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मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय – कृषि पंजीकरण हासिल करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया

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तटीय एक्वाकल्चर प्राधिकरण, चेन्नई ने आज तमिलनाडु के नागपट्टिनम से तटीय एक्वाकल्चर फार्म पंजीकरण संबंधी राष्ट्रीय अभियान को झंडी दिखाई

New  Delhi – भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत तटीय एक्वाकल्चर प्राधिकरण (सीएए) चेन्नई ने आज (14.02.2024) देश में 100 प्रतिशत कृषि पंजीकरण हासिल करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। पंजीकरण की आवश्यकता पर किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने का यह पहला अभियान तमिलनाडु के नागपट्टिनम में आयोजित किया गया।

यह पहल तटीय एक्वाकल्चर पर प्र‍िंसिपल अधिनियम में किए गए संशोधनों द्वारा समर्थित है, जिसके अंतर्गत स्वामित्व वाली भूमि में स्थित फर्मों को पंजीकृत किया जा सकता है और उन किसानों के लिए नवीनीकरण में देरी को भी माफ किया जा सकता है, जिन्होंने विभिन्न कारणों से अपने पंजीकरण को नवीनीकृत नहीं किया था। अब सरकार ने व्यवसाय करने में आसानी के अंतर्गत लागू पंजीकरण शुल्क का दो गुना भुगतान करके देरी को माफ करने का प्रावधान शामिल किया है। इससे देश भर में 35,000 से अधिक फार्मों को अपने फार्म पंजीकरण के नियमितिकरण करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस अभियान के दौरान किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय भाषा में विवरण पुस्तिका भी वितरित की गई हैं।

सीएए अधिनियम, 2005 की धारा 13 के अनुसार, तटीय एक्वाकल्चर इकाइयों का पंजीकरण न करना एक उल्लंघन है। इस प्राधिकरण का उद्देश्य तटीय पर्यावरण की रक्षा करना और दीर्घकालिक तरीके से निरंतर एक्वाकल्चर का विकास करना है। किसानों का समर्थन करने के लिए यह प्राधिकरण संबंधित राज्य मत्स्य पालन विभागों और एमपीईडीए के साथ मिलकर सभी राज्यों में अभियान आयोजित करने की योजना बना रहा है।

यह जन प्रेरणा कार्यक्रम किसानों के लिए एक “हेल्प-लाइन” के रूप में काम करेगा और इसके परिणामस्वरूप फार्मों के वैधीकरण में तटीय एक्वाकल्चर इकाइयों का 100 प्रतिशत पंजीकरण और नवीनीकरण होगा तथा देश में फार्मों की उपज की ट्रेसबिलिटी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।

तमिलनाडु के विभिन्न जिलों के किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया और पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए आवेदन सौंपा तथा मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी एकत्र किए गए आवेदन पत्र सीएए अधिकारियों को सौंपे। बैठक में नागपट्टिनम एक्वाकल्चर किसान संघ (एनएएफए) के अध्यक्ष श्री चिदम्बरम, नागपट्टिनम एक्वाकल्चर किसान संघ (एनएएफए) के सचिव श्री शिवशंकर, सीएए के सचिव डॉ. वी. कृप, श्री एलमवालुथि, संयुक्त निदेशक (नागपट्टिनम), मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग, तमिलनाडु सरकार, श्री नरेश विष्णु तंभाडु, उप निदेशक, एमपीईडीए और एनएसीएसए, सीएए के अधिकारी तथा डॉ. जे.जयललिता मत्स्य पालन विश्वविद्यालय, नागपट्टिनम, तमिलनाडु के कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित थे।

PM MODI Narendra Modi – विश्व सरकार शिखर सम्मेलन 2024 में भाग लिया , “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन”

