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अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी को उद्योग रत्न पुरस्कार

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Mumbai – मुंबई – अँधेरी के वर्सोवा आर्किड इंटरनेशनल स्कूल में वाग्धारा द्वारा आयोजित उद्योग रत्न सम्मान समारोह में अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी को उद्योग रत्न पुरस्कार से महाराष्ट्र में उद्योग मंत्री श्री नारायण राणे के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है। इस समारोह में ‘ वेस्ट बंगाल के राज्य मंत्री श्रीकांत महतो , शालिनी ठाकरे , फ़िल्मकार राज बुंदेला ,अभिनेता कारन राजदान आदि मौजूद थे।
इस सम्मान को पा कर अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी के प्रबंधक धीरज यादव कहते है कि -”  हमारे लिए यह बहुत ही गौरव का विषय है कि पूरे भारत में MSME के तहत आयोजित कार्यक्रम में एग्रो फ्रूट इंडस्ट्री में से केवल 30 कंपनियों का ही चयन हुआ है जिसमें से अमृतांजलि आयुर्वेद एक है .
अमृतांजलि आयुर्वेद एक प्रतिष्ठित कंपनी है जो कि आयुर्वेद हब्स जैसे कि अश्वगंधा सर्पगंधा शतावरी मोरिंगा एलोवेरा आदि जड़ी बूटियां को उगाकर उनका उत्पाद बनाती है
अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी विगत कई वर्षों से कृषि जगत में अपनी सेवा प्रदान करती आ रही है विगत कई वर्षों से किसानों को खेती की नई-नई तकनीकी जानकारी देना साथी किसानों से जो उनकी फसल का उत्पादन आता है उसे बाजार में न बचकर स्वयं का उद्योग लगाने के लिए एवं सफल कार्यशालाओं का भी आयोजन करती आ रही है अमृतांजलि आयुर्वेद द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने और उन्हें एक उद्यमी बनने में उनकी मदद करती है .
अमृतांजलि आयुर्वेद युवा पीढ़ी को स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने एवं उन्हें प्रेरित करने के लिए उन्हें कच्चा माल सही रेट में उपलब्ध करवाती है तथा उन्हें मशीनों की सही जानकारी प्रदान करती है .

हार के बाद गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा:मेवाराम जैन को 22 माह पहले बनाया था अध्यक्ष

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विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के साथ ही आयोग के बनाए अध्यक्षों ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं। मेवाराम जैन ने चुनाव हारने के बाद राजस्थान गौ सेवा आयोग पद से इस्तीफा सीएम को भेज दिया। आपको बता दें कि तीन बार के विधायक मेवाराम जैन चौथी बार बाड़मेर से चुनाव लड़ रहे थे। निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. प्रियंका चौधरी ने उनको हरा दिया। इसके बाद जैन ने राजस्थान गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

उत्तराखण्ड बना सर्वाधिक जीआई प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला प्रथम राज्य

