Home Blog Page 790

Cow Urine: गौ-मूत्र खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़, सीएम भूपेश बघेल बने पहले विक्रेता

0

Cow Urine: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में धूम-धाम से आयोजित हरेली पर्व के अवसर पर राज्य में गौ-मूत्र की खरीदी की ऐतिहासिक की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चंदखुरी की निधि स्व-सहायता समूह को 5 लीटर गौ-मूत्र 20 रुपए में बेचकर राज्य के पहले विक्रेता बने। निधि स्व-सहायता समूह ने गौ-मूत्र विक्रय की ये राशि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आग्रह पर मुख्यमंत्री सहायता कोष के खाते में जमा की।

गौ-मूत्र खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो पशुपालक ग्रामीणों से दो रुपए किलो में गोबर खरीदी के बाद अब 4 रुपए लीटर में गौ-मूत्र की खरीदी कर रहा है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में धूम-धाम से आयोजित हरेली पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की पूजा की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौ-माता को चारा खिलाया और उसकी पूजा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य के जैविक खाद उत्पादक 7442 महिला स्व-सहायता समूहों को 17 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन (बोनस) राशि का भी वितरण किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि गोधन न्याय योजना के बहुआयामी परिणामों को देखते हुए देश के अनेक राज्य इसको अपनाने लगे हैं। इस योजना के तहत अमीर हो या गरीब सभी दो रुपए किलो में गौठानों में गोबर बेच रहे हैं। बीते दो सालो में गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों और महिला समूहों के खाते में 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी समृद्ध हो, किसान खुशहाल हो ये हमारी कोशिश है। जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का खेती में उपयोग करने से खेती की लागत में कमी आएगी। खाद्यान्न की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे जन-जीवन का स्वास्थ्य बेहतर होगा।


छत्तीसगढ़ सरकार 28 जुलाई से खरीदेगी गोमूत्र, बनाएगी कीटनाशक, तैयारियां पूरी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार देश की अकेली ऐसी राज्य सरकार है, जो अपने राज्य के पशुपालक ग्रामीणों से बीते दो सालों से गोबर खरीद रही है। हरेली पर्व से छत्तीसगढ़ में गौ-मूत्र की सरकारी खरीदी की विधिवत शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ये पहल वास्तव में राज्य में पशुपालन के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ पशुपालक की आय और जैविक खेती को बढ़ावा देना है। राज्य में बीते दो सालों से गोबर की खरीदी और इससे जैविक खाद के निर्माण से राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। गौ-मूत्र खरीदी का मकसद गौठानों में इससे जैविक कीटनाशक, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर का निर्माण करना है, ताकि राज्य के किसानों को कम कीमत पर जैविक कीटनाशक सहजता से उपलब्ध कराया जा सके।

गौठानों में जैविक खाद के साथ-साथ अब जैविक कीटनाशक का होगा उत्पादन

गोधन न्याय योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में आज से 2 साल पहले 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से हुई थी। इसके तहत गौठनों में पशुपालक ग्रामीणों से 2 रुपए किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। देश-दुनिया में गोबर की खरीदी की गोधन न्याय योजना की बेजोड़ सफलता ही गौ-मूत्र की खरीदी का आधार बनी है। गोबर खरीदी के जरिए बड़े पैमाने पर जैविक खाद का निर्माण और उसके उपयोग के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए अब गोमूत्र की खरीदी कर इससे कीट नियंत्रक उत्पाद, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर बनाए जाएंगे। इसके पीछे मकसद ये भी है कि खाद्यान्न उत्पादन की विषाक्तता को कम करने के साथ ही खेती की लागत को भी कम किया जा सके।

गोबर के बाद अब यहां गोमूत्र खरीदेगी सरकार, जानिए क्या मिलेगा बदले में दाम

खेती में अंधाधुंध रासायनिक खादों एवं रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग से खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता खत्म हो रही है। भूमि की उर्वरा शक्ति घट रही है। खाद्य पदार्थों में विषाक्तता की मात्रा बढ़ रही है, जिसके कारण जन जीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अब गौठानों में गोमूत्र की खरीदी कर महिला समूहों के माध्यम से इससे जैविक कीटनाशक तैयार किए जाएंगे, जिसे किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इन जैविक कीटनाशकों की कीमत बाजार में मिलने वाले महंगे रासायनिक कीटनाशक पेस्टिसाइड की कीमत से काफी कम होगी।

