नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता द्वारा रविवार को भव्य तिरंगा रैली का आयोजन
मुम्बई – भारत की आज़ादी के 75 वे अमृत महोत्सव शुभ अवसर पर वीले पार्ले विधानसभा वॉर्ड क्रमांक ७० की नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता द्वारा एक भव्य तिरंगा रैली का आयोजन दिनाँक १४ अगस्त रविवार के दिन किया गया है। यह रैली शॉपर स्टॉप से शुरू हो कर वीले पार्ले रेलवे स्टेशन , गुलमोहर रोड , इर्ला सिंग्नल , बजाज रोड , डीजे रोड , पोंड गौठान , इर्ला सोसायटी रोड होते हुए शास्त्री नगर पर ख़त्म होगी।
इस रैली में देश भक्ति गीतों , के साथ लेझिम , भारतीय नृत्य इत्यादि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम में सांसद पूनम महाजन , विधायक पराग अलवणी , विधायक अमित साटम आदि की उपस्थिति रहेगी। रैली में १००० से ज्यादा लोगो के भाग लेने की संभावना है।
इस रैली के अतिरिक्त नगरसेविका सुनीता राजेश मेहता ने एक गीत भी जारी किया है जो लोगो को काफी पसंद आ रहा है।
छत्तीसगढ़ – क्रूरता की हदें पार, गाय का मुँह बाँध लाठियों से पीटा
छत्तीसगढ़ सरकार जहाँ गौ संरक्षण की बात करती हैँ,असल सच्चाई देखिये मुख्यमंत्री जी हसौद पुल जांजगीर चांपा जिला की घटना हैँ जहाँ गौमाता को बोरी मे बांध के नहर मे फेका जा रहा हैँ और प्रशासन हाथ धरे हैँ,@ChhattisgarhCMO @bhupeshbaghel @ArunSao3 @aajtak @BJP4CGState @OPChoud92334801 pic.twitter.com/VfrH1dg2MT
— KEDAR NATH SAHU (@kedarnathsahu02) August 11, 2022
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में एक गोवंश के साथ कुछ लोगों की बेरहमी का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में गाय का मुँह बोरी से बाँध कर उसको बुरी तरह से पीटा गया है। बाद में उस गाय को अधमरी हालत में चारों पैर बाँध कर नदी में फेंक दिया गया। इस घटना का वीडियो आरोपितों ने खुद ही बनाया था जिनके खिलाफ मंदिर हसौद थाने में FIR दर्ज हुई है। इस घटना में पुलिस ने 3 नामजद आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना गुरुवार (11 अगस्त 2022) सुबह की बताई जा रही है।
वायरल वीडियो में नदी में फेंका गया गौवंश कुछ देर तैरने का प्रयास करता है लेकिन पैर बँधे होने के कारण बाद में वह डूब गया। वीडियो में घटनास्थल पर लगभग 10 आरोपित दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथों में डंडे भी दिखाई दे रहे हैं। घटना एक सड़क पर बने पुल की है जिस से लोग आ जा रहे हैं।
वहीं इस वीडियो के वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने आरोपितों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के मुताबिक, “गाँव लालमाटी से बहने वाली सोन नदी में आपराधिक तत्वों ने गौ माता के चारों पैरों को रस्सी और मुँह को बोरे से बाँध कर जीवित ही फेंक दिया। इसमें घटना में राहुल खुंटे, कमल किशेर खुंटे, किरन जाटवर और कुलदीप आदि मुख्य रूप से शामिल हैं। आरोपितों ने लोगों में डर फैलाने के लिए इसका वीडियो भी बना डाला।”
शिकायत में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस शिकायत पर हसौद थाने पर FIR दर्ज हो गई है। पुलिस ने किरण जाटवर, कमल किशोर और राहुल कुट्टे के खिलाफ IPC की धारा 429, छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण अधिनियम 2044 की धारा 4/10/11 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत FIR दर्ज किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित किरण जाटवर और राहुल खुटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं फरार आरोपित कमल किशोर खुटे की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिख रहे बाकी अन्य आरोपित भी चिन्हित किए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने गायों द्वारा अपनी फसलों को खाने से नाराज हो कर इस घटना को अंजाम दिया था।
