ्रंट के साथ ही बाली के एक्जॉटिक एन्क्लेव में से एक, अयोध्या रिज़ॉर्ट तक पहुंच प्रदान करेगी। यह रणनीतिक कदम अविस्मरणीय हॉलिडे एक्सपीरियंस देने में क्लब महिंद्रा की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है और दक्षिण पूर्व एशिया में अद्वितीय अनुभव चाहने वाले पर्यटकों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता है।

इन वर्षों में, समूह ने कंबोडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम सहित दक्षिण पूर्व एशिया में रिसॉर्ट्स में सफलतापूर्वक अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। इन नई साझेदारियों के साथ, क्लब महिंद्रा अब दक्षिण पूर्व एशिया में 12+ रिसॉर्ट्स और कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 60+ डेस्टिनेशंस पर लीश़र हॉलिडे का शानदार ऑफर दे रहा है।

सिटाडाइन्स पर्ल होई एन, एन बैंग बीच पर बसा एक उष्णकटिबंधीय शानदार ट्रॉपिकल हैवन है, जहां क्लासिकल वास्तुकला कन्टेम्परेरी कम्फर्ट के साथ सहजता से दिखाई देती है। होई एन प्राचीन शहर के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल से केवल 10 मिनट की दूरी पर बसा हुआ है। मेहमान यहां पर वोट टूर्स, रात की सैर, ट्रा क्यू वीलेज एक्सप्लोरेशन करने के साथ ही कई रोमांचक वॉटर स्पोर्ट्स का आनंद उठा सकते हैं। बेहतरीन सुविधाओं से सुसज्जित रिज़ॉर्ट में एक विशाल आउटडोर स्विमिंग पूल भी है, बीच एक्टिविटिज के साथ ही यहां आउटडोर गेम के शौकीनों के लिए एक टेनिस कोर्ट है, जो एक आरामदायक विश्राम के लिए सही व उपर्युक्त जगह है। मेंबर्स 13 जनवरी 2024 से चेक-इन के लिए वेब और ऐप के माध्यम से रिसॉर्ट बुक कर सकते हैं।

सिटाडाइन्स बेफ्रंट लालित्य और वियतनामी आकर्षण का अनुभव कराता है। यहां का मनु स्पा और एनगॉन गैलरी सीफूड बुफे सी फूड शौकीनों के साथ मेहमानों को हमेशा से लुभाता रहा है। कैम रैन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुविधाजनक रूप से 35 किमी दूर स्थित है यह रिजॉर्ट। पास में ही लॉन्ग सोन पैगोडा है, जहां की शांति लोगों को सुखद अनुभूति देती है। विनपर्ल मनोरंजन पार्क का रोमांच महसूस करने के साथ ही कोस्टल एस्केप के लिए आपको बस 40 मिनट की जर्नी तय करनी होगी। मेंबर्स 14 जनवरी 2024 से चेक-इन के लिए सिटाडाइन्स पर्ल होई एन वेब और ऐप पर अपना स्टे बुक कर सकते हैं।

बाली का अयोध्या रिज़ॉर्ट, 29 एकड़ में फैला यह रिजॉर्ट बालीनुसा समुद्र तट के करीब एक भव्य वॉटर पैलेस है, जहां स्वर्ग जैसी अनुभूति होती है। यहां का प्राकृतिक उद्यान और बेजोड़ समुद्र तट का शानदार नजारा आगंतुकों को आकर्षित करता है। रणनीतिक रूप से यह रिज़ॉर्ट उलुवातु मंदिर और गरुड़ विष्णु केनकाना (जीडब्ल्यूके) कल्चरल पार्क के पास स्थित है, जो मेहमानों को सांस्कृतिक अनुभव और लुभावने समुद्री दृश्य का आनंद प्रदान करता है। 13 जनवरी 2024 से चेक-इन के लिए वेब और ऐप पर बुकिंग खुली है।

500 वर्षीय कथा हिंदू आस्था से जुड़े श्रीराम के मंदिर निर्माण के संघर्ष पर आधारित है फिल्म ‘695’

