लोकसभा और राज्यसभा में संविधान पर होगी बहस
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में संविधान पर बहस होगी. इसे लेकर सभी पार्टियों ने अपनी सहमति जताई है. यह बहस लोकसभा में 13 और 14 दिसंबर को होगी जबकि राज्यसभा के लिए 16 और 17 दिसंबर का दिन निर्धारित किया गया है.
लोकसभा स्पीकर ने सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक में यह प्रस्ताव विपक्ष के सामने रखा. इस पर सभी दलों के फ्लोर लीडर्स ने अपनी सहमति जताई है.
सड़क दुर्घटना में IPS अधिकारी की मौत
नई दिल्ली: कर्नाटक के हासन जिले में अपनी पहली तैनाती को लेकर कार्यभार संभालने जा रहे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी की दुर्घटना में मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि कर्नाटक कैडर के 2023 बैच के आईपीएस अधिकारी हर्षवर्धन (26) मध्यप्रदेश के रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि दुर्घटना रविवार शाम को हुई. उन्होंने बताया कि हासन तालुक के किट्टाने के निकट पुलिस वाहन का टायर फट गया, जिसके बाद चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क किनारे एक मकान और पेड़ से टकरा गया.
पुलिस के अनुसार, वर्धन होलेनरसीपुर में परिवीक्षाधीन सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए हासन जा रहे थे. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्धन के सिर में गंभीर चोट आई और इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई, जबकि चालक मंजेगौड़ा को मामूली चोट आई.
पुलिस ने बताया कि आईपीएस अधिकारी ने हाल में मैसूर स्थित कर्नाटक पुलिस अकादमी में अपना चार सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा किया था. उन्होंने बताया कि उनके पिता उप-मंडल अधिकारी हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अधिकारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हासन-मैसूरु राजमार्ग के किट्टाने सीमा के पास एक भीषण दुर्घटना में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी हर्षवर्धन की मौत के बारे में सुनकर दुख हुआ. यह बहुत दुखद है कि ऐसी दुर्घटना उस समय हुई जब वह आईपीएस अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने जा रहे थे. ऐसा तब नहीं होना चाहिए था जब वर्षों की कड़ी मेहनत रंग ला रही थी.” उन्होंने कहा, ‘‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हर्षवर्धन की आत्मा को शांति मिले। मृतक के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.”
चंद्रबाबू नायडू की सरकार का बड़ा फैसला- आंध्र प्रदेश में वक्फ बोर्ड को भंग किया
Andhra Pradesh Waqf Board: देशभर में वक्फ बिल को लेकर छिड़ी बहस के बीच आंध्र प्रदेश में बड़ा फैसला लिया गया है। वक्फ बोर्ड को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें स्टेट वक्फ बोर्ड को भंग करने की घोषणा की गई है। पिछली वाईएसआरसीपी सरकार की ओर से वक्फ बोर्ड गठित हुआ था।
चंद्रबाबू नायडू सरकार ने पिछली सरकार के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से जारी जीओ-47 को रद्द करते हुए जीओ-75 जारी किया है। सरकार ने कहा कि आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के चुनाव पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। उसी समय राज्य वक्फ बोर्ड के गठन के 2023 के सरकारी आदेश की संवैधानिकता को चुनौती देने वाले लंबित मुकदमों के कारण एक प्रशासनिक शून्यता पैदा हो गई थी। अधिसूचना में लिखा है- ‘अल्पसंख्यक कल्याण विभाग आंध्र प्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के गठन के लिए जारी G.O.Ms.No.47 को वापस लेता है।’
मोहम्मद फारूक ने बताई सरकार का प्रतिबद्धता
कानून एवं न्याय, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एन मोहम्मद फारूक के मुताबिक, नए आदेश जीओ-75 का उद्देश्य वक्फ बोर्ड में शासन संबंधी शून्यता को दूर करना है। वो इस बात पर जोर देते हैं कि सरकार अपने नए निर्देशों के तहत वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
आंध्रा में वक्फ बोर्ड भंग होने पर BJP क्या बोली?
