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गोबर पेंट से छत्तीसगढ़ के स्कूलों की होगी रंगाई-पोताई

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9 अक्टूबर 2022, रायपुर । गोबर पेंट से छत्तीसगढ़ के स्कूलों की होगी रंगाई-पोताई – छत्तीसगढ़ के स्कूलों की रंगाई-पोताई अब गोबर से निर्मित पेंट से होगी। राज्य में स्थापित किए गए गौठानों में रूरल इंण्डस्ट्रीयल पार्क विकसित किया जा रहा है। इन पार्को में स्व सहायता समूह की महिलाओं गोबर से पेंट बनाने का काम भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं को रोजगार का जरिया देने और उनकी आय बढ़ाने के लिए सभी स्कूलों में रंगाई-पोताई गोबर से बने पेंट से करने के निर्देश दिये हैं

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी कि न्यू सर्किट हाऊस में कलेक्टर एसपी कान्फ्रेस के दौरान वाहन गौठान एवं रीपा रूरल इंण्डस्ट्रीयल पार्क के स्वयं स्वः सहायता समूह के द्वारा लगाए स्टॉल का अवलोकन करने पहुंचे। वहाँ उन्होंने समूह द्वारा प्रदर्शित उत्पाद गोबर से बने पेंट कुकीस, अचार तथा बाँस से बने घरेलू उपयोग की वस्तुएं कलाकृति को देखा तथा इस संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा निर्मित किये गए उत्पादों की सराहना करते हुए अपर मुख्य सचिव को कहा कि, राज्य की सभी शासकीय स्कूलों में पोताई कार्य में गौठान या रूरल इंण्डस्ट्रीयल पार्क में निर्मित गोबर से बने पेंट का उपयोग करने के निर्देश जारी करें।

मिस इंडिया रेचल गुप्ता बनी मिस सुपर टैलेंट ऑफ द वर्ल्ड 2022

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मुम्बई। पेरिस अंतर्राष्ट्रीय सौदर्य प्रतियोगिता में भारत का पताका फहराने वाली मिस इंडिया रेचल गुप्ता अब मिस सुपर टैलेंट ऑफ द वर्ल्ड 2022 का ताज पहनकर स्वदेश लौट आयी हैं। इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नयी दिल्ली में स्वजनों और प्रशंसकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। पत्रकारों से घिरी रेचल ने राष्ट्रीय ध्वज लहरा कर सबका अभिवादन स्वीकार किया और कृतज्ञता ज्ञापित की। मिस रेचल पेरिस फैशन वीक, सीजन पंद्रह के अंतिम दिन विजयी होकर मिस सुपर टैलेंट ऑफ द वर्ल्ड बनकर पेरिस से नयी दिल्ली आयीं। समान अंक मिलने के कारण यह सम्मान रेचल को मिस पोलैण्ड वेरोनिका नोवाक के साथ संयुक्त रूप से प्राप्त हुआ। रेचल गुप्ता के सिर पर ताज हॉलीवुड के एक्टर प्रोड्यूसर मॉरिसियो एम्यू ने पहनाया। प्रोपर्टी क्षेत्र के बड़े बिजनेस पर्सन राजेश एवं जेनिफर गुप्ता की लाडली रेचल ने इस फैशन वीक में विनर बनने के गुर मुंबई के अंजलि तथा एलिसिया रावत से सीखे। पूरे एक दशक पश्चात् यह ताज किसी भारतीय सुंदरी के सिर पर सजा है। प्रथम बार इस ताज से सुशोभित होने वाली भारत की सुंदरी थीं ज़ीनत अमान। सन् 1970 में उन्हें यह सम्मान मिला था। पूर्व में यह टाइटल मिस एशिया पैसेफिक इंटरनेशनल के नाम से जाना जाता था।
आपको बता दें कि जालंधर में जन्मी यह पंजाबन कुड़ी हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी के अतिरिक्त फ्रेंच और स्पैनिश भाषा भी जानती है।

