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श्री कार्ल स्काउ ने आज सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी से की मुलाकात

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विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी उप निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी श्री कार्ल स्काउ ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात की


राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) की गतिविधियों पर चर्चा की गई

श्री कार्ल स्काउ ने खाद्य सुरक्षा को आगे बढ़ाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के कार्यकारी उप निदेशक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी श्री कार्ल स्काउ ने आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी से मुलाकात की। बैठक में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर डब्ल्यूएफपी की गतिविधियों और विकास पर चर्चा की गई।

डीए एंड एफडब्ल्यू सचिव ने विभाग में कार्यकारी उप निदेशक और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। डब्ल्यूएफपी के साथ साझेदारी के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने सरकारों के साथ डब्ल्यूएफपी के बहुमूल्य समन्वय की सराहना की।

सचिव ने भारत को वैश्विक खाद्यान्न भंडार के रूप में स्थापित करने, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के माननीय प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को भी साझा किया और विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में दक्षिण- दक्षिण सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारत के कृषि क्षेत्र में प्रमुख नवाचारों को रेखांकित किया, जिनमें फसल बीमा, डिजिटल कृषि और ट्रेसेबिलिटी आदि में प्रगति शामिल है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा बढ़ाने में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित जैव- फोर्टिफाइड फसल किस्मों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) श्री कार्ल स्काउ ने खाद्य सुरक्षा को आगे बढ़ाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि बढ़ते संघर्षों और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों के कारण वैश्विक खाद्य सुरक्षा की स्थिति लगातार बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने वैश्विक समाधानों में योगदान देने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। श्री स्काउ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत अपनी मज़बूत सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों, विविधीकरण और सुदृढ़ीकरण पहलों, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और जलवायु- अनुकूल आजीविकाओं को बढ़ावा देने देकर मूल्यवान शिक्षा और मॉडल प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि ये अनुभव ज्ञान, तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान- प्रदान के माध्यम से खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करने के अन्य देशों के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने खाद्य असुरक्षा के विरुद्ध सामूहिक लड़ाई में भारत के साथ सहयोग और साझेदारी को गहरा करने के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

बैठक में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, विदेश मंत्रालय, एनआरएम प्रभाग, डीए एंड एफडब्ल्यू, नीति आयोग और डीएमईओ के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

नूंह में गोकशी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

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नूंह (अनिल मोहनिया) : हरियाणा के नूंह जिले में गोकशी के मामलों पर कड़ी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने गांव मेवली में गौ तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में गोमांस बरामद किया है। आरोपी जंगलों में गोकशी कर गोमांस को छोटे-छोटे हिस्सों में काटकर आसपास के इलाकों में होम डिलीवरी करते थे। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से भागने में सफल रहे।

7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

आंकेड़ा थाना पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की सूचना के अनुसार, मुबीन उर्फ मुब्बी, तसलीम, वसीम, रशीद (गांव मेवली), शाकिर, पुच्ची (आंकेड़ा), और अजरूद्दीन (मालब) गोकशी का धंधा करते थे।

पुलिस ने मौके से 3 क्विंटल 20 किलो ताजा गोमांस, 2 गाय के कटे हुए सिर, 8 पैर, 2 खाल, 2 छुरियां, 1 कुल्हाड़ी, 1 इलेक्ट्रॉनिक काटा, 1 परात और 4 बाइकों को बरामद किया है।

आरोपी को जल्द किया जाएगा गिरफ्तारः पुलिस

इस मामले को लेकर सीएस स्टाफ प्रभारी राजबीर ने बताया कि आरोपी गांव की आबादी का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गए। इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें दी जा रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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Mumbai, May 26 (ANI): Vehicles wade through the waterlogged JJ Bridge flyover following heavy rainfall, in Mumbai on Monday. (ANI Photo)

 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बारिश आफत की तरह बरस रही है। भारी बारिश से जनजीवन पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही नदियां भी उफान पर हैं और खतरे के निशान के नजदीक बह रहीं हैं। वहीं यातायात भी ठप से हो गया है।