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New Delhi – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 फरवरी 2024 को दुबई में विश्व सरकार शिखर सम्मेलन में सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया। वे संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और दुबई के शासक महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निमंत्रण पर शिखर सम्मेलन में गए है। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में – “भविष्य की सरकारों को आकार देना” विषय पर मुख्य भाषण दिया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2018 में विश्व सरकार शिखर सम्मेलन में सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया था। इस बार शिखर सम्मेलन में 20 वैश्विक नेताओं की भागीदारी रही इनमें 10 राष्ट्रपति और 10 प्रधानमंत्री शामिल हैं। वैश्विक सभा में 120 से अधिक देशों की सरकारों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने शासन के बदलते स्वरूप पर अपने विचार साझा किये। उन्होंने “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के मंत्र पर आधारित भारत के परिवर्तनकारी सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय अनुभव को साझा करते हुए बताया कि देश ने कल्याण, समावेशिता और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का लाभ कैसे उठाया, उन्होंने शासन के लिए मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का आह्वान किया। उन्होंने एक समावेशी समाज का लक्ष्य हासिल करने के लिए जन-भागीदारी, अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं की पंहुच और महिलाओं के नेतृत्व पर आधारित विकास पर भारत के फोकस को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि विश्व की परस्पर जुड़ाव की प्रकृति को देखते हुए, सरकारों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग करना चाहिए और एक-दूसरे से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन का समावेशी, तकनीकी-स्मार्ट, स्वच्छ, पारदर्शी और हरित पर्यावरण को अपनाना समय की मांग है। इस संदर्भ में, उन्होंने बलपूर्वक कहा कि सरकारों को सार्वजनिक सेवा के प्रति अपने दृष्टिकोण में जीवन में सरलता, न्याय में आसानी, गतिशीलता में आसानी, नवाचार में आसानी और व्यापार करने में आसानी को प्राथमिकता देनी चाहिए। जलवायु परिवर्तन कार्रवाई के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता पर उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे एक टिकाऊ दुनिया के निर्माण के लिए मिशन लाईफ (पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली) में शामिल हो।
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष जी-20 की अध्यक्षता के रूप में दुनिया के समक्ष भारत की विभिन्न मुद्दों और चुनौतियों पर निभाई गई नेतृत्वकारी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। इस संदर्भ में, उन्होंने ग्लोबल साउथ के सामने आने वाली विकास संबंधी चिंताओं को वैश्विक चर्चा के केंद्र में लाने के लिए भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार प्रकिया का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें निर्णय लेते समय ग्लोबल साउथ की कठिनाईयों और आवाज को उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत “विश्व बंधु” के रूप में वैश्विक प्रगति में योगदान देना जारी रखेगा।

 

 

 

Cow Smuggling in : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से गाय तस्करी का बड़ा मामला

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Cow Smuggling in : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से गाय तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें बताया गया है कि रायपुर के कुम्हारी नाका पर गौ सेवकों ने गायों से भरा एक कंटेनर पकड़ा जिसमें लगभग 80 गायें रखी हुई थीं.आपको बता दें इसमें कम से कम 10 मवेशियों (गाय) की मौत हो गई थी. इसके साथ ही कई मवेशियों के पैर टूटी हुई हालत में पाए गए हैं.
सेवकों ने पकड़ा कंटेनर :
मिली जानकारी के मुताबिक कंटेनर की पहचान छुपाने के लिए आरोपियों के द्वारा फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी. इस दौरान जैसे ही गौ सेवकों ने कंटेनर को पकड़ लिया तब उन्होंने मवेशियों को जरवाय स्थित गौठान में ले गए। इस घटना की सूचना मिलते ही वहां भारी संख्या में पुलिस और गौ सेवक मौजूद पहुंच गए.जानकारी के मुताबिक ये मामला अभी कुम्हारी पुलिस संभाल रही है . 

सिरोही News – गाय के बछडे़ का धड़ से अलग हुआ सिर मिला, गौ सेवकों में रोष

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शिवगंज (सिरोही)। शहर के गोकुलवाड़ी क्षेत्र में सड़क किनारे गाय के बछडे का धड़ से अलग हुआ सिर मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे गोसेवकों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पशु चिकित्सकों की टीम से बछडे के सिर का पोस्टमार्टम करवाया है। ताकि यह जानकारी मिल सके कि यह सिर धड़ से किसी ने अलग किया है या पशुओं ने नौंचा है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को गौसेवक महिपाल रावल को सूचना मिली कि गोकुलवाडी से आखरिया की तरफ जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे एक बछडे़ का सिर पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर एनिमल हैल्प रेस्क्यूअर मौके पर पहुंचे तथा इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस निरीक्षक अचलदान मय पुलिस दल मौके पर पहुंचे तथा मौका मुआयना करने के बाद पशु चिकित्सक को मौके पर बुलवा जांच करवाई गई।

