Home Blog Page 712

उत्तराखंड में उद्योग हेतु निवेश के लिए बने अनुकूल वातावरण से उद्योगपतियों में उत्साह -पुष्कर सिंह धामी

0

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट- 2023 के लोगो व आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया..!
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन की उपयोगिता व आवश्यकता पर बल देते हुए अपने संबोधन में कहा कि -प्रत्येक राज्य में उसके नागरिकों की अपनी आशाएं -आकांक्षाएं होती है और यह अच्छा व बृहद अवसर है हमारे राज्य के लिए कि हम इस इन्वेस्टर्स समिट का अवसर के रूप में अधिकतम लाभ लें, तथा अधिकाधिक निवेश के लिए मार्ग प्रशस्त करें।
निवेश व उद्योग क्षेत्र से संबंधित उपलब्धियों का संक्षिप्त रूप में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग जगत की हस्ती व अन्य प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार समन्वय स्थापित कर रही है! इसी के तहत संबंधित विषयों व प्रमुख बिंदुओं को लेकर 17 अगस्त 2023 को देहरादून में व 21 अगस्त 2023 को दिल्ली में उद्योग समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ संवाद स्थापित कर महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए तथा उनके उपयोगी सुझाव को भी सरकार की ओर से क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया गया…! जिसके तहत सेवा, लॉजिस्टिक,सोलर, एमएसएमई आदि कई नीतियों में सुधार भी किया गया।

इस संवाद के उत्साहजनक वातावरण में उद्योगपतियों का अच्छा प्रतिसाद मिला..! जिसमें यह तथ्य विशेष संज्ञान में आया कि उनके मन-मस्तिष्क में निवेश को लेकर जिज्ञाषा व आकर्षण है…! मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में पूर्व से ही स्थापित उद्योगपतियों को राज्य का ब्रांड अंबेसडर बताते हुए उनके स्वयं भी राज्य में निवेश की इच्छा को सुखद बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के निवेश से रोजगार व राजस्व प्राप्ति में वृद्धि होगी ,जिससे राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जा सकेगा..!
गत कुछ वर्षों से यह राज्य पर्यटन एवं आध्यात्मिक ,,शांति क्षेत्र में डेस्टिनेशन(अंतिम पड़ाव ) के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना है..! इज ऑफ डूइंग व्यवसाय में उत्तराखंड विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले डेस्टिनेशन श्रेणी में है ..जबकि रोजगार सृजन की दृष्टि से पर्वतीय राज्यों में प्रथम ,व देश में आठवें स्थान में प्रत्येक क्षेत्र में डेस्टीनेशन है जो की उन्नति के पथ पर बढ़ते राज्य के लिए सुखद है…! लोग यहां अब शांति,, वेल्थ,,, हेल्थ व उद्योग के लिए आते हैं वास्तव में इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन का उद्देश्य मात्र उद्योग व औद्योगिक जगत के निवेश को प्रोत्साहित करना ही नहीं है बल्कि उत्तराखंड में नए रोजगारों के सर्जन ,प्रदेशवासियों की आय में वृद्धि, जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार के साथ-साथ अन्य विकास कार्यो को भी अनवरत जारी रखने का सतत प्रयास भी है..! जिससे प्रदेश में अधिकाधिक निवेश का प्रवाह भी बढे ..इसके लिए ठोस व योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है..!

गत वर्षों के अनुभव से भी हमने वर्तमान में भी कुछ सुधार किए हमारा न्यूनतम लक्ष्य ढाई लाख करोड़(2.5 करोड़) के निवेश को प्राप्त करना है इसी प्रकार जीएसटी के लाभ को भी दो गुना करने का लक्ष्य रखा है..! सरकार की महत्वाकांक्षी व दूरदर्शी योजनाओं के तहत राज्य में 6000 एकड़ भूमि बैंक की स्थापना की गई है…….. *निश्चित ही 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने की ओर हमारा राज्य अग्रसर है ! इन्वेस्टर समिट इसी उद्देश्य को पूर्ण करने का प्रयास है जिसमें उद्योगपतियों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

अपने उद्बबोधन के समापन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी लोगों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि- यह राज्य आप सभी का है आप भी इसमें सहभागी बने ..!इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने निवेशकों को किसी भी प्रकार की सहायता /जानकारी या उद्योग स्थापना हेतु- अनुज्ञा/ स्वीकृति के लिए ऑनलाइन, सिंगल विंडो, क्लीयरेंस, पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in जारी किया। साथ ही कार्यक्रम में डेस्टिनेशन ऑफ उत्तराखंड पर आधारित एक सांकेतिक संक्षिप्त वृत्तचित्र को भी प्रदर्शित किया गया . !

