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केदारनाथ में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, छह लोगों की मौत की सूचना, रेस्‍क्‍यू शुरू

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रुद्रप्रयाग : Kedarnath Helicopter Crash : केदारनाथ में एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। हादसे में छह लोगों की मौत की सूचना आ रही है।
हेलीकॉप्‍टर में छह लोग सवार थे। हादसा गौरीकुंड के पास हुआ है। हेलीकॉप्‍टर आर्यन कंपनी का बताया जा रहा है। रेस्‍क्‍यू में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम लगी हुई है।
केदारनाथ में घना कोहरा

#WATCH | Uttarakhand: A helicopter carrying Kedarnath pilgrims from Phata crashes, casualties feared; administration team left for the spot for relief and rescue work. Further details awaited pic.twitter.com/sDf4x1udlJ

वहीं इस घटना में राहत बचाव के लिए टीमें रवाना हो गई हैं। बताया जा रहा है कि केदारनाथ में घना कोहरा लगा हुआ है। तो इस कारण हेलीकॉप्‍टर हादसे का शिकार हो सकता है।
2019 में भी केदारनाथ में क्रैश हुआ था हेलीकॉप्‍टर
वर्ष 2019 में भी केदारनाथ में हेलीकॉप्‍टर क्रैश हुआ था। केदारनाथ से यात्रियों को लेकर फाटा के लिए उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और इस दौरान हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था।
हेलीकॉप्टर के लैंडिंग करते समय पीछे का हिस्सा जमीन से टकराने के कारण यह दुर्घटना हुई थी। हेलीकॉप्टर के पायलट समेत छह यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।
2013 में आपदा राहत बचाव के दौरान तीन हेलीकॉप्टर हुए थे क्रैश
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की ये पहली घटना नहीं है। साल 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान भी रेस्क्यू करते हुए वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर समेत तीन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुुए थे। इन दुर्घटनाओं में 23 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।

Cow Economy – महिला सशक्तिकरण: पशुपालन के माध्यम से

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डॉ प्रगति पटेलडॉ आदित्य मिश्राडॉ आनंद जैनडॉ दीपिका डी सीजरडॉ पूर्णिमा सिंहडॉ अनिल गट्टानीडॉ संजू मंडल एवं डॉ महावेश हिरा खान ,पशु शरीर क्रिया विज्ञान एवं जैव रसायन विभाग पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, जबलपुर

 – Dr . Rajesh Singh 

भारत एक कृषि प्रधान देश है और पशुपालन क्षेत्र इसका एक अभिन्न अंग है। पशुधन को आम तौर पर ग्रामीण आजीविका के लिए एक प्रमुख संपत्ति माना जाता है। ग्रामीण महिलाएं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही, वे एक उत्पादक की भूमिका भी निभाती हैं।

महिलाओ का योगदान पशुपालन क्षेत्र में सराहनीय है। गरीब परिवारों में पशुपालन आय का एक प्रमुख स्रोत है, जो विशेषकर गरीब एवं भूमिहीन महिलाओं को आय का साधन उपलब्ध कराता है। महिलाएं घर का सब कार्य करते हुए भी गाय, बकरी, भेड़ ,सूअर ,मुर्गी बत्तख, खरगोश पालन आदि का कार्य आसानी से कर सकती हैं। महिलाओं में निर्णय कौशल का विकास करके एवं उन्हें पशुपालन के तौर पर पहचान देकर उनके आर्थिक एवं सामाजिक विकास का रास्ता आसान किया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं पारिवारिक विकास में महिलाओं में तकनीकी कौशल का विकास करके एवं आय के साधनों में वृद्धि करके खाद्य सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है। पशुपालन में नवीन तकनीकों का विकास करने की आवश्यकता है जिनकी जरूरत महिलाओं को है जो उनके कार्य के बोझ को कम करें, उत्पादकता में वृद्धि करें एवं अधिक आय का साधन मुहैया कराएं।