आंध्र प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष विष्णु वर्धन रेड्डी लिखते हैं- ‘आंध्र प्रदेश सरकार ने भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में ऐसी संस्थाओं के लिए संवैधानिक प्रावधानों की कमी का हवाला देते हुए वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है। आंध्र प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का नेतृत्व मंत्री एन मोहम्मद फारूक की ओर से किया जाता है। एनडीए सरकार से फारूक ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी हुई है।
आंध्र प्रदेश में एनडीए की सरकार
आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है। वर्तमान 16वीं आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए मई में चुनाव हुए। चुनाव परिणाम 4 जून 2024 को घोषित किए गए। नतीजों में एनडीए सरकार को प्रचंड बहुमत मिला। 175 विधानसभा सीटों में से चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी ने 135 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी जनसेना पार्टी को 21 और बीजेपी को 8 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई में सरकार का गठन हुआ और पवन कल्याण राज्य के डिप्टी सीएम बने।
भोपाल की गैस दुर्घटना : प्रलय सा दृश्य*

गौ पालन विभाग की ओर से गोशालाओं में दी जाएगी गौ काष्ठ बनाने की मशीन
ऐसे बनती है गौ काष्ठ
गौ काष्ठ बनाने के लिए गोबर को मशीन में डाल दिया जाता है। इसके बाद 4 से 5 फीट लंबी लकड़ी बन कर निकल आती है। उसे सूखा दिया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक 1 क्विंटल गोबर से 1 क्विंटल गौ काष्ठ बनाई जा सकती है। मशीनों से 1 दिन में करीब 10 क्विंटल गोबर की गौ काष्ठ बनाई जा सकती है।
इन कार्यों में हो सकता है उपयोग
गौ काष्ठ का उपयोग श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही होलिका दहन, यज्ञ जैसे धार्मिक आयोजनों सहित फैक्ट्री व रेस्टोरेंट आदि में किया जा सकता है। गांव में गौ काष्ठ का उपयोग कंडों की जगह खाना बनाने में किया जा सकता है। इससे ज्यादा धुआं नहीं निकलता।
कई राज्यों में पहले से बन रही
प्रदेश की गोशालाओं के लिए गौ काष्ठ बनाना नया है, लेकिन देश के कई राज्यों में यह पहले से बनाई जा रही है। मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई किसान, पशुपालक, गोशालाएं गौ काष्ठ बना रहे है। प्रदेश में गौ काष्ठ की अनुमानित लागत करीब 8 रुपए प्रति किलोग्राम होगी।
इनका कहना है
पाली की 27 गोशाला में 600 या उससे अधिक मवेशी है। वहां गौ काष्ठ बनाने की मशीन लगाई जा सकती है। गौ काष्ठ का उपयोग धार्मिक रूप से करने के साथ श्मशान में अंतयेष्टी के लिए और उद्योगों में भी किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण होगा।
प्रियंका गांधी की जीत पर वायनाड में हुई गाय की हत्या – रामभद्राचार्य
Rambhadracharya On Congress: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के संत धीरेन्द्र शास्त्री की ओर से आयोजित हिंदू एकता पदयात्रा का समापन समारोह शुक्रवार (29 नवंबर,2024) को ओरछा में संपन्न हुआ. इस दौरान प्रसिद्ध संत रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने अपने संबोधन में हिंदू एकता, तुष्टिकरण की राजनीति और धार्मिक अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बता कही.
संत रामभद्राचार्य ने अपने भाषण में कांग्रेस पार्टी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा “पंजा खूनी हो गया है, प्रियंका गांधी के वायनाड से चुनाव जीतने के बाद उनके सम्मान में निर्दोष गाय को गोली मार दी गई. जो लोग अहिंसा की दुहाई देते हैं, उनके शासन में ऐसा होता है.”
संत रामभद्राचार्य ने इस घटना को हिंदू संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ बताया. उन्होंने कांग्रेस पर हिंदुओं की उपेक्षा और तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया है.वहीं, हिंदू एकता को समय की मांग बताते हुए कहा कि यह पदयात्रा केवल शुरुआत है. उन्होंने इसे धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है.