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गोमूत्र कीटनाशक, रासायनिक कीटनाशक का बेहतर और सस्ता विकल्प है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, रासायनिक कीटनाशक से कई गुना अधिक होती है। खेतों में इसके छिड़काव से सभी प्रकार के कीटों के नियंत्रण में मदद मिलती है। पत्ती खाने वाले ,फल छेदन एवं तना छेदक कीटों के प्रति गोमूत्र कीटनाशक का उपयोग ज्यादा प्रभावकारी है। इसका उपयोग कृषि- पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर सुराजी गांव योजना के गरवा घटक के तहत राज्य के 8408 गांव में गौठान निर्मित एवं संचालित है, जहां पशुओं के देखरेख चारा-पानी का निःशुल्क प्रबंध है। इन गौठनों में गोधन न्याय योजना के तहत बीते 2 सालों से गोबर की खरीदी की जा रही है, जिससे महिला समूह जैविक खाद एवं अन्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। राज्य में बीते 2 सालों में 76 लाख क्विंटल से अधिक की गोबर खरीदी की गई है, जिसके एवज में गोबर विक्रेता ग्रामीण पशुपालकों को 153 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है।

महिला समूहों ने क्रय गोबर से अब तक 22 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कंपोस्ट, सुपर कंपोस्ट, सुपर कंपोस्ट प्लस का उत्पादन कर राज्य के किसानों को खेती में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया है। गौठानों में गोबर से जैविक खाद के निर्माण के साथ-साथ महिलाएं अन्य मूलक गतिविधियां भी संचालित कर रही हैं, जिनसे उन्हें बीते 2 सालों में 74 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हुई है। गौठानों में महिला समूह द्वारा जैविक खाद के साथ-साथ अब जैविक कीटनाशक तैयार किए जाने से राज्य में जैविक खेती को और बढ़ावा मिलेगा। इससे पशुपालक ग्रामीणों को अतिरिक्त आय और महिला समूहों को रोजगार और आय का जरिया भी मिलेगा।

67वें फिल्मफेयर अवार्ड्स समारोह को होस्ट करेंगे अभिनेता रणवीर सिंह

0
 कलर्स टीवी के सहयोग से 9 सितंबर, 2022 को आयोजित 67वें फिल्मफेयर अवार्ड्स समारोह को रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर होस्ट करने वाले हैं। इस शो में कई फिल्म स्टार्स की परफॉर्मेंस भी होगी। इस बात की जानकारी मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में 67वें फिल्मफेयर अवार्ड्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता रणवीर सिंह के साथ बॉलीवुड के कई शख्सियत मौजूद थे।
इस इवेंट के दौरान, डायरेक्टर और हेड ऑफ पार्टनरशिप – मेटा, मनीष चोपड़ा का परिचय वर्ल्ड वाइड मीडिया के सीईओ दीपक लांबा ने किया। दीपक लांबा ने पिछले साल की तुलना में इस  इवेंट की पहुंच को 440 मिलियन तक बढ़ने में मदद करने के लिए रीलों के प्रभाव के बारे में बात की।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

भोजपुरी फिल्म ‘पॉकेटमनी : एचीव द गोल’ का फर्स्ट लुक जारी

0
सूर्य संस्कृति एवं भारद्वाज फिल्म्स के बैनर तले निर्मित भोजपुरी फिल्म ‘पॉकेटमनी : एचीव द गोल’ का फर्स्ट लुक पिछले दिनों मोतीलाल नगर, गोरेगांव (प०),मुंबई स्थित बॉलीवुड उमंग स्टूडियो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जारी कर दिया गया। मेगा टेलीविजन सीरियल ‘महाभारत’ फेम अर्जुन (फीरोज़ खान) और गूफी पेंटल (शकुनि मामा) इस फिल्म में एक लम्बे अंतराल के पश्चात् साथ साथ दिखेंगे। दोनों ने पहली बार किसी भोजपुरी फिल्म में काम किया है।
महानायक अमिताभ बच्चन स्टारर भोजपुरी फिल्म ‘गंगा’ फेम अशोक घायल इस फिल्म के डायरेक्टर हैं। कॉलेज में हफ्ता वसूली एवं रैगिंग पर आधारित इस फिल्म के प्रोड्यूसर्स हैं – प्रदीप भारद्वाज और सी. शेखर। पोस्टर लॉन्चिंग कार्यक्रम में अर्जुन, गूफी पेंटल, अशोक घायल, सी. शेखर के साथ इस फिल्म में इंट्रोड्यूस हो रही एक्ट्रेस टि्वंकल झा के साथ फिल्म के अन्य कलाकार पंकज मेहता, शिवम मनोहरन, शिवा सिंह राजपूत और राजमोहन भी उपस्थित थे। इस फिल्म के गीतकार व संगीतकार अशोक घायल हैं। फिल्म में 6 कर्णप्रिय गीत शामिल हैं।
एक गीत अर्जुन(फिरोज खान) की आवाज़ में भी रिकॉर्ड किया गया है। अन्य गीतों को सुदेश भोंसले, कल्पना, सुमित मिश्र और सायरा खान  ने स्वर दिया है। आशीष सिंह बंटी, पंकज मेहता, शिवम मनोहरन, पंकज मेहता, टि्वंकल झा, राशि, अनिमेष पांडेय, सुमंत मिश्रा, सत्या शुक्ला, सुनैना, गणेश यादव, राज मोहन और शिवा सिंह राजपूत के अभिनय से सजी इस फिल्म के सहनिर्माता उत्तम पांडेय व प्रभु नारायण सिंह एवं प्रचारक समरजीत हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

