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No Confidence Motion: राहुल गांधी ने संसद में उछाला फ्लाइंग किस तो भड़कीं स्मृति ईरानी

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No Confidence Motion Debate: लोकसभा में बुधवार (9 अगस्त 2023) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के जब उन्होंने सदन में फ्लाइंग किस उछाला तो हंगामा हो गया. केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने उनकी आलोचना की तो वहीं बीजेपी की महिला सांसदों ने इस पर स्पीकर के पास लिखित शिकायत भी की. यह पूरा मामला क्या है हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

बुधवार (9 अगस्त 2023) को लोकसभा में राहुल गांधी विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर भाषण दे रहे थे. अपना भाषण खत्म करने के बाद वो संसद से बाहर निकल गये. उनके जाने के बाद सदन में बोलने के लिए खड़ी हुईं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, ‘मुझ से पहले जिनको यहां बोलने का मौका मिला उन्होंने आज असभ्यता का परिचय दिया है. उन्होंने अपना भाषण खत्म करने के बाद अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने संसद में फ्लाइंग किस उछाला जिसमें महिलाएं भी बैठी हुई हैं. ऐसा व्यवहार सिर्फ एक स्त्री द्वेषी (Misogynist Man) व्यक्ति ही कर सकता है. ऐसा गरिमा विहीन आचरण इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया. ये उस खानदान के लक्षण हैं इसको सदन और पूरे देश ने देखा है.’

क्या राहुल गांधी ने वाकई फ्लाइंग किस दिया?
यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी का समर्थन कर इसे सामान्य व्यवहार करार दिया. शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “जब राहुल गांधी ने ऐसा किया तब मैं विजिटर गैलरी में ही थी. उन्होंने सहजता में साथी सांसदों के प्रति सिर्फ प्यार के भाव के तौर पर ऐसा किया. बीजेपी को नफरत की आदत हो गई है, इसलिए उसको मोहब्बत रास नहीं आ रही है.”

इंडिया टुडे के मुताबिक राहुल गांधी अपना भाषण खत्म करने के बाद जब संसद से बाहर जाने के लिए उठे तो उनके हाथ से कुछ कागज गिर गये. उन कागजों को उठाने के लिए जब वह नीचे झुके तो बीजेपी सांसद उन पर हंसने लगे. इस पर राहुल गांधी ने जाते-जाते सहजता के साथ स्पीकर टेबल की तरफ फ्लाइंग किस उछाल दिया और फिर वहां से निकल गये.

15 अगस्त के बाद सड़कों से गौ माताओं और मवेशियों को कलेक्टर ऑफिस में छोड़ा जाएगा

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प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जांजगीर चांपा जिले में 15 अगस्त तक सड़कों पर देखने वाली गौ माताओं और मवेशियों को गौठान में सुरक्षित तथा हिफाजत से रखने का इंतजाम कर ले। उन्होंने कहा कि सड़कों पर डेरा जमाए बैठे मवेशियों के कारण किसानों की फसल खतरे में पड़ रही है। सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
मवेशी खेतों में लगी धान की फसल को चर कर बर्बाद कर रहे है। उन्होंने जांजगीर चांपा जिले के प्रशासन को चेतावनी दी है कि 15 अगस्त तक सड़कों पर घूमने वाली गौ माताओं की व्यवस्था कर ले। अन्यथा भाजपा अपने किसान मोर्चा के साथियों के साथ सभी गौ माताओं को एकत्र कर कलेक्टर कार्यालय परिसर सभी थानों में एसडीएम ऑफिस और नगर पालिका परिषद के ऑफिस में ले जाकर छोड़ देंगे।

ईस्टर्न एक्सप्रेस वे सहित ठाणे की प्रमुख सड़कों की सफाई का ठेका गुजरात की कंपनी को दिए जाने को लेकर राजनीति

