Home Blog Page 366

बेरोजगारी में नंबर वन हरियाणा: युवाओं के साथ खेलती सरकार, क्यों नहीं हो रही भर्तियां?

0
आज हरियाणा देशभर में बेरोजगारी में कई सालों से पहले स्थान पर है। देश और प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। हरियाणा बेरोजगारी में 35.1% के साथ देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में 18 से लेकर 40 वर्ष तक का हर दूसरा युवा बेरोजगार है। हरियाणा की इस उपलब्धि में सीधा-सा सरकार का हाथ है, कई सालों से यह छोटा-सा राज्य पहले स्थान पर काबिज है। हरियाणा में लाखों पदों की रिक्तियों के बावजूद साल 2014 से क्यों तरस रहे हैं नौकरी के लिए युवा? कौन जिम्मेदार है। क्यों विभिन्न विभागों में लाखों पदों के खाली होने के बावजूद सरकार की मंशा नहीं है कि इन पदों को भरा जाए। और न ही हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों को चिंता कि वह सरकार से इन पदों को भरने के लिए कहे।

दिल्ली से लगे हरियाणा राज्य में भर्तियों का हाल यह है कि साल 2014 से विज्ञापित बहुत से  पदों का परिणाम आज तक जारी नहीं हुआ। अगर कोई परिणाम जारी हो भी गया तो वह भर्तियां कोर्ट में लटकी हुई है। चयनित आवेदक जॉइनिंग को लेकर तरस रहे हैं। शिक्षा विभाग में पिछले 8 सालों में कोई भर्ती नहीं हुई है जबकि हरियाणा के लाखों युवा हर साल राज्य पात्रता परीक्षा पास करते हैं। इस आस में कि वो एक दिन अध्यापक बन कर देश के सुनहरे भविष्य का निर्माण करेंगे। मगर अब तो उनका खुद का भविष्य अंधकार में खो गया है।  हरियाणा में भर्ती प्रणाली और कर्मचारी चयन आयोग की कार्यशैली कि बानगी देखिए। पारदर्शिता के नाम पर यहां रोज नए- नए नियम बनाए जाते हैं तो कभी कॉमन भर्ती टेस्ट के नाम पर युवाओं को बहलाया जाता है। तरह-तरह के सब्जबाग दिखाए जाते हैं। बेरोजगार युवा उनका पीछा करते हैं मगर आखिर हाथ कुछ नहीं लगता।

आज हरियाणा के युवाओं की स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि यहां के करोड़ों युवा पहले तो खाली पदों के लिए विज्ञापन के लिए सरकार से प्रार्थना करते है, बात नहीं बनती तो मजबूरी में आंदोलन करते हैं। सही समय पर पेपर नहीं होते तो फिर उनके एग्जाम के लिए आंदोलन कर सड़कों पर आते हैं। पहली बात तो एग्जाम होता ही नहीं, होता है तो बार-बार लीक होता है। अगर कोई एग्जाम पूर्ण हो भी जाता है तो उसके परिणाम के लिए आवेदक सालों तक इंतजार करते हैं या फिर राजनीतिज्ञों की कोठियों पर चक्कर लगाते हैं। अगर परिणाम जारी भी हो जाता है तो जॉइनिंग के लिए सालों तक इन बेरोजगार युवाओं को इंतजार में बैठा रहना पड़ता है या फिर वही भर्तियां ऐसे मोड़ पर लाकर कोर्ट में उलझा दी जाती है।

उदाहरण के लिए यहां के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में लगभग 3000 पदों की इंस्ट्रक्टर की भर्ती पिछले 9 सालों से पेंडिंग है। युवाओं के अथक प्रयासों के परिणाम स्वरुप कुछ पदों का परिणाम जारी हुआ है, मगर जॉइनिंग उनकी भी नहीं हुई । यही नहीं मुख्य ट्रेड वाली बड़ी भर्ती का परिणाम अभी भी कर्मचारी चयन विभाग ने रोका हुआ है। एक-एक, दो-दो पोस्ट वाली कैटेगरी का परिणाम जारी करके ये कह दिया जाता कि हम परिणामी लिस्ट दे रहें है।  भर्ती के नियमों में स्पष्टता के अभाव में भर्तियां कोर्ट और आयोग के बीच झूलती रहती है। आखिर क्यों आयोग विज्ञापन जारी करते हुए स्पष्ट नियम नहीं बनाता। आखिर उनकी मंशा क्या है? क्यों युवाओं को बेरोजगारी के साथ-साथ कोर्ट और आयोग के बीच पिसना पड़ रहा है ? स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि कॉमन टेस्ट के नाम पर हरियाणा के लाखों युवा एग्जाम के इंतजार में घर बैठे हैं लेकिन सरकार है कि समझती ही नहीं।

