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दिल्ली: SDMC द्वारा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान

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दिल्ली: SDMC द्वारा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस भी मौके पर मौजूद है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों से यह कार्यवाही चालू किया गया था।

PMSBY, PMJJBY और अटल पेंशन योजना से करोड़ों लोगों को मिला लाभ, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विस्‍तार से दी जानकारी

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नई दिल्ली, पीटीआइ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई जन सुरक्षा योजनाओं के चलते आम आदमी की पहुंच बीमा और पेंशन तक हो सकी है। यह बात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना की सातवीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि बीते सात वर्षो में इन योजनाओं के तहत नामांकित और लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या इनकी सफलता का प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी ने 9 मई, 2015 को इन तीनों योजनाओं की शुरुआत की थी। वित्त मंत्री ने कहा, ‘जीवन ज्योति बीमा योजना शुरू होने के बाद से अब तक 12.76 करोड़ लोगों ने बीमा कवर के लिए नामांकन कराया है। इस दौरान 5,76,121 लोगों के परिवारों को दावे के रूप में 11,522 करोड़ रुपये मिले हैं। यह योजना कम आय वाले परिवारों के लिए महामारी के दौरान बेहद उपयोगी साबित हुई। वित्त वर्ष 2020-21 में भुगतान किए गए लगभग 50 प्रतिशत दावे कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों ने किए थे।’

उन्होंने कहा कि महामारी की शुरुआत के बाद 1 अप्रैल, 2020 से लेकर 23 फरवरी, 2022 तक कुल 2.10 लाख दावों का भुगतान 4,194.28 करोड़ रुपये के 99.72 प्रतिशत की निपटान दर के साथ किया गया। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत भी 28.37 करोड़ लोगों ने दुर्घटना कवर के लिए नामांकन किया है। इस दौरान 97,227 दावों के मद में 1,930 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) दो लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करती है जबकि पीएमएसबीवाई के तहत मौत या स्थायी विकलांगता की स्थिति में दो लाख रुपये और अस्थायी विकलांगता की स्थिति में एक लाख रुपये मिलते हैं। वित्त मंत्री ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक चार करोड़ से अधिक लोग इस पेंशन योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं।

नीतिगत बदलावों ने निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा किए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए नीतिगत बदलावों ने निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि अब निजी क्षेत्र उन वस्तुओं का भी निर्माण कर सकता है जो कभी सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान बनाया करते थे। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान अवसरों को मैन्यूफैक्चरिंग अवसरों को सीमित रखा गया था। सीतारमण ने कहा कि वर्ष 1991 में उदारीकरण के एलान के बाद कुछ अच्छी चीजें हुई, लेकिन मोदी सरकार द्वारा किए गए बदलावों ने निजी क्षेत्र विशेष रूप से एमएसएमई को नए अवसर प्रदान किए।

Navneet Rana: मुश्किल में नवनीत राणा, कर दी ये बड़ी गलती जाना पड़ सकता है फिर से जेल

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मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र सरकार सोमवार को अमरावती से लोकसभा सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) उनके विधायक पति रवि राणा (Ravi Rana) की जमानत (Bail) को चुनौती दे सकती है। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) प्रदीप घरत ने कहा, “मैंने नवनीत राणा और रवि राणा की कुछ क्लिप भेजी हैं। उन क्लिप को ध्यान से देखने के बाद, मैं संतुष्ट हूं कि उनकी बातचीत उन्हें दिए गए जमानत आदेश में रखी गई शर्तों का उल्लंघन है। मैं कर्तव्यबद्ध हूं कि इसे अदालत के सामने रखूं। मैं सोमवार को अदालत से उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने और उन्हें हिरासत में लेने का अनुरोध करूंगा।

बुधवार को जेल से रिहा हुए थे राणा दंपती

गौरतलब है कि मुंबई की सत्र अदालत ने बुधवार को राणा दंपती को जमानत दे दी थी, जिन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार को भायखला जेल से रिहा होने के बाद नवनीत राणा को मेडिकल चेकअप के लिए मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छाती, गर्दन और शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द के साथ-साथ स्पॉन्डिलाइटिस की शिकायत के बाद शनिवार को लीलावती अस्पताल में उनका एमआरआई स्कैन और पूरे शरीर का चेकअप हुआ था।