तत्पश्चात पुलिस बछडे़ के सिर को कब्जे में कर पशु चिकित्सालय ले गई। जहां पशु चिकित्सक डॉ. गौतम राजपुरोहित, डॉ. कमलेश सुथार व डॉ. पाताराम चौधरी की मेडिकल टीम से पोस्टमार्टम करवाया गया। इस बीच जानकारी मिलने पर तहसीलदार पेमाराम पुनिया भी पशु चिकित्सालय पहुंचे तथा पुलिस से जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया।

बहरहाल, बछडे़ के सिर का पोस्टमार्टम करने के बाद उसे गोसेवकों को सुपुर्द कर उसका रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार करवाया गया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट गोसेवकों को अभी तक नहीं मिल पाई है। इस घटना से गौसेवकों में भी रोष व्याप्त है। गोसेवकों का कहना है कि यदि बछडे को श्वानों अथवा किसी जानवर ने नौंचा है तो काफी ढूंढने के बाद भी उसका धड़ क्यों नहीं मिला। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

अमीषा पटेल ने वेनियोर ज्वेल्स के पहले स्टोर का किया उद्घाटन, कैलेंडर भी हुआ लॉन्च

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मुंबई। कहो ना प्यार है, ग़दर और ग़दर 2 से ग़दर मचाने वाली स्टार अभिनेत्री अमीषा पटेल ने मुम्बई में वेनियोर ज्वेल्स के पहले स्टोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वेनियोर ज्वेल्स के डायरेक्टर्स हार्दित गजारिया, अमिता एरेन और विनय अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ देकर अमीषा पटेल को सम्मानित किया। पहले स्टोर के लांच के साथ ही अमीषा पटेल के हाथों वेनियोर ज्वेल्स का कैलेंडर भी लांच किया गया।अमीषा पटेल ने कहा कि वेलेंटाइन डे है और ऐसे मौके पर इस ज्वेलरी शोरूम की ओपनिंग हुई है। मैंने यहां की ज्वेलरी देखी है बहुत वेराइटी है, क्वालिटी है और सबसे अच्छी बात है कि किफायती दाम में मौजूद है। इंगेजमेंट रिंग से लेकर नेकलेस तक यहां जेवरात की काफी वेराइटी है। मैं वेनियोर ज्वेल्स को ऑल द बेस्ट कहना चाहूंगी। इनकी ज्वेलरी अनमोल है जिस तरह मैंने ग़दर मचाई है वेनियोर ज्वेल्स भी ग़दर मचाने वाले हैं। यहां की ज्वेलरी और यह स्टोर भी बहुत खूबसूरत है, मैं इसकी अपार सफलता की कामना करती हूं। अमीषा पटेल ने फीता काटकर स्टोर का उद्घाटन किया और फिर उन्होंने शोरूम को विज़िट किया। मीडिया से बात करते हुए बताया कि यहां काफी वेरायटी के हीरे के जेवर हैं और किफायती प्राइस में उपलब्ध हैं। साथ ही लोगों के लिए बहुत सारे ऑप्शन्स भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए भी अमिता मैडम ने खास डायमंड ज्वेलरी बनाई है।

अमीषा पटेल ने आगे कहा कि ज्वेलरी सिर्फ लड़कियों के लिए ही सीमित नहीं है बल्कि लड़को के लिए भी अब ज्वेलरी फैशन में है। ये वेलेंटाइन वीक है और वेनियोर ज्वेल्स में हर एक लिए कुछ न कुछ जरूर उपलब्ध है।

