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Tripura CM: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के नाम पर BJP में मंथन शुरू, नगालैंड-मेघालय में मंत्रियों के नामों को लेकर भी चर्चा

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Nagaland-Tripura-Meghalaya Government Formation: पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में बीजेपी (BJP) गठबंधन की सरकार बनने जा रही है. त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड के नतीजे गुरुवार (2 मार्च) को जारी किए गए थे. त्रिपुरा (Tripura) और नगालैंड (Nagaland) में बीजेपी गठबंधन को बहुमत मिला तो मेघालय में पार्टी ने कोनराड संगमा की एनपीपी (NPP) को समर्थन दिया है. तीनों राज्यों में सरकार के गठन को लेकर कवायद शुरू हो गई है. जिसके लिए रविवार (5 मार्च) को दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की अहम बैठक हुई.

ये बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे. बीजेपी में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन हो रहा है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को अपनी सरकार का इस्तीफा भी सौंप दिया था.

त्रिपुरा में मुख्यमंत्री के नाम पर फंसा पेंच?

उन्होंने कहा था कि नई सरकार आठ मार्च को शपथ लेगी. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. हालांकि, अभी तक त्रिपुरा के सीएम के नाम का ऐलान नहीं किया गया है. पार्टी के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि एक पक्ष निवर्तमान मुख्यमंत्री माणिक साहा के पक्ष में है जबकि पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब के समर्थकों वाला एक अन्य गुट केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के पक्ष में है.

बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व साहा के पक्ष में 

पार्टी के अंदरुनी सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व साहा के पक्ष में है क्योंकि वह अभी तक विवादों में नहीं रहे हैं और वह आदिवासी इलाकों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. जिन्होंने ग्रेटर टिपरालैंड राज्य की मांग को लेकर व्यापक पैमाने पर टिपरा मोथा को वोट दिया. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री भौमिक ने आसान अंतर से धनपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की है.

बीजेपी-आईपीएफटी को मिला है बहुमत

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विधायक दल के नेता का चुनाव करने के लिए बीजेपी के नव निर्वाचित विधायकों की एक बैठक होगी, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है. बीजेपी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 32 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है जबकि उसके सहयोगी दल आईपीएफटी ने एक सीट जीती है. राज्य विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 16 फरवरी को हुआ था और नतीजों की घोषणा दो मार्च को की गई थी. बहरहाल अब देखना होगा कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व किसके नाम पर मुहर लगाता है.

नगालैंड में एनडीपीपी-बीजेपी की सरकार

वहीं दूसरी ओर नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सात मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण से पहले शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा में रियो की एनडीपीपी ने 25 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि उसकी सहयोगी बीजेपी 12 सीटों पर जीती है. शपथ ग्रहण समारोह से पहले वह सोमवार को नई सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे. बीजेपी ने पहले ही साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ही होंगे.

मेघालय में कोनराड संगमा को दिया समर्थन

मेघालय में मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के नेतृत्व में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) नीत गठबंधन ने अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया है. गठबंधन ने 32 विधायकों के समर्थन होने का दावा किया है. संगमा ने कहा कि उन्हें बीजेपी, एचएसपीडीपी और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में समर्थन करने वाले विधायकों की कुल संख्या बढ़ सकती है.

उन्होंने कहा कि नई सरकार सात मार्च को सुबह 11 बजे शपथ लेगी. मेघालय के चुनाव नतीजों में एनपीपी को 26 सीटें, यूडीपी को 11 सीटें, कांग्रेस और टीएमसी को 5-5 और बीजेपी को दो सीटों पर जीत मिली है. बीजेपी (BJP) में नगालैंड और मेघालय में मंत्रियों के नामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.

भाजपा गौवंश का पालन पोषण और संरक्षण करने में असमर्थ : अखिलेश

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लखनऊ:   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा चुनावी मुद्दा बनाकर जबसे सत्ता में आई है गौ-वंश के पालन पोषण और उसके संरक्षण के लिए कोई समुचित व्यवस्था करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शुक्रवार को अपने जारी बयान में कहा कि गौ-माता के खुले आम सड़कों पर घूमने से सड़क दुर्घटनाओं के कारण तमाम निर्दोष लोगों की जाने जा रही है और गौ-माता भी कई बार दुर्घटनाओं की शिकार हो जाती हैं। कहा कि भाजपा इनका संरक्षण करने में असमर्थ है।

अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री यदाकदा गोशालाओं में जाकर ही अपने कर्तव्य की इतिश्री मान लेते है। गौवंश के नाम पर भ्रष्टाचार पनप रहा है। सांड़ों की धमाचौकड़ी से प्रदेश के विभिन्न चौक चौराहों पर लोग घायल हो रहे हैं।

रायबरेली के बछरावां में मवेशी से बाइकें टकराई चाचा भतीजे व छात्र की मौत हुई। औरैया में नेशनल हाई-वे पर आवारा पशु से टकराई कार, तीन लोग गंभीर घायल हो गए।

सपा मुखिया ने कहा कि गौ-माता और सांड़ दोनों के पालन पोषण की भाजपा सरकार कोई व्यवस्था नहीं कर पाई है। बाराबंकी में निर्धारित समय में 47 गौशालाएं बननी थीं, वे नहीं बन सकी। यहां 12 ब्लाकों में 47 की जगह सिर्फ 3 ब्लाकों में 12 गौशालाएं बनी है। सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि कुछ अस्पतालों को ही गौशालाओं में तब्दील कर दिया जा रहा है। कहीं पशु बांधे जा रहे हैं तो कहीं कंडे पाथे जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान आवारा पशुओं से बुरी तरह परेशान है। रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर है। भाजपा सरकार में किसानों की आय दोगुनी करने के बजाय उल्टा उनकी आय आधी हो गई है। किसान की आय घटने और कृषि लागत बढ़ने से किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।

अखिलेश ने दावा किया कि केवल गंज मुरादाबाद में ही करीब 300 छुट्टा पशुओं के सड़कों पर घूमने का समाचार है। बागपत समेत पूरे यूपी की सड़कों, गलियों, मोहल्लों में छुट्टा पशुओं का उत्पात मचा हुआ है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी सिर्फ झूठे आश्वासनों और खोखले दावों से प्रदेश के विकास का सपना दिखाते रहते हैं। गौ-रक्षा के नाम पर कुछ अराजक तत्व प्रदेश में कानून व्यवस्था को धता बता रहे हैं। सत्ता का संरक्षण मिलने से वे और ज्यादा अनियंत्रित हो चले हैं। प्रदेश के लिए यह स्थिति अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

भारतीय पर्व-परम्पराओं का सबसे महत्वपूर्ण अंग है गौ-वंश -स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि

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भारतीय सनातनी, हिन्दू परिवारों में होने वाले छोटे से छोटे आनुष्ठानिक कार्यों से लेकर बड़े से बड़े आयोजनों में गाय के पूजन से लेकर उसके सभी उत्पाद जैसे दूध, दही, घृत, गोबर, गौ-मूत्र (पञ्चगव्य) की उपयोगिता अनिवार्य सुनिश्चित की गई है। हिन्दू घरों में प्रतिदिन चूल्हे पर बनने वाली प्रथम रोटी को गाय की रोटी माना गया है, इसे ही हम “गौ-ग्रास” कहते हैं। प्रातःकाल उठ कर हिन्दू परिवार के सदस्य सर्वप्रथम घर में बनी गौ-शाला गौ-शाला में जाकर गाय को प्रणाम कर उसे हरी घास आहार के रूप में समर्पित कराते हैं। गायों का गोबर उठा कर उसे व्यवस्थित रीति से सुरक्षित करना दिनचर्या का अंग होता है। यह दिनचर्या आज भी भारतीय पारम्परिक परिवारों में देखी जा सकती है। प्रातःकाल जागरण से लेकर गौ-दोहन, गौ-चारण और सायंकाल गोचर कर गायों का समूह में घर में वापस आने की बेला को पवित्र “गोधूलि बेला” माना गया है।

गौ-सेवा को अत्यंत पवित्र कर्त्तव्य हमारे भारतीय धर्म शास्त्रों में व्याख्यायित किया गया है। गाय को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्रदान करने वाली देवी कहा गया है। गाय का यह महत्त्व कोटि-कोटि हिन्दू जन-मानस में सदियों से रचा-बसा है। इसी कारण गाय और सम्पूर्ण गौ-वंश को हम आस्था और श्रद्धा के केंद्र में रखते हैं।

गाय को भारत की आर्थिक समृद्धि का आधार माना गया है, गौ-वंश को भारतीय कृषि का आधार, पर्यावरण की संरक्षिका, भौतिक विज्ञान के अनुसंधान का केंद्र, आयुर्वेद का आधार सहित विभिन्न विधाओं को प्रभावित करने वाला “भारतीय गौ-वंश” की महिमा अपार है। भारतीय पारम्परिक पर्वों की श्रंखला में अनेक पर्व तो सीधे गौ-वंश के लिये ही हैं जैसे वत्स-द्वादशी, गोपाष्टमी तथा दीपावली के दूसरे दिन गोवर्द्धन पूजा का पर्व।