मुस्लिम समुदाय और गौ रक्षक आपस में भिड़े

0
Photo - Asianet News

सदर बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला में बुधवार को गोकशी की सूचना पर गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता एक घर पर पहुंचे। यहां उनकी एक विशेष समुदाय के युवकों से नोकझोक हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने छतों से पथराव भी किया और जमकर फायरिंग की।

मथुरा: सदर बाजार थाना क्षेत्र में बुधवार को गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता और एक विशेष समुदाय के बीच नोकझोक हो गई। इस दौरान कुछ युवकों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना का जायजा लेते हुए मामले को शांत कराया और घटना की जांच की।

Photo – Asianet News

दरअसल, सदर बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला में बुधवार को गोकशी की सूचना पर गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता एक घर पर पहुंचे। यहां उनकी एक विशेष समुदाय के युवकों से नोकझोक हो गई। इस दौरान कुछ युवकों ने छतों से पथराव भी किया और जमकर फायरिंग की। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराते हुए घटना की जांच शुरू कर दी।

जंगली पिक्चर्स ने किया अपनी नई फिल्म ‘डोसा किंग’ का एलान

0
जगंली पिक्चर्स ने डायरेक्टर टी जे ज्ञानवेल (फेम-‘जय भीम’) के साथ अपनी नई और अगली  फिल्म ‘डोसा किंग’ का एलान किया है। एपिक ड्रामा थ्रिलर ‘डोसा किंग’ जीवजोती संतकुमार की लाइफ और उनके दुखों से प्रेरित हैं जिन पर एक अपराध का आरोप लगाया गया था जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था, जिसके परिणामस्वरूप अठारह साल तक चले मुकदमे (पी. राजागोपाल बनाम स्टेट ऑफ तमिलनाडु) के बाद उन्हें दोषी ठहराया गया था। इसके राइट्स जंगली पिक्चर्स ने हासिल कर लिए है।
‘डोसा किंग’ एक शक्तिशाली प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीवाजोती की लड़ाई को दर्शाएगी, जो दुनिया में सबसे बड़े साउथ इंडियन रेस्तरां सीरीज में से एक के मालिक है। एक इंडियन रेस्तरां के मालिक, जिन्हें एक पारिवारिक व्यक्ति के रूप में जाना जाता है और जिनकी उदारता के लिए न सिर्फ उनके कर्मचारियों द्वारा, बल्कि भोजन करने वालों के द्वारा भी उनकी पूजा की जाती थी और कैसे अनिच्छुक जीवज्योति की उनकी तलाश- उस समय उनकी आधी से भी कम उम्र के कारण हुई और उन पर आरोप लगाया गया और आखिरकार जीवाजोती संतकुमार के पति की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया जिसका फैसला सुप्रीम कोर्ट ने लगभग दो दशक के बाद सुनाया था।
इस फिल्म के निर्देशन के लिए जंगली पिक्चर्स ने डायरेक्टर टीजे ज्ञानवेल का नाम फाइनल किया हैं। बता दें ‘डोसा किंग’ के साथ टीजे ज्ञानवेल हिन्दी सिनेमा में बतौर निर्देशक अपनी शुरूआत करने जा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नेशनल अवॉर्ड विनर सूर्या के साथ अपने नेक्स्ट प्रोजेक्ट की घोषणा की थीं।
टीजे ज्ञानवेल को भाषा और संस्कृति से परे रिलेवेंट किरदारों को बनाने के लिए और व्यापक रूप से संबंधित स्टोरीटेलिंग के लिए जाना जाता हैं। टीजे ज्ञानवेल की लास्ट रिलीज तमिल फिल्म ‘जय भीम’ को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा खूब सरहा गया था। इस फिल्म को टीजे द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही ‘पायनाम’ और ‘कूटहिल ओरुथन’ जैसी फिल्मों के लिए भी उन्हें जाना जाता है। जंगली पिक्चर्स ने पूर्व में ‘तलवार’ और ‘राजी’ जैसी दमदार फिल्में दर्शकों के सामने पेश की  है और अब जंगली पिक्चर्स ‘डॉक्टर जी’, ‘वो लड़की है कहां?’, ‘डोसा किंग’, ‘उलज’ और ‘क्लिक शंकर’ जैसी दिलचस्प फिल्मों के साथ 2022 में रॉक करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

