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विकास व जनकल्याण की दिशा में मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम

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डा.मोहन यादव सरकार के दो माह
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को आकार दिया है। वैश्विक स्तर पर भारत एक समृद्ध, संपन्न, सशक्त, शक्तिशाली व आत्मनिर्भर देश के रूप में मजबूती से स्थापित हो, इसके लिए हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये जा रहे हैं। राज्य अपनी-अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। डबल इंजन वाली मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन सरकार प्रदेश में सुशासन, विकास व जनकल्याण के साथ विकसित भारत की लक्ष्यपूर्ति की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व निर्णयों को धरातल पर उतार रही है। पिछले 2 माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  के नेतृत्व में प्रदेश में कई नवाचार हुए तो वहीं विकास की दृष्टि से अनेकों सौगातें भी मध्यप्रदेश को मिली हैं।
मजबूत सुशासन एवं सुदृढ़ कानून व्यवस्था –  सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने दो महीने के कार्यकाल में प्रदेश में सुशासन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था को मजबूती देने का काम किया है। साहसिक फैसलों, प्रशासनिक जमावट, जनकल्याण एवं जनहित से जुड़े कार्यों पर तत्काल निर्णय तथा अपराधी व दोषियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश जैसे निर्णयों ने प्रदेश सरकार के स्पष्ट विजन के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक साफ-स्वच्छ और न्यायप्रिय मुखिया की स्पष्ट छवि को भी प्रस्तुत किया है। सरकार के गठन के 15 दिनों में 1 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को पात्रतानुसार उच्च पद का प्रभार देना। अनियंत्रित एवं अनियमित आवाज में चलने वाले माईक, डीजे को प्रतिबंधित कर कार्रवाई स्वरूप 25 हजार से अधिक लाउडस्पीकर हटाना। खुले में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना। प्रदेश में थानों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण का कार्य प्रारंभ होना । राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को सुधारने के लिए जनवरी-फरवरी में राजस्व महाअभियान के आयोजन का निर्णय जनहित में लिया गया है। नगरीय क्षेत्रों में आवासीय भूखंडों के लिए अनुज्ञा पाने की राह को आसान बनाने की पहल हुई अब 105 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर डीम्ड अनुज्ञा प्राप्त करने और 300 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों पर त्वरित अनुज्ञा प्रदान करने की व्यवस्था लागू की। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों एवं गंभीर अपराधों के दोषियों को चिन्हित कर और उन पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी सरकार की मंशा जाहिर करते हैं।
गरीब एवं कमजोर वर्ग का रखा ध्यान –   डॉ.मोहन सरकार ने गरीब कल्याण को प्राथमिकता देते हुए गरीबोत्थान की दिशा में कई महत्वपूर्ण एवं अभूतपूर्व फैसले लिए हैं। वर्षों से प्रतिक्षारत इंदौर की हुकुमचंद मिल के निर्णय ने मजदूरों व गरीब परिवारों के आत्मसम्मान को बढ़ाया है तो वहीं सरकार के प्रति विश्वास भी जगाया है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में सरकार ने उनके हक की 224 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया । प्रदेश सरकार ने संकल्प पत्र के वादे को पूरा करते हुए तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3000 रुपए प्रति बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपए किया। इस निर्णय से प्रदेश के 35 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिलेगा। पीएम जन-मन योजना अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल जिलों में 7 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से आँगनवाड़ी केन्द्रों, छात्रावासों, बहुउद्देशीय केंद्रों, सड़कों, पुलों और आवासों के निर्माण करने का निर्णय भी सराहनीय कदम है। इस योजना के अंतर्गत 23 जिलों की 4 हजार 597 बसाहटों में निवास करने वाले बैगा, सहरिया एवं भारिया जनजाति के 11 लाख से अधिक भाई-बहन लाभान्वित होंगे। आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातियों की बहनों के पोषण आहार के लिए 29 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में भेजने का काम किया।
अधोसंरचना को मिलेगी अधिक मजबूती   –  प्रदेश में मजबूत अधोसंरचना पर डॉ.मोहन यादव सरकार का फोकस है। पूरे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का जाल बिछाकर प्रदेश के विकास को गति देने के उद्देश्य से निरंतर कार्य हो रहा है। राज्य में 29 हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की 78 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के माध्यम से 2 हजार 800 किलोमीटर से अधिक लम्बाई की सड़कें बन रही हैं। 308 करोड़ रुपए की लागत से खरगोन जिले में जलूद ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। ग्वालियर-बेंगलुरू और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ किया गया। यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस (भोपाल बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को हटाने का निर्णय कर क्रियान्वयन शुरू किया। यह विशेष उपलब्धि है कि केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उपस्थिति में एक ही दिन में 10,405 करोड़ लागत की 24 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात मध्यप्रदेश को मिली है।
पानी से लिखेंगे, खुशहाली की कहानी-   किसानों की आमदनी बढ़ाने की बात हो या फिर महिलाओं को पानी के लिए होने वाली परेशानी से निजात दिलाना हो डबल इंजन सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. मोहन यादव जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और सिंचाई क्षेत्र के विस्तार की योजनाओं के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश में निर्माणाधीन नई सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 31 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा निर्मित होगी। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सिंचाई क्षेत्र को बढ़ाकर 65 लाख हैक्टेयर तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ड़ा मोहन यादव की सक्रियता एवं संवेदनशीलता से हाल ही में प्रदेश के नाम एक और उपलब्धि हांसिल हुई है। वर्षों से लंबित संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर केन्द्र सरकार, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सहमति हुई है, जो प्रदेश की प्रगति और विकास में वरदान साबित होगी।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प  – युवा आबादी शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। युवाओं की आत्मनिर्भरता से ही प्रदेश की आत्मनिर्भरता की कहानी लिखी जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने हेतु नये-नये नवाचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की रोजगार की गारंटी को पूरा करने की दिशा में सार्थक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 7 लाख से अधिक युवाओं को एक दिन में 5151 करोड़ 18 लाख 90 हजार की ऋण राशि के स्वीकृति पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किये। स्वामी विवेकानंद की जंयती एवं युवा दिवस के अवसर पर महिलाओं और युवाओं पर केन्द्रित रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित लगभग 700 प्रतिभागियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास में भागीदार बनाया।(विनायक फीचर्स)