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4 दिसम्बर 2023, सोमवार ,देहरादून अब तक राज्य में कुल 27 उत्पादों को मिल चुका है जीआई टैग।
देहरादून ,4 दिसम्बर ,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में 18 जीआई प्रमाण पत्रों का वितरण किया। इसके साथ ही उत्तराखण्ड देश का वह पहला राज्य बन गया है, जिसे एक दिन में सबसे अधिक 18 जीआई प्रमाण पत्र मिले हैं।
विदित हो अब तक उत्तराखण्ड के कुल 27 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। राज्य को जो 18 नये जी.आई प्रमाण पत्र मिले हैं उनमें उत्तराखण्ड की चौलाई, झंगोरा, मंडुआ(कौदा ), लाल चावल, अल्मोड़ा लखोरी मिर्च, बेरीनाग चाय, बुराँश शरबत, रामनगर नैनीताल लीची, रामगढ़ आडू, माल्टा, पहाड़ी तोर, गहथ , काला भट्ट, बिच्छूबूटी फैब्रिक, नैनीताल मोमबत्ती, कुमांऊनी रंगवाली पिछोड़ा, चमोली रम्माण मास्क तथा लिखाई वुड कार्विंग शामिल हैं। उत्तराखण्ड के नौ उत्पादों तेजपात, बासमती चावल, ऐपण आर्ट, मुनस्यारी का सफेद राजमा, रिंगाल क्राफ्ट, थुलमा, भोटिया दन, च्यूरा ऑयल तथा ताम्र उत्पाद को पहले ही जी.आई टैग प्राप्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच के कारण ही आज भारत सरकार से उत्तराखंड के 18 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक टैग युक्त प्रमाण पत्र मिल पाए हैं। जिन उत्पादों को जीआई टैग प्रमाण पत्र प्रदान किये गये, उनके उत्पादकों को भी मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक है। 2003 में जीआई कानून बनने से लेकर 2023 तक के बीस वर्षों के सफर में पहली बार एक दिन में, एक साथ किसी राज्य के 18 उत्पादों को जीआई प्रमाण पत्र निर्गत किये गए हैं। इस उपलब्धि से उत्तराखंड के पहाड़ी व्यंजनों के साथ ही कई अन्य वस्तुओं तथा इनसे संबंधित कलाकारों को काफी लाभ होने के साथ ही दुनियाभर में उत्तराखंड को अलग पहचान मिलेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जीआई टैग युक्त उत्तराखण्ड के उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने के प्रयासों को इससे और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सभी जिलों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना पर राज्य में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत बाजार में मांग के अनुरूप कौशल विकास, डिजाइन, रॉ मैटेरियल, नई तकनीक आदि के आधार पर प्रत्येक जिले में दो उत्पादों का विकास किया जा रहा है। उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में वहां के स्थानीय उत्पादों को पहचान कर उनके अनुरूप परंपरागत उद्योगों का विकास करना योजना का मुख्य उद्देश्य है। इस योजना से स्थानीय काश्तकारों एवं शिल्पकारों के लिए जहां एक ओर स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हर जिले के स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए आज का दिन बेहद हर्ष का दिन है। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड के मोटे अनाज मण्डुआ, झंगोरा, लाल चावल सहित 18 उत्पादों को एक साथ भौगोलिक सकेंतक (जीआई टैग) प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर भारत तथा लोकल फॉर ग्लोबल अभियान को बढ़ावा देने एवं श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए जो मार्ग दर्शन दिये गये हैं, उसके अनुरूप प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जीआई के लिए प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राज्य को एक साथ 18 उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त हुए हैं जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तराखण्ड के 09 उत्पादों को जीआई टैग पहले ही मिल चुका है। कृषि मंत्री ने कहा कि 12 से 18 जनवरी 2024 तक एक सप्ताह का देहरादून में प्रदेश स्तरीय जी.आई महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड मण्डी परिषद एवं विपणन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू, प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार भाष्कर खुल्बे, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, पद्मश्री एंव जीआई विशेषज्ञ रजनीकांत, महानिदेशक कृषि रणवीर सिंह चौहान तथा वर्चुअल माध्यम से भारत सरकार के महानियंत्रक प्रो. उन्नत पी. पंडित उपस्थित थे।

ई बुक ‘‘ मेरी योजना’’ पुस्तक का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया विमोचन

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4 दिसम्बर 2023,सोमवार,देहरादून
संजय बलोदी प्रखऱ
मीडिया समन्वयक उत्तराखण्ड प्रदेश

देहरादून, 4 दिसम्बर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड शासन द्वारा ई. बुक के रूप में तैयार की गई पुस्तक ‘‘ मेरी योजना’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आम जनता के हित में लागू की जाने वाली विभिन्न योजनाओं को पुस्तक के माध्यम से सरल भाषा में व्यक्त किया गया है। इससे जन सामान्य को जनहितकारी योजनाओं को सरलता से समझने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जनप्रतिनिधियों तथा सामान्य जनमानस के साथ-साथ अधिकारिगणों एवं कार्मिकों के लिए भी उपयोगी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया की जानकारी,,,, आवेदन कैसे और कहां करना है,, ? एवं योजनाओं की पात्रता/चयन प्रक्रिया क्या है तथा आवेदन हेतु किन-किन आवश्यक दस्तावेजों की आवश्यकता रहती है ? इससे संबंधित जानकारी का समावेश किया जाना निश्चित रूप से सभी के लिए उपयोगी रहेगा।

सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार के अनुसार इस पुस्तक को प्रकाशित करने का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को जनकल्याणकारी, स्वरोजगारपरक, रोजगारपरक, कौशल विकास, प्रशिक्षणपरक एवं निवेशपरक योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराना है।
इस पुस्तक में लगभग 55 विभागों, संस्थाओं, संगठनों, बोर्ड, प्राधिकरण, एजेंसियों एवं आयोगों की लगभग 400 योजनाओं, नीतियों, कार्यक्रमों के मूलभूत सेवाओं , प्रमाणपत्रों, पोर्टल का समावेश किया गया है। इससे
राज्य सरकार के सभी विभागों द्वारा सर्व जन-सामान्य के हित में संचालित की जाने वाली योजनाओं की जानकारी इस पुस्तक के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर कार्यक्रम क्रियान्वयन, संबंधित विभागों के अधिकारी सहित अन्य महानुभाव भी उपस्थित थे।

Election Results 2023 पीएम मोदी गारंटी पर तीनों राज्यों के मतदाताओं ने जताया भरोसा, तीन राज्यों में खिला कमल , आज आएंगे मिजोरम के नतीजे

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Assembly Election Result 2023 चुनावी अनुमानों से आगे निकलते हुए भाजपा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगभग दो तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी की है। वहीं राजस्थान में भाजपा ने रिवाज नहीं बदलने दिया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी कांग्रेस को करारी पराजय से नहीं बचा पाई। आज मिजोरम के नतीजे आएंगे देखना है कि इनमें कौन पार्टी बाजी मारती है।

भाजपा ने अगले लोकसभा चुनाव से पहले ¨हदी पट्टी के तीन बड़े राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बड़ी जीत के साथ 2024 के महासंग्राम के लिए अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। वहीं, उत्तर भारत के राज्यों में करारी शिकस्त से मायूस कांग्रेस को दक्षिणी राज्य तेलंगाना में जीत का सहारा मिला है, जहां पार्टी ने के. चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति के 10 वर्षों के शासन का अंत कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में लगभग दो तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी की है

चुनावी अनुमानों से आगे निकलते हुए भाजपा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगभग दो तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी की है। वहीं, राजस्थान में भाजपा ने रिवाज नहीं बदलने दिया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जादूगरी कांग्रेस को करारी पराजय से नहीं बचा पाई। लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे इन चुनावों के नतीजों ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस ही नहीं, उसकी अगुआई वाले विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के लिए फाइनल की राह बेहद चुनौतीपूर्ण है। उसे जनता की नब्ज पकड़ने के लिए अपनी रीति-नीति के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता का विकल्प तलाशने के लिए अभी भारी मशक्कत करनी पड़ेगी।

भाजपा ने चुनावी परिणामों का पूरा सेहरा तत्काल प्रधानमंत्री मोदी के सिर बांधकर विपक्ष की चुनौतियों और बढ़ाने में देर भी नहीं लगाई। मिजोरम के नतीजे सोमवार को आएंगे, मगर रविवार को चार राज्यों के परिणाम में भाजपा ने 3-1 की बढ़त लेकर आम चुनाव के लिए अपनी राजनीति को मजबूत आधार पहले ही दे दिया है।भाजपा के लिए ¨हदी पट्टी के तीन अहम राज्यों में जीत इस लिहाज से भी बड़ी है कि इसमें राजस्थान और छत्तीसगढ़ में उसने कांग्रेस से सत्ता छीन ली है। वहीं, मध्य प्रदेश में कमल नाथ चौतरफा खिले कमल की आंधी को भांप नहीं पाए और भाजपा ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीटें हासिल कर कांग्रेस की लुटिया डूबो दी।

साल 2018 के चुनाव में भाजपा को परास्त करने वाली कांग्रेस इस बार अपनी सीटों का आंकड़ा 66 से आगे नहीं बढ़ा पाई। राजस्थान में हर पांच वर्ष में सत्ता बदलने का रिवाज इस बार पलटने का जादू दिखाने का अशोक गहलोत का दावा हवा-हवाई निकला। भाजपा ने 199 सीटों पर हुए चुनाव में 115 सीटें हासिल कर आसानी से पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया, कांग्रेस 69 सीटों पर ही सिमटकर रह गई। सस्ते रसोई गैस सिलेंडर, महंगाई राहत किट से लेकर चिरंजीवी हेल्थ स्कीम, ओल्ड पेंशन स्कीम और मुफ्त बिजली के वादे भी गहलोत को हार से नहीं बचा पाए।