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मुम्बई। एक ऐतिहासिक साक्ष्य के साथ सनातन धर्म की महत्ता एवं अयोध्या राम जन्मभूमि में श्री राम मंदिर की स्थापना को दर्शाने के प्रयास में, निर्देशक रजनीश बेरी, शदानी फिल्म्स Shadani Films के सहयोग से, लेकर आए हैं फिल्म ‘695’।
फिल्म में एक 500 वर्षीय कहानी है जो अयोध्या में राम मंदिर के ऐतिहासिक निर्माण के लिए की गई अड़ंगों से भरी है।
निर्माता श्याम चावला के नेतृत्व में, ‘695’ सिर्फ कथा नहीं है, बल्कि यह घटनाओं के गहरे अन्वेषण में बहुतायती दृष्टिकोण में गहरा है, जिन्होंने एक सदियों पुराने सपने की सच्चाई की प्राप्ति की।
इस फिल्म में अरुण गोविल, गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी, अशोक समर्थ, मनोज जोशी, के. के. रैना, शैलेंद्र श्रीवास्तव, दयाशंकर पांडेय, विकास महंते और गरिमा अग्रवाल ने अभिनय किया है। इस फिल्म के मीडिया कोऑर्डिनेटर सुशीलाजीत साहनी (70MM) हैं।
निर्माता के अनुसार यह फिल्म हर भारतीय के साथ समर्थन करने का वादा करती है।
मुम्बई में जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर में ट्रेलर रिलीज के अवसर पर अपने उत्साह को व्यक्त करते हुए, अरुण गोविल ने कहा कि इस अमर कथा को पुनः आत्मसात करना एक सम्मान है जो लाखों दिलों में एक विशेष स्थान रखता है। ‘695’ बस एक फिल्म नहीं है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और श्रद्धा की जीत का उत्सव है।
फिल्म का विषय आने वाली पीढ़ी को ये बताने का प्रयास है कि किस प्रकार हिंदू आस्था केंद्रों पर आक्रांताओं ने आक्रमण किया और धर्म परिवर्तन के साथ ही अतिक्रमण किया गया।
फिर लंबे अंतराल के बाद किस प्रकार सदियों के संघर्ष उपरान्त पुनः प्राप्त किया गया है।
फिल्म में एक राजनैतिक दल एवं हिंदू संघठनो, साधु संत समाज की भूमिका को भी दर्शाया गया है
ताकि इस गौरवशाली अतीत को भुलाया ना जा सके।
फिल्म का शीर्षक इन्हीं घटनाओं की तिथियों पर आधारित है।
695 जो राम भक्तों के लिए अब पवित्र अंक माना जा सकता है।
श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को ढांचा विध्वंस,
9 नवम्बर 2019 को न्यायालय का फैसला। फिर 5 अगस्त 2020 को मंदिर का शिलन्यास।
‘695’ के साथ, निर्माताओं का लक्ष्य महाकाव्य से पीछे छुपे तथ्यों को प्रस्तुत करना है, जिससे दर्शकों को प्रभावित किया जा सके और विशेष रूप से भगवान राम और राम मंदिर के समर्थन में बुने गए श्रृंगारी सूत्रों की शोभा का उत्सव मनाया जा सके। यह सिनेमाटिक अद्भूतकला एक कथा से अधिक होने का वादा करती है।
यह केवल एक फिल्म ही नहीं अपितु एक भावनात्मक यात्रा है, सहनशीलता का उत्सव है और विश्वास की स्थायिता का साक्षात्कार है।

प्रस्तुति – संतोष साहू

शाहरूख खान ने 2023 में ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ के साथ बॉलीवुड की कुल 4400 करोड़ की कमाई में 2600 करोड़ का दिया योगदान

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शाहरूख खान ने 2023 में ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ के साथ बॉलीवुड की कुल 4400 करोड़ की कमाई में 2600 करोड़ का दिया योगदान……!
                      जियो स्टूडियोज, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और राजकुमार हिरानी फिल्म्स के बैनर तले राजकुमार हिरानी और गौरी खान द्वारा निर्मित फिल्म ‘डंकी’ रिलीज होने के बाद भारत में 200 करोड़ और दुनिया भर में 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। यह फिल्म दुनिया भर के दर्शकों के लिए एक बेहद आकर्षक और रिलेटेबल  कहानी लेकर आई जिसने वास्तव में दर्शकों के दिलों को छू लिया है। शाहरुख खान की एक नॉन-एक्शन फिल्म होने के नाते ‘डंकी’ ने हाल के दिनों में सबसे ज्यादा कलेक्शन और लोकप्रियता देखी है। ‘डंकी’ चार दोस्तों की एक दिल छू लेने वाली कहानी लाई, जिनके सपने विदेश जाने के थे लेकिन इसके लिए जब वे ‘डंकी’ रूट चुनते हैं, तो उन्हें कई बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह फिल्म देश के प्रति प्रेम की भावना को उजागर करती है और न केवल ‘डंकी’ फ्लाइट पर रोशनी डालती है, बल्कि सीमा पार करने और बेहतर अवसरों के लिए पलायन करने के इच्छुक लोगों पर भी प्रकाश डालती है। यह ध्यान देने वाली बात है कि इस फिल्म को जिस तरह का प्यार मिला है वह वाकई शानदार है और इसने फिल्म को 2023 की सबसे पसंदीदा फिल्म बना दिया है। ‘डंकी’ की शानदार सफलता के साथ, शाहरुख खान ने 2023 में हैट्रिक बनाई है। ‘पठान’, ‘जवान’ और अब डंकी के साथ, शाहरुख खान ने पूरे साल बॉक्स ऑफिस पर राज किया है। ‘पठान’ ने 1,050.30 करोड़ की कमाई की, जबकि ‘जवान’ ने दुनिया भर में 1,148.32 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया और अब ‘डंकी’ ने एक ही साल में ब्लॉकबस्टर देने के किंग खान के सिलसिले को बरकरार रखते हुए 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। डंकी में शानदार कलाकारों की टोली है, जिसमें शाहरुख खान के साथ-साथ बेहद टैलेंटेड अभिनेता बोमन ईरानी, ​​तापसी पन्नू, विक्की कौशल, विक्रम कोचर और अनिल ग्रोवर द्वारा रंगीन किरदार निभाए गए हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

