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Lok Sabha elections 2024 -बीजेपी ने जारी की 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, पीएम मोदी बनारस से करेंगे दावेदारी

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नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 100 से ज्यादा कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए गए हैं। पहली लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी नाम शामिल है। पीएम मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। 34 केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री के नाम पहली सूची में है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का भी नाम इस लिस्ट में हैं। 34 केंद्रीय मंत्री, लोकसभा स्पीकर, दो पूर्व मुख्यमंत्री, 28 महिलाओं को पहली सूची में जगह मिली है। 50 से कम उम्र वाले 47 उम्मीदवार इस लिस्ट में हैं।

बीजेपी की पहली लिस्ट की बड़ी बातें

बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में एससी से 27, एसटी से 18 और ओबीसी से 57 उम्मीदवार हैं। इसमें यूपी से 51, बंगाल से 20, एमपी से 24, गुजरात से 15, राजस्थान से 15, केरल से 12 तेलंगाना से 9, असम से 11 झारखंड से 11, छत्तीसगढ़ से 11 उम्मीदवारों को टिकट मिला है। दिल्ली से 5 सीट, जम्मू कश्मीर 2, उत्तराखंड 3, गोवा 1, त्रिपुरा 1, अंडमान और निकोबार 1, दमन दीव 1 सीट पर नाम का ऐलान किया गया है। केरल में शशि थरूर के सामने राजीव चंद्रशेखर को टिकट दिया गया है

बीजेपी की पहली लिस्ट में किस-किस को मिला टिकट

दिल्ली
चांदनी चौक- प्रवीण खंडेलवाल
उत्तर पूर्वी दिल्ली- मनोज तिवारी
नई दिल्ली- बांसुरी स्वराज
पश्चिमी दिल्ली- कमलजीत सहरावत
दक्षिण दिल्ली- रामवीर सिंह विधूड़ी

यूपी में इन सीटों पर उम्मीदवार घोषित
वाराणसी- नरेंद्र मोदी
कैराना- प्रदीप कुमार
मुजफ्फरनगर- संजीव कुमार बालियान
नगीना- ओम कुमार
रामपुर- घनश्याम लोधी
संभल- परमेश्वर लाल सैनी
अमरोहा- कंवर सिंह तोमर
गौतमबुद्ध नगर- महेश शर्मा
बुलंदशहर- डॉ भोला सिंह
मथुरा- हेमा मालिनी
आगरा- सत्यपाल सिंह बघेल
फतेपुर सीकरी- राजकुमार चाहर
एटा- राजवीर सिंह राजू भैया
आंवला- धर्मेंद्र कश्यप
शाहजहांपुर- अरुण कुमार सागर
खीरी- अजय मिश्रा टेनी
धौरहरा- रेखा वर्मा
सीतापुर- राजेश वर्मा
हरदोई- जयप्रकाश रावत
मिसरिख- अशोक कुमार रावत
उन्नाव- साक्षी महाराज
मौहनलाल गंज- कौशल किशोर
लखनऊ- राजनाथ सिंह
अमेठी- स्मृति इरानी
प्रतापगढ़- संगम लाल गुप्ता
इटावा- रामशंकर कठेरिया
कन्नौज- सुब्रत पाठक
अकबरपुर- देवेंद्र सिंह भोले
झांसी- अनुराग शर्मा
हमीरपुर- पुष्पेंद्र सिंह चंदेल
बांदा- आरके सिंह पटेल
फतेहपुर- साध्वी निरंजन ज्योति
बाराबंकी- उपेंद्र सिंह रावत
फैजाबाद- लल्लू सिंह
अंबेडकरनगर- रितेश पांडेय
श्रावस्ती- साकेत मिश्रा
गोंडा- कीर्तिवदन सिंह
डुमरियागंज- जगदंबिका पाल
बस्ती- हरीश द्विवेदी
संत कबीरनगर- प्रवीण निषाद
महाराजगंज- पंकज चौधरी
गोरखपुर- रवि किशन
कुशीनगर – विजय कुमार दुबे
बांसगांव- कमलेश पासवान
लालगंज- नीलम सोनकर
आजमगढ़- दिनेश लाल यादव निरहुआ
सलेमपुर- रवींद्र कुशवाहा
जौनपुर – कृपाशंकर सिंह
चंदौली- महेंद्र नाथ पांडेय
फर्रुखाबाद- मुकेश राजपूत

