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जब भगवान् कृष्ण ने ख़ुद थियेटर में बैठ कर देखी फिल्म

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मुम्बई – मैं भी उस प्रीमियर शो में था , एक फोन कॉल , अमूमन मैं कही जाता नहीं हूँ मगर उस दिन जब अखिलेश ने मुझे फोन किया और कहा कि -” आप फ्री है मैक्सेस मॉल आना है , एक फिल्म का प्रीमियर शो है , मैंने भी अनमाने मन से बोल दिया है ठीक है , आता हूँ। अखिलेश ने मुझे मेरे व्हाटप्प पर सारी जानकारी भेजी , मगर मैंने पढ़ा नहीं , समय के अनुसार गाड़ी उठाई और बोरीवली गोराई पहुंच गया।

वहां पहुंचने पर फिल्म का नाम मालूम हुआ ” कृष्ण संगिनी यमुना ” नाम देख कर बड़ा रोमांचित हुआ , और जब यह मालूम हुआ कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक फिल्म को सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से बना कर सनातन संस्कृति का प्रचार -प्रसार कर रहे है तो मन और भी पुलकित हो गया।

खैर समय के अनुसार फिल्म देखने के लिए हम सभी लोग थियेटर में गए , मेरी नज़र एक कुर्सी पर जा कर टीक गई , देखा कि भगवान् कृष्ण बड़ी मोहक तस्वीर सजी हुई कुर्सी पर रखी हुई है मैंने भी उन्हें प्रणाम किया और अपनी सीट पर फिल्म देखने बैठ गया।
फिल्म ” कृष्ण संगिनी यमुना ” जब पर्दे पर शुरू हुई तो ” यमुना ” जी के बारे में जानने की जिज्ञासा बढ़ती चाली गई जिसे फिल्म में बाखूबी दिखाने का प्रयास किया गया , ज्ञात हो कि यमुना जी को श्रीकृष्ण की प्रिया कहा जाता है. पुराणों में उल्लेख है कि भगवान श्रीकृष्ण की आठ पटरानियों में एक प्रिय पटरानी कालिंदी ही यमुना हैं. वहीं जब कृष्ण भगवान किशोर थे तो उन्होंने यमुना के तट पर ही गोपियों संग रास रचाया. मान्यता है कि श्रीकृष्ण लीलाओं में यमुना जी का भी विशेष स्थान था।
कथा के अनुसार मृत्यु का भय दूर करती है मां यमुना वे मृत्यु के देवता यमराज (Yamraj) के साथ साथ न्याय के देवता शनि की भी बहन हैं. ऐसे में मां यमुना के भक्त मानते हैं कि मां के दर्शन करने से मृत्यु का भय और पाप दोनों नष्ट हो जाते हैं.
सूर्य की पुत्री, यमराज की बहन और श्रीकृष्ण की प्रियाओं में से एक, यमुना मां की महिमा अपरंपार है। जो इस फिल्म ” कृष्ण संगिनी यमुना ” में बताया गया है। फिल्म की लेखिका शशि बिहारी खंडेलवाल ने बहुत अच्छी कथा और पठकथा लिखी है जिसे ग्राफ़िक के माध्यम से खूबसूरत बनाया गया है। फिल्म के कलाकार ज्यादातर नए है। कलाकारों में आकांक्षा पाल , नीलम कुमारी , मनीष गर्ग , अनुज भारद्वाज , हर्षित वर्मा , अजय यादव , प्रियंसी पलव इत्यादि है।

 

इस फिल्म के निर्माता शशि बिहारी खंडेलवाल , और फिल्म्स गैलेरी है। फिल्म को मथुरा , वृन्दावन गोकुल , बनारस , ब्रजजेश्वरी और गुजरात में शूट किया गया है। फिल्म के निर्माण में वर्षा उपाध्याय ने भी सहयोग किया है। गीत संगीत निशांत कमल व्यास और शिवांग उपाध्याय का है। फिल्म के सह निर्माता श्याम उपाध्याय है। और महाप्रभु की विशेष भूमिका अनुग्रह बाबा ने निभाई है। यह फिल्म महाराणी फिल्म के बैनर तले बनी है।