महिला सशक्तिकरण  को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव

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(विभूति फीचर्स)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। मध्यप्रदेश में भी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव नारी को सशक्त बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। डबल इंजन सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत कर रही है। महिलाओं के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है । प्रदेश में बेटियों की पढ़ाई -लिखाई से लेकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के पूरे अवसर मिल रहे हैं।  

योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदला प्रदेश की महिलाओं जीवन
महिलाओं के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाएं प्रदेश में बेहतरीन ढंग से चल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को पहुंचाने के लिए सभी अधिकारियों और विभागों को निर्देश दिए हैं। केन्द्र की योजनाओं के सफल संचालन से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में समृद्धि और सम्मान आया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 65 लाख से अधिक परिवारों को नल के कनेक्शन मिलने से महिलाओं को मीलों पैदल चलकर पानी लाने के कष्ट से मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 36 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में बदलाव आया है इनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मकान की मालकिन महिलाएं बनी हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 44 लाख से अधिक माताओं को सुरक्षित मातृत्व मिला है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना ने प्रदेश की लाखों महिलाओं को धुँए से मुक्ति दिलाई है तो राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 4 लाख से अधिक स्व -सहायता समूहों के माध्यम से 53 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं।
महिला कल्याण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला सशक्तिकरण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खाते में 1576 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 56 लाख से अधिक हितग्राहियों को 341 करोड़ रुपए की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि देकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा दी है। इसके साथ ही प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों में जहाँ महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है, वहीं पुलिस भर्ती में 30 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। सामान्य भर्तियों में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं के हितों का संरक्षण हुआ है। शासकीय सेवा के अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत बेटियां अपना खुद का व्यवसाय भी शुरू कर रही हैं। यह प्रदेश में महिलाओं के जीवन स्तर की सुधार की दिशा में प्रदेश सरकार का बड़ा कदम है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से बेटियों की पढ़ाई-लिखाई तो मुख्यमंत्री कन्या विवाह  और निकाय योजना से गरीब परिवार की बेटियों की शादी की चिंता दूर हुई है।
आजीविका मिशन ने बदली महिलाओं की तकदीर 
मध्य प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत महिला स्व- सहायता समूहों ने बेहतरीन काम किया है।  आज प्रदेश की महिलाएं इस योजना के माध्यम से जहाँ सशक्त हो रही हैं वहीं जनरल स्टोर, रेडिमेड गारमेंट्स, आटा चक्की, सिलाई कार्य, राशन की दुकान चलाने जैसे कई कामों को बखूबी अंजाम दे रही हैं। प्रदेश में महिला स्व -सहायता समूह बड़े पैमाने पर सरकार की योजनाओं के माध्यम से सशक्त हुए हैं।  मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों को ऋण देकर सहायता करने का काम प्रदेश में तेजी से चला जिसके परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश के 1.36 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से मुक्त हो गए हैं। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 15 लाख महिलाएं भी शामिल हैं। आजीविका पोर्टल के माध्यम से अब तक महिलाएं कई करोड़ रुपये के उत्पाद बेच चुकी हैं।
महिलाओं के जीवन में आई खुशहाली 
सुकन्या समृद्धि योजना से जहाँ प्रदेश की लाखों बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है वहीं प्रदेश में करोड़ों महिलाओं के जन-धन खाते खुलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही नारी सम्मान कोष की स्थापना की गई है। सरकार की नई स्टार्ट अप नीति में महिला स्टार्ट अप्स को विशेष स्थान दिया गया है। आहार अनुदान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाएं प्रदेश में चलने से महिलाओं और बेटियों की जिंदगी संवरी है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार की हर योजनाओं में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं।
डबल इंजन सरकार की योजनाओं से मिल रहे लाभ की बदौलत महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त हो रही हैं। महिला सशक्तीकरण को लेकर प्रदेश की मोहन सरकार बेहद संजीदा है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  की अगुवाई में इस दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।(विभूति फीचर्स)