भारतीय पारम्परिक पर्वों में छिपा है वैज्ञानिक तथ्य

भारतीय पर्वों को मनाने की अपनी एक विशिष्ट शैली है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, दिन, योग एवं पर्व केंद्रित रीति-रिवाज एवं पर्व का देवता, देवी एवं उनके पूजन, स्मरण आदि का सामाजिक महत्त्व तथा उनमें छिपा विविध प्रकार का अन्वेषण जनित विज्ञान अवस्थित है। अधिकतर विज्ञान का वह पक्ष जिसे हम बोलचाल की भाषा में “मनोविज्ञान” कहते हैं; पर्वों को आयोजित करने एवं उनके मनाने में जन-मन का अनुरंजन, विनोद, आनंद, उल्लास, मानसिक उमंग ये सब मनोविज्ञान के विविध आयाम हैं। इसकी पुष्टि भारतीय मान्यताओं में प्रकृति की अष्टधा रूपों में अभिव्यक्त है।

भूमिरापोनलो वायुःखं मनोबुद्धिरेव च।

अहंकार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा।। की ही अभिव्यक्ति है।

पर्वों की प्रासंगिकता उनके आरम्भिक काल में जितनी थी, आज भी वे सभी भारतीय प्राचीन पर्व उतने ही प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है; उनके वर्तमान समय में युगानुकूल, सामयिक और नवाचारित स्वरूप में प्रस्तुत कर उन्हें अत्यधिक प्रासंगिक बनाना समय की अनिवार्यता है।

गौ-वंश कभी भी अनार्थिक और अनुपयोगी नहीं होता

आज किसान या गौ-पालकों द्वारा गोवंश को बेसहारा किया जा रहा है। उन्हें यह कह कर घर से बाहर किया जा रहा है कि गाय दूध नहीं दे रही है और बैल की खेती-किसानी में उपयोगिता नहीं रही। कारण अब कृषि का यांत्रिकीकरण हो गया है जबकि तथ्य इसके विपरीत है। गाय दूध दे रही या नहीं, बैल कृषि कार्य करने योग्य है या नहीं” गौ-वंश को अनार्थिक और अनुपयोगी नहीं कह सकते। गौ-वंश से हमें गोबर और गौ-मूत्र जीवन भर मिलता है। दूध तो गाय का सबसे सस्ता उत्पाद है किन्तु गोबर और गौ-मूत्र बहुमूल्य उत्पाद या कीमती पदार्थ हैं। गाय का दूध तो मानव के लिये पौष्टिक आहार है किन्तु उससे भी अधिक गौ-वंश का गोबर और गोमूत्र धरती का पोषण आहार है। मानव शरीर और मानवीय बुद्धि को स्वस्थ रखने के लिये दूध, दही, मही, घी, मक्खन और धरती को स्वस्थ और उर्वरक बनाये रखने के लिये गोबर, गौ-मूत्र धरती का पारम्परिक आहार है। मनुष्य की भाँति धरती को भी पोषण आहार की आवश्यकता है उसकी पूर्ति गौ-वंश से प्राप्त गोबर और गौ-मूत्र से होती है। इतना ही नहीं गोबर और गौ-मूत्र से अनेक उत्पाद आज वैज्ञानिक पद्धति से तैयार हो रहे हैं।

दीपावली और होलिकोत्सव से यदि हम गौ-वंश को जोड़ कर उसका विश्लेषण युगानुकूल, सामयिक और नवाचार के साथ करें तो गौ-शालाओं में आर्थिक दृष्टि से आत्म-निर्भरता और स्वावलम्बन के द्वार खोले जा सकते हैं।

भारतवर्ष के सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर दीपावली और उसके आस-पास की तिथियाँ आर्थिक समृद्धि की देवी लक्ष्मी के पर्व की तिथियाँ हैं। हम गौ-शालाओं से प्राप्त गोबर के अनेक उत्पादों यथा गोबर के दीपक, गमले, पेंट, गौ-मूत्र से बनाये गये गोनाईल आदि के विक्रय से आर्थिक लाभ ले सकते हैं। इसी प्रकार होलिका दहन भी गोबर से बने कण्डों से तथा गौ-काष्ठ से करने का प्रचलन आरम्भ कर, जंगल से लकड़ी काटने में रोक लगा कर पर्यावरण का संरक्षण करने का अभियान चला सकते हैं। जंगल कटने से बचेंगे और पर्यावरण सुरक्षित होगा। मानव की मृत देह का अंतिम संस्कार भी गौ-शालाओं में गोबर से बनने वाले गौ-काष्ठ और गोबर के कण्डों से कर सकते हैं। इस विधि से भी गौ-शालाओं में आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।