मध्यप्रदेश को मिली 14 लाख लंपी वैक्सीन

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अभी तक भैंस वंशीय पशु में लंपी चर्म रोग के लक्षण नहीं मिले

7 अक्टूबर 2022, भोपाल: मध्यप्रदेश को मिली 14 लाख लंपी वैक्सीन – केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को लंपी चर्म रोग से पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए 14 लाख गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। टीकाकरण के लिए 4 केन्द्र बिंदु (फोकल पॉइंट) इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन निर्धारित किये गये हैं। इंदौर केन्द्र बिंदु में 5 लाख 34 हजार 762, भोपाल में 3 लाख 45 हजार 690, ग्वालियर में 2 लाख 87 हजार 68 और उज्जैन केन्द्र बिंदु में शामिल जिलों को 2 लाख 32 हजार 480 वैक्सीन सीधे पहुँचा भी दी गई है। संबंधित जिलों के पशु चिकित्सकों को विडियो कॉन्फ्रेसिंग से प्रशिक्षण दिया जाकर संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. आर.के मेहिया ने युद्ध स्तर पर गौवंश का टीकाकरण करने के निर्देश दिये हैं।

डॉ. मेहिया ने कहा है कि प्रभावित गाँव और उसके चारों तरफ प्राथमिकता से रिंग वैक्सीनेशन करें। केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन करते हुए निरंतर निगरानी के साथ टीकाकरण कर इस चुनौती को जल्द से जल्द समाप्त करने का प्रयास करें। डॉ. मेहिया ने कहा कि बहुत बड़ी राहत की बात है कि प्रदेश में अब तक किसी भैंस-वंशीय पशु में लंपी रोग के लक्षण नहीं मिले हैं।

इंदौर केन्द्र बिंदु में शामिल इंदौर जिले को 39 हजार 579, अलीराजपुर को 59 हजार 732, धार को एक लाख 9 हजार 484, खंडवा को 61 हजार 681, झाबुआ को 71 हजार 89, खरगौन को एक लाख एक हजार 132, बड़वानी को 69 हजार 322 और बुरहानपुर जिले को 22 हजार 743 वैक्सीन भेजी गई है।

भोपाल केन्द्र बिंदु में शामिल बैतूल जिले को 94 हजार 579, सीहोर को 60 हजार 809, नर्मदापुरम को 54 हजार 508, राजगढ़ को 44 हजार 839, हरदा को 26 हजार 315 और छतरपुर जिले को 50 हजार 105 वैक्सीन भेजी गई हैं।

ग्वालियर केन्द्र बिंदु के शिवपुरी जिले को 61 हजार 34, गुना को 61 हजार 832, श्योपुर को 43 हजार 579, अशोकनगर को 38 हजार 662, ग्वालियर को 24 हजार 196, भिंड को 21007, दतिया को 18 हजार 848 और मुरैना जिले को 17 हजार 910 गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई है।

उज्जैन फोकल पॉइंट में शामिल रतलाम जिले को 52 हजार 758, मंदसौर को 43 हजार 552, उज्जैन को 43 हजार 811, नीमच को 39 हजार 162, शाजापुर को 26 हजार 944 और आगर-मालवा को 26 हजार 253 गोट पॉक्स वैक्सीन भेज दी गई है।

गढ्ढा खोद कर दफनाएँ मृत पशु

संचालक डॉ. मेहिया ने जिलों में पदस्थ संयुक्त संचालकों और उप संचालकों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि लंपी से मृत पशु को गाँव या शहर के बाहर स्थानीय प्रशासन की मदद से गढ्ढा खोद कर चूना और नमक के साथ दफनायाँ जा रहा है। खुले में मृत पशु का शरीर बिल्कुल न रहने दें। अन्यथा कुत्ते, चील-कौआ, मच्छर, मक्खी बीमारी के संवाहक बन सकते हैं।

प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में अपनाने से हम अगली पीढ़ी के लिए धरती को छोड़ पाएंगे सुरक्षितः शिवराज