मध्य प्रदेश
मुरैना- शिवमंगल सिंह तोमर
भिंड- संध्या राय
ग्वालियर- भारत सिंह
गुना- ज्योतिरादित्य सिंधिया
सागर- लता वानखेड़े
टीकमगढ़- वीरेंद्र खटीक
दमोह- राहुल लोधी
खजुराहो- वीडी शर्मा
सतना- गणेश सिंह
रीवा- जनार्दन मिश्र
सीधी- राजेश मिश्रा
शहडोल- हिमाद्रि सिंह
जबलपुर- आशीष दुबे
मंडला- फग्गन सिंह कुलस्ते
होशंगाबाद- दर्शन सिंह चौधरी
विदिशा- शिवराज सिंह चौहान
भोपाल- अनूप शर्मा
राजगढ़- रोडमल नागर
देवास- महेंद्र सिंह सोलंकी
मंदसौर- सुधीर गुप्ता
रतलाम- अनिता नागर सिंह चौहान
खरगौन- गजेंद्र पटेल
खंडवा- ज्ञानेश्वर पाटिल
बैतूल- दुर्गादास
छत्तीसगढ़
सरगुजा- चिंतामणि महाराज
रायगढ़- राधेश्याम राठिया
जागीरचंपा – कमलेश जांगडे
कोरबा – सरोज पांडे
बिलासपुर – तोकल साहू
राजनंदगांव- संतोष पांडे
दुर्ग – विजय बघेल
रायपुर- बृजमोहन अग्रवाल
महासमुंद- रूपकुमारी चौधरी
बस्तर- महेश कश्यप
कांकेर- भोजराज नाग
गुजरात
कच्छ- विनोदभाई चावड़ा
बनासकांठा- रेखाबेन हितेशबाई चौधरी
पाटन- भरत सिंह जी दादी
गांधीनगर- अमित शाह
अहमदाबाद पश्चिम- धीरेशभाई मकवाना
राजकोट- पुरुषोत्तम भाई रुपाला
पोरबंदर- मनसुखभाई मंडावीया
जामनगर- पूनमबेन माडव
आणंद- नीतेशभाई पटेल
खेड़ा -देवुसिंह चौहान
पंचमहल- राजपाल सिंह जाधव
दाहोद- जसवंत सिंह
भरूच- मनसुख भाई वसावा
बारडोली- प्रभुभाई नागर भाई वसावा
नवसारी- सीआर पाटिल
झारखंड
राजमल- ताला मरांडी
दुमका- सुनील सोरेन
गोड्डा- निशिकांत दुबे
कोडरमा- अन्नपूर्णा देवी
रांची- संजय सेठ
जमशेदपुर- विद्यु महतो
सिंहभूम- गीता कोडा
कुंटी- अर्जुन मुंडा
लोहरदगा- समीर उरांव
पलामू- विष्णुदयाल राम
हजारीबाग- मनीष जयसवाल
केरल
कासरवड- एमएल अश्विमी
कन्नूर- सी रघुनाथ
वडकरा- प्रफुल्ल कृष्ण
कोझिकोड- एमटी रमेश
मंगलापुरम- अब्दुल सलाम
पोन्नामी- निवेदिता सुब्रमण्यम
पल्लकड- सी कृष्णकुमार
त्रिशूर- सुरेश गोपी
अलकुजा- शोभा सुरेंद्रन
पत्तनमटिटा – अनिल एंटनी
अटिंगल- वी मुरलीवरन जी
तिरुअनंतपुरम- राजीव चंद्रशेखर
अरुणाचल
अरुणाचल प्रदेश वेस्ट- किरण रिजिजू
अरुणाचल ईस्ट तापिर गाव
असम
करीमगंज- कृपानाथ मल्लाह
सिलचर- परिमल शुक्ला वैद्य
ओटोनोमस जिला अमर सिंह
गोवाहाटी- बिजुलि कलिता
मंगलदोई -दिलीप सेकिया
तेजपुर- रंजीत दत्ता
नौगांव- सुरेश बोरा
कलियाबोरा- कामक्य प्रसाद तासा
जोरहाट – तपन कुमार गोगोई
डिब्रूगढ़ – सर्वानंद सोनवाल
लखिमपुरपुर – प्रदान बरुआ
जम्मू कश्मीर
उधमपुर- डॉक्टर जितेंद्र सिंह
जम्मू- जुगलकिशोर शर्मा


नॉर्थ गोवा- श्रीपाद नाईक
अंडमान निकोबार- विष्णु पराडे
दादर नगर हवेली- लालू भाई पटेल

29 फरवरी को हुई BJP चुनाव समिति की बैठक

29 फरवरी को बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी। ये बैठक रात करीब 11 बजे शुरू हुई जो सुबह 4 बजे तक चली थी। माना जा रहा कि इसी में उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बन गई थी। ये बैठक पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए। इस बैठक में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल थे।

Election 2024 भोजपुरी स्टार पवन सिंह समेत बंगाल की 20 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान

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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। बीजेपी ने शनिवार को पहले चरण के लिए 195 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। वहीं बंगाल से भी 20 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। भोजपुरी स्टार पवन सिंह की बंगाल की आसनसोल सीट से टिकट दिया गया है। वहीं निसिथ प्रमाणिक को भी मौका दिया गया है। आइए अब एक नजर डालते हैं बंगाल के पहले चरण के उम्मीदवारों की सूची पर।

बंगाल में किसको कहां से टिकट
कूचबिहार लोकसभा सीट- निसिथ प्रामाणिक
अलीपुरदुआ लोकसभा सीट- मनोज तिग्गा
बेलूरघाट लोकसभा सीट- सुकांत मजूमदार
मालदा उत्तर लोकसभा सीट- खगेल मुर्मू
मालदा दक्षिण लोकसभा सीट- श्रीरूपा मित्रा चौधरी
बहरामपुर लोकसभा सीट- निर्मल कुमार साहा
मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट- गौरी शंकर घोष
राणाघाट लोकसभा सीट- जगन्नाथ सरकार
बनगांव लोकसभा सीट- शांतनु टैगोर
जॉयनगर लोकसभा सीट- डॉ अशोक कंडारी
जादवपुर लोकसभा सीट- अनिर्बान गांगुली
हावड़ा लोकसभा सीट- रथिन चक्रवर्ती
हुगली लोकसभा सीट- लॉकेट चटर्जी
कांथी लोकसभा सीट- सौमेंदु अधिकारी
घाटल लोकसभा सीट- हिरण्मय चट्टोपाध्याय
पुरुलिया लोकसभा सीट- ज्योतिर्मय सिंह महतो
बांकुरा लोकसभा सीट- सुभाष सरकार
बिष्णुपुर लोकसभा सीट- सौमित्र खान
आसनसोल लोकसभा सीट- पवन सिंह
बोलपुर लोकसभा सीट- प्रिया साहा

बीजेपी उम्मीदवारों की सूची

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को लेकर अटकलें चल रही थीं। कौन कहां से खड़ा हो सकते है, या पिछले चुनाव में जीतने वालों में से कितनों को टिकट मिलेगा, कौन से नए चेहरे उम्मीदवार होंगे, ये सब चल रहा था। इसी बीच दोपहर में अचानक सूत्रों से पता चला कि बीजेपी आज शाम पहले दौर के उम्मीदवारों की घोषणा करने वाली है। तब से स्वाभाविक रूप से सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सूची कौन बनाएगा। वहीं शाम को बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की सूची भी घोषित कर दी गई।

समाचार पत्रों और पत्रिकाओं का पंजीकरण अब प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगा

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आरएनआई का नाम बदलकर अब पीआरजीआई- प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया हुआ

प्रेस और पत्रिकाओं का पंजीकरण (पीआरपी) अधिनियम, 2023 लागू हुआ; पुराना पीआरबी अधिनियम, 1867 निरस्त कर दिया गया है

भारत सरकार ने ऐतिहासिक प्रेस और पत्रिकाओं का पंजीकरण (पीआरपी) अधिनियम, 2023 और इसके नियमों को अपने राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है और इसके परिणामस्वरूप यह अधिनियम 1 मार्च, 2024 से लागू हो गया है।

