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जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नौवीं बार देश को लाल किले से संबोधित किया। 76वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने लाल किले से झंडा फहराया और 83 मिनट तक देश को संबोधित किया। इससे पहले 2021 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री 88 मिनट बोले थे। 2014 में प्रधानमंत्री ने पहली बार देश को 65 मिनट तक संबोधित किया था।
2015 में नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था
2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था। नेहरू ने 1947 में लाल किले से 72 मिनट लंबा भाषण दिया था।
अब तक सिर्फ एक बार एक घंटे से कम बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री अब तक कुल नौ बार लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। केवल एक बार उन्होंने देश को एक घंटे से कम समय के लिए देश को संबोधित किया। 2017 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण केवल 56 मिनट का रहा था। ये उनका सबसे छोटा भाषण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नौवीं बार देश को लाल किले से संबोधित किया। 76वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने लाल किले से झंडा फहराया और 83 मिनट तक देश को संबोधित किया। इससे पहले 2021 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री 88 मिनट बोले थे।  2014 में प्रधानमंत्री ने पहली बार देश को 65 मिनट तक संबोधित किया था।
2015 में नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था
2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था। नेहरू ने 1947 में लाल किले से 72 मिनट लंबा भाषण दिया था।

अब तक सिर्फ एक बार एक घंटे से कम बोले प्रधानमंत्री 
प्रधानमंत्री अब तक कुल नौ बार लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। केवल एक बार उन्होंने देश को एक घंटे से कम समय के लिए देश को संबोधित किया। 2017 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण केवल 56 मिनट का रहा था। ये उनका सबसे छोटा भाषण है।

Addressing the nation on Independence Day. https://t.co/HzQ54irhUa

पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें;

  • मैं विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों को, भारतीयों को आजादी के इस अमृत महोत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमारे देशवासियों ने भी उपलब्धियां की हैं, पुरुषार्थ किया है, हार नहीं मानी है और संकल्पों को ओझल नहीं होने दिया है।
  • अमृतकाल का पहला प्रभात Aspirational Society की आकांक्षा को पूरा करने का सुनहरा अवसर है। हमारे देश के भीतर कितना बड़ा सामर्थ्य है, एक तिरंगे झंडे ने दिखा दिया है
  • आज का ये दिवस, ऐतिहासिक दिवस है। एक पुण्य पड़ाव, एक नई राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का ये शुभ अवसर है
  • दुनिया आज भारत को गर्व, आशा और समस्या समाधान के रूप में देखती है।
  • दुनिया भारत को एक ऐसे गंतव्य के रूप में देखती है जहां आकांक्षाएं पूरी होती हैं।
  • आज विश्व पर्यावरण की समस्या से जो जूझ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग की समस्याओं के समाधान का रास्ता हमारे पास है। इसके लिए हमारे पास वो विरासत है, जो हमारे पूर्वजों ने हमें दी है।
  • पिछले 8 वर्षों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के द्वारा आधार, मोबाइल जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए, गलत हाथों में जाने वाले 2 लाख करोड़ रुपये को बचाकर उन्हें देश की भलाई में लगाने में हम कामयाब हुए हैं।

अमृत काल के पंच-प्रण

  • पहला प्रण – विकसित भारत का लक्ष्य
  • दूसरा प्रण – गुलामी के हर अंश से मुक्ति
  • तीसरा प्रण – अपनी विरासत पर गर्व
  • चौथा प्रण – एकता और एकजुटता
  • पांचवां प्रण – नागरिकों में कर्तव्य की भावना

    हम वो लोग हैं, जो नदी को मां मानते हैं

    पीएम मोदी कहा कि हम वो लोग हैं, जो जीव में शिव देखते हैं, हम वो लोग हैं, जो नर में नारायण देखते हैं, हम वो लोग हैं, जो नारी को नारायणी कहते हैं, हम वो लोग हैं, जो पौधे में परमात्मा देखते हैं, हम वो लोग हैं, जो नदी को मां मानते हैं, हम वो लोग हैं, जो कंकड़-कंकड़ में शंकर देखते हैं।

