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गौशाला विकास में होगा उपयोग , सडक़ पर फेंके बैंगन गौ सेवा समिति ने 100 रुपए के भाव से खरीदे

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बारडोली. शहर के सब्जी मार्केट में मंगलवार को बैगन के बहुत कम भाव मिलने पर किसानों ने बैंगन सडक़ पर फेंककर विरोध जताया था। किसानों की यह हालत देख बारडोली खेतीवाड़ी उत्पन्न बाजार समिति की जगह बारडोली विभाग गौ सेवा समिति सामने आई और बुधवार सुबह सब्जी मार्केट पहुंचकर 100 रुपए प्रति मन (20 किलो) के भाव से बैंगन की खरीदारी की। किसानों को प्रति किलो 4 रुपए ज्यादा मिलने पर गौ सेवा समिति का आभार व्यक्त किया साथ ही सरकार भी सब्जी का समर्थन मूल्य तय करें, ऐसी मांग भी की। बारडोली की सब्जी मंडी में दलालों और व्यापारियों की मिलीभगत के कारण किसानों को उत्पादन के योग्य भाव नहीं मिल रहे हैं।

मंगलवार को एक मन बैंगन के सिर्फ 20 रुपए मिलने पर किसानों ने बैंगन सडक़ पर फेंककर विरोध जताया था। इस घटना के बाद व्यापारी और दलालों के साथ-साथ स्थानीय नेता और सहकारी अग्रणियों की भी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। ऐसे में बारडोली विभाग गौ सेवा समिति ने किसानों के बैंगन खरीदने का निर्णय किया। 100 रुपए प्रति 20 किलो के भाव से समिति ने बैंगन खरीदने का तय किया। इसके बाद बुधवार को समिति ने किसानों से बैंगन के 100 रुपए मन के भाव से सीधी खरीदारी की। समिति ने अंदाजित 8 हजार किलो बैंगन खरीदे। बाद में लोगों को 10 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचा गया। बैंगन की बिक्री से एकत्रित राशि गौशाला के विकास के लिए उपयोग में ली जाएगी।

-स्थानीय किसानों की सब्जी पहले खरीदें

एक और बीज, खाद और खेत मजदूरी के भाव बढ़ रहे है। तीन माह की मेहनत के बाद भी किसानों को योग्य भाव नहीं मिल रहे है। ऐसे में एपीएमसी को आगे आकर किसानों का शोषण रोकना चाहिए। महाराष्ट्र से आने वाली सब्जी से पहले स्थानीय किसानों की सब्जी पहले लेनी चाहिए, ताकि किसानो को उनकी मेहनत का मुआवजा मिल सके।

-प्रज्ञेश पटेल, किसान

-गौशाला विकास में होगा उपयोग
किसानों के साथ हुए अन्याय को ध्यान रख समिति ने किसानों से बैंगन खरीदने का तय किया था और 100 रुपए प्रति 20 किलो के भाव से खरीदारी की। बाद में ग्राहकों को 10 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचे और जमा राशि दानपेटी में डाली गई। यह राशि गौशाला विकास में उपयोग ली जाएगी और बची हुई सब्जी गायों के खाने में काम ली जाएगी।
धर्मेश पटेल, कार्यकर्ता, बारडोली विभाग गौ सेवा समिति

गौ तस्‍कर हुए बेखौफ: टोल प्‍लाजा पर बैरियर तोड़ भागा मवेशियों से लदा कंटेनर

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धनबाद (Dhanbad) के रास्ते डंके की चोट पर गोवंशियों की तस्करी (Cattle Smuggling) हो रही है। तस्करों के हौसलों का आलम यह है कि वे बैरियर तोड़ रहे हैं। पुलिस बस पीछा करती रह जाती है। तस्कर हाथ नहीं आते। इधर, तीन दिनों में दो बार मैथन (Maithon) चेकनाका (टोल प्लाजा) का बैरियर गोवंशियों से लदे कंटेनर ने तोड़ दिया। इस दौरान दो कर्मी भी बाल-बाल बचे। वे नहीं हटते, तो कंटेनर उनको भी रौंद देता। इस घटना ने गो तस्करी पर लगाम लगाने की पुलिस की कवायद की पोल खोल दी है।

आसनसोल की तरफ भागे तस्‍कर

मैथन टोल प्लाजा पर पहली घटना आठ दिसंबर की सुबह छह बजे व दूसरी घटना दस दिसंबर सुबह 5:30 बजे की है। धनबाद की ओर से तेज रफ्तार से आते गोवंशियों से लदे कंटेनर ने मैथन टोल प्लाजा के बैरिकेड को तोड़ दिया। इसके बाद आसनसोल (Asansol) की तरफ भाग गए। कंटेनर चालक ने टोल प्लाजा पर तैनात दो कर्मियों को भी कुचलने की कोशिश की। यह घटना मैथन टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

सीसीटीवी कैमरे में कैद बैरिकेड तोड़ने की घटना

कैमरे में साफ दिख रहा है कि टोल प्लाजा का बैरिकेड तोड़ने वाले कंटेनर का मैथन ओपी की पुलिस (पीसीआर वाहन) पीछा कर रही थी। बंगाल के डिबुडीह चेकपोस्ट तक मैथन थाने की पुलिस गई, मगर उसके हाथ कुछ न लगा। गोवंशियों से लदे कंटेनर ने डिबुडीह चेकपोस्ट (Dibudih Checkpost) पर लगे लोहे के बैरिकेड को भी धक्का मार दिया और भाग गया। इससे झारखंड व बंगाल पुलिस के होश उड़ गए हैं। घटना से मैथन टोल प्लाजा प्रबंधन व मैथन ओपी की पुलिस काफी चिंतित है।

पुलिस वालों का नहीं है खौफ

मैथन टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक राहुल कुमार सिंह ने कहा, मवेशी तस्करी में बेहिसाब कमाई अब सिर चढ़कर बोल रही है। तस्करों ने वाहन चालकों को साफ निर्देश दे रखा कि कोई भी वाहन को रोके तो उस पर चढ़ा दो, चाहे पुलिस की गाड़ी हो या कोई और। यही वजह है कि वाहन चालक पुलिस को देख कर रुकते नहीं, उनकी जान लेने को तैयार हो जाते हैं। इसके एवज में उन्हें मुंहमांगा रकम इनाम के तौर पर दी जाती है।