अमिता एरेन ने इस ओपनिंग पर अमीषा पटेल के आने के लिए उनका आभार जताया और कहा कि अमीषा बहुत प्योर हैं। उनके चेहरे पर हमेशा एक प्यारी सी मुस्कान रहती है। उनकी मौजूदगी हम लोगों के लिए हौसला बढ़ाने वाली बात रही।
हार्दित गजारिया ने कहा कि हमारा उद्देश्य इस स्टोर की शुरुआत करने का यह है कि अब साधारण लोग भी लैब ग्रोन डायमंड खरीद सकें क्योंकि 1 कैरट डायमंड लगभग 5,00,000 रुपये में उपलब्ध है, हम अपने ग्राहकों को समान गुणवत्ता के लैब ग्रोन डायमंड सिर्फ 50,000 रुपये में उपलब्ध कराएंगे।
विनय अग्रवाल, वेनियोर ज्वेल्स के निदेशकों में से एक, ब्रांड की ग्राहक संतुष्टि के प्रति प्रतिबद्धता को उनकी गारंटी वापसी नीति, पारदर्शी मूल्य निर्धारण, और डायमंड की मूल्य के आधार पर 100% विनिमय प्रस्तुति के माध्यम से उपेक्षित किया। उन्होंने जोर दिया कि वेनियोर ज्वेल्स में, ग्राहकों को मन की शांति, स्पष्ट मूल्य निर्धारण, और उपलब्धता के आश्वासन की उम्मीद की जा सकती है जब वे विनिमय के लिए चुनाव करते हैं।
इस अवसर पर हीरे से जुड़े कुछ सवाल भी पूछे गए और सही जवाब देने वालों को खूबसूरत उपहार से प्रदान किया गया।

जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट टर्मिनल भवन फेज-2 का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण

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देहरादून,14 फरवरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर नवनिर्मित टर्मिनल भवन फेज-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। द्वितीय चरण में जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट के टर्मिनल का 14 हजार वर्ग मीटर विस्तार किया गया। अब एयटरपोर्ट के टर्मिनल का कुल विस्तार 42 हजार वर्ग मीटर में हो चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट का टर्मिनल दो चरणों में 486 करोड़ की लागत से बना है।

मुख्यमंत्री धामी ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध पर पिथौरागढ़-हिंडन हवाई सेवा की प्रक्रिया शुरू करने और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए हेलीकॉप्टर की उत्तराखण्ड से शुरूआत करने की बात कहे जाने पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय नागरिक उड्डयन उद्योग अमेरिका और चीन के बाद घरेलू यातायात में तीसरे स्थान पर है, इसके लिए उन्होंने नागर विमानन मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। पिछले कुछ वर्षों से हवाई यात्रा परिवहन का सस्ता, तेज एवं विश्वसनीय साधन होने के कारण लोगों में अत्यन्त लोकप्रिय बनी है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दीर्घकालिक सोच के कारण ही संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा देवभूमि की देवतुल्य जनता के अतिरिक्त भारतीय संस्कृति और परम्परा के अनुसार ’अतिथि देवों भवः’ के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रदेश के बाहर के लोगों को भी सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे एक ओर जहाँ राज्य को अधिक राजस्व प्राप्ति हो रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनमानस को सरल एवं सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध करायी जा रही है। भारत सरकार की ’’उड़े भारत का हर नागरिक’’ योजना के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बेहतर हवाई सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 13 हेलीपोर्ट्स का निर्माण सहस्त्रधारा, चिन्यालीसौड, गौचर, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, नई टिहरी, श्रीनगर, मसूरी, जोशीमठ, धारचूला, हरिद्वार में भी किया जा रहा है। उत्तराखंड धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राज्य में आवागमन के लिए हर प्रकार की सुविधा मिले। इसमें हवाई सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी के साथ-साथ पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे भी कर लिया गया है। पिछले माह ही जौलीग्रांट से पिथौरागढ़ के मध्य हवाई सेवा का शुभारंभ किया गया। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के मध्य हैली सेवा की शुरूआत की थी, इसको भी नियमित करने की हमारी योजना है। निकट भविष्य में चिन्यालीसौड़ व गौचर से छोटे एयर क्राफ्ट की सेवाओं को शामिल करने के संबंध में भी हम कार्य कर रहे हैं, भारत सरकार से इसके लिए अनुरोध किया जा रहा है। कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश और जागेश्वर धाम के दर्शन किये थे, उसके बाद आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को देश विदेश में नई पहचान दिला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर हवाई सेवा को बढ़ाये जाने हेतु क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के अतिरिक्त अन्य हेलीपोर्ट का भी निर्माण राज्य सरकार द्वारा गौजियाना (घनसाली), गैरसैण (चमोली), देघाट-सियालदे(अल्मोड़ा), जखोल एवं जोशीयाड़ा (उत्तरकाशी), डीडीहाट (पिथौरागढ़) में कराया जा रहा है। इसके साथ ही हमारे द्वारा प्रदेश के विभिन्न पर्यटक केंद्रों के दर्शन हेतु जॉय राइड सेवा तथा हिमालयन दर्शन सेवा भी प्रस्तावित है। इन सेवाओं के प्रारंभ होने से राज्य में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके लिए यह क्षण कई पहलुओं से भावुक और महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड से उनका पहले से नाता है। उन्होंने 05 साल उत्तराखण्ड से शिक्षा ग्रहण की। उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक शक्ति सम्पूर्ण विश्व में अनूठी है। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के साथ उन्हें केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री बनने के बाद सबसे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट के टर्मिनल के प्रथम फेज के कार्यों का लोकार्पण करने का अवसर मिला था। आज देहरादून के इस एयरपोर्ट से देश के 13 शहरों के लिए हवाई सेवा चल रही है।