आत्मनिर्भर भारत समाज का जनआंदोलन है, सरकारी एजेंडा नहीं- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, ये हर नागरिक का, हर सरकार का, समाज की हर एक इकाई का दायित्व बन जाता है। आत्मनिर्भर भारत, ये सरकारी एजेंडा या सरकारी कार्यक्रम नहीं है। ये समाज का जनआंदोलन है, जिसे हमें आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि कल 14 अगस्त को भारत ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हमने उन लोगों को भारी मन से याद किया जिन्होंने हमारे तिरंगे के सम्मान और मातृभूमि के प्रति प्रेम लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

हमारी कोशिश है युवाओं को रिसर्च के लिए भरपूर मदद मिले- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश के युवाओं को असीम अंतरिक्ष से लेकर समंदर की गहराई तक रिसर्च के लिए भरपूर मदद मिले। इसलिए हम स्पेस मिशन का, Deep Ocean Mission का विस्तार कर रहे हैं। स्पेस और समंदर की गहराई में ही हमारे भविष्य के लिए जरूरी समाधान है।

देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली चुनौती- भ्रष्टाचार और दूसरी चुनौती- भाई-भतीजावाद, परिवारवाद है। एक तरफ वो लोग हैं जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है और दूसरी तरफ वो लोग हैं जिनके पास चोरी किया माल रखने की जगह नहीं है। ये स्थिति अच्छी नहीं है। जब तक भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी के प्रति नफरत का भाव पैदा नहीं होता होता, सामाजिक रूप से उसे नीचा देखने के लिए मजबूर नहीं करते, तब तक ये मानसिकता खत्म नहीं होने वाली है।

भाई-भतीजावाद से देश की प्रतिभा को हो रहा नुकसान- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि मैं भाई भतीजावाद, परिवारवाद की बात करता हूं तो लोगों को लगता है मैं सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र की बात कर रहा हूं। दुर्भाग्य से राजनीति की इस बुराई ने हिन्दुस्तान की सभी संस्थाओं में परिवारवाद को पोषित कर दिया है। इससे मेरे देश की प्रतिभा को नुकसान होता है।

देश को लूटकर भागने वालों की जब्त की जा रही संपत्तियां- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग पिछली सरकारों में देश को लूटकर भाग गए, उनकी संपत्तियां ज़ब्त करके वापिस लाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि जिन्होंने देश को लूटा है उन्हें लौटाना पड़े वो स्थिति हम पैदा कर रहे हैं। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक कालखंड में कदम रख रहे हैं।

बिरसा मुंडा, अल्लूरी सीताराम राजू और गोविंद गुरु को किया याद

पीएम मोदी ने कहा कि जब हम आज़ादी के जंग की चर्चा करते हैं तो हम आदिवासी समाज का गौरव करना हम नहीं भूल सकते हैं। आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों जैसे बिरसा मुंडा, अल्लूरी सीताराम राजू और गोविंद गुरु ने भारत के हर कोने में स्वतंत्रता संग्राम को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा।

मुझे 130 करोड़ देशवासियों पर पूरा भरोसा है- पीएम मोदी

ये ठीक है कि चुनौतियां बहुत हैं। अगर इस देश के सामने करोड़ों संकट हैं, तो इतने ही समाधान भी हैं। मेरा 130 करोड़ देशवासियों पर भरोसा है। निर्धारित लक्ष्य के साथ, संकल्प के प्रति समर्पण के साथ जब 130 करोड़ देशवासी आगे बढ़ते हैं, तो हिंदुस्तान 130 कदम आगे बढ़ जाता है।

जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान- पीएम मोदी

जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री जी का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है। अटल जी ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी। लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वो है जय अनुसंधान। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान।

 

 

 

 

 

भारत को जय हिंद शब्द का नारा देने वाले अज्ञात हीरो चेम्पाकरमन पिल्लई पर बनेगी बायोपिक

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अंजुम रिज़वी, राघवेंद्र एन और रिजू बजाज ने 15 अगस्त पर की ये बड़ी घोषणा