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ठाणे: ईस्टर्न एक्सप्रेस वे सहित ठाणे की प्रमुख सड़कों की सफाई का ठेका गुजरात की कंपनी को दिए जाने को लेकर राजनीति गरमा गई है। स्वीपिंग मशीन को लेकर घूमने वाली गुजरात पासिंग गाडी का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद शहर में यह चर्चा का विषय बना गया है। ठाणे के तमाम लोगों का सवाल है कि क्या महाराष्ट्र में कोई सफाई कंपनी नहीं है, जो गुजरात के ठेकेदार को ठेका देना पड़ा? लोगों का यह भी कहना है कि राज्य में गुजरात लॉबी की मदद से आघाडी सरकार को गिराकर शिंदे सरकार को स्थापित किया गया और अब काम का ठेका भी गुजरात को दे दिया गया है। शिवसेना (यूबीटी) के ठाणे उप जिला प्रमुख पूर्व नगरसेवक संजय घाडीगांवकर ने इस मुद्दे को लेकर एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है। घाडीगावकर ने कहा है कि जिसने खुद का स्वाभिमान गुजरात में गिरवी रख दिया है, वह शहर और राज्य का क्या भला करेगा?
इस बारे में मनपा के किसी भी अधिकारी ने कुछ कहने से इनकार कर दिया। एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि सफाई काम का ठेका जिस कंपनी को दिया गया है, वह गुजरात की है और इस कंपनी को यह काम एक साल के लिए दिया गया है।
स्वीपिंग मशीनें आ रहीं
17 जून 2023 को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों दो स्वीपिंग मशीन का लोकार्पण हुआ था। चार और स्वीपिंग मशीनें अगले कुछ दिन में आने वाली हैं। मशीनें सड़क पर पड़ा कचरा, धूल को साफ करेंगी। क्षेत्र की मुख्य सड़कों और कंक्रीट सड़कों की सफाई स्वीपिंग मशीन से की जाएगी। आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया था कि मशीनी सफाई मैन्युअल सफाई का विकल्प नहीं है। लेकिन, जो मैनपावर बचेगा उसे दूसरी जगह इस्तेमाल किया जाएगा।

मुंबई पुलिस ने बापू के परपोते तुषार गाँधी को हिरासत में लिया

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मुंबई: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 9 अगस्त 1942 को ब्रिटिश पुलिस द्वारा महात्मा गांधी को निशाना बनाए जाने के ठीक 81 साल बाद बुधवार को उनके परपोते तुषार ए. गांधी को भी इसी तरह के बर्ताव का सामना करना पड़ा। पौ फटते ही जैसे ही तुषार भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में जाने के लिए तैयार हुए, सांताक्रूज़ पुलिस ने उन्हें उनके घर के ठीक बाहर रोक दिया। तुषार गांधी ने बताया, कि जैसे ही मैं अगस्त क्रांति दिवस मनाने के लिए जा रहा था, सांताक्रूज़ थाना ने ‘कानून-व्यवस्था’ का हवाला देते हुए मुझे रोक लिया और हिरासत में ले लिया… मैं इस समय सांताक्रूज़ थाने में हूं।

तुषार गांधी को जीवन में पहली बार पुलिस की ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पुलिस मंगलवार रात से ही उनके घर के बाहर इंतजार कर रही थी।
तुषार गांधी ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं क्योंकि इस ऐतिहासिक तारीख को औपनिवेशिक ब्रिटिश पुलिस ने महात्मा गांधी और कस्तूरबा (बापू और बा) को भी हिरासत में लिया था… मुझे गर्व है।

Corona New Variant: महाराष्ट्र में सामने आया कोरोना का नया वेरिएंट, जानें इसके लक्षण

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Corona New Variant: देश कोरोना (Corona Latest Update) ने हर किसी को 2 सालों के लिए डरा दिया था. वहीं, अब पिछले कुछ दिनों से लगभग खत्म हो चुके कोरोना (Coronavirus News) वायरस ने एक बार फिर से महाराष्‍ट्र में अपनी रफ्तार पकड़ ली है. जिसके बाद से लोगों में डर का माहौल है. राज्य में फिर कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
सबसे खतरनाक बात ये है कि ऐसी खबरे सामने आ रही है कि कोरोना का एक नया वेरिएंट ओमीक्रॉन EG.5.1 भी पाया गया है.  देश में पहली बार इस नए वेरिएंट का मरीज मिला है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे पूरे मामले पर बी.जे. मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेश कार्यकार्ते ने बताया कि मई में महाराष्ट्र में नए सबवेरिएंट का पता चला था, जिसके बाद जून और जुलाई के महीनों में इसे लेकर कोई खबर नहीं आई थी, लेकिन अब इस नए वेरिएंट का एक केस सामने आया है.
जानकारी के अनुसार, अगस्त महीने में कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. जुलाई के आखिरी तक राज्य में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 70 थी,  लेकिन 6 अगस्त को सामने आए कोरोना मरीजों की संख्या 115 थी.
बता दें, सबसे पहले इस EG.5.1 नए वेरिएंट ने इंग्लैंड में चिंता पैदा की है. ये वेरिएंट तेजी से  इंग्लैंड में काफी तेजी से बढ़ा था. हालांकि अस्पताल में भर्ती होने वाले नए कोरोना मरीजों पर नजर रखी जा रही है.
कोविड नए वैरिएंट के लक्षण:
1. गले में खराश
2. नाक बहना
3. बंद नाक
4. छींक आना
5. सूखी खांसी
6. सिरदर्द
7. गीली खांसी
हालांकि आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप अपने आसपास स्वच्छता और सामाजिक दूरी बनाए रखें. साथ ही हाथों को साफ रखें.

 

Delhi Services Bill: विधेयक में क्या है खास डालते हैं एक नजर

भोजपुरी फिल्म ‘फसल’ प्रदर्शन के लिए तैयार

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श्रेयस फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ‘फसल’ प्रदर्शन के लिए तैयार है। ‘फसल’ की पूरी शूटिंग उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में और इसके निकटवर्ती इलाकों में हुई है और अब आगामी 14 अगस्त को फ़िल्म का ट्रेलर भी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ होने जा रहा है। यह फिल्म एक किसान की कहानी और उसके द्वारा उपजाए गए फसलों की कीमत के इर्दगिर्द की कठिनाइयों और चुनौतियों को इंगित करते हुए बनाई गई है। इस फिल्म के टाइटल ‘फसल’ से पहले एक छोटा सा शब्द जोड़ा गया है ‘बिना अन्न का अन्नदाता’ जो वाक़ई इस देश में अन्नदाताओं की स्थिति को रूबरू कराने वाला है ।
फ़िल्म ‘फसल’ की कहानी पराग पाटिल ने लिखी है। इस फिल्म में दिनेशलाल निरहुआ के साथ आम्रपाली दुबे, संजय पांडेय, विनीत विशाल, अयाज़ खान, राकेश त्रिपाठी, जय सिंह, अरुणा गिरी व तृषा सिंह ‘छोटी’ मुख्य भूमिका में हैं । प्रेम राय द्वारा निर्मित और पराग पाटिल द्वारा निर्देशित भोजपुरी फिल्म ‘फसल’ के कर्णप्रिय गीतों को अरविंद तिवारी, प्यारेलाल यादव, विमल बावरा व विजय चौहान ने लिखा है जिसे संगीतबद्ध किया है ओम झा व आर्या शर्मा ने और स्वर दिया है आलोक कुमार, कल्पना पटवारी, नीलकमल सिंह, प्रिया सिंह राजपूत, ममता राउत व शिल्पी राज ने। इस फिल्म के सह निर्माता सतीश आशवानी, सिनेमेटोग्राफर साहिल जे अंसारी, आर्ट  डॉयरेक्टर राम यादव, नृत्य निर्देशक संजय कोर्बे व कानू मुखर्जी, प्रचारक संजय भूषण पटियाला, एक्शन डायरेक्टर हीरा यादव और एडिटर सन्तोष हरावड़े हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

Gyanvapi Case -आज खुल सकता है तहखाना

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नई दिल्ली: ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के पांचवे दिन मंगलवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) टीम परिसर में पहुंच चुकी है। एएसआइ टीम का ध्यान आज व्यास जी के कमरे और पश्चिमी दीवार के पास जमा मलबे पर होगा। इसके अतिरिक्त आज तहखाना भी खुल सकता है।

आज खुल सकता है तहखाना
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर हिंदू पक्ष की याहचिकाकर्ता रेखा पाठक ने बताया कि “आज ‘तहखाना’ खुल सकता है…हम सर्वेक्षण को लेकर बहुत उत्साहित हैं। सुबह उठना और ड्यूटी पर जाना हमारी दिनचर्या बन गई है…हमारा काम निगरानी करना है…सर्वे सुबह 8 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा।”

मंदिर पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया- “एएसआइ की टीम बड़ी बारीकी से ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कर रही है। हर जगह जाकर साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही से काफी अलग है। सर्वे पूरा होने में समय लगेगा। यह उम्मीद करना उचित नहीं कि हर दिन कोई नई बात सामने आएगी। सर्वे पूरा होने पर रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। हम सभी को इसका इंतजार करना चाहिए।”

Delhi Services Bill: विधेयक में क्या है खास डालते हैं एक नजर

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नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। Delhi Services Bill: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2023 सोमवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। विधेयक संसद के दोनों सदनों से पास हो जाने पर दिल्ली की चुनी हुई सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं, विधेयक में कई ऐसे मामले हैं जो सरकार को नियमों में बांधते हैं। दिल्ली में सरकार के सभी अधिकार अधिकारियों के माध्यम से उपराज्यपाल के पास चले गए हैं।

विधेयक में क्या है खास डालते हैं एक नजर

  • दिल्ली सरकार में अधिकारियों के तबादला और नियुक्ति राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) करेगा। इसके चेयरमैन मुख्यमंत्री हैं और दो अन्य सदस्य मुख्यसचिव और गृह सचिव हैं।यानी मुख्यमंत्री अल्पमत में हैं, वे अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर सकेंगे।
  • दिल्ली विधानसभा द्वारा अधिनियमित कानून द्वारा बनाए गए कियी बोर्ड या आयोग के लिए नियुक्ति के मामले में एनसीसीएसए नामों के एक पैनल की सिफारिश उपराज्यपाल को करेगा। उपराज्यपाल अनुशंसित नामों के पैनल के आधार पर नियुक्तियां करेंगे।
  • अब मुख्य सचिव ये तय करेंगे कि कैबिनेट का निर्णय सही है या गलत।
  • इसी तरह अगर सचिव को लगता है कि मंत्री का आदेश कानूनी रूप से गलत है तो वो मानने से इंकार कर सकता है।
  • सतर्कता सचिव अध्यादेश के आने के बाद चुनी हुई सरकार के प्रति जवाबदेह नहीं हैं वे एलजी के प्रति बनाए गए प्राधिकरण के तहत ही जवाबदेह हैं।
  • अब अगर मुख्यसचिव को यह लगेगा कि कैबिनेट का निर्णय गैर-कानूनी है तो वो उसे उपराज्यपाल के पास भेजेंगे।इसमें उपराज्यपाल को यह शक्ति दी गई है कि वो कैबिनेट के किसी भी निर्णय को पलट सकते हैं।
  • दिल्ली में जो भी अधिकारी कार्यरत होंगे, उन पर दिल्ली की चुनी हुई सरकार का कंट्रोल खत्म हो गया है, ये शक्तियां एलजी के जरिए केंद्र के पास चली गई हैं।

एनसीसीएसए की सिफारिश पर एलजी फैसला करेंगे, लेकिन वे ग्रुप-ए के अधिकारियों के बारे में संबधित दस्तावेज मांग सकते हैं। अगर एनसीसीएसए और एलजी की राय अलग-अलग होगी तो एलजी का फैसला ही अंतिम माना जाएगा।

दिल्ली सरकार ने कहा है कि दिल्ली में लाभार्थियों को राशन का वितरण सुचारू रूप से चल रहा है और पिछले कुछ महीनों से वितरण का आंकड़ा लगभग 100% है। 23 जून और 23 जुलाई के महीने में वितरण का आंकड़ा क्रमशः 101% और 107% था और 23 अगस्त के लिए यह पहले से ही लगभग 65% है। एसएफए का आवंटन भी समय पर किया जा रहा है और राशन का वितरण चक्र अब आवंटन माह के साथ समकालिक हो गया है।

नए कार्डों के संबंध में एनएफएसए के तहत दिल्ली के लिए 7277995 लाभार्थियों (केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित) की कैपिंग है और सदस्यों/कार्ड में कोई भी नया जुड़ाव केवल तभी किया जाता है जब मौजूदा राशन कार्ड को सरेंडर करने या हटाने से रिक्ति बनाई जाती है।