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मंत्रालय द्वारा पिथौरागढ़-हिंडन हवाई सेवा के लिए कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए हेलीकॉप्टर की देश में उत्तराखण्ड से शुरूआत की जा रही है। एम्स ऋषिकेश मंड इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जायेगी। 150 किलोमीटर के दायरे के अन्तर्गत हेलीकॉप्टर द्वारा मरीजों को लाने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट से उत्तराखण्ड के अन्य स्थानों को मुख्यमंत्री की सहायता से और तेजी से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में तीन एयरपोर्ट देहरादून, पंतनगर और पिथौरागढ़ विकसित करने की पहल की है। उत्तराखण्ड में 2014 में मात्र एक हेलीपोर्ट था। जो अब 10 हो चुके हैं, उड़ान 5.0 योजना तक राज्य में 21 हेलीपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक बृज भूषण गैरोला, वर्चुअल माध्यम से सचिव नागर उड्डयन वुमलुनमंग वुअलनाम, अध्यक्ष एएआई संजीव कुमार कार्यक्रम में सम्मिलित हुए ।

विकास व जनकल्याण की दिशा में मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम

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डा.मोहन यादव सरकार के दो माह
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को आकार दिया है। वैश्विक स्तर पर भारत एक समृद्ध, संपन्न, सशक्त, शक्तिशाली व आत्मनिर्भर देश के रूप में मजबूती से स्थापित हो, इसके लिए हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये जा रहे हैं। राज्य अपनी-अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। डबल इंजन वाली मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन सरकार प्रदेश में सुशासन, विकास व जनकल्याण के साथ विकसित भारत की लक्ष्यपूर्ति की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व निर्णयों को धरातल पर उतार रही है। पिछले 2 माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  के नेतृत्व में प्रदेश में कई नवाचार हुए तो वहीं विकास की दृष्टि से अनेकों सौगातें भी मध्यप्रदेश को मिली हैं।
मजबूत सुशासन एवं सुदृढ़ कानून व्यवस्था –  सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने दो महीने के कार्यकाल में प्रदेश में सुशासन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था को मजबूती देने का काम किया है। साहसिक फैसलों, प्रशासनिक जमावट, जनकल्याण एवं जनहित से जुड़े कार्यों पर तत्काल निर्णय तथा अपराधी व दोषियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश जैसे निर्णयों ने प्रदेश सरकार के स्पष्ट विजन के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एक साफ-स्वच्छ और न्यायप्रिय मुखिया की स्पष्ट छवि को भी प्रस्तुत किया है। सरकार के गठन के 15 दिनों में 1 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को पात्रतानुसार उच्च पद का प्रभार देना। अनियंत्रित एवं अनियमित आवाज में चलने वाले माईक, डीजे को प्रतिबंधित कर कार्रवाई स्वरूप 25 हजार से अधिक लाउडस्पीकर हटाना। खुले में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाना। प्रदेश में थानों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण का कार्य प्रारंभ होना । राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को सुधारने के लिए जनवरी-फरवरी में राजस्व महाअभियान के आयोजन का निर्णय जनहित में लिया गया है। नगरीय क्षेत्रों में आवासीय भूखंडों के लिए अनुज्ञा पाने की राह को आसान बनाने की पहल हुई अब 105 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर डीम्ड अनुज्ञा प्राप्त करने और 300 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों पर त्वरित अनुज्ञा प्रदान करने की व्यवस्था लागू की। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों एवं गंभीर अपराधों के दोषियों को चिन्हित कर और उन पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी सरकार की मंशा जाहिर करते हैं।