मुम्बई। यदि आपने कभी सोचा है कि जय हिंद शब्द कहां से आया, तो आपको स्वतंत्रता सेनानी चेम्पाकरमन पिल्लई के जीवन पर घोषित इस बायोपिक को देखने की जरूरत है।
भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अंजुम रिजवी फिल्म कंपनी, अनुराग एंटरटेनमेंट और लिफ्ट इंडिया स्टूडियोज ने की घोषणा
जय हिंद, अंग्रेजी में एक अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म बनाने की जी डॉ चेम्पकरमन पिल्लई के जीवन पर एक बायोपिक होगी जो एक राजनीतिक कार्यकर्ता और क्रांतिकारी थे जिन्होंने “जय हिंद” का नारा गढ़ा था।
डॉ. चेम्पाकरमन पिल्लई ने 1907 में “जय हिंद” शब्द की कल्पना की, जिसे 1940 के दशक में आबिद हसन सफरानी के सुझाव पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भारतीय राष्ट्रीय सेना के नारे के रूप में अपनाया गया था। भारत की स्वतंत्रता के बाद, जय हिंद भारत के राष्ट्रीय नारे के रूप में उभरा, जिसका आज देश की सेनाओं में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है।
प्रथम विश्व युद्ध के फैलने के बाद, पिल्लई ने ज्यूरिख में अंतर्राष्ट्रीय भारत समर्थक समिति की स्थापना की। बाद में उन्होंने इसे बर्लिन समिति में मिला दिया, जो यूरोप में सभी भारतीय समर्थक क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए मार्गदर्शक और नियंत्रण संस्था बन गई, जिसने भारत की स्वतंत्रता में योगदान दिया।
पिल्लई एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने उस समय भारतीयों पर अपनी अपमानजनक टिप्पणियों के लिए एडॉल्फ हिटलर से लिखित माफी मांगने की हिम्मत की थी।हालाँकि, चेम्पाकरमन पिल्लई नाम भी आज अधिकांश भारतीयों को अज्ञात लगता है।
फिल्म जय हिंद, चंपाकरमन पिल्लई और अन्य भूले हुए दिग्गजों के आसपास केंद्रित भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक राजेश टचरिवर द्वारा लिखा और निर्देशित किया जाएगा।
इस फिल्म की मुख्य भाषा अंग्रेजी होगी, वहीं इसे हिंदी और तमिल समेत अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा।अंजुम रिज़वी, राघवेंद्र एन और रिजू बजाज अपने बैनर अंजुम रिज़वी फिल्म कंपनी, अनुराग एंटरटेनमेंट और लिफ्ट इंडिया स्टूडियो के तहत ‘जय हिंद’ का निर्माण कर रहे हैं।

भारत ने रचा कीर्तिमान: विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल के दोनों सिरे जुड़े

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कश्मीर को सीधा राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की सबसे अहम कड़ी और विश्व के सबसे ऊंचे रेल पुल के दोनों सिरे ‘गोल्डन ज्वाइंट’ रस्म निभाते हुए शनिवार जोड़ दिए गए। आतिशबाजी, राष्ट्रीय गान और भारत माता की जय के नारों के बीच इंजीनियरिंग के इतिहास की इस दुर्लभ उपलब्धि पर जश्न मनाया गया। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत चिनाब दरिया की सतह से 359 मीटर की ऊंचाई पर पुल की अंतिम आर्क जुड़ते ही कोड़ी और बक्कल रेलवे स्टेशन आपस में जुड़ गए हैं। यह पुल पेरिस के एफिल टावर से 30 मीटर ऊंचा है। हालांकि, पुल का अभी 98 फीसदी निर्माण पूरा हुआ है, जिसे दिसंबर में अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
भारतीय रेलवे समेत दुनिया के रेलवे इतिहास के सबसे ऊंचे पुल पर 1,436 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। 17 स्तंभों पर बने पुल की कुल लंबाई 1315 मीटर है। शनिवार को पुल की आर्क को जोड़ने से पहले मौके पर एक तिरंगा रैली निकाली गई। कोड़ी की तरफ से शुरू हुई यह रैली आर्क जोड़े जाने वाले स्थान पर पहुंची, जहां आर्क के जुड़ते ही भारत माता का जयघोष किया गया। मौके पर नॉर्दर्न रेलवे के सीएओ एसपी माही मुख्य रूप से मौजूद रहे।
पुल बनाने का काम करने वाली अफकांस इंफ्रास्ट्रक्चर के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गिरिधर राज गोपालन और प्रोजेक्ट मैनेजर एसएम विश्वमूर्ति ने कहा कि पुल का काम इसी वर्ष अंत तक पूरा होगा। कंपनी ने पुल को बनाने का काम एक चुनौती के तौर पर लिया था, जिसमें हर मैटेरियल बेहतरीन लगाकर इसको भूकंप रोधी बनाया गया है। शनिवार को ओवर आर्क को आपस में जोड़े जाने का काम पूरा किया गया।
कर्मचारियों में था गजब का उत्साह
आर्क जोड़े जाने के समय अफकांस के अधिकारियों के साथ कर्मचारियों में गजब का जोश रहा। पुल के दोनों तरफ तिरंगा लगाया गया था। साथ ही आर्क के जुड़ते ही आसमान में तीन रंगों के गुब्बारे छोड़े गए। कर्मचारियों ने कहा कि इतिहास में इस पुल को बनाने वालों का नाम लिखा जाएगा। चिनाब दरिया पर बना विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल दुनिया का एक और अजूबा है, जिसको देखने दुनिया आएगी। आर्क जुड़ते ही रंग बिरंगे फूलों को हवा में फेंका गया और आतिशबाजी कर खुशी जताई गई।
1300 वर्कर, 300 इंजीनियर दिन-रात जुटे, फहराया तिरंगा
निया के सबसे ऊंचे रेल पुल को मूर्त रूप देने में 1300 वर्कर और 300 इंजीनियर दिन रात जुटे हैं। 111 किलोमीटर लंबे कटड़ा-बनिहाल सेक्शन में निर्माणाधीन पुल का काम वर्ष 2004 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2008-09 में लगातार तेज हवाओं के चलते काम को रोकना पड़ा था। 120 साल की अवधि के लिए तैयार किए जा रहे पुल पर 260 किलोमीटर प्रतिघंटे के रफ्तार से चलने वाली हवाएं भी असर नहीं डाल सकेंगी। गोल्डन ड्वाइंट रस्म के साथ सबसे ऊंचे रेल पुल पर तिरंगा भी लहराया गया।