नगालैंड में BJP-एनडीपीपी की सत्ता बरकरार, गठबंधन ने अभी तक पेश नहीं किया सरकार बनाने का दावा

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कोहिमा, एजेंसी। नगालैंड में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीपीपी ने सत्ता बरकरार रखी है। 60 सदस्यीय विधानसभा में 37 सीटों के साथ भाजपा-एनडीपीपी गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। हालांकि, एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन ने नतीजे आने के दो दिन के बाद नगालैंड में सरकार बनाने का दावा पेश अभी तक नहीं किया है।

निवर्तमान सीएम निफियू के साथ बैठक करेंगे विधायक

एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन के सूत्रों ने कहा कि उनके विधायक सरकार बनाने का दावा पेश करने से पहले सर्वसम्मति से निवर्तमान मुख्यमंत्री निफियू रियो के साथ एक संयुक्त बैठक करेंगे। वर्तमान सरकार का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त हो रहा है।

एक साथ रह रहे गठबंधन दल के विधायक

बता दें कि रियो ने सरकार गठन पर अपने विचार रखने के लिए पार्टी मुख्यालय में एनडीपीपी के नए विधायकों के साथ बैठक की। एनडीपीपी सूत्रों ने कहा कि नवनिर्वाचित ज्यादातर विधायक सरकार बनने तक साथ रह रहे हैं। भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी विधायकों की रविवार तक समन्वय बैठक होगी, जिसके बाद एनडीपीपी विधायकों के साथ संयुक्त बैठक होगी।

नगालैंड में भाजपा-एनडीपीपी की सत्ता बरकरार

बता दें कि 60 सदस्यीय नगालैंड विधानसभा के लिए 27 फरवरी 2023 को चुनाव हुआ था, जबकि नतीजे 2 मार्च-2023 (गुरुवार) को घोषित किए गए। एनडीपीपी और उसकी सहयोगी भाजपा ने 60 सदस्यीय राज्य विधानसभा में एक साथ 37 सीटें जीतकर नगालैंड में लगातार दूसरी बार सत्ता बरकरार रखी है। एनडीपीपी ने 25 सीटों पर जीत हासिल की और भाजपा ने 12 सीटें हासिल की हैं।

इन दलों ने जीत सीटें

बता दें कि एनडीपीपी ने साल 2018 में 18 सीटें जीती थीं, इस बार ये संख्या 25 तक पहुंची है, जबकि भाजपा ने पिछली बार के आंकड़े को बनाए रखा है। इसके अलावा NCP ने सात, एनपीएफ ने पांच, इसके अलावा नगा पीपुल्स फ्रंट, लोजपा (रामविलास) और आरपीआई (अठावले) ने दो-दो सीटें जीती हैं। इसके साथ ही जद(यू) ने एक सीट जीती, जबकि चार निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं।

