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स्वामी विवेकानंद पर बन रहे टीवी सीरियल के पोस्टर का लोकार्पण राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा ने किया

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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा ने मुंबई के भक्ति वेदांत स्वामी मिशन स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में श्री हरिओम फिल्म्स के बैनर तले स्वामी विवेकानंद पर बन रहे  टीवी सीरियल ’द ग्रेट मोंक स्वामी विवेकानंद’ के पोस्टर का लोकार्पण किया। युवाओं के लिए इस प्रेरक धारावाहिक का लेखन और निर्देशन कृष्णा मिश्रा ने किया है जबकि कमल मुकुट, शालिनी गुप्ता, ए के गुप्ता और कृष्णा मिश्रा इसके निर्माता हैं। गणपति वंदना के साथ महामहिम राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर निर्माता निर्देशक के साथ ऎक्टर अरुण बक्षी, सुनील पाल, प्रबुद्ध सौरभ, ऎक्टर जितेंद्र सिंह नरुका, डिप्टी मेयर अरुण देव, मीरा रोड के नगरसेवक योगिराज दभड़कर सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं। महामहिम राज्यपाल का सत्कार निर्माता कमल मुकुट ने किया।
        इस मौके पर रामकृष्ण परमहंस की भूमिका निभा रहे कृष्णा जयसवाल, रामानन्द राय का रोल कर रहे अरुण बख्शी, रामकुमार की भूमिका निभा रहे पीयूष सुहाने, शिव के रूप में तन्मय पारीक, रानी रासमणि के रोल में कीर्ति अदारकर और महेश दुबे ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। श्री हरिओम फिल्म्स, एम एम मूवीज़ और मंत्र ऐड वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बन रहा यह धारावाहिक दर्शकों के लिए स्वामी विवेकानंद के विचार जानने का बेहतरीन माध्यम होगा।इस सीरियल के  स्क्रीनप्ले – डायलॉग राइटर हैं कृष्णा मिश्रा ,प्रबुधा सौरभ और रमन रघुवंशी।
       मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा ने कहा कि कृष्णा मिश्रा ने इस महत्वपूर्ण धारावाहिक के पोस्टर लांच का कार्यक्रम आयोजित किया है । स्वामी विवेकानंद जी का बचपन कैसे बीता, उन्होंने युवावस्था में क्या किया, इस संदर्भ में कृष्णा मिश्रा और उनकी टीम ने भरपूर रिसर्च किया और उसके बाद इस सीरियल के माध्यम से उस महान भारतीय व्यक्तित्व के विचारों को प्रस्तुत करने जा रहे हैं।
       स्वामी विवेकानंद वास्तव में अद्भुत प्रतिभा के धनी थे। युवाओं को वह अपनी सेहत ठीक रखने की बात कहते थे, उनका मानना था कि एक स्वस्थ शरीर ही एक स्वस्थ मन मस्तिष्क रख सकता है और नया विचार सोच सकता है। आज स्वामी विवेकानंद जैसी हस्ती की जरूरत है। इस सीरियल के माध्यम से स्वामी विवेकानंद जी का सन्देश लोगो तक पहुंचेगा ऐसा हम उम्मीद करते हैं। सीरियल का पहला पोस्टर प्रभावी है और इसकी जो झलकियां दिखाई गई वो भी लाजवाब थीं।
इस प्रेरणादायक सीरियल के लेखक, निर्माता निर्देशक कृष्णा मिश्रा जब स्टेज पर दो शब्द बोलने आए तो भावुक हो गए, उन्होंने गवर्नर कलराज मिश्रा के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मीडिया से बात करते हुए कृष्णा मिश्रा ने कहा कि ’द ग्रेट मोंक स्वामी विवेकानंद’ युवाओं को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर आधारित इस धारावाहिक से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। मात्र 39 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया मगर उस उम्र में भी अपनी बातों का वो जादू वह छोड़कर गए हैं कि लोग अब भी प्रेरणा लेते हैं और सदैव वो प्रेरित करते रहेंगे।

गोदरेज कैपिटल निर्माण ने अपनी पेशकश बढ़ाई; एमएसएमई को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए डीबीएस बैंक इंडिया, वीज़ा और अमेज़न के साथ की साझेदारी

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मुंबई, 30 नवंबर 2023: भारतीय कारोबारी में अपने 125 वर्षों से अधिक के समृद्ध इतिहास के साथ गोदरेज समूह, एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। ‘राष्ट्र-निर्माण’ के परिदृश्य में निहित और गोदरेज ब्रांड में भारतीय उपभोक्ताओं के विश्वास से मज़बूत, गोदरेज कैपिटल अपने सहयोगी नेटवर्क का महत्वपूर्ण विस्तार कर अपने निर्माण प्लेटफॉर्म पर बड़ी पहल कर रही है। डीबीएस बैंक इंडिया, वीज़ा, अमेज़न और अन्य उद्योग के दिग्गजों के साथ साझेदारी, एमएसएमई मालिकों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने के लिए गोदरेज कैपिटल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। ये सहयोग एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो उनकी व्यावसायिक यात्रा के दौरान विभिन्न किस्म की मूल्यवर्धित सेवाएं और व्यापक समर्थन प्रदान करते हैं। अपनी प्रतिबद्धता के प्रमाण के तौर पर, निर्माण ने भारतीय वित्तीय सेवा क्षेत्र के गतिशील परिदृश्य में एमएसएमई के विकास में सक्रिय रूप से योगदान करने की दृष्टि के अनुरूप, 13 से अधिक भागीदारों को शामिल करने के लिए अपने सहयोगी मॉडल का विस्तार किया है।

मंच का लक्ष्य है, एमएसएमई के लिए तीन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना:

  • ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी
  • संचालन को सुव्यवस्थित करना
  • कर्मचारी की उत्पादकता में बढ़ोतरी

इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए, गोदरेज कैपिटल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारीमनीष शाह ने कहा, “हमें निर्माण के माध्यम से एमएसएमई को आगे बढ़ने में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता को मज़बूत करते हुए, अपने साझेदार परितंत्र का विस्तार कर खुशी हो रही है। हमारा लक्ष्य है, उत्प्रेरक बनना और एमएसएमई को व्यवसाय को बढ़ाने की उनकी यात्रा का अंग बनकर ऋण देने के अलावा भी अन्य सहायता प्रदान करना। गोदरेज समूह के राष्ट्र-निर्माण संबंधी विचार के अनुरूप, हम खुद को समर्थक के रूप में देखते हैं और हमारा दृढ़ विश्वास है कि सामूहिक प्रतिबद्धता और हमारे भागीदारों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के साथ, हम एक बदलाव ला सकते हैं और भारत को 5 ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान दे सकते हैं।

यह साझेदारी डीबीएस बैंक इंडिया को एमएसएमई को अनुकूलित चालू खाते की विशेषता वाली विभिन्न किस्म की मूल्य वर्धित सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने में मदद करेगी। निर्माण के साथ पंजीकृत व्यवसाय विशेष लाभों का आनंद ले सकते हैं जो नियमित पेशकशों से परे हैं, जैसे – न्यूनतम औसत त्रैमासिक शेष गैर-रखरखाव शुल्क पर 1 साल की छूट, कनेक्टेड बैंकिंग के लिए टैली ईआरपी के साथ निर्बाध एकीकरण, अत्यधिक प्रतिस्पर्धी व्यापार और एफएक्स मूल्य निर्धारण, वीज़ा द्वारा संचालित बिजनेस डेबिट कार्ड की सुविधा, और विशेष भागीदार ऑफर, एमएसएमई के लिए समग्र वित्तीय सहायता।

साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, डीबीएस बैंक इंडिया के प्रबंध निदेशक और इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग ग्रुप प्रमुखरजत वर्मा ने कहा, “डीबीएस बैंक इंडिया ने स्थानीय बाजार और व्यावसायिक वास्तविकताओं की अपनी गहरी समझ का लाभ उठाते हुए, गोदरेज कैपिटल निर्माण के साथ एक नवोन्मेषी पेशकश तैयार की है। हमने निर्माण पर एमएसएमई के लिए विभिन्न किस्म के लाभ का एक विशेष सेट तैयार किया है, जो व्यापार में तेजी लाने के लिए कई साझेदार प्रस्तावों के साथ-साथ चालू खाता संस्करण पर विशेष शुल्क-छूट के ज़रिये नकदी प्रवाह को मुक्त करने में मदद करेगा। यह साझेदारी पूरे भारत में एमएसएमई को उनकी विकास की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।”

डिजिटल भुगतान में वैश्विक स्तर पर अग्रणी कंपनी, वीज़ा, निर्माण प्लेटफॉर्म के माध्यम से एमएसएमई के लिए व्यापक भुगतान समाधान प्रदान करेगा। इसका व्यापक नेटवर्क और वैश्विक स्वीकृति, निर्माण उपयोगकर्ताओं के लिए डीबीएस बैंक इंडिया की विशेष रूप से तैयार की गई पेशकशों का भी समर्थन करेगा।

वीज़ा के उपाध्यक्ष और प्रमुख – बिजनेस डेवलपमेंटभारत, सुजय रैना, ने कहा, “हमें भारत में छोटे व्यवसायों को व्यापक भुगतान सेवाएं प्रदान करने के लिए गोदरेज कैपिटल निर्माण और डीबीएस बैंक इंडिया के साथ सहयोग कर खुशी हो रही है। एमएसएमई देश के सामाजिक-आर्थिक और समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, और वीज़ा उन्हें अपने समाधानों के साथ अवसरों और मूल्य को अनलॉक करने में मदद करता है। हम निर्माण उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए बिजनेस डेबिट कार्ड के साथ डीबीएस चालू खाते की सुविधा प्रदान कर रहे हैं, जो एमएसएमई को निर्बाध रूप से भुगतान करने और उन्हें व्यावसायिक प्राथमिकताओं और विकास अनिवार्यताओं को चलाने में मदद मिलेगी।

निर्माण के साथ अमेज़न की साझेदारी से एमएसएमई को अपने उत्पादों को Amazon.in पर पेश कर पूरे भारत में ग्राहकों को प्रदर्शित करने और बेचने में मदद मिलेगी। अमेज़न के ई-कॉमर्स निर्यात कार्यक्रम जिसे अमेज़ॅन ग्लोबल सेलिंग कहते हैं, उसकी तीन महीने की सदस्यता के साथ, यह अतिरिक्त रूप से वैश्विक बाजारों के लिए दरवाजा खोलने में मदद करेगा। निर्माण उपयोगकर्ता, मार्च 2024 तक अमेज़न द्वारा स्मार्ट कॉमर्स से वेबसाइट निर्माण और ओम्नी-चैनल इन्वेंट्री मैनेजमेंट समाधान तक निःशुल्क पहुंच प्राप्त कर सकेंगे।

 

इस साझेदारी के बारे में, अमेज़न इंडिया में विक्रेता अधिग्रहण प्रमुख गौरव भटनागर ने कहा, “अमेज़न, हमारे तीन मूलभूत स्तंभों: चयन, मूल्य और सुविधा पर ध्यान देने के साथ, लगातार विकसित हो रहे ग्राहक परिदृश्य को संबोधित करने के लिए एमएसएमई के साथ साझेदारी तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। गोदरेज कैपिटल निर्माण के साथ अपने सहयोग के माध्यम से, हमारा लक्ष्य है, डिजिटलीकरण और ई-कॉमर्स के लाभों को एमएसएमई के करीब लाना। वे पूरे भारत में ग्राहकों को अपने उत्पाद दिखाने और बेचने के लिए अमेज़न का लाभ उठाने और निर्यात के अवसरों को भुनाने में सक्षम होंगे। वे ओम्नी-चैनल इन्वेंट्री मैनेजमेंट समाधानों के माध्यम से अपने दैनिक कार्यों को डिजिटल बनाने में भी सक्षम होंगे। हमारा मानना है कि इस तरह के सहयोग से एमएसएमई को अपने ग्राहकों को अद्वितीय समर्पण के साथ सेवा देने और उनकी व्यावसायिक उत्कृष्टता बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