भारत की आज़ादी के 75 वे अमृत महोत्सव पर गायिका मधुश्री के स्वर में ‘वन्देमातरम’ गीत
मुम्बई। अब एक बार फिर वंदे मातरम की गूंज से झूमेगा इंडिया सारा। वंदे मातरम के गीत से रगों में भर जाएगा देश भक्ति का जज्बा। गायिका मधुश्री, भारत की आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के मौके पर अपनी सुरीली आवाज में लेकर आ गयी हैं भारत वासियों के लिये बेहद खूबसूरत नजराना। एक ऐसा गाना जो देश की पहचान है।
हाल ही में वंदे मातरम गाने को उन्होंने अपनी मधुर आवाज में रिकॉर्ड किया और अब गाना पूरा बनकर सामने आ गया है तो मधुश्री बेहद खुश हैं और कहती हैं,”मैं भारत से प्यार करती हूं और बचपन से वंदे मातरम गीत, मेरे दिमाग में सदैव एक मीठी धुन बनकर बजता रहा है, जब भी मैं ये गाना सुनती थी तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे। लता जी का गाया हुआ ‘वंदे मातरम’ गीत मुझे हमेशा से प्रेरणा देते रहा हैं और इस साल मैंने फैसला किया कि मैं ये गाना रिकॉर्ड करके देशवासियों को और भारत माँ को ये गाना समर्पित करूंगी।
मधुश्री आगे कहती हैं कि मैंने रॉबी बादल से एक अलग धुन बनाने के लिए कहा और उन्होंने हूबहू वैसा ही किया। मैंने पूरी श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ इस गाने को गाया है। भारत माता ने हमें बहुत कुछ दिया है। मैं चाहूंगी कि यह गीत हमारे देश और हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि हो, जहाँ हमारा देश आजादी के 75 वें वर्ष अमृत महोत्सव मना रहा है। यह गीत हमारे तिरंगे की शक्ति को संगीत के माध्यम से हर घर तक पहुंचाने की मेरी एक कोशिश है। संगीत की कोई सीमा नहीं होती और वंदे मातरम गाने के माध्यम से मैं चाहती हूं कि हमारा राष्ट्रीय ध्वज हर भारतीय के घर और दिल में और दुनिया भर में सदैव गर्व से लहराता रहे।
इस गीत को संगीत से सजाया है रॉबी बादल ने, लिखा है बंकिम चंद्रा चट्टोपाध्याय और अर्रेंज किया है सुदीप घोष ने।
जब भगवान् कृष्ण ने ख़ुद थियेटर में बैठ कर देखी फिल्म
मुम्बई – मैं भी उस प्रीमियर शो में था , एक फोन कॉल , अमूमन मैं कही जाता नहीं हूँ मगर उस दिन जब अखिलेश ने मुझे फोन किया और कहा कि -” आप फ्री है मैक्सेस मॉल आना है , एक फिल्म का प्रीमियर शो है , मैंने भी अनमाने मन से बोल दिया है ठीक है , आता हूँ। अखिलेश ने मुझे मेरे व्हाटप्प पर सारी जानकारी भेजी , मगर मैंने पढ़ा नहीं , समय के अनुसार गाड़ी उठाई और बोरीवली गोराई पहुंच गया।
वहां पहुंचने पर फिल्म का नाम मालूम हुआ ” कृष्ण संगिनी यमुना ” नाम देख कर बड़ा रोमांचित हुआ , और जब यह मालूम हुआ कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक फिल्म को सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से बना कर सनातन संस्कृति का प्रचार -प्रसार कर रहे है तो मन और भी पुलकित हो गया।

खैर समय के अनुसार फिल्म देखने के लिए हम सभी लोग थियेटर में गए , मेरी नज़र एक कुर्सी पर जा कर टीक गई , देखा कि भगवान् कृष्ण बड़ी मोहक तस्वीर सजी हुई कुर्सी पर रखी हुई है मैंने भी उन्हें प्रणाम किया और अपनी सीट पर फिल्म देखने बैठ गया।
फिल्म ” कृष्ण संगिनी यमुना ” जब पर्दे पर शुरू हुई तो ” यमुना ” जी के बारे में जानने की जिज्ञासा बढ़ती चाली गई जिसे फिल्म में बाखूबी दिखाने का प्रयास किया गया , ज्ञात हो कि यमुना जी को श्रीकृष्ण की प्रिया कहा जाता है. पुराणों में उल्लेख है कि भगवान श्रीकृष्ण की आठ पटरानियों में एक प्रिय पटरानी कालिंदी ही यमुना हैं. वहीं जब कृष्ण भगवान किशोर थे तो उन्होंने यमुना के तट पर ही गोपियों संग रास रचाया. मान्यता है कि श्रीकृष्ण लीलाओं में यमुना जी का भी विशेष स्थान था।
कथा के अनुसार मृत्यु का भय दूर करती है मां यमुना वे मृत्यु के देवता यमराज (Yamraj) के साथ साथ न्याय के देवता शनि की भी बहन हैं. ऐसे में मां यमुना के भक्त मानते हैं कि मां के दर्शन करने से मृत्यु का भय और पाप दोनों नष्ट हो जाते हैं.