रांची में महिला पुलिस अधिकारी को तस्‍करों ने कुचला

रांची में कुछ समय पहले एक महिला पुलिस अधिकारी को तस्करों ने कुचल डाला था। मैथन टोल प्लाजा के बैरिकेड तोड़कर गोवंशी लदे कंटेनर के भागने के मामले में मैथन थाने में शिकायत की गई है। ऐसी घटना को रोकने के लिए अब टोल प्लाजा पर मजबूत अवरोध लगाने की तैयारी चल रही है।

टोल प्‍लाजा पर हुई घटना से पुलिस चिंति‍त

बालाजी राजहंस, प्रभारी, मैथन ओपी, धनबाद, मैथन टोल प्लाजा पर इस तरह की दो घटनाएं हुई है। इससे पुलिस भी चिंतित है। टोल प्लाजा के बैरिकेड तोड़कर भागने वाले कंटेनर की पहचान की जा रही है। मवेशी तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस नए सिरे से तैयारी कर रही है। इसी को लेकर 14 दिसंबर को बंगाल के ट्रैफिक विभाग के साथ बैठक की जाएगी। संयुक्त चेक पोस्ट तैयार करने की योजना है, ताकि इस तरह से भाग रहे वाहनों को पकड़ा जा सके।

सीनियर सिटीजन को फिलहाल नहीं मिलेगी ट्रेन टिकट में रियायत

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सीनियर सिटीजन को फिलहाल नहीं मिलेगी ट्रेन टिकट में रियायत – रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव

कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से ही रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को किराए में दी जाने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी थी। तबसे विपक्ष लगातार सरकार से इसकी बहाली की मांग करते हुए सरकार से सवाल कर रहा है। इसी क्रम में महाराष्ट्र से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने सरकार से सवाल किया था। जिसका लोकसभा में जवाब देते हुए रेल मंत्री ने यह संकेत दिए।
वरिष्ठ नागरिकों को रेल टिकट में मिलने वाली रियायतों को लेकर कई तिमाहियों से आलोचनाओं का सामना कर रहा रेलवे इन रियायतों को फिलहान बहाल नहीं करने जा रहा है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को इसके संकेत दिए है। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले साल यात्री सेवाओं के लिए 59,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई थी। यह एक बहुत बड़ी राशि है। उन्होंने यह भी कहा कि यह राशि कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। इसके अलावा रेलवे का पेंशन और वेतन बिल भी बहुत अधिक है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से ही रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को किराए में दी जाने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी थी। तबसे विपक्ष लगातार सरकार से इसकी बहाली की मांग करते हुए सरकार से सवाल कर रहा है। इसी क्रम में महाराष्ट्र से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने सरकार से सवाल किया था। जिसका लोकसभा में जवाब देते हुए रेल मंत्री ने यह संकेत दिए।
सब्सिडी को लेकर दिया संकेत
लोकसभा में ट्रेन यात्रा में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत कब बहाल होगी? का जवाब देते हुए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने यात्री सेवाओं के लिए 59,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। यह एक बड़ी राशि है और कुछ राज्यों के वार्षिक बजट से भी बड़ी है। साथ ही  रेलवे का वार्षिक पेंशन बिल 60,000 करोड़ रुपये है और वेतन बिल 97,000 करोड़ रुपये है जबकि ईंधन पर 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

रेलमंत्री ने कहा कि  रेलवे नई सुविधाएं लेकर आ रही है। ऐसे में अगर कोई नया फैसला लेना होगा तो हम लेगें, लेकिन वर्तमान में सभी को रेलवे की स्थितियों पर गौर करना चाहिए।

वहीं, एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए रेलमंत्री ने वंदेभारत ट्रेनों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समय  वंदे भारत ट्रेनें 500 से 550 किलोमीटर की अधिकतम दूरी के के लिए चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों में वर्तमान में केवल सिटिंग व्यवस्था है। अभी रेलवे सोने की सुविधा के साथ लंबी दूरी की वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की योजना बना रही है।

अयोध्या को जोड़ा जाएगा देशभर के स्टेशनों से
उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद देश के कोने-कोने से अयोध्या को ट्रेनों से जोड़ने की योजना है। इसके साथ ही देश के 41 प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास चल रहा है। साथ ही अन्य स्टेशनों को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।

रेलवे ने रखा 2030 तक पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होने का लक्ष्य
इसके अलावा, रेलवे ने 2030 तक पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होने का लक्ष्य रखा है। रेलमंत्री ने कहा कि इस दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लिए भारतीय इंजीनियरों हाइड्रोजन ट्रेनों को डिजाइन और विकसित कर रहे हैं।

बिहार में जहरीली शराब से 21 की मौत

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बिहार में जहरीली शराब से 21 की मौत

शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर एकमुश्त 21 लोगों की शराब से मौत हुई है। परिजन जहरीली शराब से मौत का दावा कर रहे हैं, जबकि प्रशासन इस बारे में कुछ नहीं बोल रहा है। इस बार घटना सारण जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र के डोइला गांव में हुई है।
शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर एकमुश्त 21 लोगों की शराब से मौत हुई है। मृतकों के परिजन जहरीली शराब से मौत का दावा कर रहे हैंजबकि प्रशासन इस बारे में कुछ नहीं बोल रहा है। इस बार घटना सारण जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र के डोइला गांव में हुई है। सोमवार को शराब पीने के बाद से एकएक कर तबीयत बिगड़नी शुरू हुई और फिर उल्टियों के दौर के बीच आंखों की रोशनी जाती रही। कई अस्पताल पहुंचने के पहले मर गएजबकि ज्यादातर को अंतिम समय में इलाज मिलने पर भी बचाया नहीं जा सका।
मृतकों में डोइला के 45 वर्षीय संजय सिंह (पिता– वकील सिंह), 46 वर्षीय विजेन्द्र यादव (पिता– नरसिंह राय), 38 वर्षीय अमित रंजन (पिता– द्विजेंद्र सिन्हाके अलावा मशरख थाना क्षेत्र के 38 वर्षीय कुणाल सिंह (पिता– यदु सिंह), हरेंद्र राम (पिता– गणेश राम), 55 वर्षीय रामजी साह (पिता– गोपाल साह), 30 वर्षीय मुकेश शर्मा (पिता– बच्चा शर्मा), मंगल राय (पिता– गुलराज राय), 42 वर्षीय नासिर हुसैन (पिता– समसुद्दीन), 43 वर्षीय जयदेव सिंह (पिता– बिंदा सिंह), 42 वर्षीय रमेश राम (पिता– कन्हैया रामव 48 वर्षीय चंद्रमा राम (हेमराज राम), अजय गिरी (पिता– सूरज गिरी), भरत राम (पिता– मोहर राम), मनोज राम (पिता– लालबाबू राम), गोविंद राय (पिता– घिनावन राय), 55 वर्षीय ललन राम (पिता– करीमन राम)ललन राम (पिता– करीमन राम), प्रेमचंद साह (पिता– मुनिलाल साह), महुली इसुआपुर के दिनेश ठाकुर (पिता– अशर्फी ठाकुर), बहरौली के शैलेंद्र राय (पिता– दीनानाथ रायऔर मढ़ौरा थाना क्षेत्र का 16 वर्षीय विक्की महतो शामिल हैं। मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक यह मौतें हुई हैं। स्थानीय स्तर पर इलाज करा रहे चार अन्य की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।

डिजिटल युग में एक नए और अनोखे ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘मास्क टीवी’ का आगमन..