आमिर खाम एक पिता के रूप में भी है परफेक्ट, इरा की शादी की जिम्मेदारियों को बाखूबी निभाया

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अनिल बेदाग, मुंबई
आमिर खान कितने भी बड़े सुपरस्टार क्यों न हो, लेकिन जब बात एक पिता के रूप में आमिर खान की होती हैं तो वो भी एक आम पिता की तरह ही फील और बिहेव करते हैं, जिसका नजारा उनकी बेटी इरा खान की वेडिंग फेस्टिवीज में खूब देखने मिला है। जी हां, जबकि वह अपनी बेटी इरा खान के बिग डे के लिए तैयारी कर रहे हैं, वह यह भी सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं कि सभी परंपराओं और रीति-रिवाजों को उसी तरह पूरा किया जाए, जिस तरह दूल्हे का परिवार चाहता है। दुल्हन के पिता की भूमिका निभाते हुए, आमिर महाराष्ट्रीयन प्री-वेडिंग रिचुअल्स की पेचीदगियों को देखते हुए असली ट्रेडिंशन को फॉलो करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
आमिर खान की बेटी इरा खान ने 3 जनवरी को एक सेरेमनी में अपने लॉंग टर्म बॉयफ्रेंड नुपुर शिखारे से अपनी शादी को रजिस्टर किया। जबकि कपल ने 2022 में डेटिंग शुरू की, आखिरकार उन्होंने मुंबई के ताज लैंड्स एंड में शादी कर ली, जो एक ग्रैंड सेलिबेशन था जिसमें दुनिया के मशहूर लोग नजर आएं। ऐसे में एक केयरिंग और डॉटिंग डैड का फर्ज निभाते हुए आमिर खान ने व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित किया कि शादी की तैयारियों में कोई कमी न रह जाए और हर छोटी बात का ध्यान रखा जाए।
     उन्होंने शगुन की मेहंदी और हल्दी समारोह को दूल्हे के परिवार के साथ मिलकर मनाने का फैसला किया। ऐसे में  हर कोई नथ, गजरा और सभी खूबसूरत गहनों को पहने नजर आया।  उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनके परिवार की महिलाएं शिखरे महिलाओं की तरह ही पारंपरिक नववारी साड़ी पहनें। तस्वीरें सामने आने पर हम देख सकते हैं कि निशा, गौरी, रीना, आमिर खान, निकहत (बहन), लक्ष्मी, लीना और फरहत (बहन) को देख सकते हैं।  चूँकि बेटी की शादी एक महाराष्ट्रीयन परिवार में हो रही है, आमिर वह सब कुछ कर रहे हैं जो दूल्हे के परिवार ने कहा है।
    दुल्हन के पिता की भूमिका निभाते हुए, मेगास्टार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करते नजर आए जिसकी जरूरत थी। वह हर रस्म महाराष्ट्रीयन परंपराओं के अनुसार की, जैसा कि दूल्हे का परिवार चाहता है।
     जिस ईमानदारी से उन्होंने इस सांस्कृतिक समृद्धि में न केवल वर पक्ष की महिलाओं को बल्कि इरा के पक्ष की महिलाओं को भी शामिल किया है, वह उनकी प्रतिबद्धता का सबूत है। अपनी बेटी की शादी को एक यादगार अनुभव बनाने में आमिर खान का पूरा ध्यान दिया और यह चीज इस बात की याद दिलाती है कि वह एक पॉपुलर सुपरस्टार होने के बावजूद, उनकी सफलता का असल पैमाना अपने बच्चों की खुशी में है।
     साफ है, आमिर खान हमें हर उस भारतीय पिता की याद दिलाते हैं जो चाहता है कि उसकी बेटी एक हैप्पी ब्राइड बने और उसकी शादी एक यादगार पल बन जाए। और इरा खान की शादी में आमिर खान का जो रूप देखने मिला है उससे साबित होता है कि भले ही आप देश के सबसे बड़े सुपरस्टार हों और सारा स्टारडम आपके कदमों में हो, लेकिन जब पिता बनने की बात आती है, तो वह हमेशा चिंतित, विनम्र और अभिभूत और अपनी बेटी के लिए खुशियां ही चाहते हैं।