यमुना जी के बारे में कुछ विशेष

श्रीकृष्ण की पटरानी हैं यमुना
द्वापर युग में श्रीकृष्ण लीला के समय सर्वेश्वर श्रीकृष्ण एवं यमुना जी के पुनर्मिलन का वृत्तांत कुछ इस प्रकार है-एक बार श्रीकृष्ण अर्जुन को साथ लेकर घूमने गए। यमुनातट पर एक वृक्ष के नीचे दोनों विश्राम कर रहे थे। श्रीकृष्ण को ध्यान मग्न देखकर अर्जुन टहलते हुए यमुना के किनारे कुछ दूर निकल गए। वहां उन्होंने देखा कि यमुना नदी के भीतर स्वर्ण एवं रत्नों से सुसज्जित भवन में एक अतीव सुंदर स्त्री तप कर रही है। अर्जुन ने जब उससे परिचय पूछा तो उसने कहा, मैं सूर्यदेव की पुत्री कालिंदी हूं।
भगवान श्रीकृष्ण के लिए मेरे मन में अपार श्रद्धा है और मैं उन्हीं को पाने के लिए तप कर रही हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।
अर्जुन ने वापस लौटकर यह वृत्तांत श्रीकृष्ण को सुनाया तो श्यामसुंदर ने कालिंदी के पास जाकर उन्हें दर्शन दिया और उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद श्रीकृष्ण ने सूर्यदेव के समक्ष उनकी पुत्री कालिंदी (यमुना) से विवाह का प्रस्ताव रखा तो उन्होंने श्रीकृष्ण के साथ कालिंदी का विवाह कर दिया। इस प्रकार वह द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की पटरानी बन गई।

गौ तस्कर माफिया अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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गौ तस्करी मामले में सीबीआई ने अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने गुरुवार सुबह करीब 10 बजे उनके घर पर छापा मारा। केंद्रीय बलों ने नीचपट्टी के बोलपुर में अनुब्रत के घर को घेर लिया। अनुब्रत के घर के सभी दरवाजे बाहर से बंद थे। सीबीआई ने घर में सभी का फोन ले लिया। उसके बाद जांचकर्ताओं ने अनुब्रता को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जांच में सहयोग न करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई द्वारा भेजे गए दस समन में अनुब्रत केवल एक बार पेश हुए।
उन्होंने बुधवार को भी समन से परहेज किया। फिर गुरुवार की सुबह सीबीआई बीरभूम के तृणमूल कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल के बोलपुर स्थित घर पर पेश हुई. सीबीआई आज सुबह करीब साढ़े दस बजे उनके घर गई और कुछ देर तलाशी ली।
तभी सीआरपीएफ जवानों ने घर को घेर लिया। बाद में सीबीआई अधिकारी अनुब्रत मंडल को लेकर घर से निकल गए। गौ तस्करी मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बॉडीगार्ड सहगल हुसैन का नाम था. अनुब्रत मंडल के नाम का भी उल्लेख किया गया था। सीबीआई अधिकारियों ने आज अनुब्रत के घर में प्रवेश किया और दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया। सीबीआई के 10-12 वाहनों का काफिला था।

केंद्रीय बलों ने तृणमूल जिलाध्यक्ष के सुरक्षा गार्डों को वहां से हटा दिया। मेडिकल जांच के बाद उसे आज आसनसोल कोर्ट ले जाया जा सकता है।
गाय तस्करी मामला: सीबीआई छापे का विवरण सीबीआई अधिकारियों ने बुधवार रात बोलपुर में छापा मारा। वे रात में विश्व भारती के रतनकुठी गेस्ट हाउस में थे। सीबीआई ने सुबह गेस्ट हाउस में बंद कमरे में बैठक की। फिर गुरुवार की सुबह करीब 10:15 बजे केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी अनुब्रत मंडल के नीचपट्टी के घर में घुस गए. सीआरपीएफ से घिरा बीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष का घर। अनुब्रत ने दूसरी मंजिल के कमरे में बैठे सीबीआई के दो अधिकारियों से करीब डेढ़ घंटे तक बात की।
सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने उसके घर से कई अहम दस्तावेज भी जुटाए। उसके बाद अनुब्रत को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि अभी तक सीबीआई ने गिरफ्तारी के बारे में कुछ नहीं बताया है।
बताया जा रहा है कि अरेस्ट मेमो पर भी साइन नहीं किया गया है. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इससे पहले अनुब्रत मंडल को गौ तस्करी मामले में सीआरपीसी की धारा 160 के तहत गवाह के तौर पर तलब किया गया था. हालांकि, इसी दिन बीरभूम के ‘बाहुबली’ तृणमूल नेता को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को उन्हें आसनसोल कोर्ट ले जाया जाएगा। हालांकि आसनसोल कोर्ट में पेश होने से पहले मेडिकल जांच कराई जाएगी। उस स्थिति में, यह अभी भी अज्ञात है कि उसका मेडिकल चेक-अप कहाँ किया जाएगा।

