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मांस पकाकर खाने की तैयारी करने वाले ने गौ हत्या कर दी

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बलरामपुर- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में बेटे के खतना कार्यक्रम में मांस पकाकर खाने की तैयारी करने वाले ने गौ हत्या कर दी। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन बाकी आरोपियों की तालाश अब भी जारी है।

दरअसल, ग्राम छतवा में बेटे के लिए खतना कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी दौरान गाय की हत्या करके उसके मांस को बनाकर लोगों को खिलाने की चल रही थी। इसी बीच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कटे हुए मांस को जब्त कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन कुछ और आरोपी मौके से फरार हो गए।

बचा हुआ अवशेष घर के अंदर की जमीन में गाड़ दिया 

जानकारी के मुताबिक, सभी आरोपियों ने गांव के मास को रखा हुआ था और कुछ बचे अवशेष को अपने घर के अंदर रखने वाले थे। इसलिए पुलिस ने जमीन के अंदर से अवशेष को निकाला और बरामद किया है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ 429 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया है।

गो तस्करी का मामला उजागर हुआ था 

कुछ महीनों पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गो तस्करी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ था। गोसेवकों ने जान पर खेल कर मवेशियों से भरे कंटेनर को पकड़ा था। उस वक्त कंटेनर में करीब 100 गायें मिली थी। जिनमें से 15 गायों की मौत हो चुकी थी, वहीं ज्यादातर बेहद कमजोर हो गई थी। गायों से भरा कंटेनर अमानाका थाना क्षेत्र में पकड़ी गया था। इस बात की सूचना मिलने पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय मौके पर पहुंच गए थे। गोसेवकों के मुताबिक, कंटेनर में चार लोग मौजूद थे। गोसेवकों ने जैसे ही कंटेनर को पकड़ा चारों मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

राजधानी में फैली सनसनी, विधानसभा में उठा मामला

उधर इतनी बड़ी संख्या में गायोकी तस्करी की खबर से राजधानी में सनसनी फैल गई थी। यह बात विधानसभा तक पहुंच गई थी। कांग्रेस विधायक राम कुमार यादव ने शून्यकाल के दौरान गायों की बड़े पैमाने पर तस्करी के मामले को उठाया था। उन्होंने सदन को सूचना दी कि, रायपुर में 100 गायों को कंटेनर से ले जाते हुए पकड़ा गया है। उनका कहना था कि, छत्तीसगढ़ पृथक राज्य बनने के बाद इतनी बउ़ी संख्या में गोतस्करी की यह पहली घटना है।

गोहत्या बंद करो के नारे गूंजे

कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा- जब हमन गोठान की व्यवस्था बनाई थी, तो सवाल उठाया जाता था। लेकिन इनके पास अब कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि, कंटेनर में 100 गायों को लेकर तस्करी की जा रही थी। इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हो गया। विपक्ष ने गोहत्या बंद करो के नारे लगाए। तब जाकर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- बड़े ही गंभीर विषय पर आप लोगों ने ध्यान आकर्षित कराया है। सरकार के ध्यान में बात आ गई है। वे इस मामले को देखेंगे।

गौ तस्करी करने का तस्करों ने निकाला नया फार्मूला

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दौसा में गौ तस्कर लग्जरी वाहनों से गाय की तस्करी करने का नया फार्मूला इजाद कर चुके हैं। प्रदेश के मेवात इलाकों के सीमावर्ती जिलो में गौ तस्करी के मामले सामने आते रहे और समय समय पर खाकी भी अभियान चलाकर गौ तस्करों की कमर तोड़ने काम करने में जुटी है।

उधर गौ तस्करों ने तस्करी करने का नया फार्मूला निकाला है। आमजन लग्जरी कार में सफर करते हैं, लेकिन अब तस्करों ने इससे गौ तस्करी करने का काम शुरू कर दिया है। ताजा मामला बुधवार को सामने आया है, जहां जयपुर बाईपास के समीप एक हुंडई एक्सेंट लग्जरी कार लावारिस हालत में मिली थी, जिसमें एक लहुलुहान हालत में एक गाय मिली है।

इधर लावारिस कार में गाय होने की सूचना आमजन ने कोतवाली थाना पुलिस की दी, जिसपर कोतवाली थाना पुलिस मौके पहुंची और घायल अवस्था में मिली गाय को गौशाला में भिजवाया। वहीं, कोतवाल हीरालाल सैनी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि लावारिस हालत में एक हुंडई एक्सेंट कार खड़ी हैं, जिसमें एक पीछे की सीट पर गाय के पैरों को बांधकर लिटाया हुआ था। अब पुलिस द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।

हिंदी फ़िल्म “पॉलिटिकल वॉर” इंडी फिल्म्स वर्ल्ड डॉट कॉम पर होगी स्ट्रीम

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मुंबई (अनिल बेदाग) : देश भर में चुनाव चल रहा है और राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल है। ऐसे समय में राजनीति के अंधेरे पहलुओं को दर्शाती फ़िल्म मेकर मुकेश मोदी की पिक्चर “पॉलिटिकल वॉर” देखना काफी दिलचस्प होगा। सीमा बिस्वास, रितुपर्णा सेनगुप्ता सहित कई मंझे हुए कलाकारों द्वारा अभिनीत हिंदी फ़िल्म “पॉलिटिकल वॉर” 1 मई को इंडी फिल्म्स वर्ल्ड डॉट कॉम पर रिलीज होगी।
बता दें कि फ़िल्म पॉलिटिकल वॉर को सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने से रिजेक्ट कर दिया था वरना यह फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज होती लेकिन अब यह फ़िल्म ओटीटी प्लेटफार्म इंडी फिल्म्स वर्ल्ड डॉट कॉम पर 1 मई को रिलीज हो रही है। भारत में यह फ़िल्म ऑनलाइन देखने के लिए आपको मात्र 94 रुपए खर्च करने हैं।
उल्लेखनीय है कि फ़िल्म मेकर मुकेश मोदी की हिंदी फ़िल्म “पॉलिटिकल वॉर” के जबरदस्त ट्रेलर को मिलियन्स में लोगों ने देखा और लाइक शेयर किया है। निर्माता निर्देशक को उम्मीद है कि जिस तरह ट्रेलर को मिलियन्स में व्यूज मिले हैं उसी तरह फ़िल्म को भी लोग भरपूर प्यार देंगे।
फ़िल्म के कई गाने पहले ही दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इस फ़िल्म का राम भजन जय श्रीराम अयोध्या के भव्य राम मंदिर को समर्पित किया गया था। फिर दूसरे गीत “रौशनी” में दर्शाया गया है कि राजनीति में लोग किस हद तक गिर जाते हैं और चुनाव जीतने के लिए राजनेता कुछ भी करवा सकते हैं। फ़िल्म में एक मोटिवेशनल गीत “एकता बनाए रखें” और एक आइटम सॉन्ग भी है।
इंडि फ़िल्म्स इंक के बैनर तले बनी फिल्म की शूटिंग लखनऊ, वाराणसी, मुंबई और अमेरिका में की गई है। सीमा बिस्वास, रितुपर्णा सेनगुप्ता, मिलिंद गुणाजी, प्रशांत नारायण, अभय भार्गव, शिशिर शर्मा, अमन वर्मा, जितेन मुखी, पृथ्वी जुत्शी, देव शर्मा, अरुण बख्शी के अभिनय से सजी फ़िल्म पॉलिटिकल वॉर का निर्देशन विवेक श्रीवास्तव एवं मुकेश मोदी ने किया है। फ़िल्म के निर्माता मुकेश मोदी, एडिटर मनीष सिन्हा, डीओपी इंडिया के चंदन सिंह और केतक धीमन (अमेरिका), पटकथा संवाद लेखक मनोज जी पाण्डेय हैं।