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टैग प्रोडक्शंस भारतीय मनोरंजन जगत में एक चर्चित प्रोडक्शन हाउस के रूप में जाना जाता है, जिसने 90 के दशक में दूरदर्शन के लिए कई सफल टेलीविजन सीरीज भी बनाई थीं। अब डिजिटल युग में अपने नए स्वरूप के साथ टैग प्रोडक्शंस की पूरी यूनिट, चिरंजीवी भट्ट, मानसी भट्ट, अंजू भट्ट और संजय भट्ट के कुशल नेतृत्व में दर्शकों को स्वस्थ मनोरंजन उपलब्ध कराने के लिए आम लीक से हट कर निर्मित कई नवीनतम प्रोजेक्ट के साथ ‘मास्क टीवी’ ओटीटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से धमाल मचाने की दिशा में अग्रसर है। देशभक्ति और राजनीतिक ड्रामा से भरपूर स्पाई थ्रिलर ‘मिशन 70’ 9 दिसंबर को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की ओपनिंग के साथ लॉन्च किया गया था।

इसके बाद ‘मास्क टीवी’ के कैटलॉग में 13 दिसंबर से स्ट्रीम किए जाने वाले ‘मसूरी हाउस’ के बाद मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती वेब सीरीज ‘भूख-कहानी एक जानवर की’ (15 दिसंबर), ‘डबल शेड्स’ (18 दिसंबर), ‘प्रोजेक्ट एंजल्स'(विशेष रूप से पहली बार ट्रांसजेंडर्स पर आधारित) 20 दिसंबर को स्ट्रीम होना निर्धारित है। साथ ही साथ मास्क टीवी’ ओटीटी प्लेटफॉर्म के नए शो में ‘हंसगुल्ले – सीज़न 2’, ‘किस्से अफंती के’ के नए संस्करण और ‘हाल कैसा है जनाब का’ के 26-एपिसोड भी शामिल हैं। ‘मास्क टीवी’ के पास शुरुआती दौर में ही लगभग 35 शो का एक मल्टीपल पैकेज है जो दर्शकों के लिए आने वाले नए साल का सौगात होगा।

आलोक नाथ, अनंग देसाई, जाकिर हुसैन, अंजू भट्ट, माधुरी, संजीव, अक्षय आनंद जैसे कलाकारों के अभिनय से सजी टीवी पर पूर्व टेलीकास्ट शो ‘मंजिलें’ जैसी कई मनोरंजक व ज्ञानवर्धक फैमिली शो, इस स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के लिए उपलब्ध होंगे। मनोरंजन, खेल, व्यवसाय, जीवन शैली, स्वास्थ्य, यात्रा, अवकाश और अन्य महत्वपूर्ण पहलू से जुड़े कार्यक्रम ‘मास्क टीवी’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से स्ट्रीम होंगे। यह ओटीटी प्लेटफॉर्म यूजर फ्रेंडली ऐप है जिसे गूगल प्ले, एप्पल और जिओ से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

India-China Clash: भारत और चीनी सेना के बीच अरुणाचल प्रदेश में हुई झड़प

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India China Border Clash: भारत और चीन की सेनाओं के बीच 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तंवाग सेक्टर में हुई झड़प में हिंदुस्तानी आर्मी ने कड़ा जवाब दिया है. दुनिया को अपनी अंगुलियों पर नाचाने की सोच रखने वाला चालबाज चीन जब भी भारत की तरफ आंख तरेरता है तो उसे मुंह की ही खानी पड़ती है.

चीन की सोच हमेशा कब्जाधारी की रही है. वो अपने पड़ोसियों की जमीनों को हथियाना चाहता है. नेपाल, भूटान, बांग्लादेश जैसे छोटे देशों को जहां चाइना कर्ज के जाल में फंसा रहा है तो भारत पर जोर आजमाइश के लिए चीन ने अपनी सेना को मोर्चे पर लगाया हुआ है, लेकिन हिंदुस्तान के सामने उसकी पीएलए हर मोर्चे पर फेल है.

चीन का ‘फाइव फिंगर्स’ प्लान क्या है? 

तिब्बत पर अवैध कब्जे के बाद से ही चीन ने अपने ‘फाइव फिंगर्स’ प्लान को एक्टिव किया हुआ है. इसके तहत चीन सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, भूटान, नेपाल और लद्दाख को किसी भी कीमत पर कब्जाना चाहता है. ऐसे में गलवान के बाद तवांग में पीएलए की गुस्ताखी ने ये साबित भी कर दिया है. दरअसल माओ ने इन पांचों जगहों को अपने हाथ की पांच अंगुलियां और तिब्बत को हथेली बताया था.

‘फाइव फिंगर्स’ पर कब्जे का राग अलपाना

रक्षा विशेषज्ञ कर्नल(रिटा.) दानवीर सिंह ने बताया कि साल 1940 के दशक में लाल क्रांति के बाद चीन में माओ सबसे बड़े नेता के तौर पर उभरे थे. माओ का ही मानना था कि तिब्बत और उससे जुड़े इलाके चीनी साम्राज्य का हिस्सा रहे हैं इसलिए इन इलाकों को किसी भी कीमत पर हासिल करना है. विवादित नीति में तिब्बत को 5 फिंगर पॉलिसी की हथेली बताया था और इसी हथेली पर 1959 से चीन ने अवैध कब्जा कर रखा है.

इस नीति की आड़ में चीन पांचों जगहों पर कब्जा कर हिमालय में एकक्षत्र राज कायम करना चाहता है. इस कारण चीन विस्तारवादी एजेंडे के तहत ‘फाइव फिंगर्स ऑफ तिब्बत स्ट्रैटजी’ में पड़ोसी देशों पर कब्जा करने की साजिश पर विशेष फोकस करता रहा है

‘फाइव फिंगर्स का मामला क्या है?