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट- 2023 लोगो, वेबसाइट लोकार्पण कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ,अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी,, सूचना महानिदेशक वंशीधर तिवारी व सचिव विनय शंकर पांडे सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्यों ने भाग लिया।

-संजय बलोदी प्रखर

भविष्य की मांग गौ आधारित खेती: खंजरी में इसी पद्धति से किया जा रहा प्रौद्योगिकी खेती एवं

0
बिलासपुर। आधुनिक खेती के नाम पर रसायन युक्त खाद और कीटनाशकों के बेतहाशा प्रयोग के मानव और जीव जगत पर भयावह परिणाम सबके सामने है। यही कारण है कि एक बार फिर किसान अपनी पुरातन जड़ों की ओर लौटने लगे हैं। समझदार कृषक एक बार फिर से पारंपरिक भारतीय कृषि पद्धतियों को अपनाने लगे हैं, इससे उत्पादन में भले ही थोड़ी कमी आती है, लेकिन भारतीय पद्धति से होने वाली खेती ही भविष्य की मांग है। अब यह कल्पना भर नहीं है। अंचल में भी कई भविष्यदृष्टा, जानकार और पढ़े लिखे कृषक न केवल इस पद्धति से खेती कर रहे हैं ,बल्कि अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण देकर इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उक्त जानकारी माडल फार्म खंजरी द्वारा देते हुए बताया गया कि प्राकृतिक खेती के द्वारा धान की खेती की जा रही है।
इस गौ आधारित खेती मे हर वर्ष धान की क्वालिटी एवं उत्पादन भी बढ़ रहा है। इस धान के चावल का स्वाद बहुत ही शानदार एवं खुशबूदार है एवं माडल फार्म खंजरी सिर्फ हमारे देशी धान के परंपरागत बीजो का जो की हमारे स्वयं के द्वारा बनाये गये बीजो का ही उपयोग किया जाता है। जिससे फसल ताकतवर बीमारी रहित एवं अधिक उत्पादन देने वाली होती है एवं धान के एक काड़ी मे रोपाई करने पर 30 से 40 कंसा तक निकलते है एवं इस देशी बीज के पौधे ज्यादा हवा पानी एवं आंधी आने पर भी पौधे नही गिरते है। यह प्राकृतिक कृषि की ताकत है माडल फार्म खंजरी मे देशी धान की विष्णु भोग, तुलसी मंजरी दुबराज श्याम जीरा राम जीरा, तिल कस्तुरी ,जवा फुल जैसे देशी धान की खेती की जाती है।
माडल फार्म खंजरी मे प्राकृतिक खेती के द्वारा हल्दी की भी खेती की जा रही है। इस गौ आधारित खेती मे हर वर्ष हल्दी की क्वालिटी एवं उत्पादन बढ़ता जा रहा है। कारकोरियम परसेन्टेज भी बढ़ रहा है।

पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में कामधेनु गाय को रखने से ऊर्जा का नियंत्रण होता है

0
वास्तु शास्त्र में कई प्राचीन मान्यताएं और उपाय उपलब्ध हैं जिनका उपयोग घर की ऊर्जा को पॉजिटिव और हारमोनियस बनाने में किया जा सकता है। गौ माता को हिन्दू संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, और इसका आदिकालिक और पौराणिक महत्व भी रहा है। गौ के दूध, घी, गोबर और गौमूत्र को आयुर्वेद में भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इन्हें आयुर्वेदिक उपचारों में भी प्रयुक्त किया जाता है।
वास्तुशास्त्र में भी, आपसी संबंधों को मजबूत करने और घर में पॉजिटिव ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गौ माता की मूर्ति, छायांकन, या उपस्थिति का प्रयोग किया जाता है। गौमूत्र भी वास्तु शास्त्र में सफाई और ऊर्जा को शुद्ध करने के उपाय के रूप में प्रयुक्त होता है।ऐसे में आइये जानते है घर में गाय की मूर्ति को रखने के लाभ :वास्तु शास्त्र की एक प्राचीन मान्यता है जिसमें घर के विभिन्न दिशाओं में विशेष प्रकार की ऊर्जाओं का महत्व होता है।
पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में कामधेनु गाय को रखने से ऊर्जा का नियंत्रण होता है और उसको आपकी इच्छाओं की पूर्ति में बदलता है।वास्तु शास्त्र में बछड़े को दूध पिलाने वाली गाय के प्रतीक को और उसके घर में उपयोग करने के तरीके को साझा किया है। वास्तु शास्त्र में विशिष्ट चीजों को घर में रखकर उनकी ऊर्जा को प्राप्त करने और उपयोग करने का आदान-प्रदान किया जाता है ताकि घर की ऊर्जा पॉजिटिव और हारमोनियस रह सके।
दंपत्ति अपने बेडरूम में उपयोग करने के लिए गाय के प्रतीक को रख सकते हैं, जिससे उनकी नजर बार-बार उस पर पड़े और उनके दृष्टि को पॉजिटिव दिशा में ले सकें। यह एक ऐसा टोटका है जिसका उपयोग लोग वास्तु शास्त्र के मान्यताओं के अनुसार करते हैं।वास्तु शास्त्र में चिंतन और आत्मविश्वास को प्रभावित करने के लिए विभिन्न प्रतीकों और प्रतिमाओं का उपयोग किया जाता है।
कामधेनु गाय की प्रतिमा भी इसी तरह की चीज हो सकती है जो व्यक्ति के आलस्य, निराशा और स्वार्थ के विचारों को दूर करके सकारात्मकता की ओर मदद कर सकती है।कामधेनु गाय का प्रतीक व्यक्ति के विचारों और निर्णयों को सकारात्मक दिशा में मोड़ने का प्रयास कर सकता है, जिससे व्यक्ति सही निर्णय लेने में सक्षम बनता है।

