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अडानी मामले पर शरद पवार ने कांग्रेस को दिया जोरदार झटका

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मुंबई: एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने अडानी मामले में कांग्रेस से अलग भूमिका लेते हुए बिजनसमैन गौतम अडानी का समर्थन किया है। कांग्रेस से अलग भूमिका लेने पर कांग्रेस और एनसीपी के रिश्तों में खटास आ सकती है। वहीं, अडानी के समर्थन वाले शरद पवार के बयान के बाद उनके भतीजे अजीत पवार आज दोपहर से पुणे के एक कार्यक्रम के बाद ‘नॉट रिचेबल’ हो गए जिससे अटकलें और तेज हो गईं। पवार ने निजी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कांग्रेस के बिल्कुल विपरीत स्टैंड लिया।
पवार ने अपनाया कांग्रेस से अलग रुख
एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता दिल्ली में बै
ठ कर 2024 के चुनावो के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता की चर्चा और पहल कर रहे थे, तो दूसरी तरफ शरद पवार मुंबई में एक निजी चैनल को इंटरव्यू दे रहे थे और अपनी सहयोगी कांग्रेस से विपरीत भूमिका ले रहे थे। अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस एक ओर केंद्र पर हमलावर है वहीं उसकी सहयोगी एनसीपी की राय इस मामले में अलग है। एनसीपी चीफ शरद पवार ने गौतम अडानी का समर्थन करते हुए कहा कि एक इंडस्ट्रियल ग्रुप को टारगेट किया गया।
पवार ने कहा- व्यर्थ है JPC की मांग
पवार ने यह भी कहा कि इस मामले में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की जांच की मांग व्यर्थ है। उन्होंने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को आवश्यकता से अधिक तूल दिया गया और इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की कमिटी से ही कराई जानी चाहिए। शरद पवार के बयान के बाद बीजेपी नेताओं और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कहना है कि जो लोग अडानी मामले पर मोदी सरकार का विरोध कर रहे उन्हें शरद पवार से कुछ सीख लेनी चाहिए।
‘नॉट रीचेबल’ हुए अजीत पवार
दोपहर को शरद पवार का बयान आया और शाम होते-होते अजीत पवार ‘नॉट रिचेबल’ हो गए। इस बात की चर्चा हो रही है कि अजीत पवार का ‘नॉट रिचेबल’ होना क्या यूपीए पर दबाव बनाने की रणनीति है जैसे 2019 के दौरान सरकार बनाते वक्त हुआ था। तब वर्ली में हुई मीटिंग में कांग्रेस नेता काफी माथापच्ची कर रहे थे जिसके बाद अगले दिन अजीत ने देवेंद्र फडणवीस के साथ सुबह शपथ लेकर झटका दे दिया। बाद में ‘बागी’ अजीत पवार NCP में वापस लौट आये और बाद में शरद पवार ने इसे राष्ट्रपति शासन हटाने और MVA की सरकार बनाने की रणनीति बताया गया।
‘अजीत निजी काम से गए होंगे’
इस बात की चर्चा चल रही है कि क्या अब शरद पवार के अडानी का समर्थन करके और कांग्रेस से विपरीत भूमिका लेकर एक बार फिर कांग्रेस पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि एनसीपी नेताओ का कहना है कि अजीत पवार किसी निजी काम से कहीं गये होंगे और कल फिर से उनके कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे। इसके पहले भी NCP जब नागालैंड में निफ्यू रियो सरकार में बिन समर्थन मांगे शामिल हुई तब भी शरद पवार की भूमिका पर सवाल उठाए गए क्योंकि वहां BJP भी सरकार का अहम हिस्सा है।
कांग्रेस का रिएक्शन आना बाकी
हालांकि नागालैंड की घटना पर पार्टी के नेताओं का कहना था कि पार्टी का राष्ट्रीय दर्जा बचाने और विधायकों को पार्टी से जोड़े रखने के लिए उन्हें नेफ्यू रियो की सरकार को समर्थन देना पड़ा। अब एनसीपी और उनकी पार्टी की अडानी मामले पर ली गई भूमिका से कांग्रेस कैसे रिएक्ट करती है, ये देखने वाली बात होगी।

अपने नए प्रोजेक्ट के लिए राजश्री प्रोडक्शन ने ‘न्यूकमर्स इनिशिएटिव’ के साथ हाथ मिलाया