इसकी तुलना में भाजपा के कुछ ऐसे ही मिलते-जुलते वादों को लेकर पीएम मोदी की गारंटी पर तीनों राज्यों के मतदाताओं ने ज्यादा भरोसा जताया। मोदी की लोकप्रियता, महिला वोटरों के अधिक समर्थन, भाजपा की संगठनात्मक और अंतिम समय तक हार नहीं मानने की रणनीति के दम पर भाजपा ने तीनों राज्यों में कांग्रेस के अति आत्मविश्वास को ध्वस्त कर दिया।छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार अप्रत्याशित इसलिए भी रही क्योंकि न पार्टी ने इसकी कल्पना की थी, न ही तमाम एक्जिट पोल में भाजपा की जीत का अनुमान लगाया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता के दावे को झुठलाते हुए भाजपा ने राज्य की 90 में से 54 सीटें जीतकर दमदार बहुमत से पांच वर्ष बाद सत्ता में वापसी की है तो पिछले चुनाव में करीब तीन चौथाई सीटें जीतने वाली कांग्रेस को केवल 35 सीटें ही मिल पाईं। छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस की पूरे उत्तर भारत में अब केवल हिमाचल प्रदेश में सरकार है।

12 राज्यों में भाजपा की सरकार

जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा को मिलाकर अब हिंदी पट्टी के छह राज्यों समेत कुल 12 राज्यों में भाजपा की सरकार है। जबकि कांग्रेस की अपने दम पर केवल तीन राज्यों कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में सरकार होगी।

तेलंगाना की शानदार जीत ने कांग्रेस को राहत तो दी, मगर तीन राज्यों की हार ने इस कामयाबी का जश्न मनाने के मौके से महरूम कर दिया। कांग्रेस ने अपने चुनावी नैरेटिव और स्थानीय चेहरे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी की लोकप्रियता के दम पर तेलंगाना में केसीआर की अगुआई वाले बीआरएस के लगातार तीसरी पारी के सपनों को चकनाचूर कर स्पष्ट बहुमत से सत्ता हासिल कर ली। तेलंगाना राज्य के गठन के बाद कांग्रेस पहली बार 119 सदस्यीय विधानसभा में 64 सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रही है। रेवंत रेड्डी स्वाभाविक रूप से तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। तेलंगाना में कांग्रेस की जीत के विशेष मायने हैं क्योंकि कुछ महीने पहले तक पार्टी प्रदेश में भाजपा से नीचे तीसरे पायदान पर आंकी जा रही थी।

लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश के नेताओं से मिलकर साझी संगठनात्मक और राजनीतिक रणनीति से केसीआर को चित कर दिया। तेलंगाना में पार्टी की सफलता इस बात का भी साफ संकेत है कि दक्षिण के राज्यों में कांग्रेस यह राजनीतिक संदेश देने में कामयाब हो रही है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा से मुकाबला करने में वही सक्षम है। छह महीने पहले कर्नाटक में मिली जीत के बाद तेलंगाना के नतीजे कम से कम दक्षिण भारत में कांग्रेस की पैठ कायम रहने की ओर भी इशारा कर रहे हैं।

आज महाराष्ट्र दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, राजकोट में शिवाजी महाराज की मूर्ति का करेंगे अनावरण

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PM Modi Maharashtra Visit: आज महाराष्ट्र दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, राजकोट में शिवाजी महाराज की मूर्ति का करेंगे अनावरण

PM Modi Maharashtra Visit पीएमओ द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक पीएम मोदी राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण करेंगे। गौरतलब है आज महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग किले में नौसेना दिवस मनाया जाएगा। इस किले की नींव सन् 1664 में मराठा राजा शिवाजी महाराज ने सिंधुदुर्ग जिले के मालवन तालुका के पास अरब सागर में एक द्वीप पर रखी थी।

एजेंसी, नई दिल्ली। देश में हुए पांच विधानसभा चुनाव में चार के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। इनमें तीन राज्यों में भाजपा ने जीत अख्तियार की है। इसी क्रम में विधानसभा चुनाव के बाद आज पीएम महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग का दौरा करेंगे।