टीएमसी नेता जांच में नहीं कर रहे थे सहयोग
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने टीएमसी नेता को गिरफ्तार करने से पहले उन्हें आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41 के तहत एक नोटिस दिया। जांच एजेंसी ने पिछले कुछ दिनों में टीएमसी नेता को दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वह खराब सेहत का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे। सीबीआई के कम से कम आठ अधिकारियों का दल केंद्रीय बलों के साथ सुबह करीब 10 बजे मंडल के आवास पर पहुंचा और जांच के तौर पर तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारी ने बताया कि मंडल से उनके आवास की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में पूछताछ की गयी।
डॉक्टर से भी होगी पूछताछ 
उन्होंने बताया कि सीबीआई बोलपुर के एक अस्पताल के डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने मंडल को 14 दिनों तक आराम करने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी के अधिकारी टीएमसी नेता के साथ ही उनके कई करीबी साथियों के आवास पर छापे मार रहे हैं। मंडल से सीबीआई ने दो बार पूछताछ की है। केंद्रीय एजेंसी ने उनके अंगरक्षक सैगल हुसैन को भी गिरफ्तार किया है।

 

*लेसली लेविस ने री-क्रिएट किया स्वर्गीय सिंगर केके के बेटे नकुल और बेटी तमारा के साथ ‘यारों-दोस्ती’ गीत*

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मुम्बई। सिंगर केके आज हमारे बीच नही हैं लेकिन उनके गाये हुए सदाबहार गीत और उनके खूबसूरत आवाज की गूंज ताउम्र तक हमारे दिल में बसी रहेगी। एक ऐसा लाजवाब फनकार, जिसकी आवाज इस भीड़ में न तो कभी खो सकती है और न ही कभी चाहने वालों के दिलों से निकल सकती है।
केके का गाया हुआ और लेसली लेविस का कंपोज़ किया हुआ गाना ‘यारों-दोस्ती’ आज भी लोगों के यादों में बसा हुआ है। और अब 23 साल के बाद लेसली लेविस ने अपने दोस्त केके की याद में इस यादगार गीत को उनके बेटे नकुल और बेटी तमारा के साथ फिर से बड़ी ही खूबसूरती से रिक्रिएट किया।
23 सालों बाद बांद्रा के पर्पल हेज़ स्टूडियों में लेसली लेविस ने ‘यारों’ गाने को रिक्रिएट किया जहां पर पहली बार के के ने इस गाने को गाया था और 23 साल बाद पहली बार पिता के लिए बेटा नकुल और बेटी तमारा ने इस गाने में अपनी आवाज देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इतने भावुक पलों को याद करते हुए लेसली लेविस कहते हैं कि मेरा और के के रिश्ता काफी पुराना है। 23 साल पहले हमने पर्पल हेज़ स्टूडियो में यारों गाने की रिकॉर्डिंग की थी। वो पल बहुत ही खूबसूरत थे। हम दोनों के लिए वो बहुत प्यारी यादे थी और अब 23 सालों बाद मैंने उसी स्टूडियो में यारों-दोस्ती गाने को री- रिकॉर्ड किया उनके बच्चे नकुल और तमारा के साथ जहाँ उनकी पत्नी ज्योति भी आयी थी। पहली बार नकुल ने पापा के लिए गाना रिकॉर्ड किया और जब मैंने उसकी आवाज सुनी, मुझे केके के अलावा और कोई नजर नही आया। उसकी आवाज हूबहू के के जैसी लगी। आज अगर वो हमारे बीच होते तब ये सब देखकर बहुत खुश होते।
इसके आगे लेसली कहते हैं कि जिस दिन मैंने केके को उसकी जिंदगी का पहला जिंगल, ब्रेक के तौर पर दिया था उस दिन नकुल पैदा हुआ था। इसलिए हमारा साथ इतना अनूठा और गहरा हैं कि रिकॉर्डिंग के वक़्त उनकी वाइफ ज्योति कृष्णा भी आयी हुई थी। इस गाने की री-क्रिएशन भी इतनी खूबसूरत हुई हैं जिसके लिए मेरे पास अल्फ़ाज़ नही हैं।


