गौ माता के लिए हर विधानसभा में बनाया जाएगा रामाधाम, जगद्गुरू शंकराचार्य
मुरैना….देश में लगातार हो रही गौ हत्या एवं दयनीय हालत में विचरण कर रही गायों की दशा सुधारने के लिए जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने देश की प्रत्येक विधानसभा में रामाधाम बनाने की तैयारी की है। अल्प प्रवास पर मुरैना पधारे ज्योतिष पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने मुरैना रेस्ट हाउस पर गौसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस रामाधाम में गाय माता के शिष्टाचार के तहत सुखपूर्वक निवास करने के लिए उनकी सेवा करने के लिए हम लोगों ने संकल्प लिया है उसके अंतर्गत पहले चरण में इस साल के अंत तक भारत की सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक एक रामा धाम जिसमें 100 गाय सुखपूर्वक निवास करेगी प्रतिष्ठा पूर्वक निवास करेगी उनको निर्मित कर देने का वहां पर विराजमान कर देने हम लोगों ने लक्ष्य लिया है और आपके मुरैना संसदीय क्षेत्र है इसकी 8 विधानसभाए है उन विधानसभाओं में 8 रामाधाम पायलट प्रोजेक्ट के तहत निर्मित करने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया है हमारे गौ सांसद और विधायक आपके मुरैना के गौसांसद रुद्रदेव बजरंगी है जो गौसेवा और इस कार्य में लगातार लगे हुए है हमें अवगत कराते रहते हैं इनके नेतृत्व में मुरैना की सभी 8 विधानसभाओं में गौ विधायकों की नियुक्ति की जा रही है यहां कुछ गौ विधायक आए हुए भी है और 8 विधानसभाओं में 8 रामाधाम इस वर्ष के अंत तक बनाकरके और उसको संचालित करके उसमें जो कमी पेशी होगी उसको दूर करके हम लोग आगे बढ़ना चाहेंगे और यह कार्य हो जाता है तो अगले वर्ष और भी रामाधाम की स्थापना करते हुए जितनी भी हमारे देश में शुद्ध देशी नस्ल की हमारी वेद वर्णित गाय है उनका संरक्षण हम कर लेंगे क्योंकि ये किसी नेता के द्वारा कहा गया था बहुत चर्चित हुआ था हा कसाई गाय काटते जरूर हैं लेकिन उनको कसाई के हाथों में देता कौन है ऐसा कहकर नेताओं ने हम हिंदु आम हिन्दूओं के ऊपर जिम्मेदारी डाल दी थी कि तुम्ही दोषी हो
ठीक है तो हम गौमाता का संरक्षण करने के लिए भी व्यवस्था कर रहे है तो ये पायलट प्रोजेक्ट के तहत मुरैना संसदीय क्षेत्र के सभी 8 विधानसभा क्षेत्र में एक एक रामा धाम का निर्माण थोड़े दिनों में आरम्भ होगा। सभी गौ विधायक अपने अपने क्षेत्र में भूमि की प्राप्ति करेंगे भूमि चिन्हित करेंगे और उसके बाद जो उसका एस्टीमेट जो आएगा उसको निकालकर के जन सहयोग से रामाधाम की स्थापना करेंगे।
पहलगांव – किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे आतंकवादी
किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे आतंकवादी
(कुमार कृष्णन-विनायक फीचर्स)
पहलगांव हमले के जख्मों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बिहार दौरा सारे देश में चर्चित हो रहा है। जब पूरे देश से आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है,तब प्रधानमंत्री पर इस दौरे से राजनीतिक लाभ लेने के आरोप भी लगने लगे हैं। बिहार के मधुबनी के झंझारपुर की लोहना पंचायत में ‘पंचायती राज दिवस’ पर आयोजित आम सभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आतंकियों को यह कहकर ‘मिट्टी में मिलाने’ की धमकी दी कि ‘उन्होंने सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं वरन भारत पर हमला किया है।’ प्रधानमंत्री ने कहा – “22 अप्रैल को, जम्मू कश्मीर के पहलगाम में, आतंकियों ने मासूम देशवासियों को जिस बेरहमी से मारा है, उससे पूरा देश व्यथित है, कोटि-कोटि देशवासी दुखी है। सभी पीड़ित परिवारों के इस दुख में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। जिन परिवारजनों का अभी इलाज चल रहा है, वे जल्द स्वस्थ हों, इसके लिए भी सरकार हर प्रयास कर रही है। इस आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया, किसी ने अपना जीवन-साथी खोया है। उनमें से कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़ा बोलता था, कोई मराठी था, कोई ओड़िया था, कोई गुजराती था, कोई यहां बिहार का लाल था। आज उन सभी की मृत्यु पर करगिल से कन्याकुमारी तक हमारा दुख एक जैसा है, हमारा आक्रोश एक जैसा है। ये हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है, देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है। मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं, जिन्होंने ये हमला किया है, उन आतंकियों को, और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी, सजा मिल करके रहेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा-शक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।”
इस राज्य में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिये मोदी की इस सभा को चुनाव प्रचार का आगाज़ भी माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सभा से बिहार की 13,480 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने बिहार के मधुबनी में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मान्यता प्रदान करते हुए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान किए। वहीं प्रधानमंत्री ने बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ में लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत से रेल अनलोडिंग सुविधा वाले एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला रखी। इससे आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने और थोक एलपीजी परिवहन की दक्षता में सुधार करने में मदद मिलेगी। क्षेत्र में बिजली की आधारभूत संरचना को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ने 1,170 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी और पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत बिहार में बिजली क्षेत्र में 5,030 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। देश भर में रेल संपर्क बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री ने सहरसा और मुंबई के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस, जयनगर और पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल और पिपरा और सहरसा तथा सहरसा और समस्तीपुर के बीच ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने सुपौल पिपरा रेल लाइन, हसनपुर बिथान रेल लाइन और छपरा और बगहा में 2-लेन वाले दो रेल ओवर ब्रिज का भी उद्घाटन किया। उन्होंने खगड़िया-अलौली रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया। दावा है कि इन परियोजनाओं से संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा। प्रधानमंत्री ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत बिहार के 2 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के अंतर्गत लगभग 930 करोड़ रुपये का लाभ वितरित किया।
प्रधानमंत्री ने पीएमएवाई-ग्रामीण के 15 लाख नए लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे और देश भर के 10 लाख पीएमएवाई-जी लाभार्थियों को किस्तें जारी कीं। उन्होंने बिहार में 1 लाख पीएमएवाई-जी और 54,000 पीएमएवाई-यू घरों में गृह प्रवेश के अवसर पर कुछ लाभार्थियों को चाबियां भी सौंपीं।
बेशक यह सभा विकास कार्यों के शिलान्यास-उद्घाटन के लिये आयोजित की गयी थी और पहले से तय थी परन्तु पहलगाम हादसे के बाद भी इसे रद्द न करने से बात साफ़ हो गयी थी कि प्रधानमंत्री इस मंच से जनता के सामने अपनी बात रखेगें। सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर लौटे प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली हवाईअड्डे पर ही बैठक की और पाकिस्तान के खिलाफ़ कई फ़ैसले लिये लेकिन इसे लेकर न तो कोई अधिकृत बयान दिया, न ही कोई जनता को संदेश। सोशल मीडिया में बुधवार से ही यह बात घूमने लगी थी कि ‘प्रधानमंत्री पाकिस्तान को कड़ा संदेश बिहार की धरती से देंगे।’ यह सचमुच आश्चर्यजनक था कि अंतरराष्ट्रीय महत्व की इस बड़ी घटना के बारे में कुछ कहने के लिये उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली को नहीं चुना, न ही संसद में या सर्वदलीय बैठक में चेतावनी देना पसंद किया। जबकि रेडियो- टीवी पर वे देशवासियों को सम्बोधित कर सकते थे।