महिलाएं पशुपालन के विभिन्न कार्यों जैसे पशुओं की देखभाल एवं खानपान, उत्पादों की बिक्री आदि में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। पशुओं के स्वामित्व विशेषकर बकरी, भेड़, मुर्गी आदि पर महिलाओं का अधिकतर अधिकार होता है। इसके विपरीत जमीन, पूंजी एवं ज्ञान के मामलों में पुरुषों का वर्चस्व होता है। अतः महिला सशक्तिकरण एक व्यवहारिक आवश्यकता है जिससे कि उनकी पहुंच तकनीकों और ज्ञान के क्षेत्र में अधिक सुगम हो सके। इसके दूरगामी प्रभाव के रूप में उनकी सामाजिक अवस्था में सकारात्मक सुधार होगा। आर्थिक सामाजिक व्यवस्था, संस्थानिक एवं नीतिगत फैसले भी कार्यकलापों एवं जिम्मेदारियों को प्रभावित करते हैं। विभिन्न कार्यों में स्त्री पुरुष की भागीदारी एवं संसाधनों का स्वामित्व विभिन्न समाज एवं क्षेत्र में अलग अलग होता है। सामाजिक, नीतिगत एवं संस्थानिक व्यवस्थाएं अक्सर महिलाओं के उत्थान में बाधा उत्पन्न करती हैं जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। इन बाधाओं को यदि दूर कर दिया जाए तो महिलाएं पशुपालन द्वारा आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकेंगी।

महिलाओ की पशुपालन में भूमिका:

भारत में पशुधन उत्पादन काफी हद तक महिलाओं के हाथों में है। वास्तव में पशुपालन नारीकृत हो रहा है। पशुओं की खेती की अधिकांश गतिविधियाँ जैसे चारा संग्रह, पानी और स्वास्थ्य देखभाल, प्रबंधन, दूध देने और घरेलू स्तर पर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन महिलाओं द्वारा किया जाता है। उनकी काफी भागीदारी और योगदान के बावजूद, महत्वपूर्ण लैंगिक असमानताएँ, प्रौद्योगिकी, ऋण, सूचना, इनपुट और सेवाओं की जानकारी न होने की बजह से महिलाये काफी समयस्याओ का सामना कर रही हैं। पशुधन उत्पादों की तेजी से बढ़ती मांग महिलाओं के सशक्तीकरण के अवसर पैदा करती है। लगभग 70 मिलियन ग्रामीण परिवार पशुधन के मालिक हैं। पशुधन क्षेत्र के सतत विकास से महिलाओं का अधिक समावेशी विकास और सशक्तिकरण होगा। एक पशुधन उत्पादन प्रणाली के भीतर महिलाओं की विशिष्ट भूमिका एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न होती है, और पुरुषों और महिलाओं के बीच पशुधन के स्वामित्व का वितरण सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों से दृढ़ता से संबंधित है। महिलाएं आमतौर पर दूध देने, प्रसंस्करण और दूध उत्पादों को बेचने, चारा और पानी उपलब्ध कराने, नवजात मेमनों और बीमार जानवरों की देखभाल करने के लिए जिम्मेदार होती हैं।

पशुपालन के क्षेत्र में स्त्री एवं पुरुष की आवश्यकता एवं रूचि अलग-अलग होती है। इस क्षेत्र में वे अवसर एवं समस्याओं का निराकरण अलग अलग तरीके से करते हैं। पशु एवं पशु उत्पादों की बिक्री तकनीकी जानकारी हासिल करना, सूखा, बाढ़, बीमारियों से लड़ने के तरीके इत्यादि में स्त्री पुरुष का व्यवहार समान नहीं होता है। पशुपालन में महिला सशक्तिकरण निम्नलिखित तथ्यों पर निर्भर करता है:

पशु उत्पादन के प्रकारपशु उत्पादन की विभिन्न प्रणालियों में स्त्री की भागीदारी अलग-अलग होती है। पशुओं की नस्ल, कृषि पशुपालन के संबंध खानपान व्यवस्था प्राकृतिक संसाधनों की गुणवत्ता एवं उपलब्धता, गोचर भूमि की उपलब्धता आदि भी पशुपालन व्यवस्था में स्त्री पुरुष के योगदान का अध्ययन करते समय हमें सामाजिक व्यवस्था रहन-सहन के तरीके विभिन्न पारिवारिक गतिविधियों मौसमी विस्थापन आदि का भी ध्यान रखना चाहिए। जिन परिवारों में महिलाएं बकरी भेड़ की देखभाल करती हैं उन्हें बच्चे भी अक्सर अपना योगदान देते हैं। छोटे स्तर पर मुर्गी पालन भी ग्रामीण महिलाओं के लिए आय एवं रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन है जिससे परिवार के सदस्यों को पौष्टिक भोजन जैसे मांस और अंडे की आपूर्ति होती है।