आपको बता दें कि पांच अंगुलियों में सिक्किम का भारत में 1975 में विलय हो गया था. तब चीन ने जमकर इसका विरोध किया था, लेकिन उसकी एक नहीं चली. चीन दूसरी अंगुली अरुणाचल प्रदेश को बताता है. साल 1962 में जब भारत-चीन का युद्ध हुआ तो चीन की सेना काफी अंदर तक घुस आईं लेकिन उसके मंसूबे पूरे नहीं हो पाए.

चीन की कब्जाधारी नीति में तीसरी अंगुली नेपाल को बताया गया है. हालांकि हाल फिलहाल की घटनाओं को देखकर यह ही लगता है कि नेपाल चीन की गोद में बैठ गया है. चौथी अंगुली भूटान पर भी चीन कब्जे की मंशा पाले हुए है. पांचवी फिंगर जिस पर चीन की सबसे ज्यादा निगाह रहती, वो लद्दाख है, लेकिन चीन कितनी भी साजिशें रचे,  उसका ये सपना अधूरा ही रहने वाला है.

इंदौर की सडक़ों से 11 हजार मवेशी अफसरों ने बेच डाले

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निगम अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा गौ तस्करों को बेचा गया और करोड़ों रुपए की धन संपदा अर्जित कर घोटाले करने की साजिश रची गई। उक्त मामला इंदौर उच्च न्यायालय में चल रहा है। जल्द ही तथ्यों के आधार पर फैसला आने की उम्मीद है इंदौर के 105 पशुपालक इस मामले को लेकर बहुत आक्रोशित हैं अपने पशु वापसी या मुआवजे की मांग कर रहे हैं मांगे पूरी ना होने की स्थिति में उच्च न्यायालय जाने और शहर में उग्र प्रदर्शन करने की भी बात कर रहे हैं।

 – एडवोकेट डॉ. मनोहर दलाल, याचिकाकर्ता के वकील

साल 2015 से फरवरी 2022 के बीच का मामला, हाईकोर्ट में याचिका दायर

इंदौर, अग्निपथ , के खबर के अनुसार । साल 2015 के पूर्व इंदौर शहर में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर तत्कालिक इंदौर नगर निगम कमिश्नर मनीष सिंह एवं उस समय की महापौर मालिनी गौड़ के द्वारा जो सामूहिक रूप से भागीरथ प्रयास किए गए थे जिसके चलते आज इंदौर शहर आवारा पशुओं से मुक्त शहर कहलाता है। जिसका श्रेय निश्चित रूप से उस समय की महापौर मालिनी गौड़ एवं निगम कमिश्नर मनीष सिंह को जाता है। 2015 से लेकर फरवरी 2022 तक तकरीबन 13 हजार से अधिक गाय, बैल, सांड एवं बछड़ों को आवारा पशु मानकर पकड़ा गया था। उसके बाद निगम के पशु पकड़ो अभियान समिति के कर्ताधर्ता के द्वारा इन समस्त आवारा पशुओं को इंदौर जिले से बाहर अन्य स्थानों पर जहां गौशालाओं में या ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब किसानों को देना बताया गया। अब यहां यह सवाल उठता है कि इंदौर निगम निगम के कर्मचारियों द्वारा नगर निगम सीमा क्षेत्र में सदियों से गोपालन का काम कर रहे कुल गोपालक जो निगम के रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड हैं, उनमें से 105 गोपालको से लगभग 15 हजार से अधिक गाय, बैल, बछड़े, छुड़वा कर कहा और किसको दे दिए या बेच दिए गये इसका कोई रिकॉर्ड निगम के दस्तावेजों में उपलब्ध नहीं है।

हिंदू संगठनों की चुप्पी आश्चर्यजनक

आखिर इंदौर से बाहर किए गए आवारा पशु आखिर गायब कहां हो गए किसी को खबर नहीं ।. देश और प्रदेश मैं मौजूद गौ भक्त भाजपा सरकार में गायों की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है. अक्सर समाचार पत्रों एवं टेलीविजन माध्यमों से यह घटना देखने और सुनने को मिलती है की प्रदेश के किसी भी स्थान पर. कहीं पर भी गौ तस्करों के पास कुछ गाय उनकी गाडिय़ों वाहनों में नजर आती है तो आरएसएस बीजेपी बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन गौ तस्करों के खिलाफ हंगामा कर देते हैं। उन्हें गायों का हत्यारा और तस्कर बताते हैं धरना प्रदर्शन करने लगते हैं यहां तक कि कई बार गायों का व्यापार करने वालों को इन कथित धार्मिक संगठनों के द्वारा मार-मार कर हत्या तक कर दी गई है।
ऐसे दर्जनों उदाहरण पढऩे को देखने को मिल जाएंगे किंतु इंदौर शहर में इतना बड़ा गायों का घोटाला हुआ है उन्हें गाय के व्यापार करने वालों को कटने का मरने के लिए बेच दी गई हे और कोई भी हिंदूवादी संगठन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं इन संगठनों के द्वारा इंदौर शहर में कहीं पर भी कोई धरना कोई प्रदर्शन करता हुआ नजर नहीं आ रहा है कोई पूछने को तैयार नहीं कि इंदौर में हजारों की संख्या में पकड़ी गई गाय माताये गई कहां इस मुद्दे पर हिंदूवादी संगठनो का ऐसे दोहरे मापदंड क्यों दिखाई पड़ते पड़ते हैं।

इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

इस पूरे गौ तस्करी घोटाले को लेकर इंदौर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका एक समाजसेवी दिग्विजय ने शहर के जाने-माने अधिवक्ता एवं कानून के बड़े जानकार डॉक्टर मनोहर दलाल के माध्यम से लगाई गई है। साथ ही इस संपूर्ण मामले की शिकायत मध्यप्रदेश राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो में भी की गई है जिसकी जांच इस विभाग के द्वारा की जा जारी है। इंदौर में हुए इस महा घोटाले कांड को लेकर अग्निपथ संवाददाता संजय सिंह सेंगर ने याचिकाकर्ता के वकील डॉक्टर मनोहर दलाल से चर्चा की तो उनका कहना था कि प्रथम दृष्टि यह मामला गौ तस्करी का लगता है. निगम के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों की मिली भगत से गौ तस्करों को इंदौर क्षेत्र से पकड़े गए आवारा पशु जिसमें बैल बछड़े गायों को हजारों की संख्या में गौ तस्करों को बेचकर करोड़ों रुपए की धनसंपदा अर्जित कर बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है इसी गौ तस्करी और घोटाले को लेकर उच्च न्यायालय इंदौर में निगम के तीन जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपी बनाते हुए जनहित याचिका दायर की गई है इंदौर उच्च न्यायालय में लगी जनहित याचिका में इंदौर नगर निगम की वर्तमान कमिश्नर प्रतिभा पाल और उस समय इंदौर नगर निगम के उपायुक्त रहे संदीप सोनी जो अब उज्जैन में पदस्थ हैं . और साथी ही खजुरिया रेशम केंद्र हातोद स्थित गौशाला के प्रभारी डॉ अखिलेश उपाध्याय वं एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को इस मामले में आरोपी बनाया गया है। उक्त याचिका आरटीआई कानून के तहत निकाली गई जानकारी व एक समाचार पत्र में छपी खबर के आधार पर लगाई गई है।

650 की क्षमता वाली गौशाला में साढ़े तीन हजार मवेश रखने का दावा!

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर नगर निगम के द्वारा शहरी क्षेत्र में घूमने वाले आवारा पशुओं को पकडक़र इंदौर शहर से 20 किलोमीटर दूर हातोद स्थित रेशम केंद्र खजूरिया गौशाला में रखा जाता है। आरटीआई में निकाली गई जानकारी में यह भी बताया गया है कि. जनवरी 2020 से लेकर फरवरी 2022 तक इंदौर शहरी क्षेत्र से पकड़े गए आवारा पशुओं की संख्या 4222 जिसमे गाय बैल बछड़े एवं सांड को पकडक़र उक्त गौशाला में छोड़ा गया था।
उक्त मामले की पड़ताल करने लिए याचिकाकर्ता खुद गौशाला का भ्रमण कर निरीक्षण किया तो तो आंकड़े चौंकाने वाले निकले गौशाला प्रभारी डॉ अखिलेश उपाध्याय ने याचिकाकर्ता को बताया था कि उक्त गौशाला में मात्र 650 पशुओं को रखने की ही व्यवस्था है। बाकी के आपके द्वारा बताए गए 3572 आवारा पशुओं के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। इसी तरह का सवाल अन्य जिम्मेदारों के सामने भी रखा गया है कि 4222 गाय बैल आवारा पशुओं पकड़े गए थे और इस गौशाला में छोडऩे के लिए लाए गए आवारा पशु में से मात्र 650 ही गौशाला में मौजूद है या रखी गई है तो बाकी बची 3572 गाये कहां गई उनका क्या हुआ जिम्मेदारों के पास का कोई जवाब नहीं.
इसलिए याचिकाकर्ता के द्वारा उक्त याचिका में यह मांग की गई है कि जो गाय बैल बछड़े. हातोद की गौशाला में गिनती में कम पाए गए जिनका कहीं अता पता नहीं है और ना ही निगम के रिकॉर्ड में कहीं दिखाई पड़ते हैं। . जिससे प्रथम दृष्टया यह प्रकट करता है कि उक्त गाय बैल बछड़ों को निगम के इन तीनों आरोपी अधिकारियों के द्वारा विक्रय कर अवैध रूप से धनसंपदा बनाने का अपराधिक षड्यंत्र किया गया है.इस गौ तस्करी में जनवरी 2020 से लेकर अब तक करीब 2 करोड़ से अधिक का धन अर्जित बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया. और उनसे हिसाब लेने वाला कोई नहीं है सुस्त पड़े इन हिंदूवादी गौ भक्त संगठनों के लिए सवाल तो बनता है कि इंदौर शहर में इतनी बड़ी घटना घट गई और हिंदूवादी संगठन गो पालक और सुधी नागरिक सब अब तक शांत हैं क्यों।
गोमाता के प्रति किसी को कोई लगाव नहीं कहां खो गई. गौ भक्ति गौ सेवाक एवं हिंदूवादी संगठन कहां कुंभकरण की नींद सो रहे हैं. आखिर क्या वजह है छोटी मोटी बातों में धरना प्रदर्शन करने वाले संगठन कहां है. वह संगठन क्यों चुप और खामोश हैं।

ईओडब्ल्यू में भी शिकायत

याचिकाकर्ता के वकील डॉक्टर मनोहर दलाल आगे बताते हैं कि उक्त मामले को लेकर मध्य प्रदेश आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो में भी शिकायत की गई है जहां आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा ने उक्त मामलों को लेकर दस्तावेजों की निगम से मांग की गई चुकी इस मामले में आरोपी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होने के कारण उक्त दस्तावेज ईओडब्ल्यू को जांच हेतु उपलब्ध नहीं कराए गए. जिस पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की कि उक्त मामले की जांच कर रहे आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को जांच कर प्रतिवेदन इंदौर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया था. जिस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के आग्रह को मानते हुए मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को उक्त जांच तत्काल कर प्रतिवेदन उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश दिए .
एक और जहां इंदौर मे गायो के घोटाले का मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है. वही मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुछ माह पूर्व में घोषणा की थी की किसान यदि गाय पालता है तो सरकार उसे अनुदान देगी उसकी रक्षा सुरक्षा और भरण पोषण की गारंटी देगी एक गाय के पालन के लिए प्रत्येक किसान को हर महीने 900 रुपए भरण पोषण भत्ते के रूप में दिया जाएगा
कानून से भी बड़े हो गये अधिकारी
वहीं दूसरी ओर इंदौर नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी मिलकर गायों की तस्करी कर रहे हैं . आम लोगों को जानकारी के अभाव में निगम केअधिकारी अपने अधिकारों का मनमाना दुरुपयोग कर रहे हैं। शहर में घूमने वाले आवारा पशुओं के संबंध में भारतीय दंड संहिता में कहीं तरह केनियम कानून कायदे का उल्लेख किया गया है।
अधिवक्ता डॉ मनोहर दलाल ने कानून के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट की धारा 427 – 16 इ – के अधीन आवारा घूमने वाले पशुओं से संबंधित उपविधि के अधीन इंदौर नगर निगम सीमा में आवारा घूमने वाले पशुओं को गौशालाओ में रखने. एवं उक्त पशुओं के मालिक की पहचान कर मालिक के द्वारा अपने पशु वापस मांगने पर 200 रुपए का आर्थिक दंड देने पर उन्हें मुक्त किया जाने का प्रावधान है।
यदि पशुपालक आवारा पशुओं को नहीं लेकर जाते हैं ऐसी स्थिति में नगर निगम के अधिकारियों को उक्त आवारा पशुओं को बेचकर उसे प्राप्त होने वाले धन को नगर निगम के खजाने में जमा कराने का प्रावधान है किंतु निगम के लालची कर्मचारी अधिकारियों ने मिलकर उक्त पशुधन को गौ तस्करों को बेचकर पद के पद अनुसार आपस में बट कर बंदरबांट मचाई गई है।
आरोपी गणों के द्वारा अपराधिक षड्यंत्र रचते हुए उक्त घूमने वाले आवारा पशुओं को हातोद स्थित ग्राम खजुरिया रेशम केंद्र गौशाला में रखने के लिए फर्जी परिवहन दस्तावेज बनाए गए. जिसमें 3572 आवारा पशु जो मौके पर रिकार्डो में नहीं मिली। गौ तस्करों को बेचने का अपराध इनके द्वारा किया गया है ऐसा प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है. आरोपियों के विरुद्ध इंदौर नगर निगम जनधन अपवंचन के अपराधी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 409 420 467 468 471 120 बी के संगीन अपराध का दोषी माना जाना चाहिए।