अब से, पत्रिकाओं का पंजीकरण प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम (पीआरपी अधिनियम), 2023 और प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण नियमों के प्रावधानों के अनुसार होगा। अधिसूचना के अनुसार, भारत के प्रेस रजिस्ट्रार जनरल का कार्यालय- पीआरजीआई, जिसे पहले रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया के नाम से जाना जाता था,  नए अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करेगा।

डिजिटल इंडिया के मूल्यों के अनुरूप, नया अधिनियम देश में समाचार पत्रों और अन्य पत्रिकाओं के पंजीकरण की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली प्रदान करेगा। नई प्रणाली मौजूदा मैनुअल, बोझिल प्रक्रियाओं को बदल देगी। पुरानी प्रक्रिया में कई चरणों में अनुमोदन शामिल होते हैं जो प्रकाशकों के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का कारण बन रहे थे।

इससे पहले, सूचना और प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नए अधिनियम के अनुसार विभिन्न आवेदन प्राप्त करने के लिए प्रेस रजिस्ट्रार जनरल का ऑनलाइन पोर्टल, प्रेस सेवा पोर्टल (presssewa.prgi.gov.in) लॉन्च किया था। किसी पत्रिका के प्रिंटर द्वारा दी गई सूचना सहित सभी आवेदन, किसी विदेशी पत्रिका के स्थानीय संस्करण के पंजीकरण के लिए आवेदन, किसी पत्रिका के पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रकाशक द्वारा आवेदन, पंजीकरण के प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए आवेदन,  ट्रांसफर के लिए आवेदन पत्रिकाओं का स्वामित्व, पत्रिका के प्रकाशक द्वारा वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना, और पत्रिका के प्रसार के सत्यापन के लिए डेस्क ऑडिट की प्रक्रिया आदि सभी कार्य प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होंगे।

प्रेस सेवा पोर्टल पेपरलेस प्रोसेसिंग सुनिश्चित करता है और ई-साइन सुविधा, डिजिटल भुगतान गेटवे, तत्काल डाउनलोड के लिए क्यूआर कोड-आधारित डिजिटल प्रमाणपत्र, प्रिंटिंग प्रेस द्वारा सूचना प्रदान करने के लिए ऑनलाइन प्रणाली, टाइटल उपलब्धता के लिए संभावना का प्रतिशत, पंजीकरण तक ऑनलाइन पहुंच , सभी प्रकाशकों के लिए डेटा, वार्षिक विवरण दाखिल करना आदि सेवाएं प्रदान करता है।। इसका इरादा एक चैटबॉट-आधारित इंटरैक्टिव शिकायत समाधान सिस्टम स्थापित करने का भी है। प्रेस सेवा पोर्टल के साथ एक नई वेबसाइट (prgi.gov.in) भी है जिसमें सभी संबंधित जानकारी और उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस है।

नया पीआरपी अधिनियम पुराने पीआरबी अधिनियम द्वारा आवश्यक पंजीकरण के दायरे से पुस्तकों और पत्रिकाओं को हटा देता है; नया अधिनियम एक पत्रिका को “एक समाचार पत्र सहित किसी भी प्रकाशन के रूप में परिभाषित करता है जो नियमित अंतराल पर प्रकाशित और प्रिंट होता है जिसमें सार्वजनिक समाचार या सार्वजनिक समाचार पर टिप्पणियाँ शामिल होती हैं लेकिन इसमें वैज्ञानिक, तकनीकी और शैक्षणिक प्रकृति की कोई पुस्तक या पत्रिका शामिल नहीं होती है।” इसलिए, “पुस्तक, या वैज्ञानिक, तकनीकी और शैक्षणिक प्रकृति की पुस्तक या जर्नल सहित” को पीआरजीआई के साथ पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।

नए अधिनियम के अनुसार, पत्रिकाओं के पंजीकरण के लिए सभी आवेदन केवल प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन मोड में किए जाएंगे। इस तरह पत्रिकाएं निकालने के इच्छुक प्रकाशकों को इसे प्रकाशित करने से पहले इसका टाइटल पंजीकृत करना होगा। चूंकि पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और सॉफ्टवेयर के माध्यम से निर्देशित होगी, आवेदन में त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाएगी जिसके परिणामस्वरूप आवेदनों की तेजी से प्रोसेसिंग होगी। आवेदन की स्थिति सभी चरणों में अपडेट की जाएगी और आवेदक को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और गलत संचार के कारण होने वाली देरी को समाप्त किया जा सके।

नए प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से पत्रिकाओं के पंजीकरण में शामिल चरण इस प्रकार हैं:

किसी पत्रिका के मालिक द्वारा साइन अप करना और प्रोफ़ाइल बनाना: पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के लिए, प्रस्तावित पत्रिका के मालिक को 5 प्राथमिकता के क्रम में प्रस्तावित शीर्षकों के साथ आवश्यक प्रासंगिक दस्तावेज़/विवरण प्रस्तुत करके प्रेस सेवा पोर्टल पर साइन अप करना और एक प्रोफ़ाइल बनाना आवश्यक है। ये शीर्षक विकल्प भारत में कहीं भी एक ही भाषा में या एक ही राज्य में किसी अन्य भाषा में किसी पत्रिका के किसी अन्य मालिक के पास पहले से मौजूद शीर्षक से मिलते हुए नहीं होने चाहिए और ये शीर्षक विकल्प इस प्रयोजन के लिए प्रेस रजिस्ट्रार जनरल द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों के अनुरूप होने चाहिए।

प्रेस रजिस्ट्रार जनरल और जिले में निर्दिष्ट प्राधिकारी को एक साथ आवेदन: प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत आवेदन प्रेस रजिस्ट्रार जनरल और जिले में निर्दिष्ट प्राधिकारी के लिए एक साथ पहुंच/उपलब्ध होंगे। इसलिए, किसी अन्य कार्यालय/पोर्टल पर अलग से आवेदन जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

ऑनर द्वारा प्रकाशकों को निमंत्रण: प्रोफ़ाइल के निर्माण के बाद, ऑनर पोर्टल के माध्यम से अपने पत्रिकाओं से जुड़े नामित प्रकाशकों को निमंत्रण देगा।

प्रिंटर (प्रिंटिंग प्रेस के मालिक/कीपर) द्वारा साइन अप करना और ऑनलाइन सूचना: प्रिंटर (प्रिंटिंग प्रेस के मालिक/कीपर) को पोर्टल में आवश्यक प्रासंगिक विवरण प्रस्तुत करके प्रेस सेवा पोर्टल पर एक ऑनलाइन खाता बनाना आवश्यक है।