मुंबई में भारी बारिश (Mumbai Rains) के कारण ट्रैफिक और यातायात में असुविधा हो रही है। सड़कों पर गाड़ियों का लंबा जाम देखने को मिल रहा है।

शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव और यातायात जाम देखा गया। इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर सहित कई एयरलाइनों ने भारी बारिश के बीच हवाई यातायात और मुंबई की सड़कों पर यातायात की धीमी गति का हवाला देते हुए ट्रैवल एडवायजरी जारी की है।

मुंबई में येलो अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई सबअर्बन और मुंबई शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही ठाणे, पुणे और नासिक के लिए भी अलर्ट जारी किया गिया है। इसके अलावा रायगढ़, पालघर और नंदुरबार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मुंबई में सुबह से ही तेज़ बारिश हो रही है और सायन के गांधी मार्केट और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों में जलभराव देखा गया है। भारी बारिश के कारण वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी जाम लग गया, जिससे वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई।

दिल्ली में खतरे के निशान के नजदीक बह रही यमुना

दिल्ली में भी लगातार बारिश की वजह से कई इलाकों में जलजमाव की समस्या देखी जा रही है। आलम ये है कि यमुना नदी खतरे के निशान के नजदीक बह रही है।

दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार यानी 25 अगस्त 2025 को भारी बारिश (Delhi Rain) हुई है। बाबा खड़क सिंह मार्ग, आईटीओ और यमुना नदी जैसे इलाकों में भारी बारिश हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा, “आज दिल्ली में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होगी।”

गुरुग्राम के कई इलाकों में भी बारिश के कारण जलभराव हो गया।

1 सितंबर को खुल रहा है अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड का IPO 

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बाएं से दाएं – सीए योगेश जैन (बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड), भावेश पटेल (अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड), शैलेश शाह (अमंता हेल्थकेयर लिमिटेड), पारस मेहता (अमंता हेल्थकेयर लिमिटेड)।

● कुल इश्यू साइज – प्रत्येक ₹10 अंकित मूल्य वाले 1,00,00,000 इक्विटी शेयर तक

● आईपीओ साइज – ₹12,600.00 लाख (ऊपरी मूल्य सीमा पर)

● मूल्य सीमा – प्रति शेयर ₹120 से ₹126

● लॉट साइज – 119 इक्विटी शेयर

मुंबई। अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड, एक फार्मास्यूटिकल कंपनी जो स्टेराइल लिक्विड उत्पादों के विकास, निर्माण और विपणन में संलग्न है, जिसमें बड़े और छोटे वॉल्यूम पैरेंटेरल्स (LVPs और SVPs) शामिल हैं, अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) 1 सितंबर, 2025 को खोलने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य ₹12,600.00 लाख (ऊपरी मूल्य बैंड पर) जुटाना है, और इसके शेयर NSE और BSE प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किए जाएंगे।

इश्यू का आकार प्रत्येक ₹10 अंकित मूल्य वाले 1,00,00,000 इक्विटी शेयरों तक है, जिनकी प्रति शेयर कीमत ₹120 से ₹126 के बीच होगी।

इक्विटी शेयर आवंटन

• योग्य संस्थागत खरीदार – 50,00,000 इक्विटी शेयरों से अधिक नहीं

• गैर-संस्थागत निवेशक – कम से कम 15,00,000 इक्विटी शेयर

• व्यक्तिगत निवेशक – कम से कम 35,00,000 इक्विटी शेयर

आईपीओ से प्राप्त निवल धनराशि का उपयोग हरियाला, खेड़ा, गुजरात में स्टेरीपोर्ट की नई विनिर्माण लाइन स्थापित करने के लिए नागरिक निर्माण कार्य की पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं को पूरा करने और उपकरण, संयंत्र और मशीनरी की खरीद के लिए किया जाएगा। साथ ही, हरियाला, खेड़ा, गुजरात में SVP की नई विनिर्माण लाइन स्थापित करने के लिए नागरिक निर्माण कार्य की पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं, उपकरण, संयंत्र और मशीनरी की खरीद तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। ऐंकर हिस्सा शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को खुलेगा और इश्यू बुधवार, 03 सितंबर 2025 को बंद होगा।

इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड है, और रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) है।

भावेश पटेल (अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड) ने कहा, “हमारी कंपनी ने थेराप्यूटिक सेगमेंट्स और मेडिकल डिवाइसेस में स्टेराइल लिक्विड उत्पादों की व्यापक श्रृंखला विकसित करके और सप्लाई करके वृद्धि की है। हमने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति स्थापित की है। यह आईपीओ हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हमें हरियाला स्थित हमारी सुविधा में नई स्टेरीपोर्ट और SVP लाइनों के साथ हमारी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने का अवसर मिलेगा, जो हमारी क्षमता को मजबूत करेगा और हमें भविष्य की योजनाओं के लिए समर्थन देगा।”

अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में :-

अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड, एक फार्मास्यूटिकल कंपनी जो स्टेराइल लिक्विड उत्पादों के विकास, निर्माण और विपणन में संलग्न है, जिसमें बड़े और छोटे वॉल्यूम पैरेंटेरल्स (LVPs और SVPs) शामिल हैं, जो एसेप्टिक ब्लो-फिल-सील (एबीएफएस) और इंजेक्शन स्ट्रेच ब्लो मोल्डिंग (आयएसबीएम) तकनीकों का उपयोग करके बनाए जाते हैं। कंपनी छह चिकित्सीय क्षेत्रों को सेवा प्रदान करती है, जिनमें फ्लूड थेरेपी (IV फ्लूड), फॉर्मूलेशन्स, डायल्यूएंट्स, नेत्र चिकित्सा, श्वसन देखभाल और इरिगेशन सॉल्यूशंस शामिल हैं।

कंपनी सिंचाई सॉल्यूशंस, प्राथमिक चिकित्सा उत्पादों और आँखों के लिए लुब्रिकेंट जैसी मेडिकल डिवाइसेज का भी निर्माण करती है। हमारे पैकेजिंग में 2 मिलीलीटर से लेकर 1000 मिलीलीटर तक के कंटेनर वॉल्यूम और विभिन्न प्रकार की क्लोजर सिस्टम शामिल हैं।

अमांता का नेतृत्व अनुभवी प्रबंधन द्वारा किया जाता है, जिसमें भावेश पटेल शामिल हैं जो कंपनी के प्रमोटर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वह एक मेकेनिकल इंजीनियर हैं और प्रबंधन में मास्टर डिग्री धारक हैं, साथ ही उनके पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

वित्तीय वर्ष 2025 में, कंपनी ने ₹ 27,470.82 लाख का राजस्व, ₹ 6,105.37 लाख का EBITDA और ₹ 1,050.07 लाख का शुद्ध लाभ (PAT) हासिल किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पहली बार बोले शाह

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नई दिल्ली। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी है। उन्होंने जगदीप धनखड़ को लेकर कई आलोचनाओं का जवाब भी दिया। शाह ने कहा कि जगदीप धनखड़ संवैधानिक पद पर थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अच्छा काम किया।

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जहां तक जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की बात है, उन्होंने निजी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।

 गृह मंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने की अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। साक्षात्कार के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जगदीप धनखड़ जी संवैधानिक पद पर बैठे थे और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान संविधान के अनुसार बेहतर काम किया।

गृह मंत्री ने कहा कि जगदीप धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया। इसको ज्यादा खींचकर किसी दिशा में देखने की आवश्यकता नहीं है।

शाह ने विपक्ष को दी नसीहत

वहीं, जब कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा धनखड़ के नजरबंद होने के दावे के बारे में अमित शाह से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सच और झूठ की व्याख्या केवल विपक्ष के बयानों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि ऐसा लगता है कि सच और झूठ की आपकी व्याख्या विपक्ष की बातों पर आधारित है। हमें इस सब पर ज्यदा हंगामा नहीं करना चाहिए। धनखड़ एक संवैधानिक पद पर थे और उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस मुद्दे पर ज्यादा विचार-विमर्श नहीं करना चाहिए।