इन अनुमानों को मोदीजी ने गलत साबित नहीं होने दिया। सभा में उन्होंने आतंकियों के हाथों मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिये सभी से दो मिनट का मौन धारण कराया तथा उनके परिजनों को यह कहकर सांत्वना दी कि ‘देश उनके साथ है।’ फिर इस घटना का ज़िक्र करते हुए आतंकियों को चेतावनी दी कि ‘उनकी बची-खुची ज़मीन भी ख़त्म कर दी जायेगी।’ उन्होंने ऐलान किया कि ‘अब उन्हें मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। जिन आतंकियों ने देश की आत्मा को चोट पहुंचाई है उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।’
देश भर से इस घटना को लेकर समर्थन मांगने की कोशिश में मोदीजी ने इस बात को रेखांकित किया कि ‘हमले में किसी ने बेटा खोया, तो किसी ने भाई। किसी ने अपना जीवन साथी खोया है। उनमें कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़ बोलता था, कोई मराठी था, कोई ओड़िया था, कोई गुजराती था तो कोई यहां बिहार का लाल था।’ भावुकता की रौ में बहे मोदीजी दुख और गुस्सा दोनों का इज़हार करते नज़र आये। उन्होंने कहा कि ‘पहलगाम में आतंकियों ने मासूम लोगों को जिस बेरहमी से मारा है उससे करोड़ों देशवासी दुखी हैं। सभी पीड़ित परिवारों के इस दुख में पूरा देश उनके साथ है। उन्होंने कहा-‘मैं बिहार की धरती से पूरी दुनिया को कहना चाहता हूं कि भारत सभी आतंकियों की पहचान कर उन्हें सजा देगी। इस तरह के हमले से आतंकी देश के मनोबल को नहीं तोड़ सकेंगे। आतंकी हमले के बाद अब न्याय दिलाने के लिए भारत सब कुछ करेगा। जो लोग मानवता में विश्वास करते हैं वे हमारे साथ हैं।’
मोदीजी ने आतंकी घटना के लिये सीधे-सीधे पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन यह ज़रूर कहा कि ‘140 करोड़ भारतीयों की इच्छा शक्ति ‘आतंक के आकाओं’ की कमर तोड़ देगी।’ फिर भी, उनकी रैली में ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए गए जो इस बात का इशारा है कि हमलावरों का मददगार कौन है या कम से कम किसे समझा जा रहा है।
मधुबनी की सभा से यह संकेत निकला है कि भारतीय जनता पार्टी को बिहार चुनाव के लिये एक मुद्दा मिल गया है।
भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “प्रधानमंत्री ने आज बिहार से एक कड़ा संदेश दिया है। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने पाकिस्तान की पानी तक पहुंच बंद कर दी है। पाकिस्तान अब प्यासा रहेगा और परेशान रहेगा, जिस तरह से उन्होंने हमारे लोगों के साथ खूनी खेल खेला है। उसी तरह हम पाकिस्तानियों को पानी न देकर उन्हें तड़पाएंगे। सीमा सील कर दी गई है और पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। आज बिहार से जो बात निकली है, वो दूर तक जाएगी।” शहनवाज ने आगे कहा कि, “प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि ऐसी सजा देंगे, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। साथ ही आतंकवादियों को नेस्तनाबूद किया जाएगा और प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान से इस बात को साफ कर दिया है। कश्मीर आतंकी हमले को भारतीय मुसलमानों से जोड़ना एक गंभीर साजिश है। पहलगाम में जिन्होंने ये हमला किया है, वो पाकिस्तानी थे और भारत के अंदर 140 करोड़ देशवासी इस हमले के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हैं। पाकिस्तान ने संदेश दिया कि वो हमें धर्म के नाम पर बांट देगा, लेकिन मैं बता देना चाहता हूं कि हम धर्म के नाम पर न बंटे हैं और न बंटेंगे।”शहनवाज हुसैन ने कहा, “हमारी पूजा पद्धति भले ही अलग-अलग हो, लेकिन हम सभी एक साथ खड़े हैं।