गरीब एवं कमजोर वर्ग का रखा ध्यान –   डॉ.मोहन सरकार ने गरीब कल्याण को प्राथमिकता देते हुए गरीबोत्थान की दिशा में कई महत्वपूर्ण एवं अभूतपूर्व फैसले लिए हैं। वर्षों से प्रतिक्षारत इंदौर की हुकुमचंद मिल के निर्णय ने मजदूरों व गरीब परिवारों के आत्मसम्मान को बढ़ाया है तो वहीं सरकार के प्रति विश्वास भी जगाया है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में सरकार ने उनके हक की 224 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया । प्रदेश सरकार ने संकल्प पत्र के वादे को पूरा करते हुए तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3000 रुपए प्रति बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपए किया। इस निर्णय से प्रदेश के 35 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिलेगा। पीएम जन-मन योजना अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल जिलों में 7 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से आँगनवाड़ी केन्द्रों, छात्रावासों, बहुउद्देशीय केंद्रों, सड़कों, पुलों और आवासों के निर्माण करने का निर्णय भी सराहनीय कदम है। इस योजना के अंतर्गत 23 जिलों की 4 हजार 597 बसाहटों में निवास करने वाले बैगा, सहरिया एवं भारिया जनजाति के 11 लाख से अधिक भाई-बहन लाभान्वित होंगे। आहार अनुदान योजना में विशेष पिछड़ी जनजातियों की बहनों के पोषण आहार के लिए 29 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में भेजने का काम किया।
अधोसंरचना को मिलेगी अधिक मजबूती   –  प्रदेश में मजबूत अधोसंरचना पर डॉ.मोहन यादव सरकार का फोकस है। पूरे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का जाल बिछाकर प्रदेश के विकास को गति देने के उद्देश्य से निरंतर कार्य हो रहा है। राज्य में 29 हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की 78 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के माध्यम से 2 हजार 800 किलोमीटर से अधिक लम्बाई की सड़कें बन रही हैं। 308 करोड़ रुपए की लागत से खरगोन जिले में जलूद ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। ग्वालियर-बेंगलुरू और ग्वालियर-दिल्ली-अयोध्या विमान सेवा का शुभारंभ किया गया। यातायात की सुगमता के लिए भोपाल में बीआरटीएस (भोपाल बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को हटाने का निर्णय कर क्रियान्वयन शुरू किया। यह विशेष उपलब्धि है कि केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उपस्थिति में एक ही दिन में 10,405 करोड़ लागत की 24 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात मध्यप्रदेश को मिली है।
पानी से लिखेंगे, खुशहाली की कहानी-   किसानों की आमदनी बढ़ाने की बात हो या फिर महिलाओं को पानी के लिए होने वाली परेशानी से निजात दिलाना हो डबल इंजन सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. मोहन यादव जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और सिंचाई क्षेत्र के विस्तार की योजनाओं के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश में निर्माणाधीन नई सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से 31 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा निर्मित होगी। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सिंचाई क्षेत्र को बढ़ाकर 65 लाख हैक्टेयर तक ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ड़ा मोहन यादव की सक्रियता एवं संवेदनशीलता से हाल ही में प्रदेश के नाम एक और उपलब्धि हांसिल हुई है। वर्षों से लंबित संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल-ईआरसीपी लिंक परियोजना के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर केन्द्र सरकार, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सहमति हुई है, जो प्रदेश की प्रगति और विकास में वरदान साबित होगी।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प  – युवा आबादी शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। युवाओं की आत्मनिर्भरता से ही प्रदेश की आत्मनिर्भरता की कहानी लिखी जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने हेतु नये-नये नवाचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की रोजगार की गारंटी को पूरा करने की दिशा में सार्थक पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 7 लाख से अधिक युवाओं को एक दिन में 5151 करोड़ 18 लाख 90 हजार की ऋण राशि के स्वीकृति पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किये। स्वामी विवेकानंद की जंयती एवं युवा दिवस के अवसर पर महिलाओं और युवाओं पर केन्द्रित रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित लगभग 700 प्रतिभागियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास में भागीदार बनाया।(विनायक फीचर्स)