Basti News: गोवंश पकड़कर पहुंचा रहे गोशाला

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दुधारु गायों को वापस पाने के लिए नगर पालिका का लगा रहे चक्कर, निराशा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में चलाया गया गोवंश संरक्षण का अभियान अब पशुपालकों पर भारी पड़ने लगा है। प्रशासन की लगातार चेतावनी के बाद जब पशुओं को छुट्टा छोड़ने वाली परंपरा नहीं बदली तो अधिकारियों ने भी पैतरा बदल दिया। अभियान में सांड हो या दुधारु गाय, सभी को पकड़कर दूरदराज के गोशालाओं में भेज दिया गया। रात दिन कैटल कैचर वाहन के साथ गोवंश पकड़ने वाली प्रशासनिक टीम पिछले दिनों पसीना बहाती रही। यही वजह है कि मानवीय आधार पर दुधारु गायों को भी छोड़ने का प्रावधान बंद कर दिया गया। अब पशुपालक अपने मवेशी को वापस पाने के लिए परेशान नजर आ रहे है।
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने एवं किसानों को राहत देने के उद्देश्य से सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं के संरक्षण को लेकर शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया। नवंबर से दिसंबर तक तहसीलवार टीम गठित कर छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोशाला में संरक्षित करने का अभियान चलाया गया। इसके लिए तहसीलों में बनाए गए नोडल अधिकारी एसडीएम को डीएम और कमिश्नर की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। खासकर नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की भरमार रही। इसमें सांड और गाय दोनों शामिल रही। टीम ने दोनों को पकड़कर गोशाला में रखना शुरू किया।

नगर पालिका क्षेत्र से 100 से अधिक गोवंश पकड़े जा चुके हैं। इसमें कुछ पशु पालकों के आय की श्राेत गाय भी शामिल है। गोशाला में भेजने के बाद इन्हें वापस लेने की कोशिश लगातार की जा रही है। मगर दो महीने बीतने को है जिम्मेदार अफसर किसी भी गोवंश को छोड़ने पर राजी नहीं है। इसके लिए पशु पालकों की ओर से दिए जा रहे शपथ पत्र भी नहीं माने जा रहे हैं।

बोले पशुपालक- स्वीकार हैं हमें गलती, लेकिन गाय न छीनें
शहरी क्षेत्र के पशुपालक गोशाला में पकड़कर रखी गायों को लेकर काफी चिंतित है। अधिकारियों की मनुहार के बाद अब वह निराश है। उनका कहना है कि अपने मवेशी को खुले छोड़ देने की गलती हमें स्वीकार है। लेकिन हमारी गायों को मुक्त कर दिया जाए। मड़वानगर के हरीश ने कहा कि जानवर है कभी- कभी रसी तोड़कर सड़क पर चले जाते है। फिर यदि हमारा जानवर सड़क पर है तो गलती मान रहे हैं, लेकिन इसके बदले हमारी पूंजी ही छीन ली जाए यह सजा स्वीकार नहीं है। जुर्माने या अन्य कोई दंड देकर भी हमें सचेत किया जा सकता है। राजन कुमार ने कहा कि उनकी गाय दो महीना पहले पकड़कर गोशाला में भेज दी गई है। वहां खाने पीने तक का इंतजाम नहीं है। अनंत कुमार ने कहा कि शासन का फरमान निराश्रित गोवंश पकड़ने का है। किसी पशुपालक की मवेशी पकड़कर गोशाला में नहीं रखा जाना चाहिए। यह उसकी संपत्ति छीनने जैसा है।

पकड़े जा चुके हैं 1500 से अधिक गोवंश
जिले में खुले में घूमने वाले 2500 गोवंश पकड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। तीन महीने के भीतर इसके सापेक्ष 1500 से अधिक गोवंश पकड़कर संरक्षित किए जा चुके हैं। इनमें दुधारू गायें भी शामिल है। इसमें से किसी भी गोवंश को छोड़ने को प्रशासन तैयार नहीं है।
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जिन पशुपालकों की गाय या बछिया पकड़ी गई है। उन्हें गोशाला में संरक्षित कर दिया गया है। इन्हें छोड़ने के लिए डीएम स्तर से कोई निर्देश नहीं है। इस मसले पर बात की जाएगी। यदि निर्देश मिलेगा तभी छोड़ा जाएगा।
-सत्येंद्र सिंह, प्रभारी ईओ/ एसडीएम

 

पार्टी के अंदर रक्षा खडसेकी उम्मीदवारी पर है नाराजगी

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महाराष्ट्र की रावेर लोकसभा सीट पर भाजपा ने दो बार से सांसद रक्षा निखिल खडसे पर भरोसा तो जता दिया है, लेकिन उनके सामने बेहद साधारण, मगर मजबूत प्रतिद्वंद्वी एनसीपी (एसपी) के श्रीराम पाटिल एक बड़ी चुनौती हैं। रक्षा खडसे 26 साल की उम्र में हीना गावित के साथ 16वीं लोकसभा की सबसे कम उम्र की सांसद बनी थीं। 2014 व 2019 में रावेर सीट जीत चुकीं रक्षा के पास राजनीतिक अनुभव खूब है, लेकिन उनकी सीट पर आंतरिक असंतोष बड़ा संकट है। रक्षा के प्रतिद्वंद्वी के पास ग्राम पंचायत चुनाव का भी अनुभव नहीं है, लेकिन किसान से उद्यमी बने पाटिल रक्षा की हैट्रिक में बड़ी बाधा हैं।  हालांकि रक्षा के ससुर पूर्व मंत्री व पूर्व भाजपा नेता एकनाथराव खडसे बहू को जीत दिलाने फिर कमल के साथ हो गए। 2014 में रक्षा की जीत में उनकी अहम भूमिका थी। लेकिन बाद में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा। बाद में भाजपा से इस्तीफा भी दे दिया था।

पार्टी के अंदर रक्षा की उम्मीदवारी पर है नाराजगी
भाजपा में रक्षा की उम्मीदवारी को लेकर नाराजगी है। दरअसल पार्टी के नेता व कार्यकर्ता चाहते थे कि जिला अध्यक्ष अमोल जावले को प्रत्याशी बनाया जाए। जब रक्षा के नाम पर मुहर लगी तो पार्टी पदाधिकारियों के मुंह बन गए। खुद एकनाथ अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन बहू के भाजपा उम्मीदवार घोषित होते ही वह पीछे हट गए। ऐसे संकेत हैं कि वह भाजपा में फिर से वापसी करेंगे और बहू को जीत दिलाने में फिर अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि आंतरिक असंतोष रक्षा के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

ननद करेंगी प्रतिद्वंद्वी के लिए प्रचार
रक्षा के लिए उनकी ननद और राष्ट्रवादी कांग्रेस महिला क्षेत्रीय अध्यक्ष रोहिणी खडसे भी बड़ी चुनौती हैं। दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती। ऐसे में तय है कि रोहिणी पार्टी उम्मीदवार पाटिल के लिए प्रचार में रक्षा के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएंगी।

महिला सशक्तीकरण समेत संसद की कई समितियों में रहीं शामिल
रक्षा महिला सशक्तीकरण समिति, विदेश मामलों की स्थायी समिति, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय की सलाहकार समिति, प्राक्कलन समिति और कृषि संबंधी स्थायी समिति की सदस्य रह चुकी हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से बीएससी किया है। उनको सामाजिक कार्य, पढ़ना, खेल-कूद और प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण पसंद है।

 

सलमान खान केस के आरोपी ने पुलिस कस्‍टडी में की आत्‍महत्‍या

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Mumbai –

सलमान खान के घर के बाहर पिछले दिनों गोलीबारी मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों में से एक ने लॉकअप में खुदकुशी कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक, 25 अप्रैल को पंजाब से गिरफ्तार किए अनुज थापन ने पुलिस हिरासत में खुदकुशी की कोशिश की और उन्हें आनन-फानन में हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि, हॉस्पिटल में उस आरोपी की जान बचाई नहीं जा सकी। बताया जा रहा है कि आरोपी ने बेडशीट का टुकड़ा ले जाकर उसका फंदा बनाया और फांसी लगा ली। हालांकि आरोपी अनुज थापन की इस कथित खुदकुशी पर पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

आरोपी अनुज थापन 32 साल का था। उस पर सुपरस्‍टार सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी करने वाले शूटर्स को हथियार मुहैया करवाने का आरोप था। पहले खबर आई थी कि अनुज थापन ने पुलिस हिरासत में अपनी जान देने की कोशिश की और फिर घटना के बाद उसे मुंबई के सेंट जॉर्ज अस्पताल, सीएसएमटी ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अनुज थापन मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर क्राइम ब्रांच में पुलिस कस्टडी के टॉयलेट में बेडशीट का एक टुकड़ा ले गया और उससे फांसी लगाकर जान दे दी।

पिछले दिनों थापन को मुंबई पुलिस ने एक अन्य आरोपी सोनू सुभाष चंदर (37) के साथ 25 अप्रैल को पंजाब से गिरफ्तार किया गया था। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने जानकारी दी थी कि डीसीबी सीआईडी सीआर संख्या 39/2024 के आरोपियों में से एक अनुज थापन ने कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके कुछ ही देर बाद आरोपी के मौत की खबर भी सामने आ गई।

 

दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) अवॉर्ड 2024 समारोह संपन्न

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ख़ुदीकोकरबुलंदइतनाकिहरतक़दीरसेपहले,

ख़ुदाबंदेसेख़ुदपूछेबतातेरीरज़ाक्याहै।

यहां दहशत, वहां वहशत, है छाया ताकत का गुरुर ।

फना होते तसव्वुर में, बड़ा बेमानी यह सुरूर,

बसर यूं जिंदगी करने के, सिवाय और कज़ा क्या है।।

उपरोक्त पंक्तियां बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता, सिंगर और उद्घोषक राजू टांक के ऊपर सटीक बैठती है।
दिनों पिछले दिनों राजू टांक द्वारा भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब  फाल्के  की स्मृति में बॉम्बे एंटरटेनमेंट के बैनर तले अंधेरी (वेस्ट), मुंबई स्थित वेदा कुनबा थिएटर (सिंटा टावर) में आयोजित दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) अवॉर्ड 2024 समारोह संपन्न हुआ। फिल्म विधा से जुड़े हर क्षेत्र में क्रियाशील प्रतिभाओं को प्रकाश में लाने और प्रोत्साहित करने की दिशा में राजू टांक के द्वारा सन् 1989 से संचालित बैनर बॉम्बे एंटरटेनमेंट अग्रसर है।
दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) अवॉर्ड 2024 समारोह के आयोजन में बॉलीवुड के वरिष्ठ प्रचारक पुनीत खरे की अहम भूमिका रही। पुनीत खरे 80 के दशक से ही बतौर फिल्म प्रचारक (पीआरओ) एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में अपनी विशिष्ट छवि कायम कर चुके हैं। फिलवक्त इवेंट मैनेजमेंट की दुनिया में काफी एक्टिव हैं। इस अवॉर्ड समारोह में दादा साहेब फाल्के के ग्रैंडसन चंद्रशेखर पुसालकर और उनकी दत्तक पुत्री नेहा बंदोपाध्याय को खास तौर पर सम्मानित किया गया। साथ साथ इस अवॉर्ड समारोह में फिल्म विधा से जुड़े अन्य प्रतिभाओं को भी अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया गया। जिनमें रॉनी रोड्रिग्स (सिने बस्टर), डॉक्टर भारती लवेकर (वर्सोवा एम एल ए), भौमिक पटेल (सिंगर/प्रोड्यूसर), संग्राम शिर्के, बी एन तिवारी, टीना घई (एक्ट्रेस), अशोक शेखर(प्रोड्यूसर/डायरेक्टर), सदाशिव धोत्रे (यूनियन लीडर), पंकज भट्ट (सहायक पुलिस कमिश्नर/सिंगर),   ऐसीपी संजय पाटिल, विजयश्री चौधरी(कोरियोग्राफर), अली खान(एक्टर), भूपेश रसीन(एक्टर), नायरा बनर्जी (टीवी एक्टर), पीयू चौहान(इंडियन सकीरा), दिलीप सेन(म्यूजिक डायरेक्टर), रामा मेहरा(एक्टर), सहिला चड्डा(एक्ट्रेस), दिलीप दलवी, दीपक तिजोरी(एक्टर), सुनील पाल(कॉमेडियन), दीपक परासर (एक्टर), पारुल चावला(पी आर ओ), संजय राज गौरीनंदन(म्यूजिक डायरेक्टर), निखिल कामथ (म्यूजिक डायरेक्टर), बिदिप्ता चक्रवर्ती (सिंगर), अंकिता नंदन(ऐंकर), गुरप्रीत कौर(ऐंकर), जयेश परमार(प्रोड्यूसर), जयेश पटेल(प्रोड्यूसर), राजेश श्रीवास्तव(फिल्म टुडे), सुभाष कश्यप, महेंद्र शर्मा (सिंगर), माधुरी पाटिल(सोशल वर्कर/सिंगर), ममता श्रीवास्तव (सिंगर), दीपक पंडित राव(निर्देशक), मनीषा खरे(सोशल वर्कर), पुनीत खरे(पीआर ओ), सानिया वर्मा(एक्ट्रेस), हेलन फॉन्सेका (एक्स मेंबर एट बेंच ऑफ मजिस्ट्रेटेस सी डब्लू एस,मुंबई), श्रेया देशमुख(एक्ट्रेस), राजकुमार तिवारी (एडिटर मुंबई ग्लोबल), सबी बजराचार्य और सुप्रिया राजेंद्र(एक्ट्रेस) के नाम उल्लेखनीय हैं। इस मौके पर नेपाल की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘विच्छेद’ को बेस्ट फीचर फिल्म अवॉर्ड दिया गया।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

भारतीय राजनीति लव जिहाद से वोट जिहाद तक*

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(राकेश अचल -विभूति फीचर्स)

जिहाद का शब्दिक अर्थ होता है नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए की जाने वाली ज़द्दोज़हद या संघर्ष, किसी जायज़ माँग के लिए भरपूर कोशिश करना या आंदोलन। जिहाद का अर्थ   मेहनत और मशक़्क़त करना भी है किन्तु जिहाद का यह दुर्भाग्य है कि इस पवित्र शब्द का चरमपंथियों ने गलत अर्थ दुनिया को समझा दिया और अब ये आम जिंदगी से निकालकर सियासत का अभिन्न अंग बनता जा रहा है। इसके लिए जितने चरमपंथी जिम्मेदार हैं उतनी ही राजनीतिक पार्टियां भी जिम्मेदार है । भाजपा ने जिहाद और लव -जिहाद के राजनीतिक अर्थ बताए तो मौजूदा आम चुनावों में कांग्रेस के वरिष्ठ  नेता ने मुस्लिम मतदाताओं से सत्ता परिवर्तन के लिए’ वोट जिहाद’ करने की अपील कर दी और अब फंस गए। उनके खिलाफ बाकायदा आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

उत्तर प्रदेश में खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम के वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद फर्रुखाबाद पुलिस ने मारिया आलम और सलमान खुर्शीद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।  दोनों नेताओं पर आईपीसी की धारा 188, 295 (ए) और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। अब उत्तरप्रदेश की सरकार और पुलिस के ऊपर है कि वो खुर्शीद साहब और उनकी भतीजी को गिरफ्तार करती है या नहीं ?

खुर्शीद साहब मुझसे उम्र में छह साल बड़े हैं ,वे मुझे अपनी शराफत,नजाकत और बुद्धिमत्ता की वजह से शुरू से प्रिय रहे हैं। उनका मुसलमान होना एक संयोग है ।  वे मुसलमान न भी  होते तो एक मनुष्य के रूप में उतने ही चर्चित होते जितने कि आज हैं। खुर्शीद भाई को पूरा देश जानता है।  सलमान खुर्शीद एक भारतीय राजनीतिज्ञ,चर्चित वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रख्यात लेखक और कानून शिक्षक हैं। वे विदेश मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री थे। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से संबंधित हैं वह एक वकील और एक लेखक है, जो 2009 के आम चुनाव में फर्रुखाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए। इससे पहले खुर्शीद  1991 में फर्रुखाबाद लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 10 वीं लोकसभा  के लिए चुने गए थे। वह जून 1991 में वाणिज्य मंत्रालय के केंद्रीय उप मंत्री बने, और बाद में विदेश मामलों के राज्य मंत्री  बन गए। खुर्शीद साहब शुरू में नेता नहीं बल्कि  1981 में प्रधान मंत्री कार्यालय  में एक विशेष अधिकारी के रूप में पदस्थ थे तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती  इंदिरा गांधी उन्हें राजनीति में लेकर आयीं।

दरअसल जो लोग खुर्शीद को नहीं जानते उन्हें बता दूँ कि सलमान खुर्शीद उस व्यक्ति का नाम है जो अपना घर फूंक कर तमाशा देखने वाला है। वे एक लेखक हैं,एक अभिनेता  हैं और बाद में जन नेता हैं। सलमान से असहमत लोगों ने सलमान खुर्शीद के नैनीताल स्थित आवास को आग तक लगा दी थी लेकिन न सलमान खुर्शीद बदले और न उनके स्वर। वे 1992 में जैसे थे वैसे ही 2024  में भी हैं। सलमान खुर्शीद और उनकी भतीजी को वोट के जरिये व्यवस्था बदलने के लिए जिहाद शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था,क्योंकि इस देश में आज लोग जिहाद के नाम से भड़क जाते हैं । सलमान खुर्शीद की मजबूरी ये रही कि  वे जिस इलाके में राजनीति करते हैं उस इलाके में उर्दू मातृभाषा के रूप में प्रचलित है। वे यदि परिवर्तन के लिए ‘ जिहाद ‘ शब्द का इस्तेमाल न करते तो मुमकिन था कि उनकी बात स्थानीय मतदाता समझ न पाता।

इस देश में मुसीबत ये है कि जो होता है उसे वो माना नहीं जाता। जैसे जो हेट स्पीच है उसे हेट स्पीच नहीं कहा जाता और जो हेट स्पीच नहीं है उसे आनन-फानन में ‘ हेट स्पीच’ मान   लिया जाता है। घृणा की भाषा के बारे में जब हमारे नेता नहीं जानते तो हमारी पुलिस उसके बारे में कैसे जान सकती है ? भारत में पुलिस के हाथ लम्बे जरूर होते हैं किन्तु हमारी पुलिस आज भी अंग्रेजों के जमाने की पुलिस है।

अभी चुनाव के पांच चरण बाक़ी हैं ,देखिये आगे-आगे होता है क्या ? वैसे मैं ईमानदारी से कहूँ  तो आज आम चुनाव एक धर्मयुद्ध जैसा ही है। एकदम महाभारत के माफिक। लोकतंत्र में वोट जिहाद के बिना कोई तब्दीली आ ही नहीं सकती। इसलिए यदि आपके पास मताधिकार है तो आप वोट जिहाद यानि वोट से क्रांति कर सकते है।(विभूति फीचर्स)

पीयूष गोयल बनाम भूषण पाटिल होगा मुकाबला

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मुंबई: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने भूषण पाटिल को मुंबई नॉर्थ सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस ने आज लोकसभा चुनाव के लिए एक और सूची की घोषणा की। इसमें देशभर से 5 उम्मीदवार शामिल हैं। मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से भूषण पाटिल के नाम की घोषणा की गई। बीजेपी ने इस सीट से पीयूष गोयल को उम्मीदवार बनाया है। इसके चलते इस सीट पर गोयल और पाटिल के बीच मुकाबला होगा।

20 मई को होगा मतदान
मुंबई उत्तर सीट से बीजेपी ने पीयूष गोयल को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने मुंबई उत्तर से भूषण पाटिल के नाम की घोषणा की है। यहां नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 3 मई है, जबकि मतदान 20 मई को होगा

पीयूष गोयल ने मुंबई उत्तर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कियाकेंद्रीय मंत्री और मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार पीयूष गोयल ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल किए जाते समय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मौजूदा सांसद गोपाल शेट्टी, मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार और आरपीआई प्रमुख व केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले पीयूष गोयल के साथ थे। इस अवसर पर बीजेपी ने ‘पदयात्रा’ निकालकर बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें भाजपा, शिवसेना, एनसीपी और आरपीआई के पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और भाजपा विधायक योगेश सावंत और अतुल भातखलकर भी मौजूद थे।

सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश को गौसदनों में दिलाए शरण

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देहरादून : उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. पंडित राजेन्द्र अंथवाल ने समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है की राज्य भर में निराश्रित गोवंश को शरण दिए जाने हेतु गौसदनों की स्थापना, संचालन व वित्तीय प्रबन्धन हेतु माह जून, 2023 में राज्य सरकार द्वारा (शासनादेश सं०- 36254 / XV-1 / दिनांक 22 जून, 2023 के द्वारा) SOP जारी करते हुए गौसदनों के निर्माण हेतु समय सारिणी निर्धारित कर सभी जिलाधिकारियों से उक्त गाइड लाइन का अनुपालन कराने की अपेक्षा की गई थी। किन्तु सड़क मार्गो पर आज भी बड़ी संख्या में गौवंश को स्वच्छन्द विचरण करते हुए देखा जा सकता है, जिनमें बड़े-छोटे नंदी गौवंश की संख्या अधिक है तथा जिससे आये दिन सड़क दुर्घटनायें हो रही हैं, हल्द्वानी में भी एक युवा की नंदी गौवंश की चपेट में आने से मृत्यु होने की बात संज्ञान में आई है। जो कि अत्यन्त ही दुःखद एवं चिंता का विषय है। बहुत बार इन गौवंश के भी वाहनों की चपेट में आने पर गम्भीर रूप से घायल होने के कारण मृत्यु हो जाती है।