वहीं बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पहलगाम आतंकी हमले में इंटेलिजेंस को असफल बताया। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि पहलगाम हाई सिक्योरिटी जोन में है और अगर हाई सिक्योरिटी जोन में आतंकवादी 20 मिनट रहते हैं तो पर्यटकों की सुरक्षा का इंतजाम क्यों नहीं किए गए? वह हाई सिक्योरिटी जोन है। अब तक कई आतंकी घटनाएं हुई हैं, कई लोगों की जानें गई हैं, इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश की सभी विपक्षी पार्टियों के खिलाफ जांच एजेंसियां लगाई जाती हैं, इन आतंकियों के खिलाफ कोई एजेंसी क्यों नहीं लगती? इंटेलिजेंस फेल है। इस बड़ी लापरवाही की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरहद पार से आतंकी आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने बिहार के श्रमिकों की हत्या की,उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? सरहद पार से आतंकी देश में आ रहे हैं, यह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है और बहुत बड़ा सिक्योरिटी लैप्स है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पहलगाम की घटना को लेकर भाजपा और कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देश, लोकतंत्र और मानवता के लिए घातक है, जिसकी महागठबंधन निंदा करता है।
कुल मिलाकर बिहार में पहलगाम चुनावी मुद्दा तो बनाया जा रहा है लेकिन प्रश्न यही है कि क्या यह मुद्दा बिहार में छह महीने तक जीवित रहेगा और इससे भी बड़ा प्रश्न यह है कि क्या पहलगाम के पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा और क्रूरतम आतंकवाद की ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति अब नहीं होगी?(विनायक फीचर्स)
पाकिस्तान का पूरा नामो-निशान मिटा दो -विश्व हिंदू परिषद
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार यानी 22 अप्रैल को जो घटना हुई उसके बाद से लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। पहगाम के एक पर्यटन स्थल पर कुछ आतंकी पहुंचे और वहां पर घूमने आए लोगों पर गोलियां चला दी। उन्होंने वहां घूमने पहुंचे लोगों से पहले उनका धर्म पूछा और उसके बाद उन पर गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना में 26 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद से लोगों की मांग सिर्फ यही है कि हिंदुस्तान पाकिस्तान से इस घटना का बदला ले। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद और उनके सहयोगी संगठनों ने नागपुर में उग्र पदर्शन किया।
आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन
पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर जो कायराना हमला किया उसके बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। नागपुर के बडकस चौक पर विश्व हिंदू परिषद, RSS और बजरंग दल जैसे तमाम संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक उग्र पदर्शन किया। सभी लोगों की सिर्फ एक ही मांग है कि इस भारत इस हमले का बदला पाकिस्तान से ले और उसे ऐसा सबक सिखाए कि पाकिस्तान दोबारा ऐसा कुछ करने की हिम्मत न करे।
अमोल ठाकरे ने क्या कहा?
उग्र प्रदर्शन करते हुए विश्व हिंदू परिषद के नागपुर महानगर के प्रमुख अमोल ठाकरे ने कहा, ‘ये जो घटना हुई है उसका किन शब्दों में हम विरोध करें, वो शब्द हमारे पास नहीं हैं। कश्मीर की घाटियों में इससे पहले भी घटनाएं हुई हैं, अमरनाथ की यात्रियों पर भी इन्होंने गोलियां चलाई थी मगर इन्होंने कल धर्म पूछकर गोलियां मारी है। अगर ये धर्म पूछकर गोलियां चलाते हैं तो हिंदू शांत नहीं बैठेगा, ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए हम तैयार हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और आदरणीय राष्ट्रपति से यह मांग करते हैं कि आप पाकिस्तान के साथ एक बार कुछ ऐसा करो कि पाकिस्तान की 70 पीढ़ियां याद करें और भारत में कहीं पर भी ऐसी आतंकी घटना करने से पहले 100 बार सोचें। जैसे 2 बार सर्जिटल स्ट्राइक की थी, अब तीसरी बार में उनका पूरा नक्शा नाबूद कर दो। विश्व के पटल से पाकिस्तान का पूरा नामों निशान मिटा दो।’
