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 ‘अटैक ऑफ 26/11’ में आतंकी की भूमिका निभाने वाले संजीव जायसवाल अब क्यों नहीं करना चाहते आतंकवादी का रोल?

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मुम्बई। 26/11 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले की घटना पर आधारित रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘अटैक ऑफ 26/11’ काफी चर्चित सिनेमा था जिसमें नाना पाटेकर के अभिनय की प्रशंसा हुई थी वहीं आतंकी कसाब की भूमिका निभाने वाले संजीव जायसवाल भी प्रभावित करने में कामयाब रहे थे। लेकिन इस वर्सटाइल ऎक्टर के साथ दुविधा यह है कि निर्माता निर्देशक उन्हें खूंखार आतंकवादी के चरित्र ही ऑफर करते हैं और वह खुद को सिर्फ इसी एक इमेज में कैद नहीं करना चाहते। संजीव जायसवाल को कई बार टेररिस्ट के रोल को स्वीकार करने से इनकार करना पड़ा।

संजीव जयसवाल इस इनकार की वजह बताते हुए कहते हैं “रामगोपाल वर्मा की उस फिल्म में मैंने आतंकवादी कसाब का रोल किया था, उस किरदार को निभाने के लिए मुझे शारीरिक से ज्यादा मानसिक रूप से तैयारी करनी पड़ी थी, उस कैरेक्टर से निकलने में मुझे महीनों लगे थे और अब मैं वापस किसी आतंकवादी की भूमिका निभाकर उसी मानसिक परिस्थिति से गुजरना नही चाहता, जिससे बाहर निकलने में भी मुझे काफी समय लगा था। यही वजह है कि अब मेरे पास आतंकवादी का किरदार निभाने का ऑफर आता है तो मैं मना कर देता हूँ। कसाब जैसा किरदार अदा करने के लिए मेरे पास और भी कई फोन आए मैंने मना कर दिया।”

उनका कहना है कि वह खलनायक का रोल करने को तैयार हैं मगर टेररिस्ट की भूमिका नहीं करनी। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के साथ अभिनय करने के बारे में संजीव जयसवाल याद करते हुए कहते हैं “नाना जी के साथ स्क्रीन शेयर करना ही अपने आप मे बड़ा अचीवमेंट है। उस फ़िल्म में नाना पाटेकर के साथ मेरा पहला सीन पूछताछ का एक दृश्य था। वह चार पांच पेज की स्क्रिप्ट थी, मुझे बोलना था, उनका केवल रिएक्शन था। नाना पाटेकर के बारे में कई लोगों ने मुझसे कहा था कि वह बहुत गुस्सा करने वाले अभिनेता हैं। मैं बहुत डरा और घबराया हुआ था कि इतने लंबे डायलॉग को अगर मैं सही से नहीं बोल पाया तो नाना मेरी खिंचाई कर देंगे। लेकिन खैर दूसरे टेक में वह सीन ओके हो गया। बाद में वह मुझे मिले तो मेरी हौसला अफजाई की। उनके साथ 5-6 दिन मैंने शूट किया और कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई।”

रामगोपाल वर्मा जैसे मंझे हुए निर्देशक के साथ काम करने के अनुभव के बारे में संजीव जयसवाल ने बताया कि अटैक ऑफ 26/11 फ़िल्म के बनने के दौरान लगभग एक साल तक मैं रामगोपाल वर्मा के सम्पर्क में रहा। रामु जी एक जीनियस डायरेक्टर हैं, वह हमेशा सोचते रहते हैं। स्टोरी, कैरेक्टर, नेक्स्ट सीन के बारे में कुछ न कुछ उनके मन मस्तिष्क में चलता रहता है। वह ज्यादा बात नहीं करते मगर जो भी बोलते हैं दिल से कहते हैं। उन्हें अच्छी तरह पता होता है कि अदाकारों से कैसे काम निकलवाना है।”

2019 में साउथ में उनकी एक फ़िल्म देवकी रिलीज हुई थी।
उसका हिंदी रीमेक जल्द बनने जा रहा है जिसमें वह निगेटिव रोल प्ले कर सकते हैं। उनकी एक हिंदी फिल्म “कोर्ट कचहरी” अप्रैल में आ रही है जिसमें वह हीरो हैंं जिसमें राजेश शर्मा और बृजेन्द्र काला भी है और प्रकाश झा के एसोसिएट डायरेक्टर रजनीश जी ने इस फ़िल्म को डायरेक्ट किया है।

संजीव कहते हैं “यह एक बिल्कुल सकारात्मक भूमिका है। मेरा दावा है कि जब थिएटर से यह फ़िल्म देखकर पब्लिक निकलेगी तो मेरे किरदार से भावनात्मक रूप से जुड़ जाएगी और कई दिनों तक वह किरदार उसे याद रहेगा। अटैक ऑफ 26/11 में कसाब की भूमिका करने के बाद लोगों को मेरे किरदार से नफरत हो गई थी, वह आज भी मुझसे घृणा करते हैं। लेकिन अब लगता है कि इस नई फिल्म से मेरे प्रति जो नफरत है वह खत्म हो जाएगी। इस फ़िल्म में हीरोइन के साथ मैं रोमांस करते भी नजर आऊँगा।”

ध्रुवा सरजा की एक्शन एंटरटेनर फिल्म ‘मार्टिन’ का टीजर बेंगलुरु में हुआ लॉन्च

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मुम्बई। ‘मार्टिन’ के साथ एक हाई-ऑक्टेन, एक्शन एंटरटेनर फिल्म दर्शकों के मनोरंजन के लिए तैयार है। ए पी अर्जुन द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एक्शन राजकुमार ध्रुव सरजा नज़र आयेंगे।
वासवी एंटरप्राइजेज बैनर के तहत उदय के मेहता द्वारा निर्मित, भारत की सबसे बड़ी एक्शन फिल्म की घोषणा बेंगलुरु के एक भव्य कार्यक्रम में टीज़र लॉन्च के साथ की गई।
इस कार्यक्रम में ध्रुव सरजा, अर्जुन सरजा, वैभवी शांडलिया, अन्वेश जैन, उदय मेहता और एपी अर्जुन उपस्थित थे।
फर्स्ट लुक दिखाने के अलावा, मार्टिन की टीम ने मीडिया के साथ लंबी बातचीत की, और इस बातचीत के बाद उनके साथ जश्न भी मनाया गया।
ध्रुवा सरजा ने एपी अर्जुन की फिल्म अधूरी से डेब्यू किया था, और मार्टिन उनके पुनर्विलन को चिन्हित करता है।
इस हाई ऑक्टन एक्शन को रवि वर्मा और राम लक्ष्मण द्वारा कोरियोग्राफ किया गया है। इस फिल्म का म्यूजिक मनी शर्मा द्वारा कम्पोज किया जाएगा और सत्या हेगड़े सिनेमेटोग्राफी करेंगे।
उदय के मेहता प्रोडक्शन, एपी अर्जुन द्वारा निर्देशित और ध्रुव सरजा, वैभवी शांडिल्य, अन्वेशी जैन अभिनीत बहुभाषी एक्शन गाथा मार्टिन कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम और हिंदी में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

– संतोष साहू

महेश भट्ट के पसंदीदा संगीतकारों की लिस्ट में शामिल हैं जीत भादुड़ी

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मुम्बई। संगीतकार जीत भादुड़ी संगीत की दुनिया में कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संगीत को ही अपनी दुनिया बना रखा है। वैसे तो उन्होंने कई गायकों और संगीतकारों के साथ काम किया है। उनका नया गीत ‘क्यूँ आज कल’ आने वाला है जिसे नई सिंगर सुदक्षिणा दीक्षित ने गाया है। इस गीत को लेकर जीत बहुत उत्साहित है। इस गीत के धुन श्रोताओं को नब्बे के दशक के गीतों की याद दिलाएंगे मगर इसको आधुनिक सांचे में डालकर पिरोया गया है। इस गीत के म्यूजिक कंपोजर जीत भादुड़ी है एवं इस गाने के लेखक और प्रोग्रामर प्रितेश पांडे हैं।
जीत ने संगीत की बारीकियां अपने अनुभव से सीखी है। जीत भादुड़ी को संगीत में पारंगत बनाने और संगीत के प्रति उनका रुझान लाने का श्रेय संगीतकार प्रीतम का है। श्री प्रीतम बांग्ला के प्रसिद्ध संगीतकार हैं। जीत और श्री प्रीतम ने साथ में मिलकर कई म्यूजिक कंपोज किये हैं। जिसे संगीत के क्षेत्र में श्रीप्रीतम जीत के नाम से जाना जाता है। म्यूजिक एलबम ‘खुशनुमा’, ‘ओ यार तुझसे जिंदगी’, ‘जय जय गणेश देवा’, ‘तेरे लिए’ और ‘आंखों में तुम’ के श्रीप्रीतम जीत ही म्यूजिक कंपोजर हैं। इन गीतों के लेखक एस राज भारती हैं। कोलकाता में रहने वाले नीलाभ ठाकुर ने भी इनकी काफी सहायता की और इन्हें संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। फिल्म जगत के कई प्रसिद्ध गायकों ने इनके बनाये गीतों में आवाज दी है साथ ही साथ जीत नए गायकों को मौका देते हैं। संगीत के साथ इनका विशेष जुड़ाव है। इन्हें गाने सुनना सुखद लगता है और वे हर प्रकार का संगीत सुनते हैं साथ ही उससे प्रेरणा भी लेते हैं। इनके पसंदीदा संगीतकार आर डी बर्मन, एस डी बर्मन, बप्पी लहरी, विशाल शेखर जैसे संगीतकार हैं। संगीत की तरह इन्हें प्रकृति से भी अगाध प्रेम है। खेल में भी रुचि रखते हैं और अभिनेता सलमान खान के बहुत बड़े प्रशंसक है।
‘जय माँ दुर्गा’ गीत का म्यूजिक जीत भादुडी ने कंपोज किया है और महेश भट्ट जैसे दिग्गज निर्देशक के पसंदीदा संगीतकारों की लिस्ट में जीत का भी नाम है। जल्द ही रवि रावन कथूरिया द्वारा निर्मित गीत में संगीत जीत भादुडी का होगा। अभिनेता शरद कपूर भी जीत के हितैषी है। जीत का कहना है कि हमें जीवन में सदा सीखते रहना चाहिए कभी हार नहीं माननी चाहिए। यदि कुछ समझ ना आये तो अपने हितैषी की सलाह माननी चाहिए। अपने कार्य को लगन और मेहनत से करोगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। इसके साथ साथ हमें अपने काम में नयापन लाना भी जरूरी है समय और माहौल के अनुसार अपने काम में निखार लाना आवश्यक है।

कांग्रेस की नीति वोट पाओ, भूल जाओ : नागालैंड में कांग्रेस पर बरसे पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार) चुनावी राज्य नगालैंड और मेघालय के दौरे पर हैं। पीएम सबसे पहले नगालैेंड के दीमापुर पहुंचे, जहां उन्होंने रैली को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने नगालैंड की सरकार को रिमोट कंट्रोल से चलाया…दिल्ली से लेकर दिमापुर तक इन्होंने परिवारवाद को ही प्राथमिकता दे रखी थी, लेकिन हमारी सरकार ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट के लिए दिल्ली की सरकार की सोच को ही बदल दिया है। कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को एटीएम माना हुआ था… सरकार का पैसा जनता तक नहीं, बल्कि करप्ट पार्टियों की तिजोरी में पहुंचता था। लेकिन हम पूर्वोत्तर क आठ राज्यों को कांग्रेस की तरह एटीएम नहीं बल्कि ‘अष्ट लक्ष्मी’ मानते हैं।

‘पूर्वोत्तर को बांटने की राजनीति को हमने बदला’
पीएम ने कहा कि हमारा यह प्रयास है कि दिल कि दूरियां भी मिटें और दिल्ली से भी दूरी कम हो। बीते 9 वर्षों में मैं खुद दर्जनों बार यहां आया हूं। नगालैंड को पहली महिला राज्यसभा सांसद देने का अवसर भी एनडीए को मिला है। मोदी ने कहा कि अपने लोगों पर अविश्वास करके देश नहीं चलता… देश चलता है अपने लोगों का सम्मान करके, उनकी समस्याओं का समाधान करके। पहले जहां नॉर्थ-ईस्ट में बांटने की राजनीति चलती थी उसको हमने बदला है।

‘क्षेत्र और धर्म को देख भेदभाव नहीं करते हम’
एनडीए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर आगे बढ़ रही है। हम गरीबों, आदिवासियों और महिलाओं के विकास पर बहुत अधिक फोकस कर रहे हैं और इसीलिए हमारी हर योजना में इन वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में ही नागालैंड के साढ़े तीन लाख से अधिक परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया है और इसका सबसे अधिक लाभ हमारी आदिवासी महिलाओं को हुआ है।  हम न क्षेत्र को देख भेदभाव करते हैं और न ही धर्म को देख भेदभाव करते हैं।

मेघालय में भी पीएम के कार्यक्रम

नगालैंड के बाद पीएम मेघालय भी जाएंगे, जहां शिलॉन्ग में एक रोड शो का आयोजन होगा। प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर दोनों ही राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में शिलांग में एक रोड शो में भाग लेंगे। साथ ही वह पश्चिमी मेघालय के तुरा में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे।

भाजपा मेघालय के अध्यक्ष अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि प्रधानमंत्री सुबह 11 बजे राज्य के तीन स्वतंत्रता सेनानियों यू टिरोट सिंग, यू कियांग नांगबाह और पा तोगन संगमा को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद शिलांग शहर के बीचोबीच ख्यानदाइलाद (Khyndailad) क्षेत्र में रोड शो में भाग लेंगे और  इसके बाद लोगों को संबोधित करेंगे।

रोड शो के बाद पीएम मोदी दोपहर में वेस्ट गारो हिल्स जिले के तुरा के लिए उड़ान भरेंगे, जहां वह बीसीसीआई के आलोटग्रे स्टेडियम (Alotgre Stadium) में एक रैली को संबोधित करेंगे। बता दें, प्रधानमंत्री मोदी पहले 120 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने पीए संगमा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रैली को संबोधित करने वाले थे, लेकिन खेल विभाग ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

नील गाय का शिकार करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

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नील गाय का शिकार करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, करंट लगाकर ली थी वन्यजीवों की जान

छतरपुर में नीलगाय के शिकार के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें डॉक्टरी जांच के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।

छतरपुर में नीलगाय के शिकार के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें डॉक्टरी जांच के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक करंट लगाकर दो नीलगायों का शिकार करने के मामले में वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। वन विभाग की पहाड़गांव बीट के परिक्षेत्र सहायक शिवनारायण द्विवेदी ने बताया कि पिछले दिनों कुछ लोगों ने करंट लगाकर दो नील गायों का शिकार किया था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद रेंजर के निर्देशन में विवेचना करते हुए सोमवार को पनौठा निवासी जोगेन्दर अहिरवार, मनोज अहिरवार और रामभरोसे अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है, जिनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

23 को सिरोही में संतोषी बाबा की गोवंश संरक्षण यात्रा

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23 को सिरोही में प्रवेश करेगी संतोषी बाबा की गोवंश संरक्षण यात्रा, जागरुकता का देंगे संदेश

गोवंश संरक्षण और गौ सेवा का संदेश लेकर 27 हजार किमी की यात्रा पर निकले जगद्गुरु संतोषी बाबा 23 फरवरी को सिरोही में प्रवेश करेंगे। यात्रा के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं।

गौ माता के संरक्षण को लेकर समाज में जागरूकता संदेश देने के संकल्प के साथ संपूर्ण भारत यात्रा पर निकले जगतगुरु श्री श्री संतोषी बाबा गुरुवार 23 फरवरी को गौ रथ के साथ राजस्थान के सिरोही जिले में प्रवेश करेंगे। उनके स्वागत को लेकर स्थानीय गौ-भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। देवनगरी सिरोही के गौ सेवा संकल्प टीम के प्रमुख अजय भट्ट ने बताया कि ‘गाय भारत में रहती है और भारत गाय में बसता है’ को चरितार्थ करते हुए गोरक्षा जागरूकता के लिए महाशिवरात्रि को हरियाणा के कुंडली स्थित पीतमपुरा के सिद्धश्रम से शुरू हुई रथ यात्रा 23 फरवरी गुरुवार सुबह 9:00 बजे सिरोही में प्रवेश करेगी। जहां जगतगुरु संतोषी बाबा का नगर वासियों, गौ भक्तों, हिंदूवादी संगठनों और आमजन द्वारा गर्मजोशी से जोरदार स्वागत किया जाएगा। भट्ट ने बताया कि यात्रा गोयली चौराहे से अहिंसा सर्कल, बस स्टैंड, सरजावाव दरवाजा और पुराना बस स्टैंड होते हुए आगे के लिए प्रस्थान करेगी। बतादें कि यात्रा एक महीने में 27 हजार किमी की दूरी तय करेंगे।

यात्रा का उद्देश्य
संतोषी बाबा गोवंश के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ये यात्रा निकाल रहे हैं। इस दौरान लोगों को गो वंश के लिए चारे की व्यवसथा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि प्लास्टिक और कचरे को खाकर उनकी मौत ना हो। मौसम की मार से गौवंश को बचाने के लिए आवास का प्रबंध, स्वास्थ्य सेवाएं, दुर्घटनाओं से बचाव के लिए टैगिंग व रिफ्लेक्टर्स लगाना, बच्चों को गोवंश की उपयोगिता के बारे में ज्ञान वृद्धि, वार्षिक गोवंश फेस्टिवल आयोजन, बेसहारा लावारिस, समाज में गोवंश और उनके धार्मिक सामाजिक व वैज्ञानिक महत्व के विषय में जागरूकता करना भी है।

गोसेवा के साथ शुरू होती है नुहियांवाली के ग्रामीणों की सुबह

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गोसेवा के साथ शुरू होती है नुहियांवाली के ग्रामीणों की सुबह : गोशाला के लिए गीता ने दान दी थी छह एकड़ भूमि तो सतपाल ने त्याग दिया था घर

ओढां। बेसहारा घूम रहे गोवंश को आश्रय देने के उद्देश्य से वर्ष 2003 में गांव नुहियांवाली में खोली गई श्रीराम भगत हनुमान गोशाला जिले की बड़ी गोशालाओं में शुमार हो चुकी है। गोशाला में करीब 800 गोवंश आश्रय पा रहे हैं।
गोसेवा में लोगों की रुचि इस कदर है कि हर रोज अलसुबह गांव के पुरुष, महिलाएं व युवाओं ने गोशाला में समय लगाने को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल कर रखा है। गोशाला को सुचारू रूप से चलाने के लिए जहां गोशाला कमेटी के प्रयास सराहनीय हैं, तो वहीं ग्रामीणों की गोसेवा में रूचि भी काबिल-ए-तारीफ है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ये है कि गांव के लोग विवाह-शादी या अन्य अवसरों पर गोसेवा के लिए दान करना कभी नहीं भूलते। वैसे तो इस गोशाला के निर्माण में अनेक लोगों का सहयोग है, लेकिन गांव की बेटी गीता गोदारा का नाम गोभक्तों की उच्च श्रेणी में लिया जाता है। गीता देवी ने गोसेवा में एक बड़ी मिसाल पेश करते हुए अपने हिस्से की करीब 6 एकड़ भूमि गोशाला के नाम की। वहीं स्व. सतपाल बडजाती का नाम भी गोसेवा में सम्मान के साथ लिया जाता है, इन्होंने गोसेवा के लिए अपना घर तक त्याग दिया था। ग्रामीण दलीप सोनी, नत्थूराम बडजाती, रामस्वरूप सुथार, साहब राम कारगवाल, लक्ष्मणदास देमीवाल व गांव की बेटी इंदिरा देवी सरस्वां के अलावा गांव के अनेक गणमान्य लोगों ने गोशाला के निर्माण व प्रसार में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए आमजन को गोसेवा के लिए प्रेरित किया है। इसके अलावा राजनीतिक लोगों ने भी उक्त गोशाला के निर्माण सराहनीय सहयोग किया। गोशाला में स्थित श्री कृष्ण मंदिर में महिलाएं हर रोज भजन कीर्तन किए जाते हैं।

नस्ल सुधार के लिए किए जा रहे हैं प्रयास
गोशाला में नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हरियाणा, साहीवाल व थारपारकर नस्ल को बढ़ावा देने के लिए गोशाला में बैल तैयार किए जा रहे हैं। गोशाला में इस समय 100 से अधिक हरियाणा व करीब 50 साहीवाल गाय हैं। प्रबंधन कमेटी के अनुसार नस्ल के लिए गोवंश को अलग-अलग जगहों पर रखकर उन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गांव के लोगों का गोसेवा का जज्बा अति सराहनीय है, चाहे वो गोवंश के चारे की बात हो या अलसुबह गोसेवा की या फिर शुभ अवसरों पर गोसेवा के लिए दान देने की। ग्रामीणों की गोसेवा की बदौलत आज यहां पर करीब 800 गोवंश आश्रय पा रहे हैं। गोशाला में नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। – महेंद्र निमीवाल, गोशाला प्रधान

गोसेवा में सिरसा जिला पूरे प्रदेशभर में आगे है, क्योंकि जिला अब तक 138 गोशालाएं खुल चुकी हैं और अन्य गांवों में भी हमारा प्रयास चल रहा है। सरकार की ओर से भी गोशालाओं को मदद दी जा रही है। नुहियांवाली के ग्रामीणों का गोसेवा में एक बड़ा योगदान है, जो काबिल-ए-तारीफ है। उससे भी सराहनीय गांव की बेटियों व गोभक्तों की गौ सेवा का जज्बा है। – योगेश बिश्नोई, जिलाध्यक्ष (गोवंश-गोशाला सेवा संघ हरियाणा)
गोशाला में गोवंश के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए विभाग हर समय तैयार है। गोवंश का उपचार, टैगिंग व समय-समय पर रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण प्राथमिक के रूप में किया जाता है। – सोनू पूनिया, वीएलडीए।

मंडी: जंजैहली के संगलवाडा में छह गोशालाएं राख

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मंडी: जंजैहली के संगलवाडा में छह गोशालाएं राख

थुनाग (मंडी)। जंजैहली के साथ लगते संगलवाडा गांव में भीषण अग्निकांड में छह गोशालाएं जली गईं। इससे दो मवेशियों की मौत हो गई। हादसे में कई और मवेशी झुलस भी गए है।
भयंकर अग्निकांड से गोशालाओं में रखा सारा सामान जल गया। घटना से करीब 12 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। यह गोशालाएं जयनंद पुत्र लच्छू राम, हेमराज और हेतराम पुत्र गोपाल सिंह, दौलत राम पुत्र शेर सिंह, हेम सिंह पुत्र शेर सिंह, राजकुमार पुत्र लीला देवी, राकेश रोशन पुत्र हरिचंद, कलीराम पुत्र लगनू की थी। बताया जा रहा है कि रविवार रात करीब एक बजे लोगों को आग लगने का पता चला। लोगों ने आनन-फानन में आग बुझाने का प्रयास किया। आग की लपटें इतनी फैल चुकी थीं कि उसने सभी गोशालाओं को अपने आगोश में ले लिया। अग्निशमन केंद्र थुनाग के कर्मचारी और ग्रामीणों ने मकान को आग से बचाने में कामयाबी हासिल की।
पटवारी महेंद्र कुमार ने बताया कि आग लगने से करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें छह गोशालाएं जलकर राख हो गई हैं। अग्निकांड में दौलत राम और कलीराम की एक-एक गाय जलकर मर गई। प्रशासन की ओर से एसडीएम थुनाग पारस अग्रवाल ने बताया कि प्रभावितों परिवारों को 45 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है।

Bhagat Singh Koshyari: महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल कोश्यारी आज पहुंचेंगे दून, भाजपा करेगी भव्‍य स्‍वागत , राजभवन में बधाई समारोह संपन्न

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देहरादून: Bhagat Singh Koshyari: महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से त्यागपत्र देने के बाद भगत सिंह कोश्यारी शुक्रवार शाम को देहरादून पहुंचेंगे। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा।

लिखने-पढऩे में अपना समय व्यतीत करना चाहते हैं कोश्यारी

उत्तराखंड की पहली अंतरिम सरकार में मुख्यमंत्री रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी का महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से त्यागपत्र हाल ही में स्वीकार हुआ था। कोश्यारी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि वह अब राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहते हुए लिखने-पढऩे में अपना समय व्यतीत करना चाहते हैं।

यद्यपि महाराष्ट्र में बतौर राज्यपाल कुछ विवादों को भी इसका एक कारण माना गया। कोश्यारी शुक्रवार शाम जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर देहरादून, ऋषिकेश व हरिद्वार के भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे।

इसके बाद वह सड़क मार्ग से देहरादून में डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर पहुंचेंगे। भाजपा कार्यकर्ता एयरपोर्ट से देहरादून तक कई स्थानों पर भी कोश्यारी का स्वागत करेंगे।

मृत गाय से टकराकर बाइक सवार की मौत

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फिरोजाबाद में मृत गाय से टकराकर बाइक सवार युवक की मौत, एक घायल

शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। गांव माढई के पास सड़क पर मृत पड़ी गाय से बाइक टकरा गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसका साथी घायल हो गया। घायल को पुलिस ने शिकोहाबाद अस्पताल में भर्ती कराया। युवक की मौत की खबर पर परिजन भी जिला अस्पताल आ गए।

मैनपुरी के घिरौर क्षेत्र के गांव कोडर निवासी डा. विजय कुमार (25) अपने साथी संदीप के साथ शिकोहाबाद क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने को आए थे। बुधवार रात डा. विजय कुमार साथी के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। दोनों लोग शिकोहाबाद थाना के गांव माडई के पास पहुंचे थे। यहां सड़क पर गाय मृत पड़ी थी। रात में बाइक चला रहे डा. विजय को गाय दिखाई नहीं दी। बाइक गाय से टकराकर असंतुलित होकर पलट गई।

हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इस बीच सूचना पर शिकोहाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल संदीप को उपचार के लिए शिकोहाबाद अस्पताल में भर्ती कराने के साथ ही डा. विजय के शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। डा. विजय की मौत की खबर पर परिजन भी जिला अस्पताल आ गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया। थानाध्यक्ष शिकोहाबाद हरर्वेंद्र मिश्र का कहना है कि युवक की मौत हादसे में हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है।