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चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन – चांद पर सल्फर, ऑक्सीजन समेत अन्य की खोज

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नई दिल्ली,। इसरो के चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर को कई पदार्थ होने के सबूत मिले हैं। इसरो ने बताया कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऑक्सीजन और सल्फर होने के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।

चांद पर मिले कई पदार्थ

इसरो ने जानकारी दी कि चंद्रमा की सतह पर उन्हें कई पदार्थ होने के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि चांद पर एल्युमिनियम, आयरन, सल्फर समेत कई पदार्थों की जानकारी मिले हैं। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन (एच) की खोज जारी है।

चांद पर सल्फर, ऑक्सीजन समेत अन्य की खोज

इसरो ने चंद्रयान मिशन पर अपडेट देते हुए कहा

”चांद पर वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं। रोवर पर लगा लेजर-आधारित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (एलआईबीएस) उपकरण की मदद से पहली बार चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सल्फर के प्रमाण मिले हैं। जैसा कि पहले उम्मीद थी, चांद पर एल्युमिनियम, सल्फर, कैल्शियम, आयरन, क्रोमियम और टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन के प्रमाण मिले हैं।”

इसरो ने दिया था अपडेट

इससे पहले, इसरो ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर चंद्रमा पर रहस्यों का पता लगाने में जुटा है। इसरो ने बताया था कि जल्द ही चंद्रमा से कुछ अच्छी खबर आने वाली है।

इसरो के चंद्रयान-3 ने एक्स पर संदेश देते हुए कहा,

हैलो पृथ्वीवासियों, यह चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर है। मैं आशा करता हूं कि आप अच्छे होंगे। मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं चंद्रमा पर रहस्यों के बारे में पता लगाने के लिए आगे बढ़ रहा हूं। मैं अपने दोस्त विक्रम लैंडर से संपर्क में हूं। हमारी कंडीशन ठीक है। जल्द ही कुछ अच्छी जानकारी आनेवाली है।

चंद्रयान-3 की बड़ी खोज

चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर की ये खोज काफी महत्वपूर्ण है। जैसा कि इसरो को पहले से उम्मीद थी कि ये पदार्थ चंद्रमा की सतह पर मौजूद हो सकते हैं। ठीक उसी प्रकार चांद पर कई पदार्थ मिले हैं। वहीं, अभी भी खोज जारी है। जल्द ही नई जानकारी सामने आएगी।

पुलिस ने बड़े पैमाने पर हो रही गौ तस्‍करी को रोका

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सरिया (गिरिडीह)। सरिया पुलिस ने सघन जांच अभियान चलाकर गोवंश लदे 11 वाहनों को जब्त कर लिया है। यह अभियान सरिया थाना के मुख्य गेट पर चलाया गया। सोमवार रात करीब एक बजे से सुबह तीन बजे तक यह अभियान चला।

खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई

एसपी दीपक शर्मा को सूचना मिली थी कि सरिया से होकर धनबाद के रास्ते बंगाल के गोवधशालाओं में बड़ी संख्या में गोवंश की तस्करी होगी। इसके बाद उक्त कार्रवाई की गई।

अभियान के बाद पुलिस ने पांच बड़े ट्रक व छह पिकअप वाहन में ठूंस-ठूस कर अमानवीय तरीके से गाय व गोवंशों को ले जाते हुए पाया।

सुबह जब सभी पशुओं की गिनती की गई, तो पांच ट्रकों में लगभग 90 बड़े भैंस और दर्जनों उनके बछड़े लदे हुए थे। वहीं छह पिकअप वाहन में लगभग 35 गाय और दर्जनों बछड़े लदे थे।

जब्त पशुओं को पचंबा गौशाला भेजा

उक्त अभियान में पांच ट्रकों से जब्त लगभग 90 बड़े गोवंश (भैंस) व दर्जनों बछड़ों को गिरिडीह के पचंबा स्थित गोशाला भेजा गया। जब्त सभी पशु दुधारू थे। शेष छह पिकअप वैन में लगभग 35 गायों को कसाई खाना ले जाया जा रहा था।