रॉकी के किरदार में शोहरत बटोर रहे हैं शाहमीर खान

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मुम्बई। शेमारू चैनल पर प्रसारित हो रहे धारावाहिक ‘क्योंकि तुम ही हो’ में शाहमीर खान द्वारा रॉकी का किरदार निभाया गया है। रॉकी अपनी मर्जी का मालिक है और जिस चीज पर उसका दिल आ जाये उसे पाकर ही वह दम लेता है। ऐसे जक्की स्वभाव वाले रॉकी का दिल अपनी ही भाभी पर आ जाता है। भाभी पर उसकी बुरी नजर है और इस चक्कर में वह अपने ही भाई का दुश्मन बन जाता है। बड़े भाई की भूमिका अमर उपाध्याय द्वारा निभायी गयी है और वे इस घारावाहिक के निर्माता भी हैं। रॉकी के किरदार को मिल रही शोहरत में वे अमर उपाध्याय के योगदान को अहम मानते हैं। रॉकी के किरदार में निखार लाने के लिये उनका मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। बड़ी बात यह भी है कि कलाकार के तौर पर उनमें असुरक्षा की भावना कतई नहीं है। निर्माता के तौर पर वे यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि किरदार हिट होगा तो धारावाहिक भी हिट होगा, इसलिये वे रॉकी के किरदार को उभारने के लिये सुझाव देते रहते हैं।
रॉकी की यह महत्वपूर्ण भूमिका शाहमीर को काफी संघर्ष करने के पश्चात मिली। जब वे दिल्ली में थे तो निर्देशक मुजफ्फर अली के सहायक थे और उनके म्यूजिकल शो के निर्देशन में हाथ बंटाते थे। फिर अभिनय में नाम-दाम कमाने के इरादे से मुंबई आ गये। यहां आकर पता चला कि फिल्मों में काम पाना कितना मुश्किल है। काफी संघर्ष करने के बाद भी कहीं कोई चांस नहीं मिला तो वे सहायक निर्देशक बन गये। ‘इशकजादे’ ‘लूटेरा’ समेत कई फिल्मों में सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया और कई एड फिल्मों के निर्देशन में भी योगदान दिया। अभिनय में कहीं कोई बात बनती न देख वे दिल्ली लौट गये और कामर्शियल पायलट बनने का निर्णय ले लिया। इसके लिये बाकायदा ट्रेनिंग लेनी भी शुरू कर दी पर उनका मन फिल्मों में ही अटका रहा। आखिर एक दिन वे मुजफ्फर अली के कुछ सहायकों से रेफरंस लेकर फिर मुंबई आ गये। अबकी बार सोचा कि फिल्म न सही तो धारावाहिकों के लिये कोशिश की जाये। निर्माता सुहेल जैदी से पुराना परिचय था और वे भी ‘क्योंकि तुम ही हो’ के एक निर्माता हैं। सुहेल की बदौलत उन्हें यह सीरियल मिला और बात बन गयी।
दूसरी पारी में मिली सफलता से शाहमीर खूब खुश हैं। वे कहते हैं कि आखिर उपरवाले ने सुन ली। जब संघर्ष कर रहा था तो तय कर रखा था कि छोटे रोल नहीं करूंगा। गर छोटे रोल करता तो उसी में फंसा रहता। मैं जो पहचान बनाना चाहता था, वह रॉकी की बदौलत बन पायी है। इस किरदार को निभाने के लिये मुझे दिल्ली के लड़कों वाला स्वैग भी खूब काम आया। हां, संवादों में दिल्ली वाला टच न आ जाए इस वजह से भाषा व उच्चारण पर मेहनत करनी पड़ी। मैं शाहरुख खान से खूब प्रभावित हूं। वे दिल्ली के हंस राज कॉलेज के छात्र थे सो मैं भी उस कॉलेज मे जाकर काफी समय बिताता और सोचता कि शाहरुख यहाँ क्या कुछ करते होंगे। उनकी तरह मैंने भी सीरियल से अपनी शुरूआत की है और उनके जैसा नाम कमाना चाहता हूँ। उपरवाले से यही दुआ मांगता हूँ कि अच्छा काम मिलता रहे। अपनी ओर से मेहनत करने में में कोई कमी नहीं रहने दूंगा।
यानि कभी पायलट की ट्रेनिंग ले रहे शाहमीर ने अब ऊंची उड़ान भरने की तैयारी कर ली है।

नंदीग्राम गोशाला की सुविधाओं को बढ़ाया

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करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से निगम की नंदीग्राम गोशाला फूसगढ़ का दौरा करने के बाद निगम ने गोशाला की सुविधाओं को बढ़ा दिया है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा ने वीरवार की शाम गोशाला व नंदीशाला का निरीक्षण कर गोवंश के संरक्षण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी को वाईफाई से लैस करने के निर्देश दिए।