पीएमओ द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पीएम मोदी राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण करेंगे। गौरतलब है आज महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग किले में नौसेना दिवस मनाया जाएगा। इस किले की नींव सन् 1664 में मराठा राजा शिवाजी महाराज ने सिंधुदुर्ग जिले के मालवन तालुका के पास अरब सागर में एक द्वीप पर रखी थी।

एक्स पर एएनआई के पोस्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 दिसंबर को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। वह शाम करीब 4:15 बजे प्रधानमंत्री महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग पहुंचेंगे और राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद पीएम सिंधुदुर्ग में ‘नौसेना दिवस 2023’ समारोह के कार्यक्रम में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री तारकरली समुद्र तट, सिंधुदुर्ग से भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों के ‘ऑपरेशनल प्रदर्शन’ को भी देखेंगे।

रक्षा मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्रालय ने प्रदर्शन लोगों को भारतीय नौसेना द्वारा किए गए बहु-डोमेन अभियानों के विभिन्न पहलुओं को देखने का अवसर प्रदान करते हैं। इसमें कहा गया, “यह जनता के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति नौसेना के योगदान को उजागर करता है, साथ ही नागरिकों के बीच समुद्री जागरूकता की भी शुरुआत करता है।\

तेलंगाना में बीजेपी कैंडिडेट रमन्नारेड्डी ने किया बड़ा उलटफेर, सीएम केसीआर और ‘रेवंत रेड्डी’ दोनों को हराया

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Telangana Assembly Elections Result 2023: तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस राज्य में पहली बार सरकार बना रही है. सत्तारूढ़ दल भारतीय राष्ट्रीय समीति (BRS) ने 30 सीटों में जीत हासिल की है. वहीं, नौ सीटों में आगे है. कांग्रेस ने 52 सीट जीत ली है और 12 सीटों पर लीड कर रही है. बीजेपी ने सात सीटों में जीत हासिल की है. एक सीट में लीड कर रही है. हालांकि, कमाररेड्डी विधानसभा सीट पर बीजेपी के कैंडिडेट के.वी रमन्नारेड्डी ने बड़ा उलटफेर किया है.

सुबह गिनती शुरू होने के बाद से ही कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले. शुरुआत में बीजेपी प्रत्याशी ने बढ़त बना ली थी. इसके बाद रेवंत रेड्डी आगे रहे। कुछ राउंड में केसीआर भी आगे चल रहे थे. लेकिन जब वोटों की गिनती खत्म हुई तो नाटकीय अंदाज में बीजेपी के वेंकट रमना रेड्डी जीत गए. वो यहां के स्थानीय नेता माने जाते हैं. केसीआर जहां अविभाजित मेडक जिले से हैं, वहीं रेवंत रेड्डी अविभाजित महबूबनगर जिले से आते हैं.गौरतलब है कि केसीआर और रेवंत रेड्डी दोनों क्रमशः अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र गजवेल और कोडंगल से चुने गए हैं। जहां केसीआर लगातार तीसरी बार गजवेल से चुने गए, वहीं रेवंत रेड्डी कोडंगल में विजयी हुए हैं.

 

5वें बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड 2023 से सम्मानित हुए धीरज कुमार, एसीपी संजय पाटिल, दीपक सावंत, सिंगर ऋतु पाठक व के.के. गोस्वामी

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मुम्बई। केसीएफ द्वारा आयोजित 5 वाँ बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड 2023 का आयोजन मेयर हॉल अंधेरी मुम्बई में सम्पन्न हुआ। उसी अवसर पर फिल्म व टीवी के प्रसिद्ध निर्माता निर्देशक अभिनेता धीरज कुमार, एसीपी संजय पाटिल, अमिताभ बच्चन के मेकअपमैन दीपक सावंत, जलेबी बाई गीत फेम सिंगर ऋतु पाठक, के के गोस्वामी, अभिनेता संजय गांधी, टीवी सीरियल निर्देशक रंजन सिंह, वरिष्ठ अभिनेता रमेश गोयल इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित हुए। सीनियर एक्टर रमेश गोयल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया।
इस अवार्ड शो के आयोजक कृष्णा चौहान फाउंडेशन (केसीएफ) के संस्थापक डॉ. कृष्णा चौहान हैं जो पिछले पांच वर्षों से लगातार इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित कर रहे हैं। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बॉलीवुड से जुड़े कलाकार, टेक्नीशियन, फिल्म पत्रकार व फोटोग्राफर अवार्ड शो में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के हाथों सम्मानित हुए।