‘जो मंदिरों पर दावा करेंगे उन्हें मिलेगा जवाब’
उन्होंने कहा “जो हिंदू हित की बात करेगा, वही भारत पर राज करेगा, अब हिंदू को न तो बांटना है और न ही काटना, जो हमारे मंदिरों पर दावा करेंगे, उन्हें जवाब मिलेगा. हिंदू एकता के इस आंदोलन को बटवृक्ष की तरह इतना बड़ा बनाया जाएगा कि हर समुदाय और व्यक्ति को इस पर विचार करना पड़ेगा”.
तुष्टिकरण की राजनीति का विरोध
संत रामभद्राचार्य ने तुष्टिकरण की राजनीति की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिंदू धर्म और उससे जुड़े प्रतीकों को अपमानित करते हैं. उन्होंने कहा कि गाय, गंगा और भारत माता को गाली देने वाले कभी हमारे हो ही नहीं सकते. तुष्टिकरण की यह राजनीति अब बंद होनी चाहिए.
नए नारों की शुरुआत
अपने संबोधन में उन्होंने “ओम शांति” की जगह “ओम क्रांति” का नारा देने की बात कही. उनका कहना था कि हिंदुओं को अब शांत रहने के बजाय अपने अधिकारों और अस्मिता के लिए खड़ा होना चाहिए.”अब ‘ओम शांति’ नहीं, ‘ओम क्रांति’ का समय है. जो हिंदू एकता को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे सबक सिखाया जाएगा.”
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भव्य समापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ 55वां इफ्फी
8 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित इफ्फी 2024 में रिकॉर्ड संख्या में शामिल हुए प्रतिनिधि
फिल्म बाज़ार में अब तक के सर्वाधिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की और इसमें 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा का कारोबार होने का अनुमान, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है
हाउसफुल मास्टरक्लास तथा अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा और भारतीय पैनोरमा की स्क्रीनिंग
जैसे सभी अच्छी चीजों का अंत अवश्य होता है, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) 2024 का भी गोवा के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में 28 नवंबर, 2024 को समापन हो गया, लेकिन निश्चित रूप से सिनेमा के जादू और कहानी कहने की भावना का जश्न मनाने तथा भविष्य के फिल्म निर्माताओं के लिए कई रास्ते खोलने के अपने स्थायी प्रभाव के साथ। इफ्फी के 2024 संस्करण में 11,332 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो इफ्फी 2023 की तुलना में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 28 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ-साथ देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।
फिल्म बाज़ार के संबंध में, प्रतिनिधियों की संख्या बढ़कर 1,876 हो गई, जो पिछले साल के 775 से काफी ज़्यादा है। विदेशी प्रतिनिधियों ने 42 देशों का प्रतिनिधित्व किया। इस साल फिल्म बाज़ार में व्यापार अनुमान 500 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 15 उद्योग भागीदारों वाला टेक पैवेलियन भी प्रतिभागी प्रतिनिधियों के लिए एक दिलचस्प घटक रहा। उद्योग भागीदारों से 15.36 करोड़ रुपये का प्रायोजन प्राप्त हुआ।
55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों का सारांश निम्नलिखित है।
उद्घाटन और समापन समारोह
उद्घाटन और समापन समारोह में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा दोनों का जश्न मनाते सितारों की भव्य मौजूदगी और प्रस्तुतियों की धूम रही। उद्घाटन समारोह में शताब्दी समारोह और भारतीय सिनेमा की समृद्ध विविधता के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया । समापन समारोह में संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ ही साथ असाधारण उपलब्धि हासिल करने वालों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें फिलिप नॉयस को दिया गया सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और विक्रांत मैसी को दिया गया इंडियन फिल्म पर्सनालिटी ऑफ द ईयर अवार्ड शामिल है।