सशर्त मिली जमानत का किया उल्‍लंघन

राणा दंपती को 12 दिन जेल में रहने के बाद कोर्ट से जमानत मिल थी। जमानत देते समय अदालत ने कई शर्तें भी रखी थीं, जिनका उल्लंघन करते हुए जमानत रद की जा सकती थी। ऐसी ही एक शर्त में यह भी शामिल है कि नवनीत राणा और उनके पति मामले को लेकर मीडिया में कोई बयान जारी नहीं कर सकते। हालांकि नवनीत राणा ने अस्पताल से छुट्टी मिलते ही मीडिया से बात की और गिरफ्तारी को लेकर बयान दिया।
बता दें कि राणा दंपती को 23 अप्रैल को उनके मुंबई आवास से गिरफ्तार किया गया था। राणा दंपति ने घोषणा की थी कि वे बांद्रा में उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। दोनों पर राजद्रोह, दुश्मनी को बढ़ावा देने और कर्तव्य के निर्वहन को रोकने के लिए एक लोक सेवक पर हमला करने के आरोप में दो प्राथमिकी दर्ज की गईं थी।

राज और आदित्‍य ठाकरे लेंगे रामलला का आशीर्वाद

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मुंबई (एएनआई)। महाराष्‍ट्र में लाउडस्‍पीकर और हिंदुत्‍व के मुद्दे पर शुरू हुई सियासत का रुख अब अयोध्‍या हो गया है। दरअसल, पांच जून को महाराष्‍ट्र की राजनीति में लाउडस्‍पीकर मुद्दे की शुरुआत करने वाले महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे अयोध्‍या आ रहे हैं। वो यहां पर राम लला के दर्शन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्‍ट्र के पर्यटन मंत्री और राज्‍य के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्‍य ठाकरे भी इसके कुछ दिन बाद 10 जून को अयोध्‍या जाने वाले हैं। इसको देखते हुए महाराष्‍ट्र ही नहीं बल्कि यूपी में भी राजनीति जोरों पर हो सकती है।
शिव सेना नेता संजय राउत ने बताया है कि आदित्‍य के अयोध्‍या जाने के पीछे किसी तरह की कोई राजनीति नहीं है बल्कि हमारी श्रद्धा है। उन्‍होंने ये भी कहा है कि देशभर के शिव सैनिक इस दिन अयोध्‍या में एकत्रित होंगे और उद्धव ठाकरे का स्‍वागत करेंगे। आदित्‍य ठाकरे के साथ कई शिवसैनिक भी अयोध्‍या जा रहे हैं। संजय राउत का कहना है कि अयोध्‍या में आदित्‍य के स्‍वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। महाराष्‍ट्र से यूपी में अयोध्‍या की राह पकड़ने वाले इन दोनों ही नेताओं का कहना है कि वो राम लला से आशीर्वाद लेने के लिए ही राम जन्‍म भूमि जा रहे हैं।

अपने इस दौरे की जानकारी देते हुए राज ठाकरे ने भी इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार की वजह से आज उस जगह पर राम मंदिर निर्माण संभव हो सका है। एमएनएस ने इसकी तैयारी भी जोर-शोर से शुरू कर दी है। मुंबई में जगह-जगह समर्थकों के लिए चलो अयोध्‍या के पोस्‍टर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा मनसे को ज्‍वाइन करने की भी अपील लोगों से की जा रही है। ऐसी ही अपील उत्‍तर प्रदेश में भी की जा रही है।

बता दें कि इससे पहले राज ठाकरे ने लाउडस्‍पीकर विवाद में बाल ठाकरे का एक पुराना वीडियो ट्विटर पर पोस्‍ट किया था, जिसमें वे लाउडस्‍पीकर विवाद को उठाते दिखाई दे रहे थे। इसमें वो मस्जिदों पर लाउडस्‍पीकरों के खिलाफ बोलते दिखाई दे रहे थे। इससे पहले राज ने खुद को हिंदुत्‍ववादी बताया था। महाराष्‍ट्र में इस मुद्दे को गरमाने के लिए भीराजठाकरे ने कई बयान दिए। पिछले दिनों उन्‍होंने पुणे के पुलिस आयुक्‍त को पत्र लिखकर कहा था कि सभी मस्जिदों के मौलवी ये सुनिश्चित करें कि अजान लाउडस्‍पीकर पर न हो। इसके लिए वो सभी लिखित में अपनी सहमति दें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो फिर आगे जो होगा उसके लिए मनसे जिम्‍मेदार नहीं होगी।