IPS बन गया बकरियां चराने वाला का बेटा
कोल्हापुरः महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तहसील के यमगे गांव के एक धनगढ़ के बेटे ने कमाल कर दिया है। बिरुदेव सिद्धाप्पा ढोणे ने अपने पहले ही अटेम्ट में यूपीएससी की एक्जाम को क्रैक कर दिया है। खंभे पर कंबल, सर पर गांधी टोपी.. हाथ में लकड़ी औऱ पैरों ये बड़ी बड़ी धनगढ़ी चप्पलें पहनकर धूप में बकरी चराने के लिए भटकने वाले धनगढ़ का बेटा यूपीएससी की परीक्षा पास हुआ और उसने 551 वी रैंक पाई है।
बिरुदेव को मिली 551वी रैंक
अपने मामा के गांव में एक दोस्त जोर-जोर से चिल्लाते हुए आया और उसने बिरुदेव से कहा कि बिरुदेव तुम यूपीएससी की परीक्षा पास हो गए हो। अनपढ़ मां बाप वहीं पर थे। उन्हें अपना बेटा साहब बन गया है। इतना ही समझ में आया और बिरुदेव के साथ उसके मां-बाप और परिजन खुशी से झूम उठे। बिरुदेव यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाला कागल तहसील का पहला छात्र है। बिरुदेव ने 2024 में केंद्रीय लोकसेवा आयोग की परीक्षा दी थी। उम्र की 27वीं आयु में पहले ही अटेम्ट में बिरुदेव 551 वी रैंक से यह परीक्षा क्रैक कर गया है।
इस तरह पैदा हुआ जुनून
दरअसल बिरुदेव का मोबाइल गुम हुआ था और वह पुलिस थाने में शिकायत करने के लिए गया तो पुलिस ने उसकी मदद नहीं मिली। वहीं पर बिरुदेव ने ठान लिया कि वह आईपीएस ऑफिसर बनेगा और बिरुदेव दिन रात मेहनत करते हुए रोजाना 22 घंटे पढ़ाई करता रहा। उसने यूपीएससी की पढ़ाई के लिए दिल्ली में डेरा डाला और मां बाप का नाम रोशन किया। दसवीं और बारहवीं कक्षा में कागल तहसील के मुरगुड केंद्र में बिरुदेव अव्वल नंबर से पास हुआ और पुणे के सिओईपी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने के लिए दाखिल हुआ।
गरीब है बिरुदेव का परिवार
बिरुदेव के पिता सिद्धापा ढ़ोने भी बारहवीं कक्षा तक पढ़े हैं लेकिन उसके बाद अपना बकरियों को चराने का पारंपरिक व्यवसाय करते हुए उन्होंने जिंदगी बसर कर दी। बिरुदेव को बड़ा ऑफिसर बनाने का सपना देखा। जब बिरुदेव दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी के लिए गया तो उसके पिता उसको बड़े कष्ट उठाकर 10 से 12 हजार रुपये भेजते। उतनी रकम में बिरुदेव गुजारा कर लेता। बिरुदेव ने कहा कि उसके पिता कई बार अलग नौकरी करने की सलाह देते रहे लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा और आखिरकार वह आईपीएस ऑफिसर बन गया।
रिपोर्ट- समीर मुजावर, कोल्हापुर
गोबर और गौमूत्र ने कर दिखाया कमाल!
खंडवा. खंडवा जिले के ग्राम आनंदपुर खैगांव में किसान ने कुछ ही दिनों में गौ खाद तैयार करके हजारों रुपए की बचत की हैं. कभी-कभी जैविक खाद को तैयार करने में भी कुछ महीनों का समय लगता है, लेकिन किसान ने अपने बाड़े में महज़ कुछ ही दिनों में गौ खाद तैयार करके फसलों को देना शुरू कर दिया. यह गौ खाद हर हफ़्ते तैयार हो जाती है और यह पके हुए खाद से 50 फीसदी ज्यादा असर करती है, क्योंकि इस खाद में गौ मूत्र भी मिला होता है. इस खाद को अलग से तैयार नहीं करना पड़ता है. किसान ललित शंकर ने बताया की गोशाला के बाड़े में 10 से 15 गाय बंधी रहती है. यह सभी गाय यही पर मल मूत्र करती रहती है जिससे एक ही स्थान पर गोबर की खाद इकट्ठा होती रहती है एक हफ़्ते बाद सभी इक्कठा हुए गोबर को सीधा खेत में डाल दिया जाता है. इस खाद से फसल पर तुरंत असर देखने को मिलता है.