समाचार लिखे जाने तक सभी गायों को सरिया थाना में ही रखा गया है। इस मामले में 11 वाहनों के चालकों को सरिया पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरिडीह भेजा। वाहनों में सवार दर्जनों खलासी, मजदूर व व्यापारी को सरिया थाना में ही पूछताछ के लिए रखा गया है।

अमानवीय तरीके से ले जाए जा रहे थे पशु

सरिया थाना प्रभारी अनिश पांडेय ने बताया कि पशुओं को व्यापारी या तस्कर अमानवीय ढंग से पशु क्रूरता अधिनियम की अनदेखी करते हुए ले जा रहे थे।

वाहनों में ठूंस-ठूंस कर मवेशी लदे गए थे। इससे कई जानवर आपस में दबकर बुरी तरह से घायल भी हो गए। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रोड को ब्लाॅक कर की गई कार्रवाई

बड़ी संख्या में पशुओं की तस्करी कर ले जाने की सूचना पर सरिया पुलिस ने सबसे पहले थाना गेट पर चार बड़े-बड़े छड लदे ट्रकों को खड़ा कर रोड ब्लाॅक करने के बाद उक्त कार्रवाई की। रोड ब्लाॅक होने के कारण पशुओं को ले जा रहे वाहन भागने में सफल नहीं हो सके। सभी वाहनों को जब्त कर थाना में रखा गया है।

बिहार के कई ठिकानों से धनबाद व बंगाल ले जाने की थी तैयारी

जब्त वाहनों के चालको व उप चालकों ने बताया कि उक्त सभी पशुओं को बिहार के गया जिला स्थित इस्लामपुर हाट, रोहतास के तारकटा हाट सहित विभिन्न मंडियों से धनबाद के कतरास और बंगाल की कई मंडियों में ले जाया जा रहा था।

बागेश्वर सरकार गिरिडीह में विनोद सिन्हा के आमंत्रण पर लगाएंगे दरबार, अभिनेता व सांसद मनोज तिवारी ने की घोषणा

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रांची। नवम्बर के पहले हफ़्ते में ही 2 और 3 तारीख़ को झारखण्ड के गिरिडीह में बागेश्वर धाम सरकार पण्डित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दिव्य दरबार लगने जा रहा है। यह आयोजन झारखण्ड में समाजसेवी और भाजपा नेता विनोद सिन्हा करा रहे हैं। यह उद्घोषणा गिरिडीह में श्रावण मास की आखिरी सोमवारी पर विनोद सिन्हा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित मनोज तिवारी ने किया, इस कार्यक्रम में पार्श्व गायिका प्रिया मल्लिक भी उपस्थित थी। विदित हो कि बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार हर जगह नहीं लगते बल्कि उसके लिए बहुत प्रयत्न और व्यवस्था के बाद ही सम्भव हो पाता है।

इस आयोजन के बारे में आयोजक विनोद सिन्हा ने बताया कि बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन की सूचना से ही पूरे गिरिडीह परिक्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई है, और हर कोई इस दरबार के शीघ्र लगने की प्रतीक्षा कर रहा है कि अब शीघ्र ही गिरिडीह के वासियों पर भी बालाजी सरकार की कृपा बरसेगी। इस गिरिडीह के दुखिया महादेव मंदिर प्रांगण में बागेश्वर धाम सरकार का दिव्य दरबार सजेगा। झारखण्ड में यह पण्डित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पहला दिव्य दरबार होगा। इसकी अवधि भी मात्र दो दिनों के लिए ही रखा गया है। इस कार्यक्रम में पहले दिन सुबह में कथा का आयोजन होगा व शाम में भजन संध्या लगेगी, पुनः अगले दिन बागेश्वर धाम सरकार का दिव्य दरबार सजेगा। इस दिव्य दरबार के बारे में आयोजक विनोद सिन्हा ने बताया कि यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक होगा। बाबा बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार में लोग अपनी समस्याओं के बारे में बालाजी सरकार के समक्ष अर्जी लगाएंगे, और फिर बालाजी सरकार के द्वारा उन पर कृपा बरसेगी।