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला Har GharTiranga अभियान में शामिल हुए

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नई दिल्ली – आज़ादी का अमृत महोत्सव भारत की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने और यहां के लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को याद करने और जश्न मनाने के लिए किया जा रहा है। इसी शृंखला के तहत आज़ादी के 75 वे अमृत महोत्सव के शुभ अवसर पर भारत सरकार के ‘मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने अपने गृह नगर ( गांव ईश्वरिया ) में #HarGharTiranga अभियान के अंतर्गत भाजपा अमरेली तालुका द्वारा आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
ज्ञात हो कि श्री पुरुषोत्तम रूपाला का जन्म गुजरात के अमरेली के ईश्वरिया गांव में हुआ है। वह अपने भाषणों में अक्सर मजाकिया लहजे और स्थानीय भाषा के शब्दों के प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। वह हमेशा पारंपरिक कपड़े पहनते है। सन 1991 में यही से पुरुषोत्तम रूपाला पहली बार अमरेली से विधायक के तौर पर चुने गए थे।
#HarGharTiranga अभियान में श्री पुरुषोत्तम रूपाला के साथ स्थानीय समुदाय के हर वर्ग के लोगो के साथ साथ बच्चों ने भी बढ़ चढ़ भाग लिया और इस अभियान को सफल किया।

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के लीड इंडिया फाउंडेशन ने देश के 111 राष्ट्रीय स्तंभ में से एक घोषित कर सम्मानित किया डॉ अनुषा श्रीनिवासन अय्यर को