फसलों पर किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं लगती है और साथ में खेत की मिट्टी भी उपजाऊ होती है जिसके कई सारे फायदे देखने को मिलते है. इस खाद को तैयार होने में सिर्फ़ एक हफ़्ते का समय लगता है इस गौ खाद की सबसे बड़ी खासियत यह होती है की इसमें प्रचुर मात्रा में गौ मूत्र भी मिला होता है, जिससे इस खाद की गुणवत्ता और भी बढ़ जाती है.
जानकारी के लिए आपको बता दे की गौ मूत्र को फ़सल के लिए राम बाण माना जाता है. इसमें कई सारे ऐसे तत्व होते है, जो फसल को किसी भी प्रकार के वायरस से बचाता है और उत्पादन बढ़ाने में भी काफी मदद करता है. जैविक पद्धति में भी गौ मूत्र का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है. इसके साथ ही गाय के गोबर को भी भूमि के लिए संजीवनी की तरह माना जाता है. इसलिए इस गौ खाद का इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया जाता है. इस गौ खाद की काफ़ी डिमांड होती है,क्योंकि इसे यह जैविक पद्धति में काफ़ी उपयोग किया जाता है.
आखिर क्यों हुआ पहलगाम पर आतंकी हमला*
“गऊ भारत भारती” के गौ माता विशेषांक का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के करकमलों से भव्य विमोचन
मुंबई: भारत के पहले गौवंश आधारित राष्ट्रीय समाचारपत्र “गऊ भारत भारती” द्वारा प्रकाशित गौ माता विशेषांक का विमोचन महाराष्ट्र राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
इस विशेष अवसर पर प्रतिष्ठित लेखक मुस्तफा गोम, समाजसेवी प्रियांक शाह, वरिष्ठ पत्रकार एवं आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली एवं समाचारपत्र के संपादक व प्रकाशक संजय शर्मा ‘अमान’ उपस्थित रहे।

“गऊ भारत भारती” पिछले दस वर्षों से गौवंश के संरक्षण, संवर्धन तथा गौ संबंधित संस्थाओं की गतिविधियों को जनमानस तक पहुँचाने का कार्य बड़ी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ करता आ रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद यह प्रकाशन गौ माता के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण रक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जनजागरण अभियान सफलतापूर्वक संचालित कर रहा है।
गौ माता विशेषांक में देशभर के गौ सेवा से जुड़े प्रेरणादायी कार्यों, संस्थाओं की उपलब्धियों एवं विविध दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है। यह विशेषांक गौ भक्तों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत साबित होगा।
सऊदी दौरा छोड़ दिल्ली लौटे PM मोदी, एयरपोर्ट पर ही NSA डोभाल-जयशंकर के साथ की मीटिंग
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर लोग टूरिस्ट थे। इस आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी सऊदी अरब के अपने दो दिवसीय दौरे को बीच में ही छोड़कर मंगलवार (22 अप्रैल 2025) रात जेद्दा से दिल्ली लौट आए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उन्हें पहलगाम हमले की पूरी जानकारी दी। पीएम ने तुरंत हालात का जायजा लिया और बुधवार (23 अप्रैल 2025) को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक बुलाई।
इससे पहले, सऊदी अरब में पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ पहलगाम हमले पर चर्चा की। क्राउन प्रिंस ने हमले की कड़ी निंदा की और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ मजबूत साझेदारी की बात दोहराई। पीएम ने सऊदी में आधिकारिक रात्रिभोज में हिस्सा नहीं लिया और तुरंत भारत लौटने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, हमले की गंभीरता को देखते हुए पीएम ने अपनी तयशुदा योजना बदली।
पहलगाम के बायसरण घाटी में हुए इस हमले को 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले में दो विदेशी नागरिकों (यूएई और नेपाल) और दो स्थानीय लोगों की भी मौत हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर पहुँचकर हाई-लेवल मीटिंग की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।