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फिल्म ‘ऊंचाई’ की अपार सफलता के बाद अब राजश्री प्रोडक्शन के सूरज आर बड़जात्या और महावीर जैन ने अपने नए प्रोजेक्ट के लिए नवोदित प्रतिभाओं को प्रकाश में लाने के उद्देश्य से ‘न्यूकमर्स इनिशिएटिव’ के साथ मिल कर काम करने का निर्णय लिया है। दो नए चेहरों को लॉन्च करने के लिए फिल्म को जियो स्टूडियो और महावीर जैन के सहयोग से राजश्री प्रोडक्शंस द्वारा बनाया जाएगा। ‘न्यूकमर्स इनिशिएटिव’
एक ऐसा मंच है जो पूरे भारत के अभिनेताओं, लेखकों, निर्देशकों, संगीतकारों और तकनीशियनों जैसी नई प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करता है। बॉलीवुड के चर्चित निर्माता राजकुमार हिरानी के अलावा देश के 23 से अधिक प्रमुख फिल्म निर्माता नई प्रतिभाओं को लॉन्च करने की मंशा के साथ न्यूकमर्स इनिशिएटिव’ के साथ जुड़ गए हैं। ‘उंचाई’ फिल्म पर उनकी सफल व सार्थक साझेदारी के बाद महावीर जैन और राजश्री प्रोडक्शंस के बीच यह दूसरा सहयोग है। सहयोग का उद्देश्य फिल्म उद्योग के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और नई प्रतिभाओं के विकास को प्रोत्साहित करना है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती शार्ट फिल्म ‘वांछा-द ब्लैक डिजायर’ का फर्स्ट लुक जारी

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मिली फिल्म्स एंड टी वी इंटरनेशनल के बैनर तले बनी शार्ट फिल्म ‘वांछा-द ब्लैक डिजायर’ का फर्स्ट लुक इटखोरी, चतरा (झारखंड) स्थित माँ भद्रकाली मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में जारी किया गया। शार्ट फिल्म ‘वांछा’ आधुनिक संदर्भ में सामाजिक समस्याओं पर जन-जागृति पैदा करते हुए अंधविश्वास और कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करती है।
मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती इस फिल्म के निर्माता मनोज कुमार, कार्यकारी निर्माता शंकर पाठक,
डीओपी सुमित सचदेवा, एडिटर सुमित सिन्हा ‘गोलू’, प्रोडक्शन कंट्रोलर मनोज वर्मा, प्रोडक्शन मैनेजर प्रभात कुमार, गीतकार प्रशांत गैलवर, संगीतकार श्रीकांत जयकांत, प्रचारक काली दास पाण्डेय, मेकअप आर्टिस्ट प्रियंका, स्टील फोटोग्राफर मोहम्मद अरमान और प्रोडक्शन एक्सक्यूटिव कुमारी मिली हैं।
झारखंड के चर्चित फिल्म लेखक निर्देशक प्रशांत गैलवर के निर्देशन में बनी इस फिल्म के मुख्य कलाकार
मनोज सहाय, शेखर वत्स, शंकर पाठक, विक्रम नांगिया,
बिनय सिंह, शालिनी सिंह राठौड़, पम्मी सिंह राजपूत,
सुरेंद्र सिन्हा, राजू चंद्रा, मास्टर शिवांश साहू और प्रिंस आदि हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

गौ-मांस के साथ वीडियो पोस्ट करने वाला गिरफ्तार, हिंदू संगठन को भी दे रहा था धमकी

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सुकमा. जिले में एक सनकी युवक ने हिंदू संगठन और भाजपा के कार्यकर्ताओं को गालियां देते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में युवक गौ-मांस भी दिखा रहा है। इसके साथ कह रहा है कि, मैं गाय का मांस खाऊंगा, यदि हिम्मत है तो मेरा जो बिगाड़ सकते हो बिगाड़ लो। वीडियो वायरल होने के बाद उसी के समुदाय के लोगों ने युवक को पुलिस के हवाले किया है।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आरोपी युवक का नाम साजिद खान बताया जा रहा है। जोकि सुकमा में रहता है। बुधवार को इसने वीडियो बना कर हिंदू संगठन को गालियां दी। वीडियो में धमकी भरे तेवर में युवक ने कहा कि, हिम्मत है तो मेरा जो करना चाहो कर लो। जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, शहर में एक बार फिर से माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठन के लोगों ने मामले की शिकायत सिटी कोतवाली में की। मामला जैसे-जैसे तूल पकड़ता गया वैसे-वैसे संगठन के लोगों और शहरवासियों की भीड़ पुलिस थाना में बढ़ती गई। बुधवार की देर रात तक बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, गौ-सेवक समेत अन्य संगठन के लोग पुलिस थाना में ही बैठे रहे। पुलिस अफसरों ने भी कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