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केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर हुई बैठक में वर्चुअली शामिल हुए मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल, 7 अक्टूबर । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि के अभियान को मिशन मोड में चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस पवित्र लक्ष्य से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित स्वरूप में छोड़ पाएंगे। इन अभियानों से मानव जीवन के साथ जीव-जन्तुओं की सुरक्षा की व्यवस्था भी होगी। मध्य प्रदेश में प्राकृतिक खेती की दिशा में 2021 से कार्य आरंभ हुआ और अब तक 59 हजार से अधिक किसान इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर हुई बैठक को अपने कैंप कार्यालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बैठक में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया भी उपस्थित थे। बैठक में कई राज्यों के कृषि मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि क्षेत्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग का अमला किसानों से लगातार संपर्क में है। किसान भाई सरलता से प्राकृतिक खेती कर पाएँ, इस उद्देश्य से किसान भाइयों को देशी गाय पालने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप प्रतिमाह नौ सौ रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि पाठ्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर कर रहे विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल कृषि के क्षेत्र में ई-उपार्जन और फसल बीमा योजना से कृषकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। किसान को घर और खेत से ही कृषि उपज विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचार एक दिशा में हों, इसी उद्देश्य से आज की बैठक की गई है। प्राकृतिक खेती गाय पर आधारित परंपरागत खेती है, जो धरती के सभी तत्वों के संरक्षण पर आधारित है। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती को सम्मिलित करने, कृषि विभाग के विस्तार कर्मचारियों को प्राकृतिक खेती पर किसान का सकारात्मक मानस निर्मित करने, सफल प्राकृतिक खेती वाले गाँवों में किसान का भ्रमण कराने जैसी गतिविधियों को मिशन मोड में अपनाने और गौ-शालाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का सुझाव दिया। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता के परिणामस्वरूप ही भारत में डिजिटल कृषि से संबंधित गतिविधियों का क्रियान्वयन शुरू हो पाया है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पात्र व्यक्ति का हक उस तक पारदर्शिता के साथ निर्बाध रूप से पहुँचे, यह सुनिश्चित करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रतिबद्ध हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में डिजिटल कृषि से क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों का मानस बनाने और उन्हें प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए सघन प्रयास किए जा रहे हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का मानव स्वास्थ्य पर घातक प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से उत्पादन तो बढ़ा है, पर इससे खाद्य सामग्री का पोषण असंतुलन भी बढ़ा है। प्राकृतिक खेती के उत्पाद, स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभप्रद हैं।

बैठक में हुए प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक खेती में गाय के गोबर, मूत्र और वनस्पति के उपयोग से रसायन मुक्त पारंपरिक खेती को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। प्राकृतिक खेती मिट्टी की सेहत और जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से अनुकूल है। इसमें लागत भी कम आती है।

अब भी PFI के 2 लाख मेंबर एक्टिव, औरतों का भी दस्ता चार स्टेज की ट्रेनिंग

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कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को लेकर लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। इसके मुताबिक पीएफआई ने ग्रामीण इलाकों तक अपनी पैठ बना रखी है। उसके करीब 2 लाख मेंबर अभी भी एक्टिव हैं। औरतों का अलग दस्ता है। साथी संगठन के स्थायी सदस्यों को निकाह की इजाजत नहीं थी।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट से ये तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए पीएफआई की जाँच से लंबे समय से जुड़े अधिकारियों से बात की गई है। कट्टरपंथी संगठन के महत्वपूर्ण ठिकानों की पड़ताल की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार PFI में चार स्टेज में ट्रेनिंग दी जाती थी। जो तीसरे स्टेज की ट्रेनिंग हासिल करने के लिए चुने जाते थे, वे स्थायी सदस्य होते थे। इन्हें कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए अपने घरों से दूर जाना पड़ता था। इन्हें सैलरी मिलती थी। साथ ही अन्य खर्चे भी संगठन उठाता था। सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील तक लगाए जाते थे।