सूर्य की पुत्री, यमराज की बहन और श्रीकृष्ण की प्रियाओं में से एक, यमुना मां की महिमा अपरंपार है। जो इस फिल्म ” कृष्ण संगिनी यमुना ” में बताया गया है। फिल्म की लेखिका शशि बिहारी खंडेलवाल ने बहुत अच्छी कथा और पठकथा लिखी है जिसे ग्राफ़िक के माध्यम से खूबसूरत बनाया गया है। फिल्म के कलाकार ज्यादातर नए है। कलाकारों में आकांक्षा पाल , नीलम कुमारी , मनीष गर्ग , अनुज भारद्वाज , हर्षित वर्मा , अजय यादव , प्रियंसी पलव इत्यादि है।

इस फिल्म के निर्माता शशि बिहारी खंडेलवाल , और फिल्म्स गैलेरी है। फिल्म को मथुरा , वृन्दावन गोकुल , बनारस , ब्रजजेश्वरी और गुजरात में शूट किया गया है। फिल्म के निर्माण में वर्षा उपाध्याय ने भी सहयोग किया है। गीत संगीत निशांत कमल व्यास और शिवांग उपाध्याय का है। फिल्म के सह निर्माता श्याम उपाध्याय है। और महाप्रभु की विशेष भूमिका अनुग्रह बाबा ने निभाई है। यह फिल्म महाराणी फिल्म के बैनर तले बनी है।

यमुना जी के बारे में कुछ विशेष
श्रीकृष्ण की पटरानी हैं यमुना
द्वापर युग में श्रीकृष्ण लीला के समय सर्वेश्वर श्रीकृष्ण एवं यमुना जी के पुनर्मिलन का वृत्तांत कुछ इस प्रकार है-एक बार श्रीकृष्ण अर्जुन को साथ लेकर घूमने गए। यमुनातट पर एक वृक्ष के नीचे दोनों विश्राम कर रहे थे। श्रीकृष्ण को ध्यान मग्न देखकर अर्जुन टहलते हुए यमुना के किनारे कुछ दूर निकल गए। वहां उन्होंने देखा कि यमुना नदी के भीतर स्वर्ण एवं रत्नों से सुसज्जित भवन में एक अतीव सुंदर स्त्री तप कर रही है। अर्जुन ने जब उससे परिचय पूछा तो उसने कहा, मैं सूर्यदेव की पुत्री कालिंदी हूं।
भगवान श्रीकृष्ण के लिए मेरे मन में अपार श्रद्धा है और मैं उन्हीं को पाने के लिए तप कर रही हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।
अर्जुन ने वापस लौटकर यह वृत्तांत श्रीकृष्ण को सुनाया तो श्यामसुंदर ने कालिंदी के पास जाकर उन्हें दर्शन दिया और उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद श्रीकृष्ण ने सूर्यदेव के समक्ष उनकी पुत्री कालिंदी (यमुना) से विवाह का प्रस्ताव रखा तो उन्होंने श्रीकृष्ण के साथ कालिंदी का विवाह कर दिया। इस प्रकार वह द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की पटरानी बन गई।
गौ तस्कर माफिया अनुब्रत मंडल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार
गौ तस्करी मामले में सीबीआई ने अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने गुरुवार सुबह करीब 10 बजे उनके घर पर छापा मारा। केंद्रीय बलों ने नीचपट्टी के बोलपुर में अनुब्रत के घर को घेर लिया। अनुब्रत के घर के सभी दरवाजे बाहर से बंद थे। सीबीआई ने घर में सभी का फोन ले लिया। उसके बाद जांचकर्ताओं ने अनुब्रता को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जांच में सहयोग न करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई द्वारा भेजे गए दस समन में अनुब्रत केवल एक बार पेश हुए।