प्रकाशक द्वारा साइन अप करना और प्रोफ़ाइल बनाना: आमंत्रित/नियुक्त प्रकाशकों को प्रासंगिक दस्तावेज़/विवरण प्रस्तुत करके पोर्टल पर अपनी प्रोफ़ाइल बनाना आवश्यक है।

प्रकाशक द्वारा प्रिंटर का चयन/नामांकित करना: पंजीकरण प्रक्रिया के भाग के रूप में, प्रकाशकों को उन मामलों में प्रेस सेवा डेटाबेस से अपने संबंधित प्रिंटिंग प्रेस को नामांकित/चयन करना आवश्यक है जहां प्रिंटिंग प्रेस खाता पहले से ही डेटाबेस में उपलब्ध है। अन्यथा, वे प्रिंटर से पोर्टल में एक ऑनलाइन प्रोफ़ाइल बनाने का अनुरोध कर सकते हैं, और उसके बाद उन्हें प्रस्तावित पत्रिका के लिए प्रिंटर के रूप में चुन सकते हैं।

प्रकाशक द्वारा जमा किया जाने वाला पीरियडिकल पंजीकरण आवेदन: अपनी प्रोफाइल बनाने के बाद, प्रकाशक सभी प्रासंगिक विवरण/दस्तावेज भरकर, आवेदन पर ई-हस्ताक्षर करके और भारतकोश के माध्यम से निर्धारित शुल्क का भुगतान करके पंजीकरण के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।

आवेदन जमा करने के बाद किसी भी सुधार के लिए विंडो: आवेदन जमा करने के बाद, प्रकाशकों के पास आवेदन में मामूली संशोधन करने के लिए 5 दिन (120 घंटे की समय-विंडो) होती है। इस अवधि के बाद आवेदन में कोई संशोधन संभव नहीं है।

एक यूनीक एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर के साथ रसीद: आवेदन के सफल अपलोड होने पर, प्रेस सेवा पोर्टल एक यूनीक 10 अंकों के अल्फ़ान्यूमेरिक एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर (एआरएन) के साथ एक रसीद उत्पन्न करेगा, और प्रकाशक और प्रेस रजिस्ट्रार जनरल भविष्य के सभी पत्राचारों और संदर्भों के लिए इस रेफरेंस नबंर का उपयोग करेंगे। ।

आवेदन और समय पर प्रतिक्रिया में कमियाँ: प्रारंभिक जांच के बाद, भारतीय प्रेस रजिस्ट्रार जनरल (पीआरजीआई) का कार्यालय आवश्यकता पड़ने पर त्रुटियों पर संदेश जारी करेगा। प्रकाशकों को 30 दिन की समय सीमा के भीतर अपने जवाब प्रस्तुत करने होंगे। इस अवधि का पालन करने में विफलता के परिणामस्वरूप आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा।

भारतकोश के माध्यम से पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान: सभी प्रकाशकों के लिए प्रेस सेवा पोर्टल में एकीकृत भारतकोश डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से 1000 रुपये (केवल एक हजार रुपये) का पंजीकरण शुल्क भेजना अनिवार्य है।

पंजीकरण विवरण में संशोधन: प्रेस सेवा पोर्टल पंजीकरण विवरण में संशोधन के लिए ऑनलाइन सुविधा भी प्रदान करता है। पंजीकरण को संशोधित करने और पत्रिकाओं के विवरण में बदलाव के लिए सभी आवेदन पोर्टल के माध्यम से किए जाने हैं। ये विकल्प ऑनर/प्रकाशक प्रोफ़ाइल में उपलब्ध होंगे।

प्रेस और आवधिक पंजीकरण अधिनियम, 2023 पारंपरिक दृष्टिकोण से पंजीकरण प्रक्रियाओं में एक आदर्श बदलाव लाने की एक पहल है, और व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करने वाले प्रकाशकों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करेगा। नया अधिनियम मौजूदा क़ानूनों से अप्रचलित और पुराने प्रावधानों को हटाने के सरकार के प्रयासों की भी गवाही देता है।

विस्तृत जानकारी के लिए, प्रकाशकों और अन्य हितधारकों को सलाह दी जाती है कि वे प्रेस और पत्रिका अधिनियम और पीआरपी नियमों के प्रावधानों को ध्यान से पढ़ें।

ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें: https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1989267

https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2008020

प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण अधिनियम, 2023: https://mib.gov.in/sites/default/files/Press%20and%20Registration%20of%20Periodicals%20Act%202023.pdf

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गौ तस्करों के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन नंदी

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भरतपुर (Bharatpur) जिले में अवैध खनन का काम करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. पुलिस और प्रशासन द्वारा इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो इनके द्वारा फायरिंग की जाती है. बजरी माफिया हों या पहाड़ी से पत्थर का अवैध खनन का कारोबार करने वाले माफिया हों. ये पुलिस और प्रशासन पर सीधे फायरिंग करते हैं. यही हाल गौ तस्करों का है. गौ तस्कर भी पुलिस को देखते ही फायरिंग करते हैं.

साल 2013 में वसुंधरा राजे सरकार में गौ रक्षक पुलिस चौकी खोली गई थी, लेकिन स्टाफ नहीं होने के कारण और सरकार बदल जाने के बाद चौकियों को बंद करना पड़ा. अब पुलिस विभाग द्वारा ऑपरेशन नंदी चलाया जा रहा है. पुलिस द्वारा गौ तस्करों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है. भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सात पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं. गौ तस्करों के सभी रास्ते चिन्हित कर लिए गए हैं और पुरानी पुलिस चौकियों को भी एक्टिव कर दिया है.
गौ तस्करों के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन नंदी
साथ ही सभी चौकियों पर हथियारबंद पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. यही नहीं रेंज आईजी द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले गौ तस्कर और खनन माफियाओं को गोली का जवाब गोली से देने की छूट दी गई है. भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि गौ तस्करी को रोकने के लिए पुलिस कटिबद्ध है. गौ तस्करों से सख्ती से निपटने के लिए ऑपरेशन नंदी भी चलाया गया है.
पुलिस को गोली का जवाब गोली से देने की छूट
आईजी राहुल प्रकाश ने कहा कि पुलिस के पास भी हथियारों की कमी नहीं है. गौ तस्करों के पास कट्टा, पोना या 315 बोर के हथियार होंगे, लेकिन पुलिस के पास एके-47 और इंसास जैसे आधुनिक हथियार हैं. अगर पुलिस पर कोई हमला करेगा तो उन्हें भी गोली का जवाब गोली से देने की छूट है. उन्होंने कहा की रेंज में गौ तस्करी नहीं होने दी जाएगी. अगर किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
रेंज आईजी द्वारा अवैध खनन के खिलाफ भी अभियान शुरू किया गया है. आईजी ने कहा कि, अब रेंज में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा. साइबर क्राइम को लेकर भी आईजी राहुल प्रकाश ने कहा कि, साइबर ठगी से जिले की बदनामी हो रही है. अब साइबर ठगी को रोकने के नहीं बल्कि, उसे जड़ से समाप्त करने का प्रयास है. एक महीने में इसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिलेंगे.