समापन समारोह: विक्रांत मैसी को वर्ष का इंडियन फिल्म पर्सनालिटी ऑफ द ईयर अवार्ड प्रदान किया गया
अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा
इफ्फी में अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा 189 फिल्मों का क्यूरेटेड चयन था, जिसे 1,800 से अधिक प्रस्तुतियों में से चुना गया। लाइनअप में 16 विश्व प्रीमियर, 3 अंतर्राष्ट्रीय प्रीमियर, 44 एशिया प्रीमियर और 109 भारतीय प्रीमियर शामिल रहे।
महोत्सव के दौरान 81 देशों की फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिनमें विभिन्न संस्कृतियों, मतों और दृष्टिकोणों की छाप देखने को मिली। प्रतिस्पर्धी खंड भी बेहद रोमांचकारी रहे। इनमें 15 फिल्मों ने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता पुरस्कार के लिए, 10 ने आईसीएफटी यूनेस्को गांधी पदक खंड और 7 ने निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फीचर फिल्म श्रेणी के लिए प्रतिस्पर्धा की।
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख ( फोकस) देश होने के कारण इस महोत्सव में एक विशिष्ट भावना जुड़ गई, जिसमें स्क्रीन ऑस्ट्रेलिया के साथ करार की बदौलत ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखने को मिला। महोत्सव की शुरुआत माइकल ग्रेसी द्वारा निर्देशित ऑस्ट्रेलियाई फिल्म बेटर मैन की स्क्रीनिंग के साथ हुई।
लिथुआनियाई फिल्म ‘टॉक्सिक’ ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता तथा रोमानियाई फिल्म ‘ए न्यू ईयर दैट नेवर केम’ ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का रजत मयूर पुरस्कार जीता।
उद्घाटन फिल्म बेटर मैन के कास्ट एंड क्रू रेड कार्पेट पर सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू और महोत्सव निदेशक शेखर कपूर के साथ
शानदार प्रीमियर और रेड कार्पेट
अंतरराष्ट्रीय खंड, भारतीय पैनोरमा, गोवा खंड और बियॉन्ड इंडियन पैनोरमा के 100 से ज़्यादा रेड कार्पेट इवेंट आईनॉक्स पंजिम में दिखाए गए।

उद्घाटन समारोह के दौरान रेड कार्पेट पर अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जूरी
55वें इफ्फी के उद्घाटन समारोह में रेड कार्पेट
स्नो फ्लावर के कास्ट एंड क्रू रेड कार्पेट पर
भारतीय पैनोरमा
इस वर्ष, भारतीय पैनोरमा 2024 के अंतर्गत अपनी सिनेमाई उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित 25 फीचर फिल्मों और 20 गैर-फीचर फिल्मों का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया भारत भर के सिनेमा जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों के एक पैनल द्वारा आयोजित की गई, जिसमें फीचर फिल्मों के लिए बारह जूरी सदस्य और गैर-फीचर फिल्मों के लिए छह जूरी सदस्य थे, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व उनके संबंधित अध्यक्ष ने किया। देश भर की युवा फिल्म निर्माण प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए एक नया पुरस्कार शुरू किया गया, जो इफ्फी की थीम ‘युवा फिल्म निर्माताओं’ के अनुरूप है। निर्देशक को प्रमाण पत्र और 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के लिए कुल 102 फिल्मों ने इसमें प्रतिस्पर्धा की। जिनमें से समापन समारोह में नवज्योत बांदीवाडेकर को ‘घराट गणपति’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इफ्फी की थीम ‘यंग फिल्म मेकर्स : द फ्यूचर इज नाओ’ पर केंद्रित रही