अपने पापा को इस गाने के जरिये श्रद्धांजलि देते हुए एक मीडिया से बात करते हुए केके के बेटे नकुल कहते,”पापा के जाने के बाद हम पहली उन्ही के गाने को रिकॉर्ड कर रहे है। जिसकी फीलिंग मैं बयां नही कर सकता। जब मैंने गाना गाया तो ऐसा लगा कि वो हमारे साथ थे और हमारी रिकॉर्डिंग सुन रहे थे। इन अहसासों को, जज्बातों को, शब्दों में मेरे लिए बया करना, मेरे लिए, मेरी बहन तमारा के लिए और माँ के लिए बेहद मुश्किल है।

Lumpy skin disease: प्रशासन ने ली गोशालाओं की सुध, सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव

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क्षेत्र में गोवंश पर लगातार बढ़ रहा लंपी स्किन डिजीज का संक्रमण
चूरू. तारानगर. गोवंश में फैल रहे लंपी स्किन बीमारी को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से तारानगर क्षेत्र की गोशालाओं के हाल पर स्वयं कर रहे गौवंश को बचाने का प्रयास शीर्षक से समाचार छपने के बाद प्रशासन व पशुपालन विभाग ने गोशालाओं की सुध ली। एसडीएम प्रभजोत ङ्क्षसह गिल के निर्देश पर पशुपालन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कस्बे की गोशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रोग से ग्रसित पशुओं की जानकारी लेकर उनका इलाज किया व संक्रमण से बचाने के लिए गोशाला में सोडियम हाइपोक्लोराइट दवा का छिड़काव करवाकर गोशाला संचालकों को उचित दिशा-निर्देश दिए। पशुपालन विभाग तारानगर के नोडल अधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र ने बताया कि तारानगर पशुपालन विभाग की ओर से तारानगर की गौशालाओं में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कराया गया। एसडीएम के निर्देशानुसार नगरपालिका तारानगर की ओर से सोडियम हाइपोकलोराइट गौशालाओं के लिए उपलब्ध करवा दी गई है। गौशाला में लमपी स्किन डिजीज से ग्रसित पशुओं का पशुपालन विभाग की देखरेख में उपचार किया जा रहा है।
कार्यकर्ता गोवंश का कर रहे उपचार
तारानगर. तहसील में इन दिनों लंपी स्किन बीमारी से ग्रसित पशुधन की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से माकूल व्यवस्था नहीं होने के चलते समाजिक कार्यकर्ता इस बीमारी पर पार -पाने में लगे हैं। बालाजी गौ सेवा समिति के कार्यकर्ता रात-दिन विभिन्न वार्डों में जाकर लंपी ग्रसित गायों की देखरेख कर रहे हैं। समिति के सदस्य पवन उर्फ छोटूराम स्वामी ने बताया कि लंपी स्किन बीमारी से गायों की हालत खराब होने लगे है गली -मोहल्ले में ज्यादा गंभीर स्थिति है। सदस्य ने बताया कि एक व्हाट््सएप ग्रुप बना रखा है जिसमें हमें सूचना प्राप्त होते ही हमारे सदस्यों को सूचित कर दिया जाता है। लंपी के कारण काफी गायों का देसी इलाज सरकार व प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार किया है। पशु चिकित्सक भी रखते हैं जो खुद आकर इंजेक्शन लगाते हैं। लंपी से ग्रसित पशुओं को क्वॉरेंटाइन करते हैं ताकि दूसरे पशुओं में यह बीमारी न फैले। बीमारी के कारण पशुओं को एक- दूसरे से दूर रखना पड़ता है, जगह का अभाव है यदि प्रशासन या कोई सामाजिक व्यक्ती चारदिवारी वाली जगह उपलब्ध करा दे तो उनके लिए पशुओं का इलाज करने में आसानी रहेगी। टीम में सोनू जांगिड़, पवन स्वामी, गोविन्द सरावगी,श्याम पारीक, अभिषेक शर्मा, नवीन सैन, प्रवीण सैन, विकास धेरड़ समेत 20 सदस्य गोसेवा करने के लिए तैयार रहते है।
भामाशाह आए आगे
सालासर. इन दिनों गोवंश में लंपी स्किन रोग में बढ़ता जा रहा है, पशुपालक ङ्क्षचतित है। इसके तहत मंदिर के ओमप्रकाश पुजारी पवन पुजारी ने गोवंश को बीमारी से बचाने के लिए 10 हजार रुपए की दवाईयां पशु चिकित्सालय में दी। पशु चिकित्सा अधिकारी सतीश शर्मा ने बताया कि 72 गायों का इस रोग का इलाज किया जा रहा है। 4 लोगों की टीम इलाज कर रही है। भिवानी निवासी अभिषेक शर्मा ने भी 10 हजार रुपए की दवाईयां पशु चिकित्सालय में उपलब्ध करवाई है।
राजलदेसर. गांव भरपालसर की गलियों में लंपी रोग से ग्रस्त 14 गोवंश का ग्रामीणों के सहयोग से मंगलवार को एक जगह आइसोलेट कर उपचार शुरू किया गया। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डा. हीरालाल सोनी ने बताया कि सरपंच दातार ङ्क्षसह एवं रिछपाल ङ्क्षसह की पहल पर ग्रामीणों एवं गोसेवकों के सहयोग से 14 रोग ग्रस्त गोवंश को पुरानी गोशाला में रखकर उनके निर्देशन में पशु चिकित्साकर्मी रामचंद्र एवं अशोक कुमार ने उपचार शुरू किया।

