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कंगना रनौत से लेकर सुष्मिता सेन और चाहत खन्ना तकः 5 अभिनेत्रियां जो अपने दिल की बात कहने से नहीं डरती हैं

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कंगना रनौत से लेकर सुष्मिता सेन और चाहत खन्ना तकः 5 अभिनेत्रियां जो अपने दिल की बात कहने से नहीं डरती हैं
मुंबई (अनिल बेदाग) : भारतीय मनोरंजन उद्योग में भी ऐसी अभिनेत्रियाँ हैं जिन्होंने बार-बार अपने दिल की बात कही है और आज, यह सूची इस क्षेत्र में अपनी संबंधित ‘विरासत’ और नाम का जश्न मनाने के बारे में है। आइए नीचे दी गई सूची पर एक नज़र डालेंः
1) कंगना रनौतः वह साहसी है, वह निडर है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप उसे गलत तरीके से रगड़ते हैं, तो निश्चित रूप से उसके पास आपकी अपनी दवा का अच्छा स्वाद देने के लिए सब कुछ है। बार-बार, उन्होंने विभिन्न प्रासंगिक मामलों पर अपने दिल की बात कही है, चाहे वह उनका व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन हो और उनकी ईमानदारी को उनकी सबसे बड़ी ताकत के रूप में श्रेय दिया जाना चाहिए।
2) सुष्मिता सेनः आखिरी लेकिन निश्चित रूप से कम नहीं, जब हम ईमानदारी और सरलता के बारे में बात करते हैं, तो हम इस नाम से कैसे चूक सकते हैं? यदि कोई शिष्टता और वर्ग की झलक के साथ सूक्ष्म गरिमा और बर्बरता की कला में महारत हासिल करना चाहता है, तो सुष्मिता वह महिला है जिससे आपको इसे सीखने की आवश्यकता है। वह हमेशा अपने व्यक्तिगत या अपने पेशेवर जीवन से संबंधित हर मुद्दे के बारे में मुखर रही हैं और एक कारण है कि कई लोग उन्हें एक ताकत के रूप में मानते हैं। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि उन्हें इस विशेष सूची में शामिल करना अनिवार्य है।
3) चाहत खन्नाः चाहत एक मजबूत और स्वतंत्र महिलाओं का सरल उदाहरण है। वह आसपास की महिलाओं की इस पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं, जो आसपास किसी से डरने के बिना अपने मन की बात बोलती हैं। एक कालीन एकल माँ, अभिनेत्री और उद्यमी होने के नाते बार-बार उनके मजबूत व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बोलती हैं, उन्होंने हमेशा राजनीतिक, मानसिक स्वास्थ्य, पालन-पोषण और बहुत कुछ जैसे सामाजिक मुद्दों के बारे में बात की है।
अपनी बेटी को अपना उपनाम देने से लेकर अभिनय परियोजनाओं को पूरा करने और इस समुदाय में एक अच्छी तरह से स्थापित नाम होने तक, वह किसी भी विषय के बारे में अपनी राय देने में कभी पीछे नहीं हटी। उन्होंने हमेशा इसके परिणामों को नजरअंदाज करते हुए खुद को स्पष्ट किया है।
4) जया बच्चनः हालांकि वह अपने तथाकथित स्पष्ट ‘अशिष्ट’ व्यवहार के लिए भारतीय पपराज़ी की ‘पसंदीदा’ नहीं हो सकती हैं, जैसा कि कई उदारवादी कहते हैं, वास्तविकता यह है कि जया बच्चन ने हमेशा किसी भी दबाव या गर्मी से डरने के बिना समाज के विभिन्न वर्गों के सभी व्यक्तियों के सामने अपने दिल की बात कहने में विश्वास किया है। जबकि भारतीय पपराज़ी के साथ उनके व्यवहार की अक्सर आलोचना की गई है, जया बच्चन ने वास्तव में कभी भी अपने रुख को स्पष्ट करने की कोशिश नहीं की है और यह इस तथ्य को दर्शाता है कि वह हमेशा अपने कार्यों की पूरी जवाबदेही लेती हैं, एक मानदंड जो हमेशा किसी भी मजबूत महिला में एक सामान्य कारक होता है। कोई आश्चर्य नहीं कि वह इस सूची में आती है।
5) मलाईका अरोड़ाः वह ताकत और साहस की एक स्तंभ हैं और निश्चित रूप से उनसे ट्रोल को प्रभावी ढंग से संभालने की कला में महारत हासिल करने की जरूरत है। चाहे वह उसके परिधान या उसके रिश्ते की स्थिति के बारे में निर्णय हो, किसी भी बात ने उसे वास्तव में परेशान नहीं किया है और उसने हमेशा हर स्थिति को गरिमा और गरिमा के साथ संभाला है। उन मौकों पर जब उन्हें बोलने की जरूरत होती है, उन्होंने अपने दिल की बात कही और जब भी उन्हें लगा कि मौन सबसे अच्छा जवाब है, तो उन्होंने उसे चुना और ईमानदारी और गरिमा का यह सुंदर मिश्रण उन्हें आज के समय और युग में एक अद्भुत और आकर्षक व्यक्तित्व बनाता है।

फिल्मी जगत के आसमान के तारे  गीतकार शैलेन्द्र* 

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सुशील गिरधर ‘शीलू’ –

 आवारा हूं या गर्दिश में हूं आसमान का तारा हूं … (आवारा) है सबसे मधुर वो गीत… (पतिता) नन्हें-मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है… (बूटपॉलिश), तू प्यार का सागर हैं… (सीमा), मेरा जूता है जापानी… (श्री 420), जहां मैं जाती हूं, वहीं चले आते हो… (चोरी-चोरी), सुहाना सफर और ये मौसम हसीं… (मधुमती), ये मेरा दीवानापन है… (यहूदी), सजन रे झूठ मत बोलो… (तीसरी कसम) जैसे मन को झंकृत कर देने वाले करीब 800 गीतों को अपने शब्दों में ढालने वाले अमर गीतकार शैलेन्द्र आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके लिखे हुए गीत सदियों तक उनकी अमरता का अहसास कराते रहेंगे। शैलेन्द्र ने चाहे गजल हो या कव्वाली, प्यार-मोहब्बत की इंतहा हो या भक्ति गीत का भगवान, प्रणय गीत का उन्माद हो या क्रांति को सुलगती हुई ज्वाला, तार हुए दिल की कैफियत हो या बुझे हुए दिल की फरियाद, हर मौके के लिए गीत लिखकर संगीत के क्षेत्र में अपना एक अलग मुकाम बनाया। शैलेन्द्र का पूरा नाम शंकर सिंह शैलेन्द्र था। इनका जन्म 30 अगस्त, 1923 को हुआ। इनके पिता का नाम श्री केसरीलाल व माता का नाम श्रीमती पार्वती देवी था।
26 वर्ष की आयु में, सन् 1949 में इनके फिल्मी जीवन को प्रसिद्धि मिली, जब उनकी पहली फिल्म ‘बरसात’ रिलीज हुई, जिसमें इनके लिखे गीत ‘बरसात में हम से मिले तुम…, ने काफी लोकप्रियता पाई। इसके बाद आने वाली फिल्म ‘आवारा’ ने इन्हें इनकी मंजिल दिखा दी। उसके बाद तो उन्होंने करीब हर संगीतकार के साथ काम किया।
शैलेन्द्र ने संगीतकार शंकर जयकिशन के लिए बरसात, आवारा,बादल, आह,पतिता,बूटपॉलिश,सीमा,श्री 420 व अन्य कई फिल्मों के लिए गीत लिखे। इसके अतिरिक्त  सलिल चौधरी के लिए दो बीघा जमीन, से लेकर पिंजरे के पक्षी तक कई गीत लिखे। हमने जफा न सीखी.. याद न जाए बीते दिनों की…, आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे…, गाता रहे मेरा दिल.., आदि गीतों में उनकी बहुकोणीय प्रतिभा झलकती है। उन्होंने सचिन देव बर्मन, रोशन, हेमंत कुमार, सी. रामचन्द्र, श्रीनाथ त्रिपाठी, चित्रगुप्त, किशोरकुमार, दत्ता राम व रवि के संगीत से सजे हजारों नगमें लिखे, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
संगीतकारों के अतिरिक्त उस समय का शायद ही कोई अभिनेता हो जिस पर उनका लिखा गीत न फिल्माया गया हो। शैलेन्द्र की प्रतिभा जितनी बहुआयामी थी, उतना ही सहज व सरल था उनका व्यावहारिक पक्ष। उन्होंने पुराने व स्थापित संगीतकारों के अतिरिक्त नए संगीतकारों के लिए भी गीत लिखे।
शैलेन्द्र ने अपने केरियर के प्रारंभ में कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया, जिनमें नया घर, बूटपॉलिश,श्री 420 और मुसाफिर भी शामिल हैं। उन्होंने तीसरी कसम फिल्म का निर्माण भी किया, वहीं दूसरी ओर 1960 में बनी फिल्म परख के लिए उन्होंने संवाद भी लिखे। यहां तक कि फिल्म पूजा में उन्होंने अपनी आवाज में एक गीत भी गाया, जिसके बोल थे ‘चल-चल रे मुसाफिर लेकिन बाद में अपने व्यक्तित्व की समूची अभिव्यक्ति अपने गीतों के माध्यम से ही की।
वे एक तरफ तो ‘जोशे जवानी.. हाय  कहते हुए ऊधमी गीत लिखते हैं तो दूसरी ओर  ‘ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना… में दर्द झलकता है। कही भक्ति की अद्धैत वाणी ‘अल्ला-अल्ला बंदे बदंगी..को शब्द देते हैं तो कहीं ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे.. लिखकर अपराजेय इश्क की घोषणा करते हैं।
बरसात से लेकर मेरा नाम जोकर तक राजकपूर द्वारा निर्मित लगभग सभी फिल्मों के थीम सांग शैलेन्द्र ने लिखे थे। शैलेन्द्र हमेशा धुन पर गीत लिखते थे। संगीतकार पहले धुन बनाकर उन्हें सुनाते थे, तब वे लिखते थे। वास्तव में यह बहुत कठिन कार्य है, पर उन्होंने इसमें कभी कठिनाई अनुभव नहीं की। सरलता, सही शब्दों का चयन और दिल को छू लेने वाले गीत शैलेन्द्र के लेखन की खासियत थी।
उन्हें तीन बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्मफेयर  पुरस्कार दिया गया- ‘यहूदी (ये मेरा दीवानापन…), अनाड़ी (सब कुछ सीखा हमने..), ‘ब्रह्मचारी (मैं गाऊं तुम सो जाओ…)के लिए दिया गया। फिल्म तीसरी कसम के निर्माण के लिए उन्हें राष्ट्रपति के स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से तीसरी कसम के लिए शैलेन्द्र 11 पुरस्कारों से सम्मानित किए गए, लेकिन तहेदिल से शैलेन्द्र ने जिस सम्मान को स्वीकारा था, वह था उन्हें चाहने वालों का प्यार रूपी सम्मान।
फिल्मी गीत और संगीत का यह अनाड़ी ,आवारा महानायक 43 वर्ष की अवस्था में 14 दिसम्बर, 1966 को हमें सदा के लिए छोड़कर चला गया। शैलेन्द्र के निधन को संगीत जगत की अपूरणनीय क्षति बताते हुए किसी शायर ने कहा था-
‘कहता है कोई दिल गया,
दिलवर चला गया।
साहिल पुकारता है,
समन्दर चला गया॥
लेकिन जो बात सच है,
वो कहता नहीं कोई।
दुनिया से मौसिकी का,
पयम्बर चला गया॥’ (विनायक फीचर्स)

गुजरात में बारिश से हाहाकार, 28 की मौत, नेशनल हाइवे बंद

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नई दिल्ली। गुजरात में भीषण बारिश के चलते हाहाकार मचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, मॉनसून की शुरुआत से अभी तक लगभग 41,500 से भी अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। यहां तीन दिनों से लगातार बारिश का कहर जारी है। अब तक 28 लोगों की मौत होने की जानकारी है। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं वैसे-वैसे मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं। कई इलाकों में बाढ आ गई है, सड़कें दरिया बन गई हैं, घर ढूब गए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आज (29 अगस्त) चौथा दिन है लेकिन फिर भी लोगों को बारिश से जरा भी राहत नहीं मिली है। मौसम विभाग ने 11 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, बाकी के 22 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के वैज्ञनिकों के अनुमान के मुताबिक, गुजरात में अगले पांच दिनो तक भारी बारिश का सिलसिला बरकरार रहेगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी आपको बता दें कि, लोगों के बचाव के लिए रेस्क्यू टीम जोरो शोरों से जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, अभी तक 32,500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वडोदरा शहर के कई क्षेत्रों में 10 से 12 फीट तक पानी लबालब भरा हुआ है। सड़कें, गाड़ियां, घर और बिल्डिंग सब ढूब गई हैं। नेशनल हाईवे बंद भीषण बारिश के चलते यातायात प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अभी तक कुल 939 रास्तों को बंद कर दिया गया है। जिसमें 5 नेशनल हाइवे, 2 एनएचएआइ, 66 स्टेट बाइवे और 774 पंचायत सड़कें सहित 92 अन्य सड़कें बंद कर दी गईं हैं।

सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हुए नुकसान की जांच करेगी संयुक्त समिति

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Mumbai – महाराष्‍ट्र में सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को असाधारण मौसम की स्थिति के कारण हुई दुर्भाग्यपूर्ण क्षति की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ भारतीय नौसेना की अध्यक्षता में एक संयुक्त तकनीकी समिति का गठन किया जा रहा है।
इस प्रतिमा का अनावरण 04 दिसंबर, 23 को नौसेना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में किया गया था। यह आयोजन पहली बार सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में किया गया था। इसका उद्देश्य समुद्री रक्षा और सुरक्षा के प्रति मराठा नौसेना और छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत एवं आधुनिक भारतीय नौसेना के साथ इसके ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करना था। इस परियोजना की परिकल्पना और संचालन भारतीय नौसेना ने राज्य सरकार के साथ मिलकर किया था। इसके लिए राज्‍य सरकार ने धन भी उपलब्ध कराया था।
भारतीय नौसेना शिवाजी महाराज की प्रतिमा की मरम्मत, पुनरुद्धार और यथाशीघ्र उसकी पुनःस्थापना के लिए सभी उपायों में सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एक_पेड़_माँ_के_नाम #Plant4Mother अभियान का आयोजन

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New Delhi – National Desk – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने  आज #एक_पेड़_माँ_के_नाम #Plant4Mother अभियान के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) कैंपस पूसा में पौधारोपण किया। श्री चौहान ने बताया कि मंत्रालय लगभग 1 एकड़ भूमि में “मातृ वन” स्थापित करेगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर, सचिव डेयर एवं महानिदेशक आईसीएआर डॉ. हिमांशु पाठक, कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय के लगभग 200 अधिकारी/कर्मचारी और स्कूली छात्र भी उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू) के सभी अधीनस्थ कार्यालय, आईसीएआर संस्थान, सीएयू, केवीके और एसएयू भी अपने-अपने स्थानों पर इसी तरह का वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। श्री चौहान ने यह भी बताया कि आज कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत 800 से अधिक संस्थानों ने भाग लिया और उम्मीद है कि कार्यक्रम के दौरान 3000-4000 पौधे लगाए जाएंगे।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वैश्विक अभियान #एक_पेड़_माँ_के_नाम #Plant4Mother का शुभारंभ किया था और प्रधानमंत्री के संकल्प को सुनिश्चित करने के लिए आज हमारे मंत्रालयों ने जन आंदोलन के रूप में #एक_पेड़_माँ_के_नाम #Plant4Mother अभियान की शुरुआत की है। श्री चौहान ने इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों/कर्मचारियों और स्कूली विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस अभियान में भाग लें और वृक्षारोपण करके अपनी माँ और धरती माँ के प्रति सम्मान प्रकट करें।

वैश्विक अभियान के हिस्से के रूप में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहा है कि सितंबर 2024 तक देशभर में 80 करोड़ पौधे और मार्च 2025 तक 140 करोड़ पौधे लगाए जाएं। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 20 जून 2024 को असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य में वृक्षारोपण गतिविधि शुरू की, जिसमें व्यक्तियों ने अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाए। पेड़ लगाने से सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशन लाइफ (Mission LiFE) के उद्देश्य को भी पूरा किया जाता है जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली का एक जन आंदोलन है। कृषि में, पेड़ उगाना टिकाऊ खेती को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पेड़ मिट्टी, पानी की गुणवत्ता में सुधार करके और जैव विविधता को बढ़ाकर कृषि उत्पादकता में सुधार करने में मदद करते हैं। पेड़ किसानों को लकड़ी और गैर-लकड़ी उत्पादों से अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्रदान करते हैं। अभियान में भूमि क्षरण और मरुस्थलीकरण को रोकने और उलटने की अपार क्षमता है।

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राष्ट्रपति की चिंता,ममता की धमकी और बंगाल में लाठीचार्ज

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Kolkata: Doctors raise slogans during a protest rally over the recent alleged rape and murder of a trainee doctor at the RG Kar Medical College and Hospital, in Kolkata, Wednesday, Aug. 21, 2024. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI08_21_2024_000148B)

मनोज कुमार अग्रवाल –

महान संत रामकृष्ण परमहंस और युवाओं के प्रणेता स्वामी विवेकानंद के प. बंगाल में जो कुछ हो रहा है वह न सिर्फ शर्मनाक है वरन कानून व्यवस्था की नाकामी और अराजकता का नंगा नाच भी है। किसी भी राज्य व्यवस्था में नागरिकों को शान्ति पूर्ण विरोध व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार होता है ।एक युवा महिला ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस के हत्यारों को फांसी और राज्य की मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सचिवालय भवन पर प्रदर्शन करने निकले छात्रों पर सियासत की लाठी चली।टियर गैस छोड़ी गई और वाटरकैनन से सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को चोटिल कर अनेक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे एक नेता प्रियंगु पांडे पर बम फेंका गया और छह राउंड गोली चलाई गई। इससे प.बंगाल की कानून व्यवस्था का अंदाजा लगा भली भांति लगाया जा सकता है। कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस में छात्र संगठनों के प्रोटेस्ट मार्च के बाद भाजपा ने 28 अगस्त को 12 घंटे के बंगाल बंद का आव्हान किया था। बंद के दौरान कई जिलों में पुलिस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई। कई नेताओं-वर्कर्स को हिरासत में लिया गया । 

नॉर्थ 24 परगना जिले के भाटपारा में भाजपा नेता प्रियंगु पांडे की कार पर फायरिंग हुई। प्रियंगु ने बताया कि लगभग 50-60 लोगों ने हमला किया। गाड़ी पर फायरिंग की और बम फेंके गए। ड्राइवर समेत दो लोगों को गोली लगी है। एक गंभीर है। नादिया और मंगलबाड़ी चौरंगी में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। टीएमसी समर्थकों ने भाजपाइयों पर लाठी-डंडे से हमला किया। बनगांव और बारासात दक्षिण में ट्रेनें रोकी गईं। भाजपा 27 अगस्त को कोलकाता में छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और उन्हें हिरासत में लेने का विरोध कर रही थी। भाजपा के बंद के दौरान डाॅक्टर भी कोलकाता में सड़कों पर उतरे।

Kolkata: Doctors raise slogans during a protest rally over the recent alleged rape and murder of a trainee doctor at the RG Kar Medical College and Hospital, in Kolkata, Wednesday, Aug. 21, 2024. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI08_21_2024_000148B)

वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के बैनर तले डॉक्टर्स ने श्यामबाजार से धरमतल्ला तक मार्च निकाला।कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा के बंगाल बंद को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। दूसरी तरफ,पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा है कि हम सात दिन का धरना शुरू करेंगे। कलकत्ता हाईकोर्ट ने हमें इसकी अनुमति दी है।

बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को लेटर लिखा है। इसमें 27 अगस्त को हुए प्रदर्शन में पुलिस की ज्यादा सख्ती की बात कही है। चिट्ठी में लिखा कि नबन्ना प्रोटेस्ट के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतंत्र के मूल्यों के हिसाब से कतई नहीं कहा जा सकता।

उधर ममता बनर्जी के तेवर बहुत गरम रहे उन्होंने कोलकाता की एक रैली में कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि यह बांग्लादेश है। मुझे बांग्लादेश से प्यार है। वे हमारी तरह बात करते हैं और हमारी संस्कृति भी एक जैसी है, लेकिन याद रखिए कि बांग्लादेश अलग देश है और भारत अलग देश है।मोदी बाबू कोलकाता के रेप-मर्डर केस में अपनी पार्टी का इस्तेमाल करके बंगाल में आग लगवा रहे हैं। अगर आपने बंगाल को जलाया तो असम, नॉर्थ-ईस्ट, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली भी जलेंगे। हम आपकी कुर्सी गिरा देंगे।

बंगाल बंद पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सीबीआई को रेप-मर्डर केस की जांच सौंपे 16 दिन बीत गए हैं। कहां है न्याय ? उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल को बदनाम कर रही है। भाजपा ने कभी भी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग नहीं की।

बुधवार को बीजेपी के बंद का असर सड़कों पर नजर आया। जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी दूसरी सर्विसेस बंद रही। ट्रेनों को रोकने के लिए बीजेपी वर्कर्स ट्रैक पर आ गए। दुकानें बंद करा दी गईं। सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गए।
हुगली, कटवा, सियालदह दक्षिण शाखा, मुर्शिदाबाद और कृष्णानगर में ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई । विभिन्न लाइनों पर लोकल ट्रेनों को रोक दिया गया। भाजपा समर्थकों ने हुगली स्टेशन पर रेल जाम कर दिया और पटरियों पर लेट गए। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बंदेल-हावड़ा लोकल ट्रेनों को बाधित किया। बैरकपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकीं। भाजपा नेता कौस्तब बागची रेलवे पटरियों पर पैदल चले।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस सड़क पर प्रदर्शनों के साथ बंद का विरोध कर रही थी और उनके कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उत्तर 24 परगना में भाजपा समर्थकों को खदेड़ दिया।

पुलिस ने बताया है कि राज्यभर में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर पुलिस पर पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकी, जहां उन्हें (प्रदर्शनकारियों को) आगे बढ़ने से रोका गया। पुलिस ने बताया कि झड़पों में कोलकाता पुलिस के 15 और राज्य पुलिस बल के 14 जवान घायल हुए हैं। पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बड़े पैमाने पर लाठीचार्ज किया, पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले दागे।
कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से पूरे देश में गुस्सा और नाराजगी का माहौल है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी प्रतिक्रिया दी है।राष्ट्रपति मुर्मू ने बुधवार को कहा,कि”मैं स्तब्ध और व्यथित हूं।कोई भी सभ्य समाज बेटियों और बहनों पर इस तरह के अत्याचारों की अनुमति नहीं दे सकता।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “जब छात्र, डॉक्टर और नागरिक कोलकाता में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।उस समय भी अपराधी दूसरी जगह शिकार की तलाश में घात लगाए हुए हैं। अब ये बहुत हो गया।”

राष्ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर एक न्यूज एजेंसी से कहा, “समाज को ईमानदारी, निष्पक्षता के साथ आत्म-विश्लेषण करने की जरूरत है।लोगों को खुद से कुछ कठिन सवाल पूछने होंगे।अक्सर घृणित मानसिकता वाले लोग महिलाओं को अपने से कम समझते हैं। वे महिलाओं को कम शक्तिशाली, कम सक्षम, कम बुद्धिमान के रूप में देखते हैं।”

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- “अब समय आ गया है कि भारत अपने इतिहास का पूरी तरह से सामना करे। हमें जरूरत है कि इस विकृति का सब मिलकर सामना करें, ताकि इसे शुरुआत में ही खत्म कर दिया जाए।” राष्ट्रपति ने कहा, आइए, हम शुरुआत में ही इस पर रोक लगाने के लिए इस विकृति से व्यापक तरीके से निपटें।

बहरहाल पश्चिमी बंगाल सरकार द्वारा लोगों के शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार पर पुलिस की लाठी,आंसू गैस,पानी की बौछार करना वहीं दूसरी ओर अराजक तत्वों द्वारा खुलेआम फायरिंग करना और बम फेंकना किसी भी नजरिए से उचित नहीं है।राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं है यह एक पतन होती राज्य व्यवस्था का संदेश है।

(विनायक फीचर्स)

 

Exclusive : कोलकाता रेप कांड का आरोपी संजय राय

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नई दिल्ली: एनडीटीवी के मुकेश सिंह सेंगर की रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता रेप-मर्डर केस को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. CBI की टीम फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कर रही है. CBI ने कुछ दिन पहले ही मुख्य आरोपी संजय राय का पॉलिग्राफी टेस्ट भी करवाया था.अब पुलिस से जुड़े सूत्रों ने भी एनडीटीवी से बड़ा खुलासा किया है. सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी संजय राय घटना वाले दिन दोपहर से ही एक ऐसी महिला की तलाश में था जो अकेली हो. पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना वाले दिन पहले संजय राय अपने दोस्त सौरभ ( जो खुद भी एक वॉलिंटियर है) के साथ रेड लाइड एरिया सोनागाझी और कालीघाट गया था. हालांकि, वहां संजय की पैसे को लेकर बात नहीं बनी थी. लेकिन वो तब से किसी ऐसी महिला की तलाश में था जो अकेली हो.
Kolkata: Doctors raise slogans during a protest rally over the recent alleged rape and murder of a trainee doctor at the RG Kar Medical College and Hospital, in Kolkata, Wednesday, Aug. 21, 2024. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI08_21_2024_000148B)

घटना को अंजाम देने से लड़की से की थी छेड़खानी

पुलिस सूत्रों के अनुसार रेड लाइट एरिया से लौटने के बाद संजय राय आरजी कर कॉलेज की तरफ बढ़ा. आर जी कर अस्पताल पहुंचने से पहले आरोपी संजय राय ने रास्ते में एक लड़की के साथ छेड़छाड़ भी की थी. वो जैसे ही आरजी कर अस्पताल के बाहर पहुंचा तो उसने पहले कोई मरीज या तीमारदार (मरीज के साथ रहने वाले) को अपना टारगेट बनाना चाहा, लेकिन उसे लगा कि अगर अस्पताल के बाहर ऐसा कुछ करता है तो हल्ला मच जाएगा. इसके बाद ही वह अस्पताल के अंदर गया. अंदर प्रवेश करने के बाद उसने पहले ऑपरेशन थियेटर की तरफ किसी डॉक्टर, नर्स या महिला मरीज को अपना शिकार बनाने की कोशिश की. लेकिन वहां उसे कोई मिला नहीं.

सेमिनार हॉल में सोती हुई थी मिली थी ट्रेनी डॉक्टर

अस्पताल के अंदर जब वह ऑपरेशन थियेटर से होता हुआ सेमिनार हॉल की तरफ बढ़ा. सेमिनार हॉल में जाते हुए वहां ट्रेनी महिला डॉक्टर अकेले सोते हुए मिल गई. उसे ऐसे ही किसी शिकार की तलाश थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने पहले पीड़िता को बेहोश किया और बाद में उसके साथ रेप किया. हालांकि, ये अभी जांच का विषय है कि आरोपी ने महिला डॉक्टर की पहले हत्या की और बाद में उसके साथ रेप किया. या फिर पहले उसकी हत्या की और बाद में उसके साथ रेप किया

“आरोपी को पता था कि गले में कौन सी जगह दबाने से कोई बेहोश हो जाता है”

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी संजय राय एक अच्छा बॉक्सर भी रहा है. इसलिए उसे ये भी पता था कि गले में कौन सी जगह दबाने से कोई बेहोश हो सकता है. इसलिए उसने जाते ही महिला डॉक्टर का गला दबा दिया. इस बीच महिला डॉक्टर ने अपने बचाव की काफी कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हो पाई. आरोपी ने महिला डॉक्टर के साथ रेप करने के बाद उसकी हत्या की, और इस घटना को करीब 40 मिनट में अंजाम देकर मौके से फरार हो गया.

ब्लूटूथ डिवाइस की वजह से पकड़ा गया आरोपी

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार तो हो गया लेकिन मौके से भागते हुए उससे एक गलती हो गई. उसका ब्लूटूथ मौके पर ही गिर गया.घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे वहां से एक ब्लूटूथ मिला. पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय राय से जब ब्लूटूथ के बारे में पूछा तो उसने कहा कि ये मेरा नहीं है. इसके बाद पुलिस ने आरोपी के फोन की MAC ID से उस ब्लूटूथ की पहचान की. इसके बाद ये साफ हो गया कि वो ब्लूटूथ आरोपी संजय राय का ही है.

सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा था आरोपी

आरोपी की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी से पहले कोलकाता पुलिस को कई चीजों को जांचना पड़ा था. पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में जुटी पुलिस ने जिस रात इस घटना को अंजाम दिया उस रात भर्ती सभी मरीजों, उनके तीमारदारों, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सों, अस्पताल के स्टॉफ और सिक्योरिटी गार्ड की पूरी लिस्ट तैयार की थी.इसके बाद सबसे पूछताछ की गई. पूछताछ के बाद अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. इसी सीसीटीवी फुटेज में संजय राय दिखा. संजय राय अस्पताल में आते और बाद में वहां से बदहवास हालत में बाहर आते हुए दिखा. उसे अस्पताल की पुलिस चौकी के स्टॉफ ने पहचाना था.

आरोपी के फोन से मिले थे सैंकड़ों पोर्न वीडियो की हिस्ट्री

पुलिस ने जब आरोपी संजय राय के फोन की जांच की तो उसके फोन से सैंकड़ों पोर्न वीडियो देखने की हिस्ट्री का पता चला था. वह फोन को इंटरनेट के इस्तेमाल से इन वीडियो को देखता था. वो पोर्न वीडियो भी अजीब किस्म के ही देखता था. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने ट्रेनी डॉक्टर के साथ जो कुछ किया उसे लेकर उसे कोई पछतावा नहीं है.

साभार एनडीटीवी

 

गुजरात के वडोदरा में भीषण बाढ़

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नई दिल्ली:  मानसून की भारी बारिश ने गुजरात में संकट पैदा हो गया है. गुजरात के कई क्षेत्रों में बारिश कि सिलसिला जारी है. इससे नदियों में बाढ़ आ गई है और शहरों में पानी भर गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में गुरुवार को भी भारी बारिश जारी रहने की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 12 में से 10 जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर गुरुवार को आंधी और बिजली की चमक के साथ भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. दिल्ली में बुधवार-गुरुवार की मध्य रात्रि से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर बना गहरा दबाव धीरे-धीरे पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा और 29 अगस्त तक पूर्वोत्तर अरब सागर से सटे सौराष्ट्र और कच्छ तट तक पहुंच जाएगा. सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग स्थानों पर 29 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है.
आईएमडी ने कहा है कि, अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. ओडिशा, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना में 30 और 31 अगस्त को भारी वर्षा होने की संभावना है.

सौराष्ट्र और कच्छ में असाधारण बारिश

आईएमडी ने कहा है कि बुधवार को समाप्त 24 घंटों के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ में असाधारण रूप से भारी बारिश हुई. इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हुई. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, कोंकण, गोवा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हुई है.

दिल्ली में आधी रात में शुरू हुई बारिश 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आधी रात में कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई. गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब के पास से आई तस्वीरों में बारिश की बूंदाबांदी दिख रही है. इससे पहले बुधवार को दिल्ली और एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में आंधी और बिजली के साथ बारिश हुई थी. मंगलवार को दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई थी. बुधवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे.

गुजरात में बारिश से 19 और लोगों की मौत, 17,800 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

गुजरात में 19 लोगों की मौत

गुजरात में बारिश से संबंधित घटनाओं में 19 और लोगों की मौत हो गई है. इससे ऐसी घटनाओं में तीन दिन में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. भारी बारिश से वडोदरा शहर में भयंकर बाढ़ आ गई है. वडोदरा से होकर बहने वाली विश्वामित्री नदी के अपने तटों को तोड़कर आवासीय इलाकों में प्रवेश कर जाने से निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है और इमारतें, सड़कें और वाहन पानी में डूब गए हैं. सेना राहत कार्यों में जुटी है. शहर के 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. बाढ़ में फंसे लगभग 1,200 लोगों को बचाया गया है.

राज्य के कुछ हिस्सों में बुधवार को लगातार चौथे दिन भी भारी बारिश जारी रही. बाढ़ प्रभावित इलाकों में से 17,800 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. जान गंवाने वालों में वे सात लोग भी शामिल हैं जो रविवार को मोरबी जिले के हलवद तालुका के धवना गांव के पास एक पुल को पार करते समय एक ट्रैक्टर ट्रॉली के बह जाने के बाद लापता हो गए थे. इस पुल से होकर पानी बह रहा था. उनके शव बरामद कर लिए गए हैं.

सौराष्ट्र क्षेत्र के देवभूमि द्वारका, जामनगर, राजकोट और पोरबंदर आदि जिलों में बुधवार को शाम 6 बजे तक 12 घंटे की अवधि में 50 मिलीमीटर से लेकर 200 मिलीमीटर तक बारिश हुई. इस अवधि के दौरान देवभूमि द्वारका जिले के भानवद तालुका में 185 मिलीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सबसे अधिक है.

वडोदरा में 1200 लोगों को बचाया गया

वडोदरा में अपने घरों और छतों पर फंसे लोगों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के जवानों ने निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि वडोदरा में अब तक 5,000 से अधिक लोगों को निकाला गया और 1,200 अन्य लोगों को बचाया गया है.

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अलावा सेना, भारतीय वायुसेना और तटरक्षक बारिश से तबाह हुए इलाकों में बचाव और राहत अभियान चला रहे हैं. बारिश से जुड़ी घटनाओं में 26 लोगों की मौत हो चुकी है. यह मौतें राजकोट, आणंद, महिसागर, खेड़ा, अहमदाबाद, मोरबी, जूनागढ़ और भरूच जिलों में हुई हैं.

राज्य में 140 जलाशय और बांध तथा 24 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बारिश के कारण यातायात और रेलगाड़ियों की आवाजाही भी बाधित हुई है, क्योंकि सड़कें और रेलवे लाइन जलमग्न हो गई हैं. राज्य के 206 बांधों में से 122 को उनके जलस्तर में तेज वृद्धि के कारण हाई अलर्ट पर रखा गया है.

हिमाचल में गुरुवार को भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने गुरुवार को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर हिमाचल प्रदेश के 12 में से 10 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हुई. मनाली में 42 मिलीमीटर, नारकंडा में 41.5 मिमी, कुफरी में 39.6 मिमी, जुब्बरहट्टी में 39 मिमी, खदराला में 36.4 मिमी, शिमला में 36.2 मिमी, कसौली में 22.6 मिमी और सराहन में 22 मिमी बारिश दर्ज की गई.

हिमाचल प्रदेश में 27 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक वर्षा में 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है तथा राज्य में 598.4 मिमी औसत बारिश के मुकाबले 461.1 मिमी वर्षा हुई है.

MP-50 से अधिक गायों को उफनती नदी में ढकेलने का वीडियो आया सामने

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MP NEWS – मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है , समाचार के अनुसार मध्य प्रदेश के सतना जिले से गायों को उफनती नदी में ढकेलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि करीब 50 से अधिक गायों को उफनती नदी में ढकेला जा रहा है. वहीं मिली जानकारी के मुताबिक करीब 20 से अधिक गायों की मौत हो गई है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान लेते हुए चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. मामला नागौद थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि जैसे ही वीडियो संज्ञान में आया तो मौके पर पुलिस पहुंची और उसके बाद मामला दर्ज किया गया है। एक तरफ जहा राज्य के मुख्यमंत्री गौ वंश को ले कर तरह – तरह की योजनाए चला रहे है वही इस प्रकार की घटना बड़ी चिंता का विषय है।

मामला सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. पूरे मामले पर थाना प्रभारी अशोक पांडे ने बताया कि मंगवार की शाम को बमहोर रेलवे पुल के पास सतना नदी में गायों को फेंकने का वीडियो सामने आया था. जिसके बाद मौके पर पुलिस टीम को भेजा गया था. पुलिस टीम ने पूरी घटना की छानबीन करने के बाद चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जिन लोगों के खिलाफ मुदकमा दर्ज किया गया है. उनमें बेटा बागरी, रवि बागरी रामपाल चौधरी और राजलू चौधरी के रूप में पहचान हुई है।

गायों को पीट-पीटकर नदी में ढकेला

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि 50 से अधिक गायों को उफनती नदी में पीट-पीटकर धकेला जा रहा है, जिसके बाद कई गायों की डूबने के बाद तड़प-तड़प कर मौक हो गई. उफनती नदी में गायों ने बचने की कोशिश की लेकिन तेज बहाव के कारण वह डूब गई. हालांकि थाना प्रभारी ने गायों की मौत की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही सही संख्या का पता चल सकेगा।

मैंने कई फिल्में मुफ्त में की हैं : चियान विक्रम

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चियान विक्रम ने तंगलान में लंगोट पहनने के अनुभव को किया साझा

मुंबई। हाल ही में मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, तंगलान स्टार चियान विक्रम ने फिल्म के साथ अपने मजबूत कनेक्शन के बारे में खुलकर बात की और इसे अपने करियर की सबसे यादगार प्रोजेक्ट्स में से एक बताया। अपनी को-स्टार पार्वती थिरुवोथु और डायरेक्टर पा रंजीत के साथ स्टेज शेयर करते हुए विक्रम ने बताया कि यह फिल्म उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई मीडिया द्वारा बहुत गर्मजोशी से स्वागत के बाद, विक्रम ने कहा, “मैंने अपने करियर में कुछ जबरदस्त रोल्स किए हैं, लेकिन तंगलान मेरे लिए बहुत, बहुत खास है। यह एक ऐसी फिल्म है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा और अगर मैं जीवित रहा तो मैं इसे अपने पोते-पोतियों और परपोते-परपोतियों को दिखाने की प्लानिंग बना रहा हूं।

विक्रम ने एक पत्रकार से मजेदार बातचीत की, जिसने उनसे तंगलान के लिए उनके इंप्रेसिव ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में पूछा। जिसपर एक मजेदार पल में, उन्होंने मज़ाक करते हुए, सीरियस तरीके से समझाने से पहले कहा,”यह पैसा है!” वह आगे कहते हैं, “मैं मजाक कर रहा हूं। मैंने मुफ्त में भी फिल्में की हैं, जब मैं इतना महत्वाकांक्षी नहीं था, लेकिन एक दिन मेरी पत्नी ने मुझे फोन किया और कहा, ‘हमें टेबल पर खाना चाहिए’!”

फिल्म में वह अक्सर धोती पहने नजर आते हैं। जिसपर विक्रम ने उसे सही करते हुए कहा, “ यह एक लॉइन या लंगोट है। मुझे पता था कि कई लोग इसे लेकर झिझक सकते हैं या असहज महसूस कर सकते हैं, लेकिन मैंने इस भूमिका में कुछ गहरा देखा। यह मेरे लिए एक बड़ा कदम था। पहले दिन तो हम सभी शर्माएं थे और बार-बार यही करते रहे (कपड़े को नीचे खींचते रहे)! लेकिन जब हमने देखा कि सभी एक ही तरह के कपड़े पहने हुए हैं, तो यह बहुत अच्छा लगा।”

‘तंगलान’ में कपड़ों के बारे में बात करते हुए, विक्रम ने बताया कि ‘तंगलान’ की फिल्मिंग एक अलग युग में कदम रखने जैसा था, उन्होंने बताया, “जब कोई बाहरी व्यक्ति हमारे यहाँ आता था, तो हम उन पर हंसते थे। वे ब्रांडेड कपड़े पहनते थे और धूप से बचने के लिए धूप का चश्मा लगाते थे। हम उन्हें मज़ाकिया अंदाज़ में देखते और आश्चर्य करते, ‘वे इतने ज़्यादा कपड़े क्यों पहने हुए हैं? बेचारे लोग!’ ऐसा नहीं है कि यह (लंगोट पहनना) मुक्तिदायक है। यह बहुत खूबसूरत चीज़ है। यह समय में अपने सबसे शुद्ध रूप में वापस जाने जैसा था। मुझे अच्छा लगा कि मैं कैसा दिख रहा हूँ, और मुझे सच में इस समय उस कपड़े में न होने की कमी खल रही है।”

*विक्रम ने आखिर में कहा*, “इस तरह की फिल्म के लिए (बड़ी ऑडियंस तक) पहुंचना बहुत मुश्किल है। मैं इस मौके के लिए अपने प्रोड्यूसर्स और रंजीत को धन्यवाद देना चाहता हूं।”

तंगलान साउथ की एक नई फिल्म है, जो कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) की असल कहानी बताती है, जब अंग्रेजों ने इसकी खोज की थी। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से अंग्रेजों ने अपने मकसद के लिए इन गोल्ड फील्ड्स में लूटपाट की। अपने अनोखे कॉन्सेप्ट के साथ, तंगलान दर्शकों को नई और अनोखी कहानियाँ देने की साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की परंपरा को जारी रखता है। यह एक और उदाहरण है कि कैसे साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बाउंड्रीज को आगे बढ़ाया जा रहा है।

पा. रंजीत द्वारा डायरेक्टेड ‘तंगलान’ 15 अगस्त को साउथ इंडियन सिनेमाघरों में कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम में रिलीज़ हुई थी। यह फ़िल्म 6 सितंबर को देशभर में हिंदी में रिलीज़ होने वाली है। ‘तंगलान’ में चियान विक्रम, पार्वती थिरुवोथु और मालविका मोहनन लीड रोल्स में हैं। वहीं, फ़िल्म का संगीत जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है।