झारखण्ड के गिरिडीह में विनोद सिन्हा भाजपा के एक कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते हैं और यहां पर “गिरिडीह मानव सेवा संस्थान” नामक संस्था चलाते हैं जो मानव कल्याण के लिए काम करती है। इसी संस्था ने विगत दिनों इस पवित्र श्रावण मास की आखिरी सोमवार को एक भक्ति नाइट का आयोजन किया था जिसमें मनोज तिवारी मृदुल और प्रिया मल्लिक ने जमकर दर्शकों को अपने भजन कीर्तन पर लोगों को झुमाया। इसी कार्यक्रम में विनोद सिन्हा के द्वारा बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार के बारे में घोषणा भी की गई।

Chandrayaan-3: 14 दिन बाद भी काम करेंगे लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान – ISRO

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चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम चांद से साइंटिफिक डेटा इकट्ठा करके धरती पर भेज रहे हैं. 14 दिनों के मिशन का लगभग आधा हिस्सा पूरा हो चुका है. सबके दिमाग में यह सवाल जरूर होगा कि 14 दिनों के बाद भी क्या विक्रम और प्रज्ञान काम करते रहेंगे. चंद्रयान-3 मिशन का हिस्सा रहे एम. श्रीकांत ने इसका जवाब दिया है. उन्होंने इस बात की संभावना जताई है कि 14 दिनों की रातों के बाद जब चांद पर फिर से सूरज निकलेगा तो चंद्रयान-3 दोबारा काम कर सकता है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद पर 23 अगस्त को सूरज निकला था और 14 दिनों तक वहां सूरज की रोशनी रहेगी. तब तक प्रज्ञान और विक्रम भी काम करते रहेंगे, लेकिन जैसे ही सूरज ढलेगा और रात की शुरुआत होगी तो ये दोनों इनएक्टिव हो जाएंगे. हालांकि, 14 दिनों की रातों के बाद जब फिर से सूरज निकलेगा तो हो सकता है कि प्रज्ञान और विक्रम दोबारा काम पर जुटा जाएं.

क्या सच में 14 दिन बाद भी काम करता रहेगा चंद्रयान-3?
श्रीकांत ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने की है कि एक लूनार दिन (पृथ्वी के 14 दिन), जब वहां सूरज की रोशनी रहती है, तब तक हम जितना ज्यादा हो सके साइंटिफिक डेटा इकट्ठा कर लें. अभी सात दिन और रोवर और लैंडर चांद पर काम करेंगे और फिर सूरज ढलने के बाद ये काम करना बंद कर देंगे. हमें विश्वास है कि जब रातखत्म होगी और सूरज की रोशनी पड़ेगी तो ये दोनों फिर से एक्टिव हो जाएंगे और अगर ऐसा होता है तो ये हमारे लिए अच्छा होगा की और डेटा इकट्ठा किया जा सकेगा. अगर ऐसा नहीं भी होता है तो भी हमारा मिशन पूरा हो जाएगा.’

