चंद्रग्रहण का समय
भारत में यहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
ग्रहण काल में क्या करें?
ग्रहण काल में क्या ना करें?
हाईकोर्ट ने अवैध रूप से कीटनाशक बनाने वाले आरोपियों की जमानत याचिका ठुकराई
08 नवम्बर 2022, चंडीगढ़: हाईकोर्ट ने अवैध रूप से कीटनाशक बनाने वाले आरोपियों की जमानत याचिका ठुकराई – पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने उल्लेख किया कि प्राधिकरण के आवश्यक अनुमोदन के बिना विकसित नकली कीटनाशक मानव और पशु स्वास्थ्य के अलावा मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जस्टिस हरनरेश सिंह गिल ने अवैध रूप से कीटनाशक बनाने के दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों आरोपी 29 अगस्त 2022 को फतेहाबाद जिले के रतिया सदर थाने में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग कर रहे थे।
स्टेट काउंसिल ने प्रस्तुत किया कि दो रासायनिक मिश्रण मशीनों और कीटनाशकों की खाली बोतलों की बरामदगी से पता चलता है कि याचिकाकर्ता कीटनाशक निर्माण की प्रक्रिया में थे। इसकी सप्लाई वितरकों और फिर किसानों को की जानी थी।
जस्टिस गिल ने उल्लेख किया, “अपराध की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, इस अदालत ने पाया कि बरामद कच्चे माल के स्रोत का पता लगाने के लिए याचिकाकर्ताओं को हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है। इसलिए, वर्तमान याचिका में कोई योग्यता नहीं पाते हुए, जमानत की मांग को खारिज किया जाता है।”
Guru Nanak Jayanti 2022 – Video
Guru Nanak Jayanti 2022: आज सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव का जन्मोत्सव है। गुरु नानक देव जी ने सिख धर्म की स्थापना की थी। एक बालक जिसने अपना जीवन समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में लगा दिया। उन्होंने पारिवारिक जीवन और सुख त्याग कर लोगों की भलाई के लिए कार्य किया। कई लंबी यात्राएं की। गुरु नानक देव की जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव के अवसर पर जानिए उनके जीवन से जुड़ी अहम बातें। ऐसे नानक देव जी एक संत और सिखों के पहले गुरु बन गए . कार्तिक पूर्णिमा के दिन रावी नदी के किनारे स्थित तलवंडी नामक गाँव में एक क्षत्रिय कुल में जन्में नानक का विवाह बटाला की रहने वाली एक लड़की सुलखनी से हुआ। उनकी पत्नी सुलखनी के पिता का नाम मूला था। 28 वर्ष की आयु में नानक जी का पुत्र हुआ, जिसका नाम श्रीचन्द रखा गया। वहीं 31 वर्ष की आयु में नानक जी के दूसरे बेटे लक्ष्मीदास अथवा लक्ष्मीचंद पैदा हुए। शुरुआत में गुरु नानक के पिता उन्हें कृषि व्यापार में शामिल करना चाहते थे लेकिन उनके सारे प्रयास असफल रहे।
एक बार नानक जी ने घोड़े के व्यापार से मिले पैसों को साधु सेवा में लगा दिया। जब उनके पिता ने इस बारे में पूछा तो नानक जी ने जवाब दिया कि यह सच्चा व्यापार है। बाद में पिता ने नानक जी को उनके बहनोई जयराम के पास सुल्तानपुर भेज दिया।
बहनोई के प्रयासों से नानक जी को सुल्तानपुर के गवर्नर दौलत खां के यहां काम पर रख लिया गया। नानक जी बहुत ईमानदारी से काम करते थे। इस कारण जनता के साथ शासक दौलत खां भी नानक से बेहद खुश रहते।
हालांकि नानक में जनसेवा की भावना हमेशा रही। वह जो भी आय अर्जित करते उसका एक बड़ा हिस्सा गरीबों और साधुओं को दान कर देते। कभी कभी तो पूरी रात परमात्मा के भजन में लीन रहते। बाद में मरदाना से उनकी मुलाकात हुई, जो गुरु नानक के सेवक बन गए और आखिरी समय तक उनके साथ रहे।
रोजाना सुबह गुरु नानक देव जी बई नदी में स्नान के लिए जाया करते थे। कहा जाता है कि एक रोज जब स्नान के बाद वह जंगल में गए तो एकाएक वन में अंतर्धान हो गए। मान्यता है कि वहां उनका परमात्मा से साक्षात्कार हुआ। इसके बाद उनके जीवन में बदलाव आया। अपने परिवार की जिम्मेदारी ससुर मूला को सौंपकर गुरु नानक देव धर्म के प्रचार के मार्ग पर चल दिए और एक संत बन गए।