विश्व, भारत को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में देखता है : श्री पीयूष गोयल

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New Delhi – केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि विश्व अब भारत को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में देखता है। वह आज नई दिल्ली में व्यापारी उद्यमी सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
आज भारत को दुनिया का विश्वास हासिल होने पर जोर देते हुए श्री पीयूष गोयल ने कहा कि विकसित देश अब भारत के साथ व्यापारिक समझौते करने के लिए खासे उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर समझा जाता था और निवेशकों के कारोबार करने के उद्देश्य से भारत आने को लेकर संदेह रहता था।
पारदर्शिता और कारोबारी सुगमता पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने व्यापारियों और उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उन व्यापारियों को पूरा समर्थन देगी, जिन्होंने किसी प्राधिकरण द्वारा उत्पीड़न किए जाने के खिलाफ आवाज उठाई है।
उन्होंने व्यापारियों से लोगों और व्यवसायों पर अनुपालन के बोझ को कम करने के लिए सरकार के साथ काम करने का अनुरोध किया। साथ ही कहा कि उन्हें व्यापार की उपयुक्त प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारोबारी सुगमता में सुधार के लिए अनावश्यक, बोझिल और हतोत्साहित करने वाले कानूनों एवं नियमों को खत्म किया जाना चाहिए।
उन्होंने व्यापारियों से भारत द्वारा पेशकश की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने के लिए कहा। उन्होंने युवाओं को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने और नए विचारों के साथ भारत की विकास की गाथा को नई ऊर्जा देने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किए गए ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को देश के युवाओं को अवश्य आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अधिक से अधिक महिलाओं को व्यापारी और उद्यमी बनने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।
प्रधानमंत्री की दूरदर्शी कल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि इन नीतियों से गरीबों को ग्राहकों के रूप में उभरने में सहायता मिल रही है और इससे भारत की जनसंख्या सफलतापूर्वक उसकी एक बड़ी ताकत के रूप में परिवर्तित हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के अथक परिश्रम से देश के हर घर में रसोई गैस, पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित हुई है और हर गांव में इंटरनेट की पहुंच हो गई है। श्री गोयल ने कहा कि सरकार की नीतियों ने भी प्रत्येक भारतीय को महत्वाकांक्षी होने का साहस और उद्यमी बनने की आकांक्षा का आत्मविश्वास दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यापारियों तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रधानमंत्री की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की तरफ से हो रही वस्तुओं की मांग से लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने बड़े और छोटे सभी व्यापारियों, उद्यमियों और व्यवसायों से एक साथ काम करने का सामूहिक संकल्प लेने के लिए कहा, ताकि अधिक से अधिक भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को आगे बढ़ाया जा सके।