निगमायुक्त अभिषेक मीणा वीरवार शाम अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार, उप निगमायुक्त अरुण भार्गव और स्वच्छता शाखा के अधिकारियों के साथ गोशाला पहुंचे। उन्होंने यहां गोवंश के लिए रोजाना कितना और कहां से चारा आता है, इसकी जानकारी वहां मौजूद केयर टेकर से ली। केयर टेकर ने बताया कि रोजाना करीब 200 क्विंटल हरा चारा व करीब 50 क्विंटल सूखा चारा लाया जाता है, जो गोवंश को खिलाया जाता है। चारा कैसा है, उसकी क्वालिटी का भी ध्यान रखा जाता है। गोशाला और नंदीशाला में पशुओं की संख्या पूछने पर केयर टेकर ने बताया कि करीब 699 गाय और करीब 295 नंदी हैं। निगमायुक्त ने केयर टेकर के बाद वहां गायों के पर्यवेक्षण में लगे कर्मचारी से भी बात की और गायों की देखभाल को लेकर पूरी जानकारी ली। गोवंश की सुरक्षा के लिए क्या-क्या उपाय हैं, इनको भी परखा। निगमायुक्त ने गोशाला व नंदीशाला के लिए बनाई गई चहारदीवारी का भी निरीक्षण किया। निर्देश दिए कि बाउंडरी वाल को ऊंचा करके मजबूत फैंसिंग की जाए ताकि बाहर से कोई भी असामाजिक तत्व अंदर प्रवेश न कर सके। इसके साथ-साथ उन्होंने गोशाला के लिए दो स्लाईडिंग गेट लगाने के भी निगम इंजीनियरों को निर्देश दिए। उप निगमायुक्त को निर्देश दिए कि गायों की देखभाल के लिए जितने भी सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं, उनका ड्यूटी चार्ट तैयार किया जाए। दिवस वार किस कर्मचारी की ड्यूटी कब और किस समय तक है, उसका पूरा विवरण हो और रिकॉर्ड मेंटेन होना चाहिए। गोशाला व नंदीशाला में सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में वाईफाई इंस्टाल करवाने के भी निर्देश दिए।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी किया निरीक्षण
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने गोशाला के बाद फूसगढ़ में ही स्थित 20 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। यहां का करीब 15 प्रतिशत पिछले एक साल से ठहरा हुआ है। हालांकि अब निगम ने कार्य शुरू कराया है, जिसे इसी महीने पूरा किया जाना है। एसटीपी के साथ लगती निगम की 20 एकड़ जमीन का भी निरीक्षण किया।

14 मार्च से 18 मार्च 2023 को होगा मेघालय इंटरनेशनल फिल्मोत्सव

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कमांडर शांगप्लीयांग ने की फेस्टिवल की घोषणा

मुम्बई। मेघालय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन आगामी 14 मार्च से 18 मार्च 2023 तक भव्य रूप से होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की घोषणा जुहू स्थित जे डब्ल्यू मेरिएट होटल में एक शानदार समारोह में की गई जहां मेघालय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अध्यक्ष कमांडर शांगप्लियांग, डॉ हरजीत सिंह आनंद (फाउंडर इंडो यूरोपियन बिजनेस काउंसिल चैम्बर ऑफ कॉमर्स) सहित कई विशिष्ठ अतिथि उपस्थित रहे। बॉलीवुड से बतौर अतिथि अभिनेता पंकज बेरी, मानव सोहल, श्रावणी गोस्वामी, ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड के योगेश लखानी, अर्चना जैन, एकता जैन, शिवम मिश्रा, सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर नरेंद्र शास्त्री इत्यादि का नाम उल्लेखनीय है।
कमांडर शांगप्लियांग और एबीके मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फाउंडर डायरेक्टर अरुणा चक्रवर्ती ने इस अवसर पर सभी का स्वागत किया। मेघालय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के कर्टेन रेजर प्रोग्राम में आए सभी मेहमानों को गुलदस्ता और शॉल देकर सम्मान किया गया। कमांडर शांगप्लियांग, आईपीएस अधिकारी मोहन राठौड़, डॉ हरजीत सिंह आनंद सहित सम्मानित हस्तियों ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की। मेघालय के लोक गायक ने लाइव परफॉर्मेंस पेश किया। इसके बाद फ़िल्म फेस्टिवल का लोगो लॉन्च किया गया। फिर फिल्म महोत्सव की ऑफिशियल वेबसाइट meghiff.com का अनावरण हुआ। उसके बाद स्क्रीन पर वीडियो दिखाया गया जिसमें मेघालय की खूबसूरती बखूबी दर्शायी गई।
डॉ हरजीत सिंह आनंद ने बताया कि वह रोटरी क्लब के द्वारा कमांडर को पूरा सहयोग करेंगे।
कमांडर शांगप्लियांग ने इस मौके पर मेघालय फिल्म पॉलिसी की जल्द घोषणा के बारे में बात की जो बहुत ही बेहतर पहल है।
उन्होंने कहा कि मुम्बई में मेघालय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के कर्टेन रेजर प्रोग्राम को आयोजित करने का ख्याल इसलिए आया ताकि मुम्बई के फ़िल्म निर्माता निर्देशक मेघालय आएं, वहां फिल्मों की शूटिंग करें। सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘कुर्बान’ और फरहान अख्तर, श्रद्धा कपूर अभिनीत ‘रॉक ऑन 2’ की शूटिंग मेघालय में हुई थी। टूरिज़्म ऐसा सेक्टर है जो एक दूसरे को जोड़ सकता है। यहां तक कि विदेशी सिंगर्स भी वहां शूटिंग के लिए आते हैं। मेघालय भारत का खूबसूरत राज्य है जहां एक से बढ़कर एक रमणीय लोकेशन्स है, इसलिए मैं तमाम लोगों विशेषकर फिल्म मेकर्स से अपील करूंगा कि वे यहां आएं, प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करें। मेघालय में शूटिंग करने में वहां की सरकार, वहां के लोग और वहां के मेकर्स भी आप की मदद करेंगे। हम मेहमान नवाजी अच्छी तरह जानते हैं, खूबसूरत राज्य है, बड़ी शांतिपूर्ण जगह है, कोलकाता और दिल्ली से शिलांग के लिए डायरेक्ट फ्लाइट है।
कमांडर ने आगे बताया कि मुम्बई का यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है, जिसके द्वारा हम फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़ना चाहते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन प्रोडक्शन हाउस के साथ एमओयू भी साइन किया गया।
बता दें कि पहला मेघालय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2023 मेघालय फिल्म मेकर्स एसोसिएशन और मेघालय पर्यटन मेघालय सरकार की एक पहल है। मेघालय फिल्म मेकर्स एसोसिएशन शिलांग स्थित एक रजिस्टर्ड सोसाइटी है जिसके राज्य के फिल्म निर्माता सदस्य हैं।
इस फिल्मोत्सव की शुरुआत 14 मार्च की शाम को मेघालय के एक शानदार ऑडिटोरियम में भव्य उद्घाटन के साथ की जाएगी। पांच दिनों तक चलने वाले इस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 65 से अधिक फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी, जबकि इसका समापन समारोह 18 मार्च की शाम को होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस फेस्टिवल में देश भर से हजारों दर्शकों की उपस्थिति देखी जा सकती है।