एशियन आईकॉनिक अवार्ड समारोह में सोनू सूद और विंदू दारा सिंह हुए सम्मानित

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रामकुमार पाल और शैलेश पटेल द्वारा आयोजित इस अवार्ड शो में सोनू सूद के हाथों सम्मानित हुए विशिष्ट हस्तियां

मुंबई। रामकुमार पाल 64 फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत एशियन आईकॉनिक अवार्ड 2024 का भव्य आयोजन 11 फरवरी को मुक्ति कल्चरल हब अंधेरी, मुंबई में संपन्न हुआ जहां सेलिब्रिटी गेस्ट के रूप में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद और विंदू दारा सिंह की विशेष उपस्थिति रही साथ ही रामकुमार पाल और शैलेश पटेल ने दोनों अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए ट्रॉफी और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
उसी अवसर पर ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध अभिनेता सोनू सूद के हाथों समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशिष्ट लोगों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस अवार्ड शो का आयोजन रामकुमार पाल और मुंबई रफ्तार चैनल के सीइओ शैलेश पटेल ने किया।
वहीं इस शो का संचालन सिमरन आहूजा ने किया और एशियन आइकॉनिक अवार्ड कार्यक्रम में फिल्म व टीवी सितारें उर्वशी ढोलकिया, प्रिंस नरूला, विशाल जेठवा, शिव ठाकरे, सृजिता डे, स्नेहा वाघ, जसन शाह, अर्चना कोचर, ईशा संजरी, वाशु जैन की उपस्थिति रही जिन्हें रामकुमार पाल ने सम्मानित किया।


रामकुमार पाल ने कहा कि मेरा यह अवार्ड शो करने का उद्देश्य सिर्फ यही है कि जो लोग समाज में अच्छे कार्य करते हुए जनमानस को प्रभावित कर रहे हैं उन्हें मंच पर लाकर अवश्य सम्मानित करना चाहिए जिससे अन्य साधारण लोग उनसे प्रेरित हो सकेंगे।
अवार्ड मिलने से सबको प्रोत्साहन मिलता है और वे उत्साहित होकर अच्छे कार्यों को अंजाम देते हैं।

– संतोष साहू

मारे गए ‘गौ सेवक’ की पत्नी ने लौटाया मुआवजा

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कवर्धा शहर में पिछले महीने मारे गए एक गौ सेवक की पत्नी ने सरकार की ओर से वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए पांच लाख रुपए सोमवार को वापस कर दिए और दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की. कवर्धा शहर के बाहरी इलाके में 20 जनवरी को साधराम यादव (48) की छह लोगों ने कथित तौर पर उस समय हत्या कर दी थी, जब वह साइकिल से अपने गांव लालपुर जा रहे थे.
कलेक्टर के नाम जमा की पांच लाख की डीडी
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना के बाद कवर्धा शहर में मुख्य आरोपी अयाज खान के घर के एक हिस्से को भी अधिकारियों ने ध्वस्त कर दिया. सोमवार शाम को मृतक की पत्नी प्रमिला बाई यादव कवर्धा के कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और एक पत्र के साथ कलेक्टर के नाम पांच लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा किया.
जिस तरह मेरे पति की गला काटकर हत्या हुई उसी तरह…’
प्रमिला ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है, ‘मेरे पति को मुस्लिमों ने आईएसआईएस की तरह बेरहमी से गला काटकर मार डाला. उक्त घटना के बाद राज्य सरकार ने मुझे पांच लाख रुपए की सहायता राशि दी थी. मैं इस सहायता को स्वीकार करने में असमर्थ हूं. मेरे परिवार को सरकार से न्याय की उम्मीद है. जिस तरह से मेरे पति की गला रेतकर हत्या कर दी गई, उसी तरह आरोपियों का गला काटकर मुझे न्याय दिलाया जाए.’

 

कोल्टे-पाटिल ने वित्त वर्ष 2025 तक 9,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शुरू करने का किया ऐलान

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कोल्टेपाटिल ने वित्त वर्ष 2025 तक 9,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट शुरू करने का किया ऐलान

  • वित्त वर्ष 2025 तक बिक्री मूल्य का 30% मुंबई और बेंगलूरु से हासिल करने का लक्ष्य
  • पुणे, मुंबई और बेंगलूरु में 2.6 करोड़ वर्ग फुट से अधिक का किया डेवलपमेंट

पुणे, 13 फरवरी, 2024: मुंबई और बेंगलुरु में कदम बढ़ाती पुणे की जानी—मानी रियल एस्टेट कंपनी कोल्टेपाटिल डेवलपर्स लिमिटेड (बीएसई: 532924, एनएसईकोल्टेपाटिलकेपीडीएल) ने पुणे, मुंबई और बेंगलुरु में अगले 14 महीनों में कुल 9,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स शुरू करने का ऐलान किया है। सोची—समझी रणनीति के तहत उठाया गया यह कदम कोल्टे-पाटिल डेवलपर्स की उस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य उच्च क्षमता वाले माइक्रो मार्केट में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना और अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना है।