इस वजह से रात में काम नहीं कर पाते रोवर और लैंडर
श्रीकांत ने आगे बताया कि विक्रम और प्रज्ञान को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जब तापमान 54 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होता है तो ही ये काम कर सकते हैं. ये सोलर एनर्जी से काम करते हैं यानी इन्हें सूरज की रोशनी की जरूरत होती है. जब सूरज ढलता है तो चांद पर तापमान -203 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, इस तापमान में विक्रम और प्रज्ञान काम नहीं कर सकते. ऐसे में जब चांद पर 14 दिन रात रहेगी तो ये दोनों काम नहीं कर सकेंगे. चांद पर एक रात पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होती है. इसी तरह दिन भी 14 दिनों के बराबर होता है इसलिए दोनों को मिलाकर चांद का एक दिन पृथ्वी के 29 दिनों के बराबर होता है. श्रीकांत ने कहा कि इसकी संभावना है कि जब सूरज की रोशनी पड़ेगी तो रोवर और लैंडर फिर एक्टिव हो जाएंगे क्योंकि चंद्रयान की लॉन्चिंग से पहले किए गए परीक्षणों में ऐसा हुआ है.

 

दो गौ तस्कर हिरासत में, पूछताछ जारी

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बरेली। देवरनियां में एक दिन पहले ही गोकशी के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। तीन दिन में दो गोकशी की घटनाओं से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। \
रविवार को देवरनियां पुलिस ने तीन गौ तस्करों को जेल भी भेजा था। बता दें कि देवरनियां में एक दिन पहले सेमी खेड़ा में पेट्रोल पंप के पास हाइवे पर दो गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। जिसको लेकर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा भी किया था। उन्होंने लगातार हो रही गोवंश की हत्या को लेकर चिंता जताकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। इससे पहले गुरुवार को भी मगरी नवादा में बहगुल नदी के पास के गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया था। इस गोकशी के मामले में ही पुलिस ने रविवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसके बाद रविवार को हुई गोकशी के मामले में पुलिस ने देर रात दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में जांच पड़ताल चल रही है। गोकशी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

गाजीपुर में गौ तस्करी, 170 जानवरों की खाल बरामद

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यूपी की योगी सरकार की तरफ से गौ हत्या और गौ मांस पर भले ही प्रतिबंध लगा दिया हो लेकिन आज भी धड़ल्ले से गौ मांस की तस्करी जारी है। इसी की सूचना पर गाजीपुर की कोतवाली पुलिस टाउन हॉल के पास सराय की गली में करीब 2 से 3 मकान में छापेमारी किया जहां से भारी मात्रा में गौ वंश और कटे हुए गौमांश के साथ ही 170 जानवरों की खाल भी बरामद हुई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा योगी सरकार बनने के बाद ही अवैध रूप से चलने वाले स्लॉटर हाउस पर प्रतिबंध लगा दिया। जिसके चलते सड़कों पर जानवरों की संख्या बढ़ गई जिसको लेकर प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार अधिकारियों के पीठ थपथपाने का भी कार्य किया गया लेकिन इस कार्य में लगे हुए तस्कर अपने इस कार्य से पीछे नहीं आते हैं बल्कि अब वह अपने घरों में ही जानवरों के काटने का काम शुरू कर दिया है।
इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को हुई जिसको लेकर आज सुबह ही क्षेत्राधिकार सदर की देखरेख में टाउन हॉल और सराय की गली इलाके में छापेमारी किया गया। जहां पर पुलिस को गौ वंश के साथ ही पड़वे भी बरामद हुए। इसके अलावा करीब तीन कुंतल गौ मांस और 170 खाल बरामद हुए जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए इस धंधे में लिप्त तीन लोगों की गिरफ्तारी किया है। वहीं दो लोग मौके का फायदा उठाते हुए फरार हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह लोग गाजीपुर के लोकल मार्केट में इसकी सप्लाई करते थे।

मुकेश ऋषि और महिमा चौधरी के हाथों विशिष्ट लोगों को मिला फेस ऑफ इंडिया अचीवर्स अवार्ड

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मुम्बई। मुक्ति ऑडिटोरियम में फेस ऑफ इंडिया अचीवर्स अवार्ड (सीजन वन) का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अवार्ड शो में आकर्षण का केंद्र टीवी, फिल्म से जुड़े लोग रहे।