सोनाक्षी सिन्हा ‘बड़े मियां छोटे मियां’ के साथ

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मुम्बई। इस वर्ष 2023 में सोनाक्षी एसएलबी की ‘हीरामंडी’ और एक्सेल एंटरटेनमेंट और टाइगर बेबी फिल्म्स की ‘दहाड़’ के साथ कुछ दमदार भूमिकाओं में नज़र आएँगी। ‘दहाड़’ उनका डिजिटल डेब्यू माना जा रहा है। इस साल दो दमदार परफॉरमेंस वाले प्रोजेक्ट्स के बाद सोनाक्षी ने कमर्सिअल फिल्म की और रुख किया है।
आपको बता दें कि अली अब्बास ज़फर की बहुप्रतीक्षित एक्शन एंटरटेनर फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में सोनाक्षी की बतौर लीड एक्ट्रेस एंट्री हो चुकी है। इस फिल्म में अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, टीम ने मुंबई में फिल्म का पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है और दूसरा शेड्यूल मार्च के अंत तक स्कॉटलैंड और अबू धाबी में होने की उम्मीद है।
लेटेस्ट बज की मानें तो बड़े मियां छोटे मियां में सोनाक्षी सिन्हा की एंट्री हो गई है। सोनाक्षी सिन्हा ने एक ऑनलाइन पोर्टल से बात करते हुए इस खबर पर पक्की मुहर भी लगा दी है। सोनाक्षी सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि ‘मैं बड़े मियां छोटे मियां का हिस्सा बनने के लिए काफी उत्साहित हूं। अक्षय के साथ काम करना हमेशा अच्छा अनुभव रहता है। यह टाइगर के साथ मेरी पहली मूवी होगी। अली अब्बास जफर कमाल के डायरेक्टर हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि बड़े मियां छोटे मियां ब्लॉकबस्टर रहेगी। मैं चाहती हूं कि दर्शक इस मूवी को थिएटर में देखें और जमकर एन्जॉय करें।’

– संतोष साहू

गाय की सेवा करना सभी का धर्म, सरकार के खिलाफ खाप पंचायतें

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अब सरकार के खिलाफ पलवल में गरजेंगी खाप पंचायतें, किसानों की मांगों को लेकर महापंचायत का एलान

किसानों की मांगों को लेकर पलवल में खापों की महापंचायत होगी। एमएसपी व अन्य मांगों को लेकर महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। 15 राज्यों में कार्यकारिणी गठित की गई है।

राष्ट्रीय सर्वखाप जन कल्याण मंच किसान संगठन अब मार्च के अंतिम सप्ताह में पलवल में सभी खापों की संयुक्त महापंचायत करेगा। इसमें एमएसपी समेत किसानों की अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन की घोषणा की जाएगी। मंच की तरफ से 15 राज्यों में कार्यकारिणी का गठन किया जा चुका है। यह घोषणा मंत्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला ने बुधवार को जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।