गाय के गोबर से बनाई जा रही ‘लकड़ियां

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मुरादाबादः  मनोहरपुर का गोबर होली में पर्यावरण संरक्षण करेगी. सुगंध से लबरेज गोबर की लकड़ी जलकर अपने सुगंध से लोगों का दिल जीत लेगी. धुएं से किसी को सांस लेने में भी दिक्कत नहीं आएगी. ऐसा दावा गोबर से लकड़ी बनाने वाली टीम कर रही है. दावा है कि गुलाब की पंखुड़ी, गेंदे के फूल, कपूर, सिंदूर के पेड़ की, पत्तियां और बीज मिलकर यह लकड़ी तैयार हो रही है. इसके साथ ही नोएडा, मेरठ, बरेली और मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद के गोबर से होली को सुगंधित किया जाएगा.

उत्सव धर्मी लोग संगठन और होली को उल्लास के साथ मनाने वालों की टोली ने गोबर की लकड़ी की बुकिंग और खरीद शुरू कर दी है. हाल ही के सालों से इको फ्रेंडली होली का दहन का प्रचलन बढ़ा है. महानगर क्षेत्र में लकड़ी की जगह गाय के गोबर की लकड़ी से होलिका दहन जलने का सिलसिला शुरू हो चुका है. कुछ पर्यावरण प्रेमी इस त्यौहार को व्यवस्थित करने और धुएं को खतरे से लोगों को बचाने की मुहिम चला रहे हैं. इसके साथ ही मनोहरपुर केंद्र पर लकड़ी बनाकर रोजगार प्राप्त कर रहे लोगों की माने तो लकड़ी से कम कीमत पर गाय के गोबर से बनी लकड़ी उपलब्ध हो रही है. जिससे लोगों के पैसे भी बचेंगे. एक होलिका में करीब तीन क्विटल लकड़ी का प्रयोग होता है. लकड़ी बाजार में 1200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है. जबकि उपले और गोबर से बनी लकड़ी इससे सस्ती है. गाय का गोबर गौशाला से एक मुस्त मिलने में भी आसानी है. इस कार्य में स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं.

बुकिंग हो गई शुरू
जोर्डस केंद्र मनोहरपुर के निदेशक डॉ दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि नोएडा बरेली और मेरठ सहित मुरादाबाद मंडल से गोबर की लकड़ी की बुकिंग कराई गई है. अब तक डेढ़ सौ क्विंटल से अधिक लकड़ी के ऑर्डर मिल चुके हैं. 1000 क्विंटल माल तैयार करना है. महानगर के लोग हर साल आते हैं. अभी संभल, अमरोहा और रामपुर के लोगों के फोन आ रहे हैं. केंद्र पर इको फ्रेंडली लकड़ी तैयार की जाती है. इसके लिए कपूर, सिंदूर के पेड़ की पत्ती और बीज भी डालते हैं. टीम ने काम शुरू कर दिया है. गेंदे के फूल और उसका तना भी गोबर में मिलाया जाता है. इसके साथ ही इस कार्य को करने में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है.

सोनू सूद ने जरूरतमंद मरीजों को 50 किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट करने का वादा किया

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : अभिनेता और परोपकारी सोनू सूद ने एक हॉस्पिटल चैन के साथ एक यूनिक पार्टनरशिप की है, जो महज इंडोर्समेंट के दायरे से परे है। ट्रेडिशनल एंडोर्समेंट फीस लेने के बजाय, सूद ने एक एग्रीमेंट पर बातचीत की है, जो सोशल कॉज के लिए उनके कमिटमेंट को दर्शाते हैं। इस कोलैबोरेशन में, सूद ने हॉस्पिटल चैन में विशेष रूप से, विशेषाधिकार वर्ग के पेशेंट्स के लिए 50 किडनी और लीवर ट्रान्सप्लांट्स की व्यवस्था की है। अपने इंफ्लुएंस और रिसोर्सेज का लाभ उठाकर, सूद का लक्ष्य उन व्यक्तियों के आर्थिक बोझ को कम करना है, जिन्हें इन लाइफ-सेविंग प्रोसिजर्स की आवश्यकता है। लेकिन उन्हें अफोर्ड करने के लिए उनके  पास साधनों की कमी है।
यह इनोवेटिव अप्रोच न सिर्फ समाज की सेवा के लिए सूद के निस्वार्थ समर्पण को दर्शाता है बल्कि सामाजिक भलाई के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का लाभ उठाने की परिवर्तनकारी पहल को भी उजागर करती है। सूद ने सभी के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के एक्सेस के महत्व पर जोर देते हुए, मेडिकल आवश्यकताओं की दिशा में अपना प्रभाव डालना चुना है।
उनकी अपकमिंग प्रोडक्शन और डायरेक्टोरियल वेंचर, फ़िल्म ‘फ़तेह’, साइबर क्राइम के मुद्दे पर प्रकाश डालता है। सूद के साथ एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज भी फ़िल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। फ़िल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने किया “जिगरबाज खेल महासंग्राम” का पोस्टर लॉन्च