यूपी-उत्तराखंड के कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

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नई दिल्ली, एजेंसी। उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कई रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों को 21 मई को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र मिलने के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है। रेलवे ने अपने जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर चेकिंग अभियान चलाया है। इसी के साथ सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।

बता दें कि मुरादाबाद, बरेली और हरिद्वार रेलवे स्टेशन समेत कई स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी रविवार को मिली। इस संबंध में रुड़की के स्टेशन अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। धमकी भरा पत्र भेजने वाले ने अपने को जैश-ए-मुहम्मद का एरिया कंमाडर सलीम अंसारी बताते हुए इन स्टेशनों पर 21 मई को बम विस्फोट की बात कही है। इसके अलावा पत्र में हरिद्वार के कई धार्मिकस्थलों और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। स्टेशन अधीक्षक ने आरपीएफ और जीआरपी के साथ ही मुरादाबाद के डीआरएम अजय नंदन को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है।

रुड़की स्टेशन अधीक्षक एलके वर्मा के नाम से रविवार को एक अंतरदेशीय पत्र आया। पत्र भेज भेजने वाले ने खुद को जैश-ए-मुहम्मद का एरिया कंमाडर सलीम अंसारी बताते हुए कहा कि 21 मई को हरिद्वार, लक्सर, रुड़की,देहरादून, ऋषिकेश, काठगोदाम, मुरादाबाद और बरेली के स्टेशनों को बम से उड़ा देंगे। वहीं 23 मई को हरिद्वार के धार्मिकस्थल मंशा देवी, हरकी पैड़ी को भी निशाना बनाएंगे, साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को भी बम से उड़ा देंगे।

स्टेशन अधीक्षक रुड़की ने डीआरएम को धमकी भरे पत्र की प्रति व्हाटसएप पर भेजी है। वहीं इस पत्र से जीआरपी तथा आरपीएफ को भी अवगत कराया। पत्र को रेलवे ने गंभीरता से लेते हुए इसी जांच शुरू करा दी है। वहीं जीआरपी आए पत्र की लिखाई और पत्र पर डाकघर की मुहर की पड़ताल करने में लगी है। बतादें कि पहले भी कई बार रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है।

अपने आस-पास दिखने वाली किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी हमें दें: हरिद्वार जीआरपी

जीआरपी हरिद्वार की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने कहा कि हम लोग लगातार चेकिंग भी करा रहे हैं, सभी संदिग्ध लोगों पर भी नज़र रखी जा रही है। सभी को निर्देश दिया गया है कि जितनी भी संदिग्ध वस्तु दिखें, उन सभी की चेकिंग करा लें। हमें पत्र प्राप्त हुआ है, जानकारी में आया है कि पहले भी कुछ संगठनों द्वारा रेलवे स्टेशन और कुछ अन्य संस्थानों को लेकर धमकी दी गई है। मामले में जांच कराई जा रही है। रेलवे स्टेशन पर लगातार चेकिंग की जा रही है। संदिग्ध लोगों और वस्तुओं पर भी नजर रखी जा रही है। लोगों को भी सचेत किया जा रहा है कि अपने आस-पास दिखने वाली किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी हमें दें।

अंतरिक्ष से बादलों में लिखा दिखा ‘GO’, किसे और कहां जाने का इशारा कर रही है पृथ्वी

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आसमान में तैरते बादलों को देख कर अपनी-अपनी कल्पना के हिसाब से उसमें इंसान तस्वीरें खोजता रहा है। कभी उसे बादलों में जानवर बना दिखता है तौ कभी बच्चा। लेकिन सैटेलाइट से ली गई एक तस्वीर में कुछ अलग ही देखने को मिला है। इस तस्वीर में अंग्रेजी के अक्षर देखने को मिले हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या पृथ्वी हमसे कुछ कहना चाहती है?