दूसरे चरण ट्रेनिंग में कट्टरपंथी फॉलोवर बनाने का काम मिलता था। पुलिस से निबटने की ट्रेनिंग मिलती थी। इस दौरान कैडरों को सैलरी भी मिलने लगती थी। अकेले बिहार में 15000 कैडरों के ट्रेनिंग लेने का खुलासा फुलवारी शरीफ में छापेमारी के बाद पटना पुलिस ने किया था।

ट्रेनिंग के लास्ट स्टेज में केवल 5% खासमखास कैडरों को विदेशी नेटवर्क बनाने के काम पर लगाया जाता था। इन्हे दूसरे देशों के पैसे जुटाने आदि के काम सौंपे जाते थे। एक जाँच में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर सीरिया में चल रही लड़ाई के लिए भारत में भर्ती अभियान चलाने का आरोप लगा था। इस भर्ती अभियान में कैडरों को हथियार चलाने और बम बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। PFI पर साल 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क में तब्दील करने की साजिश रचने का आरोप है।

थाईलैंड में छोटे बच्चों के स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग, 36 की मौत

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थाईलैंड के पूर्वोत्तरी इलाके में गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को एक चाइल्ड केयर सेंटर में अंधाधुंध गोलियाँ चलीं। घटना में 36 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में कई बच्चे और कुछ औरतें हैं। पुलिस ने आरोपित की पहचान एक पूर्व पुलिसकर्मी के तौर पर की। बताया जा रहा है कि उसने हमले में खुद की बीवी और बच्चे को भी गोली मार दी। इसके बाद खुद की जान भी ले ली।

सामने आई वीडियोज में लोग फायरिंग से बचते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं कुछ लोग घायलों को संभाल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, 34 साल के हमलावर (पूर्व पुलिसकर्मी) की पहचान पन्या कामराब के तौर पर हुई है। कथिततौर पर ड्रग्स केस में शामिल होने के कारण उसे नौकरी से निकाला गया था।

इसके बाद वह गुरुवार को सफेद रंग की टोयोटा गाड़ी से चाइल्ड सेंटर पर आया। गाड़ी पर बैंकॉक का नंबर था। यहाँ उसने बच्चों पर गोलियाँ चलाईं। साथ ही कुछ रिपोर्ट्स बता रही हैं कि उसने बच्चों पर चाकू से भी हमले किए। पुलिस का कहना है कि अभी मरने वालों की संख्या का ठीक से नहीं पता चल पाया है।जो मालूम हुआ है उसके अनुसार 24 बच्चों समेत 36 लोग इस गोलीबारी में मारे गए हैं। संख्या के बढ़ने का अनुमान है।

घटना की जानकारी होते ही सरकारी प्रवक्ता ने और प्रधानमंत्री ने हर एजेंसी को अलर्ट कर दिया है। लांफू प्रांत में भी सेना को भी अलर्ट दिया गया है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि हमलावर ने खुद को गोली मार ली है जबकि कुछ में कहा जा रहा है कि पुलिस आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है।

बता दें कि थाईलैंड में इससे पहले साल 2020 में एक सिपाही ने प्रॉपर्टी डील के मामले में 29 लोगों की हत्या कर दी थी। इस घटना में कुल 57 लोग घायल हुए थे।

अयोध्या में राम मंदिर का 50 फीसदी से ज्यादा काम पूरा होने के करीब

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UP News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गुरुवार को कहा कि अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण का 50 फीसदी से अधिक काम पूरा होने के करीब है. सीएम योगी ने यह बात राजस्थान (Rajasthan) में एक कार्यक्रम के दौरान कही. सीएम कार्यालय की तरफ से इस कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो जारी किया गया है.

राम जन्मभूमि आंदोलन में संत की भूमिका पर यह बोले सीएम योगी

सीएम योगी पावनधाम श्रीपंचखण्ड पीठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जयपुर पहुंचे थे. कार्यक्रम में संत समाज की सराहना करते हुए सीएम योगी ने यहां राम मंदिर आंदोलन का जिक्र किया और इससे जुड़े कार्य के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ‘श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन 1949 में शुरू हुआ, 1983 में राम जन्मभूमि समिति के गठन के बाद आंदोलन आगे बढ़ा. पूरे देश में इस आंदोलन को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में संतों ने धार दी थी. बहुत सारे लोग कहते थे कि परिणाम कुछ नहीं आने वाला है. लेकिन हम तो भगवान श्रीकृष्ण के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के उद्देश्य में विश्वास करते हैं और पूज्य संतों ने अपने आंदोलन के माध्यम से इसे साबित किया है और परिणाम तो आना ही आना था.’