अन्नकूट महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह
माहेश्वरी मण्डल के तत्वावधान में रविवार को भायंदर (प.) स्थित पपैया ग्राउंड में दीपावली स्नेह सम्मेलन, अन्नकूट महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में आने वाले हरेक व्यक्ति का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
भगवान महेश की पूजा अर्चना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में माहेश्वरी समाज के मेधावी/प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को पारितोषिक वितरण के साथ ही साथ एसएससी, एचएससी, स्नातक और परास्नातक विधार्थियों का सम्मान प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसएससी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विधार्थियों को स्वर्ण व रजत पदक देकर सम्मानित किया गया।
इस बार कार्यक्रम की थीम सनातन हिन्दू संस्कृति की रक्षा व संवर्धन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बिन्दु था, जिसमें तकरीबन 100 बच्चों द्वारा सनातन हिन्दू संस्कृति की जनजागृति लाने के लिए श्रीमद भगवद्गीता का पाठ किया गया। खेलकूद में बच्चों को प्रेरित करने सम्बंधित, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुत दी गयी। श्रीनाथजी को अर्पित अन्नकूट व छप्पन भोग के दिव्य दर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाज के नन्हे कलाकारों द्वारा सभी देवी-देवताओं की झांकी के माध्यम से अपने सनातन हिन्दू संस्कृति एवं कार्यक्रम बारे में बताया। कार्यक्रम स्थल में जगह-जगह पर गीताजी के श्लोक, भगवान महेश की वंदना एवं अन्य जनजागृति संदेश के बेनर लगाये गये।
इस कार्यक्रम में अतिथि विशेष के रूप में मीरा भायन्दर महानगरपालिका के आयुक्त दिलीपजी ढोले का स्वागत संस्था के अध्यक्ष नटवर डागा व न्यास मण्डल के अध्यक्ष मदनलाल भूतड़ा ने फल की टोकरी देकर किया।
भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का स्वागत मदनलालजी भूतड़ा व संस्था के सचिव- न्यास मण्डल के कोषाध्यक्ष नारायण जी तोषनीवाल ने फल की टोकरी देकर किया। भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश महामंत्री विक्रम दादा पाटिल का नटवर डागा व रामअवतार भूतड़ा ने फल की टोकरी देकर किया।
स्थानीय विधायक श्रीमती गीता जैन का स्वागत महिला समिति अध्यक्षा श्रीमती मंजू मालपानी व सचिव श्रीमती सुधा काकानी ने फल की टोकरी देकर किया। भाजपा जिला अध्यक्ष रवि जी व्यास का स्वागत युवा समिति अध्यक्ष संजीव जाखोटिया व सचिव पवन बाहेती ने फल की टोकरी देकर किया। नगरसेवक सुरेश खण्डेलवाल, नगरसेवक डॉक्टर सुशील अग्रवाल, दरोगा पाण्डेजी, उद्योगपति व समाजसेवी अमरचन्द रांदड़ सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
मण्डल कोषाध्यक्ष सुरेश दरक ने बताया प्रतिभा सम्मान समारोह में कुल 81 बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक धरमचन्द माहेश्वरी ने बताया सायं 6.15 बजे से रात 10 बजे तक चले इस समारोह में तकरीबन 2200 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद की व्यवस्था की गई थी। नारायण तोषनीवाल ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर सभी लोंगो के प्रति आभार प्रकट किया।
मिसेज इंडिया आई एम पावरफुल एंड इंडियाज चार्मिंग फेस 2022 पेजेंट का आयोजन गोवा में सम्पन्न
मुम्बई। मिसेज इंडिया आई एम पावरफुल एंड इंडियाज चार्मिंग फेस 2022 पेजेंट पिछले दिनों गोवा में आयोजित किया गया था।
रनवे पर आत्मविश्वास से चलने वाली मॉडलों ने रूही कॉउचर के एवं दिव्या राव के परिधान, बोहो थीम से लेकर कॉकटेल वेयर और रेड प्रिंसेस गाउन और आउटफिट तक बेहतरीन प्रदर्शन किया।
शो में मिसेज इंडिया के ‘आई एम पावरफुल इन 2022, मिस इंडिया के ‘कर्वे 2022 और चार्मिंग फेस 2022 के ग्रैंड फिनाले का अद्भुत दृश्य था। प्रतियोगिता का आयोजन रविवार 30 अक्टूबर की शाम ला ग्रासिया में उत्तरी गोवा, मोरजिम में एस्टर फाइन आर्ट्स एजुकेशन द्वारा किया गया था।