गोवंश के वध में सहयोग करना संगीन अपराध

डॉ मनोहर दलाल ने आगे बताया कि आरोपी गण के द्वारा गौ तस्करको गोधन का बेचने एवं नगर निगम के वाहनों से नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा गोवंश का परिवहन करके गौ तस्करों के हवाले कर दिया गया. इन तस्करों को नियम विरुद्ध सहयोग देकर करोड़ों रुपए का अवैध धन कमाया गया है. गोधन के मूल्य पेटे प्राप्त अनुपयोगी गोवंश का वध करने में सहयोग देने की भी संगीन अपराध श्रेणी में आता है. जो मध्य प्रदेश गोवंश प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 6. 9 के तहत अपराधी माना जाए।

8000 पशु अलीराजपुर की तरफ छोड़े!

याचिकाकर्ता ने गौशाला प्रभारी डॉ अखिलेश उपाध्याय से जब गायों के संख्याओं के बारे में जानना चाहा तो उनका कहना है कि मेरे पास इस समय अवधि में तो 650 आवारा पशु ही आई है और उतना का ही हिसाब मेरे पास है। डॉ उपाध्याय ने एक सवाल के जवाब में यह भी बताया कि इसके पूर्व भी कुछ साल पहले आवारा पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण 8000 गाय बैल बछड़े को अलीराजपुर की तरफ छोड़ा गया था, जिनका आज कोई रिकार्ड इंदौर नगर निगम के जिम्मेदारों के पास नहीं है।
उससे यह यह साबित होता है कि 2015 से लेकर 2022 तक 13 हजार से अधिक आवारा पशु पकड़े गए। जिसमे से 11572 गाय बैल सांड एवं बछड़े गायब हैं . जिन का बाजार मूल्य 40 से 50 करोड़ के करीब बताया जा रहा है. आवारा पशुओं का क्या हुआ कोई रिकॉर्ड निगम के कर्ताधर्ताओं के पास नहीं होने के कारण प्रथम दृष्टया यह लगता है कि समस्त गाय बैल बेचकर अवैध धन कमाने ओर गौ तस्करी का लगता है।

सीएम के दौरे के लिए लगे चेकिंग पॉइंट पर पकड़े गए गौ तस्कर, ट्रक से मिले 57 जीवित और 4 मृत गोवंश

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Khargone Cow Smuggler: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का दौरा होने वाला है, जिसके चलते जिले में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया. सीएम के दौरे के पहले सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए लगी चेकिंग में गोवंश की अवैध तस्करी करते एक वाहन पुलिस के हत्थे चढ़ गया. शातिर तस्कर ट्रक को तिरपाल से ढक कर उसमें गोवंशों को भरकर महाराष्ट्र ले जा रहे थे. पुलिस को देख ड्राइवर चाबी लेकर ट्रक वहीं छोड़कर भाग गया. यह पूरी घटना खरगोन के चैनपुर थाना की है.

मुखबीर से मिली थी सूचना

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा में लगी पुलिस की टीम को मुखबिर से सुचना मिली कि राजस्थान पासिंग ट्रक में गोवंश को ठूस-ठूस कर अवैध रूप से ला जाया रहा है. ट्रक को तिरपाल की सहायता से ढंकते हुए वह पाडल्‍या फाटा से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है. मुखबिर के बताए स्‍थान पर थाना प्रभारी निर्मल कुमार श्रीवास ने अपनी पुलिस टीम तत्काल रवाना की और बेरिकेड्स लगाकर वाहन चेकिंग शुरू की. पुलिस टीम पलोना फाटा पर पाडल्‍या तरफ से आने वाले वाहनों को चेक रही थी, तभी पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा बताए गए नंबर का ट्रक पाडल्‍या तरफ से आता दिखा. पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन ट्रक का ड्राइवर ट्रक को रोड किनारे खड़ा करने लगा. जिससे पहाड़ी में टकरा कर रोककर ड्राइवर जंगल और पहाड़ क्षेत्र का फायदा उठाकर ट्रक की चाबी लेकर भाग गया.

57 जीवित और 4 गोवंश मृत पाए गए

पुलिस टीम द्वारा पकड़े गए ट्रक की जांच करने पर उसमें डबल पार्टीशन बनाकर गोवंश ठूस ठूस कर भरे पाए गए थे. दोनों पार्टीशन मे भरे गोवंश को बारीकी से चेक कर 57 गोवंश जीवित और 4 गोवंश मृत पाए गए. गोवंश में गाय केडे और सांड भरे थे. उक्‍त गोवंश को महाराष्‍ट्र ले जाया जा रहा था. जब्त किए गए गोवंश की कीमत करीब 5 लाख 40 हजार रुपए बताई जा रही है. ट्रक ड्राइवर के फरार होने के कारण अज्ञात चालक के विरूद्ध थाना चैनपुर में पशुओं के प्रति क्रुरता का निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

मलाड मस्ती में शामिल हुए काजोल, रेमो डिसूज़ा, राघव जुयाल

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मुंबई (करण समर्थ : आयएनएन भारत मुंबई): मुंबई स्थित मलाड पश्चिम में इनऑर्बिट मॉल के पास मलाड मस्ती २०२२ इवेंट यह साप्ताहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहाँ काजोल, विशाल जेठवा, रेमो डिसूज़ा ,राघव जुयाल, ध्वनि भानुशाली, अली असगर, चिंकी मिन्की, मधुर शर्मा, रिद्धिमा तिवारी, डॉ अनिल मुरारका और कई जाने-माने हस्तियां शामिल हुए।

