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तमसो माँ ज्योतिर्गमय का संदेश देता दीपावली का पर्व

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(सुषमा जैन – विनायक फीचर्स)

उल्लास एवं समृद्धि का प्रतीक तथा भारतीय संस्कृति का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और सर्वोपरि पर्व दीपावली का कारवां वैदिक युग की ज्ञान ज्योति से चलकर, ऐतिहासिक अंधकारों को चीरता तथा मुगलकाल की संकरी गलियों से गुजरता हुआ आजादी के खुले आंगन और घरों में प्रवेश कर चुका है। चाहे गांव-देहात हो या शहर, महानगर, गली-मोहल्ला हो या फिर बहुमंजिला अपार्टमेंट, क्या बूढ़े और बच्चे सभी के चेहरे पर कार्तिक का महीना एक अलग प्रकार की खुशियों से लबालब चमक लेकर आता है। सभी के तन-मन खिलखिला उठते हैं। कन्या कुमारी से लेकर कश्मीर तक, बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक नवरात्रि से शुरू हुआ यह हर्षोल्लास दीपावली तक अपने चरम पर होता है। यद्यपि युग-युगांतर से जलते आ रहे दीपक और दीपावली के स्वरूप में पौराणिक काल से लेकर अब तक भिन्न-भिन्न काल परिवेश और परिस्थिति के अनुसार अनेकानेक परिवर्तन आये हैं। फिर भी आज किस प्रकार यह पर्व अपव्यय और दुर्घटनाओं के पर्व के रूप में जाना जाने लगा है, वैसी स्थिति पहले कभी नहीं रही। आज से लगभग 40-50 वर्ष पूर्व दीपावली की रौनक देखते ही बनती थी। भारी धन के अपव्यय के साथ धूमधड़ाकों की दीपावली मनाते नहीं देखा जाता था। प्रसन्नता व्यक्त करने का एक निराला ही तरीका होता था।

चारों ओर झिलमिलाते दीपों की एक के बाद एक अनंत पंक्तियां, मुस्कराते नन्हें बालक, घर-आंगन को लीपती-पोतती रंग बिरंगे परिधानों में सजी कुलवधुएं, अपनी शोखियों और चंचलताओं से नवजीवन उड़ेलती तथा घर के कोने-कोने को दीपों की रोशनी से प्रकाशित करती नव बालाएं, यौवन की देहरी का स्पर्श करती हुई कंदीलों और रंगोली की प्रतिस्पर्धा में लगी यौवनाएं, अपनी आंखों में अनगिनत सपने संजोये और अनजानी उत्सुकताओं को मन में समेटे मस्ती का आलम संजोये नवयुवक तथा अपने वर्तमान को भूलकर अतीत के साथ हास्य-विलास की स्मृतियों को सजाते हुये कभी बेटे के साथ हंसकर तो कभी पौत्र के साथ खेलकर दीपोत्सव मनाते वृद्ध। आबाल वृद्ध, नर-नारी सभी प्रसन्नता पूर्वक सामूहिक रूप से इस पर्व का आनंद लेते थे।

दीपावली पूजन का मूल उद्देश्य यही रहा है कि चारों ओर सुख-समृद्धि, खुशहाली समरसता और ज्ञान का प्रकाश फैले। इसके लिये यह कामना की जाती थी कि मानव समाज के लिये बड़े नहीं भले लोगों की जरूरत है। इसलिये धन की देवी मेहरबान हो और वे अधिक से अधिक धर्म-कर्म कर सकें। पर आज स्थिति बिल्कुल उलट गई है। लोग केवल अपनी स्वार्थपूर्ति तक ही सिमट कर रह गये हैं। अधिक से अधिक धन प्राप्त कर दुनिया भर की सुखसुविधाएं जुटाना ही एक मात्र लक्ष्य बन गया है। जिससे समाज में गैरबराबरी की खाई बढ़ती जा रही है। कहीं खुशियों के अनगिनत दीप जलते है, तो अधिकतर जगहों पर गम और अभावों का अंधेरा पसरा हुआ है। उसी देश के लोग कुछ समय से मनोरंजन तथा बढ़-चढ़कर अपनी हैसियत दिखाने के लिये करोड़ों रुपयों के पटाखे फूंक डालते हैं। जिससे न केवल असंख्य लोग वायु एवं ध्वनि प्रदूषण से पीडित हो जाते हैं, बल्कि उनका दूषित हवा में सांस तक लेना मुश्किल हो जाता है। ऊपरी दिखावे को सामाजिक प्रतिष्ठा मान लिये जाने के कारण ही मिट्टी के दीयों का स्थान भारी मात्रा में बिजली की झालरों ने ले लिया है। खील बताशों के स्थान पर महंगे-महंगे तोहफे दिये जाने लगे हैं। पड़ोसियों की होड़ में लोग टिड्डी दल की तरह बाजार पर टूटकर अनावश्यक वस्तुएं भी खरीद डालते हैं। जिससे गृह बजट को संतुलित करने में कई माह लग जाते हैं। यह सारा उपक्रम व्यक्ति की औकात का घटिया प्रदर्शन मात्र है। जुएं को तो जैसे सामाजिक स्वीकृति मिल गई है। क्योंकि उसके खिलाफ आवाज उठाने वाला मध्यम वर्ग आज स्वयं अपनी दमित इच्छाओं और कुंठाओं को सहलाने लगा है। यह वह मध्यमवर्ग है जो अपने से समृद्ध को ललचायी नजरों से देखता है और अपने से पीछे वालों को तिरस्कार से। कभी सामाजिक परिवर्तन का औजार बना यह वर्ग आज आत्मकेंद्रित बनता जा रहा है।

प्रत्येक वर्ष दीपोत्सव पर हम माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं कि वे अपनी कृपा हमें दें। परंतु सब व्यर्थ चला जाता है। देवी प्रसन्न नहीं होती, बल्कि कुपित होती है। आखिर कुपित क्यों न हो? कहीं लक्ष्मी स्वरूप कुलवधू को दहेज की बलिदेवी पर कुर्बान किया जा रहा है तो कहीं उसे जन्म लेने से पूर्व ही मौत के घाट उतारा जा रहा है। देखा जाय तो देवी आज भी पूरी तरह क्रुद्ध ही है। कहीं दरिद्रता का तांडव नृत्य हो रहा है तो कहीं बाहुबलियों और धनपशुओं के हाथ पांव फैलते जा रहे हैं। करूणा के लिये कोई स्थान नहीं बचा है। अंधकार प्रकाश को निगल रहा है, रात दिन को डस रही है, कोई भूख से मर रहा है, तो कोई प्यास से तड़प रहा है। कहीं बाढ़ से लोग बेघर हो रहे हैं तो कहीं भूकंप से छाती दहल रही है तथा कहीं आतंकवाद का जिन्न निर्दोषों और मासूमों को ग्रास बनाता जा रहा है। ऐसे में हमारे राष्ट्र की शान और प्राण संस्कृति के गौरव को किस प्रकार बरकरार रखा जा सकेगा? यह चिंता और चिंतन का विषय है। जीवन में उजाले की इच्छा हर कोई रखता है। पर इस उजाले की सार्थकता तभी है जब इसकी रौनक मन के अंदर और बाहर समान रूप से हो। जबकि हो यह रहा है कि बाहर दीप आदि जलाकर उजाला तो कर दिया जाता है, लेकिन हमारी आत्मा काजल की कोठरी और मन मलिन ही बना रह जाता है। जब अंतर में छल, कपट, राग, द्वेष, ईर्ष्या, आडंबर और वैचारिक कलुषता भरी हो, ऐसे में क्या बाह्य दीपों का जलाना मात्र ही दीपावली को सार्थक बना पायेगा? प्रत्येक धर्म ने यही संदेश दिया है कि हम धन का सदुपयोग करें। उन लोगों को भी अपनी खुशी में भागीदार बनायें जो अभावग्रस्त जीवन जी रहे हैं। इसलिये जकात या दान की नीवें रखी गई। वास्तविकता तो यह है कि हमने लक्ष्मी के विराट स्वरूप को अपने अंतर्मन में बसाया ही नहीं। जिस लक्ष्मी को हम सर्वोपरि मान बैठे हैं वह तो तृष्णा या लोभ है और जब मन में तृष्णा जन्म ले लेती है तो मन का अशांत होना आवश्यक हो जाता है।

वर्तमान का भवन निर्माण अतीत की नींव पर ही किया जाता है। प्रत्येक राष्ट्र एवं जाति अपने बीते युग की स्मृतियां सुरक्षित रखने का प्रयास करती हैं। दीपावली मनाते हुये हम सिर्फ हम नहीं रह जाते, बल्कि अपने को एक पूरे इतिहास के साथ जोड़ते हैं। एक स्मृति-परंपरा को पुनर्जीवित करने की कोशिश करते हैं। आज से लगभग 2600 वर्ष पूर्व कार्तिक कृष्ण चर्तुदशी की रात्रि में पावापुर नगरी में भगवान महावीर का निर्वाण हुआ। निर्वाण की खबर सुनते ही सुर, असुर, मनुष्य, गंधर्व आदि बड़ी संख्या में वहां एकत्र हुये। रात्रि अंधेरी थी, अत: देवों ने रत्नों के दीपकों का प्रकाश कर निर्वाण उत्सव मनाया और उसी दिन कार्तिक अमावस्या के प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में उनके प्रधान शिष्य इंद्रभूति गौतम को ज्ञान लक्ष्मी की प्राप्ति हुई। तभी से प्रतिवर्ष उक्त तिथि को दीपावली का आयोजन होने लगा। यही नहीं भगवान राम के अयोध्या आगमन पर स्वागत हेतु सजाई गई दीपमाला को भी दीपावली की परंपरा से जोड़ा गया। इस प्रकार यह महापर्व भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय वातावरण में पूरी तरह पगकर प्रेरणास्त्रोत प्रमाणित हुआ है।

दुर्भाग्य से आज हमारे देश की छाती पर बहुत बड़ी तादाद में ऐसे लोग जमते जा रहे हैं जो तन से तो भारतीय है, परंतु मन से पूरे विदेशी, जिनके लिये राष्ट्रीयता और भारतीयता अक्षरों के संयोग के सिवा और कुछ भी नहीं है, जो न अपने पूर्वजों के प्रति कोई सम्मान रखते हैं और न अपने धर्म और उत्सव के प्रति। इसका परिणाम हम सभी को भुगतना पड़ रहा है। यही कारण है हम सभी के अंतर में गहरा अंधकार भरा पड़ा है। हम उसे शत्रु मानकर भयभीत हो रहे हैं और उससे डरकर बाहर के प्रकाश की ओर भाग रहे हैं। यह बाह्य भौतिक प्रकाश उस प्रकाश तक कभी नहीं ले जा पायेगा जिस प्रकाश का अर्थ ”तमसो मा ज्योर्तिगमय” वाक्य में छिपा है।

दीपावली सांस्कृतिक चेतना का मापदंड भी है और राष्ट्रीय एकता की साक्षी भी। गणेश बुद्धि के देवता हैं और लक्ष्मी संपदा की देवी। संपत्तिवान की अपेक्षा बुद्धिमान होना अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि धन का उपार्जन न्याय नीति के आधार पर हो और उसका उपयोग करने में भी विवेकशीलता से काम लिया जाये तभी वास्तविक सुख और समृद्धि आती है। दीपावली मूल रूप से सहृदयता, आपसी भाईचारे और मिठाई के रूप में आपस में मिठास पैदा करने का पर्व है। दरिद्रता के अंधकार में जीने वाले लोगों के घरों में, दिलों में हम प्रकाश की एक किरण भी जला पायें तो समझो कि हमने दीपोत्सव का उद्देश्य सार्थक कर लिया। ठीक ही तो है कि अंधेरे को क्यों धिक्कारें, अच्छा है कि एक दीप जला लें। (विनायक फीचर्स)

लावारिश गाय की सूचना देने पर युवक से मारपीट

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Giridih News :गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के झिंझरी मोहल्ले में मंगलवार की देर शाम एक युवक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी. इस घटना में झिंझरी मोहल्ला निवासी सुमित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

सुमित कुमार मंगलवार की शाम करीब सात बजे अपने घर से बड़ा चौक की ओर जा रहा था. इसी दौरान हटिया के पास पहले से मौजूद कुछ युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया. इसके बाद उसे जबरन हटिया के अंदर ले जाकर मारपीट शुरू कर दी गई. बताया गया कि हमलावरों में से एक युवक ने चाकू निकालकर वार करने की कोशिश भी की, लेकिन सुमित किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा. उसने आशंका जताई है कि कुछ दिन पहले उसने झिंझरी मोहल्ला पार्क में एक लावारिस गाय बंधे मिलने की सूचना पुलिस को दी थी, उसी रंजिश में उस पर हमला किया गया.

नगर थाना में की शिकायत

उधर सुमित ने इस संबंध में नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि मारपीट की घटना की जांच की जा रही है. शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस घटना में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

गौ माता के नाम पर करोड़ों का घोटाला – संजय सिंह

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लखनऊ: आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता कर राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह और अयोध्या सुंदरीकरण परियोजनाओं में घोटाले का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने न केवल जनता के पैसे का दुरुपयोग किया, बल्कि प्रभु श्रीराम और गौ माता के नाम पर भी भ्रष्टाचार कर आस्था को कलंकित किया है.

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि योगी सरकार के अधीन ‘स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग, अयोध्या मंडल’ द्वारा तैयार रिपोर्ट में करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार उजागर हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, 4,305 निर्माण कार्यों में अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें से केवल 102 मामलों में ही जवाब दिया गया, शेष हजारों मामलों का कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला .

कान्हा गौशाला में करोड़ों की लूटः संजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं ने गौ माता के चारे से लेकर सड़कों और योजनाओं तक में भ्रष्टाचार किया. कान्हा गौशाला में एक ही समय पर दो ट्रकों की तौल दर्शाकर भुगतान दिखाया गया, यानी एक मिनट में दो ट्रक भूसा तौल दिए गए. इसी तरह ‘प्रताप हाइट्स लिमिटेड’ नामक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को 6.05 करोड़ का भुगतान बिना कार्य किए ही कर दिया गया. इसके अलावा, लायन सिक्योरिटी सर्विस और किंग सिक्योरिटी सर्विस जैसी एजेंसियों को ₹1.31 करोड़ से अधिक का भुगतान बिना किसी अनुबंध या काम के आदेश के किया गया. 1,500 ‘घोस्ट कर्मचारियों’ के नाम पर भुगतान निकाला गया.

सड़कें, चौराहे और गौ माता का चारा खा गएः संजय सिंह ने कहा कि आईआईटी बीएचयू के छात्रों द्वारा किए ऑडिट की रिपोर्ट के अनुसार, 22 चौराहों पर लाइट सज्जा का कार्य होना था. लेकिन केवल 19 चौराहे मिले, 3 चौराहे ‘गायब’ पाए गए, जिन पर ₹4.46 करोड़ का भुगतान किया जा चुका था. इसी तरह CCTV कैमरा योजना (₹4.24 करोड़), हेल्थ एटीएम योजना (₹1.46 करोड़), वॉक्यू इल्यूजन (₹3.95 करोड़) का भी कोई अता-पता नहीं है. संजय सिंह ने कहा कि रामपथ की 28 किलोमीटर सड़क की सफाई का भुगतान किया गया. जबकि वास्तविक सफाई केवल 3-4 किलोमीटर की ही हुई. उन्होंने कहा, “सड़कें खा गए, चौराहे खा गए, गौ माता का चारा खा गए, भाजपा के लिए कोई भी चीज पवित्र नहीं रही.”

जनता की आस्था पर सबसे बड़ा हमलाः संजय सिंह ने कहा कि एक और भ्रष्टाचार है प्रताप हाइट्स का ही. इनको कुल भुगतान ₹1 करोड़ 8 लाख 79 हज़ार 306 का भुगतान हुआ है और ये सोलर परियोजना का पता ही नहीं है. कान्हा गौशाला में बिना टेंडर के ₹18 करोड़ का काम फिर इसी प्रताप हाइट्स को हैंडपंप लगाने से लेकर और तमाम कामों के नाम पर किया गया है. राम मंदिर और अयोध्या सुंदरीकरण के नाम पर हुआ यह भ्रष्टाचार जनता की आस्था पर सबसे बड़ा हमला है. संजय सिंह ने मांग की कि योगी सरकार इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे.

इन अधिकारियों के कार्यकाल में हुआ घोटालाः संजय सिंह ने उन अधिकारियों के नाम भी बताए जिनके कार्यकाल में ये गड़बड़ियां हुईं. गिरीशपति त्रिपाठी (महापौर, अयोध्या), विशाल सिंह (नगर आयुक्त, अयोध्या / सूचना निदेशक, उत्तर प्रदेश / उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण), संतोष कुमार शर्मा (नगर आयुक्त, अयोध्या), नरेंद्र प्रताप सिंह (वित्त एवं लेखा अधिकारी). साथ ही उन्होंने अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण में हुई गड़बड़ियों का भी उल्लेख किया, जहां किसानों से ₹5 लाख प्रति बिस्वा में खरीदी गई जमीन बाद में ₹1.77 करोड़ में बेची गई. संजय सिंह ने कहा कि हालिया चुनावों में अयोध्या समेत कई जिलों में भाजपा की हार का कारण जनता का यह जागरण है. “प्रभु श्रीराम जानते थे कि ये भक्त नहीं, चोर हैं. इसलिए अयोध्या, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, प्रयागराज, बांदा, चित्रकूट, हर जगह जनता ने इन्हें हराया.

गाय की गर्भ जांच अब सिर्फ एक बूंद खून से

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राई। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रसंस्करण संस्थान ने इस्तेमाल में सहज एक ऐसी घरेलू किट इजाद की है जिससे चंद सेकेंड में ही गाय की गर्भधारण स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। गाय के एक बूंद खून से ऐसी जांच संभव है। इस किट के इस्तेमाल से गाय को गर्भधारण जांच की परंपरागत एवं कष्टदायक तरीके से नहीं गुजरना पड़ेगा।

इस खोज से देश-विदेश के तमाम गौ-पालक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा संस्थान ने पनीर में मिलावट की जांच के लिए भी एक सहज-सामान्य और घरेलू किट बनाई है। इस किट का शीघ्र व्यवसायिक उत्पादन भी शुरू होने जा रहा है।

निफ्टेम के निदेशक डा हरविंदर सिंह ओबराय ने बताया कि एक ऐसी किट बनाई गई है जिससे गाय के गर्भधारण की स्थिति का तुरंत पता लग जाएगा। गाय के खून की एक बूंद से ही यह टेस्ट पूर्ण हो जाएगा। किसान गाय के गर्भधारण के 28वें दिन इस किट का इस्तेमाल कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि परंपरागत तरीके से गर्भधारण की पुष्टि करने के लिए जो तरीका डाक्टर इस्तेमाल करते हैं वह गाय तथा भ्रूण दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। गाय के गर्भाश्य तक हाथ डालने से कई बार भ्रूण के नष्ट होने की आशंका रहती है। इस प्रक्रिया से गाय को कष्टदायक स्थिति से गुजरना पड़ता है। गाय के स्वास्थ्य के लिए भी यह प्रक्रिया कई बार ठीक नहीं रहती है।

डाॅ. ओबेराय ने बताया कि किट की प्रामाणिक जांच के लिए इसे मथुरा स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान में भेजा गया था। जहां जांच में इसे बेहद सटीक परिणाम देने वाली सहज प्रणाली बताया गया है। यहां से शीघ्र ही प्रमाणपत्र मिल जाएगा।

इसके अलावा स्थानीय स्तर पर एक बड़ी गौशाला में भी इसे प्रायोगिक परीक्षण के लिए भेजा गया जहां इसकी सटीकता की पुष्टि की गई है। उन्होंने बताया कि इस किट के औद्योगिक उत्पादन की प्रकिया शुरू करने के लिए स्वीकृति के लिए केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन को भेजा गया है।

किट से खुद कर सकेंगे पनीर की जांच

डाॅ. ओबेराय ने बताया कि खाद्य पदार्थों में पनीर के मिलावटी होने की खूब शिकायतें रहती हैं। मिलावटी पनीर जहां स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इसमें आमतौर पर पांच तरह के पदार्थों की मिलावट की जाती है, जिसमें यूरिया खाद का भी इस्तेमाल होता है जोकि सेहत के लिए खतरनाक है। अन्य पदार्थों की मिलावट से कई गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। पनीर में मिलावट जांचने के लिए जो किट बनाई गई है उससे चंद सेकेंड में ही मिलावट का पता चल जाता है।

गांव में चोरी की वारदात के दौरान एक गाय को मार डालने को लेकर हंगामा

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राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में चोरी की वारदात के दौरान एक गाय को मार डालने को लेकर हंगामा हो रहा है. यह मामला एक सप्ताह पुराना है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती देखकर ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं और दोषियों को सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं. बोहेड़ा गांव में आक्रोशित ग्रामीणों ने आज, 15 अक्टूबर को बाजार बंद रख प्रदर्शन किया. हंगामे के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच की जा रही है.

गाय ने चोर को मार दी सींग

जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह बोहेड़ा गांव में कुछ चोरों ने चोरी की. चोरी करने के बाद जब वह भाग रहे थे तो इसी दौरान वहां बाड़े में बंधी एक गाय ने एक चोर को सींग से मार दिया. सींग मारने से चोर घायल हो गया. अपने साथी के घायल होने पर दूसरे चोर आग बबूला हो गए. उन्होंने मिलकर सींग मारने वाली गाय की बेरहमी से हत्या कर दी. वह गाय तब बंधी हुई थी और अपना बचाव करने में लाचार थी.

गौ हत्या की ख़बर सुनते ही गांव के लोग आक्रोशित हो गए और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. गाय के मालिक मोहन लाल डांगी ने बड़ीसादड़ी पुलिस थाने पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध गौ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई. लेकिन घटना के एक सप्ताह बाद भी जब इस मामले में पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की तो बोहेड़ा का बाजार बंद करने का आह्वान किया गया.

आज आक्रोशित ग्रामीणों ने बोहेड़ा के चौराहे पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और रास्ता बंद हो गया. सूचना पर प्रशासनिक अधिकरी मौके पर पहुंचे और मामले में कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद जाकर बोहेड़ा के बाजार वापस खोले गए.

पुलिस ने की गिरफ्तारी

इस मामले में बड़ीसादड़ी थानाधिकारी कमल चंद ने बताया कि गौ हत्या के मामले में बीएनएस की धारा 325 व गोवंश अधिनियम की धारा 38 में मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस टीम ने विशेष सूत्र व तकनीकी साक्ष्यों की मदद लेकर राजेंद्र सिंह उर्फ (21 वर्ष), भावेश उर्फ के.डी. (25 वर्ष),  सत्यनारायण उर्फ सत्तू (28 वर्ष) और देवेंद्र सिंह (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ कर आगे जांच की जा रही है.

जैनाचार्य लोकेशजी ने फ़िल्म ग्लोबल अवार्ड 2025 को संबोधित किया

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राज्यपाल शिव प्रकाश जी शुक्ला आचार्य लोकेशजी ने देवी चित्रलेखा जी को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2025: अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी ने तीसरे फ़िल्म ग्लोबल अवार्ड 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश की युवा प्रतिभाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में अपना हुनर दिखा रही है अंतरिक्ष से लेकर के फ़िल्म जगत तक अनेक युवा प्रतिभाएं उभरकर के सामने आई है| महान भारत देश इन प्रतिभाओं के बल पर पूरे विश्व में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है| उन्होंने इस अवसर पर प्रख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा जी को सम्मानित करते हुए कहा वो युवाओं के लिए एक आइकॉन हैं|
श्री राजवीर शर्मा जी के जन्मदिवस पर फिलमजायांट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिल्ली के लि मेरिडियन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री शिव प्रकाश शुक्ला जी उपस्थित रहे|
हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री शिव प्रकाश शुक्ला जी ने फिल्म एवं टीवी जगत की विशिष्ट हस्तियों को अवार्ड वितरण करते हुए सभी युवाओं का उत्साहवर्धन किया और कहा कि समाज में युवाओं का विशिष्ट स्थान है आज युवा शक्ति की बदौलत ही हमारा देश विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है | उन्होंने युवा प्रतिभाओं को हर क्षेत्र में अपनी लगन और निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी, साथ ही आयोकज श्री राजवीर शर्मा को जन्मदिन कि शुभकामनाएं दी |
देवी चित्रलेखा जी ने अपने विचारों से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया | कार्यक्रम के आयोजक श्री राजवीर शर्मा एवं श्री पारस मेहता ने सभी अतिथियों का शालायार्पण कर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया | इस अवसर पर फिल्म जगत की विभिन्न प्रख्यात हस्तियों को और अनेक आईपीएस, आईआरएस अधिकारियों को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया, कार्यक्रम का सफल संचालन सिमरन आहूजा ने किया|

फूजीफिल्म ने भारत में नई फिल्ममेकिंग कैमरा “FUJIFILM GFX ETERNA 55” किया लॉन्च                                                      

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मुंबई। इमेजिंग टेक्नोलॉजी में अग्रणी फूजीफिल्‍म इंडिया ने भारत में “फूजीफिल्‍म GFX इटर्ना 55” (GFX ETERNA 55) लॉन्च किया है। इसे फिल्ममेकिंग कैमरा ब्रॉडकास्ट इंडिया शो 2025 में लॉन्च किया गया, जो मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में अयोजित हो रहा है। “GFX इटर्ना 55” में लगभग 55mm डायगोनल लंबाई वाला बड़ा फॉर्मेट सेंसर ※1“GFX 102MP CMOS II HS” है, जो “फुल-फ्रेम” 35mm सेंसर से लगभग 1.7 गुना बड़ा है, और हाई-स्पीड इमेज प्रोसेसिंग इंजन “X-प्रोसेसर 5” से लैस है। इससे फिल्ममेकर्स को जीवंत, वास्तविक दृश्य कैप्चर करने और पोस्ट-प्रोडक्शन में अधिक लचीलापन मिलता है। “GFX इटर्ना 55” उच्च इमेज क्‍वॉलिटी के साथ बेहतरीन टोनल एक्सप्रेशन देता है और कंपनी की स्थापना के बाद से 90 वर्षों से अधिक विकसित की गई कलर रिप्रोडक्शन टेक्नोलॉजी के माध्यम से ज्‍यादा बेहतर विजुअल एक्‍सप्रेशन देता है।

“GFX ETERNA 55” में 43.8mm चौड़ा और 32.9mm ऊंचा बड़ा-फॉर्मेट सेंसर है, जो इसे फिल्ममेकिंग कैमरों के लिए डिज़ाइन किया गया दुनिया का सबसे ऊंचा बड़ा-फॉर्मेट सेंसर※2 बनाता है। यह सेंसर प्रोडक्शन साइट्स पर फुल-फ्रेम और सुपर 35mm फॉर्मेट्स से आगे निकलने वाला इमेज सर्कल※3 प्रदान करता है। इससे फिल्ममेकर्स 4:3 ओपन गेट “GF फॉर्मेट” के साथ लगभग 55mm डायगोनल वाले बड़े फॉर्मेट सेंसर का पूरा फायदा उठा सकते हैं, साथ ही पांच सिनेमा फॉर्मेट्स में से चुन सकते हैं: “प्रेमिस्‍टा”, “35mm”, “एनामॉर्फिक(35mm)”, और “सुपर35”। शामिल माउंट एडाप्टर जैसे “PL माउंट एडाप्टर G” लगाने से संगत लेंसों की रेंज बढ़ जाती है, जो फिल्ममेकर्स को अपनी क्रिएटिव विज़न को साकार करने और विविध दृश्य अभिव्यक्तियों की खोज में मदद करता है।

कोजी वाडा (मैनेजिंग डायरेक्टर, फूजीफिल्‍म इंडिया) ने कहा, “फुजिफिल्म इंडिया में हम अपने ग्रुप के मकसद ‘दुनिया को और मुस्कान दें’ को पूरा करने वाले नए-नए उत्पाद और समाधान देने के लिए समर्पित हैं। अलग-अलग विचारों, खास क्षमताओं और शानदार लोगों को जोड़कर हम ऐसे हल बनाते हैं जो दुनिया को खुशी दें। ब्रॉडकास्ट इंडिया शो में GFX ETERNA 55 का लॉन्च हमारी सोच को दिखाता है – हम तकनीक को कला से आसानी से जोड़ने वाले बेहतर समाधान लाते हैं, जो फिल्मी उत्कृष्टता देते हैं और फिल्म बनाने वालों को अनोखी गहराई, बारीकियां और रचनात्मक आजादी के साथ विजुअल्‍स कैद करने की ताकत देते हैं।”

अरुण बाबू (एसोसिएट डायरेक्टर और हेड ऑफ डिजिटल कैमरा, इंस्टैक्स™ और ऑप्टिकल डिवाइसेस डिवीजन, फूजीफिल्‍म इंडिया) ने कहा, “GFX इटर्ना 55 विजुअल स्‍टोरीटेलिंग को नई शक्ल देने की हमारी यात्रा में बड़ा कदम है। यह कैमरा फिल्मों, ओटीटी, विज्ञापनों और म्यूजिक वीडियो जैसे क्षेत्रों में रचनाकारों के लिए नई संभावनाएं खोलता है। इसमें बड़े सेंसर को ब्रांड के मशहूर फिल्म सिमुलेशन मोड और एडवांस एडिटिंग की सुविधा के साथ जोड़ा गया है। भारत का रचनात्मक जगत तेजी से बढ़ रहा है, और ऐसी नई चीजों से हम पेशेवरों को ऐसे औजार दे रहे हैं जो शानदार इमेज क्वालिटी देते हैं और शूटिंग से एडिटिंग तक की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।”

इसके अलावा, कैमरे में फूजीफिल्‍म का अनोखा “फिल्म सिमुलेशन” फीचर है, जो X और GFX सीरीज़ कैमरों में काफी सराहा गया है, और यूजर्स को फोटोग्राफिक फिल्म्स बदलने जैसे विभिन्न कलर टोन्स आसानी से हासिल करने देता है। फिल्ममेकर्स अपने क्रिएटिव्स के लिए उपलब्ध 20 फिल्म सिमुलेशन मोड्स में से पसंदीदा चुन सकते हैं। ETERNA सीरीज़, एक सिनेमा कलर नेगेटिव फिल्म है जो हॉलीवुड के फ्रंटलाइन्स पर सक्रिय लेजेंडरी सिनेमेटोग्राफर्स द्वारा पसंद किए गए प्यारे सिनेमैटिक लुक को डिजिटली रिप्रोड्यूस करने के लिए डिज़ाइन की गई है। कैमरा 16 अलग-अलग LUTs (लुक अप टेबल्स) लोड कर सकता है, जो फुटेज के लिए कलर इंफॉर्मेशन को परिभाषित करते हैं। इससे शूटिंग से पोस्ट-प्रोडक्शन तक कॉम्‍पैटिबल कलर मैनेजमेंट संभव होता है, जो फिल्ममेकर्स के लिए कुशल वर्कफ्लो प्रदान करता है।

“GFX ETERNA 55” बड़े फॉर्मेट सेंसर की अनोखी टोनल और वास्तविक-जैसे इमेज क्‍वॉलिटी प्रदान करता है, जो फिल्ममेकिंग के विभिन्न जोनर्स जैसे मूवीज, डॉक्यूमेंट्रीज़, कमर्शियल्स और म्यूजिक वीडियोज़ में नई वैल्यू लाता है। इसके प्रचुर इमेज डेटा से उच्च एडिटिंग रेज़िलिएंस भी मिलती है, जो मांगलिक प्रोडक्शन वर्कफ्लोज़ को सपोर्ट करता है।

1. उत्पाद विशेषताएं

(1) 44 x 33 बड़े फॉर्मेट सेंसर द्वारा संचालित नवीन इमेज एक्सप्रेशन

• “GFX 102MP CMOS II HS” नामक 102-मेगापिक्सेल बड़े फॉर्मेट सेंसर से लैस। “GF” G माउंट लेंस का उपयोग करने के अलावा, शामिल “PL माउंट एडाप्टर G” लगाने से पांच सिनेमा फॉर्मेट्स का समर्थन मिलता है: “प्रेमिस्‍टा”, “35mm”, “एनामॉर्फिक(35mm)”, और “सुपर35”, जो विभिन्न लेंसों के उपयोग से विविध विजुअल एक्‍सप्रेशन को सक्षम बनाता है। यह 4:3 ओपन गेट फॉर्मेट में 48 fps तक शूटिंग का समर्थन करता है, जो 43.8mm चौड़े, 32.9mm ऊंचे और 54.8mm डायगोनल वाले बड़े इमेज सर्कल का पूरा लाभ उठाता है।

– बड़े-फॉर्मेट सेंसर के साथ कॉम्‍पैटिबल दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक वेरिएबल ND फिल्टर*4 से लैस, जो सटीक नियंत्रण प्रदान करता है, जिससे वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान ND0.6 से ND2.1 तक 0.015-स्टॉप इंक्रीमेंट्स में घनत्व समायोजन सहजता से संभव होता है।

– बड़े फॉर्मेट सेंसर के लिए नया ऑप्टिकल लो-पास फिल्टर, जो मोइरे और फॉल्स कलर्स को कम करने के लिए चार-बिंदु पृथक्करण विधि अपनाता है।

– दो बेस सेंसिटिविटी, ISO 800 और ISO 3200 के साथ “ड्युअल बेस आईएसओ” शामिल। अत्यधिक कठोर लाइटिंग स्थितियों में—चाहे बहुत उज्ज्वल हो या बहुत अंधेरा—कैमरा स्वचालित रूप से बेस आईएसओ स्विच करता है, जिससे कम नॉइज के साथ स्पष्ट इमेज कैप्चर होती है।

(2) शूटिंग से एडिटिंग तक समर्थन करने वाले F-Log और फिल्म सिमुलेशन 3D-LUTs

• GFX इटर्ना 55 में 14+ स्टॉप्स की डायनामिक रेंज वाला “F-Log2” और “F-Log2 C” है। ये बड़े फॉर्मेट सेंसर का पूरा लाभ उठाते हुए समृद्ध इमेज टोनैलिटी कैप्चर करने की अनुमति देते हैं, जो पोस्ट-प्रोडक्शन में अधिक सुगमता प्रदान करता है।

• GFX इटर्ना 55 में विविध विजुअल स्‍टाइल को सक्षम बनाने के लिए 20 प्रकार के “फिल्म सिमुलेशन” शामिल हैं। इसके अलावा, Log (F-Log2/F-Log2 C) में शूट की गई फुटेज के सटीक कलर और टोन समायोजन के लिए 10 फिल्म सिमुलेशन कन्वर्जन 3D-LUTs (ITU-R BT.709 अनुरूप) हैं। लॉन्च पर घोषित “इटर्ना” और “इटर्ना ब्रीचबायपास” LUTs के साथ, यूजर्स वेब से कुल 10 3D-LUTs डाउनलोड कर सकते हैं—जिसमें उपयोग के लिए “प्रोविया/स्‍टैण्‍डर्ड, वेल्विया और अक्रॉस” शामिल हैं।

• फिल्म सिमुलेशन LUTs सहित अधिकतम 16 विभिन्न 3D-LUTs को GFX इटर्ना 55 में स्टोर किया जा सकता है, जो वांछित लुक को प्रीव्यू करते हुए शूटिंग को सक्षम बनाता है।

(3) विभिन्न कोडेक्स का समर्थन करने वाले वर्कफ्लो समाधान और सुधारी गई दक्षता

• GFX इटर्ना 55 तीन एप्‍पल ProRes*5 कोडेक्स का समर्थन करता है, अर्थात एप्‍पल ProRes 422 HQ, एप्‍पल ProRes 422 और एप्‍पल ProRes 422 L। एप्‍पल ProRes में शूटिंग के दौरान, कैमरा एप्‍पल ProRes 422 प्रॉक्‍सी जैसे प्रॉक्सी वीडियो रिकॉर्डिंग का उपयोग कर सकता है। कुल पांच कोडेक्स का समर्थन करते हुए, यह वीडियो एडिटिंग वर्कलोड को कम करता है और फिल्मिंग से पोस्टप्रोडक्शन तक समग्र वर्कफ्लो को सुव्यवस्थित करता है।

• GFX इटर्ना 55 HDMI के माध्यम से 4:2:2 10-बिट अनकंप्रेस्ड डेटा और 8K/30P 12-बिट RAW डेटा में वीडियो आउटपुट कर सकता है।

• कैमरा क्लाउड सर्विस “Frame.io Camera to Cloud” को सपोर्ट करता है, ताकि एप्‍पल ProRes प्रॉक्‍सी फाइलें और अन्य विभिन्न वीडियो फाइलें सीधे Frame.io पर अपलोड की जा सकें। वीडियो फाइलें शूटिंग साइट से दूर स्थित एडिटिंग टीमों के साथ तुरंत साझा की जा सकती हैं, जो शूटिंग से एडिटिंग तक वर्कफ्लो दक्षता को बहुत बढ़ाती है।

(4) कार्यक्षमता और परिचालन के लिए कॉम्पैक्ट और हल्‍की बॉडी

• छोटे क्रू और सोलो शूटिंग का समर्थन करने के लिए, बॉडी वजन को लगभग 2.0 किग्रा तक कम किया गया है। इसके अलावा, दोनों तरफ 3-इंच साइड मॉनिटर्स लगाए गए हैं, जो कई यूजर्स को कैमरा सेटिंग्स को एक साथ समायोजित और जांचने की अनुमति देते हैं।

• कैमरे के फ्रंट और शामिल हैंडल में मल्टी-फंक्शन डायल है, जो फूजीफिल्‍म GF लेंसों के फोकस, ज़ूम और आईरिस को नियंत्रित करता है। जब डायल को “ND” पर सेट किया जाता है, तो यह इलेक्ट्रॉनिक वेरिएबल ND फिल्टर के घनत्व का फाइन एडजस्टमेंट करने की अनुमति देता है।

– एक चमकदार 5-इंच बाहरी LCD मॉनिटर जिसमें 2000 निट्स तक का पैनल है। यह तेज़ धूप में बाहर शूटिंग करते समय भी फुटेज को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। टच-सक्षम LCD मॉनिटर में कई एडजस्‍ट करने लायक एंगल हैं, जो विभिन्न शूटिंग वातावरणों के अनुकूल लचीली पोजिशनिंग की अनुमति देते हैं और आरामदायक फिल्मिंग को सपोर्ट करते हैं।

– GFX इटर्ना 55 बॉडी में एक बैटरी बॉक्स लगा है जो उच्च-क्षमता वाली NP-W235 बैटरी रखता है। इससे बाहरी बैटरी के बिना 30 मिनट तक शूटिंग संभव होती है। इसके अलावा, बाहरी बैटरी बदलते समय NP-W235 बैटरी से पावर सप्लाई होती है, जो “हॉट स्वैप” *6 फंक्शनैलिटी को सक्षम बनाता है, जिससे कैमरा को रीस्टार्ट किए बिना बाहरी बैटरी बदलना संभव होता है।

– कैमरा ड्युअल कार्ड स्‍लॉट्स से लैस है जोकि CFएक्‍सप्रेस™ टाइप B*7 और एसडी कार्ड को सपोर्ट करता है। हाई-स्‍पीड CFएक्‍सप्रेस टाइप B कार्ड का इस्‍तेमाल करके, GFX इटर्ना 55 शूटिंग के दौरान विभिन्‍न वीडियो फॉर्मेट एवं बाइट्रेट्स रिकॉर्ड करने में मदद करता है।

आत्मविश्वास और धैर्य को सबसे बड़ी पूंजी मानती है आलिया खान

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मॉडल और अभिनेत्री आलिया खान बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खान की जबरदस्त दीवानी हैं। बचपन से ही अभिनय का शौक रखने वाली आलिया ने अपने सपनों को साकार करने के लिए मायानगरी मुंबई का रुख किया और अभिनय की दुनिया में कदम रखा।

राह आसान नहीं थी – उन्होंने कई ऑडिशन दिए, कड़ी मेहनत की और संघर्ष के बाद खुद को साबित किया। फिल्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक़ न रखने के कारण उनका सफर थोड़ा कठिन रहा, मगर उनकी माँ और बड़ी बहन ने हर कदम पर उनका साथ निभाया।

आज आलिया खान कई प्रिंट एड्स और मैगज़ीन शूट्स में नज़र आ चुकी हैं। उनका सपना है कि वह बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जलवा दिखाएं। अभिनेत्री आलियाभट करीना कपूर, कृति सेनन और श्रद्धा कपूर से वह बेहद प्रभावित हैं।

आलिया कहती हैं -“शाहरुख़ खान का अभिनय, उनका व्यवहार और उनकी पर्सनालिटी बेहद प्रभावशाली है। अगर मुझे मौका मिला तो मैं उनके साथ स्क्रीन शेयर करना चाहूंगी और इसके लिए मैं पूरी मेहनत कर रही हूं।”

दिग्गज अभिनेत्री मधुबाला के ‘अनारकली’ किरदार से आलिया को खास लगाव है। वह चाहती हैं कि अगर मौका मिले तो इस ऐतिहासिक किरदार को वह आधुनिक अंदाज़ में रीक्रिएट करें।

आलिया को डांसिंग, एक्टिंग, ट्रैवलिंग और म्यूजिक निर्देशक संजय लीला भंसाली और करण जौहर की फिल्मों से वह खुद को गहराई से जुड़ा महसूस करती हैं।

आलिया खान का कहना है कि उन्हें खुद पर और अपने खुदा पर पूरा भरोसा है। उनका आत्मविश्वास और धैर्य ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने मॉडलिंग और एक्टिंग दोनों का प्रोफेशनल कोर्स किया है और बिग बॉस में जाने की ख़्वाहिश रखती है।

वह बताती हैं – “मुझे हर तरह के किरदार निभाना पसंद है, लेकिन इमोशनल और रोमांटिक रोल मेरे दिल के करीब हैं।”

फिलहाल आलिया अपने आगामी प्रोजेक्ट्स का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हैं। अभिनय के पहले पड़ाव पर खड़ी आलिया खान जल्द ही अपनी मंज़िल तक पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यूपी के 75 जिलों में ‘काऊ टूरिज्म’ बनाने की तैयारी

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पशुपालकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. प्रदेश की सभी गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक जनपद में एक आदर्श गोशाला स्थापित की जाएगी, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके तहत ‘काऊ टूरिज्म’ की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा, जिससे गोशालाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकें बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आय का साधन उपलब्ध हो सके.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई पहचान

वहीं, प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि योगी सरकार की मंशा है कि गाय से प्राप्त पदार्थों, गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और मूत्रजनित उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देकर राज्य की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए.

महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा

इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर गोबर से बने उत्पादों का उत्पादन और विपणन किया जा सके. इसके तहत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर्व पर गाय के गोबर से बने दीपों, मूर्तियों और अन्य उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और इनके प्रचार-प्रसार के लिए जनमानस में जागरूकता अभियान चलाया जाए.

गाय आधारित उत्पादों से बढ़ेगा स्वरोजगार

मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि दीपावली के अवसर पर गोबर से बने दीप, मूर्तियां और सजावटी सामग्री के उपयोग को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की बाजारों में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम नागरिक भी इनका उपयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दे सकें. उधर, प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम के अनुसार अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार की जाएं.

गोशालाओं के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल; को मिलेगा बल

मुकेश मेश्राम ने आगे बताया कि गोशालाओं की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी. उन्होंने बताया कि इस योजना से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में न केवल गोवंश संरक्षण को नई गति मिलेगी, बल्कि गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी.

गौ मांस पकाते रंगे हाथों पकड़े गए दो आरोपी: हिंदू संगठन में दिखा आक्रोश

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