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वामन हरी पेठे ज्वैलर्स ने सोने और हीरे के नेकलेस का एक भव्य संग्रह “नेकलेस महोत्सव” किया लॉन्च

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मुंबई। वामन हरी पेठे ज्वैलर्स द्वारा अपने बोरीवली शोरूम की 20वीं वर्षगांठ मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई जहां मराठी फिल्म अभिनेत्री हृता दुर्गुले की विशेष उपस्थिति रही।
वामन हरी पेठे ज्वैलर्स की स्थापना 1909 में मुंबई में हुई थी और यह सोने और हीरे के आभूषणों में एक विश्वसनीय नाम बन गया है, जो बोरीवली में सौंदर्य के प्रति जागरूक ग्राहकों की सेवा में तत्पर है।
वामन हरी पेठे ज्वेलर्स अपने शानदार और उत्कृष्ट रूप से तैयार किए गए सोने के आभूषणों के लिए जाना जाता है।


महोत्सव का उद्घाटन लोकप्रिय युवा अभिनेत्री ऋता दुर्गुळे द्वारा किया गया। इस कलेक्शन में लुभावनी ढंग से तैयार किए गए सोने और हीरे के नेकलेस शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे भारत के सभी कोनों से विभिन्न प्रकार के डिज़ाइन प्रदान करना है। इस कलेक्शन में एंटीक कलेक्शन, कलकत्ता कलेक्शन, मंदिर कलेक्शन, नेकलेस का कोल्हापुरी कलेक्शन जैसे कुछ नाम शामिल हैं।
9 सितंबर से 24 सितंबर तक ग्राहक नेकलेस के मेकिंग चार्ज पर 20% की विशेष छूट का आनंद ले सकते हैं।
आशीष पेठे (पार्टनर, वामन हरी पेठे ज्वेलर्स) इस बात पर जोर देते हैं कि वामन हरी पेठे ज्वेलर्स न केवल आभूषणों में बल्कि इसके लेन देन में भी शुद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। वामन हरी पेठे ज्वैलर्स की विशेषता विश्वास, अभिनव डिजाइन, सर्वोत्तम गुणवत्ता, शिल्प कौशल और सर्वश्रेष्ठ फिनिशिंग है। वामन हरी पेठे ज्वेलर्स मूल्यवान ग्राहकों को सर्वोत्तम ग्राहक सेवा और अनुभव प्रदान करने में गर्व महसूस करते है, जिससे यह उनकी सभी आभूषण आवश्यकताओं के लिए वन-स्टॉप शॉप बन जाता है।
वामन हरी पेठे ज्वैलर्स को हाल ही में डोमेस्टिक जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल द्वारा भारत के पसंदीदा रिटेलर के रूप में सम्मानित किया गया है और रेडियो सिटी द्वारा 30 एलिटिस्ट पावर-पैक्ड बिजनेस की 30 पावरलिस्ट की सूची में शामिल किया गया था।
विश्वनाथ पेठे कहते हैं कि उनके संगठन का आदर्श वाक्य ईमानदारी, वस्तुओं, लेन-देन और व्यवहार में शुद्धता के चारों ओर रहता है। यह अवधारणा वर्षों से उनके अस्तित्व की आधारशिला रही है। उन्होंने 2000 में “सोनेरी क्षणांचे सोबती” नाम से अपनी टैगलाइन बनाई और 2001 में इसे अस्तित्व में लाया।
वामन हरी पेठे ज्वेलर्स समझता है कि ग्राहक अक्सर तब आते हैं जब वे अपने जीवन में विशेष क्षणों का जश्न मना रहे होते हैं, चाहे वह शादी, जन्मदिन या सालगिरह हो। वामन हरी पेठे ज्वैलर्स इन सुनहरे पलों में खुद को भागीदार के रूप में देखते हैं।
अंत में, वामन हरी पेठे ज्वैलर्स का “नेकलेस महोत्सव” विशेष ऑफर के साथ आश्चर्यजनक और उत्कृष्ट रूप से तैयार किए गए सोने और हीरे के नेकलेस का वादा करता है। यह नवीनतम डिजाइनों और प्रतिस्पर्धी कीमतों के लिए पसंदीदा स्थान है, जो परंपरा और आधुनिकता का एक आदर्श मिश्रण पेश करता है। वामन हरी पेठे ज्वैलर्स आभूषण की दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार है।