महिला सशक्तिकरण  को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव

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(विभूति फीचर्स)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई कदम उठाये हैं। मध्यप्रदेश में भी डबल इंजन सरकार के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव नारी को सशक्त बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। डबल इंजन सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत कर रही है। महिलाओं के हितों का पूरा ख्याल रखा गया है । प्रदेश में बेटियों की पढ़ाई -लिखाई से लेकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के पूरे अवसर मिल रहे हैं।  

योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से बदला प्रदेश की महिलाओं जीवन
महिलाओं के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाएं प्रदेश में बेहतरीन ढंग से चल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को पहुंचाने के लिए सभी अधिकारियों और विभागों को निर्देश दिए हैं। केन्द्र की योजनाओं के सफल संचालन से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में समृद्धि और सम्मान आया है। जल जीवन मिशन के माध्यम से 65 लाख से अधिक परिवारों को नल के कनेक्शन मिलने से महिलाओं को मीलों पैदल चलकर पानी लाने के कष्ट से मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 36 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में बदलाव आया है इनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मकान की मालकिन महिलाएं बनी हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 44 लाख से अधिक माताओं को सुरक्षित मातृत्व मिला है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना ने प्रदेश की लाखों महिलाओं को धुँए से मुक्ति दिलाई है तो राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 4 लाख से अधिक स्व -सहायता समूहों के माध्यम से 53 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं।
महिला कल्याण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला सशक्तिकरण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खाते में 1576 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 56 लाख से अधिक हितग्राहियों को 341 करोड़ रुपए की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि देकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा दी है। इसके साथ ही प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों में जहाँ महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है, वहीं पुलिस भर्ती में 30 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। सामान्य भर्तियों में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर महिलाओं के हितों का संरक्षण हुआ है। शासकीय सेवा के अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत बेटियां अपना खुद का व्यवसाय भी शुरू कर रही हैं। यह प्रदेश में महिलाओं के जीवन स्तर की सुधार की दिशा में प्रदेश सरकार का बड़ा कदम है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से बेटियों की पढ़ाई-लिखाई तो मुख्यमंत्री कन्या विवाह  और निकाय योजना से गरीब परिवार की बेटियों की शादी की चिंता दूर हुई है।
आजीविका मिशन ने बदली महिलाओं की तकदीर 
मध्य प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत महिला स्व- सहायता समूहों ने बेहतरीन काम किया है।  आज प्रदेश की महिलाएं इस योजना के माध्यम से जहाँ सशक्त हो रही हैं वहीं जनरल स्टोर, रेडिमेड गारमेंट्स, आटा चक्की, सिलाई कार्य, राशन की दुकान चलाने जैसे कई कामों को बखूबी अंजाम दे रही हैं। प्रदेश में महिला स्व -सहायता समूह बड़े पैमाने पर सरकार की योजनाओं के माध्यम से सशक्त हुए हैं।  मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों को ऋण देकर सहायता करने का काम प्रदेश में तेजी से चला जिसके परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश के 1.36 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से मुक्त हो गए हैं। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 15 लाख महिलाएं भी शामिल हैं। आजीविका पोर्टल के माध्यम से अब तक महिलाएं कई करोड़ रुपये के उत्पाद बेच चुकी हैं।
महिलाओं के जीवन में आई खुशहाली 
सुकन्या समृद्धि योजना से जहाँ प्रदेश की लाखों बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है वहीं प्रदेश में करोड़ों महिलाओं के जन-धन खाते खुलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत घरों में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही नारी सम्मान कोष की स्थापना की गई है। सरकार की नई स्टार्ट अप नीति में महिला स्टार्ट अप्स को विशेष स्थान दिया गया है। आहार अनुदान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाएं प्रदेश में चलने से महिलाओं और बेटियों की जिंदगी संवरी है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार की हर योजनाओं में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं।
डबल इंजन सरकार की योजनाओं से मिल रहे लाभ की बदौलत महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त हो रही हैं। महिला सशक्तीकरण को लेकर प्रदेश की मोहन सरकार बेहद संजीदा है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  की अगुवाई में इस दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।(विभूति फीचर्स)

एशियन आईकॉनिक अवार्ड समारोह में सोनू सूद और विंदू दारा सिंह हुए सम्मानित

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रामकुमार पाल और शैलेश पटेल द्वारा आयोजित इस अवार्ड शो में सोनू सूद के हाथों सम्मानित हुए विशिष्ट हस्तियां

मुंबई। रामकुमार पाल 64 फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत एशियन आईकॉनिक अवार्ड 2024 का भव्य आयोजन 11 फरवरी को मुक्ति कल्चरल हब अंधेरी, मुंबई में संपन्न हुआ जहां सेलिब्रिटी गेस्ट के रूप में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद और विंदू दारा सिंह की विशेष उपस्थिति रही साथ ही रामकुमार पाल और शैलेश पटेल ने दोनों अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए ट्रॉफी और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
उसी अवसर पर ख्याति प्राप्त प्रसिद्ध अभिनेता सोनू सूद के हाथों समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशिष्ट लोगों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस अवार्ड शो का आयोजन रामकुमार पाल और मुंबई रफ्तार चैनल के सीइओ शैलेश पटेल ने किया।
वहीं इस शो का संचालन सिमरन आहूजा ने किया और एशियन आइकॉनिक अवार्ड कार्यक्रम में फिल्म व टीवी सितारें उर्वशी ढोलकिया, प्रिंस नरूला, विशाल जेठवा, शिव ठाकरे, सृजिता डे, स्नेहा वाघ, जसन शाह, अर्चना कोचर, ईशा संजरी, वाशु जैन की उपस्थिति रही जिन्हें रामकुमार पाल ने सम्मानित किया।


रामकुमार पाल ने कहा कि मेरा यह अवार्ड शो करने का उद्देश्य सिर्फ यही है कि जो लोग समाज में अच्छे कार्य करते हुए जनमानस को प्रभावित कर रहे हैं उन्हें मंच पर लाकर अवश्य सम्मानित करना चाहिए जिससे अन्य साधारण लोग उनसे प्रेरित हो सकेंगे।
अवार्ड मिलने से सबको प्रोत्साहन मिलता है और वे उत्साहित होकर अच्छे कार्यों को अंजाम देते हैं।

– संतोष साहू

मारे गए ‘गौ सेवक’ की पत्नी ने लौटाया मुआवजा

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कवर्धा शहर में पिछले महीने मारे गए एक गौ सेवक की पत्नी ने सरकार की ओर से वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए पांच लाख रुपए सोमवार को वापस कर दिए और दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की. कवर्धा शहर के बाहरी इलाके में 20 जनवरी को साधराम यादव (48) की छह लोगों ने कथित तौर पर उस समय हत्या कर दी थी, जब वह साइकिल से अपने गांव लालपुर जा रहे थे.
कलेक्टर के नाम जमा की पांच लाख की डीडी
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना के बाद कवर्धा शहर में मुख्य आरोपी अयाज खान के घर के एक हिस्से को भी अधिकारियों ने ध्वस्त कर दिया. सोमवार शाम को मृतक की पत्नी प्रमिला बाई यादव कवर्धा के कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और एक पत्र के साथ कलेक्टर के नाम पांच लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जमा किया.
जिस तरह मेरे पति की गला काटकर हत्या हुई उसी तरह…’
प्रमिला ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है, ‘मेरे पति को मुस्लिमों ने आईएसआईएस की तरह बेरहमी से गला काटकर मार डाला. उक्त घटना के बाद राज्य सरकार ने मुझे पांच लाख रुपए की सहायता राशि दी थी. मैं इस सहायता को स्वीकार करने में असमर्थ हूं. मेरे परिवार को सरकार से न्याय की उम्मीद है. जिस तरह से मेरे पति की गला रेतकर हत्या कर दी गई, उसी तरह आरोपियों का गला काटकर मुझे न्याय दिलाया जाए.’