Home Religion यूक्रेन-रूस युद्ध से पैदा हुए संकट से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र...

यूक्रेन-रूस युद्ध से पैदा हुए संकट से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत (India) भी अछूता नहीं रह सकता

1231
0

यूक्रेन-रूस युद्ध से पैदा हुए संकट से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत (India) भी अछूता नहीं रह सकता. लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी एक्टिव मोड में आ चुके हैं. उन्होंने बड़ी पहल करते हुए खुद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से फोन पर बातचीत की और शांति की दिशा में कदम बढ़ाने को कहा. पीएम मोदी और पुतिन के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई. पीएम मोदी ने पुतिन से फोन पर क्या कहा? पीएम मोदी और पुतिन के बीच इस बातचीत में युद्ध शुरू होने के बाद के हालात पर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बातचीत में राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को यूक्रेन से जुड़े हाल के घटनाक्रम के बारे में पूरी जानकारी दी. तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रूस और नाटो समूह के बीच विवाद को सिर्फ ईमानदार बातचीत के माध्यम से ही सुलझाया जा सकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने हिंसा को तत्काल खत्म करने की अपील की और राजनयिक स्तर की वार्ता के रास्ते पर लौटने के लिए सभी पक्षों से ठोस प्रयास करने का आह्वान किया है. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से जो बातचीत की, उसका आधार दिल्ली में यूक्रेन की ओर से की गई एक इमोशनल अपील भी थी, जिसमें यूक्रेन के राजदूत ने भारत और रूस के बेहतर संबंधों की याद दिलाते हुए पीएम मोदी से बातचीत करने और टेंशन खत्म कराने की अपील की. इसके कुछ घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सीसीएस यानी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक की, जिसमें राष्ट्रपति पुतिन के साथ टेलीफोन पर बात करने का फैसला लिया गया.

पुतिन ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने का दिया भरोसा पीएम मोदी ने पुतिन से शांति बहाल करने की अपील की तो साथ ही यूक्रेन में भारतीय नागरिकों, खास तौर पर वहां फंसे छात्रों की सुरक्षा के संबंध में भी भारत की चिंताओं से पुतिन को अवगत कराया. इसके बाद पुतिन ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सकुशल बाहर निकालने के लिए अपने अधिकारियों को आदेश जारी करने का भरोसा भी दिया है. दो नेताओं की इस बातचीत का ब्यौरा रूस की तरफ से भी दिया गया है. रूसी राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की.

राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को बताया कि यूक्रेन पर हमला क्यों करना पड़ा. पुतिन ने पीएम मोदी को बताया कि डोनबास के आम नागरिकों पर कीव से चलने वाली सरकार ने आक्रामक कार्रवाई की. मिंस्क समझौते का उल्लंघन भी किया गया और इसके अलावा यूक्रेन में अमेरिका और नाटो की मदद से सामरिक तौर पर जो गतिविधियां चल रही थीं. इन सबकी वजह से ही रूस को सैन्य कार्रवाई का फैसला लेना पड़ा.

रूस और यूक्रेन के बीच बदतर हो चुके हालात के बीच रूस ने अमेरिका के तमाम आर्थिक प्रतिबंधों को दरकिनार कर दिया है, लेकिन लगता है अमेरिका के सामने दूसरा कोई रास्ता भी नहीं बचा है. दरअसल दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद के बीच एक बार फिर बाइडन मीडिया के सामने आए. उन्होंने रूस के 4 बड़े बैंकों पर प्रतिबंध के साथ कई दूसरे आर्थिक पाबंदियों का एलान किया. इसके साथ ही अमेरिका में रूस के दूसरे नंबर के राजनयिक को भी देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया है. माना जा रहा है कि रूस का हमला यूक्रेन पर हो रहा है, तबाही यूक्रेन में मच रही है, लेकिन दर्द अमेरिका को भी हो रहा है.

क्योंकि इस हमले ने अमेरिका के सुपर पावर वाली छवि को पुतिन ने बड़ा झटका दिया है. बाइडेन सरकार पर पुतिन के सामने बैकफुट पर जाने के आरोपों के बीच बीती रात अमेरिका राष्ट्रपति मीडिया से मुखातिब हुए. वह रूस के खिलाफ जमकर बोले और एक के बाद एक कई आर्थिक प्रतिबंधों का एलान करते चले गए. यूक्रेन में अमेरिका अपनी सेना तैनात नहीं करेगा इस हमले से अमेरिका पूरी तरह गुस्से में है. अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने चेतावनी देते हुए कहा कि पुतिन ने युद्ध के रास्ते को चुना है और अब उनके कदमों की कीमत रूस के लोग चुकाएंगे. बाइडन ने इस वादे को दोहराया कि नाटो देशों के हर इंच की जमीन की रक्षा की जाएगी, लेकिन नाटो में शामिल होने के चक्कर में तबाही झेल रहे यूक्रेन में अमेरिका अपनी सेना तैनात नहीं करेगा. इसके अलावा बाइडन ने पुतिन से बात करने से साफ इनकार कर दिया है. कहा – मेरी कोई योजना नहीं है क्योंकि पुतिन फिर से सोवियत संघ बनाना चाहते हैं. लेकिन पत्रकारों के सवाल पर बाइडन ने जरूर भारत से चर्चा करने की बात कही और इसके कुछ देर बाद ही अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की. नाटों देशों के साथ अमेरिका की बैठक हालांकि आज फिर दुनिया की निगाहें जो बाइडन पर होंगी क्योंकि उनके मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध के हालात पर आज नाटो देशों के साथ अमेरिका की बड़ी बैठक है. रूस-यूक्रेन युद्ध के हालात पर आज नाटो देशों के साथ अमेरिका की बड़ी बैठक है.SHOW LESS

Previous articleमेवात में गौ तस्करों ने किया पुलिस टीम पर हमला हसीन गिरफ्तार 1 दर्जन लोगों पर केस दर्ज
Next articleआधुनिक दधीचि वीर सावरकर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here