मौजूदा साझेदार, ऑनश्योरिटी, ज़ोलविट और एमएसएमईएक्स के अलावा, नए साझेदार – जीईएम टेक पारस, एस्क्रोपे, ग्रेटएचआर और सेरापिस नॉलेज सॉल्यूशंस – एमएसएमई को अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करने के लिए समाधानों की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करेंगे।

परितंत्र के विकास और साझेदारी के माध्यम से समग्र मूल्य निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, गोदरेज कैपिटल निर्माण का लक्ष्य है, भारत में एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमशीलता और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देना, जो अंततः अर्थव्यवस्था के विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म ऋण की पेशकश से कहीं आगे जाकर व्यवसाय विकास के अवसरों, व्यवसाय में आसानी, और ज्ञान और नेटवर्क मार्गों को शामिल करते हुए मूल्य वर्धित सेवाएं प्रदान करता है।

अक्षय कुमार द्वारा प्रायोजित अंतर्राष्ट्रीय कूडो मिक्स्ड मार्शल आर्ट टूर्नामेंट सम्पन्न

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 बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार द्वारा सुरत (गुजरात) में 26 से लेकर  29 नवंबर तक प्रायोजित चार दिवसीय 15 वां अंतर्राष्ट्रीय कूडो मिक्स्ड मार्शल आर्ट टूर्नामेंट सम्पन्न होगया।अक्षय कुमार का यह 15वां अंतर्राष्ट्रीय कूडो टूर्नामेंट एक विशेष स्पोर्ट्स टुर्नाम्नेट के  रूप में उभर कर सामने आया , जो पिछले 15 वर्षों से एथलीटों की फ्री मेजबानी कर रहे हैं । इस टूर्नामेंट में   खाना, ट्रेनिंग और भागीदारी की सुविधा मुफ्त में मुहैय्या कराइ जाती  हैं, जो यह दर्शाता है कि अक्षय कुमार कुड़ो के प्रति कितने सीरियस हैं और वे हर हल में इसे बढ़ावा देना चाहते हैं। इन सालों में, कुडो ने भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय से मान्यता हासिल की है, कुडो टूर्नामेंट के प्रतिभागियों ने स्केल 3 सरकारी नौकरियों में 3% खेल कोटा आरक्षण के लिए पात्रता अर्जित की है। खास बात तो यह है कि  इस इवेंट को अक्षय कुमार ने लीड किया और  साथ ही यह भी  दर्शाया  कि ये इवेंट सिर्फ कूडो अथलेट्स  की क्षमता को ही नहीं दर्शाता है, बल्कि अक्षय द्वारा उन्हें  सशक्त बनाने की  प्रतिबद्धता पर भी जोर देता है। खासकर उन प्रिविलेज  लोगों को पर जिन्होंने मार्शल आर्ट में उत्कृष्टता हासिल करने की इच्छा जताई है। अक्षय कुमार ने इस इवेंट में हिस्सा लिया और प्रतिभागियों से मुलाकात की और कुडो और मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) के प्रति अपने जुनून को साझा किया। इस मौके पर गुजरात के गृह मंत्री और खेल राज्य मंत्री श्री हर्ष सांघवी की मौजदूगी भी देखी गई, जिन्होंने क्षेत्र में मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के लिए अक्षय कुमार के समर्पण की सराहना की। इस इवेंट में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी भी नजर आईं और उन्होंने एमएमए के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं अक्षय सर को क्रेजी स्टंट करते हुए देखकर बड़ी हुई हूं और वॉल रन करने में सक्षम होना मेरा सपना था। अक्षय सर की यह पहल एक आशीर्वाद है। और मैं यहां आकर बहुत खुश हूं।”
आपको बता दें, भारत अब रूस और जापान के बाद ग्लोबल  स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा कुडो प्रैक्टिसिंग देश बन गया है। इस टूर्नामेंट में, भारत के  38 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया, और यही  पूरे देश में खेल के प्रति व्यापक उत्साह को दर्शाता है। जैसे-जैसे कुडो भारत में प्रगति कर रहा है, अक्षय कुमार द्वारा संचालित कार्यक्रम मार्शल आर्ट की दुनिया में एक आशाजनक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। विदित हो कि अक्षय कुमार लगातार 15 सालों  से कूडो टूर्नामेंट के ज़रिये देश के कोने कोने के खिलाड़ियों के मनोबल बढ़ाने की दिशा में अग्रसर हैं। साथ ही साथ वो थाईलैंड में महीने भर के ट्रेनिंग कैंप के लिए कई एथलीटों को स्पॉन्सर करते हैं और उनके कौशल को बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। बकौल अक्षय कुमार मार्शल आर्ट सिर्फ  फिजिकल स्ट्रेंथ से जुड़ा हुआ आर्ट  नहीं है, यह डिसिप्लिन , फोकस और एक्सेलेंस  की निरंतर खोज करता हुआ आर्ट है। मैं आज जहाँ हूँ वहाँ मार्शल आर्ट के कारण हूँ और मैं भारत में कुडो के विकास में योगदान करने  और एथलीटों को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराने और उन्हें  सशक्त बनाने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

“श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र” का किसानों को अधिकाधिक लाभ मिलें- श्री नरेंद्र सिंह तोमर

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New Delhi – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विशेष पहल पर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद में स्थापित किया जा रहा है, यह “श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र” सर्वसुविधायुक्त रहेगा, जिसके माध्यम से देश-दुनिया में श्री अन्न को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में इस केंद्र के लिए कार्यवाही चल रही है। श्री तोमर ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि हमारे किसानों को इस केंद्र का अधिकाधिक लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। विशेषकर छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से श्री अन्न को बढ़ावा देने हेतु भारत की पहल पर अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष-2023 भी मनाया जा रहा है।
18 मार्च 2023 को पूसा परिसर, दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्री अन्न सम्मेलन में “श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र” की उद्घोषणा प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य श्री अन्न अनुसंधान एवं विकास के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं व उपकरणों से सुसज्जित बुनियादी ढांचे की स्थापना करना है जिसमें मूल्य श्रृंखला, मानव संसाधन विकास, श्री अन्न के पौष्टिक गुणों के बारे में आमजन में जागरूकता फैलाना एवं वैश्विक स्तर पर पहुंच एवं पहचान बनाना है ताकि किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सकें। इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इस केंद्र में जीन बैंक, प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र, श्री अन्न मूल्य श्रृंखला एवं व्यापार सुविधा केंद्र, अंतरराष्ट्रीय ज्ञान, कौशल व क्षमता विकास केंद्र और वैश्विक स्तर की अनुसंधान सुविधाओं की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर द्वारा “श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र” की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में बताया गया कि यहां अनुसंधान से संबंधित विभिन्न सुविधों में जीनोम अनुक्रमण, जीन संपादन, पोषक जीनोमिक्स, आणविक जीव विज्ञान, मूल्य संवर्धन और जीनोम-सहायता प्रजनन के लिए उन्नत अनुसंधान उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाओं की स्थापना के साथ-साथ स्पीड ब्रीडिंग, फाइटोट्रॉन, जलवायु नियंत्रित कक्ष, ग्रीन हाउस व ग्लास हाउस एवं रैपिड फेनोमिक्स सुविधा की भी स्थापना की जा रही है। इसी क्रम में संस्थान के नवस्थापित बाडमेर (राजस्थान) एवं सोलापुर (महाराष्ट्र) स्थित दो क्षेत्रीय केंद्रों को भी सुदृढ़ बनाया जा रहा है। केंद्र को वैश्विक स्तर का अनुसंधान और प्रशिक्षण परिसर बनाने के लिए उन्नत अनुसंधान प्रयोगशालाओं के साथ आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, सम्मेलन कक्षों और अंतर्राष्ट्रीय अतिथि गृह की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। केंद्र की गतिविधियों को समय-सीमा में पूरा करने व पूरे देश में लागू करने के लिए आईसीएआर के 15 संस्थान सहयोग करेंगे।
बैठक में कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा, डेयर के सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री अन्न वैश्विक उत्कृष्ट शोध केंद्र स्थापना के लिए केंद्रीय बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है एवं इस संबंध में केंद्र सरकार के स्तर पर कार्यवाही तेजी से प्रगति पर हैं, नियमित बैठकें भी हो रही है।

डॉ. मुस्तफ़ा यूसुफ़ अली गोम को मिला उद्योग रत्न सम्मान

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मुंबई – अँधेरी के वर्सोवा आर्किड इंटरनेशनल स्कूल में वाग्धारा द्वारा आयोजित उद्योग रत्न सम्मान समारोह में डॉ. मुस्तफ़ा यूसुफ़ अली गोम को ‘उद्योग रत्न सम्मान ‘ वेस्ट बंगाल के राज्य मंत्री श्रीकांत महतो , शालिनी ठाकरे , फ़िल्मकार राज बुंदेला ,अभिनेता कारन राजदान ने शाल और प्रतिक चिन्ह दे कर सम्मानित किया।
ज्ञात हो कि डॉ. मुस्तफ़ा यूसुफ़ अली गोम , मुंबई के कांदिवली में अंजुमन ए नजमी दाऊदी बोहरा जमात के सचिव हैं। अपनी अंजुमन के माध्यम से वह सामाजिक कार्य भी करते है। अब तक श्री गोम को उनके अच्छे सामाजिक कार्यों के लिए कई सम्मान मिल चुके हैं। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें “गऊ भारत भारती” के सर्वोत्तम सम्मान के साथ-साथ केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा पूर्व में वाग्धारा सम्मान से सम्मानित किया है साथ ही साथ पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने भी राजभवन में डॉ. बीआर अंबेडकर पुरस्कार दे कर सम्मानित किया है। इसके आवला अन्य बहुत सी सामाजिक संस्थाओ ने आप को सम्मानित किया है।
सुप्रसिद्ध समाजसेवी मुस्तफा गोम की कंपनी ” केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड ” के आप प्रबंध निदेशक है। जो पुरानी ईमारतो के मरम्मत का काम करती है। आप की Institute of Entrepreneurship And Management Studies द्वारा प्रशस्ति पत्र दे कर उन्हें सम्मानित किया गया है , इसके अतिरिक्त श्री गोम वर्ल्ड ह्यूमन राईट प्रोटेक्शन कमीशन से भी जुड़ कर देश की सेवा कर रहे है।
डॉ. गोम 1989 से भवन मरम्मत और पुनरुद्धार क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने अब तक 500 से अधिक पुरानी ईमारतो का काम किया है। इनकी कंपनी ” केयर टेकर्स एक्सटीरियर एंड इंटीरियर प्राइवेट लिमिटेड उच्तम क़्वालिटी और भरोसेमंद काम को करती आ रहे है।
‘ उद्योग रत्न सम्मान ‘ मिलने पर डॉ. मुस्तफ़ा यूसुफ़ अली गोम कहते है कि -‘ आप के काम और परिश्रम को जब पहचान मिलती है तो बड़ी ख़ुशी होती है , साथ ही हमें और अधिक जिम्मेदारी का आभास होता है कि हमें और मेहनत करने की जरुरत है।

अक्षय कुमार लगातार 15 सालों से कूडो टूर्नामेंट के माध्यम से देश के कोने कोने के खिलाड़ियों को कर कर रहे हैं एम्पावर

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अक्षय थाईलैंड में महीने भर के ट्रेनिंग कैंप के लिए कई एथलीटों को करते हैं स्पॉन्सर

सूरत। गुजरात के महानगर में 26 से लेकर 29 नवंबर तक अक्षय कुमार ने 15वें अंतर्राष्ट्रीय कूडो टूर्नामेंट का आयोजन किया, जहां चार दिनों तक कड़ी प्रतिस्पर्धा और मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया गया। खास बात तो यह है कि इस इवेंट को अक्षय कुमार ने लीड किया और साथ ही यह भी दर्शाया कि ये इवेंट सिर्फ कूडो अथलेट्स की क्षमता को ही नहीं दर्शाता है, बल्कि अक्षय द्वारा उन्हें सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता पर भी जोर देता है। खासकर उन प्रिविलेज लोगों को पर जिन्होंने मार्शल आर्ट में उत्कृष्टता हासिल करने की इच्छा जताई है।
आपको बता दें, भारत अब रूस और जापान के बाद ग्लोबल स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा कुडो प्रैक्टिसिंग देश बन गया है। इस टूर्नामेंट में, भारत के 38 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया, और यही पूरे देश में खेल के प्रति व्यापक उत्साह को दर्शाता है।
28 नवंबर को, अक्षय कुमार ने इस इवेंट में हिस्सा लिया और प्रतिभागियों से मुलाकात की और कुडो और मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) के प्रति अपने जुनून को साझा किया। इस मौके पर गुजरात के गृह मंत्री और खेल राज्यमंत्री हर्ष सांघवी की मौजदूगी भी देखी गई, जिन्होंने क्षेत्र में मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के लिए अक्षय कुमार के समर्पण की सराहना की।
अक्षय कुमार का नाम 15वां अंतर्राष्ट्रीय कूडो टूर्नामेंट एक विशेष स्पोर्ट्स टुर्नामेन्ट के रूप में उभर कर सामने आया, जो पिछले 15 वर्षों से एथलीटों की फ्री मेजबानी कर रहे हैं। इस टूर्नामेंट में खाना, ट्रेनिंग और भागीदारी की सुविधा मुफ्त में मुहैय्या कराई जाती हैं, जो यह दर्शाता है कि अक्षय कुमार कुड़ो के प्रति कितने सीरियस हैं और वे हर हल में इसे बढ़ावा देना चाहते हैं। इन सालों में, कुडो ने भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय से मान्यता हासिल की है, कुडो टूर्नामेंट के प्रतिभागियों ने स्केल 3 सरकारी नौकरियों में 3% खेल कोटा आरक्षण के लिए पात्रता अर्जित की है।


यह टूर्नामेंट न केवल प्रतिस्पर्धा का एक मंच रहा है, बल्कि कम भाग्यशाली बैकग्राउंड वालों के लिए सरकनि नौकरी के द्वार भी खोलता है। जिला से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक टूर्नामेंट संरचना, एथलीटों को प्रगति के लिए एक व्यापक मार्ग प्रदान करता है। जिला टूर्नामेंट के विजेता राज्य प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ते हैं, जिससे नेशनल, फेडरेशन कप और अंततः प्रतिष्ठित अक्षय कुमार अंतर्राष्ट्रीय कूडो टूर्नामेंट होता है। इस आयोजन के विजेता फिर दक्षिण एशियाई कप, एशियाई कप और विश्व कप जैसे उच्च चरणों में आगे बढ़ते हैं।
वैसे प्रतिभा को निखारने की अक्षय कुमार की कमिटमेंट टूर्नामेंट तक सिमित नहीं। हर साल, वह थाईलैंड में महीने भर के ट्रेनिंग कैंप के लिए कई एथलीटों को स्पॉन्सर करते हैं, उनके कौशल को बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
अक्षय कुमार कहते हैं, “मार्शल आर्ट सिर्फ एक फिसिकल स्ट्रेंथ के बारे में नहीं है, यह डिसिप्लिन, फोकस और एक्सेलेंस की निरंतर खोज के बारे में है। मैं आज जहां हूं वहां मार्शल आर्ट के कारण हूं और मैं भारत में कुडो के विकास में योगदान करने और एथलीटों को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराने, और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
इस इवेंट में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी भी नजर आईं और उन्होंने एमएमए के साथ अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं अक्षय सर को क्रेजी स्टंट करते हुए देखकर बड़ी हुई हूं और वॉल रन करने में सक्षम होना मेरा सपना था। अक्षय सर की यह पहल एक आशीर्वाद है। और मैं यहां आकर बहुत खुश हूं।”
जैसे-जैसे कुडो भारत में प्रगति कर रहा है, अक्षय कुमार द्वारा संचालित कार्यक्रम मार्शल आर्ट की दुनिया में एक आशाजनक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

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अलीजेह फिल्म फ़र्रे में अपने प्रोमिसिंग परफॉरमेंस के साथ एक होनहार न्यूकमर बनकर उभरी

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मुम्बई। अभिनेत्री अलिज़ेह अभिनीत फिल्म फ़र्रे को काफी सराहनाएं मिल रही हैं, उनके अभिनय को देख हर किसी का यही मानना है कि वे एक मंझी हुई कलाकार हैं, उनके अभिनय को देख यह नहीं कहा जा सकता है कि यह उनकी पहली फिल्म है, वे अपने दमदार प्रदर्शन के ज़रिये सभी के उम्मीदों पर खरी उतरी हैं।
अलिज़ेह की इस शुरुआत ने निश्चितरूप से दर्शकों और क्रिटिक्स को समान रूप से आश्चर्यचकित कर दिया है, वे उनकी परफॉरमेंस को बेहद पसंद भी कर रहे है। आमतौर पर एक्ट्रेस ग्लैमरस रोले चुनती हैं पर अलिज़ेह ने स्टीरियोटाइप किरदार को न चुन कर एक चुनौतीपूर्ण किरदार को चुना जिसे पसंद करना आसान नहीं था और वे इस कसौटी पर खरी उतरीं, लोगों का मानना है कि वे अपने हावभाव, आँखों से भी कमाल की एक्टिंग करती हैं।
फ़र्रे ने अपनी कहानी और दमदार परफॉरमेंस के दम पर इस परीक्षा को पार कर लिया है और इसका मुख्य आकर्षण रहीं अलिज़ेह जिन्होंने अपने आत्मविश्वास के साथ इस फिल्म के ज़रिये दर्शको के दिलों पर एक अमित छाप छोड़ी है। वे इस फिल्म का आकर्षण रही हैं। एक होनहार छात्र किस तरह धोखाधड़ी के रॉकेट में फंस जाती है इस किरदार को उन्होंने बखूबी निभाया है।
निर्देशक सौमेंद्र पाधी के विज़न को अलीज़ेह ने बखूबी बड़े परदे पैट उतरा है, धोखे की अंधेरी गलियों से गुज़रने वाली एक प्रतिभाशाली छात्रा के रूप में, वह कहानी में प्रामाणिकता और गहराई लाती है। जो बात उनके डेब्यू को और भी सराहनीय बनाती है, वह है उनके सुपरस्टार मामा सलमान खान से जुड़े ट्रेडिशनल सिनेमा से हटके फिल्म की। अलिज़ेह अपने परिवार की प्रत्येक पीढ़ी के लिए सिनेमाई परिदृश्य में कुछ अलग करने की ज़रूरत  स्वीकार करती है और “फ़र्रे” के साथ उसने बिल्कुल वैसा ही किया है।
ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श इस बात पर जोर देते हुए कहते  हैं, “#Farray सक्षम प्रदर्शन से संचालित है, लेकिन शो-स्टॉपर #Alizeh है, जो अति-आत्मविश्वास के साथ अपने जटिल चरित्र को निभाती है…”
फ़िल्म समीक्षक अनुपमा चोपड़ा कहती हैं, “ड्रामा पर ज़ोर दिया गया है और अलीज़ेह ने काम किया है।इस भूमिका के लिए अभिनय की आवश्यकता है, और अलीज़ेह फिल्म के सॉफ्ट स्पॉट के माध्यम से पॉवर  प्रदान करती है। recklessness and vulnerability का एक इनोसेंट मिश्रण है।”
फिल्म निर्माता करण जौहर फिल्म देखने के बाद लिखते हैं, “फिल्मों में आपका स्वागत है अलीजेह! आप सितारों की गैलेक्सी  में चमकेंगी बतौर एक अभिनेता के रूप में।
फ़िल्म समीक्षक सैबल चटर्जी कहते हैं, “फर्रे में अलीज़ेह का अब तक का सबसे चमकता हुआ स्थान है। उनकी भूमिका भावपूर्ण है, और वह इसके साथ पूरा न्याय करती हैं।”
एक ऐसी इंडस्ट्री जहां अक्सर ग्लैमर का बोलबाला रहता है जहाँ पर स्टार डेब्यू की तुलना उनकी क्षमता से नहीं बल्कि उनकी लेगेसी से की जाती है, परन्तु इन सब कथन को गलत साबित करते हुए अलिज़ेह अपनी एक्टिंग के दम  पर उभर कर सामने आती हैं और सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं, इससे यह साबित होता है कि अलिज़ेह ने किसी भी प्रकार के प्रेशर को खुद पर हावी नहीं होने दिया है।
अलिज़ेह में, हम न केवल एक एक्टर  को देखते हैं, बल्कि युवा भारत की आवाज़ के रूप में देखा जा रहा है – एक कलाकार जिसने अलग होने का साहस किया है और एक ऐसी शुरुआत के साथ अपने आगमन की घोषणा की है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

नितिन गडकरी ने सिल्क्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों के सफल बचाव अभियान पर जताया आभार

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श्री गडकरी ने कहा- हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण बचाव अभियानों में से एक यह अभियान कई एजेंसियों का एक समन्वित प्रयास था

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि वह पूरी तरह से राहत और प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं क्योंकि सिल्क्यारा सुरंग हादसे में फंसे 41 श्रमिकों को सफलतापूर्वक सुरक्षित बचा लिया गया है। अपनी एक पोस्ट में श्री गडकरी ने कहा कि यह कई एजेंसियों द्वारा बेहतर तरीके से संचालित एक समन्वित प्रयास और हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण बचाव अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद विभिन्न विभाग और एजेंसियां एक-दूसरे के पूरक बनी रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी के अथक और सत्यनिष्ठ प्रयासों और सभी की प्रार्थनाओं से यह अभियान संभव हो पाया है।

श्री गडकरी ने कहा कि बचाव टीमों के समर्पित प्रयासों के अनुकूल परिणाम मिले हैं। उन्होंने इस बचाव अभियान में शामिल प्रत्येक एजेंसी और व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया। मंत्री महोदय ने अंतरराष्ट्रीय बचाव विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और उत्तराखंड सरकार की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए भी सराहना की
श्री गडकरी ने कहा कि वह इस अवसर पर वह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी को धन्यवाद देते हैं, जो निरन्तर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर मार्गदर्शन और सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी और उनके सहयोगी जनरल वी.के सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी लगभग पूरे अभियान के दौरान वहां अपनी उपस्थिति बनाए रखी। श्री गडकरी ने कहा कि वह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों और अभियंताओं को उनके ईमानदार प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हैं।

बढ़ते हुए तलाक कर रहे सामाजिक ताने-बाने ख़ाक

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भारत में, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में, उच्च तलाक दरों की बढ़ती प्रवृत्ति सामाजिक और शैक्षणिक रुचि का विषय बन गई है। तलाक की बढ़ती प्रवृत्ति, पारंपरिक मानदंडों से हटकर, सामाजिक ताने-बाने में बदलाव का संकेत दे रहा है इसलिए इसके कारणों की गहन जांच की आवश्यकता है। शहरों में संयुक्त से एकल परिवारों में परिवर्तन के कारण विस्तारित परिवारों की संख्या कम हो गई है। हाल के वर्षों में, भारत में तलाक के मामलों में उल्लेखनीय और तीव्र वृद्धि देखी गई है, जो सामाजिक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक मानदंडों में उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाता है। परंपरागत रूप से, भारत पारिवारिक मूल्यों और विवाह की पवित्रता पर ज़ोर देने के लिए जाना जाता है। हालाँकि, कई कारकों ने बदलती गतिशीलता में योगदान दिया है, जिससे देश भर में तलाक की दर में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में पारिवारिक संरचनाओं में उल्लेखनीय बदलाव आया है। समाजशास्त्रीय अध्ययनों ने शहरी भारतीय परिवारों में बढ़ते व्यक्तिवाद पर तेजी से ध्यान केंद्रित किया है।

पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव, वैश्वीकरण और मीडिया की पहुँच ने शहरी भारतीयों को विवाह और तलाक पर विभिन्न दृष्टिकोणों से परिचित कराया है। गौरतलब है कि पश्चिमी मीडिया और वैश्वीकरण के प्रभाव ने भारतीय समाज की प्रेम और रिश्तों की धारणा को प्रभावित किया है। युवा पीढ़ी पारंपरिक पारिवारिक अपेक्षाओं की तुलना में व्यक्तिगत खुशी और अनुकूलता को प्राथमिकता देने लगी है, जिसके कारण जब उनकी शादी में संतुष्टि नहीं मिलती है तो वे तलाक को एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में मानने लगते हैं।  भारत अधिक व्यक्तिवादी होता जा रहा है, लोग पारिवारिक और सामाजिक अपेक्षाओं पर व्यक्तिगत खुशी और स्वायत्तता को प्राथमिकता देने लगे हैं। पैसों पर असहमति और वित्तीय कुप्रबंधन के कारण पति-पत्नी के बीच झगड़े हो रहें हैं। असंगत पालन-पोषण शैलियों के मामलों में, कुछ जोड़े बच्चों के पालन-पोषण के लिए अधिक उपयुक्त वातावरण की तलाश में तलाक का विकल्प चुन रहें हैं। कार्य असाइनमेंट या उच्च शिक्षा के कारण अलगाव की विस्तारित अवधि विवाहों में तनाव पैदा कर रही है। ससुराल वालों के साथ संघर्ष विशेषकर संयुक्त परिवार में वैवाहिक तनाव को बढ़ावा देता है।

सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स ने शहरी भारत में संबंधों की गतिशीलता को बदल दिया है।  सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से पति-पत्नी के बीच विश्वास संबंधी समस्याएं, ईर्ष्या और गलतफहमियां पैदा हो रही हैं। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जिस तेजी से लोगों के बीच अंतरंगता बढ़ी है। उसी तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफार्म विवाह विच्छेद और तलाक की वजह भी बन रहे हैं। स्थिति यह है कि महानगरों में डिवोर्स के हर 10 प्रकरण में से 4 की वजह सोशल मीडिया के कारण पति-पत्नी की अन्य लोगों से बढ़ी अंतरंगता और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हैं। पति-पत्नी के बीच अप्रभावी संचार से गलतफहमियाँ, अनसुलझे झगड़े और भावनात्मक दूरियाँ पैदा हो सकती हैं, जो अंततः वैवाहिक टूटने का कारण बन सकती हैं। जनम-जनम के रिश्तों में दूरियां और कड़वाहट पैदा कर रहा सोशल मीडिया, रोक-टोक मियां और बीवी को मंजूर नहीं है। उच्च तनाव वाली शहरी जीवनशैली ने मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों में योगदान दिया है, जिससे वैवाहिक स्थिरता पूर्ण जीवन प्रभावित हुआ है। इंडियन साइकाइट्री सोसाइटी सहित अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में पहले की तुलना में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो पारिवारिक गतिशीलता को प्रभावित कर रही है।

पति-पत्नी के बीच अप्रभावी संचार से गलतफहमियाँ, अनसुलझे झगड़े और भावनात्मक दूरियाँ पैदा हो रही हैं, जो अंततः वैवाहिक टूटने का कारण बन रही  हैं। शराब जैसे मादक द्रव्यों के सेवन की बढ़ती समस्या घरेलू हिंसा और विवाहों में अस्थिरता को जन्म दे रही है। कैरियर की अलग-अलग आकांक्षाएं और नौकरी में स्थानांतरण भागीदारों के बीच शारीरिक दूरी पैदा कर सकता है, जिससे रिश्ते में तनाव पैदा हो रहा है। अवसाद और चिंता जैसे मानसिक स्वास्थ्य मुद्दे किसी व्यक्ति की स्वस्थ विवाह को बनाए रखने की क्षमता को प्रभावित कर रहें हैं। विवाह के भीतर पारंपरिक लिंग भूमिकाएं और अपेक्षाएं असमानता और असंतोष का कारण बन रही हैं, खासकर जब एक साथी विशिष्ट जिम्मेदारियों से अधूरा या बोझ महसूस करता है। आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के फलस्वरूप शहरों में अधिकांश महिलाएं करियर बना रही हैं, जिससे उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता और विवाह के पश्चात असंतोषजनक जीवन से बाहर निकलने की प्रेरणा मिल रही है। भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि और शहरीकरण ने पारंपरिक पारिवारिक संरचना को बदल दिया है। जैसे-जैसे लोग बेहतर अवसरों के लिए शहरों की ओर पलायन करते हैं, उन्हें आधुनिक जीवनशैली के साथ तालमेल बिठाने में अक्सर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे विवाह में तनाव आ सकता है। आर्थिक दबाव, नौकरी का तनाव और कार्य-जीवन संतुलन की कमी के कारण पति-पत्नी के बीच झगड़े हो रहें हैं।

भारत के महानगरीय क्षेत्रों में तलाक की दरों में वृद्धि सांस्कृतिक, आर्थिक और कानूनी कारकों की एक जटिल परस्पर क्रिया को प्रदर्शित करती है। यह भारतीय समाज में एक संक्रमणकालीन चरण को दर्शाता है जहां व्यक्तिगत आकांक्षाओं को तेजी से मान्यता दी जा रही है। यह प्रवृत्ति, पारंपरिक मानदंडों को चुनौती देते हुए, सामाजिक विकास और समकालीन मूल्यों और व्यक्तिगत कल्याण के साथ विवाह के बेहतर तालमेल के रास्ते भी खोलती है। इस मुद्दे के लिए एक सूक्ष्म समझ और सहायक नीति ढांचे की आवश्यकता है जो आधुनिक रिश्तों की बदलती गतिशीलता को पूरा करे। भारत में तलाक के मामलों में भारी वृद्धि को सामाजिक आर्थिक परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, बदलते दृष्टिकोण, कानूनी सुधार और सामाजिक कलंक में कमी के संयोजन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। जैसे-जैसे भारत विकसित हो रहा है, वैवाहिक संबंधों की गतिशीलता में और अधिक बदलाव आने की संभावना है। जोड़ों को उनके मुद्दों का समाधान करने और जब भी संभव हो तलाक के विकल्प तलाशने में मदद करने के लिए सहायता प्रणाली और परामर्श सेवाएं प्रदान करना समाज के लिए आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, अंतर्निहित सांस्कृतिक मानदंडों को संबोधित करने और लैंगिक समानता में सुधार करने के प्रयास भविष्य में स्वस्थ और अधिक टिकाऊ विवाहों में योगदान दे सकते हैं।

फेडेक्स ने नवी मुंबई में पावर नेटवर्किंग मीट के 10वें संस्करण के साथ भारतीय एसएमई को सशक्त बनाया

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नवी मुंबईभारत, 28 नवंबर, 2023– FedEx Corp. (एनवायएसईएफडीएक्स) की सहायक कंपनी और दुनिया की सबसे बड़ी एक्सप्रेस ट्रांसपोर्टेशन कंपनियों में से एकFedEx Express ने पावर नेटवर्किंग मीट‘ समरोह के अपने 10वें संस्करण का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत में छोटे और मध्यम आकार के उपक्रमों (एसएमई) को सशक्त बनाने के लिए कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। FedEx ऐसा इंटेलीजेंट लॉजिस्टिक्स समाधानों की शक्ति का उपयोग करती हैजो व्यापार को सुव्यवस्थित करनेऔर व्यापार लचीलेपन को मजबूत करने के उद्देश्य से डिजिटल नवोन्मेष पर आधारित है।

नवी मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में रसायन, औद्योगिक उपकरण, इंजीनियरिंग, ऑटोमोटिव, फार्मास्युटिकल और ई-कॉमर्स समूहों से 84 से अधिक ग्राहकों और संभावनाओं की प्रभावशाली उपस्थिति देखी गईजहां उन्होंने सवाल-जवाब और नेटवर्किंग सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

FedEx Express एमईआईएसए मार्केटिंग के उपाध्यक्ष नितिन नवनीत टाटीवाला ने कहा, “एसएमई भारत की आर्थिक वृद्धि को गति दे रहे हैं। 50 से अधिक साल की लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञता के साथहम एसएमई को वैश्विक व्यापार की जटिलताओं से निपटनेउनकी आपूर्ति श्रृंखलाओं को अनुकूलित करने और उन्हें निरंतर विकास स्थिति में रखने में मदद करते हैं। हमारे पावर नेटवर्किंग सत्र जैसे मंच एसएमई को FedEx समाधानों को प्रभावी ढंग से समझने और उपयोग करने में मदद करते हैं। वे एसएमई के लिए फीडबैक प्रदान करने के लिए एक स्थान भी बनाते हैंजिसे हम बहुत महत्व देते हैंजिससे हमें अपनी सेवाओं को बढ़ाने में मदद मिलती है। लॉजिस्टिक्स से परेहम खुद को विकास प्रवर्तक के रूप में देखते हैं और इन व्यवसायों को वैश्विक अवसरों से जोड़ते और उन्हें इस डिजिटल युग में फलने-फूलने में मदद करते हैं।”

FedEx उन्नत हवाई नेटवर्क के माध्यम से तेज़ ट्रांज़िट समय के माध्यम से गति और विश्वसनीयता प्रदान करता है। महत्वपूर्ण और अत्यावश्यक शिपमेंट अब FedEx इंटरनेशनल प्रायोरिटी® सेवा के माध्यम से दो से तीन व्यावसायिक दिनों* के भीतर दुनिया भर के प्रमुख बाजारों और क्षेत्रों तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावाFedEx उन्नत अर्थव्यवस्था सेवाएं प्रदान करता हैकम जरूरी शिपमेंट की लागत प्रभावी और समय पर डिलीवरी प्रदान करता हैयह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय और व्यक्ति विश्वसनीयता और सामर्थ्य के साथ अपने शिपिंग विकल्पों को अनुकूलित कर सकें। FedEx इंटरनेशनल कनेक्ट प्लस® (एफआईसीपी) का विस्तार एशिया प्रशांतमध्य पूर्व और अफ्रीका के 14 बाजारों में भी किया गया है। यह प्रतिस्पर्धी गति और आकर्षक कीमतों के साथ कम लागत वाले ई-कॉमर्स अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग समाधान प्रदान करती हैजो एक से तीन व्यावसायिक दिन में क्षेत्र के भीतर अधिकांश शिपमेंट वितरित करता है।

वैश्विक बाज़ार में नेविगेट करने में एसएमई को और अधिक समर्थन देने के लिएFedEx डिजिटल इंटेलिजेंस को अनलॉक कर समाधानों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है। FedEx  ® डिलीवरी मैनेजर इंटरनेशनल (एफडीएमआईजैसे इंटरैक्टिव समाधान व्यवसायों को अपने ग्राहकों को डिलीवरी प्राथमिकताओं को प्रबंधित करने की स्वतंत्रता प्रदान करने की अनुमति देते हैं। FedEx शिप मैनेजरटीएम सहित स्वचालित उपकरणएसएमई को फॉर्म तक पहुंचनेशिपिंग लेबल तैयार करने और आसानी से दस्तावेज़ तैयार करने में मदद करता है। इलेक्ट्रॉनिक विद ओरिजिनल्स‘ सुविधा व्यवसायों को डिजिटल रूप से सीमा शुल्क दस्तावेज जमा करने की अनुमति देती है।

FedEx भारतीय एसएमई की वृद्धि और सफलता का समर्थन करने के लिए समर्पित है। पावर नेटवर्किंग मीट उन तरीकों में से एक है जिसके ज़रिये हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भारत में व्यवसायों के पास आज के वैश्विक बाजार में फलने-फूलने के लिए आवश्यक उपकरणविशेषज्ञता और संसाधन हों। हमारी सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए और यह जानने के लिए कि FedEx आपके व्यवसाय को कैसे सशक्त बना सकता हैकृपया  FedEx शिपिंग सेवा साइट पर जाएं।