Chhindwara – गौ-ग्रास निकालने की परंपरा को लुप्त और सुप्त न होने दें : स्वामी अखिलेश्वारनंद गिरी

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भारत वर्ष में गौ पालन की परंपरा अति प्राचीन है। इसको बनाए रखना हम सभी का पुनीत दायित्व है। गौ-वंश के लिये गौ-ग्रास निकालना अति आवश्यक है। गौ-ग्रास निकालने की परंपरा को लुप्त और सुप्त नहीं होने देना है। मध्यप्रदेश गौ संवर्द्धन बोर्ड कार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वारनंद गिरी ने यह बात आज छिन्दवाड़ा जिले के ग्राम उमरी खुर्द में माँ भगवती गौ-शाला ‘श्री राम वाटिका’ निर्माण का शुभारंभ करते हुए कही। वाटिका में विभिन्न तरह के औषधीय, फलदार, छायादार, गृह-नक्षत्रों पर आधारित वृक्षों की वाटिका निर्मित की जाएगी।
गौसेवा और गौवंश की रक्षा सदैव प्रासंगिक
स्वामी श्री गिरी ने इस अवसर पर आयोजित ‘गौ संगोष्ठी’ को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-वंश कभी भी अनार्थिक और अनुपयोगी नही होता है। इस तथ्य और सत्य को ध्यान में रखकर ही गौ-सेवा की भावना जनसामान्य में जाग्रत करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। गौ-सेवा और गौवंश रक्षा सदैव प्रसांगिक है। इस संगोष्ठी में पार्ण्डुना के और ग्राम उमरी खुर्द के गौ-पालक, गौ-सेवक, किसान और गायत्री पीठ से जुड़े हुए लोगों ने भाग लिया।

दिल्ली-पंजाब से लेकर उत्तराखंड तक 50 जगहों पर NIA की छापेमारी

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NIA Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने देशभर में आतंकी कनेक्शन को लेकर कई गैंगस्टर्स के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है. जांच एजेंसी की ये कार्रवाई दिल्ली समेत 50 जगहों पर हो रही है. एनआईए ने भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के बीच बढ़ते गठजोड़ को खत्म करने के लिए एक्शन लिया है और पंजाब से लेकर हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक की छापेमारी में कई हथियार बरामद किए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने बीते दिनों UAPA के तहत दो मामले दर्ज किए थे उन्हीं मामलों को संज्ञान में लेते हुए NIA ने एक्शन लिया है. दरअसल जांच में सामने आया कि विदेशों में बैठे गैंगस्टर और हिंदुस्तान की अलग-अलग जेलों में बंद गैंगस्टर अपना एक अलग लेवल का नेटवर्क चला रहे हैं और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.

इतना ही नहीं जांच में ये भी सामने आया कि इन गैंगस्टर्स के लिंक आतंकी संगठनों से भी हैं. ये गैंगस्टर्स बड़े पैमाने पर लोगों के बीच आतंक पैदा करने के लिए और वारदातों को प्रचारित कर साइबर स्पेस का इस्तेमाल कर रहे थे. वहीं, जो गैंगस्टर्स विदेश भाग गए हैं वो वहीं से ऑपरेट कर रहे हैं जैसे पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया सहित विदेशों से अपना गैंग चला रहे हैं.

50 स्थानों पर छापेमारी

ये गिरोह ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के जरिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंड भी जुटा रहे थे. इनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आज NIA ने  फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर साहब, मोगा, तरण तारन, अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, पंजाब के मोहाली जिलों, पूर्वी गुरुग्राम, भिवानी, में 50 स्थानों पर छापेमारी की. हरियाणा के यमुनानगर, सोनीपत और झज्जर जिले, राजस्थान के हनुमानगढ़ और गंगानगर जिले और दिल्ली/एनसीआर के द्वारका, आउटर नार्थ, नार्थ ईस्ट, नार्थ वेस्ट और शाहदरा में छापेमारी की.