आजकल लोग अपने टिव्ही या मोबाइल में कैद हुए हैं। ऐसी स्थिति में आम लोगों को घर पर अपने मोबाइल पर चीजों को देखने के बजाय टिव्ही और मोबाइल से बाहर निकलना चाहिए । खुले में घूमना फिरना चाहिए, दोस्तों से मिलना चाहिए, नई चीजें देखना चाहिए और आनंद लेना चाहिए, यह इस आयोजन का उद्देश्य है । यह आयोजन लोगों को अपने घरों के बाहर सप्ताह का एक दिन अच्छे से बिताने और आनंद लेने का अवसर देता है।

मलाड मस्ती सिर्फ एक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं है बल्कि मनोरंजन और परिवारों को जोड़ने और जागरूकता लाने का एक माध्यम है। आयोजक विधायक असलम शेख ने कहा कि, इस साल के आयोजन का मुख्य उद्देश्य और संदेश बाल शोषण के बारे में जागरूकता फैलाना है । यह महत्वपूर्ण है कि लोगों को जागरूक किया जाए और बच्चों को समाज में बुरी ताकतों से बचाया जाए।

( मैं भी ऐसे सामाजिक प्रयासों के समर्थन में शामिल होकर समाज के प्रति अपना दायित्व निभाऊंगी – अदिती समर्थ )

इस अलग सामाजिक प्रयासों की सराहना करते हुए उभरती हुई एक्ट्रेस, एंकर तथा ईफ्फी फेस्टिवल की गेस्ट; अदिती समर्थ ने आयोजक तथा इस कार्यक्रम में शामिल होकर सकारात्मक संदेश देनेवाले सभी सेलिब्रिटीज का अभिनंदन किया है। अपनी व्यस्तता के बावजूद जो सेलिब्रिटीज समाज जागरण के लिए कार्यरत हैं, वह हमारे लिए प्रेरणादाई है। नजदीकि भविष्य में मैं भी ऐसे सामाजिक प्रयासों के समर्थन में शामिल होकर एक सज़ग नागरिक तथा कलाकार की हैसियत से समाज के प्रति अपना दायित्व निभाऊंगी, ऐसी प्रतिक्रिया देते हुए, हम लोगों को पहले जैसा मिलनसार बनकर, बाहर घूमना फिरना चाहिए। और यह कार्यक्रम सुबह आयोजित किया गया है, इससे सुबह की अच्छी धूप जो वैज्ञानिक रुप से हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, उसका भी लाभ होगा। अधिक से अधिक लोगों ने ऐसी स्वास्थ्य पूर्ण पहलों का समर्थन करना चाहिए, ऐसा आवाह्न अदिती ने किया है।

मलाड मस्ती का यह पाँचवा वर्ष है और इसे गोल्ड मेडल स्विचेज़ ने अपना समर्थन सहयोग दिया है। यहां फेमस फिल्म एक्ट्रेस काजोल और विशाल जेठवा ने अपनी अगली फिल्म; सलाम वेंकी, का प्रमोशन भी किया। इसके बाद में अली असगर ने लोगों को खूब हसाया और उनके साथ सेल्फी खींची। तो ध्वनि भानुशाली ने अपने नए गीत को प्रमोट किया और इस कांसेप्ट की सराहना की। रेमो डिसूज़ा और राघव जुयाल ने लोगों से खूब बात की। सभी उपस्थितों ने विधायक असलम शेख के इस मलाड मस्ती के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस प्रातः काल कार्यक्रम में पिछले हफ्ते से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और ९ ,००० से अधिक लोग सुबह मौजूद रहे । जनहितार्थ यह कार्यक्रम अब हर रविवार सुबह होगा। (करण समर्थ-आयएनएन भारत मुंबई)

कांग्रेस ने ७० वर्षों में ७० तो भाजपा ने ८ वर्षों में ७२ एअरपोर्ट बनवाएं 

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गोवा के सबसे लाडले के नाम पर एयरपोर्ट गोवा तथा देश के विकास में सहायक होगा – पीएम मोदी
स्व मनोहर पर्रिकर जी का सपना पूरा हुआ  – प्रमोद सावंत

मोपा-गोवा  (करण समर्थ : आयएनएन भारत मुंबई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तरी गोवा के पेडणे तालुका के मोपा गांधी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने गोवा के लाड़ले स्वर्गीय मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के नाम पर हवाई अड्डे का नामकरण किया। मनोहर पर्रिकर का मार्च २०१९ में कॅन्सर से निधन हो गया था, इस एअरपोर्ट के निर्माण का सपना पर्रिकर ने ही देखा था ।
इस एअरपोर्ट की आधारशिला नवंबर २०१६ में पीएम मोदी के द्वारा रखी गई थी। गोवा में यह दूसरा हवाई अड्डा होगा, जब गोवा का पहला वास्को के दाबोलिम में स्थित है। इस उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी के साथ गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्रीपाद नाईक, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा सासंद विनय तेंडुलकर मंच पर उपस्थित थे। तो भारी तादाद में गोवा की जनता तथा भाजपा कार्यकर्ताओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।

उत्तरी गोवा के मोपा में यह हवाई अड्डा २,८७० करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। दाबोलिम में मौजूदा हवाई अड्डे के अलावा राज्य में यह दूसरा हवाई अड्डा होगा, जो महाराष्ट्र कि सीमा से सटा हुआ है। इस नए एयरपोर्ट के उद्धाटन के समय पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे इस बात की खुशी है कि इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम मेरे प्रिय सहयोगी और गोवा के लाडले, स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर के नाम पर रखा गया है। इस कारण इस इंटरनॅशनल एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति को मनोहर पर्रिकर जी का नाम याद रहेगा। अपने उद्घाटन भाषण मे पीएम मोदी ने कहा, मोपा में यह अत्याधुनिक हवाईअड्डे से गोवा में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। यह मनोहर पर्रिकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आज देश में बुनियादी ढांचे के प्रति बदली हुई सरकार की सोच और दृष्टिकोण का प्रमाण है। हमने देश के सबसे छोटे शहरों में हवाई यात्रा सुविधा के लिए पहल की है।