बिजनौर के आठ हजार गोवंश पहुंचे गोशाला में

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बिजनौर के आठ हजार गोवंश पहुंचे गोशाला में, सैकड़ों सड़कों पर

बिजनौर। जनपद की आबादी, सड़कों और खेतों में बेसहारा गोवंश घूमते नजर आ रहे हैं। घूमने वाले बेसहारा पशुओं में काफी गोवंश पड़ोसी जनपद अमरोहा के मिले। इसके अलावा जनपद में एक हजार से ज्यादा बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। चिकित्सकों की टीम ने धर्मनगरी में घूम रहे बेसहारा पशुओं के टैग की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ।
जनपद में सभी 47 गोआश्रय स्थलों में करीब 8063 गोवंश संरक्षित कर रखे हैं। इसके बाद भी आबादी, सड़कों और खेतों में एक हजार से ज्यादा बेसहारा गोवंश घूम रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले माह में सभी बेसहारा पशुओं को पकड़ लिया गया था। अब फिर से जनपद में बेसहारा पशु घूमते दिखाई दें रहे हैं। बेसहारा पशुओं की संख्या रोजाना बढ़ रही है। बेसहारा गोवंश सड़क पर वाहन चालकों, खेतों में किसानों की सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं। बेसहारा पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिले में 500 बीघा से ज्यादा गेहूं की फसल बेसहारा पशुओं ने खराब कर दी, जिससे किसानों ने जोत दिया।

अफसर रजिस्टर से करेंगे पशुओं की जांच
जिलाधिकारी ने बैठक कर अफसरों को गांव में रखे गोवंश गणना के रजिस्टरों से पशुपालकों के यहां बंधे गोवंश से मिला करने के निर्देश दिए हैं। यदि रजिस्टर के अनुसार गोवंश नहीं मिला और पशुपालक ने छोड़ा है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि जनपद पिछले माह बेसहारा पुशओं को पकड़कर गोशालाओं में भेज दिया था। लेकिन कुछ दिनों से फिर बेसहारा गोवंश दिखाई देने लगा है। जनपद में एक वृहद गोशाला समेत 17 गोशालाओं का तेजी से निर्माण हो रहा है। निर्माण होते ही घूमने वाले गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेज दिए जाएंगे – डॉ. मुकेश गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी

 

जरूरतमंदों को गणाई फॉउंडेशन द्वारा अनाज वितरित

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मुम्बई। गणाई फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंदों को राशन वितरित किया गया। भांडुप में रहने वाले जरूरतमंदों को मुफ्त में खाद्यान सामग्री बांटी गई। राशन पाकर सभी के चेहरे खिल उठे। गणाई फाउंडेशन का शुभारंभ ही लोगों की मदद के साथ किया गया है। भांडुप पश्चिम में गांवदेवी रोड स्थित शारदा इलेक्ट्रॉनिक शॉप के पास राशन का वितरण किया गया। जिसका बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया। आगे भी संस्था द्वारा जरूरतमंदों की मदद जारी रहेगी।


गणाई फांउडेशन के संस्थापक नानु हरचीलकर, अरुण जाधव और बाबुलनाथ दुबे ने कहा कि इस फाउंडेशन का उद्देश्य लोगों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं। हम लोगों का काम जरूरतमंदों की मदद करना है और हम लोग यह सतत करते रहेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित थे।

एक भी गोवंश निराश्रित नहीं होगा, मुख्यमंत्री योगी के निर्देश

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मुख्यमंत्री योगी के निर्देश, निराश्रित नहीं होगा एक भी गोवंश, सबके आश्रय व भरण-पोषण का होगा प्रबंध