लंपी त्‍वचा रोग – गाय को दें ये देसी उपचार, मिलेगी राहत, पशु विशेषज्ञों ने दी सलाह

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नई दिल्‍ली. देश के कई राज्‍यों में गायों और भैंसों में लंपी स्किन रोग वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है. जिसकी वजह से गुजरात, राजस्‍थान सह‍ित कई राज्‍यों में हजारों की संख्‍या में मवेशियों की मौत हो चुकी है. मरने वाले पशुओं में सबसे बड़ी संख्‍या गायों की है. लंपी स्किन रोग एक संक्रामक रोग है जो वायरस की वजह से तेजी से फैलता है और कमजोर इम्‍यूनिटी वाली गायों को खासतौर पर प्रभावित करता है. इस रोग का कोई ठोस इलाज न होने के चलते सिर्फ वैक्‍सीन के द्वारा ही इस रोग पर नियंत्रण और रोकथाम की जा सकती है. हालांकि पशु चिकित्‍सा विशेषज्ञों की मानें तो कुछ देसी और आयुर्वेदिक उपायों के माध्‍यम से भी लंपी रोग से संक्रमित हुई गायों और भैंसों ठीक किया जा सकता है.
लंपी त्‍वचा रोग को लेकर पशु चिकित्‍सा एवं पशु पालन प्रसार शिक्षा विभाग, पशु चिकित्‍सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्‍वविद्यालय पालमपुर के पशु चिकित्‍सा विशेषज्ञ डॉ. ठाकुर कहते हैं कि गायों और भेंसों में चल रहा यह गांठदार त्‍वचा रोग काफी तेजी से फैल रहा है. अभी तक देश के करीब 17 राज्‍यों में फैल चुकी यह बीमारी महामारी का रूप ले चुकी है. लिहाजा जरूरी है कि न केवल सरकारें बल्कि पशु पालक भी इसे लेकर जागरुक रहें. यह एक संक्रामक रोग है, इसका कोई इलाज भी नहीं है लेकिन अगर कोई गाय इससे संक्रमित होती है तो कुछ परंपरागत उपचार भी किए जा सकते हैं जो काफी उपयोगी हैं.
डॉ. देवेश कहते हैं कि देश के राष्‍ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की ओर से लंपी स्किन रोग के लिए परंपरागत उपचार की विधि बताई गई है. गाय के संक्रमित होने पर अगर इन परंपरागत उपायों को भी कर लिया जाए तो काफी राहत मिल सकती है. हालांकि इस दौरान ध्‍यान रखें कि बीमारी पशु को स्‍वस्‍थ पशुओं से पूरी तरह दूर रखें. बीमार पशु के पास अन्‍य पशुओं को न जाने दें और न ही इसका जूठा पानी या चारा अन्‍य पशुओं को खाने दें.

लंपी त्‍वचा रोग – गौभक्तों ने मिलकर यज्ञ में आहुतियां प्रदान कर गौमाता के जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना की