मोपा में एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि, २०१४ से पहले सरकारों का जो रवैया था, उस वजह से हवाई यात्रा, एक लग्जरी के रूप में स्थापित हो गई थी। ज्यादातर इसका लाभ समृद्ध-संपन्न लोग ही उठा पाते थे। पहले की सरकारों ने हवाई उड़ानों को केवल अमीरों के लिए सीमित किया था।‌ पहले की सरकारों ने यह सोचा ही नहीं कि, सामान्य जन भी, मध्यम वर्ग भी उतना ही एयर ट्रैवल करना चाहता है।

पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि, आजादी से लेकर २०१४ तक देश में छोटे-बड़े एयरपोर्ट मात्र ७० के आसपास बनाएं गए। इसमें भी अधिक तर केवल बड़े शहरों में ही हवाई यात्रा की व्यवस्था थी। लेकिन हमने हवाई यात्रा को आम जनता के लिए तथा देश के छोटे-छोटे शहरों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। हमने दो स्तर पर काम किया; पहला, हमने देशभर में एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार किया और दूसरा, उड़ान योजना के जरिए, सामान्य जनता को भी हवाई जहाज में उड़ने का अवसर दिया। इन प्रयासों का अभूतपूर्व परिणाम आया और पिछले ८ सालों में देश में ७२ नए एयरपोर्ट्स का निर्माण किया गया हैं, यह भाजपा की डबल इंजिन वाली सरकार की वजह से हो रहा है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सरकार की नीतियों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि, आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बन गया है। पिछले ८ सालों में भारत ने पर्यटकों के लिए ‘यात्रा सुगमता’ को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। हमने आगमन पर वीजा की सुविधा बढ़ाई है और वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया है।

मौके पर सिंधिया ने साधा विपक्ष पर निशाना

मोपा एअरपोर्ट के उद्घाटन से पहले केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि, गोवा में पहली बार एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का उद्घाटन हो रहा है। यहां नया इतिहास रचा जा रहा है कि एक शहर में दो हवाई अड्डे हो गए। पूर्व सरकारों में औसतन एक साल में एक भी हवाई अड्डे का निर्माण नहीं होता था लेकिन आज भाजपा सरकार ने ८ वर्षों में ७२ हवाई अड्डों का निर्माण किया है।

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने स्व मनोहर पर्रिकर को याद कहते हुए यह एअरपोर्ट स्व मनोहर पर्रिकर जी का सपना था जो आज पूरा हुआ है। मुझे विश्वास है कि आज इस वक्त स्वर्ग से इस लोकार्पण समारोह को देखकर हमें आर्शीवाद देते होंगे। हम इस एअरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी लाखों मीटर जमीन देनेवाले गोमंतकीयों का जन्मभर आभारी रहेंगे। इस एअरपोर्ट के माध्यम से गोवा के विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। यह तो गोवा का भाग्य है कि विश्व के सबसे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी हमारे साथ उपस्थित हैं और उनके व्दारा हमारे स्वप्नपूर्ती करनेवाले इस एअरपोर्ट का लोकार्पण संपन्न हो रहा है। इस नए एयरपोर्ट के साथ हमारा पहलेवाला दाबोलिम का एअरपोर्ट भी सेवाएं भी जारी रहेगी।

इस नए मोपा हवाईअड्डे के जरिए यात्रियों को मिलेंगी कई सुविधाएं जैसे कि मोपा एयरपोर्ट के जरिए हर साल लगभग ४० लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करने की उम्मीद है। बाद में हर वर्ष इसकी सेवाएं ३३ मिलियिन और इससे अधिक यात्रियों तक विस्तारित किया जा सकता है। लगभग २,८७० करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह एयपोर्ट कार्गो सेवाओं की भी आपूर्ति करेगा। मोपा एयरपोर्ट के जरिए परिचालन बढ़कर ३५ घरेलू और १८ अंतरराष्ट्रीय जगहों तक पहुंच जाएगा।

पहले चरण में हवाईअड्डे पर सालाना ४४ लाख यात्रियों को सुविधाएं देने की क्षमता होगी और पूरी परियोजना पूरी होने के बाद यह सुविधाएं एक साल में एक करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएंगी।
दाबोलिम हवाई अड्डे की क्षमता एक वर्ष में ८५ लाख यात्रियों को सुविधाएं देने की है, लेकिन इसमें कार्गो परिवहन की सुविधा नहीं है।‌यह सुविधा नए हवाई अड्डे पर होगी।

देगा और पर्यटन के लिए यह एक बड़ा प्रोत्साहन होगा। उत्तरी गोवा पहले से ही एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
तो इस एअरपोर्ट के निर्माणकर्ता जीएमआर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से जानकारी दी गई है, पीएम मोदी गोवा में मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रविवार को उद्घाटन करने जा रहे हैं।

मोपा गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर स्थित है। जनवरी में यहां पर दो सौ से अधिक नॉन स्टॉप उड़ानें शुरू हो जाएंगी। २,१३२ एकड़ जमीन पर फैलै हुए इस एअरपोर्ट का रन-वे ३.५किमी लंबा और ६० मीटर चौड़ा है। जो वर्तमान में विश्व के सबसे बड़े से बड़े एअरक्राफ्ट को सेवा देने में सक्षम है।‌‌इसके २ अतीजलद निकास और ६ टॅक्सी-वे तथा १४ अलग-अलग पार्किंग प्लेसेस उपलब्ध है। यहां एकसाथ १८ चेक-इन कांउटर के साथ ४ लगेज सुविधाएं हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मानदंडों पर खरी उतरती नए एयरपोर्ट की मौजूदा सुविधा राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। एविएशन स्किल डेवलपमेंट सेंटर और एक पुलिस स्टेशन के निर्माण में थ्रीडी मोनोलिथिक प्रीकास्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। एअरपोर्ट इलाकों की ओर सोलर एनर्जी निर्माण सिस्टम के साथ ग्रीन हाउस गैसों को संतुलित करने हेतु आवश्यक सुविधाएं कराई गई है।

वैसे ही तकरीबन ५ लाख पेड़ों को लगाकर और १६५ एकड़ भूमि पर बसे पेड़ों की निगरानी रखना हमारी जिम्मेदारी है। एअरपोर्ट व्दारा हररोज २ टन बायोलॉजिकल तथा ३ नॉन बायोलॉजिकल कचरे का विघटन करनी कि प्रणाली का विकास किया गया है। वर्तमान में मुंबई, दिल्ली तथा हैदराबाद हवाईअड्डे का रखरखाव जीएमआर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है।