50 फीसदी से आगे बढ़ा काम – सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा, ‘आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का काम प्रारंभ हो चुका है. पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम आगे बढ़ाया. अब तक निर्माण का काम 50 फीसदी से आगे बढ़ चुका है.’ अयोध्या में राम मंदिर का काम तेजी से चल रहा है. राम मंदिर ट्रस्ट का भी मानना है कि जनवरी 2024 के मकर संक्रांति पर भगवान रामलला अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. रामलला का मंदिर 20 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा होगा. विशालकाय भूखंड पर वैज्ञानिक पद्धति से मंदिर को बनाया जा रहा है. मंदिर की बुनियाद को सरयू की जलधारा से सुरक्षित रखने के लिए रिटेनिंग वॉल बनाई जा रही है.

दिल्ली – 11 साल की बच्ची के साथ स्कूल के वॉशरूम में गैंगरेप

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Gang-Raped By Seniors: राष्ट्रीय राजधानी के एक केंद्रीय विद्यालय के वॉशरूम के अंदर दो सीनियर्स ने 11 साल की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया, जिसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया है. केंद्रीय विद्यालय संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं. ये कथित घटना जुलाई में हुई थी, लेकिन दिल्ली महिला आयोग (DCW) के मामले को उजागर किए जाने के बाद पीड़िता ने मंगलवार को पुलिस से संपर्क किया.

दिल्ली महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस और स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया है. स्कूल के अधिकारियों को यह बताने के लिए कहा गया है कि उनके द्वारा पुलिस को घटना की सूचना क्यों नहीं दी गई. केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के अधिकारियों ने कहा कि घटना की सूचना पीड़िता या उसके माता-पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल को नहीं दी थी और घटना पुलिस जांच के बाद ही सामने आई है.

दिल्ली आयोग ने कहा, मामला गंभीर

केवीएस शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक ऑटोनॉमस बॉडी और यह देश के 25 क्षेत्रों में फैले 1,200 से ज्यादा केवी की देखभाल करता है. पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई और तुरंत ही केस रजिस्टर कर लिया गया. दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने कहा, “हमें दिल्ली के एक स्कूल के अंदर 11 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप का एक बहुत ही गंभीर मामला मिला है. लड़की ने आरोप लगाया है कि उसके स्कूल के शिक्षक ने मामले को दबाने की कोशिश की. यह बहुत ही गंभीर है. दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजधानी में स्कूल भी बच्चों के लिए असुरक्षित हैं.’ मालीवाल ने कहा, “इस मुद्दे पर स्कूल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.”

कब की है घटना

आयोग के मुताबिक, नाबालिग ने आरोप लगाया है कि जुलाई में जब वह अपनी कक्षा में जा रही थी, तब स्कूल के 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो लड़कों से टकरा गई. उसने कहा, “उसने लड़कों से माफी मांगी, लेकिन वे उसे गालियां देने लगे और उसे एक वॉशरूम के अंदर ले गए. उसने आरोप लगाया कि लड़कों ने वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और उसके साथ बलात्कार किया. नाबालिग ने कहा, जब उसने एक टीचर को घटना की जानकारी दी तो यह बताया गया कि लड़कों को निष्कासित कर दिया गया है और मामले को कथित तौर पर दबा दिया गया था.”