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लीड इंडिया फाउंडेशन के द्वारा मुम्बई में आयोजित एक भव्य समारोह में फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. हरि कृष्ण मरम ने 111 मिनट की अवधि में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस, केएएस अधिकारियों, फिल्म हस्तियों, उद्योग जगत के नेताओं, एनजीओ नेताओं और खेल हस्तियों सहित 111 पावर वुमन को सम्मानित करके वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाया। इस क्रम में लीड इंडिया फाउंडेशन द्वारा देश के 111 राष्ट्रीय स्तंभ में से एक घोषित कर समतावादी पृथ्वी योद्धा डॉ अनुषा श्रीनिवासन अय्यर को सम्मानित किया गया। अनुषा श्रीनिवासन अय्यर ने सामाजिक, पर्यावरण के साथ-साथ सांस्कृतिक कारणों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं के लिए भी सम्मान अर्जित किया है।
उसी के लिए, उन्हें 2019 में लाइफ्स रियल हीरोज अवार्ड्स ऑफ़ इंडिया के विजेता के रूप में कई पुरस्कार, प्रशंसा और मान्यताएँ मिली हैं, द इकोनॉमिक टाइम्स आइकन अवार्ड फॉर स्ट्रेटेजिक ब्रैंडमेकर और सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा ईटी राइजिंग इंडियन के रूप में स्वीकृति, मिड-डे आइकन अवार्ड्स, फोर्ब्स इंडिया द्वारा ‘ब्रांड रणनीति की रानी’ के रूप में नामित किया गया। वह अंतर्राष्ट्रीय महिला उत्कृष्टता अधिकारिता पुरस्कार, राष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार, महिला प्रभाव पुरस्कार, पीपुल्स एक्सीलेंस अवार्ड, इंस्पायर अवार्ड, दादासाहेब फाल्के फिल्म फाउंडेशन अवार्ड, मैं हूं बेटी अवार्ड, समाज रत्न पुरस्कार, दादा साहेब गोल्डन कैमरा अवार्ड की प्राप्तकर्ता भी हैं।
आइकॉनिक अचीवर्स अवार्ड, हरियाणा गरिमा अवार्ड, परफेक्ट वुमन अचीवर्स अवार्ड, कर्मिक अवार्ड्स, गुरुग्राम अचीवर्स अवार्ड, समग्र विज्ञान के राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में समतावादी पृथ्वी योद्धा पुरस्कार, और एम आई टी, पुणे द्वारा उनकी सामाजिक चेतना के लिए सम्मानित किया गया है और श्री स्वामी समर्थ अन्नक्षेत्र ट्रस्ट, अक्कलकोट द्वारा राष्ट्रीय कल्याण पुरस्कार से भी नवाज़ा गया है।
डॉ. अनुषा श्रीनिवासन अय्यर का संगठन, मेक अर्थ ग्रीन अगेन मेगा फाउंडेशन ग्रह की रक्षा के लिए प्रयासरत है। मानव जाति के कारण पर्यावरणीय क्षति को दूर करने के मिशन के साथ। वह, अपने असंख्य तरीकों से, न केवल पृथ्वी को हरे रंग में रंगती है, बल्कि युवाओं को भी इसके लिए खड़े होने के लिए प्रेरित और प्रेरित करती हैं। समान विचारधारा वाले जिम्मेदार व्यक्तियों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और संगठनों को एक साथ लाने में उत्प्रेरक के रूप में काम करते हुए, अनुषा नागरिक कल्याण के लिए सरकार और उसके मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करती है।
वह आदिवासी कल्याण, वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा, एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास और लैंगिक समानता, एलजीबीटीक्यू सशक्तिकरण, स्ट्रीट चिल्ड्रेन वेलफेयर, कॉन्क्लेव में भागीदारी और प्रेरणादायक वार्ता, एक कारण और युवाओं के साथ फिल्म निर्माण के मुद्दों पर अपने रुख के लिए भी जानी जाती हैं। अपने काम के मोर्चे पर, अनुषा श्रीनिवासन अय्यर वर्तमान में नारद पीआर एंड इमेज स्ट्रैटेजिस्ट्स की प्रबंध निदेशक हैं, जो भारत के प्रमुख पीआर, ब्रांड स्ट्रेटेजिज़ेशन और इमेज मैनेजमेंट एजेंसी में से एक हैं, इसके अलावा सम्मानित अभिनेताओं के ब्रांड कस्टोडियन भी हैं।
एक फायरब्रांड पत्रकार के रूप में जानी जाने वाली डॉ. अनुषा श्रीनिवासन अय्यर वेदांत अभिनीत बाल श्रम, आशा और खुशी पर उनकी फिल्म ‘सारे सपने अपने हैं’ के साथ वैश्विक पुरस्कार विजेता लेखक-निर्देशक के रूप में भी चर्चा में हैं।
सिद्धांत गिल और कृष्णवेनी श्रीनिवासन और रामचंद्रन श्रीनिवासन द्वारा निर्मित, इस फिल्म ने 120 से अधिक पुरस्कार जीते और यह फिल्म 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित होने के बाद फिल्म समीक्षकों द्वारा काफी सराही गई है।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा स्थापित लीड इंडिया फाउंडेशन अपने स्थापना काल से ही राष्ट्र विकास के लिए परिवर्तन की दृष्टि के साथ सामाजिक प्रेरणादायक कार्यों से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित कर इस सहस्राब्दी में बदलाव लाकर अपने नाम पर खरा उतर रहा है।