Mumbai: दादर स्टेशन पर चलती ट्रेन से महिला यात्री को फेंका गया बाहर, आरोपी गिरफ्तार

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मुंबई, एएनआइ। पुणे से मुंबई आ रही उद्यान एक्सप्रेस ट्रेन (Udyan Express) से एक 29 वर्षीय महिला यात्री को फेंका गया। यह घटना 6 अगस्त रात 8:30 को घटी है। गनीमत रही कि महिला की जान बच गई। दरअसल, मामला यह है कि एक आरोपी ने महिला को परेशान करने की कोशिश की, लेकिन जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे चलती ट्रेन से धक्का दे दिया।
विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
जीआरपी पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी को सीएसएमटी स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।  दादर जीआरपी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 394, 354, 150 (1)(E), 153, 137, 147, 162 के तहत मामला दर्ज किया है।
प्लेटफॉर्म पर गिरी महिला
महिला ने पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन जब दादर स्टेशन (Dadar station) के प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो कोच से सभी महिलाएं उतर गईं। वहीं, डिब्बे में महिला अकेले यात्रा कर रही थी। अकेली महिला को देखकर आरोपी डिब्बे के अंदर दाखिल हो गया।
महिला ने इस बात का विरोध किया तो, आरोपी ने उसे डिब्बे से बाहर फेंक दिया। हालांकि, तब तर ट्रेन ने दादर प्लेटफॉर्म पार नहीं किया था,जिसकी वजह सो वो प्लेटफॉर्म पर गिर गिरी। गिरने के बाद महिला बेहोश हो गई।

Amit Shah On Delhi Ordinance Bill-राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा

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Amit Shah On Delhi Ordinance Bill: राज्यसभा में सोमवार (7 अगस्त) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली. अमित शाह (Amit Shah) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में दिल्ली में अधिकारियों की तैनाती-तबादले से जुड़े अध्यादेश वाला बिल पेश किया. ये बिल लोकसभा में गुरुवार को ही पारित हो गया था. बिल पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में जोरदार हंगामा हो गया.
अमित शाह जब पर बिल पर भाषण दे रहे थे तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनको टोकने की कोशिश की, जिसपर शाह ने कहा कि अरे सुनिए खरगे जी, पीएम की सदस्यता बचाने के लिए बिल नहीं लाए हैं और कांग्रेस को लोकतंत्र पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है.
अमित शाह ने सदन में क्या कहा?
दरअसल, अमित शाह ने कहा कि हम इमरजेंसी लाने के लिए संविधान में बदलाव नहीं कर रहे हैं. इस देश के पूर्व प्रधानमंत्री की सदस्यता बचाने के लिए हम ये बिल लेकर नहीं आए हैं. इमरजेंसी के दौरान तीन हजार नेताओं को जेल में डाल दिया गया था और अखबारों को अपना पेज खाली रखना पड़ा था.
मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई नोंकझोंक
अमित शाह ने कहा कि ये लोग डेमोक्रेसी की बात कर रहे हैं. कांग्रेस को तो लोकतंत्र पर कुछ भी बोलने का कोई अधिकार नहीं है. अमित शाह के इतना कहने के बाद राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ. मल्लिकार्जुन खरगे ने बीच में ही उन्हें टोकने की कोशिश की.
आप सरकार पर साधा निशाना
गृह मंत्री ने आगे कहा कि अध्यादेश लाए जाने की प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई थी कि मामला कोर्ट में था और इन्होंने ट्रांसफर चालू भी कर दिए. डायरेक्टर लेवल के अधिकारियों को कह दिया कि सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करें. विजिलेंस और आबकारी विभाग की फाइल से छेड़छाड़ करना चाहते थे.
उन्होंने कहा कि संविधान सभा में सबसे पहला संविधान संशोधन पारित किया गया था. तब से संविधान को बदलने की प्रक्रिया चल रही है. इस बिल का उद्देश्य है कि दिल्ली में सुचारू रूप से भ्रष्टाचार मुक्त शासन हो. ये बिल शक्ति को केंद्र में लाने के लिए नहीं बल्कि केंद्र को दी हुई शक्ति पर दिल्ली यूटी की सरकार अतिक्रमण करती है, इसको वैधानिक रूप से रोकने के लिए लेकर लाए हैं.