उन्होंने बुधवार को भी समन से परहेज किया। फिर गुरुवार की सुबह सीबीआई बीरभूम के तृणमूल कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल के बोलपुर स्थित घर पर पेश हुई. सीबीआई आज सुबह करीब साढ़े दस बजे उनके घर गई और कुछ देर तलाशी ली।
तभी सीआरपीएफ जवानों ने घर को घेर लिया। बाद में सीबीआई अधिकारी अनुब्रत मंडल को लेकर घर से निकल गए। गौ तस्करी मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बॉडीगार्ड सहगल हुसैन का नाम था. अनुब्रत मंडल के नाम का भी उल्लेख किया गया था। सीबीआई अधिकारियों ने आज अनुब्रत के घर में प्रवेश किया और दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया। सीबीआई के 10-12 वाहनों का काफिला था।

केंद्रीय बलों ने तृणमूल जिलाध्यक्ष के सुरक्षा गार्डों को वहां से हटा दिया। मेडिकल जांच के बाद उसे आज आसनसोल कोर्ट ले जाया जा सकता है।
गाय तस्करी मामला: सीबीआई छापे का विवरण सीबीआई अधिकारियों ने बुधवार रात बोलपुर में छापा मारा। वे रात में विश्व भारती के रतनकुठी गेस्ट हाउस में थे। सीबीआई ने सुबह गेस्ट हाउस में बंद कमरे में बैठक की। फिर गुरुवार की सुबह करीब 10:15 बजे केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी अनुब्रत मंडल के नीचपट्टी के घर में घुस गए. सीआरपीएफ से घिरा बीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष का घर। अनुब्रत ने दूसरी मंजिल के कमरे में बैठे सीबीआई के दो अधिकारियों से करीब डेढ़ घंटे तक बात की।
सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने उसके घर से कई अहम दस्तावेज भी जुटाए। उसके बाद अनुब्रत को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि अभी तक सीबीआई ने गिरफ्तारी के बारे में कुछ नहीं बताया है।
बताया जा रहा है कि अरेस्ट मेमो पर भी साइन नहीं किया गया है. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इससे पहले अनुब्रत मंडल को गौ तस्करी मामले में सीआरपीसी की धारा 160 के तहत गवाह के तौर पर तलब किया गया था. हालांकि, इसी दिन बीरभूम के ‘बाहुबली’ तृणमूल नेता को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को उन्हें आसनसोल कोर्ट ले जाया जाएगा। हालांकि आसनसोल कोर्ट में पेश होने से पहले मेडिकल जांच कराई जाएगी। उस स्थिति में, यह अभी भी अज्ञात है कि उसका मेडिकल चेक-अप कहाँ किया जाएगा।
टीएमसी नेता जांच में नहीं कर रहे थे सहयोग
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने टीएमसी नेता को गिरफ्तार करने से पहले उन्हें आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41 के तहत एक नोटिस दिया। जांच एजेंसी ने पिछले कुछ दिनों में टीएमसी नेता को दो बार पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वह खराब सेहत का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे। सीबीआई के कम से कम आठ अधिकारियों का दल केंद्रीय बलों के साथ सुबह करीब 10 बजे मंडल के आवास पर पहुंचा और जांच के तौर पर तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारी ने बताया कि मंडल से उनके आवास की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में पूछताछ की गयी।
डॉक्टर से भी होगी पूछताछ