इफ्फी की थीम सूचना एवं प्रसारण मंत्री के दृष्टिकोण से रचनात्मकता के भविष्य को आकार देने में युवाओं की क्षमता को मान्यता देते हुए “युवा फिल्म निर्माताओं” पर केंद्रित रही। क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो मंच की पहल को पिछले संस्करणों में 75 से बढ़ाकर 100 युवा प्रतिभाओं को समर्थन देने के लिए बढ़ाया गया। मंत्रालय द्वारा देशभर के विभिन्न फिल्म स्कूलों से लगभग 350 युवा फिल्म छात्रों को इफ्फी में भाग लेने के लिए सुविधा प्रदान की गई। देश भर में युवा फिल्म निर्माण प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए एक नया खंड और सर्वश्रेष्ठ नवोदित भारतीय निर्देशक का पुरस्कार स्थापित किया गया। मास्टरक्लास, पैनल चर्चा, फिल्म बाजार और फिल्म पैकेज सभी युवा रचनाकारों के लिए तैयार किए गए। युवाओं की भागीदारी और जुड़ाव बढ़ाने के लिए इफ़िएस्टा– एक एंटरटेनमेंट जोन शुरू किया गया।
इफिएस्टा
जोमैटो के साथ मिलकर इफिएस्टा ने “डिस्ट्रिक्ट” नामक एक जीवंत एंटरटेनमेंट जोन बनाया, जिसमें फूड स्टॉल और विशेष रूप से क्यूरेटेड प्रदर्शनों का एक अनूठा मिश्रण पेश किया गया। इनमें व्हेन चाय मेट टोस्ट और असीस कौर के अभिनय शामिल थे। इस जोन का मुख्य आकर्षण सफरनामा नामक एक क्यूरेटेड प्रदर्शनी थी, जिसमें भारतीय फिल्म निर्माण के समृद्ध इतिहास को दिखाया गया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा एक विशेष अनुभव जोन ने उपस्थित लोगों को शानदार अनुभव प्रदान किया, जिन्होंने इसे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना दिया। 6000 छात्रों सहित कुल 18,795 आगंतुकों ने इफिएस्टा का आनंद लिया।
इफिएस्टा में सांस्कृतिक प्रस्तुति
सिनेमाई हस्तियों का यशगान : इफ्फी 2024 में शताब्दी श्रद्धांजलि
नवंबर 2024 में आयोजित 55वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) एक ऐतिहासिक उत्सव रहा, जिसमें भारतीय सिनेमा की चार महान हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई: अक्किनेनी नागेश्वर राव (एएनआर), राज कपूर, मोहम्मद रफ़ी और तपन सिन्हा। उनकी शानदार विरासत की शताब्दी को चिह्नित करते हुए महोत्सव ने अद्वितीय योगदान को सावधानीपूर्वक क्यूरेट किए गए कार्यक्रमों, डाक टिकट, स्क्रीनिंग और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
शताब्दी समारोह के उद्घाटन समारोह में डाक टिकट जारी किया गया
क्लासिक्स को सहेजा गया
इफ्फी 2024 में एनएफडीसी – नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया द्वारा सूचना और प्रसारण मंत्रालय की पहल पर राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत रिस्टोर्ड क्लासिक्स खंड में प्रस्तुत एनएफडीसी-एनएफएआई द्वारा फिल्मों की डिजिटल बहाली को दिखाया गया। यह खंड भारतीय सिनेमा के संरक्षण में एनएफडीसी-एनएफएआई के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डालता है, जो इसके डिजिटलीकरण और बहाली कार्य पर ध्यान केंद्रित करता है। प्रदर्शित की गई उल्लेखनीय फिल्मों में शामिल हैं:
1. कालिया मर्दन (1919),-दादा साहब फाल्के की यह मूक फिल्म विशेष लाइव साउंड के साथ फिल्मायी गई जो दर्शकों को बहुत पसंद आई।
2. शताब्दी के लिए:
- राज कपूर की आवारा (1951)
- एएनआर की देवदासु (1953)
- हम दोनो (1961) रफी के गीतों सहित
- तपन सिन्हा की हारमोनियम’ (1975)
3. सत्यजीत रे की सीमाबद्धा (1971)
क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो
इफ्फी के 2024 संस्करण में प्रतिभागियों का प्रभावशाली चयन हुआ। इस बार फिल्म निर्माण की 13 श्रेणियों में भारत के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) से 1,070 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से कुल 100 प्रतिभागियों को चुना गया, जिनमें 71 पुरुष और 29 महिलाएं शामिल थीं (2023 में 16 महिला प्रतिभागियों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि)। इन प्रतिभागियों ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व किया, जो कार्यक्रम में विविध प्रकार के मत और अनुभव लेकर आए।