बहुत खास है रक्षाबंधन का दिन, ये अचूक उपाय दूर करेंगे गरीबी-दुर्भाग्‍य

0

Raksha Bandhan 2023 Astrology Remedies: हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का पर्व प्रमुख त्‍योहारों में से एक है. रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन मनाते हैं. साल 2023 में सावन पूर्णिमा 2 दिन पड़ रही है. हिंदी पंचांग के अनुसार कल 30 अगस्‍त 2023 को सावन पूर्णिमा शुरू हुई थी और आज 31 अगस्‍त 2023 को भी सावन पूर्णिमा तिथि है. इसके चलते इस बार 2 दिन रक्षाबंधन मनाया जा रहा है. रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और अच्‍छी सेहत की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहन को भेंट देते हैं और हमेशा उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं. 30 अगस्‍त को भद्रा काल के चलते ज्‍यादातर लोग 31 अगस्‍त को रक्षाबंधन मना रहे हैं. उदयातिथि के अनुसार आज 31 अगस्‍त 2023, गुरुवार को भी सावन पूर्णिमा है. साथ ही सावन पूर्णिमा का दिन धन पाने के उपाय करने के लिए भी अहम है. आज पूर्णिमा के दिन किए गए उपाय मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करेंगे और आपको खूब धन दौलत देंगे. पूर्णिमा के ये उपाय बहुत असरकारी माने गए हैं.

सावन पूर्णिमा के उपाय 

पूर्णिमा तिथि का संबंध धन की देवी मां लक्ष्‍मी और चंद्रमा से है. चंद्र ग्रह मन का कारक है. पूर्णिमा के दिन लक्ष्‍मी माता और चंद्र देव की पूजा करना बहुत लाभ देता है. साथ ही आज किए गए कुछ उपाय गरीबी दूर करते हैं और जीवन में धन की कमी नहीं होने देते हैं.

अमीर बनने का उपाय: रक्षाबंधन यानी कि सावन पूर्णिमा के दिन भाई अपनी बहन के हाथ से गुलाबी कपड़े में चावल, एक रुपया और एक सुपारी लेकर बांध लें. फिर गुलाबी कपड़े में रखे सामान इस सामान की पोटली को तिजोरी या धन स्‍थान पर रख लें, ये उपाय सारी आर्थिक परेशानियों से मुक्ति दिलाता है और जीवन में कभी भी धन धान्य की कमी नहीं होती है.

ग्रह दोष दूर करने का उपाय: यदि कुंडली में चंद्र दोष या अन्‍य ग्रह दोष हैं तो पूर्णिमा की रात को चंद्रमा को जल में कच्‍चा दूध और अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें. ऐसा करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव दूर होगा और जीवन में तरक्की पाने के रास्‍ते खुलेंगे. धन-दौलत मिलेगी.

बाधाएं दूर करने का उपाय: यदि भाई के जीवन में बाधाएं आ रही हों, तरक्‍की नहीं मिल पा रही हो तो बहन राखी बांधते समय पूजा की थाली में फिटकरी रखें. फिर राखी बांधने के बाद फिटकरी को भाई के सिर से पैर तक 7 बार घड़ी की उल्‍टी दिशा में वारें और फिर फिटकरी को चौराहे या आग में डाल दें. ऐसा करने से जीवन की बाधाएं, नकारात्‍मकता दूर होती है और तरक्‍की, धन आने के रास्‍ते खुलते हैं.