G- 20 SUMMIT – वैश्विक मंच पर भारत की बड़ी कूट​नीतिक जीत, PM मोदी की पहल पर अफ्रीकी संघ बना G20 का स्थायी सदस्य

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में जी20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) का आगाज भारत मंडपम में हो चुका है. प्रधानमंत्री मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत मोरक्को में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए की. बता दें कि अफ्रीकी देश मोरक्को में भूकंप के कारण करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं अफ्रीकी यूनियन (African Union) को जी20 का स्थायी सदस्य बनाया गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से अफ्रीकी संघ का जी20 में स्वागत किया है. अफ्रीकी यूनियन में 55 देश शामिल हैं. यह एक तरह से वैश्विक मंच पर भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है. पीएम मोदी ने अफ्रीकी यूनियन के आधिकारिक रूप से जी20 ग्रुप में शामिल होने का भी ऐलान किया. साथ ही उन्होंने यूनियन के अध्यक्ष को गले लगाकर बधाई भी दी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा, ‘आप सभी की सहमति के साथ आज से अफ्रीकी यूनियन जी20 का स्थायी सदस्य बनने जा रहा है.’ उनकी इस घोषणा के साथ तमाम नेताओं ने तालियां बजाईं. इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर अफ्रीकी यूनियन के अध्यक्ष अजाली असौमनी को साथ लेकर आए और पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी.
ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनियन (OAU) को G20 की सदस्यता मिलने से अफ्रीका के 55 देशों को फायदा होगा। इसे 1963 बनाया गया था। इस संगठन में शामिल 55 देशों का कुल सकल घरेलू उत्पाद सिर्फ 18.81 हजार करोड़ रुपए है। लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी इसके निर्माता थे। सन 2009 तक वो इसके अध्यक्ष रहे।
शुरुआत में इस संस्था का उद्देश्य अफ्रीका के गुलाम देशों को आजादी दिलाना था। बाद में इसे आपसी संवाद के मंच के तौर पर विकसित किया गया। अफ्रीकी देश अपने राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को लेकर यहाँ चर्चा करते थे। अब जी-20 का सदस्य बनने के बाद उन्हें इसका फायदा मिलेगा।
अफ्रीकी संघ को जी20 में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल जून में सदस्य देशों के नेताओं को पत्र लिखा था। इस पत्र में पीएम मोदी ने नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के दौरान अफ्रीकी यूनियन को पूर्ण सदस्यता प्रदान करने का आग्रह किया था।
पीएम मोदी के पत्र लिखने के कुछ सप्ताह बाद प्रस्ताव को शिखर सम्मेलन के लिए आधिकारिक मसौदा विज्ञप्ति में शामिल कर लिया गया। यह समावेश तीसरी जी20 शेरपा बैठक के दौरान हुआ, जो जुलाई में कर्नाटक के हम्पी में बुलाई गई थी।
पिछले कुछ वर्षों में भारत अफ्रीकी देशों का प्रमुख पैरोकार के रूप में उभरा है। इस महीने की शुरुआत में PTI को दिए एक साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा था कि अफ्रीका भारत के लिए ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ है। उन्होंने कहा था कि भारत वैश्विक मामलों में उन लोगों को शामिल का काम करता है, जिन्हें लगता है कि उनकी आवाज़ नहीं सुनी जा रही है।
G20 की स्थापना 1999 में विभिन्न वैश्विक आर्थिक संकटों की प्रतिक्रिया के रूप में की गई थी। G20 सदस्य राष्ट्र सामूहिक रूप से दुनिया की जीडीपी का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और वैश्विक आबादी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा रखते हैं।
G20 में शामिल देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ हैं। अब अफ्रीकी यूनियन इसका नया सदस्य है।

‘एक दशक में $10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत’: मोदी सरकार के कायल हुए ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष

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जहाँ एक तरफ दिल्ली में G20 समिट का भव्य आयोजन हो रहा है, वहीं इसे लेकर ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने मोदी सरकार की खुल कर तारीफ़ की है। उन्होंने कहा कि G20 अध्यक्षता के दौरान भारत ने बहुत कुछ किया है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे भारत ने 140 करोड़ लोगों को डिजिटल आईडी देने का रिकॉर्ड कायम किया और लोगों को जबरदस्त डिजिटल कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि इससे दूसरे देश भी प्रेरित हुए हैं।
WEF के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि इससे दुनिया के 350 करोड़ लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने का मौका मिलेगा, जो भारत की तरह कनेक्टेड नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भी नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कैसे भारत एक लो-कार्बन इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि खास बात ये है कि विकास और रोजगार के क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए भारत ऐसा कर रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत आज 8% विकास दर के साथ ग्रोथ के मामले में भी नेतृत्व कर रहा है।
‘विश्व आर्थिक मंच’ के अध्यक्ष ने दुनिया में विकास दर को उच्च स्तर पर ले जाने को एक बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे देश भारत से इस मामले में सीख सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को बुलबुला नहीं है कि फूट जाए, वो अगले एक दशक में भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनते हुए देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का घरेलू बाजार बहुत विशाल है और नए कंजम्प्शन पैटर्न के लिए भारत ज़्यादा तैयार है।
उन्होंने सेवाओं के एक्सपोर्ट के मामले में भी भारत को एक बड़ा देश करार दिया। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि ये धीमे विकास का दशक चल रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से भारत का महत्व बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक भारत का है, और G3 (अमेरिका, चीन, भारत) पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि भारत को वो आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने G20 देशों के बीच आपसी विश्वास में बढ़ोतरी पर भी बल दिया।

Watch LIVE : G20 Summit 2023

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Bypoll Results 2023: 7 विधानसभा सीटों के उपचुनाव बीजेपी ने मारी बाजी

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Bypoll Results 2023: झारखंड की डुमरी, केरल की पुथुपल्ली, त्रिपुरा की धनपुर, बॉक्सानगर, यूपी की घोसी, उत्तराखंड की बागेश्वर और पश्चिम बंगाल की धूपगुड़ी सीट पर हुए उपचुनाव का रिजल्ट शुक्रवार (8 सितंबर) को घोषित कर दिया गया.

इन सात सीटों में से तीन पर बीजेपी ने जीत दर्ज की. वहीं समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक-एक सीट मिली है. इन सात सीट में से एक पर मुस्लिम उम्मीदवार इलेक्शन जीते हैं और वो बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे.

त्रिपुरा की बॉक्सानगर सीट पर हुए उपचुनाव में तफ्फजल हुसैन ने बड़ी जीत दर्ज की. तफ्फजल हुसैन को 34 हजार 146 वोट मिले, वहीं दूसरे नंबर पर  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के उम्मीदवार को मिजान हुसैन को 3 हजार 909 मत मिले. तफ्फजल ने मिजान को 30 हजार 237 वोट से हरा दिया.

सीपीआईएम को लगा झटका
अल्पसंख्यक बहुल बॉक्सानगर सीट पर तीसरे नंबर पर रहे निर्दलीय मोहम्मद सलीम को सिर्फ 181 वोट मिले. वहीं रतन हुसैन को 144 और नोटा (NOTA) का बटन 434 लोगों ने दबाया. सीपीआईएम विधायक समसुल हक के निधन के कारण बॉक्सानगर सीट पर उपचुनाव हुआ था.

 

धनपुर से भी बीजेपी ने मारी बाजी
त्रिपुरा की दूसरी सीट यानी धनपुर पर हुआ उपचुनाव भी बीजेपी ने जीत लिया है. बिंदू देबनाथ ने यहां 18,871 वोट के अंतर से जीत दर्ज की. देबनाथ को 30 हजार 17 मत मिले और कौशिक चंद्रा ने 11 हजार 148 वोट हासिल किए. बीजेपी ने सात महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार धनपुर सीट पर जीत दर्ज की थी.  केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक के धनपुर के एमएलए पद से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव हुआ था.

पीएम मोदी का किया जिक्र
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा नें त्रिपुरा की दोनों सीट पर हुए उपचुनाव में जीत पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर हमला किया. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ”त्रिपुरा उपचुनाव में घमंडिया गठबंधन का ना सिर्फ घमंड टूटा है, बल्कि यह उनकी करारी हार है. जनता ने इनके गठबंधन को ठगबंधन साबित कर दिया है. बॉक्सनगर और धनपुर, दोनों सीटें अल्पसंख्यक बाहुल्य और घमंडिया गठबंधन का संयुक्त प्रत्याशी लड़ने के बाद भी बीजेपी की यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और सर्वमान्य नेतृत्व तथा उनकेसबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र को चरितार्थ करता है.”