महोत्सव के दौरान, 10 प्रतिभागियों की टीमों द्वारा 48 घंटों के भीतर पांच लघु फ़िल्में बनाई गईं। इन फिल्मों में हिंदी में गुल्लू (निर्देशक: अर्शाली जोस), कोंकणी और अंग्रेजी में द विंडो (निर्देशक: पीयूष शर्मा), अंग्रेजी में वी कैन हियर द सेम म्यूजिक (निर्देशक: बोनिता राजपुरोहित), अंग्रेजी में लवफिक्स सब्सक्रिप्शन (निर्देशक: मल्लिका जुनेजा) और हिंदी/अंग्रेजी में हे माया (निर्देशक: सूर्यांश देव श्रीवास्तव) शामिल हैं। इन फिल्मों का चयन एक ग्रैंड जूरी द्वारा किया गया, जिसमें निम्नलिखित विजेता रहे : सर्वश्रेष्ठ फिल्म – गुल्लू (अर्शाली जोस), प्रथम रनर-अप – वी कैन हियर द सेम म्यूजिक (बोनिता राजपुरोहित), सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – अर्शाली जोस (गुल्लू), सर्वश्रेष्ठ पटकथा – अधिराज बोस (लवफिक्स सब्सक्रिप्शन), सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – विशाखा नाइक (लवफिक्स सब्सक्रिप्शन), और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – पुष्पेंद्र कुमार (गुल्लू)।
सीएमओटी जूरी सदस्यों की उपस्थिति में सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू, सीबीएफसी अध्यक्ष प्रसून जोशी द्वारा सीएमओटी का उद्घाटन
क्रिएटिव माइंड्स के प्रतिभागियों ने एक प्रतिभा शिविर में भी हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप उभरते फिल्म निर्माताओं को 62 प्रस्ताव दिए गए। इस नई प्रक्रिया ने महत्वपूर्ण दिशा और अवसर प्रदान किए, जिससे भारतीय सिनेमा में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए रंगमंच की दृढ़ता को बल मिला।
48 घंटे की फिल्म निर्माण चुनौती के दौरान सक्रिय छात्र
मास्टर क्लास
इफ्फी ने 7 दिन के दौरान, 30 मास्टरक्लास, इन-कन्वर्सेशन और पैनल चर्चाओं की मेजबानी की, जिसमें सिनेमा की दुनिया की जानी-मानी हस्तियां शामिल हुई। जानी-मानी हस्तियों में फिलिप नॉयस, जॉन सील, रणबीर कपूर, ए.आर. रहमान, क्रिस किर्शबाम, इम्तियाज अली, मणि रत्नम, सुहासिनी मणि रत्नम, नागार्जुन, फारुख धोंडी, शिवकार्तिकेयन, अमीश त्रिपाठी और कई अन्य शामिल थे।
22 नवम्बर को आयोजित मणिरत्नम के सत्र में 89 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सबसे अधिक उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि रणबीर कपूर के सत्र में 83 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
मणिरत्नम के मास्टरक्लास के दौरान खचाखच भरा ऑडिटोरियम
छात्र फिल्म निर्माता कार्यक्रम
युवा फिल्म निर्माता कार्यक्रम में कुल 345 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें 13 प्रसिद्ध फिल्म स्कूलों जैसे एफटीआईआई, एसआरएफटीआई, एसआरएफटीआई अरुणाचल प्रदेश, आईआईएमसी और अन्य राज्य सरकार और निजी संस्थानों के 279 छात्र शामिल थे। इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्यों के 66 छात्रों और युवा फिल्म निर्माताओं को कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए चुना गया।
48 घंटे की फिल्म निर्माण चुनौती के दौरान छात्रों का एक समूह
पीआईबी को देशभर से मीडिया मान्यता के लिए करीब 1,000 आवेदन प्राप्त हुए और इफ्फी की कवरेज के लिए 700 से अधिक पत्रकारों को मान्यता दी गई। जिन पत्रकारों ने रुचि दिखाई, उन्हें एफटीआईआई के सहयोग से फिल्म को समझने और उसका विश्लेषण करने संबंधी एक दिवसीय पाठ्यक्रम की पेशकश की गई।