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि गोवंश पालकों और गोआश्रय स्थलों को हर माह तय समय पर डीबीटी से धनराशि दी जाए। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, विक्रय, नस्ल सुधार आदि की विभागीय मंत्री द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों के प्रबंधन और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन व संग्रह की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशु संवर्धन, संरक्षण के लिए सेवाभाव के साथ सतत प्रयासरत है। गोवंश सहित सभी पशुपालकों के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र लोगों को इसका लाभ मिलना सुनिश्चित कराया जाए।

जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार द्वारा निराश्रित गोवंश का संरक्षण करते हुए उनके चारे-भूसे के लिए भी आवश्यक प्रबंध किया गया है। वर्तमान में संचालित 6719 निराश्रित गोवंश संरक्षण स्थलों में 11 लाख 33 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। बीते 20 जनवरी से 31 मार्च तक संचालित विशेष अभियान के तहत 1.23 लाख गोवंश संरक्षित किए गए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कोई भी गोवंश निराश्रित न हो।

जिला संभल, मथुरा, मीरजापुर,  शाहजहांपुर, संतकबीरनगर, अमरोहा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और फर्रुखाबाद में सर्वाधिक गोवंश संरक्षित किए गए हैं। गोवंश संरक्षण के लिए जारी नियोजित प्रयासों के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। चरणबद्ध रूप से सभी जिलों में इसी प्रकार निराश्रित गोवंश का बेहतर प्रबंधन किया जाए।

सभी प्रकार के निराश्रित गोवंश स्थलों को चारा-भूसा व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि सीधे गो-आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराई जाए। डीबीटी प्रणाली उपयोग में लाएं। हर माह की 25 से 30 तारीख तक गोवंश का सत्यापन करते हुए विकास खंड स्तर पर पशुपालक अधिकारी और एडीओ पंचायत व बीडीओ द्वारा रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। इसके बाद, अगले माह की 05 तारीख तक मुख्य पशुपालन अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाए कि यह धनराशि गोवंश के लिए है, उसका सदुपयोग हो। गोवंश को केवल सूखा भूसा ही नहीं, हरा चारा भी दिया जाए। स्थानीय जनता का सहयोग लें। पैसा मिलते ही चोकर/भूसा खरीद का भुगतान कर दिया जाए।

गोवंश संरक्षण के लिए प्रदेश में वृहद संरक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं। यह सुखद है कि अब तक 274 वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र क्रियाशील हो गए हैं। आगामी छह माह में शेष 75 वृहद गोवंश स्थल तैयार कर लिए जाएं। इससे आमजन को बड़ी सुविधा मिलेगी। गोवंश संरक्षण स्थलों पर केयर टेकर तैनात किए जाएं। गायों को समय-समय पर घुमाने भी ले जाना चहिए। गोवंश की बीमारी और मृत्यु की दशा में यह केयर टेकर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

गोवंश संरक्षण के लिए संचालित मुख्यमंत्री सहभगिता योजना के आशातीत परिणाम मिले हैं। अब तक 01 लाख 77 हजार से अधिक गोवंश इस योजना के तहत आमजन को सुपुर्द किए गए हैं। और कुपोषित बच्चों वाले परिवार को दूध की उपलब्धता के लिए पोषण मिशन के अंतर्गत 3,598 गोवंश दिए गए हैं। गोवंश की सेवा कर रहे सभी परिवारों को ₹900 प्रतिमाह की राशि हर महीने उपलब्ध करा दी जाए। इसमें कतई विलम्ब न हो। डीबीटी के माध्यम से धनराशि सीधे परिवार को भेजी जाए। गोवंश सत्यापन के लिए स्थानीय स्तर पर उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारी को नामित किया जाए।

अंत्येष्टि स्थल और श्मशान घाट पर गोवंश उपला और गोइठा का उपयोग किया जाए

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि अंत्येष्टि स्थल और श्मशान घाट पर उपयोग की जाने वाली कुल लकड़ी में 50 प्रतिशत गोवंश उपला और गोइठा का उपयोग किया जाए। यह उपला और गोइठा निराश्रित गोवंश स्थल से उपलब्ध कराया जाएगा। गोइठा से होने वाली आय उस गोवंश स्थल के प्रबंधन में उपयोग हो सकेगी। सभी 17 नगर निगमों और नगर पालिका वाले जिला मुख्यालयों पर कैटल कैचर वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