Rajasthan News: BJP सरकार बनने के बाद मेवात में गौ तस्करों के खिलाफ एक्शन

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Rajasthan News: राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है. डीग जिले के मेवात इलाके में इन दिनों गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई चल रही है. गुरुवार को भी पुलिस ने पीछा कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया था और आज (5 जनवरी) की सुबह भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हरियाणा के रहने वाले चार गौ तस्करों को गिरफ्तार किया है. साथ ही गोवंश से भरी पिकअप गाड़ी को जब्त किया है. इसके अलावा पुलिस ने एक लग्जरी कार को भी जब्त किया है.
जानकारी के अनुसार डीग जिले की सीकरी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गौ तस्कर एक गोवंश से भरी पिकअप गाड़ी ले जा रहे हैं. साथ ही चार गौ तस्कर एक लग्जरी कार से गोवंश से भरी पिकअप गाड़ी को एस्कॉर्ट कर रहे हैं. गौ तस्करी की सूचना पर डीएसटी टीम ने कई किलोमीटर तक गौ तस्करों का पीछा कर चार गौ तस्करों को गिरफ्तार किया और 6 गोवंश को मुक्त कराया है.
बीते दिनों भी हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि बीते दिन भी डीग जिले के नगर थाना क्षेत्र में गौ तस्करों ने पुलिस द्वारा पीछा करने पर पुलिस पर फायरिंग की थी और पुलिस ने पीछा करते हुए दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया था. साथ ही 25 गोवंश को मुक्त कराकर गौशाला में पहुंचाया था. साल 2014 में बीजेपी की वसुंधरा सरकार ने भरतपुर के मेवात क्षेत्र में गौ तस्करी पर लगाम लगाने के लिए 5 गोरक्षा पुलिस चौकी खोली थी, लेकिन पुलिस स्टाफ उपलब्ध नहीं होने की वजह से यह चौकियां ठप पड़ी हुई हैं और गौ तस्करों के हौसले बुलंद हो रहे हैं.
गोवंश को पहुंचाया गौशाला
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए चारों गौ तस्कर हरियाणा के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान लियाकत, जावेद, आजाद और जानू के रूप में हुई है. यह गौ तस्कर गोवंश से भरी पिकअप गाड़ी में 6 गोवंश को भरकर हरियाणा की तरफ ले जा रहे थे. साथ ही यह गौ तस्कर एक लग्जरी कार में बैठकर उसको एस्कॉर्ट कर रहे थे. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है और गोवंश से भरी पिकअप गाड़ी और लक्जरी कार को जब्त कर गौवंश को गौशाला पहुंचा दिया है.

बातचीत ‘सालार’ के अभिनेता प्रभास के साथ…! फिल्म ‘सलार’ के सेट पर मित्रता का रंग : प्रभास और पृथ्वीराज की अनकही बातें आई सामने