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गुजरात_ कच्छगांधीधामअखिल विश्व गायत्री परिवार हरिद्वार, के तत्वावधान में गायत्री शक्तिपीठ गांधीधाम के परिजनों ने मिलकर वर्तमान समय में गौमाता में फैला लिम्पी रोग दूर हो, इस रोग से गौमाता को राहत मिले, गौमाता जल्दी स्वस्थ हो इस उद्देश्य से गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया । यज्ञ के मुख्य यजमान श्री हितेश भाई जोषी एवं एडवोकेट श्रीमती रचना जी रही ।
यज्ञाचार्य के रूप में गायत्री परिवार के श्री दिनेशजी लीलन ने अपनी सेवाएं प्रदान की। इस अवसर पर गौमाता की व्यवस्था संभाल रहे श्री दीपकजी, श्री राजेश जी, श्री सर्व जीव सेवा ट्रस्ट के प्रमुख , श्री नारायण भाई मरंड, श्री मुकेश भाई बापट, गायत्री परिजन श्री प्रभुभाई परमार, श्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह जी, श्री धर्मेन्द्र तीवारीजी, श्री हरीश कस्तुलीयाजी, श्रीमती शशिकला बहनजी, श्रीमती सिताबहनजी, एवं सभी गौभक्तों ने मिलकर यज्ञ में आहुतियां प्रदान कर गौमाता के जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना की ।
इस अवसर गौ हितार्थ कोई भी यज्ञ करवना चाहता है तो गायत्री परिवार के श्री दिनेशजी आर्य द्वारा निशुल्क यज्ञ करने की घोषणा की ।
ज्ञात हो कि  देश के कई राज्‍यों में गायों और भैंसों में लंपी स्किन रोग वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है. जिसकी वजह से गुजरात, राजस्‍थान सह‍ित कई राज्‍यों में हजारों की संख्‍या में मवेशियों की मौत हो चुकी
है. मरने वाले पशुओं में सबसे बड़ी संख्‍या गायों की है. लंपी स्किन रोग एक संक्रामक रोग है जो वायरस की वजह से तेजी से फैलता है और कमजोर इम्‍यूनिटी वाली गायों को खासतौर पर प्रभावित करता है. इस रोग का कोई ठोस इलाज न होने के चलते सिर्फ वैक्‍सीन के द्वारा ही इस रोग पर नियंत्रण और रोकथाम की जा सकती है. हालांकि पशु चिकित्‍सा विशेषज्ञों की मानें तो कुछ देसी और आयुर्वेदिक उपायों के माध्‍यम से भी लंपी रोग से संक्रमित हुई गायों और भैंसों ठीक किया जा सकता है.

गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति का किया गया गठन

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किशनगंज। बार काउंसिल सभागार में सोमवार को विभिन्न संगठनों का बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष, वर्तमान अध्यक्ष, सचिव, सह सचिव एवं कई संगठन के प्रमुखों के साथ किशनगंज में गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति गठित की गई।जिसकी संरक्षक के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता शिशिर दास, अध्यक्ष ओम कर्ण सचिव, प्रमोद सिन्हा सह सचिव, लक्ष्मी प्रसाद संयुक्त सचिव, साहिल कुमार एवं कार्यसमिति सदस्य के रूप में अजीत कुमार दास, आनंदो, अमित त्रिपाठी, अमित मंडल मनोनीत किए गए।
गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति बिहार राज्य में पशुधन के अत्याचार तस्करी जैसे मुद्दों को प्रशासनिक एवं शासन के समक्ष विभिन्न माध्यमों से रखने का कार्य करेगी एवं जिले में चल रही तस्करी को रोकने के लिए प्रचार प्रसार, सामाजिक जागरूकता अभियान एवं कानून के दायरे में नियमों के अनुकूल कार्य करेगी।
इस बैठक में मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष सुशांत गोप, मनोज गट्टानी, विद्यार्थी परिषद विभाग संयोजक अमित मंडल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अंकित कौशिक जैसे दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गौ सेवा, उत्तम सेवा-स्वामी प्रियम

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गौ माता सनातन संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण अंग है। गौ माता शुभता है। गौ माता दिव्यता है। गौ ही एक ऐसी माता है जिसमें सभी 33 प्रकार के देवी देवता का निवास है। ऐसे में गौ माता की सेवा मात्र से ही जन्म जन्म के चक्र से प्राणि मुक्त हो जाता है। यह बात स्वामी प्रियम ने कही। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा को समाज में बढ़ावा देना है। यह सेवा किसी भी प्राणी में स्नेह और श्रद्धा को पैदा करती है। ऐसे में वह स्वयं सेवा करने का मौका कभी नहीं चुकते हैं। गौ माता की सेवा के लिए हमेशा ही तत्पर रहते हैं। सेवा के लिए वह अक्सर कई दिन गौशाला में बिताते हैं।

 