प्रदेश की सहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों के दुग्ध का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करते हुए आम जनमानस को गुणवत्तायुक्त दूध और दूध उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। सतत समन्वित प्रयासों से प्रदेश में दुग्ध समितियों ने दुग्ध उत्पादन, संग्रह, विक्रय आदि में अभूतपूर्व कार्य किया है। इससे हमारे पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी हुई है। बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी संस्थाओं ने अनुकरणीय कार्य किया है। सभी जनपदों में दुग्ध समितियों के गठन को और विस्तार दिया जाए। इसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

राज्य सरकार ने जनपद कानपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, आजमगढ़ और प्रयागराज में निजी क्षेत्र के सहयोग से नए डेयरी प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस सम्बंध में मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों की ऑनलाईन बिक्री की व्यवस्था हेतु ई-कामर्स पोर्टल paragdairy.com उपयोगी सिद्ध हो रहा है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों मे पराग मित्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ऑनलाइन दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। ई-कामर्स पोर्टल के माध्यम से अब तक 71,068 उपभोक्ता, 89 महिला स्वंय सहायता समूह व 215 पराग मित्र जोड़े जा चुके हैं। ई-कामर्स पोर्टल के माध्यम से लगभग 6 करोड़ का व्यवसाय किया गया है। इसे और मजबूत बनाए जाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं।

उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गांवों में दुग्ध सहकारी समितियों गठित कर दुग्ध उत्पादकों को गांव में ही उनके दूध के उचित मूल्य पर विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नन्द बाबा दुग्ध मिशन योजना संचालित की गयी है। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। अधिकाधिक दुग्ध उत्पादकों को इसका लाभ दिलाया जाए।

उन्होंने गोवंश नस्ल सुधार के कार्यक्रमों को बढ़ाये जाने की जरूरत है। विकास खंड पर स्थापित वृहद गो-आश्रय स्थल इस कार्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं। पशुपालकों को आपातकालीन सहायता के लिए टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।  यहां कभी भी कोई भी पशुपालक चिकित्सक से परामर्श प्राप्त कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को इस सेवा के बारे में अधिकाधिक जानकारी दी जाए, ताकि लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।  पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, विक्रय, नस्ल सुधार आदि सम्बंधित विषयों की संबंधित विभागीय मंत्री द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की जाए। लक्ष्य निर्धारित करें, उसके सापेक्ष प्रयास करें।

वाशी सार्वजनिक अस्पताल में आधुनिक डायलिसिस की सुविधा

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नमुंमपा वाशी सार्वजनिक अस्पताल में आधुनिक डायलिसिस की सुविधा

नवी मुंबई। कोविड प्रभावी अवधि के बाद डायलिसिस की आवश्यकता वाले रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस संबंध में नवी मुंबई महानगरपालिका ने आम जनता को डायलिसिस की सुविधा प्रदान करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए हैं और मनपा के वाशी अस्पताल के साथ-साथ ऐरोली और नेरूल अस्पतालों में बाहरी प्रणाली के माध्यम से डायलिसिस की सुविधा प्रदान की गई है। इसमें नवी मुंबई मनपा के वाशी सार्वजनिक अस्पताल में 10 बेड की डायलिसिस की सुविधा पहले से ही उपलब्ध थी। इसलिए इसे बदलती तकनीक के हिसाब से अपडेट करना जरूरी है।
इस मामले पर विचार करते हुए महानगरपालिका आयुक्त राजेश नार्वेकर के मार्गदर्शन में अतिरिक्त आयुक्त संजय काकडे व चिकित्सीय स्वास्थय अधिकारी डॉ. प्रमोद पाटील के माध्यम से सकारात्मक कार्रवाई हो रही थी। इसमें चैरिटेबल संस्था प्राइड इंडिया के सहयोग से आदित्य बिड़ला कैपिटल के उद्योग समेह के सीएसआर फंड की मदद से वाशी सार्वजनिक अस्पताल की 10 बेड की सुविधा को अपग्रेड किया गया और डायलिसिस मशीन और बेड की अद्यतन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
ये डायलिसिस मशीन और बेड नवी मुंबई नगर निगम के वाशी पब्लिक हॉस्पिटल में कार्यान्वित की गई हैं और इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत जवादे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय गडदे के साथ आदित्य बिड़ला कैपिटल के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सुब्रो बादुरी व सीएसआर प्रमुख गोपाल कुमार और प्राईड इंडिया संस्था की मुख्य कार्यवाहक श्रीमती इशा मेहरा व अन्य हस्तियां उपस्थित थी।