आखिर क्यों हरियाणा सरकार को अपने द्वारा की गई एक-दो छुटपुट भर्तियों की ही जांच बार-बार करनी पड़ रही है? हरियाणा सरकार की दो ऐतिहासिक भर्तियां ग्रुप डी और क्लर्क की आए दिन जांच बैठती है। ग्रुप डी को तो वोट बैंक का जरिया कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी  क्योंकि यह भर्ती पिछले चुनाव से थोड़े दिन पहले रातों-रात बिना किसी वेरिफिकेशन के आनन-फानन में की गई थी। कुछ ऐसा ही हाल क्लर्क  की 5000 पदों की भर्ती का हुआ जिसका संशोधित परिणाम अब सालों बाद भी जारी हो रहा है। परिणाम स्वरुप हज़ारों युवाओं का भविष्य अंधकार में खो गया है, गलती करें कोई, भरे कोई।

हरियाणा पुलिस में हर साल हजारों पदों की भर्ती का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार पिछले 3 साल से चल रही कॉन्स्टेबल की भर्ती को भी पूरा नहीं कर पाई है। इस भर्ती के लिए लाखों युवाओं ने मेहनत की, लेकिन यह भर्ती आज भी सरकार की मंशा के अभाव में पूर्ण नहीं हुई है। आलम यह है कि हरियाणा के हर विभाग में लाखों पद खाली है लेकिन सरकार इन पदों को भरना नहीं चाहती। तभी तो हरियाणा बेरोजगारी में नंबर वन है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो वह  दिन दूर नहीं जब हरियाणा बेरोजगारी के साथ-साथ चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में  में नंबर वन पर होगा।

हरियाणा सरकार के एचएसआईआईडीसी में निकली 200-300 पदों की विभिन्न श्रेणियों की भर्तियां आज चयन के बावजूद जॉइनिंग के लिए तरस रही है।  आखिर क्यों वहां के विभागाध्यक्ष और सरकार इन युवाओं को जॉइनिंग नहीं दे रहे। इसमें युवाओं की क्या गलती है कि वह चयन  के बाद भी सालों तक घर बैठे जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। परिणाम यह है कि आज यहां का पढ़ा लिखा युवा नौकरी के अभाव में अपना घर बसाने को तरस रहा है क्योंकि भर्तियां नहीं होने की वजह से युवा लगातार तैयारी करते रहते हैं। उम्र बढ़ती जाती है और वह रोजगार के अभाव में शादी के लिए सही समय पर सोच नहीं पाता।

हर साल प्रदेश के लाखों युवाओं को अध्यापक पात्रता परीक्षा के नाम पर लूटा आ जाता है लेकिन शिक्षकों भर्तियां नहीं निकाली जाती। भर्ती नहीं तो पात्रता परीक्षा क्यों ? आज शिक्षकों के लाखों आवेदकों की राष्ट्रीय पात्रता सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त होने के कगार पर है, बार-बार परीक्षा पास कर वो थक चुके है, टूट चुके है।  शिक्षकों के हज़ारों पद खाली होने के बावजूद न तो यहां का शिक्षा विभाग और न ही यहां की सरकार इन पदों को भरने का सोच रही है। उल्टे यहां के हजारों सरकारी स्कूलों पर बंद होने की नौबत आ गई है। आखिर क्या होगा गरीब और निचले तबके के बच्चों का और नौकरी की आस में बैठे  हरियाणा के मेधावी और शिक्षित युवाओं का।

देखे तो पिछले 8 सालों में यहां की सरकार के द्वारा स्वास्थ्य विभाग में नाममात्र के कुछ पदों को भरने के अलावा किसी भी विभाग में कोई भर्ती अच्छे से पूर्ण नहीं हुई है। जिससे युवाओं को संतोष हो।  स्वास्थ्य विभाग में हुई भर्तियों को वक्त का तकाजा कहे या सरकार की मजबूरी क्योंकि कोरोना काल की वजह से इनको पैरामेडिकल स्टाफ की भर्तियां मजबूरी में करनी ही पड़ी और यह भर्तियां भी आवेदकों के सड़कों पर उतरने के बाद पूर्ण हुई है। आखिर क्यों यहां के मुखिया ने युवाओं को सड़कों पर उतरने मजबूर कर दिया है?  युवा आज अपने हकों के लिए हरियाणा सरकार के विरोध में आ खड़ा हुआ है। सरकार को सोचना होगा, सोचना ही नहीं उनकी परेशानियों का हल ढूंढना होगा। तभी एक स्वर्णिम हरियाणा का निर्माण कर पाएंगे।

खेलेगा इंडिया एक नया और रोमांचक खेल ‘हानेटबॉल 360’ !

0

मुम्बई। डीएमआईएल360, फ्लोरिडा की एक कंपनी, भारत में नए और रोमांचक खेल, हेनेटबॉल360 को लॉन्च करने के लिए अपनी कार्य योजना की घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रही है।
बोका रैटन, फ्लोरिडा: डीएमआईएल360 के सीईओ और संस्थापक ने हाल ही में ऑर्किड होटल मुम्बई में इसकी घोषणा की।
हानेटबॉल360, भारतीय लोगों के लिए एक अद्वितीय दृष्टिकोण के साथ एक नया खेल आ रहा है। खेल को अछूते प्रतिभाओं को विकसित करने और दिमाग को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। Hanetball360 एकमात्र ऐसा खेल है जो ‘क्वांटम थिंकिंग360TM’ सिद्धांत का लाभ उठाता है, जिसमें खिलाड़ियों को लगभग हर दूसरे खेल को खेलने के रैखिक मोड के बजाय हर दिशा में स्कोर करने और बचाव करने के तरीकों के बारे में सोचने की आवश्यकता होती है। यह खेल सबसे मजेदार और रोमांचक है। बास्केटबॉल, फुटबॉल के विपरीत हेनेटबॉल को 360-डिग्री गति में खेला जाता है जहां खिलाड़ी स्कोर करने, जीतने या बचाव करने के लिए ग्रंडनेट के चारों ओर जा सकते हैं। इस दृष्टिकोण (“क्वांटमथिंकिंग360टीएम”) का उपयोग करके, खिलाड़ी अपने दिमाग का विस्तार करने और जीतने की संभावनाओं का पता लगाने में सक्षम होते हैं जो अन्य खेलों के साथ संभव नहीं होगा।


जब हेनेटबॉल 360 के आविष्कारक फ्रिट्ज वाल्देस से पूछा गया कि हानेटबॉल 360 को भारत में लाने का आपके लिए क्या उद्देश्य एवं लक्ष्य है? तो उन्होंने जवाब दिया कि भारत में हेनेटबॉल 360 का लक्ष्य बहुआयामी है, लेकिन प्राथमिक उद्देश्य में सकारात्मक बदलाव करना है। हैनेटबॉल360 का विजन वैश्विक स्तर पर खेल का आनंद लेने और शारीरिक क्षमताओं के व्यक्तियों के लिए संभावनाएं पैदा करके खेल की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव करना है। हैनेटबॉल360 संयुक्त राज्य अमेरिका, डोमिनिकन गणराज्य, हैती और क्यूबा में तेजी से बढ़ रहा है। यह खेल कनाडा और अन्य देशों में भी स्थापित होने की तैयारी कर रहा है। पहली चैम्पियनशिप लीग 16 अक्टूबर, 2022 को फ्लोरिडा के फोर्ट लॉडरडेल में स्थित नोवा साउथईस्टर्न यूनिवर्सिटी में खेलने के लिए निर्धारित है, जहां यह पहले से ही प्रगति कर रहा है।
ट्रांसमीडिया ग्रुप के अध्यक्ष एड्रिएन मैजोन ने कहा कि खेल की दुनिया में ऐसा कुछ भी मौजूद नहीं है। हेनेटबॉल 360 स्वाभाविक रूप से खिलाड़ियों की आंतरिक भावनाओं को मजबूती देता है। भविष्य में यह खेल भी अन्य खेलों की भांति प्रसिद्ध हो सकता है।

– संतोष साहू

अनूप जलोटा, शंकर महादेवन, हरिहरन और शिल्पा राव आज षणमुखानंद हॉल में करेंगे परफॉर्म

0

मुम्बई। संगीतम चैरिटेबल ट्रस्ट एक ऐसा ट्रस्ट है जो म्युजिकल प्रोग्राम ‘रेहमतें’ का 7 साल से आयोजन करके म्युज़िक से जुड़े ज़रूरतमंद फ़नकारों पर रहमतों की बारिश कर रहा है। यह ट्रस्ट लगातार पिछले सात वर्षों से संगीत क्षेत्र से जुड़े कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करता आ रहा है। अब 25 अगस्त 2022 को मुंबई में रहमतें म्युज़िक कॉन्सर्ट के 8 वें एडिशन का आयोजन करने जा रहा है। सौरभ दफ्तरी ने इस कार्यक्रम के विवरण की घोषणा करने के लिए पद्मश्री हरिहरन और शिल्पा राव को आमंत्रित किया। इस साल यह प्रोग्राम पहले से अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है जिसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं।


इस साल पद्मश्री शंकर महादेवन, पद्मश्री हरिहरन,पद्मश्री अनूप जलोटा और शिल्पा राव जैसी हस्तियां इस म्युज़िक कॉन्सर्ट में परफॉर्म करेंगी। इस कॉन्सर्ट में एक नया बैंड अर्बन जोगी भी परफॉर्म करेगा, जो यहां मौजूद ऑडिएंस के लिए एक सरप्राइज पैकेज होगा।
रहमतें 8 की विशेषता यह है कि इस वर्ष जरूरतमंद, वृद्ध, योग्य संगीतकारों और बच्चों को इस संगीतमय कार्यक्रम की आय से मदद मिलेगी। यह अनोखा और शानदार संगीत समारोह 25 अगस्त को षनमुखानंद ऑडिटोरियम, किंग सर्कल, सायन में होगा। इस शानदार आयोजन की गवाह पूरी संगीत इंडस्ट्री, संगीत प्रेमी और शहर की सबसे प्रतिष्ठित हस्तियां होंगी। इस समारोह में जावेद अख्तर मुख्य अतिथि होंगे और अमृता फडणवीस गेस्ट ऑफ ऑनर होंगी।
जिन लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी उनके नाम पद्मश्री हरिहरन, पद्मश्री अनूप जलोटा और सौरभ दफ्तरी जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों के एक पैनल द्वारा तय किए जाएंगे। ई-बिज़ एंटरटेनमेंट एलएलपी, इस कॉन्सर्ट की मेजबानी कर रहा है ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सके।

पांच दिवसीय दिव्य गौ कृपा कथा

0
सूरत. राजस्थान की विभिन्न गौशाला में आश्रित सैकड़ों-हजारों गायों के सेवार्थ पांच दिवसीय दिव्य गौ कृपा कथा इन दिनों शहर में परवत पाटिया स्थित आईमाता रोड पर माहेश्वरी सेवा सदन में की जा रही है। श्रीसालासर हनुमान सेवा समिति व श्रीसालासर हनुमान मंदिर, जलवंत टाउनशिप द्वारा आयोजित गौ कृपा कथा में व्यासपीठ से कपिलागोपाल सरस्वती दीदी ने सोमवार को कहा कि गौ माता के दूध, गोबर और मूत्र से बहुत सारी बीमारियों का इलाज संभव है। गौ द्रव्य में अपार शक्ति है और इसके सदुपयोग की बेहद जरूरत है। गौ द्रव्य की शक्ति का मूल्यांकन होने के साथ ही व्यक्ति गौ सेवा के प्रति तत्पर बन जाएगा। ऐसी स्थिति में ज्यादा से ज्यादा गाय व गौ द्रव्य के जन-जन के बीच प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।
कथा के दौरान कपिलादीदी ने गाय के भगवद्स्वरूप के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे। पांच दिवसीय कथा की पूर्णाहुति बुधवार को होगी और मंगलवार को कथा दोपहर दो बजे से आयोजित होगी और इस अवसर पर कपिलादीदी के गुरुदेव जगदीशगोपाल महाराज विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।

झांसी: शातिर इनामी गौ तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

0
झांसी। उत्तर प्रदेश में झांसी के रक्सा थानाक्षेत्र में पुलिस ने 25 हजार के एक शातिर ईनामी गौ तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि रक्सा थानाक्षेत्र में डेली पुल पर मंगलवार देर रात की जा रही चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल पर दो संदिग्धों को आते देखा गया। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगे।
बदमाशों को भागता देख पुलिस टीम ने उनका पीछा किया लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा।
पकड़े गये बदमाश की पहचान फारूक पुत्र मो़ कादिर निवासी व्यापारी मोहल्ला कस्बा व थाना फरह जनपद मथुरा के रूप में की गयी है जो 27 साल का है और शातिर बदमाश है जिसका लंबा आपराधिक इतिहास है। फारूक गौ तस्करी के मामले में झांसी के थाना रक्सा और सीपरी बाजार से वांछित है।
इस पर 25 हजार का ईनाम भी था। बदमाश के पास से एक तमंचा ,दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, तमंचे में फंसा एक मिस कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल बरामद की गयी है। क्षेत्राधिकारी सदर (सीओ सदर) अवनीश कुमार गौतम ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गये बदमाश पर जनपद स्तर से 25 हजार का ईनाम घोषित किया गया था। यह अंतरराज्यीय गौ तस्कर गैंग का एक सक्रिय सदस्य है।
यह पहले भी गौ तस्करी के कई मामलों में संलिप्त रहा है इसी कारण इस पर ईनाम भी घोषित किया गया था। यह अपने वकील के साथ ऐसे ही किसी काम को अंजाम देने के लिए झांसी आया था और पुलिस को इसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। इसका दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा है जिसकी तलाश में टीमें लगा दी गयी हैं।

उ.प्र. पूर्वांचल की प्रख्यात गायिका सपना शर्मा का मुंबई आगमन! जानें कब

0

मुम्बई। भोजपुरी गीत, संगीत की अपनी महान परंपरा रही है जो विशुद्ध रूप से संस्कृति और संस्कार को समर्पित है।
ऐसी ही एक कलाकार पूर्वांचल की फर्श (जमीं) से निकलकर अर्श पर अपना प्रकाश बिखेर रही हैं। जौनपुर के छोटे से गाँव सरोखानपुर निवासी सपना शर्मा इन दिनों उ.प्र. बिहार में भक्ति गीतों का प्रख्यात ब्रांड बन गयी हैं। उनके गाये हुए गीतों पर हर वर्गों के लोग झूमते देखे गये हैं।
उनके यूट्यूब चैनल ‘वीडियो हाउस प्रोडक्शन’ पर देवी गीत, पचरा व भक्ति गीतों पर लाइक और कमेंट्स के बढ़ती संख्या ने उन्हें स्टार बना दिया है। उनकी सुमधुर आवाज व बेहतरीन प्रस्तुति के कारण उन्हें यूट्यूब पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।
भोजपुरी के बड़े सितारों के बीच अपनी प्रस्तुति दे चुकी सपना शर्मा अब मुंबई में अपना जलवा बिखेरने जा रही हैं। आगामी गणेशोत्सव व दशहरा, दीपावली पर उनके कार्यक्रम की लंबी फेहरिस्त बन चुकी है। तथा यू.पी. के बाद 26 अगस्त को महाराष्ट्र दौरे मे अपने गीत, संगीत के हुनर को पेश करेगी सपना शर्मा, जिसका मुंबईकरों को लंबे समय से इंतजार था।

आज बाॅलीवुड में अच्छी कहानियों की बहुत कमी है, मैं अच्छी कहानियों पर काम करना चाहता हूं : सूरज सूर्य मिश्रा

0

मुम्बई। लोग बाॅलीवुड में एक्टर, राइटर या डायरेक्टर बनने आते हैं मगर मैं एक बेहतर प्रोड्यूसर बनने आया हूं और मेरे लिए एक्टर से ज्यादा स्टोरी महत्वपूर्ण है इसलिए मैं कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन हाउस के अंतर्गत अच्छी और विशुद्ध कहानियों पर फिल्म निर्माण का कार्य शुरू किया है। फिल्म ‘इश्क़ पश्मीना‘ कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन इसी विचार का एक साकार रूप है।
मूलतः उत्तरप्रदेश के लखनऊ शहर के रहने वाले सूरज सूर्य मिश्रा बचपन में एक्टर बनना चाहते थे। गोविन्दा उनके पसन्दीदा हीरो हुआ करते थे। मगर जिन्दगी के जद्दोजहद में सूरज सूर्य का एक्टर बनने का सपना कहीं दब गया और वो उत्तरप्रदेश के एक जाने माने व्यवसायी और समाज सेवक बन गये। रियल स्टेट और ट्रान्सपोर्ट के बिजनेस में इन्होंने खूब कामयाबी पाई। व्यापार में एक मकाम बनाने के बाद सूरज सूर्य मिश्रा ने अपने बचपन के सपने को सकार करने की सोची मगर इस बार वह एक्टर नहीं बल्कि प्रोड्यूसर बनना चाहते थे। अपने इसी विचार को आधार बनाते हुए सूरज सूर्य ने अपनी पत्नी शालू मिश्रा के साथ मिलकर साल 2021 में अपने माता-पिता की स्मृति में कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन की नींव रखी।


फिल्म ‘इश्क़ पश्मीना‘ कृष्णा शान्ति प्रोडक्शन का पहला प्रयास है। इस फिल्म को बनाने में सूरज सूर्य और उनकी टीम ने दिन रात एक करके काम किया है। सूरज सूर्य ने अपनी समझ से एक बेहतरीन कहानी पर काम किया है। जो प्रेम की गहरी संवेदनाओं से भरी हुई है। सूरज सूर्य और शालू को नये टैलेन्ट पर ज्यादा भरोसा है उनका मानना है कि नये लोग पूरी शिद्दत से काम को करते हैं। उनमें बेस्ट करने का जुनून होता है। फिल्म ‘इश्क़ पश्मीना’ में फेमस इन्फ्लूवेन्सर भाविन भानुशाली और मालती चाहर मुख्य भूमिकाओं में है। इसमें ज़रीना वहाब और बृजेन्द्र काला बेहद अहम रोल में हैं जबकि कायनात अरोड़ा ने आइटम सॉन्ग किया है। इतना ही नहीं सूरज सूर्य ने अपनी इस पहली फिल्म में उत्तर प्रदेश खासकर लखनऊ के कई कलाकारों को अच्छा मौका दिया है। इस फिल्म के लेखक और निर्देशक अरविन्द पाण्डेय हैं जो लखनऊ के रहने वाले हैं। फिल्म की पूरी टीम माइनस 5 डीग्री तापमान पर भी पूरी ऊर्जा से काम करते रहे और तय समय में फिल्म की शूटिंग को पूरा कर पाये।
सूरज सूर्य का कहना है कि अगर हमारे साथ स्त्री शक्ति हो तो हम बड़े से बड़े काम को आसानी से कर सकते हैं, इस काम में शक्ति स्वरूपा मेरी पत्नी शालू मिश्रा मुझे और मेरी टीम को प्रेरणा देती रहती हैं। इस फिल्म के डीओपी नवीन मिश्रा, कास्टिंग डायरेक्टर मितुल पटेल और एडीटर राजेश पाण्डेय हैं।
शालू मिश्रा ने बताया कि इस फिल्म में कुल पांच गाने हैं जिसे शाम-बलकार और शाश्वत प्रखर भारद्धाज ने कंपोज किया है जबकि गीतों को शाम-बलकार और अरविन्द पाण्डेय ने लिखा है। गीतों को जावेद अली, पलक मुच्छल, यासिर देसाई, राज बर्मन, साक्षी होलकर और प्रतीक्षा श्रीवास्तव ने अपनी आवाज दी है।
सूरज सूर्य को अपनी इस फिल्म से बहुत उम्मीदें हैं, उनका मानना है कि आज ज़्यादातर बॉलीवुड की बड़ी फिल्में दर्शकों को पसन्द नहीं आ रही है इसके पीछे वजह है अच्छी कहानी का न होना और फिल्म में इमोशन्स का न होना। आज यहाँ के मेकर कहानियों पर काम नहीं करके हाॅलीवुड और टाॅलीवुड की फिल्मों की काॅपी करने में लगे हैं जो कि हिन्दी सिनेमा और हिन्दी सिने प्रेमियों के लिए कतई ठीक नहीं है।
सूरज सूर्य मिश्रा एवं शालू मिश्रा की राय में देश में अच्छे टैलेन्ट्स की कमी नहीं मगर उन्हें सही ब्रेक नही मिल रहा है। हम अपनी हर फिल्म में कम से कम 10 नये कलाकारों को उनके टैलेन्ट के अनुसार अवश्य मौका देंगे।
फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता ‘इश्क़ पश्मीना’ को एक कामयाब फिल्म बनाना है। क्योंकि फिल्म बनाना तो यहां आसान है मगर फिल्म को अच्छे ढंग से रिलीज करना बड़ा कठिन काम है।
‘इश्क पश्मीना’ आगामी 23 सितम्बर को पूरे देश में रिलीज हो रही है।

चंद्रोदय मंदिर : गौ माता को अर्पित किया 251 प्रकार का भोग

0
मथुरा, । वृंदावन स्थित चंद्रोदय मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की आराध्या गौ माता को चंद्रोदय मंदिर की सुरभि गौशाला में रविवार गौ माताओं को 251 प्रकार का भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा गौ माता से सब कुशल रहे देश आगे बढ़े सब स्वास्थ्य रहे, प्रार्थना की गई।
इस अवसर लोक परमार्थ सेवा समिति के प्रमुख लालू जी ने गौ भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में आज गौ प्रेमियों की सरकार है। उत्तर प्रदेश भारत का जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े राज्य है अतः उत्तर
प्रदेश में गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिले यही हमारी प्रार्थना है।
गौशाला प्रबंधक विवेक कुमार ने गौ माता के लिए 251 प्रकार का भोग निर्माण कराने के उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ गौ पूजन से किया। इस पूजन को स्वामी अनंत वीर्य प्रभु की उपस्थित में चंद्र भान प्रभु ने गौ पूजन नंदी पूजन और हरिनाम कीर्तन के साथ संपन्न करवाया। इसके बाद गौ माताओं को 251 प्रकार का भोग अर्पण किया गया। भगवान राधा कृष्ण के चरणों में गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिले की प्रार्थना की गई।
विवेक कुमार ने बताया कि 251 प्रकार के भोग में 56 प्रकार के लड्डू, 56 प्रकार के फल और सब्जियां, 56 प्रकार की मिठाइयां, 56 प्रकार बिस्कुट और नमकीन, 6 प्रकार के मेवे, 21 प्रकार के गौ माता के नियमित प्रसाद में शामिल किए गए थे।
इस अवसर पर लोक परमार्थ सेवा समिति के लालू भाई सुमित शर्मा, स्वामी अनंत वीर्य दास जी, अवधेश पंकज, टिंक, पुरान सिंह, श्याम सुंदर, दशरथ, विष्णु, राम वीर, उपेंद्र आदि गौभक्त शामिल हुए।

Govatsa Dwadashi 2022: 24 अगस्त को गोवत्स द्वादशी, जानिए पूजाविधि, महत्व और कथा

0
हिंदू पंचाग के अनुसार जन्माष्टमी के ठीक 4 दिन बाद भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को गोवत्स द्वादशी का पर्व मनाया जाता है। गाय-बछड़े की पूजा के लिए समर्पित इस पर्व को लोक भाषा में बछ बारस या ओक द्वादशी भी कहते हैं। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु एवं हर विपत्ति से उनकी रक्षा एवं प्रसन्नता के लिए यह व्रत रखती हैं।
पूजा का महत्व-
भविष्य पुराण के अनुसार इस दिन गाय-बछड़े की पूजा और व्रत करने वाला सभी सुखों को भोगते हुए अंत में गौ के शरीर पर जितने भी रौएं हैं, उतने वर्षों तक गौलोक में वास करता है।
बछ बारस की पूजन विधि-इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सवेरे स्नान करके साफ वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लेती हैं।इसके बाद गाय और उसके बछड़े को स्नान करवाकर दोनों को नए वस्त्र ओढ़ाए जाते हैं। गाय और बछड़े को फूलों की माला पहनकर उनके माथे पर तिलक लगाएं। गऊ माता को हरा चारा,अंकुरित मूंग,मौठ,चने व मीठी रोटी एवं गुड़ आदि श्रद्धा से खिलाया जाता है। गाय की पूजा कर,गाय को स्पर्श करते हुए क्षमा याचना कर परिक्रमा की जाती है। यदि घर के आस-पास गाय व बछड़े नहीं मिलें तो शुद्ध गीली मिट्टी के गाय-बछड़े बनाकर उनकी पूजा करने का भी विधान है ।ऐसी भी प्रथा है कि इस दिन महिलाऐं चाकू से कटा हुआ न तो बनाती है न खाती है।  इसलिए पूजनीय है गौमाता-गाय ,भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है,गौ पृथ्वी का प्रतीक है,गौ माता में सभी देवी-देवता विद्धमान रहते है ,सभी वेद भी गौओं में प्रतिष्ठित है। गाय से प्राप्त सभी घटकों में जैसे दूध,घी,गोबर अथवा गौमूत्र में सभी देवताओं के तत्व संग्रहित रहते हैं । ऐसी मान्यता है कि सभी देवी-देवताओं एवं पितरों को एक साथ खुश करना है तो गौभक्ति-गौसेवा से बढ़कर कोई अनुष्ठान नहीं है। गौ माता को बस एक ग्रास खिला दो, तो वह सभी देवी-देवताओं तक अपने आप ही पहुंच जाता है । भविष्य पुराण के अनुसार गौमाता के पृष्ठदेश में ब्रह्म का वास है, गले में विष्णु का, मुख में रुद्र का, मध्य में समस्त देवताओं और रोमकूपों में महर्षिगण, पूंछ में अनंत नाग, खूरों में समस्त पर्वत, गौमूत्र में गंगादि नदियां, गौमय में लक्ष्मी और नेत्रों में सूर्य-चन्द्र विराजित हैं।कथा-प्राचीन काल की बात है एक बार राजा ने जनहित के लिए एक तालाब बनवाया। चारों ओर से उसकी दीवार पक्की करा दी गई परन्तु तालाब में पानी नही भरा। तब राजा ने ज्योतिषी से इसका कारण पूछा, तो उसने बताया कि अगर आप अपने नाती की बलि देकर और यज्ञ करे तो तालाब पानी से भर जायेगा। यज्ञ मे बच्चे की बलि दी गई और तालाब वर्षा होने पर पानी से भर गया। राजा ने तालाब का पूजन किया। पीछे उनकी नौकरानी ने गाय के बछडे को काटकर साग बना दिया। लौटने पर जब राजा रानी ने नौकरानी से पूछा,”बछडा कहा गया?“ नौकरानी ने कहा उसकी मैने सब्जी बना दी है राजा कहने लगा-पापिन तूने यह क्या कर दिया । राजा ने उस बछड़े के मांस की हांडी को जमीन में गाड दिया। शाम को जब गाय वापस आयी तो उस जगह को अपने सींगो से खोदने लगी। जहाँ पर बछडे के मांस की हांडी गाढी गई थी। जब सीग हांडी में लगा तो गाय ने उसे बाहर निकाला उस हांडी में से गाय का बछडा एवं राजा का नाती जीवित निकले उस दिन से अपने बच्चों की सलामती के लिए इस पर्व को मनाने की परंपरा शुरू हुई।

पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया 25 हजार रुपये का इनामी गौ तस्कर

0
UP News: बागपत (Baghpat) के बड़ौत क्षेत्र में आज तड़के गौ-तस्करों (Cow Smuggler) और पुलिस का आमना-सामना हो गया. गौ-तस्करों ने अपनी कार से पुलिस की प्राइवेट कार इनोवा में टक्कर मारते हुए फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने गौ-तस्करों को चारों ओर से घेर लिया. दोनों ओर से हुई फायरिंग में 25 हजार रुपए का इनामी गौ-तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गया जबकि तीन तस्कर पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए. पुलिस ने घटनास्थल से कार, तमंचा और गाय बरामद की है.

पुलिस को गौ-तस्करों के बारे में मिली थी यह जानकारी
आज सुबह बड़ौत कोतवाली पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि गौ-तस्कर औसिक्का और शिकोहपुर के आसपास क्षेत्र में गोकशी करने वाले हैं जिसके बाद इंस्पेक्टर देवेश कुमार शर्मा पुलिस टीम को लेकर औसिक्का नहर के पास पहुंचे. कुछ ही देर में एक कार आती हुई दिखाई दी, जिसे रोकने का प्रयास किया गया. गौ-तस्करों ने अपनी कार से पुलिस की इनोवा कार में टक्कर मारते हुए फायरिंग कर दी. जिससे गौ-तस्करों और पुलिस की कार आगे से क्षतिग्रस्त हो गई. कार में आगे बैठे दरोगा कृपेंद्र सिंह घायल हो गए. पुलिस ने गौ-तस्करों को चारों ओर घेर लिया. दोनों ओर से फायरिंग हो गई. पुलिस की गोली लगने से 25 हजार रुपए का इनामी नफीस घायल हो गया जबकि तीन गौ-तस्कर पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए. पुलिस ने घायल गौ-तस्कर को सीएचसी बड़ौत में भर्ती कराया. पुलिस ने मौके से गौ-तस्करों की कार, तमंचा, कारतूस और कटान करने वाले उपकरण के अलावा एक जिंदा गाय को बरामद किया है. पुलिस गिरफ्त में आए शातिर बदमाश पर छह से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं.