गाय के साथ सड़कों पर उतरे सपा कार्यकर्ता
Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज गायों के साथ सड़कों पर उतरकर अनूठे अंदाज में प्रदर्शन किया. सड़कों पर गायों के साथ जुलूस निकालने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई. पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं के जुलूस को निकलने नहीं दिया. केवल मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिलाकर प्रदर्शन को खत्म करा दिया.
सपा कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर जमकर नारेबाजी करते हुए नगर निगम और यूपी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई सपा कार्यकर्ताओं ने अपने इस अनूठे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में गायों को भी शामिल कर रखा था उन्होंने गायों के गले पर तख्ती भी बांध रखी थी.
जार्जटाउन इलाके में हुआ अनूठा प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गायों के साथ यह अनूठा प्रदर्शन शहर के जार्जटाउन इलाके में हुआ. सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मौजूदा सरकार में गौ माता कही जाने वाली गायों का उत्पीड़न हो रहा है. नगर निगम एक तरफ कुत्तों का लाइसेंस जारी कर रहा है. लेकिन गायों के लाइसेंस को बंद कर दिया गया है. महाकुंभ के नाम पर लाइसेंस नहीं दिए जाने से गायों को कांजी हाउस में बंद कर दिया जा रहा है.
‘सरकार गौ माताओं को लेकर हमदर्दी जताती है’
सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार एक तरफ गौ माताओं को लेकर हमदर्दी जताती है. लेकिन हकीकत में उसकी दुर्दशा को रोक नहीं पा रही है कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन में कई पशुपालक भी शामिल थे. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का गायों के साथ यह अनूठा प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का सबब बना हुआ है.
‘गौ माताओं के साथ इंसाफ होना चाहिए’
सपा कार्यकर्ताओं और पशुपालकों का कहना है कि वह जुलूस की शक्ल में डीएम ऑफिस तक जाना चाहते थे. वहां जिला कलेक्टर के जरिए योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे. प्रदर्शनकारी सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रयागराज में महाकुंभ हमेशा आयोजित होते रहे हैं. लेकिन महाकुंभ के नाम पर गौ माताओ का उत्पीड़न इससे पहले कभी नहीं किया गया. गौ माताओं के साथ इंसाफ होना चाहिए.
सेना ने 5 लाख से अधिक पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया
केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने एक घंटे में 5 लाख से अधिक पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रादेशिक सेना की 128 बटालियन पारिस्थितिकी कार्य बल को बधाई दी
प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और प्रादेशिक सेना के ‘भागीदारी और जिम्मेदारी’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया
केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल, जैसलमेर जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा विंग होमगार्ड, संकल्प तरु एनजीओ और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों सहित कई हितधारकों को भी बधाई दी। श्री यादव द्वारा एक्स पर पोस्ट किया गया: –
5,19,130 saplings 🌳 in one hour!
The 128 Bn Eco-Task Force and Territorial Army (one of the 6 units of MoEF&CC), in association with Territorial Army, registered a World Record of planting over 5 lakh saplings in one hour.
The effort has emerged has a unique example of… pic.twitter.com/MZnDHDCGvT
— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 23, 2024
राजपूताना राइफल्स की 128 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) पारिस्थितिक कार्य बल ने 22 सितम्बर को 11:00 बजे से 12:00 बजे तक प्रधानमंत्री के अभियान “एक पेड़ मां के नाम” और प्रादेशिक सेना के आउटरीच कार्यक्रम “भागीदारी और जिम्मेदारी” के तहत जैसलमेर में “विशेष पौधारोपण अभियान” के तहत 5,19,130 से अधिक पौधे लगाए, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिक बहाली को बढ़ाना और स्थानीय समुदायों के बीच पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना है।

इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल, जैसलमेर जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा विंग होमगार्ड, संकल्प तरु एनजीओ और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों सहित कई हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। जैसलमेर में सात अलग-अलग स्थानों पर एक साथ पौधारोपण अभियान चलाया गया, जो सामुदायिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट प्रयास को प्रदर्शित करता है।

“वृक्षों की रक्षा करें” के बैनर तले और “जो वृक्षों की रक्षा करते हैं, वे सुरक्षित रहते हैं” के ध्येय वाक्य के तहत प्रादेशिक सेना इकाई ने कई विश्व रिकॉर्ड बनाए। इन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा अंतरिम मान्यता दी गई। इनमें एक घंटे में एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा पौधे, एक घंटे में महिलाओं की एक टीम द्वारा लगाए गए सबसे ज़्यादा पौधे और एक ही स्थान पर एक साथ सबसे ज़्यादा लोगों द्वारा पौधे लगाना शामिल है।

मान्यता देने वाली एजेंसी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने क्षेत्र में मौजूद रहकर पौधारोपण अभियान का सत्यापन किया और इस बड़ी उपलब्धि को प्रमाणित किया। पौधारोपण के बाद पारिस्थितिकी कार्य बल को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से पुरस्कार भी मिला।
प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को संबोधित किया
New Delhi प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय की एक विशाल सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में 15,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
समुदाय ने प्रधानमंत्री का स्वागत असाधारण गर्मजोशी और उत्साह के साथ किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध दो महान लोकतंत्रों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय अमेरिकी समुदाय द्वारा प्रभावशाली रूप से समृद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले डेलावेयर में राष्ट्रपति श्री बाइडेन के साथ उनके घर पर हुई अपनी मुलाकात के बारे में चर्चा की। यह विशेष भाव विश्वास के उस पुल को दर्शाता है, जो भारतीय समुदाय ने अमेरिका के साथ बनाया है।
प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के अपने विजन के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानव इतिहास की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ने उन्हें ऐतिहासिक तीसरा कार्यकाल प्रदान किया है, जिसमें वे पहले से कहीं अधिक समर्पण के साथ भारत की प्रगति के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पिछले दशक में भारत में हुए व्यापक बदलावों – अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर 250 मिलियन लोगों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकालने तक, भारत की आर्थिक वृद्धि और 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने तक, और अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने देश में नई जीवंतता का उल्लेख किया, जिसमें नवाचार, उद्यमशीलता, स्टार्ट-अप, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण विकास और समृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में विकास और हरित परिवर्तन के जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक विकास, समृद्धि, शांति और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन कार्रवाई, नवाचार, आपूर्ति और मूल्य श्रृंखलाओं तथा वैश्विक कौशल अंतर को दूर करने में प्रमुख योगदानकर्ता है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक मंच पर भारत की आवाज और भी गहन और जोरदार तरीके से गूंज रही है।
प्रधानमंत्री ने अमेरिका के बोस्टन और लॉस एंजेलिस में दो नए भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने तथा ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन के लिए तिरुवल्लुवर चेयर खोलने की योजना की घोषणा की । इन कदमों से भारत और अमेरिका में रहने वाले उसके प्रवासियों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारतीय प्रवासी अपनी मजबूत संगठित शक्ति के साथ भारत और अमेरिका के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला दोनों वर्ग में स्वर्ण जीतने पर भारतीय टीम की प्रशंसा की
Historic win for India as our chess contingent wins the 45th #FIDE Chess Olympiad! India has won the Gold in both open and women’s category at Chess Olympiad! Congratulations to our incredible Men’s and Women’s Chess Teams. This remarkable achievement marks a new chapter in… pic.twitter.com/FUYHfK2Jtu
— Narendra Modi (@narendramodi) September 22, 2024
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला दोनों वर्ग में स्वर्ण जीतने पर भारतीय टीम की प्रशंसा की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए आज भारतीय दल की प्रशंसा की है । उन्होंने पुरुष और महिला शतरंज की टीमों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने संदेश में लिखा है:
45वें #FIDE शतरंज ओलंपियाड में भारत की ऐतिहासिक विजय, हमारी शतरंज टीम ने उत्कृष्ट जीत हासिल की! भारत ने शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला दोनों वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है! हमारी शानदार पुरुष और महिला शतरंज टीमों को बधाई। इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने भारत की खेल यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। मैं कामना करता हूं कि यह सफलता शतरंज प्रेमियों की कई पीढ़ियों को इस खेल में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
सरकार के पहले 100 दिनों में कपड़ा मंत्रालय का मुख्य फोकस कारीगरों को सशक्त बनाना
कपड़ा क्षेत्र के लिए सरकार के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण के तहत, कपड़ा मंत्रालय ने इस सरकार के पहले 100 दिनों के दौरान भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में इस क्षेत्र के योगदान को मजबूत करने, कारीगरों को सशक्त बनाने और वैश्विक कपड़ा उद्योग में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया है। नीचे कुछ प्रमुख बिंदु दिए गए हैं:
1. 10वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह
7 अगस्त 2024 को कपड़ा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया, जिसमें भारत की अर्थव्यवस्था में हथकरघा उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। उपराष्ट्रपति, श्री जगदीप धनखड़ ने 5 संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और 17 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए।


हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए देशभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य सरकारों, बुनकर सेवा केंद्रों और विभिन्न शैक्षणिक एवं हथकरघा संस्थानों की भागीदारी रही। इनमें माई गॉव पोर्टल के माध्यम से एक सोशल मीडिया अभियान, हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा वाराणसी में एक विशेष सोर्सिंग शो (बी2बी) और शिल्प संग्रहालय में “नो योर वीव्स” कार्यक्रम शामिल था, जिसने दिल्ली के 9,000 स्कूली छात्रों के बीच जागरूकता फैलाई।
इसके अलावा, हैंडलूम हाट और दिल्ली हाट में हस्तकरघा उत्पादों की विरासत प्रदर्शनी आयोजित की गई, साथ ही कॉलेजों में प्रदर्शनियां और जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं। निफ्ट और भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) जैसे संस्थानों ने भी थीम आधारित प्रदर्शनी, बुनाई प्रदर्शन, पैनल चर्चा, प्रश्नोत्तरी और फैशन प्रस्तुतियों का आयोजन किया।
2. 100 हथकरघा और हस्तशिल्प समूहों में कौशल कार्यक्रम
27 जुलाई, 2024 को मंत्रालय ने कारीगरों और हथकरघा बुनकरों के बीच तकनीकी और सॉफ्ट कौशल बढ़ाने के लिए ‘बुनकर और कारीगर उत्थान अपस्किलिंग कार्यक्रम’ शुरू किया। अब तक, 3,600 कारीगरों और बुनकरों को लाभ हुआ है, उनके शिल्प और बाजार प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए प्रमाण पत्र और टूलकिट वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य बाजार की मौजूदा मांग और डिजाइन जरूरतों को पूरा करना है।

3. ‘शिल्प दीदी महोत्सव 2024′
22 अगस्त, 2024 को लॉन्च किए गए ‘शिल्प दीदी महोत्सव 2024’ ने 23 राज्यों के 72 जिलों की 100 महिला कारीगरों को सशक्त बनाया, जिन्हें शिल्प दीदी के नाम से जाना जाता है। एक पखवाड़े तक चलने वाली इस पहल के माध्यम से, महिला कारीगरों को दिल्ली हाट, आईएनए में विपणन के अवसर प्रदान किए गए, जिससे महिला कारीगरों के बीच आर्थिक स्वतंत्रता और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिला।

4. शिल्प संग्रहालय में वस्त्र गैलरी का उद्घाटन
8 अगस्त, 2024 को केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने शिल्प संग्रहालय में एक नई कपड़ा गैलरी का उद्घाटन किया, जो भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तनिर्मित कपड़ा विरासत को प्रदर्शित करती है। गैलरी में लगभग 28,000 हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ हैं, जिनमें 150 प्रदर्शित वस्तुएँ देश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।


5. गुजरात में एरी रेशम उत्पादन प्रोत्साहन परियोजना
टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रालय ने 9 अगस्त, 2024 को एरी सेरीकल्चर प्रमोशनल प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य 500 अरंडी उगाने वाले किसानों को एरी संस्कृति अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस पहल ने अब तक 100 किसानों को शिक्षित किया है और इसका उद्देश्य राज्य के प्रचुर अरंडी के पौधों का लाभ उठाकर गुजरात में किसानों के लिए अतिरिक्त आय का साधन प्रदान करना है।


- तकनीकी वस्त्रों में स्टार्टअप्स
6 सितंबर 2024 को मंत्रालय ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत “ग्रांट फॉर रिसर्च एंड एंटरप्रेन्योरशिप एक्रॉस एस्पायरिंग इनोवेटर्स इन टेक्निकल टेक्सटाइल्स” (GREAT) पहल के अंतर्गत 12 स्टार्टअप प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस योजना के तहत प्रत्येक स्टार्टअप को ₹50 लाख तक का समर्थन प्रदान किया जाता है। ये स्टार्टअप कंपोजिट्स, मेडिकल टेक्सटाइल्स, स्मार्ट टेक्सटाइल्स और सतत वस्त्र जैसे नवाचारी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
- जूट बोरों के लिए नई मूल्य निर्धारण विधि
28 अगस्त 2024 को, सरकार ने जूट बोरों के लिए एक नई मूल्य निर्धारण विधि को मंजूरी दी, जो टैरिफ आयोग की अध्ययन रिपोर्ट पर आधारित है। यह जूट मिलों को बेहतर मूल्य प्रदान करेगी। इस निर्णय से लगभग 4 लाख जूट मिल श्रमिकों और 40 लाख किसान परिवारों को लाभ होगा, जो मुख्यतः पश्चिम बंगाल में जूट उत्पादन में लगे हुए हैं।
यह कदम जूट उद्योग में निवेश को प्रोत्साहित करेगा, जिससे आधुनिककरण और विविधीकरण संभव होगा। यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ मेल खाता है, जिससे घरेलू जूट उत्पादन को बढ़ावा और जैविक और नवीकरणीय जूट के उपयोग के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा की जा सके।
8. VisioNxt फैशन ट्रेंड इनसाइट और पूर्वानुमान प्रणाली
5 सितंबर, 2024 को, मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इमोशनल इंटेलिजेंस (EI) का उपयोग करके एक अग्रणी फैशन ट्रेंड अंतर्दृष्टि और पूर्वानुमान प्रणाली VisioNxt लॉन्च किया। इस पहल का उद्देश्य सटीक रुझान पूर्वानुमान प्रदान करके बुनकरों, निर्माताओं, स्टार्टअप और खुदरा विक्रेताओं का समर्थन करना है, जिससे वैश्विक फैशन उद्योग में भारत की स्थिति मजबूत होगी।


VisioNxt ने एक व्यापक वेब पोर्टल, हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध एक द्विभाषी फैशन ट्रेंड बुक और एक विस्तृत टैक्सोनॉमी ई-बुक विकसित की है। ये उपकरण आसानी से सुलभ होने और मूल्यवान अंतर्दृष्टि और रुझान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो उद्योग के पेशेवरों को फैशन की गतिशील दुनिया में आगे रहने में मदद कर सकते हैं।
9. भारत टेक्स 2025 का पर्दा उठाने वाला
4 सितंबर, 2024 को, मंत्रालय ने भारत टेक्स 2025 के लिए वेबसाइट और ब्रोशर का अनावरण किया, जो एक मेगा वैश्विक कपड़ा कार्यक्रम है जो भारत को सोर्सिंग और निवेश गंतव्य के रूप में बढ़ावा देता है। 5,000 से अधिक प्रदर्शकों, 110 देशों के 6,000 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और 120,000 से अधिक आगंतुकों के भाग लेने की उम्मीद है, जो इसे सबसे बड़े वैश्विक कपड़ा शो में से एक बना देगा।


इस आयोजन का लक्ष्य 2024 में अपने पिछले संस्करण की जबरदस्त सफलता को आगे बढ़ाना है। लचीली वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं और कपड़ा स्थिरता के विषयों पर केंद्रित, इस साल का शो और भी अधिक गतिशील और आकर्षक होने का वादा करता है। उम्मीद है कि यह शीर्ष नीति निर्माताओं, वैश्विक सीईओ, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों और दुनिया भर के खरीदारों को आकर्षित करेगा, जिससे यह पहले संस्करण की तुलना में और भी अधिक जीवंत और प्रभावशाली मंच बन जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र सम्मेलन
6-7 सितंबर 2024 को, मंत्रालय ने एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें उद्योग के नेता, शोधकर्ता, राज्य सरकारें, लाइन मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय हितधारक शामिल हुए, ताकि तकनीकी वस्त्रों के भविष्य पर चर्चा की जा सके। इस सम्मेलन का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और घरेलू और निर्यात दोनों क्षेत्रों में तकनीकी वस्त्रों के लिए नए बाजार विकसित करना है।

प्रत्यक्ष भागीदारी और उत्पादों की प्रदर्शनी ने तकनीकी वस्त्रों की आवश्यकताओं और स्वदेशी उत्पादों की उपलब्धता के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, भाग लेने वाली राज्य सरकारों ने प्रतिभागियों को अपने निवेश नीतियों और प्रोत्साहन संरचनाओं के बारे में जानकारी दी। यह पहल नए अनुप्रयोग क्षेत्रों में बाजार विकास को प्रोत्साहित करने और निर्यात के लिए नए रास्ते खोलने की उम्मीद करती है, जिससे उद्योग के विकास को और बढ़ावा मिलेगा।
ये उपलब्धियां कपड़ा मंत्रालय की भारत के वस्त्र क्षेत्र को पुनर्जीवित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और देशभर के कारीगरों और बुनकरों के जीवनयापन को सुधारने के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करती हैं।
कीचड़ में फंस कर गायों की मौत
डीग जिला स्थित श्याम ढाक गौशाला में चारे-पानी, चिकित्सा और देखरेख के अभाव में गाय मौत के मुंह में समा रही हैं. मृत गायों के शवों की ऐसी दुर्दशा है कि कुत्ते उन्हें नोंच रहे हैं. हाल ही में मानसूनी बारिश के चलते गौशाला संचालक की अनदेखी के कारण गौशाला की जमीन में दलदल बन जाने से मवेशियों के पैर कीचड़ में फंस रहे हैं जिससे कमजोर मवेशियों की मौत हो रही है. मृत गायों के शवों को दफनाने की बजाय ऐसे ही गौशाला मे छोड़ दिया जाता है.
गौशाला से बदबू आई तो लगा पता
मृत गायों के शव कंकाल के रूप में पड़े रहते हैं. पिछले कई दिनों से ग्रामीणों को गौशाला से बदबू आ रही थी. जब मौके पर जाकर देखा तो गौशाला में कई गोवंश मृत पड़े हुए थे और उन्हें कुत्ते खा रहे थे. वहीं कुछ गोवंश दलदल में फंसे हुए थे. ग्रामीणों ने एंबुलेंस की मदद से दलदल में फंसी घायल गायों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. हालांकि जिला प्रशासन को अवगत कराने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
नहीं दिया चारा और पानी
गांव बरौली चौथ निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि गांव में श्याम ढाक गौशाला है. जिसके अंदर से कई दिनों से बदबू आ रही थी. जब ग्रामीणों ने गौशाला के अंदर जाकर देख तो गौशाला में कई गोवंश मृत पड़े हुए थे और उन्हें कुत्ते नोच रहे थे. मानसूनी बारिश से जमीन का दलदल होने से दर्जन भर से भी ज्यादा गौवंश उसमें फंसे हुए थे. साफ झलक रहा था कि पानी, चिकित्सा और देखरेख के अभाव में गाय मौत के मुंह में समा रही हैं.
गौशाला में 1500 गौवंश, संभाल में लापरवाही
ग्रामीणों ने बताया कि यह गौशाला रजिस्टर्ड नहीं है और वन विभाग की जमीन पर संचालित है. इस गौशाला के संचालक की जिम्मेदारी वृंदावन निवासी राम दास महाराज को सौंप रखी है. इस गौशाला में करीब 1500 गौवंश है. जिनकी की देखभाल के लिए गौशाला संचालक ने दो कर्मी लगा रखे है. गौ संचालक राम दास महाराज कभी-कभार ही आते हैं. इस गौशाला में गायों के लिए चारा भी समाज सेवियों के द्वारा उपलब्ध कराया जाता हैं
चोरी का मामला आया सामने, चोरो ने चुराईं 47 गायें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल भोपाल के एक ग्रामीण इलाके रुनाहा गांव में स्थित एक गौशाला से 47 गायों की चोरी की घटना जानकारी में आई है, जिसने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही नजीराबाद पुलिस थाना क्षेत्र की पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक अब तक 15 गायें बरामद की जा चुकी हैं, जबकि बाकी गायों की खोज अभी भी जारी है।जानकारी के मुताबिक, यह घटना बीती रात की बताई जा रही है। बता दें कि दो संदिग्ध व्यक्ति रुनाहा गांव की गौशाला में घुसे। वहीं स्थानीय लोगों और गौशाला के कर्मचारियों को इस बात का पता चलते ही उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। वहीं गौ रक्षकों और पुलिस की तत्परता से गायों की तलाश शुरू कर दी गई।
दरअसल शिकायत मिलते ही पुलिस द्वारा तुरंत एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। वहीं इस दौरान पुलिस और गौ रक्षक दल ने आसपास के जंगल और इलाके में तलाशी की। जानकारी के मुताबिक देर रात कई गायें जंगल में एक झुंड में मिल गईं। जिसके बाद इन गायों को सुरक्षित गौशाला वापस लाया गया।
जानकारी के अनुसार घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा अब इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है। दरअसल शुरुआती जांच में यह पता चला है कि दो संदिग्ध व्यक्ति चोरी की योजना बनाकर गौशाला में घुसे थे। हालांकि यह भी शक जताया जा रहा है कि यह मामला मवेशी तस्करी से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में गायों को चोरी करना किसी साधारण व्यक्ति का काम नहीं जान पड़ता है।
अभी भी बाकी गायों की तलाश की जा रही है
वहीं, सर्च ऑपरेशन के दौरान अभी तक 15 गायें मिल चुकी हैं, लेकिन बाकी गायों की तलाश अभी भी जारी है। जिसके चलते पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा हैं और गायों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
संग्राम सिंह मिक्स्ड मार्शल आर्ट में शानदार जीत के साथ बने पहले भारतीय खिलाड़ी
मुंबई (अनिल बेदाग) : बहुमुखी प्रतिभा के धनी भारतीय खिलाड़ी संग्राम सिंह ने एक बार फिर अपने देश को गौरवान्वित किया है, उन्होंने जॉर्जिया के त्बिलिसी में गामा इंटरनेशनल फाइटिंग चैंपियनशिप में अपने पहले एमएमए मुकाबले में महत्वपूर्ण जीत हासिल कर ये बता दिया है कि भारत की मिट्टी से बना ये लाल, जब मैदान में खेल के लिए उतरता हैं तब एक योध्या बनकर अपने प्रतिद्वंद्वी को चारों खाने चित्त कर देता हैं।
संग्राम सिंह ने पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय फाइटर अली रजा निसार को केवल 1 मिनट और 30 सेकंड में सबमिशन के ज़रिए हराया। यह उल्लेखनीय उपलब्धि उन्हें एमएमए मुकाबला जीतने वाला पहला भारतीय पुरुष पहलवान बनाती है, जो वैश्विक मंच पर भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