सर्व गौ सेवक नहीं सौंप पाए ज्ञापन तो आक्रोशित होकर किया चक्का जाम

0

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। मनकी चौक में अज्ञात वाहन द्वारा कई गौवंशों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में रविवार की दोपहर सर्व गौसेवक दल पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपने गए। हालांकि बिना ज्ञापन सौंपे उन्होंने चक्का जाम कर दिया।

गौरतलब है कि बीते गुरुवार को हाइवे में मनकी चौक के समीप सड़क दुर्घटना में 7 गौवंशों की मौत हो गई थी। ज्ञापन के माध्यम से सर्व गौ सेवक जल्द से जल्द राजनांदगांव के हाइवे के सभी चौक-चौराहों में स्थाई रूप से बेरिकेडिंग की व्यवस्था की मांग करने पहुंचे थे। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे गौसेवकों से पहले नगर पुलिस अधीक्षक ज्ञापन लेने पहुंचे थे।

हालांकि एन वक्त पर जिला पुलिस अधीक्षक के आ जाने से उन्होंने ज्ञापन उन्हें ही सौपना चाहा। लेकिन जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी गौ सेवकों से मिलने से इनकार कर दिया। केवल पांच व्यक्तियों को भीतर बुलाने की बात कही। लगातार कहने के बाद भी जब वे बाहर नहीं आये, तब सर्व गौ सेवकों ने सड़क पर आवाजाही रोक दी। इसकी वजह से बहुत देर तक यातायात बाधित रही।

सर्व गौ सेवक दल के लोग लगातार मांग करते रहे कि उनका ज्ञापन लिया जाए। इस तरह से व्यवस्था की जाए कि गाड़ियों की रफ्तार कम हो, ताकि आम जनता एवं जानवरों को दुर्घटना का शिकार नहीं होना पड़े। इस दौरान सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक गायों को श्रद्धांजलि भी दी।