दिव्यांगजनों के लिए समर्थनम ट्रस्ट ने किया रोजगार मेला का आयोजन

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मुम्बई। पिछले दिनों समर्थनम ट्रस्ट द्वारा एनसीएससी एटीआई कैम्पस, चूनाभट्टी, मुम्बई में एक रोजगार मेला का आयोजन सम्पन्न हुआ। जिसमें मुम्बई, ठाणे, पालघर, नवी मुंबई के 163 दिव्यांगजनों ने भाग लिया। उसमें से 30 उम्मीदवार का चयन हुआ और 60 उम्मीदवार को शॉर्टलिस्ट किया गया।


इस जॉब फेयर के माध्यम से दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सफल प्रयास किया जा रहा है। नौकरी मिलने से उनके जीवन को नई दिशा मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगी।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती शिरीन लोखंडे (एडिशनल लेबर कमिश्नर), एस के कुशवाहा (एचओओ, एनसीएससी, वीआरसी), सतीश के (पैन इंडिया प्लेसमेंट हेड), चंद्रशेखर (पैन इंडिया प्रोग्राम हेड) उपस्थित रहे।

गौ रक्षकों (Cow Protectors) को जो आज़ादी मिली है वो नहीं मिलनी चाहिए – ओवैसी

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हैदराबाद के जलसा कार्यक्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ने अपने भाषण के दौरान कहा कि भारत में अगर सब से ज़्यादा किसी की बेइज्जती की जाती है तो वो मुसलमान है. भारत में सबसे ज़्यादा ग़ैर महफ़ूज़ मुसलमान है. उन्होंने कहा कि देश में गौ रक्षकों (Cow Protectors) को जो आज़ादी मिली है वो नहीं मिलनी चाहिए. हम उम्मीद करते है की प्रधानमंत्री अपने लाल क़िले के भाषण में मुल्क के मजलूमो का ज़िक्र करेंगे.
ओवैसी ने भाषण के दौरान कहा कि इतिहास में मुसलमानों का योगदान किसी और से कम नहीं है, हमें साथ मिलकर आजादी का जश्न मनाना है. उन्होंने कहा कि हमारे देश को आजादी तो मिल गई है लेकिन आज भी गरीबी से छुटकारा नहीं पाया जा सका है. आज भी देश में किसानों की आय कम है.
ओवैसी ने कहा कि हमारे लिए आजादी का मतलब कतई नहीं कि गौरक्षकों को कुछ भी करने की आजादी मिल जाए. आज देश में अगर कोई सबसे पिछड़ा है तो मुसलमान है. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन ने आज हमारे 100 sq km पर कबजा कर लिया है लेकिन कोई आवाज उठाने वाला नहीं है. सब मिलकर रहेंगे तभी इस देश का विकास होगा लोग खुशहाल होंगे.

नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता द्वारा रविवार को भव्य तिरंगा रैली का आयोजन

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मुम्बई – भारत की आज़ादी के 75 वे अमृत महोत्सव शुभ अवसर पर वीले पार्ले विधानसभा वॉर्ड क्रमांक ७० की नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता द्वारा एक भव्य तिरंगा रैली का आयोजन दिनाँक १४ अगस्त रविवार के दिन किया गया है। यह रैली शॉपर स्टॉप से शुरू हो कर वीले पार्ले रेलवे स्टेशन , गुलमोहर रोड , इर्ला सिंग्नल , बजाज रोड , डीजे रोड , पोंड गौठान , इर्ला सोसायटी रोड होते हुए शास्त्री नगर पर ख़त्म होगी।
इस रैली में देश भक्ति गीतों , के साथ लेझिम , भारतीय नृत्य इत्यादि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम में सांसद पूनम महाजन , विधायक पराग अलवणी , विधायक अमित साटम आदि की उपस्थिति रहेगी। रैली में १००० से ज्यादा लोगो के भाग लेने की संभावना है।
इस रैली के अतिरिक्त नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता ने एक गीत भी जारी किया है जो लोगो को काफी पसंद आ रहा है।