GOES-ईस्ट सैटेलाइट ने अंतरिक्ष से पृथ्वी के मौसम पर नजर रखने के दौरान बादलों में ‘GO’ लिखा हुआ देखा है। ये तस्वीर 6 मई को खींची गई है। बादलों में GO अक्षर वायुमंडलीय स्थित के कारण बना एक आकार है। वहीं, इंसानी दिमाग हमेशा से बादलों में तस्वीरें खोजता रहा है जिसे पेरिडोलिया (Pareidolia) कहा जाता है।

नागपुर रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध सामान से भरा एक बैग मिला

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मुम्बई – महाराष्ट्र के नागपुर रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध सामान से भरा एक बैग मिला है। जिसे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और बीडीडीएस (बम का पता लगाने और निपटान दस्ते ) की टीमें इसकी जांच कर रही हैं। आशुतोष पांडे, आरपीएफ आधिकारिक मध्य रेलवे, नागपुर ने बताया कि हमारी टीम सतर्कता के साथ काम कर रही है। समाचार लिखे जाने तक अन्य और जानकारी नहीं मिल पाई थी।

श्रीलंका में बेकाबू हुई हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे का घर फूंका; सांसद ने कर ली खुदकुशी

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Sri Lanka Violence latest Update: आर्थिक संकट की मार से टूट चुका श्रीलंका अब हिंसा की आग में जल रहा है. प्रदर्शनकारियों ने इस्तीफा दे चुके श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का घर फूंक दिया है. महिंद्रा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद सेही श्रीलंका के हालात और बेकाबू हो गए हैं, लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

मॉब लिंचिंग से बचने के लिए सांसद ने की खुदकुशी
इस हिंसा में सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद की भी मौत हो गई. रिपोर्ट्स में सामने आया है कि सांसद ने पहले प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और फिर मॉब लिचिंग के डर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. सांसद की मौत के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि निट्टंबुवा शहर के समीप प्रदर्शनकारियों ने सांसद अमरकीर्ति अथुकोरला की कार को घेर लिया था. इस दौरान अमरकीर्ति अथुकोरला ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी. दो लोगों को गोलियां लगी जिनमें से एक ने बाद में दम तोड़ दिया. प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के बाद सांसद अमरकीर्ति अथुकोरला को भीड़ ने घेर लिया जिसके बाद उन्होंने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली.

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने मोबाइल पशु चिकित्सा वैन का किया उद्घाटन

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9 मई 2022, नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री श्री रुपाला ने मोबाइल पशु चिकित्सा वैन का उद्घाटन किया – केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री पुरुषोत्तम रूपाला ने किसानों से कॉल सेंटर पर प्राप्त फोन कॉल के आधार पर किसान के घर पर पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए कर्नाटक में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (एमवीयू) का उद्घाटन किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई और कर्नाटक के पशुपालन मंत्री श्री प्रभु बी चव्हाण भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

श्री रूपाला ने गत रविवार उद्घाटन समारोह के दौरान घोषणा की थी कि किसानों के घर पर पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए, प्रत्येक एक लाख पशुधन आबादी के लिए 1 एमवीयू की दर से इस योजना के तहत राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (एमवीयू) के लिए धन उपलब्ध कराया जाएगा। ये एमवीयू पशु चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल के लिए निदान, उपचार और मामूली सर्जरी, ऑडियो विजुअल एड्स और जानवरों के उपचार के लिए अन्य बुनियादी आवश्यकताओं के लिए उपकरणों के साथ अनुकूलित निर्मित वाहन होंगे।

श्री रुपाला ने कहा कि यह किसानों और डेयरी मालिकों को सही समय पर अपने डेयरी पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करने और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए इन मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों का सही तरीके से उपयोग करके उनकी आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाने में सहायता करने के लिए सबसे अच्छा कार्यक्रम है। .

कॉल सेंटर मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते समय धुरी के रूप में कार्य करेगा। इसे पशुपालकों/पशु मालिकों से कॉल प्राप्त करनी चाहिए और उन्हें कॉल सेंटर के पशु चिकित्सक को भेजना चाहिए। एमवीयू को निर्देशित करने का निर्णय पशु चिकित्सा मामले की आकस्मिक प्रकृति पर होगा जैसा कि कॉल सेंटर में पशु चिकित्सक द्वारा तय किया गया है। कॉल सेंटर को पशु मालिक के यूआईडी और मोबाइल नंबर के माध्यम से वास्तविक सेवाओं की पुष्टि करनी चाहिए और संबंधित राज्य के साथ डेटा साझा करना चाहिए।

कर्नाटक राज्य को 289 लाख पशु आबादी के मुकाबले 290 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों को मंजूरी दी गई है, जो सार्वजनिक निजी भागीदारी द्वारा पूरे राज्य में संचालित होंगे। 16 लाख रुपये प्रति वाहन की दर से 275 नई पशु चिकित्सा सेवाओं से लैस वाहनों की खरीद के लिए 44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शेष 15 पहले से मौजूद पाशु संजीवनी वैन का उपयोग 290 आवश्यक वाहनों के मिलान के लिए किया जाएगा।

प्रति वाहन परिचालन लागत 18.72 लाख प्रति वर्ष है जो लगभग 54.75 करोड़ रुपये है जो केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में वहन किया जाएगा। प्रत्येक वाहन में एक पशु चिकित्सक, पशुधन निरीक्षक और चालक सह परिचारक और दवाओं की सुविधा, विस्तार गतिविधियों के लिए ऑडियो विजुअल स्क्रीन, सायरन और आवश्यकता के अनुसार बहुत कुछ है। भारत सरकार 290 वाहनों की परिचालन लागत के लिए 32.57 करोड़ रुपये जारी करेगी और शेष 28.15 करोड़ रुपये राज्य सरकार को वहन करना होगा।

गौशालाओं को अब 9 महीने मिलेगा अनुदान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

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9 मई 2022, जयपुर । गौशालाओं को अब 9 महीने मिलेगा अनुदान: मुख्यमंत्री – मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने घोषणा की है कि अब वर्ष में 6 की जगह 9 महीने गौशालाओं को सरकारी अनुदान मिलेगा जिससे गौशालाओं को संबल प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री रविवार को सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में राजस्थान गौ सेवा समिति की ओर से आयोजित गौ रक्षा संत हुंकार सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 1.56 करोड़ रूपये के अनुदान से प्रत्येक ब्लॉक में नन्दी शालाएं खोली जा रही हैं, जिससे बेसहारा गौवंश को आश्रय मिलेगा।

श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार 1 करोड़ रूपये के अनुदान से सभी ग्राम पंचायतों में सामाजिक संगठनों के सहयोग से गौशालाएं खोलने जा रही है। गौवंश का संवद्र्धन करने, गौशालाएं खोलने में आने वाली सभी प्रकार की प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने व गौचर भूमि का संरक्षण करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत सरकार पशुओं के लिए भी दवाईयां मुफ्त उपलब्ध करवा रही है, जिससे उनके उपचार में सुविधा हो। उन्होंने कहा कि गौसेवक घर-परिवार छोड़कर निस्वार्थ भावना से गौसेवा में लगते है। अतः उनकी भावना का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान महत्वपूर्ण है। गाय के प्रति भगवान श्री कृष्ण व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार सर्वविदित है। गौ सेवा करने वालों को पूरे समाज में सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा से जुड़ा व्यक्ति हमेशा सच्चाई और अहिंसा के रास्ते पर चलता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गौशाला में गौवंश को गुड़ खिलाकर गौ पूजन किया।

श्री गहलोत ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शिक्षाएं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अत्यन्त प्रासंगिक है। गांधीजी ने कहा था कि आंख के बदले आंख की नीति पर चलने से सारे संसार के अंधे होने का खतरा है। किसी भी वर्ग द्वारा हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और हिंसक तत्वों का बहिष्कार करना चाहिए।

गौ संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण निर्णय

गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन ’भाया’ ने कहा कि गोपालकों से चर्चा कर गौ संवद्र्धन के लिए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने गौ सेवा के लिए हमेशा आगे बढ़कर काम किया है। राजस्थान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री मेवाराम जैन ने कहा कि गौशाला के प्रभावी संचालन व गाय-नंदी के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पूर्व शिक्षा मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक सच्चे गौभक्त के रूप में कार्य करते हुए गौ सेवा के लिए अनेक ऎतिहासिक निर्णय लिए हैं।

कार्यक्रम में श्रम राज्यमंत्री श्री सुखराम विश्नोई, श्रीमलूक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास जी महाराज, महंत श्री दिनेश गिरी, प्रदेशभर से आए संत, राजस्थान गौसेवा समिति के पदाधिकारी सहित गौशालाओं के प्रतिनिधि उपस्थित