‘गऊ ग्राम महोत्सव’ the Festival of Cow का आयोजन मुम्बई में

0
 Mumbai – गौ वंश पर आधारित मुंबई से प्रकाशित समाचार पत्र ‘गऊ भारत भारती’ के तत्वाधान में गोरेगाँव (मुम्बई) के चाफेकर चौक के पास सममित्र ग्राउंड में सात दिवसीय ‘गऊ ग्राम महोत्सव- the Festival of Cow’ का आयोजन किया जाएगा जिसमे भारत वर्ष के सभी गौपालक , गौशाला संचालक , गौवंश से जुड़े प्रॉडक्ट निर्मातागण भाग लेंगे।
‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के आयोजन के सम्बंध में आज 25 जुलाई को राज भवन में माननीय राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी से मुलाकात कर ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के प्रमुख आयोजक संजय अमान  ने कार्यक्रम की जानकारी दी और उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर इस कार्यक्रम के प्रमुख सलाहकार तथा संचालक संजय बलोदी ‘प्रखर’ ने  विशेष तौर पर माननीय महामहिम राज्यपाल महोदय को कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी प्रदान की  और बताया कि भारत वर्ष में गौ वंश पर आधारित अर्थव्यवस्था को खड़ा करने का यह एक सामूहिक प्रयास है जो कार्यक्रम के माध्यम से लोगों में जनजागृति लाएगा।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अन्य सदस्य रामकुमार पाल (संरक्षक गऊ भारत भारती ) ज्ञानमूर्ति शर्मा ( भाजपा नगरसेवक ), डॉ विनोद कोठारी (कोकणप्रांत विहिप बजरंगदल प्रमुख, महामंत्री भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश ) कपिल कियावत , प्रीति रीठा , जयेश नाईक , प्रदीप पांडेय मौजूद रहे।
आयोजन समिति के प्रमुख संजय अमान का कहना है कि पुरातन भारत वर्ष की अर्थव्यवस्था एक समय में गऊ वंश पर ही आधारित थी , परन्तु समय और काल के अनुसार हम उसे भूलते गए । इस सात दिवसीय ‘गऊ ग्राम महोत्सव’ के माध्यम से हम भारतीय गऊ वंश के वैज्ञानिक महत्व के साथ – साथ गौवंश मानव और पृथ्वी के लिए कितनी उपयोगी है इन तमाम विषयों की जानकारी जन जागृति लाने के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
 सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु  ” गऊ ग्राम महोत्सव ” the Festival of Cow एक  माध्यम बनेगा , हमारा उद्देश्य यही है कि भारत के घर – घर में गऊ आधारित प्रॉडक्ट पहुंचे इससे हमारा समाज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को समझेगा जब गऊ माता का वैभव बढ़ेगा तो यक़ीनन हमारी सनातन संस्कृति और उसकी पद्धति का भी विकास होगा।
ज्ञात हो कि इस कार्यक्रम के सन्दर्भ केंद्रीय पशुपालन मंत्री परषोतम रुपाला जी से भी भेट संजय अमान ने कर ली है और उनका भी आशीर्वाद इस कार्यक्रम के लिए लिया और उन्हें आमंत्रित किया है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

अमीषा पटेल, चंकी पांडेय, डॉ साहिल कादरी, रिमी सेन और अदिती गोवित्रिकर ने लॉन्च किया बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी

0

मुंबई। बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी अब दुनिया मे अपना परचम लहराने के लिए बिल्कुल तैयार है और लोग पूरे जी जान से बिटिका ब्लॉक चैन का हिस्सा बनते चले जा रहे हैं। क्या आम और क्या सितारे हर कोई डॉ साहिल कादरी के इस बिटिका ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी का फैन हो गया है और इससे जुड़ना चाह रहा है।
बिटिका ब्लॉक चैन के लांच के मौके पर मुंबई के सहारा स्टार होटल में हज़ारों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और कई अचीवर्स को डॉ साहिल कादरी ने सम्मानित भी किया और साथ ही अमीषा पटेल, चंकी पांडेय रिमी सेन और अदिति गोवित्रिकर ने अपने हाथों से अचीवर्स को कार की चाबी भी दी।
इस मौके पर समीर मुल्ला जो कि ब्लॉक चैन काउंसिलर और मोटिवेशनल स्पीकर हैं उन्होंने लोगों को इस टेक्नोलॉजी के बारे में गहराई से बताया।
डॉ साहिल कादरी के बारे में बस यही कहा जा सकता है कि मंज़िलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान हो और पैरों से कुछ नही होता इरादों में उड़ान हो।

गाय का गोबर होता है कमाल – गाय के गोबर का धार्मिक महत्व

0

हिंदू धर्म में गाय को देवी देवता के तुल्य माना जाता है। धार्मिक शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि गाय के अलग-अलग अंग में अलग-अलग देवी देवता निवास करते हैं। मगर सबसे ज्यादा हिंदू धर्म को मानने वाले गाय के गोबर का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसी मान्यता है कि गाय का गोबर बहुत ज्यादा शुभ होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। इतना ही नहीं, गाय के गोबर का महत्‍व क्‍या होता है, इस पर हमने ज्योतिषाचार्य एवं पंडित विनोद सोनी जी से बात की तो उन्होंने बताया, ‘गाय के गोबर में धन लक्ष्मी का वास होता है। यदि आप गोबर का इस्तेमाल किसी भी कार्य में करते हैं, तो आपको उसके शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।’

गाय के गोबर का धार्मिक महत्व

  • हिंदू धर्म में गाय के गोबर को पवित्र माना गया है। आयुर्वेद में चिकित्सा के लिए भी गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं धार्मिक लिहाज से देखा जाए तो गाय के गोबर में सकारात्मक ऊर्जा ( नकारात्मक ऊर्जा हटाने के आसान उपाय) होती है। इसलिए इसका प्रयोग पूजा पाठ के दौरान भी किया जाता है।
  • दिवाली के दूसरे दिन पड़ने वाली परेवा पर गोवर्धन पूजा होती है। इस पूजा में गोबर से ही गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनकी पूजा की जाती है।
  • इतना ही नहीं, जिस स्थान को गोबर से लीप दिया जाता है, वह शुद्ध हो जाता है  और वहां कोई भी शुभ काम किया जा सकता है।

घर को गोबर से लीपने का महत्व

  • प्राचीन समय में गोबर से घर लीपने को बहुत ही शुभ माना जाता था। आज भी इसे शुभ माना जाता है। दरअसल, गाय के गोबर में देवी लक्ष्‍मी का वास होता है। इस लिए महिलाएं घर के मुख्य द्वार पर गोबर से आर्ट बनाती हैं या फिर पूरी दीवार को ही गोबर से लीप देती हैं।
  • कई घरों में आज भी दीवार पर गोबर से चौक बना कर उसकी पूजा की जाती है। वहीं गांव-देहातों में गोबर से दीवार, छत और जमीन भी लीपी जाती है।
  • शहरों में कई लोग अपने मुख्य द्वार के दोनों ओर थोड़ा सा गोबर लगा कर उस पर कलावा चिपका देते हैं, यह भी एक शुभ चिन्ह माना गया है।

गोबर के कंडे से हवन के लाभ

  • घर में धन की कमी हो या फिर आर्थिक संकट से परिवार जूझ रहा हो। गोबर के कंडे जलाने मात्र से आपको समस्या का समाधान नजर आने लग जाएगा।
  • गोबर के कंडे से हवन करने से देवी लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होती हैं। इतना ही नहीं, ऐसा करने से आपको श्री हरी विष्णु भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
  • गोबर के कंडे से हवन करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता नष्ट होती है।

गाय के गोबर का वास्तु

  • वास्तु के हिसाब से शुक्रवार के दिन गाय के गोबर को घर लाने से आर्थिक समस्याएं हल होती हैं।
  • यदि घर में कोई बीमार है, तो रोज सुबह पूजा करने के बाद गाय के गोबर के कंडों से अग्यारी करें। इससे रोगी की सेहत को लाभ पहुंचता है।
  • वास्‍तु के हिसाब से घर के मुख्य द्वार की दीवार या फिर फर्श को गोबर से लीपने पर देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

अमित शाह ने माणसा में नगरपालिका द्वारा नवनिर्मित सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का उद्घाटन किया