विपक्ष के दावे को गृहमंत्री ने किया खारिज

गौरतलब है कि अमित शाह की यह टिप्पणी टिप्पणी विपक्षी नेताओं द्वारा अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाने के बाद आई है। विपक्षी नेताओं ने दावा करते हुए कहा था कि सरकार ने धनखड़ को चुप करा दिया है। हाल के दिनों में ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के साथ-साथ उन्हें चुप कराने की भी बात कही गई है।

सहारनपुर में गोवंश काटने के आरोप में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार किया

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सहानरपुर में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक घर के अंदर कथित तौर पर गोवंश काटने के मामले का खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने मां और बेटी को तो अरेस्ट कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी शख्स अंधेरे का फायदा उठा कर भागने में कामयाब हो गया. वैसे पुलिस उसको भई अरेस्ट करने के लिए दबिश दे रही है. ये मामला जनकपुरी पुलिस स्टेशन के दजपुरा गांव का है. मौके से कथित तौर पर गोवंश का मांस और हत्या में इस्तेमाल किया गया औजार भी पुलिस को मिला है. आइए आपको विस्तार से इस मामले की जानकारी देते हैं.

प्रधानमंत्री 25-26 अगस्त को गुजरात का दौरा करेंगे

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प्रधानमंत्री अहमदाबाद में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे


परियोजनाएं कई क्षेत्रों की आवश्‍यकताओं को पूरा करती हैं: शहरी विकास, ऊर्जा, सड़क और रेलवे

मेक इन इंडिया की सफलता के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, प्रधानमंत्री हंसलपुर में 100 से अधिक देशों में निर्यात के लिए सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन “ई विटारा” को हरी झंडी दिखाएंगे

प्रधानमंत्री टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे – यह हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25-26 अगस्त को गुजरात का दौरा करेंगे। वे 25 अगस्त को शाम लगभग 6 बजे अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में 5,400 करोड़ रुपये की लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

26 अगस्त को सुबह लगभग 10:30 बजे, प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे और 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे। इस अवसर पर वे उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 65 किलोमीटर महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 37 किलोमीटर कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन और 40 किलोमीटर बेचराजी-रानुज रेल लाइन का गेज परिवर्तन शामिल है। इस ब्रॉड-गेज क्षमता के बढ़ने से, ये परियोजनाएं इस क्षेत्र में सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी। इससे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा काफी आसान हो जाएगी। इसके अलावा, कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा। बेचराजी से कार-लोडेड मालगाड़ी सेवा से राज्य के औद्योगिक केंद्रों में संपर्क बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और रोजगार के अवसर उत्‍पन्‍न होंगे।

कनेक्टिविटी में सुधार, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क के चौड़ीकरण का उद्घाटन करेंगे। वे अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर छह लेन वाले वाहन अंडरपास और अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। इन पहलों से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन दक्षता में सुधार होगा और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।

राज्य में विद्युत क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) के अंतर्गत अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में विद्युत वितरण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत घाटे को कम करना, नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएं प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली की आपूर्ति में रुकावटों और बिजली कटौती को कम करेंगी, जन सुरक्षा, ट्रांसफार्मर की सुरक्षा और बिजली आपूर्ति नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार लाएंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के स्‍व-स्‍थाने स्लम पुनर्वास घटक के अंतर्गत रामापीर ने टेकरो के सेक्टर-3 में स्लम विकास परियोजना का उद्घाटन करेंगे। वे अहमदाबाद के आसपास सरदार पटेल रिंग रोड पर यातायात सुगम बनाने और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए की जा रही प्रमुख सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। वे जल एवं सीवरेज प्रबंधन प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण को मज़बूत करने के लिए, प्रधानमंत्री गुजरात में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें अहमदाबाद पश्चिम में एक नए स्टाम्प एवं पंजीकरण भवन का निर्माण शामिल है। इसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार लाना है। इसके अलावा, गांधीनगर में एक राज्य-स्तरीय डेटा संग्रहण केंद्र की स्थापना भी शामिल है जिसका उद्देश्य पूरे गुजरात में सुरक्षित डेटा प्रबंधन और डिजिटल शासन क्षमताओं को बढ़ाना है।

26 अगस्त को, प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर प्लांट में दो ऐतिहासिक विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। ये ऐतिहासिक पहल भारत के हरित परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने को दर्शाती है और साथ ही मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी आगे बढ़ाती है।

मेक इन इंडिया की सफलता के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, प्रधानमंत्री सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) “ई विटारा” का उद्घाटन करेंगे और हरी झंडी दिखाएंगे। भारत में निर्मित इन बीईवी का निर्यात यूरोप और जापान जैसे उन्नत बाजारों सहित सौ से अधिक देशों में किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ, भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री गुजरात स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन की शुरुआत के साथ भारत के बैटरी इकोसिस्टम के अगले चरण का भी उद्घाटन करेंगे। तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम, यह संयंत्र घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देगा। इससे अब अस्सी प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

दो दिवसीय अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन का शुभारंभ

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल जी के केन्द्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन का शुभारंभ किया


भारतीय विचारों के आधार पर लोकतांत्रिक ढंग से देश को चलाने की नींव डालने का कार्य विट्ठलभाई पटेल जी ने किया

विट्ठलभाई पटेल ने कई परम्पराएं स्थापित कीं, जो आज विधायी कार्यों और सभापति के दायित्वों के लिए मार्गदर्शन दे रहीं हैं

विचार मंथन ही लोकतंत्र में जनता की समस्याओं के निवारण का सर्वश्रेठ माध्यम है

सदनों में वाद-विवाद चर्चा के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन अपने राजनैतिक हितों के लिए संसद और विधानसभाओं को चलने न देना, वाद-विवाद नहीं होता

विरोध के नाम पर पूरे-पूरे सत्र में सदन को चलने न देने की जो परंपरा बन रही है, उस पर देश की जनता और चुने हुए प्रतिनिधियों को विचार करना चाहिए

जब सदन से चर्चा समाप्त हो जाती है, तो सदन का देश के विकास में योगदान बहुत कम रह जाता है

लोकतंत्र तभी फलता-फूलता है जब विधानसभाएँ विवेक, विचार और विधान के मूल मंत्र पर चलती हैं

दलगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित का विचार ही लोकतंत्र की सर्वोच्च गरिमामयी ऊँचाई तक पहुँचाने का एकमात्र मार्ग है

यदि संसद और विधानसभाओं के गलियारों में वाद-विवाद नहीं होगा, तो वे केवल एक निर्जीव भवन बनकर रह जाएंगे

गृह मंत्री ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष से इस ऐतिहासिक सदन में सभी महानुभावों द्वारा दिए गए भाषणों का संकलन देश की सभी विधानसभाओं के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने का आग्रह किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल जी के केन्द्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता, केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू, दिल्ली के उप-राज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस सम्मेलन में राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधान परिषदों के सभापति एवं उपसभापति हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली विधानसभा परिसर में विट्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज ही के दिन देश के विधायी इतिहास की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन महान स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल को केन्द्रीय विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया था, जिससे भारतीयों द्वारा हमारे विधायी इतिहास की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि इस सदन में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कई गणमान्य और वरिष्ठ नेताओं ने विधायक के रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। महामना मदन मोहन मालवीय जी करीब 20 वर्षों तक इस सदन के सदस्य रहे। श्री शाह ने कहा कि महात्मा गांधी के गुरु गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय और देशबंधु चितरंजन दास जैसे अनेक महान विभूतियों ने अपने प्रभावशाली वक्तव्यों के माध्यम से इस सदन में देश की जनता की स्वतंत्रता की उत्कंठा और आजादी के प्रति उनकी आकांक्षा को शब्दों में व्यक्त कर देश के सामने प्रस्तुत किया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे इस सदन में सभी महानुभावों द्वारा दिए गए भाषणों का संकलन देश की सभी विधानसभाओं के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराएं ताकि आज के युवा और विधायक जान सकें कि दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता की भावना जगाने का कार्य किस प्रकार हुआ। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने विट्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित एक सुंदर प्रदर्शनी आयोजित की है। उन्होंने अनुरोध किया कि इसी प्रकार की प्रदर्शनी सभी विधानसभाओं में लगाई जाए, ताकि न केवल विट्ठलभाई के जीवन और उनके कार्यों बल्कि स्वतंत्रता के इतिहास के बारे में भी देश के सभी विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों और युवाओं को जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने सदनों की लाइब्रेरी को समृद्ध करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि विट्ठलभाई पटेल ने भारत की विधायी परंपराओं की नींव रखकर आज के लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि भारतीय विचारों के आधार पर लोकतांत्रिक ढंग से देश को चलाने की नींव डालने का कार्य यदि किसी ने किया, तो वह निस्संदेह वीर विट्ठलभाई पटेल थे। विट्ठलभाई पटेल ने कई परंपराओं को स्थापित करने का कार्य किया, जो आज हम सभी के लिए, विशेषकर विधायी कार्यों और सभापति के दायित्वों के लिए, ज्योतिर्मय दीपक की तरह मार्गदर्शन कर रही हैं। श्री शाह ने कहा कि विट्ठलभाई पटेल के सामने कई बार परीक्षा की घड़ी आई, परंतु प्रत्येक परीक्षा में वे शत-प्रतिशत उत्तीर्ण हुए। उन्होंने न तो विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा को कम होने दिया, न ही इस सदन को देश की आवाज दबाने से रोका, और न ही अंग्रेजों की तत्कालीन मानसिकता को विधानसभा के कार्यों पर हावी होने दिया।

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श्री अमित शाह ने कहा कि विट्ठलभाई के कार्यकाल में ही केन्द्र सरकार और सभी राज्यों में विधायी विभाग तथा विधानसभा सचिवालय की स्थापना हुई। उन्होंने कहा कि उस समय विट्ठलभाई द्वारा की गई यह टिप्पणी बहुत महत्वपूर्ण थी कि कोई भी विधानसभा चुनी हुई सरकारों के अधीन काम नहीं कर सकती। विधानसभा को स्वतंत्र होना चाहिए, तभी विधानसभाओं में होने वाली बहस की सार्थकता बनी रहेगी।श्री शाह ने कहा कि विट्ठलभाई पटेल ने स्वतंत्र विधानसभा विभाग की स्थापना का जो निर्णय लिया, उसे हमारी संविधान सभा ने भी स्वीकार किया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय विधायी कार्यप्रणाली के भीष्म पितामह विट्ठलभाई पटेल के अध्यक्ष बनने के 100वें वर्ष के अवसर पर हम सभी के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि हम अपनी-अपनी विधानसभाओं में सभापति के पद की गरिमा को बढ़ाने के लिए कार्य करें।उन्होंने कहा कि हम अपने-अपने राज्यों की जनता की आवाज के लिए एक निष्पक्ष मंच स्थापित करें। पक्ष और विपक्ष द्वारा निष्पक्ष बहस सुनिश्चित करें, और यह सुनिश्चित करें कि सदन की कार्यवाही विधानसभा, लोकसभा, और राज्यसभा के नियमों के अनुसार संचालित हो। श्री शाह ने कहा कि विचार-मंथन ही लोकतंत्र में जनता की समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम है। जब-जब सभाओं ने अपनी गरिमा खोई है, तब-तब हमें बहुत बुरे परिणाम भुगतने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सभाओं की गरिमा यह होनी चाहिए कि वे देशहित में जनता की आवाज को अभिव्यक्ति देने का माध्यम बनें।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत में सभापति को एक संस्था का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सदन में सबसे कठिन भूमिका यदि किसी की होती है, तो वह सभापति की होती है, क्योंकि वे किसी न किसी दल से चुनकर आते हैं, लेकिन सभापति की शपथ लेते ही एक निष्पक्ष अंपायर की भूमिका में आ जाते हैं। श्री शाह ने कहा कि हमारे संविधान के 75 वर्षों में, देश भर की विधानसभाओं और लोकसभा में सभापतियों ने हमेशा सदन की गरिमा को बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता और न्याय ही दो ऐसे स्तंभ हैं जिन पर अध्यक्ष की गरिमा टिकी हुई है। एक प्रकार से अध्यक्ष को सदन का अभिभावक और सेवक दोनों माना जाता है। उन्होंने कहा कि हमने लगभग 80 वर्षों में लोकतंत्र की नींव को पाताल तक गहरा करने का कार्य किया है। हमने यह सिद्ध किया है कि भारतीय जनता की रग-रग और स्वभाव में लोकतंत्र बसा हुआ है। उन्होंने कहा कि कई देशों की शुरुआत लोकतांत्रिक रूप में हुई, लेकिन कुछ ही दशकों में वहाँ लोकतंत्र की जगह विभिन्न प्रकार के शासन प्रणालियों ने ले ली।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भारत की सत्ता में कई परिवर्तन हुए, और बिना खून की एक बूंद बहे शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण हुए। इसका मूल कारण यह है कि हमने अपनी विधायी प्रक्रिया को बहुत अच्छे तरीके से संजोकर रखा है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी व्यवस्था में समय के अनुकूल परिवर्तन भी किए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि विधानसभाओं में किसान की हरी-भरी फसल से लेकर युवाओं के स्वप्नों तक, महिला सशक्तिकरण से लेकर समाज के प्रत्येक पिछड़े वर्ग के कल्याण तक, देश की एकता और अखंडता से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक के हर विषय पर व्यापक चर्चाएँ होती हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही विवेक, विचार और विधान पर विशेष बल देना पड़ता है। विवेक से विचार बनता है और विचारों से विधान बनता है, जो विधानसभा का मुख्य कार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। इसका लक्ष्य अपने प्रदेश और देश को सुचारु रूप से चलाना है, और इसका अंतिम ध्येय सर्वस्पर्शी व सर्वसमावेशी विकास का मॉडल होना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि जब विवेक, विचार और विधान का सभापति द्वारा पूर्ण सम्मान किया जाता है, तो विधानसभाएँ दलगत हितों से ऊपर उठकर प्रदेश और देश के हितों पर विचार करती हैं, और लोकसभा देश के हितों पर विचार करती है। उन्होंने कहा कि दलगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित का विचार ही हमें लोकतंत्र की सर्वोच्च गरिमामयी ऊँचाई तक पहुँचाने का एकमात्र मार्ग है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यदि संसद और विधानसभाओं के गलियारों में सार्थक वाद-विवाद नहीं होगा, तो वे केवल निर्जीव भवन बनकर रह जाएँगे। उन्होंने कहा कि इन भवनों में भावनाओं और विचारों का निरूपण करने का कार्य सभापति के नेतृत्व में सभी सदन के सदस्यों का है। तभी यह एक जीवंत इकाई बनती है, जो देशहित और प्रदेशहित में कार्य करती है। श्री शाह ने कहा कि अपने राजनीतिक हितों के लिए संसद और विधानसभाओं को चलने न देना, यह वाद-विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध संयमित होना चाहिए। प्रतीकात्मक विरोध का अपना स्थान है, लेकिन विरोध के बहाने दिन-प्रतिदिन और पूरे सत्र तक सदन को चलने न देने की जो परंपराएँ बन रही हैं उन पर देश की जनता और चुने हुए प्रतिनिधियों को विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि जब सदन से चर्चा समाप्त हो जाती है, तो सदन का देश के विकास में योगदान बहुत कम रह जाता है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि प्रत्येक विधान यानी कानून जनमानस के विश्वास से ही उत्पन्न हो और उसी दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि सदन लोकतंत्र का इंजन होता है, और जब यहाँ स्वस्थ परंपराएँ बनती हैं, देश की नीतियाँ निर्मित होती हैं, और देशहित में कानून गढ़े जाते हैं, तो राष्ट्र की दिशा स्वतः स्पष्ट हो जाती है।