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के घाटकोपर पश्चिम के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का भव्य आयोजन मुंबई में किया जा रहा है। इस संदर्भ में जिगरबाज खेल महासंग्राम का पोस्टर और थीम सॉन्ग पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर द्वारा लॉन्च किया गया। टेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय क्रिकेट दोनों में प्रसिद्धी प्राप्त करने वाले दिलीप वेंगसरकर ने इस जिगरबाज खेल महासंग्राम के लिए गणेश चुक्कल को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन 5 मार्च से 10 मार्च तक घाटकोपर के दत्ताजी सालवी ग्राउंड पर किया जा रहा है जिसकी तैयारी महीनों से जारी थी। यह स्पोर्ट्स और कल्चरल इवेंट अपनी तरह का एक अनोखा कार्यक्रम होगा जहां खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के घाटकोपर पश्चिम विभाग के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा पहली बार घाटकोपर मुंबई में ‘जिगरबाज खेल महासंग्राम’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन उस पारंपरिक आउटडोर खेलों को प्रोमोट के लिए किया जा रहा है जो महाराष्ट्र की मिट्टी में निहित हैं, यह पहल आज की तकनीक और सोशल मीडिया के जाल में फंसते जा रहे युवक को नई दिशा की ओर मोड़ने के लिए है।
घाटकोपर में ओलंपिक खेलों को जानने के उद्देश्य से, ओलंपिक खेलों में भाग लेने के अवसर की तैय्यारी के लिए इस का आयोजन बेहद लाभकारी होगा। इस से आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए उत्सव का माहौल होगा, वरिष्ठ नागरिकों का मनोरंजन होगा और पारंपरिक खेल, गीत का वातावरण भी रहेगा। यहाँ लोग एक दूसरे के साथ बातचीत कर सकते हैं और महिलाएं अपनी कला का आनंद ले सकती हैं। नई पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के बारे में समझाने के लिए, जिगर बाज खेल महासंग्राम का आयोजन किया जा रहा है।
पारंपरिक आउटडोर खेलों को प्रोत्साहित  करने के लिए “जिगरबाज खेल महासंग्राम” का आयोजन
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के घाटकोपर पश्चिम के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का भव्य आयोजन मुंबई में किया जा रहा है। इस संदर्भ में जिगरबाज खेल महासंग्राम का पोस्टर और थीम सॉन्ग पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर द्वारा लॉन्च किया गया। टेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय क्रिकेट दोनों में प्रसिद्धी प्राप्त करने वाले दिलीप वेंगसरकर ने इस जिगरबाज खेल महासंग्राम के लिए गणेश चुक्कल को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन 5 मार्च से 10 मार्च तक घाटकोपर के दत्ताजी सालवी ग्राउंड पर किया जा रहा है जिसकी तैयारी महीनों से जारी थी। यह स्पोर्ट्स और कल्चरल इवेंट अपनी तरह का एक अनोखा कार्यक्रम होगा जहां खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के घाटकोपर पश्चिम विभाग के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा पहली बार घाटकोपर मुंबई में ‘जिगरबाज खेल महासंग्राम’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन उस पारंपरिक आउटडोर खेलों को प्रोमोट के लिए किया जा रहा है जो महाराष्ट्र की मिट्टी में निहित हैं, यह पहल आज की तकनीक और सोशल मीडिया के जाल में फंसते जा रहे युवक को नई दिशा की ओर मोड़ने के लिए है।
घाटकोपर में ओलंपिक खेलों को जानने के उद्देश्य से, ओलंपिक खेलों में भाग लेने के अवसर की तैय्यारी के लिए इस का आयोजन बेहद लाभकारी होगा। इस से आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए उत्सव का माहौल होगा, वरिष्ठ नागरिकों का मनोरंजन होगा और पारंपरिक खेल, गीत का वातावरण भी रहेगा। यहाँ लोग एक दूसरे के साथ बातचीत कर सकते हैं और महिलाएं अपनी कला का आनंद ले सकती हैं। नई पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के बारे में समझाने के लिए, जिगर बाज खेल महासंग्राम का आयोजन किया जा रहा है।

राज्यसभा सदस्य प्रफुल पटेल ने एबिना एंटरटेनमेंट की फिल्म धर्मरावबाबा अत्राम की बॉयोपिक फ़िल्म का ट्रेलर लॉन्च किया 