स्वामी प्रियम बताते हैं कि गौसेवा का मानसिकता पर भी बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। गौ इस पृथ्वी पर सबसे बेहतर प्राणी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि किसी बालक को माता के बाद दुग्धपान कराने के लिए गौमाता का दूग्ध सबसे उत्तम माना जाता है। गौ से निकले दुग्ध का हर उत्पाद न केवल मनुष्य के शरीर को सौष्ठव प्रदान करता है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।

 

स्वामी प्रियम बताते हैं सावन का माह चल रहा है। भगवान शिव के साथ गाय का एक विशेष स्थान है। भगवान शिव का घोड़ा नंदी एक बैल है। इंद्र के पास कामधेनु यानी इच्छापूर्ति करने वाली गाय है। कृष्ण का पूरा चरित ही इन गायों के बीच गुजरता है। ऐसे में हिंदू धर्म में गाय को गौमाता कहा जाता है। एक बहुत ही पावन स्थान है। स्वामी प्रियम सभी अनुयायियों से गौ सेवा करने का आहावान करते हैं। वह कहते हैं कि गौसेवा पुण्य अर्जित करने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

 

कॉस्मो ज़िमिक की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘लाइफ ऑफ़ ए डोजो मास्टर’ मुम्बई में चीता यजनेश शेट्टी के सहयोग से रिलीज़

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मुम्बई। कुंग फू मास्टर कॉस्मो ज़िमिक अमेरिका से मुंबई पहुंचे हैं। उन्होंने 8 अगस्त, 2022 को करमवीर स्पोर्ट्स क्लब, अंधेरी, मुंबई में बॉलीवुड के जाने माने मार्शल आर्ट्स ट्रेनर चीता यजनेश शेट्टी के साथ एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जहां कॉस्मो ज़िमिक के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘लाइफ ऑफ ए डोजो मास्टर’ रिलीज़ किया गया। इसे चीता जीत कुने डू ग्लोबल स्पोर्ट्स फेडरेशन और एम्प्टी हैंड कॉम्बैट के सहयोग से प्रस्तुत किया गया। इनका कहना है कि आज के समय के लिए एक बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है, जो लोगों को कुुुछ करने की प्रेरणा देगी। इस अवसर पर कॉस्मो ज़िमिक, सारा लैंग ज़िमिक, सगून वाघ, श्रीदेवी शेट्टी वाघ, अमरजीत शेट्टी और चीता यजनेश शेट्टी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।


‘लाइफ ऑफ ए कुंग फू मास्टर’ मास्टर कॉस्मो ज़िमिक के जीवन के एक सप्ताह की कहानी है, जो भारत के मणिपुर के सुदूर क्षेत्र में पैदा हुए और बाद में अमेरिका जाकर बस गए।
मास्टर कॉस्मो को 8वीं डिग्री ब्लैक बेल्ट प्रदान करने वाले चीता जीत कुने डू ग्लोबल स्पोर्ट्स फेडरेशन के संस्थापक ग्रैंडमास्टर चीता यजनेश शेट्टी कहते हैं कि यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म लोगों को कुछ कर गुजरने की शिक्षा देती है और इससे उनका मनोबल बढ़ेगा। कॉस्मो ज़िमिक दुनिया के लिए एक उदाहरण है, जिन्होंने मार्शल आर्ट को एक अलग मुकाम दिया और लोगों को बताया कि मार्शल आर्ट लोगों को कुछ देने में विश्वास रखता है, ना कि लेने में। मार्शल आर्ट्स से तनाव मुक्त भी जाते हैं। इसके जरिये कॉस्मो ने लाखो लोगों की मदद की और काफी लोगों को फ्री शिक्षा देकर उन्हें एक काबिल इंसान बनाया और उनके जीवन को एक मकसद दिया।
मास्टर कॉस्मो जिमिक कहते हैं कि इस विश्व समुदाय में दूसरों की मदद करने के लिए आइये हम कुछ करें। यह फिल्म आपको अच्छा करने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करेगा और दुनिया को बदलने के लिए जीवन को प्रभावित करेगा जैसे कि हम दोनों कोशिश कर रहे हैं। इंसान को कोशिश करते रहना चाहिए, चाहे सफलता मिले या ना मिले। क्योंकि एक ना एक दिन कोशिश जरूर कामयाब होती है।