आईएफएफआई 2024 को कई प्लेटफ़ॉर्म पर व्यापक मीडिया कवरेज मिला, जिससे इस आयोजन को व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाया जा सका। अकेले प्रिंट मीडिया में, टाइम्स ऑफ़ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, मिडडे, इंडियन एक्सप्रेस, द हिंदू और अन्य सहित प्रमुख राष्ट्रीय प्रकाशनों में 500 से अधिक लेख प्रकाशित हुए, जिससे इस उत्सव के महत्व पर और अधिक प्रकाश डाला गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर, बॉलीवुड हंगामा, पिंकविला जैसी प्रमुख मनोरंजन वेबसाइटों और लाइवमिंट और इकोनॉमिक टाइम्स जैसे व्यवसाय-केन्द्रित प्लेटफॉर्म पर 600 से अधिक ऑनलाइन लेख देखने को मिले। इसके अतिरिक्त, इफ्फी की पहुंच बढ़ाने के लिए MyGov के माध्यम से 45 सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को शामिल किया गया, जिससे विभिन्न डिजिटल स्पेस पर उत्सव के बारे में जीवंत चर्चा हुई।
पीआईबी ने बाहर के 26 देशों के आधिकारिक हैंडल से अंग्रेजी और छह विदेशी भाषाओं में सामग्री वितरण की सुविधा भी प्रदान की है। ऐसा विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, आईएफएफआई ने वैरायटी और स्क्रीन इंटरनेशनल के साथ साझेदारी की, तथा अपने वैश्विक ग्राहकों को तीन ई-दैनिक समाचार पत्र भेजे, जिससे महोत्सव की वैश्विक उपस्थिति और मजबूत हुई।
फिल्म बाज़ार के क्यूरेटेड दौरे पर मीडियाकर्मी
वरिष्ठ अभिनेत्री राखी गुलज़ार और फिल्म अमर बॉस की निर्देशक जोड़ी द्वारा संबोधित प्रेस कॉन्फ्रेंस
महाराष्ट्र में नई सरकार को लेकर बड़ा अपडेट
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ नेता ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नई सरकार 5 दिसंबर को बनेगी। देवेंद्र फडणवीस अगले मुख्यमंत्री बनने के उम्मीदवारों की दौड़ में सबसे आगे हैं।
बीजेपी ने जीतीं 132 सीट
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के गठबंधन महायुति ने 288 में से 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। बीजेपी 132 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी जबकि शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीट जीतीं।
कौन होगा महाराष्ट्र का सीएम?
हालांकि, 23 नवंबर को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद भी इस बात पर कोई फैसला नहीं हुआ है कि मुख्यमंत्री कौन होगा? शिंदे, फडणवीस और पवार ने महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने को लेकर समझौते पर बातचीत करने के लिए गुरुवार देर रात भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
अपने पैतृक गांव पहुंचे एकनाथ शिंदे
कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सतारा जिले में अपने पैतृक गांव के लिए रवाना होने के बाद शुक्रवार को होने वाली महायुति की महत्वपूर्ण बैठक स्थगित कर दी गई, जो अब यह संभवतः रविवार को होगी।
फडणीस मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे
बीजेपी नेता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि नई सरकार का शपथ ग्रहण पांच दिसंबर को होगा। नेता ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता फडणवीस मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
अजित पवार ने भी किया फणवीस का समर्थन
हालांकि, अब तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि बीजेपी विधायक दल अपना नया नेता चुनने के लिए बैठक कब करेगा? शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अगले मुख्यमंत्री के संबंध में बीजेपी नेतृत्व के निर्णय का पूरा समर्थन करेंगे। इस प्रक्रिया में बाधा नहीं बनेंगे। वहीं, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने मुख्यमंत्री पद के लिए फडणवीस का समर्थन किया है।
भाषा के इनपुट के साथ