शो में जज के रूप में एस्टर फाइन आर्टी एजुकेशन के निदेशक जाजप्रीत संस्थापक, शो के निदेशक नंदंज नागराजन (सोशल एक्टिविस्ट), जूरी के साहेब आलम, सुखविंदर, काव्या रॉयस्टन, सिरेनो, अनुष्का, सिमरन, दीपक कदम, दिव्या राव सहित पिछले विजेता की उपस्थिति रही।
इस सौंदर्य प्रतियोगिता में देश भर से प्रतियोगियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में 6 राउंड थे (टैलेंट राउंड, थीम राउंड, पर्सनल इंटरव्यू राउंड, प्रश्नावली, रैंप वॉक और अन्य टास्क)। बहुत कठिन निर्णय के बाद, शीर्ष प्रतियोगियों द्वारा ऐसी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। विजेता की श्रेणी में मिसेज इंडिया आई एम पावरफुल (टूरिज्म) शिल्पा दुबे, (अर्थ) शामला, (वर्ल्ड) जननी राजनी, (यूनिवर्स) सुमा महेश गौड़ा, (एशिया) बबीता बनीं।
वहीं मिसेज इंडिया कर्वे 2022 विजेता (यूनिवर्स) श्रीमती धनश्री देशमुख, (वर्ल्ड) श्रीमती श्वेता, (टूरिज्म) श्रीमती चैत्रा घोषित हुईं।
मिस्टर इंडिया चार्मिंग फेस 2022 के विजेता संजय, नवीन, महाबीर हुए।
मिस इंडिया चार्मिंग फेस 2022 के विजेता बनश्री, सनारा और अंकिता बनी वहीं मिस टीन विजेता दिशा रहीं।
प्रतियोगिता में कुछ अन्य भी पुरस्कृत हुए जिनमें एएफएई एम्बेसडर आशीष खान, मिस तेजस्विनी, गुरविंदर, अजीत, मिसेज दिव्या राव, सुख और दीपक, बीटीएस वीडियोग्राफी, बसंत दास फोटोग्राफी, वैभव बाबाजी, रियुशा और रिजॉइस फिल्म एंड इंटरटेनमेंट के मालिक, अरमान फोटोग्राफी, एसपी फैशन क्लोन, शैली-बाय सागर, ब्यूटीशन भारती गांवकर, टच एंड ग्लो, रीबर्थ इवेंट्स, ग्लोबल माइग्रेशन एक्सपर्ट्स, देयरवे, बॉलीवुड अड्डा के नाम प्रमुख हैं।
Maharashtra: सांसद नवनीत राणा और उनके पिता की बढ़ी मुश्किलें, फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में वारंट जारी
मुंबई की एक अदालत ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में सोमवार को लोकसभा सांसद नवनीत राणा और उनके पिता के खिलाफ नया गैर जमानती वारंट जारी किया है. इससे पहले, अदालत ने सितंबर में राणा और उनके पिता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, जिस पर अमल नहीं हुआ. मामला सोमवार को सुनवाई के लिए आया तो पुलिस ने अमरावती सांसद और उनके पिता के खिलाफ जारी वारंट की तामील के लिए और समय मांगा है, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.
जानें क्या है पूरा मामला
मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार राणा और उनके पिता ने कथित तौर पर जाली जाति प्रमाण पत्र बनवाया था क्योंकि जिस सीट से वह सांसद निर्वाचित हुई हैं वह अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. बंबई उच्च न्यायालय ने 2021 में अमरावती की सांसद को जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि यह फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके प्राप्त किया गया था.
दोनों के खिलाफ नया वारंट जारी
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार अदालत ने पुलिस के अनुरोध को खारिज करते हुए तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पीआई मोकाशी ने दोनों के खिलाफ एक नया वारंट जारी किया है. अदालत ने वारंट पर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए मामले की सुनवाई 28 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है.
नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे को दी थी चेतावनी
अमरावती से सांसद नवनीत राणा का नाम देश के सामने तब ज्यादा सुर्खियों में था, जब उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालिसा का पाठ करने की चेतावनी दी थी. दरअसल, इस मामले में पुलिस ने नवनीत राणा और उनके विधायक पति को गिरफ्तार भी किया था, जिन्हें बाद में कोर्ट ने जमानत दे दी थी.