छत्तीसगढ़ – क्रूरता की हदें पार, गाय का मुँह बाँध लाठियों से पीटा

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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में एक गोवंश के साथ कुछ लोगों की बेरहमी का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में गाय का मुँह बोरी से बाँध कर उसको बुरी तरह से पीटा गया है। बाद में उस गाय को अधमरी हालत में चारों पैर बाँध कर नदी में फेंक दिया गया। इस घटना का वीडियो आरोपितों ने खुद ही बनाया था जिनके खिलाफ मंदिर हसौद थाने में FIR दर्ज हुई है। इस घटना में पुलिस ने 3 नामजद आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना गुरुवार (11 अगस्त 2022) सुबह की बताई जा रही है।
वायरल वीडियो में नदी में फेंका गया गौवंश कुछ देर तैरने का प्रयास करता है लेकिन पैर बँधे होने के कारण बाद में वह डूब गया। वीडियो में घटनास्थल पर लगभग 10 आरोपित दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथों में डंडे भी दिखाई दे रहे हैं। घटना एक सड़क पर बने पुल की है जिस से लोग आ जा रहे हैं।
वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने आरोपितों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के मुताबिक, “गाँव लालमाटी से बहने वाली सोन नदी में आपराधिक तत्वों ने गौ माता के चारों पैरों को रस्सी और मुँह को बोरे से बाँध कर जीवित ही फेंक दिया। इसमें घटना में राहुल खुंटे, कमल किशेर खुंटे, किरन जाटवर और कुलदीप आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। आरोपितों ने लोगों में डर फैलाने के लिए इसका वीडियो भी बना डाला।”
शिकायत में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस शिकायत पर हसौद थाने पर FIR दर्ज हो गई है। पुलिस ने किरण जाटवर, कमल किशोर और राहुल कुट्टे के खिलाफ IPC की धारा 429, छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण अधिनियम 2044 की धारा 4/10/11 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत FIR दर्ज किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित किरण जाटवर और राहुल खुटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं फरार आरोपित कमल किशोर खुटे की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिख रहे बाकी अन्य आरोपित भी चिन्हित किए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने गायों द्वारा अपनी फसलों को खाने से नाराज हो कर इस घटना को अंजाम दिया था।

भारत की आज़ादी के 75 वे अमृत महोत्सव पर गायिका मधुश्री के स्वर में ‘वन्देमातरम’ गीत

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मुम्बई। अब एक बार फिर वंदे मातरम की गूंज से झूमेगा इंडिया सारा। वंदे मातरम के गीत से रगों में भर जाएगा देश भक्ति का जज्बा। गायिका मधुश्री, भारत की आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के मौके पर अपनी सुरीली आवाज में लेकर आ गयी हैं भारत वासियों के लिये बेहद खूबसूरत नजराना। एक ऐसा गाना जो देश की पहचान है।
हाल ही में वंदे मातरम गाने को उन्होंने अपनी मधुर आवाज में रिकॉर्ड किया और अब गाना पूरा बनकर सामने आ गया है तो मधुश्री बेहद खुश हैं और कहती हैं,”मैं भारत से प्यार करती हूं और बचपन से वंदे मातरम गीत, मेरे दिमाग में सदैव एक मीठी धुन बनकर बजता रहा है, जब भी मैं ये गाना सुनती थी तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे। लता जी का गाया हुआ ‘वंदे मातरम’ गीत मुझे हमेशा से प्रेरणा देते रहा हैं और इस साल मैंने फैसला किया कि मैं ये गाना रिकॉर्ड करके देशवासियों को और भारत माँ को ये गाना समर्पित करूंगी।
मधुश्री आगे कहती हैं कि मैंने रॉबी बादल से एक अलग धुन बनाने के लिए कहा और उन्होंने हूबहू वैसा ही किया। मैंने पूरी श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ इस गाने को गाया है। भारत माता ने हमें बहुत कुछ दिया है। मैं चाहूंगी कि यह गीत हमारे देश और हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि हो, जहाँ हमारा देश आजादी के 75 वें वर्ष अमृत महोत्सव मना रहा है। यह गीत हमारे तिरंगे की शक्ति को संगीत के माध्यम से हर घर तक पहुंचाने की मेरी एक कोशिश है। संगीत की कोई सीमा नहीं होती और वंदे मातरम गाने के माध्यम से मैं चाहती हूं कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज हर भारतीय के घर और दिल में और दुनिया भर में सदैव गर्व से लहराता रहे।
इस गीत को संगीत से सजाया है रॉबी बादल ने, लिखा है बंकिम चंद्रा चट्टोपाध्याय और अर्रेंज किया है सुदीप घोष ने।