गोल्डी बराड़ (कनाडा), लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, वरिंदर प्रताप उर्फ ​​काला राणा, काला जठेड़ी, विक्रम बराड़, गौरव पटियाल उर्फ ​​लकी पटियाल (जिसे पहले आर्मेनिया में गिरफ्तार किया गया था), नीरज बवानिया के ठिकानों पर आज सुबह तलाशी ली गई. कौशल चौधरी, टिल्लू ताजपुरिया, अमित डागर, दीपक कुमार, टीनू, संदीप, इरफान, पहलवान, आशिम, हाशिम बाबा, सचिन भांजा. ये वो गैंगस्टर्स है जिनके ठिकानों पर रेड की गई.

हथियार हुए बरामद

NIA को आज तलाशी के दौरान 6 पिस्टल, एक रिवॉल्वर, एक शॉटगन और गोला-बारूद बरामद किया है. इसके अलावा, ड्रग्स, नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेट्रॉनिक डिवाइस, बेनामी संपत्ति के कागजात, धमकी के खत एनआईए ने जब्त किए है. दरअसल, जम्मू कश्मीर में आतंक को फैलाने के लिए विदेश से पैसा लाकर आतंकियों तक पहुंचाया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस नेटवर्क पर खास है.

वहीं, पिछले 9 महीनों में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में 191 ड्रोन को घुसते देखा है जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर मामला है. वहीं, देश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें आतंकवादियों, गैंगस्टर्स और ड्रग्स तस्कर नेटवर्क के बीच गहरी साजिश दिखी है जिसको लेकर जांच एजेंसियां सख्त बनी हुई हैं.

गृह मंत्रालय ने – महिला के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में IAS अधिकारी जितेंद्र नारायण को निलंबित किया

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New Delhi – गृह मंत्रालय ने आज AGMUT कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी  जितेंद्र नारायण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मंत्रालय को 16.10.2022 को अंडमान और निकोबार पुलिस से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तत्कालीन मुख्य सचिव श्री जितेंद्र नारायण, IAS (AGMUT: 1990) और अन्य द्वारा एक महिला के कथित यौन उत्पीड़न के संबंध में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में श्री जितेंद्र नारायण, IAS (AGMUT: 1990) की ओर से गंभीर कदाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग की संभावना के संकेत को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। तदनुसार, श्री जितेंद्र नारायण, IAS (AGMUT: 1990) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का आदेश दिया गया है।

सरकार अपने अधिकारियों की रैंक और स्थिति पर ध्यान दिये बिना उनके अनुशासनहीनता के कृत्यों के प्रति, खासकर महिलाओं की गरिमा से जुड़ी घटनाओं के संबंध में, शून्य सहिष्णुता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और अंडमान एवं निकोबार पुलिस की एसआईटी द्वारा आपराधिक मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है।

बीजेपी बंगाल की कोर कमिटी में चुने गए मिथुन चक्रवर्ती

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Mithun Chakraborty in BJP Core Commitee: बेशक पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में सरकार न बना पाई हो, लेकिन पार्टी ने अन्य चुनावों की तुलना में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई ऐसी सीटों पर भी जीत दर्ज की जिन पर टीएमसी का दबदबा हुआ करता था. पार्टी की राज्य में पकड़ और मजबूत करने के लिए आलाकमान लगातार बड़े कदम उठा रहा है.
इसी कड़ी में अब पार्टी हाईकमान ने बंगाल इकाई के लिए पार्टी की कोर कमिटी का गठन किया है. इस कोर कमिटी में मशहूर फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को शामिल किया गया है. उनका नाम सबको चौंकाने वाला है. पार्टी के इस फैसले के बाद से हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है.
कोर कमिटी में कई बदलाव
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को मीटिंग के बाद बंगाल कोर कमिटी की घोषणा की. इस कोर कमिटी में सबसे हैरान करने वाला नाम फिल्म स्टार और बीजेपी नेता नेता मिथुन चक्रवर्ती का रहा.
वहीं इस बार पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली को कोर कमिटी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. इस कमिटी में 20 सदस्यों को शामिल किया गया है. जिसमें अमित मालवीय और आशा लकड़ा भी शामिल हैं. सुकांत मजूमदार और सुवेंदु अधिकारी राज्य अध्यक्ष और एलओपी के पदों को बरकरार रखेंगे.
पिछले दिनों टीएमसी विधायकों को लेकर चौंकाया था 
बता दें कि मिथुन चक्रवर्ती ने दुर्गा पूजा से पहले दावा किया था कि टीएमसी के 21 विधायक उनके संपर्क में हैं. उन्होंने पत्रकारों के सामने दावा करते हुए कहा,  21 टीएमसी विधायक अभी भी मेरे संपर्क में हैं, मैंने यह पहले भी कहा था और फिर कह रहा हूं. मैं अपनी बात पर कायम हूं. बस समय का इंतजार करें.
मिथुन ने इस दौरान टीएमसी नेताओं को बीजेपी जॉइन कराने में आ रही दिक्कतों के बारे में भी बताया था. उन्होंने कहा था, मैं पार्टी की आपत्तियों से वाकिफ हूं. पार्टी में टीएमसी नेताओं को लेने पर आपत्ति है. कई नेताओं का कहना है कि हम सड़े हुए आलू नहीं लेंगे.

अयोध्या जाएंगे PM मोदी, रामलला विराजमान के दर्शन और सरयू घाट पर आरती

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Deepotsav 2022: उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या (Ayodhya) में इस बार भी दीपोत्सव (Deepotsav) को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. अयोध्या में 23 अक्टूबर को दीपोत्सव कार्यक्रम होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शामिल होंगे. इसके अलावा पीएम मोदी भगवान राम के राज्याभिषेक में भी शामिल होंगे. पीएम मोदी के आगमन से पहले यहां दीपोत्सव की तैयारियां काफी तेजी से चल रही है.

इस साल अयोध्या में 23 अक्टूबर को दीपोत्सव मनाया जाएगा. इसको लेकर तैयारियां जारी हैं. वहीं पीएम मोदी भी इस बार के दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे. वे भगवान राम के राज्याभिषेक में भी शामिल होंगे. प्रधानमंत्री 23 अक्टूबर को अयोध्या जाएंगे. इसके बाद शाम को पांच बजे वे रामलला विराजमान के दर्शन करेंगे. वहीं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का मुआयना भी करेंगे.

इसके बाद पीएम मोदी शाम 6.30 बजे सरयू घाट पर आरती और दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. जिसके बाद वो रात को ग्रीन और डिजिटल आतिशबाजी का भी नजारा देखेंगे. इसको लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर है. बीते दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या गए थे. तब उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में दीपोत्सव की तैयारियों पर चर्चा हुई थी.

21 से शुरू होगा दीया बिछाने का काम
इस बार अयोध्या में छठवां दीपोत्सव मनाया जा रहा है. इस बार भी रिकॉर्ड दीपों को जलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा. इस बार 17 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य रखा गया है. अवध विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 21 तारीख से दीया बिछाने का कार्यक्रम शुरू होगा. इसके बाद 22 तारीख को दीए में तेल डाला जाएगा.

उन्होंने बताया कि यह काम समय से पूरा कर लिया जाएगा ताकि 23 तारीख की शाम को केवल दीयों को जलाने का काम बचे. कुलपति ने कहा कि हम सभी मिलकर कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराएंगे. जो वॉलिंटियर बच्चे दीया जलाएंगे उनके लिए ब्रीफिंग रखी गई थी. सुरक्षा संबंधित बिंदुओं को लेकर उन्हें जानकारी दी गई.

रायबरेली में चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर गौ तस्कर

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Raebareli News: रायबरेली (Raebareli) में एसओजी और पुलिस के चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस की बाइक सवार बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई. जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग कर दी जिसमें एक बदमाश को गोली लगी जबकि दूसरे को मौके से पकड़ लिया गया. वहीं लोडर से जाते हुए कुछ अन्य लोग भी दिखाई दिए. जिनको घेरकर पूछताछ करने पर वे लोग भी बदमाशों के साथी निकले. घायल बदमाश को उपचार के जिला अस्पताल लाया गया.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बीते हफ्ते भदोखर थाना क्षेत्र में कुछ गोवंशों के अवशेष मिले थे. जिसको लेकर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने अपराध पर नकेल कसने के लिए सख्त निर्देश दिए थे. जिसके बाद एसओजी प्रभारी प्रवीर गौतम और भदोखर इंस्पेक्टर यशकांत सिंह ने पुलिस बल के साथ बेहटा पुल के पास चेकिंग लगा रखी थी. उसी दौरान दो बाइक सवार आते हुए दिखाई दिए जिस को रोकने का प्रयास किया गया. बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी बदमाशों पर फायरिंग कर दी. जिसमें महाराजगंज के रहने वाले इमरान को गोली लगी. घायल इमरान को पुलिस ने उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया वहीं अन्य तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है.

मुठभेड़ के बाद एक बदमाश घायल
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बेहटा पुल के पास थाना भदोखर क्षेत्र में पुलिस द्वारा कुछ मुखबिर खास को सूचना थी कि यहां पर कुछ लोग इकट्ठा हुए हैं. इस संबंध में पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही थी. थोड़ी देर बाद एक मोटरसाइकिल से दो व्यक्ति दिखाई दिए और उनके साथ एक लोडर भी चल रहा था. इस बीच पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनके द्वारा फायर किया गया. पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ में फायर किया और उसमें से एक व्यक्ति को गोली लगी. उसमें से कुछ लोडर और मोटरसाइकिल छोड़कर भागे जिसमें पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ लिया है. बाकी की कॉम्बिंग जारी है.

PM मोदी जारी करेंगे किसान सम्मान निधि योजना की 12वीं किस्त

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दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान परिसर (PUSA) में आयोजित दो दिवसीय पीएम किसान सम्मान सम्मेलन 2022 का शुभारंभ सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। कार्यक्रम के दौरान किसान सम्मान निधि योजना की 12वीं किस्त में 16000 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे। इस योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवार को हर साल छह हजार रुपये का वित्तीय लाभ मिलता है। योजना के लाभार्थियों के खाते में हर चार महीने पर दो हजार रुपये सरकार की ओर से दिए जाते हैं।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 11 बजे से एक बजे तक रहेंगे। इस दौरान वे कृषि विज्ञानियों व किसानों से चर्चा करेंगे। साथ ही 600 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत देश भर में खाद की दुकानों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। साथ ही किसानों को खाद, बीज, मिट्टी की जांच के बारे में बताया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना की भी शुरुआत की जाएगी। इसका उद्देश्य एक देश एक फर्टीलाइजर है। इसके तहत प्रधानमंत्री भारत यूरिया बैग लांच करेंगे। इसी ब्रांड नाम के तहत खाद बनाने वाली कंपनी अपने उत्पाद को बेचेगी। मेले में 15 सौ से अधिक किसान और एफपीओ, 500 कृषि स्टार्टअप, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और शिक्षाविद भी शामिल होंगे। ये सभी अपने-अपने विचार एक दूसरे के साथ साझा करेंगे।

इस बार किसान मेले की थीम कृषि का बदलता स्वरूप और तकनीक है। इसका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए नई-नई तकनीकों के बारे में जानकारी देना है। साथ ही खेती की चुनौतियों से निपटने के गुर बताए जाएंगे। इस दो दिवसीय मेले में एग्री स्टार्टअप कान्क्लेव और किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए चुनाव आज – नया अध्यक्ष चुनने के लिए देशभर के 9,000 से अधिक प्रतिनिधि सोमवार को मतदान करेंगे

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नई दिल्ली। कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुनने के लिए देशभर के 9,000 से अधिक प्रतिनिधि सोमवार को मतदान करेंगे, मतगणना बुधवार को होगी। आमने-सामने के मुकाबले में गांधी परिवार के करीबी मल्लिकार्जुन खड़गे फिलहाल शशि थरूर से आगे दिख रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर कई बार चुनाव में समान अवसर नहीं दिए जाने की शिकायत कर चुके हैं। बुधवार को मतों की गिनती के बाद कांग्रेस को 24 वर्ष बाद गांधी परिवार के बाहर का अध्यक्ष मिलेगा।

65 से अधिक बनाए गए मदान केंद्र

22 वर्ष बाद होने जा रहे कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय समेत पूरे देश में 65 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस की मौजूदा कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी मुख्यालय स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करेंगी। वहीं, भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी कर्नाटक के बेल्लारी स्थित संगनाकल्लु में यात्रा कैंप में बनाए गए मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे। राहुल के साथ ही उनके साथ यात्रा पर चल रहे 40 प्रतिनिधि भी अपना वोट डालेंगे।

शशि थरूर खेमे ने की थी शिकायत

शशि थरूर खेमे की शिकायत के बाद चुनाव में उम्मीदवार के साथ पसंद की प्राथमिकता के आधार पर एक या दो लिखकर मतदान की प्रक्रिया को बदल दिया गया है। दरअसल मतपत्र पर एक नंबर के सामने मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम है और नंबर दो के सामने शशि थरूर का। ऐसे में मतदान के दौरान उम्मीदवार के नाम के आगे एक या दो लिखने के विकल्प से मल्लिकार्जुन खड़गे को बढ़त मिलने की आशंका रहती। इसके बाद प्रतिनिधियों के उम्मीदवार के नाम के सामने ‘सही’ का निशान लगाने का विकल्प दिया गया है।

जी-23 बना रहा था पार्टी में लोकतंत्र बहाली का दवाब

2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी के इस्तीफे की वजह से कांग्रेस का अध्यक्ष पद खाली था और सोनिया गांधी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं का जी-23 ग्रुप पार्टी के भीतर अंदरूनी लोकतंत्र की बहाली के लिए दवाब बनाता रहा। इसी दबाव का नतीजा है कि आखिरकार कांग्रेस को चुनाव का एलान करना पड़ा। जाहिर है इसी चुनाव प्रक्रिया के दौरान जी-23 एक तरह से खत्म हो गया और उसके अधिकांश नेता नामांकन के दौरान खड़गे के साथ खड़े दिखे। वैसे इस दौरान उम्मीदवार के चयन के लिए सियासी सरगर्मी तेज रही।

अशोक गहलोत उत्तराधिकारी के रूप में हुए दौर से बाहर

अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उत्तराधिकारी के रूप में सचिन पायलट की राह रोकने की कोशिश में दौड़ से बाहर हो गए और अंतत: 80 वर्षीय मल्लिकार्जुन खड़गे को मैदान में उतारा गया। लेकिन केरल से सांसद शशि थरूर ने मैदान में उतरकर मुकाबले को रोचक बना दिया। झारखंड के विधायक केएन त्रिपाठी ने पर्चा भरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की, लेकिन उनका नामांकन एक अक्टूबर को जांच के बाद खारिज कर दिया गया।

प्रचार के दौरान खड़गे का साथ दिखे अधिकांश प्रदेश अध्यक्ष

वैसे तो गांधी परिवार आधिकारिक रूप से दोनों उम्मीदवारों से समान दूरी बनाए रखने का दावा कर रहा है। लेकिन शशि थरूर लगातार चुनाव प्रचार में भेदभाव का आरोप लगाते रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान अधिकांश प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ खड़े दिखे और शशि थरूर के साथ चंद युवा प्रतिनिधि ही नजर आए। इसके बावजूद कांग्रेस में बदलाव के नाम पर शशि थरूर मतदान की अपील करते रहे।

गांधी परिवार का डीएनए और कांग्रेस का खून एक

गांधी परिवार के साथ दूरी की आशंका को खत्म करते हुए उन्होंने साफ किया कि गांधी परिवार का डीएनए और कांग्रेस का खून एक है। थरूर ने खड़गे को यथास्थितिवादी करार दिया। वहीं, खड़गे ने सभी को साथ लेकर और गांधी परिवार के मार्गदर्शन में कांग्रेस को मौजूदा हालात से बाहर निकालने का एलान किया। 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर के अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस के भीतर से नेता पैनी निगाह रखे हुए हैं। उनके लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष आने से कांग्रेस की कार्यशैली में बदलाव होगा या फिर यथास्थिति जारी रहेगी।