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बातचीत ‘सालार’ के अभिनेता प्रभास के साथ…!
फिल्म ‘सलार’ के सेट पर मित्रता का रंग : प्रभास और पृथ्वीराज की अनकही बातें आई सामने……!
* एस एस राजमौली ने आपको ‘सलार’ करने के लिए प्रोत्साहित किया और आप अपने आने वाले परियोजनाओं पर अक्सर उससे सलाह लेते हैं। जब फिल्ममेकर प्रशांत नील ने आपको ‘सलार’ के बारे में बताया, तो आप सीधे उनके पास गए। क्या आपको लगता है कि एसएस राजमौली की इस चयन में ‘बाहुबली’ के बाद विश्वास बढ़ा था? आपके ख्याल में उनकी सलाह पर कितना विश्वास है ?
—- “हाँ, लगभग 15 साल हो गए हैं फिल्म ‘छत्रपति’ के बाद, हमने दोस्ती बनाई है। उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। जब प्रशांत या कोई और आता है, हम सामान्य चर्चा करते हैं। राजमौली ऐसा नहीं करते कि, ‘तुम्हें ऐसा करना चाहिए’, या ‘तुम्हें वैसा करना चाहिए’। हम दोस्तों की तरह बातचीत करते हैं। मैंने राजमौली को प्रशांत के साथ काम करने की सूचना दी और हमारी चर्चाओं के बारे में जानकारी दी। मैं हमेशा अपनी योजनाओं और अपने मन के बारे में साझा करता हूँ, और हमारी बातचीत एक दोस्ताना चैट की तरह होती है जहां उन्होंने भी मुझे अपने परियोजनाओं के बारे में अपडेट दिया। हमारे इंटरएक्शन का स्वभाव—व्यक्तिगत जीवन की चर्चाएं और फिल्म से संबंधित बातें करने का एक मिश्रण है। मेरे दोस्त और परिवार दोनों ही प्रशांत के साथ मेरे काम पर उत्सुक हैं और वे ‘सलार पार्ट 2’ के लिए भी बेताब हैं।”
 * अब जब ‘सलार 2’ का ऐलान हो गया है, तो हम इसे कब देख सकते हैं, और आप सभी के साथ फिर से जुड़ने  के लिए कितने उत्सुक हैं?*
—-“हाँ, कहानी पहले से ही तैयार है, और हम बहुत जल्दी इसे शुरू करेंगे, लक्ष्य यह है कि हम दर्शकों को जल्दी से फिल्म पहुंचा सकें। मुझे पता है कि मेरे कई प्रशंसक इसके रिलीज़ के लिए बेताबी से इंतजार कर रहे हैं। हम  जल्द ही ‘सलार पार्ट 2’ के विवरणों को उजागर करेंगे।”
 * आपके और पृथ्वीराज के बीच स्क्रीन के बाहर कैसा रिश्ता है ?
——- “पृथ्वी सर का इस  प्रोजेक्ट को स्वीकार करना मुझे बहुत प्रभावित किया और मैं उसकी विशेषता और महत्ता को महसूस करता हूं। वह एक सुपरस्टार और एक शानदार व्यक्तित्व हैं। मुझे बेहद खुशी है कि उन्हें फिल्म पसंद आई और वह इस फ़िल्म से जुड़े , अब हम पार्ट 2 के लिए तैयार हो रहे हैं। पृथ्वी सर के साथ काम करना शानदार रहा है, वह सेट पर हमेशा कूल रहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया, ‘अगर एक खूबसूरत लेख है, तो इसे देवा को ना नही कहना चाहिए, क्योंकि इससे उसके पात्र के लिए बेहतर काम करेगा। पृथ्वी सर एक अद्भुत बहु-प्रतिभागी हैं, वे केवल एक टॉप के निर्देशक और सुपरस्टार ही नहीं हैं, बल्कि एक शानदार व्यक्तित्व भी हैं। मैंने उसके साथ काम करने का बहुत आंनद उठाया, मैं उनके साथ और भी कई सालों तक कॉलेब्रेशन करने के लिए उत्सुक हूं। हम एक मजबूत दोस्ती बना रहे हैं। मैं पृथ्वी सर का आभारी हूं कि उन्होंने इस फिल्म का हिस्सा बनाया। उनकी विनम्रता की सराहना की जाती है। मैं उनके साथ काम करने के अनुभव को महत्वपूर्ण मानता हूं और भविष्य में उनके साथ और अधिक परियोजनाओं में सहयोग करने की आशा करता हूं।”
* प्रशांत नील यूनिवर्स के बारे में आपकी दो पसंदीदा चीजें क्या हैं ?
—–“मुझे उसकी कला के कई पहलुओं की सराहना है—उसके अभिनेताओं की प्रस्तुति, कला, कैमरा काम (सहित फोटोग्राफी), संपादन, और स्क्रीनप्ले। मुझे यह पसंद है कि वह अपने हीरोज को उच्चतम स्थान पर लेकर जाते हैं और क्रिया दृश्यों को डिज़ाइन करते हैं। उनके साथ काम करना आनंददायक है, और मैं हमेशा उसके साथ सहयोग करना चाहता था। हम जल्द से जल्द पार्ट 2 को रिलीज़ करने के लिए उत्सुक हैं।”
 * आपकी फिल्मों में ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में प्रतिष्ठा बन गई है, पहले ‘बाहुबली’ और अब ‘सलार’! आप अपने पात्रों में तेज़ी कैसे लाते हैं ?
——“मुझे ऐसा प्रतिष्ठान प्राप्त होने पर भाग्यशाली मानता हूँ, लेकिन मैं मानता हूँ कि यह मुख्य रूप से कहानी और निर्देशक की दृष्टि के कारण है। जिसे निर्देशक ने तेज़ दृश्य को शक्तिशाली तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों को असर हुआ। मुझे खुशी है कि मेरे प्रशंसक मेरे गंभीर, या जिसे आप ‘एंग्री’ कह सकते हैं, दृश्यों को सराहते हैं। मौजूदा स्थिति के अनुसार दिखाई जाने वाले ‘एंग्री मैन’ का चित्रण निर्देशक के विवेचन और सीन के साथ समर्थन होने के कारण प्रभावी है।”
* ‘डार्लिंग’ शब्द आपके प्रशंसकों के साथ जुड़ा हुआ है। इन वर्षों आपके साथ यह अद्वितीय बंधन कैसे विकसित हुआ ?
—– “शब्द ‘डार्लिंग’ एक फिल्म ‘बुज्जीगड़ु’ से आया था, ‘डार्लिंग’ के रूप में संदर्भित होने के लिए मेरे प्रशंसकों के साथी रूप से समय के साथ यह बंधन स्वतंत्र रूप से विकसित हुआ। उनका प्यार और समर्थन स्थिर रहा है, और यह संबंध मैं गहराई से मूल्यांकित करता हूं।”
* फैंस आप और पृथ्वीराज के बीच की केमिस्ट्री को बहुत पसंद करते हैं। क्या हम भविष्य में और सहयोगों की उम्मीद कर सकते हैं जो आपके स्क्रीन पर की जाने वाली दोस्ती को दिखाते हैं” ?
——“मुझे खुशी है कि लोग पृथ्वीराज और मेरे बीच की यारी को आनंद ले रहे हैं। मैंने उसके साथ काम करने में पूरी तरह से आनंद लिया और हां, आप सलार 2 में और स्क्रीन ब्रोमैंस को देखेंगे। मैं सबको पार्ट 2 देखने के लिए बेताब हूँ। और मुझे यकीन है कि हमारा सहयोग तब तक जारी रहेगा जब तक कि मैं इस इंडस्ट्री में हूँ।”
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में सदियों से रचे बसे है श्रीराम।

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– डॉo सत्यवान सौरभ,*
राम-राम जी। हरियाणा में किसी राह चलते अनजान को भी ये ‘देसी नमस्ते’ करने का चलन है। यह दिखाता है कि गीता और महाभारत की धरती माने जाने वाले हरियाणा के जनमानस में श्रीकृष्ण से ज्यादा श्रीराम रचे-बसे हैं। हरियाणवियों में रामफल, रामभज, रामप्यारी, रामभतेरी जैसे कितने ही नाम सुनने को मिल जाएंगे। रामनगरी अयोध्या में 22 जनवरी 2024 रामकथा का नया अध्याय है, यह 493 वर्ष तक चली संघर्ष-कथा का अपना ‘उत्तरकांड’ है। अपनी माटी, अपने ही आंगन में ठीहा पाने को रामलला पांच सदी तक प्रतीक्षा करते रहे तो रामभक्तों की ‘अग्निपरीक्षा’ भी अब पूरी हुई।
 हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ हिम्मत सिंह के अनुसार हरियाणा के आम जनमानस में बरसात होने पर रामजी खूब बरस्या या बरसात न होने पर रामजी बरस्या कोनी का उलाहना सुनने को मिलेगा। किसी से अच्छा प्यार-पहचान जताने के लिए उस गेल्यो बढ़िया राम-राम है या अनजानापन जताने के लिए उसतै तो मेरी राम-राम बी कौना, कहवात का इस्तेमाल करते हैं। यहां सांग में राम के प्रसंग जुड़े हैं तो भजनों में भी राम का जिक्र मिलता है। ‘लाड्डू राम नाम का खाले नै हो ज्यागा कल्याण’.. या ‘मनै इब कै पिलशन मिल जा मैं तो ल्याऊ राम की माला’… जैसे हरियाणवी भजन हिट रहे हैं। किसी को सांत्वना देने के लिए ‘राम भली करैगा या आंधे की माक्खी राम उड़ावै’ जैसी कहावतें हैं।
रामायण पर चार पीएचडी करवा चुके 90 वर्षीय डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा कहते हैं कि सन् 1999 तक हिंदी भाषी क्षेत्रों में राम व रामायण पर 150 से ज्यादा शोध थे। अब इनकी संख्या 250 से ज्यादा होगी। गैर हिंदी प्रदेशों में भी काफी शोध हुए हैं। हरियाणा व हिंदी भाषी क्षेत्र में राम के लोकजीवन में रचने बसने का श्रेय कई संतों व कवियों और आर्य समाज को जाता है। कबीर को निम्न जाति का मानते हुए उस काल में मंदिरों में नहीं जाने देते थे। तब कबीर ने राम को निर्गुण मानते हुए प्रचार किया।
पहले आदि कवि वाल्मीकि, संत रविदास, नामदेव ने निर्गुण रूप का प्रचार किया। हरियाणा में आर्य समाज का काफी प्रभाव रहा है और आर्य समाज ने राम को आदर्श पुरुष माना है। प्रदेश में कबीरपंथ का प्रचार करने के लिए डेरे भी हैं। कबीर के दोहों में रा को छत्र और म को माथे की बिंदी माना है। यानी सभी को रक्षा व सम्मान का प्रतीक माना है। हरियाणा के पुराने सांगों में राम के प्रसंगों का खूब जिक्र होता रहा है, इस वजह भी पीढ़ी दर पीढ़ी राम की असर जनमानस है, जबकि कुरुक्षेत्र जैसी धर्मनगरी समेत प्रदेश में कहीं भी श्रीराम के प्राचीन मंदिर नहीं हैं। रामराज्य की कल्पना में ही नैतिक मूल्य व राजनीतिक दर्शन है। राजनीति में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली आया राम-गया राम की कहावत भी हरियाणवी राजनीति से निकली है। जब 1967 में एक विधायक ने एक ही दिन में 3 बार में दल-बदल किया था।
हरियाणा के गांव मुंदडी में लव-कुश ने रामायण कंठस्थ की थी और सीवन गांव में माता सीता समाई थी। कैथल दडी में भगवान राम व सीता के पुत्रों लव-कुश ने महर्षि वाल्मीकि से इसी तीर्थ पर रामायण को कंठस्थ कर दिया था, जिसके बाद महर्षि वाल्मीकि ने मौन धारण कर दिया था। इससे ही गांव का नाम मुंदडी हो गया। इस तीर्थ पर शिव, हनुमान व लव-कुश के मंदिर हैं। मंदिर के गर्भगृह की भित्तियों पर राम, लक्ष्मण को कंधे पर बैठाए हुए हनुमान, गोपियों के साथ कृष्ण, रासलीला व गणेश इत्यादि के चित्र बने हुए हैं। नारद पुराण के अनुसार चैत्र मास की चतुर्दशी को इस तीर्थ में स्नान करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मंदिर के सरोवर की खुदाई से कुषाणकाल (प्रथम-द्वितीय शती ई.) से लेकर मध्यकाल 9-10वी शती ई. के मृदपात्र एवं अन्य पुरावशेष मिले थे। जिससे इस तीर्थ की प्राचीनता सिद्ध होती है। यहां महर्षि वाल्मीकि संस्कृत यूनिवर्सिटी भी बनाई जा रही है।
वहीं, कैथल के गांव सीवन या शीतवन को जनमानसे जनकनंदिनी सीता जी से संबंधित मानती है। प्रचलित विश्वास के अनुसार सीता इसी स्थान पर धरती में समा गई थीं। इसीलिए इस तीर्थ को स्वर्गद्वार के नाम से भी जाना जाता है। इस तीर्थ का उल्लेख महाभारत एवं वामन पुराण के अतिरिक्त पद्म पुराण, ब्रह्म पुराण, कूर्म पराण, नारद पुराण तथा अग्नि पुराण में भी पाया जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि यही शीतवन अपभ्रंश हो कर परवर्ती काल में सीतवन के नाम से विख्यात हो गया। वामन पुराण में इस तीर्थ को मातृतीर्थ के पश्चात् रखा गया है।
 राममंदिर आंदोलन के पलों को हरियांवासी कभी भूल नहीं सकते, जब गांव-गांव राममंदिर के लिए रामशिलाएं आई और देश के असंख्य लोग कारसेवा के लिए अवधपुरी की तरफ कूच कर गए थे। आधुनिक भारत का राममंदिर सत्य, अहिंसा और न्यायप्रिय भारत की अनुपम भेंट है। यह सर्वसत्य है कि यह मंदिर तप, त्याग और संकल्प का प्रतीक बनेगा। ये शाश्वत मंदिर आस्था और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। वास्तव में हमें जब भी कोई काम करना हो तो हम भगवान राम की ओर देखते हैं। भगवान राम की जय बोलते हैं। राम हमारे मन में बसे हैं। राम हमारी संस्कृति के आधार हैं।
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आओ मेरे राम
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राम भक्त की धार हैं, राम जगत आधार।
राम नाम से ही सदा, होती जय जयकार।।
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जगह-जगह पर इस धरा, है दर्शनीय धाम।
बसे सभी में एक से, है अपने श्री राम।। 
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राम सदा से सत्व है, राम समय का तत्व।
राम आदि  है अन्त हैं, राम सकल समत्व।।  
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राम-राम सबसे रखो, यदि चाहो आराम 
पड़ जायेगा कब पता, सौरभ किससे काम।।
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राम नाम से मैं करूँ, मित्रों तुम्हे प्रणाम। 
जीवन खुशमय आपका, सदा करे श्रीराम।। 
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राम-राम मुख बोल है, संकटमोचन नाम।  
ध्यान धरे जो राम का, बनते बिगड़े काम।।  
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रोम रोम में है बसे, सौरभ मेरे राम।
भजती रहती है सदा,जिह्वा आठों याम।।
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उसका ये संसार है, और यहाँ है कौन। 
राम करे सो ठीक है, सौरभ साधे मौन।।
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हर क्षण सुमिरे राम को, हों दर्शन अविराम। 
राम नाम सुखमूल है, सकल लोक अभिराम।।
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राम नाम है हर जगह, राम जाप चहुंओर।
चाहे जाकर देख लो, नभ तल के हर छोर।।
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नगर अयोध्या, हर जगह, त्रेता की झंकार। 
राम राज्य का ख्वाब जो, आज हुआ साकार।।
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रखो लाज संसार की, आओ मेरे राम।
मिटे शोक मद मोह सब, जगत बने सुखधाम।।
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मानव के अधिकार सब, होने लगे बहाल।
राम राज्य के दौर में, रहते सभी निहाल।।
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रामराज्य की कल्पना, होगी तब साकार।
धर्म कर्म सच श्रम बने, उन्नति के आधार।।
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राम नाम के जाप से, मिटते सारे पाप।
राम नाम ही सत्य है, सौरभ समझो आप।।
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मद में डूबे जो कभी, भूले अपने राम। 
रावण-सा होता सदा, उनका है अंजाम।।
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-डॉ. सत्यवान सौरभ

गोदरेज इंडस्ट्रीज (केमिकल्स) ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन से पहले गुजरात सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर ~ वालिया में 600 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना

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गांधीनगर5 जनवरी2024: भारतीय रसायन उद्योग की अग्रणी कंपनीगोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केमिकल्स) ने आज घोषणा की है कि उसने गुजरात सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।  एमओयू के हिस्से के रूप मेंकंपनी अगले चार वर्षों में लगभग 250 लोगों को रोजगार के साथ वालिया में महत्वपूर्ण विस्तार पर 600 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल की उपस्थिति में हुआ समझौतागुजरात के औद्योगिक विकास और कुशल कार्यबल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

एमओयू वालिया में विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता है जहां गोदरेज इंडस्ट्रीज के पास पहले से ही एक विनिर्माण सुविधा है।  गुजरात के भरूच जिले में स्थित, यह इकाई जैविक सामग्री से प्राप्त ओलेओ रासायनिक उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करती है। ये उत्पाद व्यक्तिगत देखभाल, फार्मास्युटिकल और खाद्य उद्योगों सहित विभिन्न बाजार क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करते हैं।

इस अवसर पर गोदरेज इंडस्ट्रीज (केमिकल्स) के सीईओ विशाल शर्मा ने कहा, “यह रणनीतिक सहयोग विकास, नवाचार और क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान के लिए हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।  गुजरात हमेशा प्रगति का प्रतीक और व्यापार-अनुकूल गंतव्य रहा है, और हमें विश्वास है कि हमारा निवेश न केवल हमारी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर भी पैदा करेगा और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देगा।

उन्होंने आगे कहा, “हम परिचालन उत्कृष्टता, पर्यावरणीय स्थिरता और इसमें शामिल सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन के लिए प्रतिबद्ध हैं।  गुजरात सरकार को उनके सक्रिय दृष्टिकोण और समर्थन के लिए धन्यवाद, और हमें विश्वास है कि हमारे संयुक्त प्रयास एक सफल और पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी को स्वरूप देंगे।“

गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड और एसोसिएट कंपनियों के कॉर्पोरेट मामलों के समूह अध्यक्ष, राकेश स्वामी ने कहा, “गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड गुजरात के शुरुआती निवेशकों में से एक है और हम राज्य की उल्लेखनीय विकास कहानी का हिस्सा बनने के लिए बहुत उत्साहित हैं। हम राज्य में अनुकूल औद्योगिक नीतियों, एकल खिड़की मंजूरी और अत्यधिक कुशल कार्यबल की सराहना करते हैं जो हमारे लिए महत्वपूर्ण अतिरिक्त निवेश करना आदर्श बनाता है।  हम उद्योग विभाग के समर्थन के लिए आभारी हैं और 10वें वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एमओयू पर हस्ताक्षर 10 जनवरी, 2024 को होने वाले आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के तुरंत बाद हुआ। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम निवेश और आर्थिक विकास के लिए राज्य के दृष्टिकोण को उजागर करता है, और गोदरेज इंडस्ट्रीज को इस जीवंत  पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा होने पर गर्व है।

गुजरात सरकार के उद्योग, नागरिक उड्डयन, ग्रामीण विकास, श्रम और रोजगार के कैबिनेट मंत्री श्री बलवंत सिंह राजपूत ने कहा, “गोदरेज समूह गुजरात में एक महत्वपूर्ण निवेशक है और हम वालिया में वैश्विक ओलियोकेमिकल विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में राज्य में अतिरिक्त निवेश के उनके इरादे की सराहना करते हैं। हम इस निवेश का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है और माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप गुजरात को शून्य-प्रभाव और हरित भारत के लिए आगे रखता है।

गुजरात में अपने परिचालन का विस्तार करने की जीआईएल केमिकल्स की प्रतिबद्धता कंपनी के विकास के दीर्घकालिक दृष्टिकोण और राज्य के विकास लक्ष्यों के साथ इसके रणनीतिक रुख का प्रतीक है।  नवाचार, स्थिरता और सामुदायिक जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, जीआईएल केमिकल्स आने वाले वर्षों में गुजरात के औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।