इस कार्यक्रम में अभिनेत्री महिमा चौधरी, अभिनेता मुकेश ऋषि, अभिनेत्री पूनम झावर, रीवा चौधरी, भोजपुरी अभिनेत्री रानी चटर्जी, संगीतकार दिलीप सेन और कॉमेडियन सुनील पाल जैसे कई दिग्गज कलाकार पुरस्कृत हुए साथ ही इन्हीं सेलिब्रिटी कलाकारों ने अपने हाथों से उभरते हुए कलाकारों, समाजसेवकों, व्यवसायियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इनके अलावा कथक डांसर अपर्णा राव, शिल्पा गाँधी, शैली मित्रा, साजिद खान, रॉकस्टार सिंगर चिंतन बाकीवाला, मंगेश वगाधले, निर्माता निर्देशक के सी बोकाडिया, मुस्तफा यूसुफअली गोम, एक्टर रोहित राज, अभिनेता बृजगोपाल, निर्माता मोहन नादर, गजेन्द्र श्रीवास्तव, अधिवक्ता विक्रम सिंह, संजय सिंह (क्रिएटिव एडिटर), वास्तु एक्सपर्ट बसंत राय वासिया, संजय अमान, महेंद्र श्रीवास्तव, निकेश ताराचंद शाह जैन, अनिता सिसोदिया (डायरेक्टर, कृतिका फिल्म्स प्रोडक्शन), गुजराती स्टार किरण आचार्य, योगेंद्र श्रीवास्तव, यूनुस एम पठान (गारमेंट एक्सपोर्टर) को भी फेस ऑफ इंडिया अचीवर्स अवार्ड प्राप्त हुआ।
अवार्ड पाने की श्रेणी में कई अभिनेता और अभिनेत्री, गायक, फिल्म निर्माता, संगीतकार, नेता और समाजसेवक शामिल रहे।
इस अवार्ड शो के स्पॉन्सर खालिद खान (एसकेके बिल्डर एंड डेवलपर), मुकेश गुप्ता (तिरुपति बालाजी मीडिया), को स्पॉन्सर बाबू भाई पटेल (सीताराम इंफ्राप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड) और धर्मदास रमानी (द्वारिका फैमिली पार्क) थे।


तन्मय सेन गुप्ता (बिन्स एंटरटेनमेंट) और पुनीत खरे (मयूरी मीडिया वर्क के संचालक) ने इस इवेंट को सफलतापूर्वक आयोजित किया।
इस अवसर पर महिमा चौधरी ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दी और उनको प्रोत्साहित किया। अभिनेता मुकेश ऋषि ने कहा कि हर अवार्ड के पीछे एक सोच और मेहनत होती है। कलाकार अपनी कला को निखारते रहें क्योंकि उनकी कला एक न एक दिन अवश्य सम्मानित होगी। कार्यक्रम में आयोजक तन्मय सेन गुप्ता और वरिष्ठ फिल्म प्रचारक पुनीत खरे ने सेलिब्रिटी कलाकारों का आभार जताते हुए कहा कि आप सभी ने इस अवार्ड शो की गरिमा बढ़ाई। उभरते कलाकार दिल से अपनी कला का प्रदर्शन करें ताकि हम आपको हमेशा सम्मानित कर सकें। सुनील पाल ने मंच पर मिमिक्री करके सबको खुश कर दिया।

ओमरान हेल्थकेयर इंडिया और मिलिंद सोमन मिलकर करेंगे लोगों को स्वाथ्य के प्रति जागरूक

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मुंबई। ओमरान हेल्थकेयर इंडिया, जापानी कंपनी की भारतीय शाखा है जो घरेलू ब्लड प्रेशर निगरानी और कारडियोवेस्क्यूलर बीमारी के प्रबंधन के समाधान के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। ओमरान ने हाल ही में सुपरमॉडल, फिल्म एक्टर, प्रोड्यूसर और फिटनेस के प्रति जागरूक पर्सेनेलिटी, मिलिंद सोमन को घरेलू स्तर पर स्वास्थ की निगरानी करने, स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सहयोग की घोषणा की गई है। घोषणा के समय ओमरान हेल्थकेयर के एमडी (प्रबंध निदेशक) तेतसूया यामादा उपस्थित थे।
इस सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि घरेलू स्वास्थ्य की निगरानी है जिसमें ओमरान के समर्पित और लाखों लोगों के जीवन में गुणवत्ता लाना है जो आधुनिक तकनीकि और उपयोगी उपकरणों के माध्यम से ही संभव है। इसका उद्देश्य ब्लड प्रेशर की निगरानी और शरीर की बनावट और वजन की माप की गड़बड़ियों से बढ़ने वाले हाइपर टेंशन को रोकता है। मिलिंद और ओमरान की हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि हाइपरटेंशन, फिटनेस और वजन के प्रबंधन की रूटिन जांच हो, जो कई बार गंभीर रूप ले लेती है और व्यक्ति उसी समय इनका इस्तेमाल करता है जब उसके साथ कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या आ जाती है।
मिलिंद सोमन अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग रहते हैं और स्वास्थवर्धक आहार, नियमित व्यायाम के लिए मशहूर हैं। वे अपना हेल्थ चेकअप नियमित आधार पर करते रहते हैं और उनका दृष्टिकोण ओमरान के साथ पूरी तरह से मिलता है, ओमरान हमेशा से ”गोइंग फार जीरो यानि बीमारी हमेशा शून्य रखने” के सिद्धांतों पर काम करती है। कंपनी का मकसद प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान देना रहा है, ताकि हाइपरटेंशन की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों को जीरो हर्ट अटैक और जीरो ब्रेन स्ट्रोक्स का एहसास कराया जा सके।
हाल ही में युवाओं में हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। फिलहाल, अगर नियमित तौर पर कम उम्र से ही निगरानी रखी जाए, तो लोगों के जीवन पर इसका लंबे समय तक असर बना रह सकता है। व्यापक स्तर पर हाइपरटेंशन का प्रबंधन और डाटा पर निगरानी रखने से भी निकट भविष्य में कार्डियोवैस्क्युलर की समस्याओं को रोकने और नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इस नए अध्याय के विषय में बात करते हुए ओमरान हेल्थकेयर के एमडी (प्रबंध निदेशक) तेतसूया यामादा ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य की निगरानी को लेकर जागरूकता फैलाने की बहुत आवश्यकता है। किसी भी फिटनेस से संबंधित व्यवस्था में स्वास्थ्य की जांच को शामिल करना जरूरी होता है। मिलिंद सोमन फिटनेस को लेकर हमेशा जागरूक रहते हैं और नियमित जांच कराते रहते हैं। उनकी स्वास्थ्य संबंधी गंभीरता को लेकर किसी तरह का कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। ओमरान को उनके साथ सहयोग करने का मौका पहले भी मिल चुका है और मुझे खुशी है कि हम उनके साथ नए सिरे से साझेदारी करने जा रहे हैं। इस साझेदारी से हमें नए ग्राहकों के साथ जुड़ने में मदद मिलेगी, हमारा मूल मंत्र है ”लाइफ आन विद ओमरान” यानि जीवन ओमरान के साथ शुरू होता है।
फिटनेस उद्योग से बहुत पहले से जुड़े रहे और स्वस्थ्य जीवन जीने के पक्के हिमायती, मिलिंद सोमन ने अपने इस नए रोल के बारे में कहा कि मैं अपने को ओमरान हेल्थकेयर इंडिया से जुड़कर बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं। यह एक ऐसा ब्रांड है जिसका संबंध मेरे जुनून से है और वह जुनून है, हेल्थ और वेलबींग को बढ़ावा देना। ओमरान के पास तमाम आधुनिक और लाभकारी उपकरण है, और मुझे लगता है कि इससे भारत में हेल्थकेयर को लेकर एक नई क्रांति आने की प्रेरणा मिल सकती है। इससे सबको प्रेरणा मिलती है कि सब लोग अपने स्वास्थ्य की यात्रा के मालिक बनें जिसमें स्वास्थ्य की जांच या निगरानी भी शामिल है।

150 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध – केंद्रीय उर्वरक मंत्री

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नई दिल्ली: देश में इस समय 150 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध – केंद्रीय उर्वरक मंत्री की समीक्षा – केंद्रीय रसायन और उर्वरक, डॉ. मनसुख मांडविया ने आज यहां देश में उर्वरकों के इस्तेमाल व उनकी उपलब्धता पर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बातचीत की। बैठक के दौरान, उन्होंने नैनो-यूरिया, नैनो-डीएपी और वैकल्पिक उर्वरकों को मैदानी स्तर पर प्रोत्साहन देने की प्रगति तथा इस सिलसिले में राज्यों द्वारा की गई पहलों का जायजा लिया
बातचीत की शुरूआत में ही डॉ. मांडविया ने सभी राज्यों को सूचित कर दिया था कि देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और इस समय 150 लाख मीट्रिक टन उर्वरक मौजूद है। यह भंडारण न सिर्फ मौजूदा खरीफ मौसम में काम आयेगा, बल्कि आने वाले रबी के मौसम में भी उसकी उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी।
मांडविया ने मिट्टी की उर्वरकता बचाने के लिये रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की जरूरत को उजागर किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पीएम प्रणाम योजना के रूप में इस दिशा में पहले ही कदम उठा लिये हैं। इन प्रयासों में धीरे-धीरे घुलने वाली सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड), नैनो-यूरिया, नैनो-डीएपी आदि के इस्तेमाल को भी शुरू किया जाना शामिल है।
देशभर में पीएमकेएसके पहल पर चर्चा की गई, जो किसानों की सभी जरूरतों को एक ही स्थान पर पूरा करने के लिये ‘वन-स्टॉप-शॉप’ के रूप में काम करेगी। उन्होंने राज्यों के कृषि मंत्रियों और राज्य सरकारों से कहा  कि वे नियमित रूप से इन पीएमकेएसके का दौरा करें तथा किसानों को जागरूक करें।
यूरिया के  गैर-कृषि कामों में इस्तेमाल पर सख़्त कार्यवाही
डॉ. मांडविया ने राज्यों को कहा  कि खेती के लिये उपयोगी यूरिया गैर-कृषि कामों में इस्तेमाल न होने दें। राज्य  इस सिलसिले में जागरूकता अभियान चलायें, ताकि कृषि यूरिया को अन्यत्र स्थानांतरित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। याद रहे कि इस मामले में केंद्र सरकार के उर्वरक उड़न दस्ते और विभिन्न कृषि विभागों, राज्य सरकारों ने संयुक्त निरीक्षण किया था, तथा गड़बड़ी करने वाली यूरिया संयंत्रों के खिलाफ 45 एफआईआर की गई थीं। इसके अलावा, 32 मिक्सचर संयंत्रों के लाइसेंस रद्द किये गये और 79 मिक्सचर संयंत्रों से उर्वरक के सारे अधिकार छीन लिये गये। इन सबके खिलाफ चोर बाजारी निवारण और आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की गई। राज्य सरकारों ने भी ऐसी अपराधियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाने की वकालत की।बैठक में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों, राज्य सरकारों के अफसरों और उर्वरक विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

ICAR- के वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओ का निवारण किया

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नई दिल्ली: आईसीएआर के वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओ का निवारण किया – आई. सी. ए. आर.-एन. बी. ए. आई. आर. के निदेशक डॉ. एस. एन. सुशील और डॉ. ए. एन. शायलेशा ने प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. ए. कंदन के साथ किसानों की समस्याओं का निवारण करने के लिए अपनी विशेषज्ञता प्रदान की। डॉ एस सुनिल व वैज्ञानिकों ने किसानों को जैव कीटनाशकों की विशेषताओं के बारे में बताया। इस जैविक कीटनाशक से किसानों के सामने आने वाली किसी भी परेशानी को दूर किया जा सकता हैं।

नोडल अधिकारी डॉ सीमा भगत ने बताया कि कार्यक्रम के समापन पर डॉ. एस. एन. सुशील ने उपस्थित किसानों के बीच शतपाड़ा ऑल राउंडर जैव कीटनाशक फॉर्मूलेशन वितरित किया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनके शहतूत के खेतों में कीटों और बीमारियों के प्रबंधन के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के साथ सशक्त बनाना था। “माइक्रोबियल बायो एजेंटों और परजीवी परभक्षी इकाइयों के बड़े पैमाने पर उत्पादन पर ग्रामीण किसान उत्पादक संगठनों के लिए प्रशिक्षण” शीर्षक से यह कार्यक्रम कर्नाटक के देवाहनहल्ली में आयोजित किया गया। शहतूत की खेती और रेशम कीट पालन में लगे 50 से अधिक समर्पित किसानों ने भाग लिया, इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें प्रभावी कीट प्रबंधन के लिए आवश्यक विशेषज्ञता से लैस करना था।

50 से अधिक किसानों ने लिया कार्यक्रम भाग

देवाहनहल्ली में आयोजित इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम 50 से अधिक किसान भाग लेने के लिए एकत्र हुए। इस कार्यक्रम में उद्देश्य  किसानों की शहतूत में थ्रिप्स और माइट प्रबंधन की अपनी समझ को बढ़ाने पर था, जिसे शतपाड़ा ऑल राउंडर फॉर्मूलेशन के रूप में जानी जाने वाली अभिनव आईसीएआर-एनबीएआईआर तकनीक द्वारा सरल बनाया गया। किसानों ने इसके अनुप्रयोगों, विशेष रूप से थ्रिप्स और माइट्स का मुकाबला करने में इसकी प्रभावकारिता का पता लगाया, जो अक्सर चिंतामणि क्षेत्र में उनकी शहतूत की फसलों को प्रभावित करते हैं।

आई. सी. ए. आर.-एन. बी. ए. आई. आर. के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने कार्यक्रम के दौरान सूचनात्मक सत्रों का नेतृत्व किया। डॉ सुनील ने ट्राइकोडर्मा एस्पेरेलम का उपयोग करके खेत की खाद का संवर्धन किया। इस समृद्ध मिश्रण को तब शहतूत की जड़ क्षेत्र में तैनात किया गया था, जो जड़ सड़न और विल्ट के खिलाफ एक मजबूत रक्षा प्रदान करता है।

आई. सी. ए. आर.-एन. बी. ए. आई. आर. के वैज्ञानिकों ने शतपद ऑल राउंडर और शतपद मास्टर ब्लास्टर जैसे जैव कीटनाशकों के उपयोग का प्रदर्शन किया। इन पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को वास्तविक क्षेत्र स्थितियों में थ्रिप्स और माइट्स के प्रबंधन में प्रभावी होने के लिए प्रदर्शित किया गया था। इस कार्यक्रम द्वारा किसानों ने इन जैव कीटनाशकों की विशेषताओं  जानकारी प्राप्त की साथ ही उनकी समस्याओ का भी निवारण किया गया।

आईसीएआर-एनबीएआईआर और केवीके चिंतामणि की इस सहयोगी पहल ने न केवल किसानों के ज्ञान को समृद्ध किया, बल्कि उन्हें अपने कृषि प्रयासों को बढ़ाने के लिए व्यावहारिक समाधानों से भी लैस किया। जैसे ही आजादी के अमृत महोत्सव की प्रतिध्वनि प्रतिध्वनित हुई, इन किसानों के दिलों में सशक्तिकरण और आशावाद की भावना व्याप्त हो गई, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की आशाओं का पोषण हुआ।