केवीएस अधिकारियों ने कहा ये

केवीएस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में स्कूल अधिकारियों को कोई शिकायत नहीं मिली है. केवीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “केवीएस का क्षेत्रीय कार्यालय मामले की जांच कर रहा है. इस घटना की जानकारी लड़की या उसके माता-पिता ने नहीं दी थी. घटना के बाद हुई अभिभावक-शिक्षक बैठक में भी इस मुद्दे को नहीं उठाया गया था.” अधिकारी ने कहा, “यह मामला पुलिस जांच से ही हमारे संज्ञान में आया है. हम दिल्ली पुलिस की कार्यवाही में सहयोग कर रहे हैं.” पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस ने कहा कि पीड़िता के बयान के आधार पर टीचर्स और संदिग्ध छात्रों से पूछताछ की जा रही है. डीसीडब्ल्यू ने पुलिस से घटना पर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है.

स्कूल से मांगा ये जवाब

पैनल ने कहा, “आयोग ने स्कूल के प्रिंसिपल से यह बताने को कहा है कि स्कूल के अधिकारियों को इस मामले के बारे में कब पता चला और उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गई. पैनल ने स्कूल से इस मामले में की गई जांच रिपोर्ट की एक प्रति प्रस्तुत करने को भी कहा है.” आयोग ने दिल्ली पुलिस और स्कूल से स्कूल के शिक्षक और/या किसी अन्य स्टाफ के खिलाफ कथित रूप से दिल्ली पुलिस को मामले की रिपोर्ट नहीं करने के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी देने के लिए भी कहा है.

26 मौतों की सिर्फ एक वजह, आरोपी ने कहा- प्रसाद में पी ली थी थोड़ी दारू

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कानपुर: उत्तर प्रदेश के जिले कानपुर में शनिवार एक अक्टूबर की देर रात ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें से 13 महिलाएं और 13 बच्चे शामिल थे, वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शहर के कोरथा गांव के रहने वाले लोग उन्नाव के चंद्रिका देवी मंदिर से मुंडल संस्कार के बाद वापस लौट रहे थे लेकिन तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर तालाब में गिर गई थी। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। इतना ही नहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनका पूरा परिवार ही उजड़ गया।

ट्रैक्टर चालक राजू का कबूलनामा
सड़क दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक राजू निषाद घटनास्थल से फरार हो गया था, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसने पुलिस द्वारा पूछताछ में कहा कि चंद्रिका मइया के मंदिर में मुंडन हुआ, प्रसाद के रूप में दारू बांटी। वहां गांव के झुर्रे, बाने और हम थे। वहां प्रसाद के रूप में दारू पी लिया। इसके बाद साड़ चौराहा पर आकर एक क्वार्टर फिर पी ली। आधी हमको पिला दिया और आधी खुद पी लिया राम शंकर ने। इसके बाद वहां से चले तो नशे की झोंक में हम जाने नहीं पाएं गाड़ी खंती में कब पलट गई। राजू ने पुलिस के सामने बातों को स्वीकारते हुए पूरी बात बताई है।

राजू के अलावा अन्य लोगों की तलाश है जारी
एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह का कहना है कि पुलिस ने हादसे के मुख्य आरोपी राजू निषाद को नहर कॉरिडोर साड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया है, बाकियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में राजू ने कबूल किया है कि उसने इतनी शराब पी ली थी कि उसे होश नहीं रहा और तेज रफ्तार ट्रैक्टर पानी से भरे गड्‌ढे में पलट गया। आगे कहते है कि 26 मौतों का जिम्मेदार राजू और उसके तीन साथी है। इनकी नशेबाजी की वजह से एक ही गांव के इतने लोगों की मौत हुई और अपने करीबियों से हमेशा के लिए बिछड़ गए। इस हादसे की वजह से कई लोगों का पूरा परिवार उजड़ गया तो किसी के इकलौते बच्चे, किसी ने पत्नी, किसी ने मां को खोया है।

ग्रामीणों को थी मुख्य आरोपी राजू की तलाश
राजू की लापरवाही से आक्रोशित गांव के लोग उसकी तलाश में लगे थे। ग्रामीणों में इतना आक्रोश था कि उनका कहना था कि राजू मिल गया तो उसकी हत्या कर देंगे। इसके चलते गिरफ्तारी के बाद राजू को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। कहीं गांव वाले उसपर हमला न कर दें। ट्रैक्टर चालक राजू के सात महीने के बेटे का मुंडन था। राजू के परिवार समेत गांव की 45 से 50 महिलाएं, बच्चे समेत अन्य लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठकर चंद्रिका देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए गए थे। वहां से लौटने के दौरान राजू ने शराब पी ली कि होश ही खो बैठा और ट्रैक्टर गड्‌ढे में पलटा गया।