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अक्षय कुमार की थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ की शूटिंग शुरू

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भारतीय फिल्म जगत के चर्चित निर्देशक प्रियदर्शन इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘हैवान’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म को केवीएन प्रोडक्शंस और थेस्पियन फिल्म्स साथ मिलकर बना रहे हैं और इसे वेंकट के नारायण और शैलजा देसाई फेन ने साथ में प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म की खास बात यह है कि इस फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान 18 साल बाद एक साथ नजर आएंगे।विदित हो कि 90 के दशक में ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ और ‘आरजू’ जैसी फिल्मों में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी नजर आई थी। हालांकि, आखिरी बार दोनों को साथ में फिल्म ‘टशन’ (2008) में देखा गया था।
2016 की मलयालम थ्रिलर ‘ओप्पम’ के हिंदी रूपांतरण
‘हैवान’ एक हाई-ऑक्टेन थ्रिलर फिल्म है। इसकी शूटिंग केरल के कोच्चि में शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में फिल्म की शूटिंग ऊटी और मुंबई में भी की जाएगी। कहा जा रहा है कि फिल्म अगले साल रिलीज हो सकती है। बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार कहे जाने वाले अक्षय उर्फ अक्की इन दिनों ‘जॉली एलएलबी 3’ को लेकर चर्चा में हैं, उनके फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ये 19 सितंबर को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा अक्षय की पाइपलाइन में ‘भूल बंगला’ और ‘हेरा फेरी 3’ भी शामिल हैं। इन दोनों ही फिल्मों को भी प्रियदर्शन ही डायरेक्ट कर रहे हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक ५ सितंबर से जोधपुर में

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दिनांक – 24 अगस्त, 2025 इस वर्ष अखिल भारतीय समन्वय बैठक विक्रम संवत् 2082, भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी, चतुर्दशी व पूर्णिमा अर्थात् दिनांक 05, 06 एवं 07 सितम्बर 2025 को राजस्थान के जोधपुर शहर में आयोजित हो रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय यह अखिल भारतीय बैठक प्रतिवर्ष आयोजित होती है। गत वर्ष यह बैठक सितंबर 2024 में पालक्काड (केरल) में संपन्न हुई थी। इस अखिल भारतीय समन्वय बैठक में संघ प्रेरित 32 विविध संगठनों के चयनित पदाधिकारी सहभागी होते हैं। यह सभी संगठन संघ विचारों के अनुरूप समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक रूप से कार्यरत हैं। सार्वजनिक जीवन में लोकतांत्रिक पद्धति से सामाजिक परिवर्तन एवं व्यवस्थाओं में सुधार हेतु निरंतर प्रयासरत रहते हैं।

बैठक में सभी संगठन कार्य क्षेत्र में अपने अनुभवों के आधार पर परिस्थितियों का आकलन प्रस्तुत करते हैं। राष्ट्रीय एकात्मता, सुरक्षा एवं सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण विषयों पर बैठक में व्यापक चर्चा तथा करणीय कार्यों में परस्पर समन्वय स्थापित करने के लिए आवश्यक कदमों की पहल होती है। हाल ही में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं पर सामूहिक समीक्षात्मक विश्लेषण भी किया जाएगा।

बैठक में विविध संगठन के कार्यकर्ता अपने कार्य की जानकारी, उपलब्धियों तथा आगामी योजनाओं को भी प्रस्तुत करेंगे। संघ शताब्दी के कार्यक्रमों में सभी संगठनों की सहभागिता पर भी विचार-विमर्श अपेक्षित है।

बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी सहित सभी छह सह सरकार्यवाह और अन्य प्रमुख पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में राष्ट्र सेविका समिति, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय किसान संघ, विद्या भारती, भारतीय मजदूर संघ सहित 32 संघ प्रेरित विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन मंत्री एवं प्रमुख पदाधिकारी सहभागी होंगे।