0

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात में माणसा नगरपालिका द्वारा नवनिर्मित सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का उद्घाटन व अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास किया। श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री पोषण अभियान के अंतर्गत अक्षय पात्र द्वारा नवनिर्मित मध्याह्न भोजन रसोईघर का उद्घाटन और महात्मा गाँधी पुस्तकालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया। साथ ही उन्होने माणसा के सिविल अस्पताल और चंद्रासर तालाब का दौरा किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिन है और बाल गंगाधर तिलक का जन्मदिन है। लोकमान्य तिलक के जन्मदिन के दिन ही माणसा में सरदार पटेल सांस्कृतिक भवन का निर्माण गुजरात सरकार द्वारा किया गया है। जिस लाइब्रेरी में मैंने भारत का इतिहास, पंचतंत्र, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, विदुर नीति, पढ़ने का मौका मुझे मिला, वह लाइब्रेरी टूटी-फूटी हालत में होने के कारण इसकी पुस्तकें गुजरात सरकार को लौटाने की स्थिति आ गई। लेकिन आज उसी लाइब्रेरी का तीन मंजिला भवन किताबों के साथ पुनर्जीवित हुआ है, इस बात की मुझे बहुत खुशी है। इस पुस्तकालय को विश्व के लगभग तीस पुस्तकालयों के साथ सीधा इलेक्ट्रॉनिकली जोड़ा गया है। माणसा के किसी भी विद्यार्थी को किसी भी लाइब्रेरी की कोई किताब पढ़नी हो, तो इस वर्ष 31 अगस्त से ये सभी लाइब्रेरी ऑनलाइन होने वाली हैं और ये सारी पुस्तकें अगर जोड़ लें, तो माणसा पुस्तकालय लाखों पुस्तकों वाला हो जाएगा। मेरी माणसा के युवाओं से अपील है कि किसी भी देश का भविष्य इंडस्ट्री, सेना, टैक्स आदि से तय नहीं होता है, बल्कि उस देश की लाइब्रेरी में कितने युवा जा रहे हैं, उससे तय होता है। यहां विद्यार्थियों के लिए 40 कम्प्यूटर्स की जगह रखी गई है। जिस समय गुजरात सरकार यहां की किताबें वापस की गईं थीं, तब मैं 23 साल का था और मेरी आंख में आंसू आ गए थे। तब गुजरात सरकार से ये विनती की थी कि हमारे यहां इन पुस्तकों को रखने की व्यवस्था नहीं है। गुजरात सरकार ने बहुत मेहनत करके, ताकि किताबें सड़ ना जाएं, इन्हें कैमिकल प्रोसेस करके संभालकर रखी हैं और अब यह सारी किताबों की जगह हमारी लाइब्रेरी में हो गई है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि माणसा में 12 क्षेत्र हैं और यहां वर्तमान में चल रहे सिविल अस्पताल के अलावा बड़ा अस्पताल भी जल्द शुरू किया जाएगा। माणसा में पानी की सप्लाई की योजना मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल जी के नेतृत्व में बनाने का काम चल रहा है और यह भी कुछ समय में पूरी हो जाएगी। इस योजना से लगभग 10 लाख लीटर पानी की दैनिक जरूरत को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा माणसा-बावला 4-लेन रोड के लिए मुख्यमंत्री जी ने 40 करोड़ रुपए दिए हैं और विकास योजनाओं के लिए भी 50 करोड़ रुपए का आवंटन आज हुआ है। क्षेत्र के 13 तालाबों को आंतरिक रूप से जोड़ने का कार्यक्रम भी गुजरात सरकार ने बनाया है, जो कि बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। आज हम सब जहां बैठे हैं उस तालाब को नर्मदा के पानी से भरने के लिए 2007 में पाइपलाइन डाली गई थी। गांववालों ने ही 3.5 करोड़ रुपए इकट्ठे करके यहां नर्मदा के पानी के लिए पाइपलाइन डाली है। इसी तालाब से मालन और चंद्रासर मैं पानी जाए, इस तरह की व्यवस्था पुराने समय से की गई है और अब अगर चंद्रासर के साथ बाकी के दस तालाबों को जोड़ दिया जाएं, तो सभी 13 तालाब में 12 महीने नर्मदा का पानी रह सकता है। इसके अलावा लगभग 5,000 टन सॉलि़ड वेस्ट के निकास के लिए भी नगर पालिका ने व्यवस्था की है।

श्री अमित शाह ने कहा कि माणसा का विकास और शिक्षा आजादी से पहले के समय से ही अग्रणी है। पूरे जिले में पहला साइंस कॉलेज तिलवाई के माणसा में बना, इसके अलावा आर्ट्स और कॉमर्स कॉलेज तो यहां उससे भी पहले से थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में माणसा के विकास के लिए गुजरात सरकार शिक्षा और विकास दोनों दृष्टिकोण से हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में कई नए क्षेत्र यहां खोल दिए हैं। हमें यहां इस प्रकार की व्यवस्था करनी है कि सभी 13 प्रकार की सहकारी नीतियां माणसा में शुरू हो सकें और माणसा को-ऑपरेटिव की दृष्टि से एक मॉडल बने। कांजी हाउस, गोबर गैस, गोबर बैंक, सामुदायिक सिंचाई मंडली, पानी बचाने की व्यवस्था जैसी अनेक चीजें एक साथ जुड़ जाएं और मानसा के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय युवा आगे आएं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यहां आने से पहले मैं 25 हजार बालकों के लिए स्वच्छ भोजन, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन बनाने की अक्षयपात्र द्वारा की गई व्यवस्था देखकर आया हूं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि गांव के प्रत्येक निवासी को यह व्यवस्था एक बार देखनी चाहिए। भोजन बनने की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी मनुष्य को हाथ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है, इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।

माणसा तहसील के 25 हजार बच्चों के लिए नाश्ता, भोजन और सुकड़ी जैसे पौष्टिक आहार बनाने और इन्हें ताज़ा सभी बालकों तक पहुंचाने की व्यवस्था अक्षयपात्र से हुई है।

श्री शाह ने कहा कि हमें 2024 से पहले माणसा में हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करानी है और ये हम सब मिलकर करेंगे जिसमें गुजरात सरकार हमारे साथ है।