राजपथ की मानसिकता अब कर्तव्य पथ में बदलना चाहिए – पीएम मोदी

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New Delhi (GBB ) 6th October – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में सहायक सचिव पाठ्यक्रम, 2022 के समापन सत्र में 2020 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को संबोधित किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अमृत काल के दौरान देश की सेवा करने और पंच प्रण को साकार करने में मदद करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में एक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने में अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्होंने लीक से हटकर चिंतन करने और अपने प्रयासों में समग्र दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस तरह के समग्र दृष्टिकोण के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति मास्टर प्लान का उदाहरण दिया।

प्रधानमंत्री ने नवाचार के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि यह किस तरह सामूहिक प्रयास और देश में कार्य संस्कृति का हिस्सा बन गया है। उन्होंने स्टार्ट-अप इंडिया योजना के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि कैसे पिछले कुछ वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह कई मंत्रालयों के एक साथ आने और ‘संपूर्ण सरकार’ वाले दृष्टिकोण के माध्यम से एक टीम के रूप में काम करने के कारण संभव हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किस तरह से शासन का ध्यान दिल्ली से बाहर, देश के सभी क्षेत्रों में स्थानांतरित हो गया है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे महत्वपूर्ण योजनाएं अब दिल्ली के बाहर के स्थानों से शुरू की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि अधिकारी कार्य क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति की समझ विकसित करें और जमीनी स्तर पर स्थानीय लोगों के साथ अपने संबंध को मजबूत करें। उन्होंने उन्हें एक जिला एक उत्पाद पर ध्यान केंद्रित करने और अपने जिले के उत्पादों के निर्यात के अवसरों का पता लगाने के लिए कहा।

उन्होंने अधिकारियों से आकांक्षी जिला कार्यक्रम के लिए अपनी कार्य योजना तैयार करने को भी कहा। मनरेगा के बारे में बताते हुए, प्रधानमंत्री ने योजना को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। उन्होंने जनभागीदारी की भावना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह दृष्टिकोण कुपोषण से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

समय से पहले जन धन योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने डिजिटल अर्थव्यवस्था के महत्व के बारे में बताया और अधिकारियों को गांवों में लोगों को डिजिटल  अर्थव्यवस्था और यूपीआई से जोड़ने का प्रयास करने का आह्वान किया। इसके अलावा, राष्ट्र की सेवा के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने अपने कर्तव्यों को निभाने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ‘राजपथ’ की मानसिकता अब ‘कर्तव्य पथ’ की भावना में बदल गई है।

इस कार्यक्रम के दौरान सहायक सचिवों द्वारा प्रधानमंत्री को आठ प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के विषयों में पोषण ट्रैकर: पोषण अभियान की बेहतर निगरानी के लिए उपकरण; भाषिणी के माध्यम से बहुभाषी ध्वनि आधारित डिजिटल पहुंच को सक्षम करना; कॉर्पोरेट डेटा प्रबंधन; मातृभूमि जियोपोर्टल-शासन के लिए भारत का एकीकृत राष्ट्रीय जियोपोर्टल;  सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की पर्यटन क्षमता, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के माध्यम से डाकघरों का बदलाव करना, रीफ जैसी कृत्रिम संरचनाओं के माध्यम से समुद्रतटीय मत्स्यपालन का विकास; और कंप्रेस्ड बायोगैस- भविष्य के लिए ईंधन शामिल  हैं। इस वर्ष 2020 बैच के कुल 175 आईएएस अधिकारियों को भारत सरकार के 63 मंत्रालयों/विभागों में 11 जुलाई 2022 से 07 अक्टूबर 2022 तक सहायक सचिव के रूप में तैनात किया गया है।