गाय हमारी माता, उसकी सेवा करना सभी का धर्म
टेकराम कंडेला ने कहा कि गाय को मारना बहुत बड़ा अपराध है, इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए। खाप कभी हत्या के समर्थन में नहीं रही है। गाय की सेवा करना सभी का धर्म है। जुनैद-नासिर की यदि किसी ने हत्या की है तो उसे कानून के अनुसार सजा जरूर मिलनी चाहिए। इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इसकी निष्पक्ष जांच करके दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

इस मौके पर पवन मोर कुचराना प्रदेश अध्यक्ष, कुलबीर ढिल्लो को युवा जिलाध्यक्ष, मनजीत दूहन को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, नरेंद्र खटकड़ को युवा विंग का प्रदेश उपाध्यक्ष, रामफल तलोडा को जिलाध्यक्ष, संदीप कौशिक और आशीष को महासचिव नियुक्त किया गया। सभी को विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारी सौंपते हुए वहां कार्यकारिणी सदस्यों से मिलकर पलवल में होने वाली महापंचायत की तैयारियां करने को कहा है। अगले सप्ताह महापंचायत की तारीख का ऐलान किया जाएगा।

कंडेला ने कहा कि सरकार ने कई बार किसानों को एमएसपी का आश्वासन दिया लेकिन बार-बार अपने वायदे से मुकर गई। किसानों को फसल लागत के बाद 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाए। आज किसान की हालत काफी कमजोर है, इसे सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसके अलावा महापंचायत में हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव की मांग भी उठाई जाएगी। एक गोत्र, पड़ोसी गांव में शादी करना वैज्ञानिक रूप से घातक सिद्ध हो चुका है लेकिन कानूनों का हवाला देकर युवा गलत कदम उठा रहे हैं। ऐसे में हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव की सख्त जरूरत है।

बेटी की सगाई में गोमांस परोसने वालों पर रासुका

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गोमांस परोसने वालों पर रासुका, बेटी की सगाई में मेहमानों की दावत में बनवाया था बीफ

उज्जैन। कलेक्टर ने बेटी की सगाई में गोमांस पकाने वाले चार लोगों पर रासुका की कार्रवाई की है। आगामी तीन माह के लिए जेल में बंद करने के आदेश जारी किए हैं। मामले में हिंदू संगठनों का लगातार विरोध किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार मामला उज्जैन जिले के उन्हेल के  ग्राम करनावद का है। बताया गया कि करनावद में 17 फरवरी 2023 को एक गाय की खाल व हड्डियों के अवशेष मिले थे। इस घटना में पुलिस ने पांच लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, बावजूद हिंदूवादी संगठनों का विरोध जारी था। अब उज्जैन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने चार आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने उन्हेल निवासी कालू पठान पिता शौकत पठान, आमीर पिता राजा खां, आजाद शाह पिता इशहाक शाह व शाकिर पिता इलियास के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 की धारा-3 की उप धारा-2 के अधीन केंद्रीय जेल में निरुद्ध होने के दिनांक से आगामी तीन माह के लिए जेल में बंब करने के आदेश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि उक्त चारों आरोपियों पर गत 17 फरवरी को गोवंश वध करने का आरोप है तथा इनके विरुद्ध थाना उन्हेल में धारा-429 4.6.9 मप्र गोवंश प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर चारों अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरुद्ध करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

बेटी की सगाई मे पकाया था गोमांस 
करनावद गांव से लगे जंगल में 17 फरवरी को एक गाय की खाल व पूंछ व हड्डियों के अवशेष मिले थे। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस तथा हिंदूवादी संगठन के लोग भी पहुंचे थे। जांच में पुलिस को पता चला कि उन्हेल निवासी कालू पठान की बेटी की सगाई का कार्यक्रम था, जहां गोमांस पकाया गया। इस पर पुलिस ने पकाई गई सामग्री के सैंपल लेकर जांच करवाई थी। इसमें गोमांस की पुष्टि हुई। पुलिस ने धारा 429 तथा 4, 6, 9 गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आजाद पिता ईशाक शाह निवासी करनावद रोड, शाकिर पिता इलियाज खान, अमीर उर्फ बब्बा पिता राजा खान दोनों निवासी पठान मोहल्ला उन्हेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से गाय की हत्या में उपयोग किए गए हथियार भी जब्त कर लिए थे।