सुख समृद्धि पाने का उपाय: रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन किसी गरीब या जरूरतमंद व्‍यक्ति को भोजन कराएं. साथ ही गाय को हरा चारा खिलाएं. यदि हरा चारा ना खिला पाएं तो गौशाला में दान दें. ऐसा करने से भाई-बहन के जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.

Chandrayaan-3 की कामयाबी के बाद अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर रूस का जोर

0
Russian Space Program: चंद्रयान 3 की सफलता ने दुनिया को भारत का मुरीद बना दिया है. लूना 25 की नाकामी से निराश रूस अब अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के साथ अधिक से अधिक सहयोग करना चाहता है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को पीएम मोदी से फोन पर बात की थी. पीएमओ के मुताबिक, टेलीफोन पर हुई इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की और प्रधानमंत्री को बताया कि इस बैठक में रूस का प्रतिनिधित्व रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे.
इस दौरान पुतिन ने चंद्रयान 3 की सफलता के लिए पीएम मोदी को एक बार फिर बधाई दी. रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति बनी.
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर रूस का जोर
क्रेमलिन ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के लिए एक बार फिर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई दी. इस दौरान अंतरिक्ष क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और विकसित करने की तत्परता की पुष्टि की गई.
बता दें रूस अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए चीन पर काफी हद तक निर्भर है. हालांकि अब रूस भारत का सहयोग चाहता है. रूस अंतरिक्ष में भारत के पहले मानव मिशन गगनयान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इसे 2024 की चौथी तिमाही में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है.
रोस्कोस्मोस और इसरो के बीच समझौता
रूस की स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस और इसरो ने सहयोग पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका लक्ष्य लॉन्च व्हीकल्स के विकास, विभिन्न कार्यों के लिए अंतरिक्ष यान का निर्माण और उपयोग, जमीन आधारित अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे के साथ-साथ ग्रहों की खोज सहित शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत और रूस की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए एक साझेदारी को विकसित करना है.

I.N.D.I.A. Alliance Meeting: मुंबई में विपक्ष की बैठक आज, कौन होगा PM पद का दावेदार?

0

I.N.D.I.A. Alliance Mumbai Meet: मुंबई में I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक आज से शुरू हो रही है. यह बैठक 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है. इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे. इनमें सीटों के बंटवारे से लेकर गठबंधन के लोगो, झंडे और संयोजक के चुनाव पर चर्चा हो सकती है. लेकिन इन सभी सवालों के बीच सबसे जरूरी सवाल ये है कि क्या विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की तरफ से पीएम पद के नाम पर सहमति बन पाएगी? अगर गठबंधन बिना चेहरे के मैदान में उतरता है तो ऐसे में सीटों का फॉर्मूला क्या होगा?

मुंबई में 28 दल होंगे एकजुट

दो दिन की बैठक में करीब 28 दलों के नेता शामिल होंगे. 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA का मुकाबला करने के लिए संयुक्त प्रचार रणनीति, गठबंधन के साझा न्यूनतम कार्यक्रम का मसौदा तैयार करने, देशभर में आंदोलन करने के लिए संयुक्त योजनाएं बनाने और सीटों के बंटवारे के लिए कुछ समितियों की घोषणा करने की भी संभावना है. सबसे पहले हम आपको I.N.D.I.A गठबंधन के ऐजेंडे से रूबरू करा देते हैं.

मीटिंग में क्या-क्या होगा?

1. I.N.D.I.A. गठबंधन का LOGO तय किया जाएगा.

2. दिल्ली में गठबंधन के हेडक्वार्टर बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

3. I.N.D.I.A. गठबंधन के संयोजक पद के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.

4. कोऑर्डिनेशन कमेटी के गठन को अंतिम रूप देने पर भी बातचीत होगी.

5. कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है.

6. गठबंधन के प्रवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव पर चर्चा होगी.

7. भविष्य में सामूहिक रैली करने पर बैठक में चर्चा होगी.

8. I.N.D.I.A. गठबंधन के विस्तार, ज्यादा पार्टियों के गठबंधन में शामिल होने को लेकर भी बातचीत हो सकती है.

9. सीटों के तालमेल और सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर चर्चा होगी.

10. गठबंधन उन मुद्दों पर चर्चा कर सकता है जिनके आधार पर BJP को टक्कर दिया जा सके.

गठबंधन के जॉइंट एक्शन की रूपरेखा

कहा जा रहा है कि मुंबई की बैठक में कुछ और क्षेत्रीय दल भी शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में I.N.D.I.A. गठबंधन के लिए रिसर्च विंग का गठन किया जाएगा. 5 से 10 प्रवक्ताओं का चुनाव होगा. मीडिया और सोशल मीडिया मैनेजमेंट के लिए रूपरेखा बनाई जाएगी. राष्ट्रीय एजेंडा के लिए कमेटी बनेगी. I.N.D.I.A. गठबंधन के जॉइंट एक्शन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी.

पीएम पद की दावेदारी में आगे कौन?

गठबंधन में शामिल दल भले ही एकजुट होने का दावा कर रहे हों लेकिन अंदरखाने में खींचतान जारी है. बुधवार को आम आदमी पार्टी की तरफ से पीएम पद के लिए अरविंद केजरीवाल का नाम उछाला गया. हालांकि, बाद में पार्टी ने इसका खंडन किया. समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव को पीएम पद मैटेरियल बताया गया. इससे पहले जेडीयू समेत कई पार्टियां भी अपने-अपने नेता को पीएम पद का दावेदार बता चुकी हैं.

INDIA गठबंधन के सामने सवाल कई हैं. सवाल संयोजक बनाने को लेकर भी हैं. इस पद के लिए भी दावेदार कई हैं. मुंबई में इस बात पर भी चर्चा होगी. लेकिन मुंबई के ग्रैंड हयात होटल में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले पोस्टर वार भी शुरू हो गया है. जाहिर है मुंबई मंथन से तमाम विरोध के बाद भी एकता का मंत्र देने की कोशिश की जा रही है.

पुष्पा: द राइज़’ की वैश्विक सफलता के बाद आइकन स्टार अल्लू अर्जुन ‘पुष्पा 2: द रूल’ में भी नज़र आएंगे

0
आइकन स्टार अल्लू अर्जुन ने ‘पुष्पा: द राइज़’ की वैश्विक सफलता के साथ देश के गौरव को विश्व स्तर पर पहुंचाया है। 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में  शानदार जीत ने अल्लू अर्जुन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाला पहला तेलुगु अभिनेता बना दिया है। दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘इंस्टाग्राम ग्लोबल’ ने ‘पुष्पा: द राइज’ की विश्वव्यापी कवरेज के लिए आइकन स्टार अल्लू अर्जुन के दरवाजे पर कदम रखा है।
यह असल में अल्लू अर्जुन के वैश्विक स्टारडम का सबूत है, जिसने इंस्टाग्राम ग्लोबल को ‘पुष्पा 2: द रूल’ की दुनिया की पहली झलक दिखाने के लिए आमंत्रित किया है। जैसे ही इंस्टाग्राम ग्लोबल की टीम अल्लू अर्जुन के घर पहुँची अल्लू अर्जुन ने उन्हें अपने वर्कप्लेस की जगह को कवर करते हुए अपने सुंदर घर का दौरा कराया, जहां उन्होंने घर पर अपनी रूटीन की झलक दी, वहीं उन्होंने परिवार के महत्व और अपने काम की तरफ अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से अपने प्रशंसकों और दर्शकों का मनोरंजन करने की अपनी इच्छा जाहिर की।
इंस्टाग्राम ग्लोबल द्वारा जारी ‘पुष्पा 2 द रूल’ की पहली झलक दिखाने वाले वीडियो ने दुनिया भर के प्रशंसकों के लिए एक अद्वितीय उपहार के रूप में सामने आया है और इसने वास्तविक में ‘पुष्पा 2: द रूल’ की रिलीज के लिए दर्शकों के उत्साह को बढ़ावा दिया है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

कुछ पाने की चाहत रखने वालों को पहले योग्य बनना जरूरी : सेजल मंडाविया

0

अगर कुछ पाने की चाहत रखते हो, तो पहले अपने आप को उस योग्य बनाओ यह कहना है अभिनेत्री सेजल मंडाविया का। सेजल दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री है। सेजल मुम्बई में पली बढ़ी है और यहीं शिक्षा ग्रहण की है। सेजल का परिवार जामनगर गुजरात से है। बचपन से ही सेजल को अभिनेत्री बनने की इच्छा थी और सेजल ने अपनी मेहनत से अपना सपना पूरा किया। सेजल ने अपने कैरियर की शुरुआत मॉडल के तौर पर की कई शो और विज्ञापन फिल्मों में वह दिखाई दी। कई प्रसिद्ध अभिनेत्री जैसे प्रियंका चोपड़ा और शिल्पा के साथ विज्ञापन में वह नज़र आई है। मैगजीन के कवर शूट, फैशन और ज्वेलरी के विज्ञापन,लॉरियल आदि विभिन्न विज्ञापन वह कर चुकी है, साथ ही हैदराबाद के हाईलाइट मैगजीन की कवर की शोभा वह बढ़ा चुकी है।

 


उनकी हॉटस्टार पर रिलीज ‘जग में माया’ फिल्म दक्षिण भारतीय दर्शकों को बेहद पसंद आई थी। यह फिल्म कई भाषाओं में बनी है। जल्द ही इनकी दो फिल्म दर्शकों के मध्य आने वाली है। यह तमिल भाषा में बनी है। बेहद कम उम्र में ही चित्रलेखा और स्टार वीक जैसे बड़े शो में हजारों प्रतिभागियों के बीच सेजल चयनित हुई थी। कई रैम्प और मॉडलिंग शो में बतौर जज भी जा चुकी हैं। इन्हें डांस में भरतनाट्यम अवार्ड से नवाजा गया है। एनटीआर और फिल्मफेयर अवार्ड से यह सम्मानीत हो चुकी हैं और ऐसे कई अवार्ड से यह सम्मानित होती रहती है। हाल ही में तन्मय सेन गुप्ता और पुनीत खरे द्वारा आयोजित ‘फेस ऑफ इंडिया सीजन वन’ में सेजल को सम्मानित किया गया। सेजल ने बताया कि पुनीत खरे प्रारम्भ से उनकी जर्नी को जानते है और हमेशा उनको प्रोत्साहित करते रहते हैं। सेजल ने कहा कि ऐसे अवार्ड शो का आयोजन न्यू टैलेन्ट को प्रोत्साहित करता है और उन्हें एक प्लेटफॉर्म दिलाता है। सेजल अपने कामों में बेहद लगनशील है, वह चाहती है कि वह जो भी भूमिका निभाए उसके साथ वह पूरा न्याय करे इसके लिए वह प्रयास भी करती है। अपने कौशल को बढ़ाने के लिए नृत्य, अभिनय का अभ्यास करती है। अपने आप को स्वस्थ और सुगठित रखने हेतु जिम, योग और अच्छे खानपान आदि को अपनाती है। उनका कहना है कि यदि आप अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो पहले उस योग्य बने अपने कौशल को बढ़ाये, अभ्यास करें, अपना व्यवहार और अपने शारीरिक गठन पर ध्यान दें उसके पश्चात प्रयास करें और बिना हार माने प्रयास करते रहें आपको आपका लक्ष्य जरूर मिलेगा। अपनी सफलता के लिए अपने खुद पर विश्वास और धैर्य जरूर रखें।

सेजल को अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और करीना कपूर का अभिनय कौशल बेहद पसंद आता है। जिस प्रकार दोनों अभिनेत्री ने अपनी मेहनत से शादी के बाद भी अपनी चमक और पहचान बनाई रखी है यह बेहद गर्व की बात है। सेजल को जब वी मेट फिल्म में करीना कपूर द्वारा निभाया गया ‘गीत’ का किरदार पसंद है और वह भी ऐसी भूमिका करना चाहती है।

सेजल बॉलीवुड और टॉलीवुड दोनों में काम कर रही है। दक्षिण भारतीय फिल्मों में उनकी अलग पहचान बन चुकी है। सेजल अपना अनुभव बताते हुए कहती है की दक्षिण भारतीय फिल्म करते समय सबसे पहले भाषा समझने में असहजता महसूस हुई लेकिन टीम का भरपूर सहयोग मिला। सेजल ने अपना अनुभव बताया कि दक्षिण भारतीय फिल्मों की शूटिंग प्रारंभ होने से पहले कलाकारों को उनके संवाद, अभिनय, नृत्य और उनकी भूमिका का बारीकी से अभ्यास कराया जाता है। सेजल कहती है कि अपने अभिनय को निखारने के लिए हर किसी से सीखना चाहिए। अपने आसपास के लोगों को समझना और निरीक्षण करना चाहिए। अभिनय में पारंगत हो या नवीन उनसे सीखना चाहिये। टीवी, वेब या फिल्म को देखकर और खुद पर विश्वास रखते हुए अपने अभिनय कौशल को बढ़ाना चाहिए। क्योंकि जो मेहनत करेगा वही आगे बढ़ेगा। सेजल बेहद प्रतिभाशाली व अपने काम में लगनशील और निपुण है।

Cow Economy – भारत सरकार दे रही है ५ लाख का इनाम “गोपाल रत्न पुरस्कार” पशुपालक करे आवेदन

0

देश में पशुपालन को बढ़ावा देने एवं पशुपालन क्षेत्र में नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार इस क्षेत्र में काम कर रहे सर्वश्रेष्ठ व्यक्तियों को इनाम देती है। ताकि अन्य किसान भी उनका अनुकरण कर पशु पालन से अधिक से अधिक मुनाफा कमा सकें। इस कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा देश भर में “गोपाल रत्न पुरस्कार” योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत जीतने वाले व्यक्तियों को अलगअलग श्रेणियों में 5 लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया जाता है।

केंद्रीय मत्स्य पालनपशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभागभारत की स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में दिसंबर 2014 में “राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)” योजना चला रही है। जिसके अंर्तगत किसानों, उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियों एवं कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन को प्रोत्साहित करने के लिए गोपाल रत्न योजना चलाई जा रही है।

इन श्रेणियों में दिया जाएगा पुरस्कार

योजना के तहत दुग्ध उत्पादक किसानोंडेयरी सहकारी समितियों/किसान उत्पादक संगठनों और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों को शामिल किया गया है। विभाग द्वारा 2023 के दौरान भी निम्नलिखित तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाएगा:-

  • पंजीकृत स्वदेशी मवेशी/भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान।
  • सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस)/दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी)/डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)
  • कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी)

    जीतने वाले को कितना पुरस्कार दिया जाएगा?

    राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस/एफपीओ/एमपीसी को निम्‍नानुसार योग्यता प्रमाण पत्रएक स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार दिया जाएगा:-

    • प्रथम स्‍थान के लिए 5,00,000/- रुपये
    • दूसरे स्‍थान के लिए 3,00,000/- रुपये
    • तीसरे स्‍थान के लिए 2,00,000/- रुपये

    सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटीश्रेणी के मामले मेंतीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में केवल योग्यता प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह शामिल है।

    योजना के तहत यह व्यक्ति कर सकते हैं आवेदन

    गोपाल रत्न पुरस्कार योजना के तहत वह पशुपालक पात्र होंगे जो मान्यता प्राप्त स्वदेशी 53 नस्लों की गायों, 20 नस्लों की भैसों में से किसी का भी पालन करते हैं, वह किसान योजना के तहत पात्र होंगे।

    राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पशुधन विकास बोर्ड/राज्य/दुग्ध महासंघों/एनजीओ और अन्य निजी संगठनों के एआई तकनीशियनजिन्होंने न्यूनतम 90 दिनों के लिए एआई प्रशिक्षण प्राप्त किया हैपुरस्कार के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।

    दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सहकारी एवं कंपनी अधिनियम के तहत ग्राम स्तर पर स्थापित कम से कम 50 किसान सदस्यों एवं प्रतिदिन 100 लीटर दूध का उत्पादन करने वाली सहकारी समितिएमपीसीएफपीओ एवं दुग्ध उत्पादक कम्पनी पात्र होंगे।

    गोपाल रत्न पुरस्कार जीतने के लिए आवेदन कहाँ करना होगा?

    योजना के तहत विजेता किसानों को पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर 26 नवंबर, 2023 के दिन दिए जाएँगे। इच्छुक व्यक्ति पशुपालन और डेयरी विभागमत्स्य पालनपशुपालन और डेयरी मंत्रालय राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल यानी https://awards.gov.in के माध्यम से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नामांकन/आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितम्‍बर, 2023 है। पात्रता मानदंड और नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट dahd.nic.in पर देख सकते हैं।

    गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए आवेदन करने हेतु क्लिक करें

मिलिए Chandrayaan-3 की टीम से, इन 7 वैज्ञानिकों पर है मिशन चंद्रयान-3 की पूरी ज़िम्मेदारी

0

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: ISRO ने तीसरा Moon Mission ‘Chandrayaan-3’ कल दोपहर यानी 14 जुलाई को क़रीब 2:35 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में मौजूद Satish Dhawan Space Centre से लॉन्च कर दिया है. माना जा रहा ये क़रीब 42 दिनों की यात्रा के बाद चंद्रमा के South Pole के पास लैंड करेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे बनाने में 615 करोड़ की लागत आई है.

Chandrayaan-3 को चांद पर भेजने के लिए LVM-3 Launcher का इस्तेमाल किया गया. ये मिशन चौबीसों घंटे काम करने वाले सैकड़ों वैज्ञानिकों के वर्षों की मेहनत का परिणाम है. आइये, मिलवाते हैं (Scientists behind chandrayaan-3 hindi) आपको Chandrayaan-3 के पीछे मौजूद महत्वपूर्ण लोगों से.

1. एस. सोमनाथ (ISRO के चेयरमैन)

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: ISRO के चेयरमैन एस. सोमनाथ को इस Moon Mission के पीछे का मुख्य ब्रेन माना जाता है. एस. सोमनाथ गगनयान और आदित्य-एल1(Mission to Sun) जैसे मिशन का भी मुख्य हिस्सा रहे हैं. उनकी एजुकेशन की बात करें, तो उन्होंने TKM College of Engineering (Kollam) से B. Tech in Mechanical Engineering की है. साथ ही Indian Institute of Science (Bangalore) से Masters (M. Tech) in Aerospace Engineering की पढ़ाई की है.

इसरो के हेड बनने से पहले एस. सोमनाथ Liquid Propulsion Systems Centre और Vikram Sarabhai Space Centre के भी डायरेक्टर रह चुके हैं.

2. पी. वीरमुथुवेल (Chandrayaan-3 project के डायरेक्टर) 

पी वीरमुथुवेल ने साल 2019 में चंद्रयान-3 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ज़िम्मेदारी ली थी. वर्तमान पद से पहले वो इसरो हेडक्वार्टर के Space Infrastructure Programme Office में डिप्टी डायरेक्टर थे. पी. वीरमुथुवेल चंद्रयान 2 मिशन के भी मुख्य वैज्ञानिकों में से एक थे.

पी.वीरमुथुवेल तमिलनाडु के रहने वाले हैं और Indian Institute of Technology (Madras) के छात्र रह चुके हैं.

3. एस. उन्नीकृष्णन नायर (Vikram Sarabhai Space Centre के डायरेक्टर)

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: VSSC के हेड बनने से पहले एस. उन्नीकृष्णन नायर और उनकी वैज्ञानिकों की टीम कई महत्वपूर्ण मिशन के Key Functions के इनचार्ज रह चुकी है. Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV) जिसे बाद में Launch Vehicle Mark-III नाम दिया गया, वो VSSC में डेवलप किया गया था.

एस. उन्नीकृष्णन ने Mar Athanasius College of Engineering से बी.टेक की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, IISc, Bengaluru से ME in Aerospace Engineering और IIT Madras से PhD in Mechanical Engineering की पढ़ाई पूरी की है.

4. ए. राजराजन (Launch Authorisation Board के चेयरमैन)

cientists Behind ISRO Moon Mission in hindi: ए. राजराजन एक सफल वैज्ञानिक और वर्तमान में Satish Dhawan Space Centre SHAR (SDSC SHAR) के डायरेक्टर हैं. ए. राजराजन composite क्षेत्र में एक्सपर्ट हैं. इन्होंने 1987 में Bachelor of Engineering in Mechanical Engineering की पढ़ाई पूरी की थी. वहीं, 2015 में इन्हें ISRO Merit award से सम्मानित किया गया था. साथ ही 2010, 2011 और 2015 में इन्हें ISRO Team excellence awards दिया गया था.

5. एम. शंकरन (U R Rao Satellite Centre के डायरेक्टर) 

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: साल 2021 में एम. शंकरन ने U R Rao Satellite Centre के डायरेक्टर का पद संभाला था. U R Rao Satellite Centre सैटेलाइट के निर्माण और एसोसिएटेड सैटेलाइट तकनिक के विकास के लिए एक अग्रणी केंद्र है. इन्होंने Bharathidasan University (Tiruchirappalli) से Physics में Master’s degree हासिल की है.

साथ ही इन्हें 2017 में ISRO’s Performance Excellence Award से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा, 2017 और 2018 में इन्हें ISRO Team Excellence award दिया गया था.

6. एस. मोहन कुमार (मिशन डायरेक्टर)

 

Scientist behind chandrayaan-3 hindi: LVM3-M4/Chandrayaan 3 के मिशन डायरेक्टर हैं एस. मोहन कुमार. मोहन कुमार विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के सीनियर साइंटिस्ट हैं. ये LVM3-M3 mission (Oneweb India 2 satellites on board) के भी डायरेक्टर रह चुके हैं.

7. रितु करिधाल श्रीवास्तव

रितु कारिधाल लखनऊ की रहने वाली हैं, जिन्हें Rocket Woman of India के नाम से जाना जाता है. रितु ISRO की सीनियर साइंटिस्ट हैं. वहीं, इससे पहले वे चंद्रयान-2 समेत कई बड़े Space Missions का हिस्सा रह चुकी हैं. इन्हें ISRO का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार भी मिल चुका है.

इन मुख्य वैज्ञानिकों के अलावा चंद्रयान-3 मिशन से क़रीब 54 महिला इंजीनियर्स और वैज्ञानिक भी जुड़ी हुई थीं.