(एजेंसी- भाषा)
महाराष्ट्र में गोसेवा आयोग स्थापित करने की मांग – दिया मुख्यमंत्री को ज्ञापन
खामगांव. भारतीय संस्कृती का मुलाधार होनेवाले गोवंश संगोपन से रोजगार िनर्माण में वृध्दि हो उसी तरह ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढीकरण एवं खेती पुरक व्यवसाय बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र में आदि राज्य अनूसार गोसेवा आयोग की स्थापना कि जाए, ऐसी मांग गोशाला महासंघ महाराष्ट्र राज्य एवं बुलढाणा जिले के सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि ने बुलढाणा जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिदें, पशुसंवर्धन आयुक्त को ज्ञापन भेजा हैं।
डज्ञापन में नमुद हैं कि, आज के स्थिति में राज्य में छोटे बड़े ९५० गौशाला होकर जिसमें वृध्द, भाकड, दिव्यागं एव हादसाग्रस्त उसी तरह पुलिस ने अवैध यातायात से पकडणे १,८७,००० गोवंश के पालन पोषण हो रहा हैं। जिसके लिए गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान, उत्तर प्रदेश हरियाणा, पंजाब एवं आदि राज्य नुसार महाराष्ट्र में गोसेवा आयोग की स्थापना कर गौशाला को आर्थिक सहयोग करें, गोशाला आत्मनिर्भर करने के लिए विविध उपाय योजना, पशु चिकित्सा, गोशाला व्यवस्थापन, चारा उत्पादन, गौ आधारित कृषि, गौ आधारित ग्रामोद्योग समेत २५ मागो का ज्ञापन सौंपा गया।
उक्त मांगे पुरे नहीं किए तो लोकशाही मार्ग से आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी भी उक्त ज्ञापन के जरिए दी गई। ज्ञापन देते समय राजेश धानुका, उध्दव नेरकर, महेंद्र सौभाग्ये, डा गावंडे, नंदु दलाल, नारायण होलकर, निवृत्ति वाघ, एड मल, आशुतोष चौधरी, पुरूषोत्तम हाके, कैलास फाटे, प्रशांत सानंदा, अमित गोयंका, प्रकाश राठी, दिपक खंडेलवाल, संतोष सातपुते, पुरूषोत्तम हाके, विठ्ठल चौहान, राजेश पि़गले, वनिता बोराडे, मुरारी टिपरे, गजानन देऊलकार,शिला मोहोड उपस्थित थे।
जिलाध्यक्ष की तारीफ कर रहे लोग, घायल गौ माता की सेवा में लगे
कोरिया। जिले के गौ रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष की ओर से गायों और लोगों को सड़क हादसे से बचाने के लिए एक अभिनव पहल किया जा रहा है। इस पहल के तहत जिलाध्यक्ष ने कोरिया सहित मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नेशनल हाइवे सहित अन्य प्रमुख चौक-चौराहों पर घूमने वाले लगभग 350 गोवंशों को रेडियम पट्टी बांधी है। ताकि सड़क पर बैठी गाय दुर्घटना का शिकार होने से बच सके।
उल्लेखनीय है कि गौ रक्षा वाहिनी की ओर से पिछले 7-8 सालों से लगातार कोरिया जिले में गोवंशों की सड़कों पर सुरक्षा की दृष्टिकोण से उनकी जानमाल की रक्षा के लिए विशेष अभियान चला कर समय-समय पर गोवंशों के गले में चमकदार रेडियम पट्टी लगा रहे हैं। यह रेडियम बैल्ट (पट्टी) सड़क पर घूमने वाले पशुओं को रात के अंधेरे में दुर्घटना का शिकार होने से बचाने के लिए लगाया जाता है। इससे सामने की ओर से आने वाले वाहन चालक आसानी से देख सके और अपनी सहित गोवंश की भी रक्षा की जा सके।
आज के ही दिन सात नवंबर 1966 को गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने का कानून मांगने के लिए संसद के बाहर जुटी साधु-संतों की भीड़ पर गोलियां चलाई गई थीं
आज के ही दिन सात नवंबर 1966 को गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने का कानून मांगने के लिए संसद के बाहर जुटी साधु-संतों की भीड़ पर गोलियां चलाई गई थीं। इस गोलीबारी में कितने साधुओं की मौत हुई थी, इस पर आज भी विवाद है। यह संख्या आठ-दस से लेकर सैकड़ों के बीच बताई जाती है, लेकिन यह भारतीय इतिहास की एक बड़ी घटना थी, जिसने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। इस घटना की 53वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को कुछ संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। जिस चौराहे पर साधुओं पर गोली चलाई गई थी, संगठनों की मांग है कि उस चौक का नाम ‘गो भक्त बलिदानी चौक’ रख दिया जाए।
क्या था मामला
दरअसल, पचास के दशक के बहुत प्रसिद्ध संत स्वामी करपात्री जी महाराज लगातार गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानून की मांग कर रहे थे। लेकिन केंद्र सरकार इस तरह का कोई कानून लाने पर विचार नहीं कर रही थी। इससे संतों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा था। उनके आह्वान पर सात नवंबर 1966 को देशभर के लाखों साधु-संत अपने साथ गायों-बछड़ों को लेकर संसद के बाहर आ डटे थे।
नंदा को देना पड़ा था इस्तीफा
संतों को रोकने के लिए संसद के बाहर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। कहा जाता है कि इंदिरा गांधी सरकार को यह खतरा लग रहा था कि संतों की भीड़ बैरीकेडिंग तोड़कर संसद पर हमला कर सकती है। कथित रुप से इस खतरे को टालने के लिए ही पुलिस को संतों पर गोली चलाने का आदेश दे दिया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा को इस बात का अहसास था कि वे बातचीत से हालात को संभाल लेंगे, लेकिन मामला हाथ से निकल गया और गोलीबारी तक पहुंच गई। नंदा को इस घटना के बाद इस्तीफा देना पड़ा था।
सरकार को अस्थिर करने की कोशिश
इस घटना के पीछे कुछ लोग तत्कालीन राजनीति को भी जिम्मेदार बताते हैं। जानकारी के मुताबिक इंदिरा गांधी को सत्ता संभाले कुछ ही समय हुआ था। कई दूसरे दलों के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के भी कुछ लोग उनके नेतृत्व से असहज थे, इसलिए सोच-समझकर इस आंदोलन के बहाने इंदिरा सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई थी। स्वामी करपात्री जी महाराज के इस आंदोलन को आरएसएस और जनसंघ का भी पूरा समर्थन हासिल था।
हरियाणा के करनाल के सांसद स्वामी रामेश्वरानंद इस आंदोलन का पूरा समर्थन कर रहे थे। आंदोलन के बाद कई सालों तक संघ ने इस मुद्दे को उठाया भी, लेकिन यह एक बड़ा मुद्दा नहीं बन सका। इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी। इस कमेटी में कई हिंदूवादी नेता शामिल थे, लेकिन इसका भी कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला। बाद में इस कमेटी को भंग कर दिया गया।
लाखों लोग पहुंचे थे संसद
इस घटना के प्रदर्शन के समय कितने लोग संसद पहुंचे थे, इस पर भी विवाद है। कुछ हजारों से लेकर इस संख्या को लाखों तक में बताया जाता है। इसी प्रकार इस गोलीबारी की घटना में कितने साधुओं की मौत हुई थी, इस पर भी विवाद है। लोग यह संख्या आठ-दस से लेकर सैकड़ों में बताते हैं। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे विश्व हिंदू परिषद के नेता डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला को बताया कि वे अपने नाना जी के साथ इस प्रदर्शन में भाग लेने आये थे। उनका कहना है कि इस गोलीबारी में मरने वालों की संख्या सौ से ऊपर थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारी गोभक्तों को डीटीसी की बसों में भरकर गुड़गांव जैसे दूर इलाकों में ले जाकर छोड़ दिया था।
इन राज्यों में है गोहत्या कानून
सिक्किम देश का पहला राज्य माना जाता है, जिसने गोहत्या पर प्रतिबंध का कानून बनाया है। सिक्किम के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में गोहत्या पर प्रतिबंध है। दिल्ली और चंडीगढ़ में भी गोहत्या प्रतिबंधित है। केंद्र सरकार के स्तर पर गोहत्या रोकने के लिए अभी तक कोई कानून नहीं बनाया गया है, जबकि कई हिंदू संगठन इसके लिए लगातार मांग करते रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने मई 2017 में द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स कानून को नोटिफाई कर दिया था।
इसके तहत यह सुनिश्चित करना था कि मवेशी बाजार में कोई पशु हत्या के लिए न बेचा जा सके। तब इस कानून पर खूब विवाद हुआ था। दक्षिण और पूर्व के राज्यों से इसको लेकर विरोध व्यक्त किये गए थे। केंद्र सरकार ने ‘कामधेनु आयोग’ का गठन किया है जिसका काम दुधारु पशुओं की रक्षा और संवर्धन करना है।