विशेष रूप से, कोल्टे-पाटिल ने पुणे पर उल्लेखनीय फोकस के साथ प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति को काफी हद तक बढ़ाया है। अकेले पुणे में लॉन्च होने वाली आगामी परियोजनाओं की लागत लगभग 6,400 करोड़ रुपए है। बुनियादी ढांचे में निरंतर वृद्धि और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों से पुणे में आवासीय बाजार लगातार फल-फूल रहा है। शहरी बुनियादी ढांचे, लाइफ इंडेक्स की अच्छी गुणवत्ता, रहने की उचित लागत और विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत रोजगार के अवसरों के कारण बढ़ती प्रति व्यक्ति आय को शहर के विकास का श्रेय दिया जा सकता है। केपीडीएल की आगामी परियोजनाएं पुणे में किवळे, पिंपळे निलख, बाणेर, खराडी, हिंजवडी और एनआईबीएम रोड जैसे माइक्रो मार्केट में हैं। औद्योगिक क्षेत्रों से निकटता, बेहतरीन कनेक्टिविटी और अच्छे सोशल—इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण इन माइक्रो मार्केट ने पसंदीदा आवासीय स्थलों के रूप में तेजी से लोकप्रियता हासिल की है।

इस बीच, वित्त वर्ष 2025 तक मुंबई की लॉन्च क्षमता लगभग लगभग 2,500 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। मुंबई में 15 पुनर्विकास परियोजनाओं (2 पूर्ण, 5 चालू और 8 नियोजित) के साथ, कंपनी को पुणे मार्केट से 70% बिक्री का अनुमान है, जिसमें मुंबई और बेंगलूरु सामूहिक रूप से वित्त वर्ष 2025 तक लगभग 30% योगदान देंगे। यह कोल्टे-पाटिल के विविधीकरण लक्ष्य के अनुरूप है। बिक्री का अनुमान लक्ष्य वित्त वर्ष् 2025 में 3,500 करोड़ रुपए से अधिक और वित्त वर्ष 2026 में लगभग 4,500 करोड़ रुपए है।

नवंबर 2022 में, कोल्टे-पाटिल डेवलपर्स ने पुणे के पिंपळे निलख माइक्रो-मार्केट में केपीडीएल की आवासीय परियोजना के लिए 206.5 करोड़ रुपए का निवेश हासिल करते हुए मारुबेनी कॉर्पोरेशन, जापान के साथ सहयोग की घोषणा की। इसके बाद, कोल्टे-पाटिल ने नवंबर 2023 में कलिना माइक्रो-मार्केट, मुंबई में 110.9 करोड़ रुपए की एक परियोजना के लिए मारुबेनी कॉर्पोरेशन के साथ दूसरा समझौता किया। ये साझेदारियां अपनी फाइनेंशियल समझ बनाए रखते हुए मजबूत विकास वाले रणनीतिक सहयोग के लिए कोल्टे-पाटिल डेवलपर्स की प्रतिबद्धता का उदाहरण है, इसी प्रतिबद्धता से कंपनी गतिशील रियल एस्टेट परिदृश्य में निरंतर सफलता के लिए तैयार रहती है।

कोल्टेपाटिल डेवलपर्स लिमिटेड के ग्रुप सीईओ श्री राहुल तालेले ने कहाहमारा समर्पण ‘कंस्ट्रक्शन नहींक्रिएशन‘ के प्रति है। यही हमारा अलग दृष्टिकोण हैजो स्ट्रक्चर को ऐसे लैंडमार्क में बदल देता है जो जीवन को ऊपर उठाते हैं। यह हमारी ताकत ही कही जाएगी कि हमारा ट्रैक रिकॉर्ड 2.6 करोड़ वर्ग फुट से अधिक के विकास का है और हमारी वर्तमान परियोजनाएं 25,000 करोड़ रुपए के मजबूत सकल विकास मूल्य (जीडीवीक्षमता के साथ 3.35 लाख वर्ग फुट तक फैली हुई हैं। पुणे में हमारे फ्लैगशिप प्रोजेक्ट लाइफ रिपब्लिक की शानदार सफलता बाजार की मांगों के लिए गुणवत्ता और अनुकूलनशीलता पर हमारे फोकस का एक प्रमाण है।  9MFY24 में लाइफ रिपब्लिक टाउनशिप प्रोजेक्ट में 1.7 मिलियन वर्ग फुट के अभूतपूर्व प्री-सेल्स आंकड़े को हासिल करने की उपलब्धि को उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के शिखर के रूप में देखा जा सकता है। इसके अलावाहाल की उपलब्धियों में एमएमआर रीज़न में दो पुनर्विकास परियोजनाओं को हासिल करना शामिल हैजिनकी अनुमानित टॉपलाइन क्षमता लगभग 545 करोड़ रुपए है। यह शहर में उपस्थिति मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों के अनुरूप है। ये प्रोजेक्ट समाज के पुनर्विकास में रणनीतिक पहलों के प्रभाव को बढ़ाते हुएहमारे व्यापक उद्देश्यों के साथ सहजता से एकमेक होती हैं। जैसेजैसे हम आगे बढ़ेंगेहमारे प्रयास निस्संदेह पुणेएमएमआर बाजार और बेंगलूरु के हमारे प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में हमारी विशिष्ट स्थिति को मजबूत करेंगेनए मानक स्थापित करेंगे और कोल्टेपाटिल डेवलपर्स को उद्योग के

एक्टर सोनू सूद के हाथों एशियन आईकॉनिक अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए डॉ निकेश जैन माधानी 

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मुंबई। बिजनेसमैन डॉ. निकेश ताराचंद जैन माधानी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन आइकॉनिक अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए। उन्हें सक्सेसफुल बिजनेसमैन के रूप में यह अवार्ड मिला। यह पुरस्कार समारोह 11 फरवरी 2024 को मुक्ति ऑडिटोरियम अंधेरी, मुंबई में सम्पन्न हुआ। रामकुमार पाल 64 फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत इस अवार्ड शो का आयोजन समाजसेवक रामकुमार पाल और मुंबई रफ्तार चैनल के सीईओ शैलेश पटेल ने किया। इस अवार्ड शो को सिमरन आहूजा ने होस्ट किया तथा विंदू दारा सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विदित हो कि पिछले दिनों डॉ निकेश जैन माधानी गोल्डन जुबली फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित हुए। इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल, यूनियन लीडर अभिजीत राणे के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा इस वर्ष कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हुए हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि मधानी फाइनेंस, मधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, मधानी ट्रेडिंग कंपनी, मधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

इस बार बीजेपी ऐसे पार करेगी 370 सीट का आंकड़ा – PM MODI

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झाबुआ: दो महीने बाद देश में लोकसभा चुनाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाबुआ जिले में आदिवासी महाकुंभ को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। साथ ही दावा किया है कि एनडीए इस बार 400 से अधिक सीटें लेकर आएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें बीजेपी अकेले 370 के पार सीटें लेकर आएगी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि अकेला बीजेपी 370 पार करेगा। इस पर भीड़ से आवाज आई कि पार करनी चाहिए।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सवाल किया कि ये लाओगे कैसे। इसके बाद सन्नाटा पसर जाता है। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आपलोगों को एक जड़ी-बूटी देता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं पब्लिकली जड़ी-बूटी दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि आपको यहां से जाकर एक काम करना है। यह काम है कि पिछले तीन चुनाव में आपके यहां पोलिंग बूथ में क्या रिजल्ट आया था, उसको निकालो। पोलिंग बूथ पर कमल पर कितने वोट पड़े थे, उसका हिसाब निकालो। पीएम मोदी ने कहा कि यह रेकॉर्ड तीन चुनाव का होना चाहिए।

सबसे ज्यादा वोट को लिख लो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि आपके यहां जिस बूथ पर सबसे अधिक वोट मिले, उसको लिख लो। तीनों चुनाव का रेकॉर्ड रखे कि कब हमें सबसे अधिक वोट मिले थे। इसका बाद तय करना कि जहां सबसे अधिक वोट मिले थे, उस जगह पर 370 अधिक वोट जोड़ना है। इसका मतलब है कि आपके पोलिंग बूथ पर पहले जितना वोट मिले थे, उससे 370 अधिक वोट लाना है।
उन्होंने कहा कि आपलोगों को उन मतदाताओं की सूची बनानी है। साथ ही सरकारी योजनाओं को बारे में बताना है। साथ ही अगर जिन्हें मदद नहीं मिली है, उन्हें भरोसा दिलाना है। ऐसे में आप हर बूथ पर 370 वोट अधिक लाते हैं कि हम 370 पार सीटें लाएंगे।

कला और अभिव्यक्ति की आजादी पर हो रहे हमलों की जलेस द्वारा निंदा, कड़ी कारवाई की मांग

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इस महीने की 2 फरवरी को सवित्रीबाई फुले, पुणे विश्वविद्यालय के ललित कला केंद्र में परीक्षा के असाइनमेंट के तौर पर मंचित हो रहे नाटक ‘जब वी मेट’ को आरएसएस-भाजपा से जुड़े छात्र संगठन अभाविप द्वारा बाधित करके हंगामा और तोड़-फोड़ किया गया। प्रो. प्रवीण दत्तात्रेय भोले, और पांच विद्यार्थियों के ख़िलाफ़ अभाविप और भाजयुमो ने एफ़आईआर दर्ज कराया जिसके आधार पर इन छह लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया। विश्वविद्यालय के प्रशासन ने हंगामा करनेवालों का पक्ष लेते हुए अपने बयान में न सिर्फ़ भावनाएं आहत होने के संबंध में क्षमा-याचना की बल्कि ‘किसी मिथकीय या ऐतिहासिक व्यक्ति की पैरोडी’ को ‘पूरी तरह से ग़लत और प्रतिबंधित’ बताया। उसके बाद 6 फरवरी को हुई विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद की बैठक की शुरुआत अनेक सदस्यों द्वारा ‘जय श्रीराम’ के नारे के साथ हुई।

ठीक यही स्थिति 2022 में वरोदड़ा, गुजरात के सायाजीराव यूनिवर्सिटी में देखी गयी थी जहां ललित कला संकाय में परीक्षा संबंधी मूल्यांकन के लिए लगायी जा रही प्रदर्शनी के शुरू होने से भी पहले एबीवीपी के सदस्य तोड़फोड़ करने पहुंच गये और उसके बाद जिस कलाकृति से उनकी ‘भावनाएं आहत’ हुई थीं, उसे बनानेवाले, प्रथम वर्ष के विद्यार्थी कुंदन यादव को विश्वविद्यालय की सिंडिकेट ने बर्खास्त कर दिया और उसके शिक्षक, सुपरवाइजर और संकाय के डीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
पुणे विश्वविद्यालय की घटना के कुछ ही दिनों के बाद निर्भय बनों विचार मंच द्वारा  9 फरवरी को पुणे में 66 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले, वकील असीम सरोदे और विश्वंभर चौधरी व उनके अन्य साथियों का व्याख्यान रखा गया था। इसमे जाने से पहले इन सभी को पुलिस ने 3 घंटे रोक कर रखा गया। ये सभी जिस रास्ते से जा रहे थे उसपर पुलिस के होते हुए भी प्रभात रोड, कर्वे रोड, शास्त्री मार्ग और दांडेकर पुल के रास्तों पर आधे घंटे के भीतर अलग अलग जगहों पर 4 बार पत्थरों, स्याही, लोहे के सलियों से पीछा करके भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ ने हमला किया। हमलावरों ने  प्राणघातक हमला करते हुए उनकी गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दी। लेकिन उस समय हमला कर रहे किसी भी भाजपा कार्यकर्ता को पुणे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया।  
कट्टर हिंदुत्ववादी विचारों से जुड़े संगठनों की इस गुंडागर्दी और जानलेवा हमले का ‘जनवादी लेखक संघ’ तीव्र निषेध करता है। ये हमले सीधे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला हैं। पिछ्ले कई वर्षों से सरकार से सवाल पूछने वाले लेखकों और बुद्धिजीयों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। हमले के बाद निखिल वागले ने ट्विट करते हुए कहा कि “यह हमला पुलिस की मिली-भगत से हुआ है वे इस हमले से डर कर अपनी आवाज़ बंद नहीं करेंगे यह भूमि जोतिबा फुले और आम्बेडकर की भूमि है”।
जनवादी लेखक संघ सवित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में हुए इस हमले की और उसके सम्बन्ध में प्रशासन और पुलिस के रवैये की निंदा करता है। जलेस की केन्द्रीय कार्यकारिणी ने भी ललित कला संकाय के अध्यक्ष तथा विद्यार्थियों पर लगाये गये आरोपों को वापस लिये जाने और भावनाएं आहत होने के नाम पर हंगामा और तोड़फोड़ करनेवालों पर अविलम्ब उचित कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
भाजपा के कार्यकाल मे महाराष्ट्र में इस तरह की उन्मादी भीड़ के हमले बढ़ते जा रहे हैं। इन सभी हमलों में महाराष्ट्र सरकार की भूमिका भी संदिग्ध है। यह हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को हिंसा व बल से दबाने-कुचलने का प्रयास है। जनवादी लेखक संघ ने आरएसएस – भाजपा के कार्यकर्ताओं के इन फासिस्ट हमलावरों पर कड़ी पुलिस कारवाई की मांग की है। जलेस महाराष्ट्र राज्य कमिटी इन दोनों हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए और देशभर के सभी कला व लेखन क्षेत्र से जुड़े कलाकारों-साहित्यकारों से इस दमनशाही का खुलकर विरोध करने का आवाहन किया है।  

मुंबई में कंगना रनौत ने लाँच किया रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ हैदराबाद’ का दमदार हिंदी ट्रेलर

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‘रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ़ हैदराबाद’ के साथ नरसंहार की अनकही कहानी पर्दे पर आने को तैयार

मुंबई। भारतीय फिल्मों में क्रूर घटनाओं और सामूहिक नरसंहार जैसे विषय को लेकर फिल्म बनाने का ट्रेंड देखा जा रहा है। फिल्म मेकर्स इतिहास में घटित ऐसी घटनाओं पर साहस के साथ फिल्म बना रहे हैं जिस पर पहले खुलकर बात भी नहीं की जाती थी। देश की आज़ादी के समय हैदराबाद में हुए नरसंहार पर आधारित फिल्म ‘‘रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ हैदराबाद’’ का ट्रेलर जारी किया है जो हमें एक ऐसी ऐतिहासिक घटना से बारे में बताएगा जिसे अब तक दबाया गया है। इस सच्चाई से देश को पिछले 75 वर्षों से दूर रखा गया था।
अभिनेत्री कंगना रनौत की उपस्थिति में फिल्म ‘रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ हैदराबाद’ का ट्रेलर मुंबई में लाँच किया गया। इस अवसर पर फिल्म के मुख्य कलाकार मकरंद देश पांडेय, राज अर्जुन, बॉबी सिम्हा, वेदिका, तेज सप्रू, अनुसिया त्रिपाठी के साथ ही फ़िल्म के निर्माता गुदुर नारायण रेड्डी, निदेशक याता सत्यनारायण, एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर डॉ अंजलि रेडी पोथिरेड्डयी, संगीतकार भीमस केचीरोलेओ, कैमरामैन कुशेंदार रमेश रेड्डी और फिल्म के लेखक रितेश रजवाड़ा उपस्थित थे।
ट्रेलर के पहले दृश्य में औरतों, बच्चों और बुजुर्गों पर अत्याचार के साथ हैदराबाद के निज़ाम का हिंदुओं के प्रति घृणा से भरा आदेश जारी किया जाता हैं कि ‘ओमक़ार सुनाई नहीं देना चाहिए और भगवा दिखाई नहीं देना चाहिए’, दूसरी तरफ सरदार पटेल का संदेशा निज़ाम तक आता है कि हैदराबाद को हिंदुस्तान में विलय नहीं किया तो हालात बिगड़ जाएँगे। अत्याचार और नरसंहार के बीच आजादी की वीर संकल्प लेते हैं कि युद्ध करना ही पड़ेगा, धर्म विरोधियो की समाधि बनानी ही पड़ेगी। जो दरिंदे हमें मारना चाहते हैं उन्हें मरना भी सीखना पड़ेगा।
पाकिस्तान हैदराबाद को तुर्किस्तान बनाना चाहता हैं इसके लिए वह अपने सैनिकों के साथ मिलकर साजिश कर रहा है और धर्म विरोधी रज़ाकर कहता है हिंदुस्तान को काफिरों के जलते हुए बदन की बदबू से भर दो। भारतीय सेना और आजादी के वीर एक साथ मिलकर निजाम के रज़ाकार के बीच खूनी लड़ाई शुरू हो जाती हैं गोले बरसाते टैंकर, बमबारी के बीच जाँबाज़ी से लड़ते सैनिक, ख़ूँख़ार रज़ाकारों से तलवारबाजी करती वीरांगना के साथ सरदार पटेल के संवाद ना संधि ना समर्पण अब बस युद्ध होगा के 2 मिनट और 38 सेकंड का यह ट्रेलर साँसो को थाम देता है। देश की आज़ादी के समय निर्दोष लोगों हत्या की कहानी के कई दृश्य विचलित करते हैं तो कई संवाद जोश से भर देते हैं।


फिल्म के निर्माता गुदुर नारायण रेड्डी कहते हैं हम चाहते है, दर्शक एक बड़े स्तर पर इस क्रूर नरसंहार की घटना और आजादी के वीरों की इस कहानी को फ़िल्म ‘रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ़ हैदराबाद’ के माध्यम से देखे।
फिल्म के निर्देशक याता सत्यनारायण कहते हैं ‘रजाकारों द्वारा किये गये रक्तपात के आगे हिटलर की अत्याचार भी कम थे। बस, ट्रेन में जा रही हिंदू महिलाओं को नीचे उतारकर नग्न होकर बतुकम्मा (लोकनृत्य) नाचने जैसे कई हृदयविदारक दृश्य हैं जिन्हें हमने फ़िल्माया हैं ऐसे समय में हैदराबाद के लोगों ने अपनी मुक्ति के लिए क्या और कैसे संघर्ष किया।
अभिनेत्री कंगना राणावत ने कहाकि‘मैंने दो दिन पहले ट्रेलर देखा और मुझे बहुत पसंद आया। मेरे जो भी प्रशंसक है अपनी क्षमता से मैं फ़िल्म को प्रमोट करूँगी। हमने हमेशा पुस्तक में गांधी और जवाहर नेहरू के बारे में पढ़ा हैं है और किसी को नहीं जानते। आज सरदार पटेल की मूर्ति बन रही हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल शिव हैं जिन्होंने देश को एक सूत्र में पकड़ कर रखा। आजादी मिलने के बाद भारत की एकता को बचाया हैं देश की आत्मा को बचाया हैं भारत ने उत्तर दक्षिण की एकता के लिए भी खून की नदियां बहीं हैं। आज हमें रज़ाकर जैसी फ़िल्मों की ज़रूरत हैं, मैं चाहूँगी फ़िल्म के माध्यम से हम इस तरह की घटनाओं को जान सकेंगे।
समरवीर क्रिएशन एलएलपी के बैनर तले निर्मित फिल्म ‘रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ हैदराबाद’ के निर्माता गुदुर नारायण रेड्डी हैं फ़िल्म के लेखक निर्देशक याता सत्यनारायण और संगीतकार भीमस केचीरोलेओ हैं। फिल्म ‘रज़ाकार द साइलेंट जेनोसाइड ऑफ हैदराबाद’ हिंदी में 1 मार्च को सिनेमागृह में रिलीज होगी। यह फिल्म हिंदी के साथ ही तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम में भी बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।
Trailer : https://www.youtube.com/watch?v=2f9WWA2w4RQ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आदि महोत्सव का उद्घाटन किया

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इस अवसर पर श्री अर्जुन मुंडा ने अनुसूचित जनजातियों के लिए उद्यम पूंजी निधि (वीसीएफ-एसटी) का शुभारंभ किया

आदि महोत्सव जनजातीय भाई-बहनों की जीवनशैली, संगीत, कला और खानपान से परिचित होने का शानदार अवसर है: श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

आदि महोत्सव के माध्यम से जनजातीय परंपरा, संस्कृति एवं गौरव का प्रतिनिधित्व होता है: श्री अर्जुन मुंडा

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आदि महोत्सव 2024 का शुभारंभ किया।

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि हमारा देश विविधता से भरा हुआ है। इसके बावजूद ‘अनेकता में एकता’ का विचार हमेशा से मौजूद रहा है। इस भावना का  मूल कारण एक-दूसरे की परंपराओं, खान-पान और भाषा को जानने, समझने तथा अपनाने के प्रति हमारा उत्साह है। एक-दूसरे के लिए सम्मान की यह भावना हमारी एकता के सार में निहित है। राष्ट्रपति ने आदि महोत्सव में विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति और विरासत का अनूठा संगम देखकर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदि महोत्सव देश के कोने-कोने से जनजातीय भाई-बहनों की जीवनशैली, संगीत, कला और खानपान से परिचित होने का शानदार अवसर है। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि इस महोत्सव के दौरान लोगों को जनजातीय समाज के जीवन के कई पहलुओं को जानने और उन्हें समझने का अवसर प्राप्त होगा।

इस अवसर पर, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में अनुसूचित जनजातियों के लिए उद्यम पूंजी निधि (वीसीएफ-एसटी) का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने अनुसूचित जनजातियों के लिए उद्यम पूंजी निधि (वीसीएफ-एसटी) के शुभारंभ होने की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे अनुसूचित जनजातीय समुदाय के लोगों के बीच उद्यमिता और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रपति ने जनजातीय समुदाय के युवाओं से आग्रह किया कि वे इस योजना का लाभ उठाकर नये उद्यम स्थापित करें तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदि महोत्सव के माध्यम से जनजातीय परंपरा, संस्कृति एवं गौरव का प्रतिनिधित्व होता है। भारत में 11 करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी है और यह उत्सव आदिवासियों के लिए आशा की किरण तथा सम्मान की बात है।

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श्री अर्जुन मुंडा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने व्यापक दृष्टिकोण के माध्यम से विकास के लक्ष्य के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार पर ध्यान केंद्रित करते हुए ‘संकल्प’ को पीएम जनमन के माध्यम से ‘सिद्धि’ तक पहुंचाया है।

श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि जनजातीय समुदाय की संस्कृति एवं परंपरा का प्रतिनिधित्व करने वाले आदि महोत्सव में इस वर्ष 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और महोत्सव में 1000 कारीगर भाग ले रहे हैं।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में उद्यमिता आधारित विकास के लिए ध्यान बढ़ाया जा रहा है, जहां पर हम एक नया उद्यम पूंजी कोष शुरू कर रहे हैं। इस निधि के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोष स्टार्ट-अप सहित विनिर्माण, सेवाओं तथा संबद्ध क्षेत्र में काम करने वाली अनुसूचित जनजातियों को बढ़ावा दे रही कंपनियों को 10 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करके अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देगा।

श्री मुंडा ने कहा कि आज विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के उत्पादों को भारतीय दूतावासों के माध्यम से हंगरी, घाना, हांगकांग, साइप्रस, बांग्लादेश, नेपाल, ऑस्ट्रिया, वियतनाम, मॉरीशस, पोलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में निर्यात किया जा रहा है।

आदि महोत्सव का आयोजन ट्राइफेड द्वारा भारत की जनजातीय विरासत की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस वर्ष यह महोत्सव 10 से 18 फरवरी 2024 तक आयोजित किया जा रहा है।

अनुसूचित जनजातियों के लिए उद्यम पूंजी निधि (वीसीएफ-एसटी) के बारे में

यह निधि सेबी में पंजीकृत एक उद्यम पूंजी आधारित पहल है, इसका प्रबंधन भारत सरकार के उपक्रम आईएफसीआई लिमिटेड की सहायक कंपनी आईएफसीआई वेंचर द्वारा किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातियों के लिए उद्यम पूंजी निधि योजना में दो निवेशक जनजातीय कार्य मंत्रालय और भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ (ट्राइफेड) हैं। इस योजना से विनिर्माण, सेवाओं एवं संबद्ध क्षेत्र में कार्य करने वाली अनुसूचित जनजातियों को बढ़ावा देने वाली कंपनियों को 10 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करके अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के बीच उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रौद्योगिकी व्यवसाय इन्क्यूबेटरों में स्टार्ट-अप और इकाइयों को अवसर प्रदानकरना, इकाई/परियोजना में उपलब्ध धन से 4% प्रति वर्ष की रियायती दर पर संपत्ति निर्माण सुनिश्चित करना (अनुसूचित जनजाति की महिलाओं/अनुसूचित जनजाति के दिव्यांग उद्यमियों के लिए 3.75 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से) शामिल है।

इस निधि के माध्यम से भारत के जनजातीय समुदाय को लक्षित किया जा रहा है और यह पूरे देश में लागू होगा। इस कोष से अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के बीच उद्यमिता के भाव को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इच्छुक आवेदक योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए www.vcfst.in पर जा सकते हैं। वे इस कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जनजातियों के लिए उद्यम पूंजी निधि (वीसीएफ-एसटी) योजना हेतु आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड के स्टॉल पर भी जा सकते हैं।