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मुंबई (अनिल बेदाग) : महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम की जीवन कथा एक फ़िल्म के माध्यम से जल्द ही दर्शकों के सामने आ रही है। एबीना एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी फिल्म “धर्मराव बाबा अत्राम दिलों का राजा” का भव्य ट्रेलर लॉन्च मुम्बई के ताज होटल में किया गया। यहां मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सदस्य प्रफुल पटेल उपस्थित थे। निर्मात्री नीतू जोशी की इस फ़िल्म के निर्देशक भूषण अरुण चौधरी हैं। ऎक्टर जितेश मोरे ने फ़िल्म में यंग धर्मराव बाबा अत्राम का किरदार निभाया है।
इस भव्य समारोह में एमएलए संदीप धुर्वे, अनिल पाटिल मंत्री, मंत्री अदिति सुनील तटकरे, दिनेश वाघमारे और अभिमन्यु ,निशा जामवाल सहित कई खास अतिथि मौजूद थे। सभी मेहमानों को पुष्पगुच्छ देकर निर्मात्री नीतू जोशी ने सम्मानित किया। सभी ने फ़िल्म का शानदार पोस्टर लांच किया। फिर जब फ़िल्म का ट्रेलर दिखाया गया तो सभी ने खूब पसन्द किया।
चीफ गेस्ट प्रफुल पटेल ने कहा कि मुझे नहीँ मालूम था कि बाबा जी एक्टिंग भी कर सकते हैं। हमारे देश और इस राज्य के हीरे को लोगों तक पहुंचाने का काम इस फ़िल्म के माध्यम से किया जा रहा है। बाबा जी अहेरी के राजा हैं। अहेरी एक आदिवासी राज्य है और वह उसके राज परिवार से हैं। उनके पिताजी की बेहद कम उम्र में मृत्यु हो गई, उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। उनके जीवन के अलग अलग पहलू को इस फ़िल्म मे प्रस्तुत किया गया है। ट्रेलर देखकर खुश हूं लेकिन पिक्चर तो अभी बाकी है। हम सब काफी संघर्ष के बाद यहां पहुंचे हैं, बिना त्याग तपस्या के कुछ हासिल नहींहोता है। बाबा राज्य के पिछड़े इलाके से हैं लेकिन उनके प्रयासों से आदिवासियों के जीवन मे बड़ा परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने लाखों लोगों के जीवन को बदला है।  मैं प्रोड्यूसर नीतू जोशी को शुभकामनाएं देता हूँ।
फ़िल्म की प्रोड्यूसर नीतू जोशी ने कहा कि इस फ़िल्म को बनाने के दौरान मैंने बाबा को और करीब से जाना, उनके संघर्ष को महसूस किया, समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को देखा, उनके योगदान का एहसास हुआ। इस फ़िल्म के माध्यम से मैं यह सन्देश भी देना चाहती हूं कि अच्छे संस्कार नई पीढ़ी को देना जरूरी है ताकि वे जीवन मे कुछ उल्लेखनीय कार्य कर सकें। मैं कोई ऐसी फिल्म बनाना चाहती थी जो समाज के लिए प्रेरणादायक हो। जब रिसर्च करनी शुरू की, नक्सलाइट एरिया में गई तो मुझे बाबा के बारे मे सुनने को मिला, जब वह सिर्फ 14 साल के थे तो उनके पिताजी का देहांत हो गया, उसके बाद उनके संघर्ष उनके कार्यो के बारे में सुनकर मैंने उनपर फ़िल्म बनाने का इरादा किया। इस फ़िल्म में हमने आदिवासी इलाके से कैबिनेट मंत्री तक की बाबा की यात्रा को दिखाया है।
मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम ने बताया कि मुझे तो नई जिंदगी मिली है। मैंने नाले का पानी पिया, नक्सलियों के चंगुल से जिंदा वापस आया, वहां से जीवित आता कि नही आता, कुछ पता नही था। इस पूरी जर्नी को इस फ़िल्म में दर्शाया गया है।
निर्देशक भूषण अरुण चौधरी ने कहा कि बाबा जी की उम्र इतनी होने के बाद भी, बाबा एनर्जी से भरपूर हैं और उनकी यही ऊर्जा देखकर मेरा प्रेशर चला गया। फ़िल्म में जितेश ने अच्छा काम किया है, बाबा जी की तरह बॉडी लैंग्वेज पकड़ी है। मेरे लिए यह फ़िल्म बनाना एक सपना था।
एक्टर जितेश मोरे ने कहा कि यह किरदार निभाने का जब मुझे ऑफर मिला तो मैंने काफी दबाव महसूस हुआ। लोग जब मुझे स्क्रीन पर देखें तो लगे कि मैं बाबा की तरह नजर आ रहा हूँ। इसी प्रेशर में काम किया, निर्देशक ने मेरा काम काफी हद तक आसान किया।
इस अवसर पर जितेश मोरे ने फ़िल्म का डायलॉग भी बोला जो बाबा जी का नारा रहा है कि यह जल जमीन जंगल हमारा है और ये मालिकाना हक़ हमारा अधिकार हैं।” यह बायोपिक जल्द ही रिलीज़ की जाएगी।

आर्टिकल 370 ने कई लोगों को प्रेरित किया- यामी गौतम

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : आर्टिकल 370 निश्चित रूप से बॉक्स ऑफिस पर विजेता बनकर उभरी है। फिल्म को न केवल दर्शकों ने सराहा है बल्कि इसने कई लोगों को प्रेरित भी किया है। यामी गौतम को आर्टिकल 370 में खुफिया अधिकारी ज़ूनी के रूप में उनके प्रदर्शन के लिए काफी प्रशंसा मिली है, लेकिन उनकी भूमिका का प्रभाव किसी की कल्पना से भी बड़ा है। यामी को इस अवतार में देखकर कई युवा लड़कियां आईबी या एनआईए में शामिल होने के लिए प्रेरित हुई हैं।
सराहना और प्रशंसा के बारे में बात करते हुए यामी ने साझा किया, “यदि आपके दर्शक व्यक्तिगत स्तर पर इस फिल्म से जुड़ रहे हैं और कह रहे हैं कि उनकी किशोर बेटियां अब आईबी में शामिल होना चाहती हैं या एनआईए अधिकारी बनना चाहती हैं तो यह एक बड़ी प्रशंसा है। सेना के दिग्गजों द्वारा स्वीकार किया जाना, जिन्होंने उस जीवन को देखा है, इस तरह की मान्यताएँ अनमोल हैं।”
सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण शायद इस तरह के चुनौतीपूर्ण करियर का चुनाव करना और बदलाव लाना है, और यह अनुच्छेद 370 से एक बड़ी सीख है।
Jio Studios और B62 Studios की ओर से, आर्टिकल 370, एक हाई-ऑक्टेन एक्शन राजनीतिक ड्रामा है, जिसका शीर्षक यामी गौतम है और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता आदित्य सुहास जंभाले द्वारा निर्देशित है। ज्योति देशपांडे, आदित्य धर और लोकेश धर द्वारा निर्मित यह फिल्म 23 फरवरी 2024 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

सांस्कृतिक स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता से समृद्धता की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश

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डॉ.मोहन यादव-
मध्यप्रदेश में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की नगरी उज्जयिनी अब आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक इतिहास रचने जा रही है। यहां  रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश औद्योगिक, तकनीकी तथा आर्थिक विकास की दिशा में नई करवट लेगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दिन-प्रतिदिन विकास के नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत अब न केवल अपनी आवश्यकता की पूर्ति अपने संसाधनों और उत्पादों से कर रहा है बल्कि रक्षा और वैज्ञानिक तकनीक के उत्पादनों में भी निर्यातक देश बन गया है। यह सब संभव हुआ है प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन और परिकल्पना के प्रति समाज के विश्वास और सहयोग के कारण। समाज के सभी वर्गों ने श्री मोदी जी की विकास की गारंटी पर विश्वास किया है। इसका स्वरूप अब पूरी दुनियां के सामने है।
अब मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास का एक नया अध्याय प्रारंभ होने जा रहा है। उज्जैन में पहली बार “मध्यप्रदेश द फ्यूचर रेडी स्टेट थीम पर आधारित “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव-2024” आरंभ हो रही है। इसमें भारत के प्रमुख उद्योगपतियों सहित संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फिजी, जर्मनी, गैबॉन, इज़राइल, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जाम्बिया देशों के 30 से अधिक प्रतिनिधि तथा 650 से अधिक प्रमुख उद्योगपति सम्मिलित हो रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाली इस कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की आधारशिला रखने के लिए बायर एंड सेलर मीट, बिजनेस टू बिजनेस सम्मेलन  होंगे।
यह सुखद संयोग है कि बाबा महाकाल की नगरी में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ विक्रमोत्सव का भी शुभारंभ हो रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतवर्ष के सांस्कृतिक विकास, शौर्य और वैभव के प्रतीक है। वे अद्वितीय पराक्रम, न्याय और सुशासन व्यवस्था के ऐसे महान सम्राट थे जिनका समूचे संसार में श्रद्धा से स्मरण किया जाता है। उज्जैन में 40 दिनों तक चलने वाला विक्रमोत्सव सम्राट विक्रमादित्य की भव्यता, दिव्यता और विराटता के साथ आयोजित किया जायेगा।
यह आयोजन विक्रमादित्य के पुण्य स्मरण और उनके युग में भारत के उत्कर्ष, नवजागरण तथा ज्ञान परंपरा पर केंद्रित है। महान सम्राट विक्रमादित्य ने इसी उज्जयिनी से शकों पर विजय प्राप्त कर 57 ईसा पूर्व विक्रम सम्वत् की शुरुआत की थी। यह सम्वत् कालगणना और कालनिर्धारण का सर्वमान्य और वैश्विक प्रमाण माना जाता है। आज़ादी के अमृतकाल में भारतीय कालगणना की पद्धति को उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। भारतीय खगोल सिद्धांत पर आधारित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में मुहूर्त, घटी, पल, कास्ता, प्रहर, दिन-रात, पक्ष, अयन, सम्वत्सर, दिव्यवर्ष, मन्वन्तर, युग, कल्प, ब्रह्मा, मुख्य आधार हैं। इसे हमारे दृष्टा ऋषियों ने प्रतिपादित किया है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में विक्रम पंचांग भी शामिल है। इसमें भारत के सभी ज्योतिर्लिंग, नवग्रह, नक्षत्र, सूर्योदय, सूर्यास्त भी समाहित रहेंगे।
उज्जयिनी के गौरवशाली अतीत से हम सभी परिचित हैं। भारत की सप्तपुरियों में से एक उज्जयिनी महर्षि सांदीपनि के आश्रम, भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की शिक्षा स्थली, सम्राट विक्रमादित्य के गौरव, भर्तृहरि के ज्ञान के लिये तो प्रसिद्ध है ही, साथ ही ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में भी विश्व का मार्गदर्शन करती रही है। कर्क रेखा के समीप बसी इस
नगरी में विश्व प्रसिद्ध वेधशाला भी है। विश्व विख्यात उज्जयिनी में पहली बार विक्रम व्यापार मेला आयोजित हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है। हमारे विज़नरी प्रधानमंत्री जी का मानना है, कि “किसी भी देश की विकास यात्रा में एक ऐसा समय आता है जब सभी परिस्थितियां उसके पक्ष में होती है। यह वह समय होता है जब वह देश अपने आपको आने वाली कई सदियों के लिए मजबूत बना लेता है। मैं भारत के लिए आज वही समय देख रहा हूं। यह समयावधि अभूतपूर्व है।” प्रधानमंत्री जी की यह दृष्टि भारत के भविष्य निर्माण का एक ऐसा सकारात्मक मार्ग और मार्गदर्शन है जिस पर चलकर देश विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त करेगा और विश्व गुरु बनेगा।
मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री जी के विज़न के अनुरूप आगे बढ़ते हुए अधोसंरचना निर्माण के साथ व्यापार की गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में, प्रदेश में पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शुरू करने की पहल की गई है। आने वाले समय में ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, टीकमगढ़ और सागर क्षेत्र में भी इसी प्रकार के आयोजन किये जाएंगे।
मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी क्षमता, मेधा और विशेषता है। क्षेत्रवार कॉन्क्लेव के आयोजन प्रदेश के हर क्षेत्र में व्यापार की संभावनाओं को व्यापक स्वरूप प्रदान करेंगे। इससे उद्योगों की प्रगति के गुणात्मक परिणाम प्राप्त होने की संभावनाएं विकसित होंगी। क्षेत्रवार उद्योगों की स्थापना से जहां व्यापार विस्तारित होगा, वहीं रोज़गार और स्व-रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मध्यप्रदेश ने सभी सेक्टर के उद्योगों के लिए आधारभूत व्यवस्था कर उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार नीतियां विकसित की हैं। प्रदेश “ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस” की भावना को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक अभ्युदय का विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में, देश के पहले और अनूठे वीर भारत संग्रहालय के निर्माण का आज उज्जैन में शिलान्यास होने जा रहा है। वीर भारत संग्रहालय में पूर्व वैदिक, उत्तर वैदिक, रामायण-महाभारत काल, विक्रमादित्य युग, मध्य युग, पराधीनता के विरुद्ध सिंहनाद करते हुए भारत की सुदीर्घ परंपरा में तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टाओं, ऋषियों, संतो, मनीषियों, चिंतकों, कवि-लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के अनुपम योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में गुड़ी पड़वा एवं उज्जैन गौरव दिवस के अवसर पर हम शिवज्योति अर्पणम् कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं। इसमें लगभग 27 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जायेगा। निश्चित ही सरकार और समाज का यह साझा आयोजन हम सभी को अलौकिक आनंद की अनुभूति कराएगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मार्गदर्शन, उनकी विज़नरी लीडरशिप और सदैव उनका साथ हमें नवाचारों की प्रेरणा तथा निर्माण का संबल प्रदान कर रहा है। उनके प्रोत्साहन से आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की इन श्रृंखलाओं से प्रदेश में जो बदलाव आयेगा उससे औद्योगीकरण और तकनीकी विकास के साथ युवाओं को रोज़गार, स्व-रोज़गार के अवसर तो मिलेंगे ही, साथ ही प्रदेश के विकास में प्रतिमान भी स्थापित होंगे। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इससे मध्यप्रदेश की प्रगति और समृद्धि की नई आधारशिला निर्मित होगी।
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के परिणामों को लेकर मैं, प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ यह अपेक्षा करता हूं कि देश का हृदय प्रांत मध्यप्रदेश, निरंतर नवाचारों से विकास का हृदय स्थल बनेगा और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूरा कर विकसित भारत निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
(विनायक फीचर्स) लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं