मिस इंडिया रेचल गुप्ता बनी मिस सुपर टैलेंट ऑफ द वर्ल्ड 2022
मुम्बई। पेरिस अंतर्राष्ट्रीय सौदर्य प्रतियोगिता में भारत का पताका फहराने वाली मिस इंडिया रेचल गुप्ता अब मिस सुपर टैलेंट ऑफ द वर्ल्ड 2022 का ताज पहनकर स्वदेश लौट आयी हैं। इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नयी दिल्ली में स्वजनों और प्रशंसकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। पत्रकारों से घिरी रेचल ने राष्ट्रीय ध्वज लहरा कर सबका अभिवादन स्वीकार किया और कृतज्ञता ज्ञापित की। मिस रेचल पेरिस फैशन वीक, सीजन पंद्रह के अंतिम दिन विजयी होकर मिस सुपर टैलेंट ऑफ द वर्ल्ड बनकर पेरिस से नयी दिल्ली आयीं। समान अंक मिलने के कारण यह सम्मान रेचल को मिस पोलैण्ड वेरोनिका नोवाक के साथ संयुक्त रूप से प्राप्त हुआ। रेचल गुप्ता के सिर पर ताज हॉलीवुड के एक्टर प्रोड्यूसर मॉरिसियो एम्यू ने पहनाया। प्रोपर्टी क्षेत्र के बड़े बिजनेस पर्सन राजेश एवं जेनिफर गुप्ता की लाडली रेचल ने इस फैशन वीक में विनर बनने के गुर मुंबई के अंजलि तथा एलिसिया रावत से सीखे। पूरे एक दशक पश्चात् यह ताज किसी भारतीय सुंदरी के सिर पर सजा है। प्रथम बार इस ताज से सुशोभित होने वाली भारत की सुंदरी थीं ज़ीनत अमान। सन् 1970 में उन्हें यह सम्मान मिला था। पूर्व में यह टाइटल मिस एशिया पैसेफिक इंटरनेशनल के नाम से जाना जाता था।
आपको बता दें कि जालंधर में जन्मी यह पंजाबन कुड़ी हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी के अतिरिक्त फ्रेंच और स्पैनिश भाषा भी जानती है।
मध्यप्रदेश को मिली 14 लाख लंपी वैक्सीन
अभी तक भैंस वंशीय पशु में लंपी चर्म रोग के लक्षण नहीं मिले
7 अक्टूबर 2022, भोपाल: मध्यप्रदेश को मिली 14 लाख लंपी वैक्सीन – केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को लंपी चर्म रोग से पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए 14 लाख गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। टीकाकरण के लिए 4 केन्द्र बिंदु (फोकल पॉइंट) इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन निर्धारित किये गये हैं। इंदौर केन्द्र बिंदु में 5 लाख 34 हजार 762, भोपाल में 3 लाख 45 हजार 690, ग्वालियर में 2 लाख 87 हजार 68 और उज्जैन केन्द्र बिंदु में शामिल जिलों को 2 लाख 32 हजार 480 वैक्सीन सीधे पहुँचा भी दी गई है। संबंधित जिलों के पशु चिकित्सकों को विडियो कॉन्फ्रेसिंग से प्रशिक्षण दिया जाकर संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. आर.के मेहिया ने युद्ध स्तर पर गौवंश का टीकाकरण करने के निर्देश दिये हैं।
डॉ. मेहिया ने कहा है कि प्रभावित गाँव और उसके चारों तरफ प्राथमिकता से रिंग वैक्सीनेशन करें। केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करते हुए निरंतर निगरानी के साथ टीकाकरण कर इस चुनौती को जल्द से जल्द समाप्त करने का प्रयास करें। डॉ. मेहिया ने कहा कि बहुत बड़ी राहत की बात है कि प्रदेश में अब तक किसी भैंस-वंशीय पशु में लंपी रोग के लक्षण नहीं मिले हैं।
इंदौर केन्द्र बिंदु में शामिल इंदौर जिले को 39 हजार 579, अलीराजपुर को 59 हजार 732, धार को एक लाख 9 हजार 484, खंडवा को 61 हजार 681, झाबुआ को 71 हजार 89, खरगौन को एक लाख एक हजार 132, बड़वानी को 69 हजार 322 और बुरहानपुर जिले को 22 हजार 743 वैक्सीन भेजी गई है।
भोपाल केन्द्र बिंदु में शामिल बैतूल जिले को 94 हजार 579, सीहोर को 60 हजार 809, नर्मदापुरम को 54 हजार 508, राजगढ़ को 44 हजार 839, हरदा को 26 हजार 315 और छतरपुर जिले को 50 हजार 105 वैक्सीन भेजी गई हैं।
ग्वालियर केन्द्र बिंदु के शिवपुरी जिले को 61 हजार 34, गुना को 61 हजार 832, श्योपुर को 43 हजार 579, अशोकनगर को 38 हजार 662, ग्वालियर को 24 हजार 196, भिंड को 21007, दतिया को 18 हजार 848 और मुरैना जिले को 17 हजार 910 गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई है।
उज्जैन फोकल पॉइंट में शामिल रतलाम जिले को 52 हजार 758, मंदसौर को 43 हजार 552, उज्जैन को 43 हजार 811, नीमच को 39 हजार 162, शाजापुर को 26 हजार 944 और आगर-मालवा को 26 हजार 253 गोट पॉक्स वैक्सीन भेज दी गई है।
गढ्ढा खोद कर दफनाएँ मृत पशु
संचालक डॉ. मेहिया ने जिलों में पदस्थ संयुक्त संचालकों और उप संचालकों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि लंपी से मृत पशु को गाँव या शहर के बाहर स्थानीय प्रशासन की मदद से गढ्ढा खोद कर चूना और नमक के साथ दफनायाँ जा रहा है। खुले में मृत पशु का शरीर बिल्कुल न रहने दें। अन्यथा कुत्ते, चील-कौआ, मच्छर, मक्खी बीमारी के संवाहक बन सकते हैं।
अब भी PFI के 2 लाख मेंबर एक्टिव, औरतों का भी दस्ता चार स्टेज की ट्रेनिंग
कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को लेकर लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। इसके मुताबिक पीएफआई ने ग्रामीण इलाकों तक अपनी पैठ बना रखी है। उसके करीब 2 लाख मेंबर अभी भी एक्टिव हैं। औरतों का अलग दस्ता है। साथी संगठन के स्थायी सदस्यों को निकाह की इजाजत नहीं थी।
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट से ये तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए पीएफआई की जाँच से लंबे समय से जुड़े अधिकारियों से बात की गई है। कट्टरपंथी संगठन के महत्वपूर्ण ठिकानों की पड़ताल की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार PFI में चार स्टेज में ट्रेनिंग दी जाती थी। जो तीसरे स्टेज की ट्रेनिंग हासिल करने के लिए चुने जाते थे, वे स्थायी सदस्य होते थे। इन्हें कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए अपने घरों से दूर जाना पड़ता था। इन्हें सैलरी मिलती थी। साथ ही अन्य खर्चे भी संगठन उठाता था। सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील तक लगाए जाते थे।
दूसरे चरण ट्रेनिंग में कट्टरपंथी फॉलोवर बनाने का काम मिलता था। पुलिस से निबटने की ट्रेनिंग मिलती थी। इस दौरान कैडरों को सैलरी भी मिलने लगती थी। अकेले बिहार में 15000 कैडरों के ट्रेनिंग लेने का खुलासा फुलवारी शरीफ में छापेमारी के बाद पटना पुलिस ने किया था।
ट्रेनिंग के लास्ट स्टेज में केवल 5% खासमखास कैडरों को विदेशी नेटवर्क बनाने के काम पर लगाया जाता था। इन्हे दूसरे देशों के पैसे जुटाने आदि के काम सौंपे जाते थे। एक जाँच में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर सीरिया में चल रही लड़ाई के लिए भारत में भर्ती अभियान चलाने का आरोप लगा था। इस भर्ती अभियान में कैडरों को हथियार चलाने और बम बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। PFI पर साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क में तब्दील करने की साजिश रचने का आरोप है।
थाईलैंड में छोटे बच्चों के स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग, 36 की मौत
[Breaking] The latest death toll of the mass shooting at Nong Bua Lam Phu is now 36 people.
24 were children and many of them were killed at the Uthai-Sawan Child Development Center.
Photo via Matichon#Thailand #กราดยิง #กราดยิงหนองบัวลำภู pic.twitter.com/90fjkWDu50
— Thai Enquirer (@ThaiEnquirer) October 6, 2022
थाईलैंड के पूर्वोत्तरी इलाके में गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को एक चाइल्ड केयर सेंटर में अंधाधुंध गोलियाँ चलीं। घटना में 36 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में कई बच्चे और कुछ औरतें हैं। पुलिस ने आरोपित की पहचान एक पूर्व पुलिसकर्मी के तौर पर की। बताया जा रहा है कि उसने हमले में खुद की बीवी और बच्चे को भी गोली मार दी। इसके बाद खुद की जान भी ले ली।
सामने आई वीडियोज में लोग फायरिंग से बचते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं कुछ लोग घायलों को संभाल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 34 साल के हमलावर (पूर्व पुलिसकर्मी) की पहचान पन्या कामराब के तौर पर हुई है। कथिततौर पर ड्रग्स केस में शामिल होने के कारण उसे नौकरी से निकाला गया था।
इसके बाद वह गुरुवार को सफेद रंग की टोयोटा गाड़ी से चाइल्ड सेंटर पर आया। गाड़ी पर बैंकॉक का नंबर था। यहाँ उसने बच्चों पर गोलियाँ चलाईं। साथ ही कुछ रिपोर्ट्स बता रही हैं कि उसने बच्चों पर चाकू से भी हमले किए। पुलिस का कहना है कि अभी मरने वालों की संख्या का ठीक से नहीं पता चल पाया है।जो मालूम हुआ है उसके अनुसार 24 बच्चों समेत 36 लोग इस गोलीबारी में मारे गए हैं। संख्या के बढ़ने का अनुमान है।
घटना की जानकारी होते ही सरकारी प्रवक्ता ने और प्रधानमंत्री ने हर एजेंसी को अलर्ट कर दिया है। लांफू प्रांत में भी सेना को भी अलर्ट दिया गया है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि हमलावर ने खुद को गोली मार ली है जबकि कुछ में कहा जा रहा है कि पुलिस आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
बता दें कि थाईलैंड में इससे पहले साल 2020 में एक सिपाही ने प्रॉपर्टी डील के मामले में 29 लोगों की हत्या कर दी थी। इस घटना में कुल 57 लोग घायल हुए थे।
अयोध्या में राम मंदिर का 50 फीसदी से ज्यादा काम पूरा होने के करीब
UP News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गुरुवार को कहा कि अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण का 50 फीसदी से अधिक काम पूरा होने के करीब है. सीएम योगी ने यह बात राजस्थान (Rajasthan) में एक कार्यक्रम के दौरान कही. सीएम कार्यालय की तरफ से इस कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो जारी किया गया है.
राम जन्मभूमि आंदोलन में संत की भूमिका पर यह बोले सीएम योगी
सीएम योगी पावनधाम श्रीपंचखण्ड पीठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे. कार्यक्रम में संत समाज की सराहना करते हुए सीएम योगी ने यहां राम मंदिर आंदोलन का जिक्र किया और इससे जुड़े कार्य के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ‘श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन 1949 में शुरू हुआ, 1983 में राम जन्मभूमि समिति के गठन के बाद आंदोलन आगे बढ़ा. पूरे देश में इस आंदोलन को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में संतों ने धार दी थी. बहुत सारे लोग कहते थे कि परिणाम कुछ नहीं आने वाला है. लेकिन हम तो भगवान श्रीकृष्ण के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के उद्देश्य में विश्वास करते हैं और पूज्य संतों ने अपने आंदोलन के माध्यम से इसे साबित किया है और परिणाम तो आना ही आना था.’
राजस्थान के पावनधाम श्री पंचखण्ड पीठ, विराटनगर, जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होते #UPCM @myogiadityanath pic.twitter.com/5ihw2cfiou
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) October 6, 2022












