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गौशाला को संचालित करने के लिए सिर्फ़ सरकार पर आश्रित नहीं रहकर स्वयं के संसाधनों से स्वावलंबन की ओर बढ़ेँ :दिनेशगिरी

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गौशाला को संचालित करने के लिए सिर्फ़ सरकार पर आश्रित नहीं रहकर स्वयं के संसाधनों से स्वावलंबन की ओर बढ़ेँ :दिनेशगिरी

डॉ. आर बी चौधरी एवम हरनारायण सोनी

ओसिया (राजस्थान):पिंजरापोल गौशाला सांगानेर जयपुर में राजस्थान गोसेवा समिति कार्यकारिणी की बैठक संरक्षक महंत हीरापुरी महाराज, अध्यक्ष महंत दिनेशगिरी महाराज, उपाध्यक्ष रघुनाथ भारती महाराज सिणधरी, गोविंद बल्लभदास महाराज श्रीपति धाम नंदनवन, भुवनेशगिरी महाराज,रतनदास महाराज सहित कई संत महात्माओं,कार्यकारिणी सदस्यों एवं प्रदेशभर से आये गणमान्यो की उपस्थिति में संपन्न हुई।

प्रदेश महामंत्री रघुनाथसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बैठक में गाय को राज्य धरोहर घोषित करने, 12 महीना अनुदान, अनुदान राशि बढ़ाने, गौशालाओं को भूमि आवंटन, पेयजल सुविधा, चारा उत्पादन के लिए विद्युत कनेक्शन को प्राथमिकता, गो तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून, औरण भूमि एवं परस्थिति जन्य क्षेत्र को डीम्ड फॉरेस्ट घोषित करने पर विभाग को आपत्ति पेश करने सहित गौशालाओं की विभिन्न समस्याओं एवं समाधान के विषय में विस्तृत चर्चा करते हुए दिनेश गिरी महाराज ने कहा कि गौशालाओं को सब कुछ सरकार पर आश्रित नहीं रहकर स्वयं के संसाधनों से भी स्वावलंबन की दिशा में बढ़ना चाहिए ।

इस बैठक में गौशालाओं की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही प्रदेश भर की गौशालाओं का अधिवेशन रखने का प्रस्ताव रखा। सुझाव प्रेषित करते हुए जोधपुर जिला अध्यक्ष हरनारायण सोनी ने कहा कि केवल चारा खिला देने मात्र से हमारा गौ सेवा का लक्ष्य पूरा नहीं होता हमें गौशालाओं में आश्रित गोवंश को सम्मान के साथ उनकी पूरी आयु तक जीने का अवसर प्रदान करते हुए प्रत्येक गोवंश को सूखे चारे के साथ 1 किलो पोस्टिक आहार अवश्य देना चाहिए। सनराइज संस्थान के अतुल अग्रवाल ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए गौशाला में लगी 300 प्रकार की जड़ी बूटियों के बारे में बताया और इन्हें अधिक से अधिक लगाकर उपयोग करने, गोबर का आधुनिक तरीकों से खेती में उपयोग करने के लिए कहा व रासायनिक खेती के खतरे से आगाह किया।

इस अवसर पर पिंजरापॉल गौशाला प्रबंधक राधेश्याम विजयवर्गीय, सूर्यवीरसिंह मथुरा, प्रदेशमंत्री हीराराम गोदारा, करणसिंह नारवा,जिला अध्यक्ष हरनारायण सोनी,सुखराम दाड़मी सहित राजस्थान की कई गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने उपस्थित रहकर अपने अपने सुझाव रखे।

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