उन्होंने बताया कि सीबीआई बोलपुर के एक अस्पताल के डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी, जिन्होंने मंडल को 14 दिनों तक आराम करने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी के अधिकारी टीएमसी नेता के साथ ही उनके कई करीबी साथियों के आवास पर छापे मार रहे हैं। मंडल से सीबीआई ने दो बार पूछताछ की है। केंद्रीय एजेंसी ने उनके अंगरक्षक सैगल हुसैन को भी गिरफ्तार किया है।
*लेसली लेविस ने री-क्रिएट किया स्वर्गीय सिंगर केके के बेटे नकुल और बेटी तमारा के साथ ‘यारों-दोस्ती’ गीत*
मुम्बई। सिंगर केके आज हमारे बीच नही हैं लेकिन उनके गाये हुए सदाबहार गीत और उनके खूबसूरत आवाज की गूंज ताउम्र तक हमारे दिल में बसी रहेगी। एक ऐसा लाजवाब फनकार, जिसकी आवाज इस भीड़ में न तो कभी खो सकती है और न ही कभी चाहने वालों के दिलों से निकल सकती है।
केके का गाया हुआ और लेसली लेविस का कंपोज़ किया हुआ गाना ‘यारों-दोस्ती’ आज भी लोगों के यादों में बसा हुआ है। और अब 23 साल के बाद लेसली लेविस ने अपने दोस्त केके की याद में इस यादगार गीत को उनके बेटे नकुल और बेटी तमारा के साथ फिर से बड़ी ही खूबसूरती से रिक्रिएट किया।
23 सालों बाद बांद्रा के पर्पल हेज़ स्टूडियों में लेसली लेविस ने ‘यारों’ गाने को रिक्रिएट किया जहां पर पहली बार के के ने इस गाने को गाया था और 23 साल बाद पहली बार पिता के लिए बेटा नकुल और बेटी तमारा ने इस गाने में अपनी आवाज देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इतने भावुक पलों को याद करते हुए लेसली लेविस कहते हैं कि मेरा और के के रिश्ता काफी पुराना है। 23 साल पहले हमने पर्पल हेज़ स्टूडियो में यारों गाने की रिकॉर्डिंग की थी। वो पल बहुत ही खूबसूरत थे। हम दोनों के लिए वो बहुत प्यारी यादे थी और अब 23 सालों बाद मैंने उसी स्टूडियो में यारों-दोस्ती गाने को री- रिकॉर्ड किया उनके बच्चे नकुल और तमारा के साथ जहाँ उनकी पत्नी ज्योति भी आयी थी। पहली बार नकुल ने पापा के लिए गाना रिकॉर्ड किया और जब मैंने उसकी आवाज सुनी, मुझे केके के अलावा और कोई नजर नही आया। उसकी आवाज हूबहू के के जैसी लगी। आज अगर वो हमारे बीच होते तब ये सब देखकर बहुत खुश होते।
इसके आगे लेसली कहते हैं कि जिस दिन मैंने केके को उसकी जिंदगी का पहला जिंगल, ब्रेक के तौर पर दिया था उस दिन नकुल पैदा हुआ था। इसलिए हमारा साथ इतना अनूठा और गहरा हैं कि रिकॉर्डिंग के वक़्त उनकी वाइफ ज्योति कृष्णा भी आयी हुई थी। इस गाने की री-क्रिएशन भी इतनी खूबसूरत हुई हैं जिसके लिए मेरे पास अल्फ़ाज़ नही हैं।

अपने पापा को इस गाने के जरिये श्रद्धांजलि देते हुए एक मीडिया से बात करते हुए केके के बेटे नकुल कहते,”पापा के जाने के बाद हम पहली उन्ही के गाने को रिकॉर्ड कर रहे है। जिसकी फीलिंग मैं बयां नही कर सकता। जब मैंने गाना गाया तो ऐसा लगा कि वो हमारे साथ थे और हमारी रिकॉर्डिंग सुन रहे थे। इन अहसासों को, जज्बातों को, शब्दों में मेरे लिए बया करना, मेरे लिए, मेरी बहन तमारा के लिए और माँ के लिए बेहद मुश्किल है।