पुरस्कार समारोह में डॉ मुस्तफा यूसुफ अली गोम, पूजा पाण्डेय, दीपक देसाई, दिव्या पंडित, जीत कपूर, रंजन कुमार, निर्माता विनायक पाटिल, नितिन सोलंकी, मनजीत सिंह कोहली, योगेश लखानी (ब्राइट आउटडोर मीडिया), पूनम गिरी, शिव शंकर शर्मा, राजू टांक, पीके गुप्ता, मंगेश सिंगर, संजय शर्मा अमान को भी बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड 2023 से सम्मानित हुए।
पार्श्व गायिका रितु पाठक, गायक मंगेश और एसीपी संजय पाटिल ने कार्यक्रम में अपनी गायकी से अतिथियों की वाहवाही लूटी। वहीं कार्यक्रम का सकुशल संचालन संजय शर्मा अमान ने किया।
बता दें कि डॉ कृष्णा चौहान 20 वर्षो से सिनेमा के क्षेत्र में फिल्ममेकर के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्य भी करते रहते हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने न सिर्फ जरूरतमंदों को राशन वितरित किया बल्कि भगवत गीता भी लोगों को भेंट किया।
अपने सभी अवार्ड समारोह की तरह इस समारोह में भी फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ साथ डॉ कृष्णा चौहान ने इस बार भी कई पत्रकारों व फोटोग्राफर को सम्मानित किया।
बता दें कि डॉ कृष्णा चौहान अपनी अगली हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग भी जल्द शुरू करने वाले हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत है। डॉ कृष्णा चौहान न सिर्फ बॉलीवुड डायरेक्टर और सोशल वर्कर हैं बल्कि अवार्ड फंक्शन करने के मामले में हमेशा चर्चा में रहते हैं। एक अवार्ड फंक्शन सम्पन्न होते ही वह अपने अगले पुरस्कार समारोह की तैयारियों में लग जाते हैं।
डॉ कृष्णा चौहान 26 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2024 का आयोजन करने जा रहे हैं।

– संतोष साहू

जश्न अग्निहोत्री ‘कैसी ये डोर’ को लेकर उत्साहित

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जश्न अग्निहोत्री एक मॉडल और अभिनेत्री हैं। उन्होंने कई पंजाबी फिल्म, टीवी और प्रिंट विज्ञापन, वेबसीरिज और हिंदी फिल्मों में काम किया है और आगे भी कई प्रोजेक्ट कर रही हैं। उन्होंने कई म्यूजिक एल्बम में काम किया है। हाल ही में अभिनेता श्रेयस तलपड़े के साथ म्यूजिक एल्बम में भी नजर आई थी। उन्होंने श्रेयस तलपड़े के साथ काम करने पर अपना अनुभव बताया कि वह एक अनुभवी और परफेक्शनिस्ट अभिनेता है उन्हें अभिनय करते समय ज्यादा रीटेक की आवश्यकता नहीं पड़ती और अपने काम में भी वे माहिर हैं। ऐसे अनुभवी अभिनेता के साथ काम करना बेहद सुखद रहा और उनसे कुछ नया सीखने को मिला।
जश्न अग्निहोत्री मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार के एक गाने में दिख चुकी हैं।
अभी जल्द ही उनकी हिंदी फिल्म ‘कैसी ये डोर’ रिलीज होने वाली है। फिल्म का ट्रेलर लॉन्च हो चुका है। यह एक ऐसी फिल्म है जो रिलेशनशिप और परिवार का सही मतलब समझती है। इस फिल्म में जश्न का किरदार बहुत उम्दा है। फिल्म के शुरुआत में वह एक बबली, खुशमिजाज और यात्रा करने वाली शख्सियत होती है। यह फिल्म एक छोटे शहर पर आधारित है और फिल्म की कहानी के उतार चढ़ाव में उनके शख्सियत में बड़ा बदलाव आता है और अंत में वह समझदार और गंभीर हो जाती है उनके किरदार में कई शेड्स भी आते हैं। फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हुआ है। ठंड के दिनों में फिल्म की शूटिंग हुई जो बेहद रोमांचक रहा।


फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले जश्न एयर होस्टेस थी दिल्ली से मुंबई फ्लाइट में उनका आना जाना लगा रहता था। जश्न अग्निहोत्री बताती है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनेंगी लेकिन किस्मत ने उन्हें आज इस ओर खींच ही लिया। वह दिल्ली की रहने वाली है और बतौर एयर होस्टेस वह काम कर रही थी तभी दिल्ली से मुंबई की फ्लाइट में उनका लोगों से परिचय हुआ और उन्होंने सुझाव दिया कि वह अभिनय में अपनी किस्मत आजमाए। उनका सुझाव उन्हें पसंद आया और उन्होंने मुम्बई में आकर ऑडिशन दिया। मायानगरी उन्हें बेहद पसंद आई और कुछ समय पश्चात उन्होंने यही रहकर इसका हिस्सा बनने का निर्णय लिया। फिर मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया का हिस्सा बनी। जश्न को फिल्म देखना, पढ़ना और नई चीजों एवं भाषाओं को जानना बेहद पसंद है। उनके पसंदीदा अभिनेता शाहरुख खान और आमिर खान हैं। पंजाबी फिल्म ‘ठप्पा’ के लिए उन्होंने बेस्ट अभिनेत्री का अवार्ड मिल चुका है। इंदु यूएस कल्चरल एम्बेसडर का अवार्ड भी उन्हें मिला है। अवार्ड की फेहरिस्त में कई अवार्ड उनके नाम है।
जश्न का कहना है कि हमारी फिल्में लोगों को प्रभावित करती है, कही ना कही लोगों के जीवन पर हमारी फिल्मों का असर होता है। इसलिए वह ऐसे प्रभावी और अच्छे किरदार करना चाहती है जो लोगों को अच्छा संदेश दे और उनमें सकारात्मकता लाये।
जश्न का कहना है कि लोग अपनी फैमिली और संस्कृति से दूर हो रहे है। पहले जॉइंट फैमिली में रहना कितना सुखद होता था अपनी परम्परा और संस्कृति से लोग बंधे रहते थे लेकिन अब सब अपनों और अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं। इंसान को अपनी जड़ों की अहमियत कभी नहीं भूलनी चाहिए बाहरी दिखावा तो बस छलावा है जो एक दिन धूमिल हो जाएगा।

राष्ट्रपति ने पुणे के सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज को प्र‍ेसिडेंट कलर प्रदान किया

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New Delhi – राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने  पुणे में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज(एएफएमसी) को प्रेसिडेंट कलर प्रदान किया। उन्होंने कम्प्यूटेशनल मेडिसिन के लिए सशस्त्र बल केंद्र ‘प्रज्‍ना’ का भी वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि एएफएमसी ने चिकित्सा शिक्षा में उच्चतम मानक वाले संस्थान के रूप में प्रतिष्‍ठा प्राप्‍त की है। इस संस्थान के स्नातकों ने युद्ध, उग्रवाद विरोधी अभियानों, प्राकृतिक आपदाओं और महामारी का सामना करने में, देश के भीतर और हमारी राष्ट्रीय सीमाओं के बाहर अपनी समर्पित सेवा के माध्यम से देश को गौरवान्वित किया है।
राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्‍नता हुई कि एएफएमसी से स्नातक करने वाली कई महिला कैडेटों ने सशस्त्र बल चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उच्च पदों पर कार्य किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनसे प्रेरणा लेकर और अधिक महिलाएं सशस्त्र बलों में अपना करियर चुनेंगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रिसिजन मेडिसिन, 3डी प्रिंटिंग, टेलीमेडिसिन और अन्य प्रौद्योगिकियों का उपयोग देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएँ सैनिकों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य और युद्ध के लिए सदैव तैयार रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसलिए, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी तीनों सेनाओं के सभी कर्मियों का चिकित्सा उपचार उच्चतम स्तर का हो। उन्होंने एएफएमसी की टीम से चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान पर बल देने और नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि एएफएमसी की टीम अपने सभी कार्यों में उत्कृष्टता के लिए प्रयत्‍न करती रहेगी।