संक्षिप्त समाचार, दो मार्च 2023

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उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में दोहरीकरण कार्य के कारण अहमदाबाद

से चलने/गुजरने वाली कुछ ट्रेनें आंशिक परिवर्तित मार्ग से चलेंगी

 उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में दोहरीकरण कार्य के कारण अहमदाबाद से चलने/गुजरने वाली कुछ ट्रेनें आंशिक  रूप से परिवर्तित मार्ग पर चलेंगी। इन ट्रेनों का विवरण निम्नानुसार है:

1.   07 अप्रैल 2023 की ट्रेन संख्या 09465 अहमदाबाद-दरभंगा स्पेशल परिवर्तित मार्ग वाया बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा के रास्ते चलेगी।

2.   03 और 10 अप्रैल 2023 की ट्रेन संख्या 09466 दरभंगा-अहमदाबाद स्पेशल परिवर्तित मार्ग वाया छपरा-गोरखपुर-बाराबंकी के रास्ते चलेगी।

3.   08 अप्रैल 2023 की ट्रेन संख्या 15667 गांधीधाम-कामाख्या एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी के रास्ते चलेगी।

4.   05 अप्रैल 2023 की ट्रेन संख्या 15668 कामाख्या-गांधीधाम एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया वाराणसी-प्रतापगढ़-लखनऊ के रास्ते चलेगी।

5.   07 अप्रैल 2023 की ट्रेन संख्या 15635 ओखा-गुवाहाटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी के रास्ते चलेगी।

6.   03 अप्रैल 2023 की ट्रेन संख्या 15636 गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया वाराणसी-प्रतापगढ़-लखनऊ के रास्ते चलेगी।

रेल यात्रियों से निवेदन है कि उक्त बदलाव को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा प्रारम्भ करें। ट्रेनों के परिचालन संबन्धित नवीनतम अपडेटस की जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर अवलोकन सकते है।


साबरमतीजैसलमेर एक्सप्रेस का मारवाड़ लोहावट स्टेशन पर एवं भगत की कोठी पुणे एक्सप्रेस ट्रेन का रानी व जवाई बांध स्टेशनों पर ठहराव

रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 14803/14804 जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस का मारवाड़ लोहावट स्टेशन पर एवं ट्रेन संख्या 11089/11090 भगत की कोठी-पुणे एक्सप्रेस ट्रेन का रानी स्टेशन एवं जवाई बांध स्टेशन पर महीनों के लिए प्रायोगिक तौर ठहराव प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जिसका विवरण निम्नानुसार है:

·       ट्रेन संख्या 14804 साबरमती-जैसलमेर एक्सप्रेस का तत्काल प्रभाव से मारवाड़  लोहावट  स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान का समय 08.34/08.36 बजे रहेगा। इसी तरह ट्रेन संख्या 14803 जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस का मारवाड़ लोहावट स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान का समय 18.30/18.32 बजे रहेगा।

·       ट्रेन संख्या 11089 भगत की कोठी-पुणे एक्सप्रेस का 0अप्रैल 2023 से रानी स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान का समय 14.44/14.45 बजे तथा जवाई बांध स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान का समय 15.14/15.15 बजे रहेगा। इसी तरह ट्रेन संख्या 11090 पुणे-भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेन का 0अप्रैल 2023 से जवाई बांध स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान का समय 12.47/12.48 बजे तथा रानी स्टेशन पर 13.14/13.15 बजे रहेगा।


सावरकर गौरव यात्रा” 4 अप्रैल को उल्हासनगर में।

बीजेपी-शिवसेना का ऐलान

उल्हासनगर : विधायक कुमार ऐलानी ने पत्रकार वार्ता कर जानकारी दी कि 4 अप्रैल को उल्हासनगर में सावरकर गौरव यात्रा निकाली जाएगी और इस अवसर पर बाइक रैली निकाली जाएगी.इस समय भाजपा और शिवसेना के स्थानीय नेता मौजूद थे.उल्हासनगर-3 स्थित सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के संपर्क कार्यालय में आज आयोजित पत्रकार परिषद में विधायक कुमार ऐलानी ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बार-बार स्वतंत्रता सेनानी सावरकर का अपमान कर रहे हैं और उनके जवाब में हम इस गौरव को बाहर करने जा रहे हैं. यात्रा शिवसेना, शिंदे गुट के महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने बयान दिया कि सावरकर हमारे आस्था स्थल हैं. इस समय बताया गया कि सावरकर गौरव यात्रा की बाइक रैली उल्हासनगर-5 से शाहद बिर्ला गेट तक निकाली जाएगी. इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष जमनू पुरुसवानी, राजेश वधारिया, प्रदीप रामचंदानी शिवसेना राजेंद्रसिंह भुल्लर, रमेश चव्हाण, दिलीप गायकवाड़ सहित अन्य नेता मौजूद रहे.


 

एमएमआरडीए ने ठाणे बेलापुर रोड पर 16 पीएससी फर्स्ट गर्डर्स लांच किया

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ऐरोली कटाई नाका परियोजना ने मील का पत्थर हासिल किया
एमएमआरडीए ने ठाणे बेलापुर रोड पर 16 पीएससी फर्स्ट गर्डर्स लांच किया
ऐरोली-कटाई नाका परियोजना के प्रथम चरण में ऐरोली साइड का अंतिम गर्डर लांच किया गया

मुुंबई। टीम एमएमआरडीए ने पिछले पीएससी फर्स्ट के निर्माण के साथ ऐरोली-कटाई नाका परियोजना के चरण -1 में ऐरोली की तरफ गर्डर की लांचिंग की गतिविधि पूरी की। भारत बिजली जंक्शन ऐरोली के पास ठाणे बेलापुर रोड पर कुल 16 पीएससी-फर्स्ट लांच किए गए। ज्ञात हो कि ये गर्डर 23 से 27 मीटर लंबे हैं और 48 मीट्रिक टन वजन वाले प्रत्येक गर्डर को 250 मीट्रिक टन क्षमता वाली दो क्रेन की मदद से लांच किया गया था। इस गतिविधि को पूरा करने के लिए दो ट्रैफिक ब्लॉक किए गए थे। ऐरोली साइड में इस परियोजना के पहले चरण का इस अंतिम गर्डर को खड़ा करने की गतिविधि थी। बता दें कि एमएमआरडीए कल्याण-डोंबिवली और नवी मुंबई के बीच निर्बाध यातायात की सुविधा के लिए 12.3 किलोमीटर ऐरोली-कताई नाका सड़क परियोजना का निर्माण कर रहा है। ऐरोली-कटाई नाका परियोजना मुलुंड-ऐरोली पुल से शुरू की गई है और ठाणे-बेलापुर रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 के माध्यम से कल्याण-शील रोड पर कटाई नाका तक फैली हुई है। यह परियोजना वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी और इन दो स्थानों के बीच यातायात की भीड़ को कम करेगी। 12.3 किलोमीटर की इस परियोजना को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में ठाणे-बेलापुर रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 4 (ओल्ड मुंबई पुणे हाईवे) के बीच 3.43 किलोमीटर की सड़क का निर्माण शामिल है। इस चरण में 1+1 रिफ्यूज लेन के साथ 3+3 लेन की 1.69 किमी लंबी ट्विन टनल है और बाकी एलिवेटेड और सामान्य सड़क होगी। इन फेज में एलिवेटेड हिस्से का काम अब 92 फीसदी पूरा हो चुका है साथ ही टनल का 66 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में 2.57 किलोमीटर की पूरी तरह से एलिवेटेड सड़क मुलुंड-ऐरोली ब्रिज को ठाणे-बेलापुर रोड से जोड़ेगी।
एमएमआरडीए के उपायुक्त एस.वी.आर. श्रीनिवास, आईएएस ने बताया िक यह चरण दूसरे चरण से जुड़ा होगा जो पूरी तरह से एलिवेटेड रोड है। चरण-I में डेक स्लैब, एसीबी, वियरिंग कोट, पेंटिंग गतिविधि प्रगति पर है और अब चरण-I पूरा होने के कगार पर है।