संग्राम सिंह सुर्खियाँ बटोरने के लिए नए नहीं हैं। कुश्ती में अपने उल्लेखनीय करियर के लिए माने-जाने वाले संग्राम कॉमनवेल्थ हैवीवेट कुश्ती चैंपियनशिप में रहे हैं और उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी पिछली जीतों में विश्व पेशेवर कुश्ती में कई जीत और प्रशंसाएँ शामिल हैं। उनकी कुश्ती यात्रा और भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपनी युवावस्था में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों पर काबू पाया, जिसमें रुमेटॉइड गठिया भी शामिल है, जिसके कारण उन्हें एक बार व्हीलचेयर पर रहना पड़ा था। उनकी रिकवरी और चैंपियन पहलवान बनने का सफर उनके लचीलेपन और दृढ़ संकल्प की असाधारण भावना को दर्शाता है।
रिंग में अपने कौशल से परे, संग्राम सिंह को फिटनेस और स्वास्थ्य में उनके योगदान के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। वह फिट इंडिया आइकन* के रूप में कार्य करते हैं, जो सरकार के प्रमुख फिट इंडिया मूवमेंट का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहाँ वे लाखों लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे विकसित भारत और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों के ब्रांड एंबेसडर हैं, जो भारत के युवाओं के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत करता है।
अपनी हालिया MMA जीत पर विचार करते हुए, संग्राम ने विनम्रतापूर्वक कहा, “जीतना केवल अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने के बारे में नहीं है; यह अपनी खुद की सीमाओं को पार करने के बारे में है। जब आपके पास दृढ़ संकल्प और सफल होने की इच्छा होती है तो उम्र केवल एक संख्या होती है।” 40 साल की उम्र में, संग्राम 93 किलोग्राम वर्ग में 17 साल छोटे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ़ खेल रहे थे, जिसने दिखाया कि अनुभव और मानसिक दृढ़ता युवावस्था और ताकत पर विजय प्राप्त कर सकती है।
जैसे-जैसे वह नई ऊँचाइयों को छूते जा रहे हैं, संग्राम सिंह प्रेरणा का एक स्थायी स्रोत बने हुए हैं। व्यक्तिगत प्रतिकूलताओं पर काबू पाने से लेकर विश्व मंच पर भारत को गौरव दिलाने तक की उनकी यात्रा दुनिया भर के महत्वाकांक्षी एथलीटों के लिए दृढ़ता और समर्पण का एक शानदार उदाहरण है।
Coming Up Maharashtra Election News -VBA की पहली लिस्ट जारी
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की घोषणा होने में अभी वक्त है। महाविकास अघाड़ी और महायुति में सीटों का बंटवारा अंतिम चरण में है। इससे पहले वंचित बहुजन अघाड़ी ने उम्मीदवार घोषित करने में बाजी मार ली है। वीबीए प्रमुख डॉ प्रकाश अंबेडकर ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 11 विधान सभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। इसमें बीजेपी के दिग्गज नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है। इसके अलावा लेवा पाटिल समुदाय से आने वाली ट्रांसजेंडर शमीभा पाटिल को भी वीबीए ने टिकट दिया है। शमीभा उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले की रावेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।
वंचित बहुजन अघाड़ी ने नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा किया है। यहां से विनय भांगे को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसके अलावा औरंगाबाद पूर्व से बीजेपी के अतुल सावे, रावेर से कांग्रेस के शिरीष चौधरी, नांदेड़ दक्षिण से कांग्रेस के मोहन हंबार्डे, सिंदखेड राजा से एनसीपी के राजेंद्र शिंगणे के खिलाफ वीबीए ने उम्मीदवार घोषित किया है।