त्रिपुरा में अब किसके पास कितनी सीटें?
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या अब 33 हो गयी है. उसकी सहयोगी पार्टी इंडीजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPDT) का एक एमएलए है. वहीं टिपरा मोथा के 13, सीपीआईएम के 10 और कांग्रेस के तीन विधायक हैं.

कहां से कौन चुनाव जीता?
केरल में कांग्रेस उम्मीदवार चांडी ओमन ने पुथुपल्ली सीट से चुनाव जीता. यूपी की घोसी से समाजवादी पार्टी के सुधाकर सिंह, धूपगुढ़ से टीएमसी के निर्मल चंद्र रॉय, उत्तराखंड की बागेश्वर से पार्वती दास और झारखंड की डुमरी से जेएमएम की उम्मीदवार बेबी देवी ने जीत हासिल की है.

भारत और अमेरिका के रिश्ते होंगे और गहरे’, PM मोदी से बाइडन ने की द्विपक्षीय वार्ता

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नई दिल्ली, एएनआई। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने शुक्रवार को यहां भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने जी-20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) से इतर द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन दिल्ली के 7 लोक कल्याण मार्ग पर बातचीत की। इस वार्ता में कई मुद्दे शामिल हैं, जिसकी बदौलत भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते और गहरे होंगे।

इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की। साथ ही कहा कि बाइडन के साथ मुलाकात को सार्थक बताया। उन्होंने कहा,

7, लोक कल्याण मार्ग पर जो बाइडन का स्वागत करके खुशी हुई। हमारी मुलाकात बहुत सार्थक रही। हमने कई विषयों पर चर्चा की। भारत और अमेरिका के लोगों के संबंध और गहरे होंगे।

बाइडन की तीन दिवसीय भारत यात्रा
जो बाइडन अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार की शाम नई दिल्ली के आईजीआई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पर भारतीय पारंपरिक नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद बाइडन एयरपोर्ट से सीधे 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पहुंचे।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ बाइडन की मुलाकात का एक वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया।

भारतीय COW Economy – गऊ आधारित अर्थव्यवस्था का कमाल गौ पालन से श्री पराऊ साहू की आर्थिक हालात सुधरी

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महासमुंद 8 सितंबर 2023 शासकीय योजनाएं तभी सफल होती है जब हितग्राही स्वयं पूरी ईच्छाशक्ति, लगन और कड़ी मेहनत कर योजना को अमल में लाएं। पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम भुरकोनी निवासी पशुपालक श्री पराऊ साहू ने पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना को अमल में लाकर इस वाक्य को सच कर दिखाया है। श्री पराऊ साहू, के आजीविका का मुख्य साधन उनकी पैतृक खेती ही थी। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी।
पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना की जानकारी मिलने पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में खेती के साथ ही पशुपालन व्यवसाय करने का मन बना। निकटतम पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क कर योजना का लाभ लेने की इच्छा जाहिर की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के अंतर्गत उनको 02 गायों की कुल लागत राशि एक लाख 40 हजार रुपए में से 50 प्रतिशत राशि शासकीय अनुदान की स्वीकृति मिली।
विभाग के संपर्क में निरंतर रहकर पशुपालन के तकनीकी ज्ञान के साथ ही समय पर पशु उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, अनुशीलन का लाभ उन्हे मिला। योजना से जुड़ने के पश्चात् श्री पराऊ साहू द्वारा दुग्ध विक्रय से राशि 60 हजार रुपए प्रतिवर्ष की अतिरिक्त आय अर्जित की जा रही है। पशुपालन अब उनके आय का मुख्य जरिया बन गया है जिससे उनका जीवन-यापन औसत दर्जे से बढ़कर बेहत्तर हो गया है।
श्री पराऊ साहू पशुधन विकास विभाग की योजना से लाभान्वित होने के बाद उनके घर की महिलाओं द्वारा भी पशुपालन में रूचि लेने लगे और पारिवारिक सहयोग की भावना विकसित हुई। जिससे पूरे परिवार के आत्मविश्वास में वृध्दि एवं अतिरिक्त आय होने से पूरा परिवार खुशहाल परिवार में परिवर्तित हो गया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अनंत अंबानी ने उत्तराखंड मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान किये 25 करोड़

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भारत के प्रमुख उद्योगपति घराने में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मुकेश अम्बानी के छोटे पुत्र अनंत अंबानी ने आज मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 करोड़ की धनराशि प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सहयोग के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज और अनंत अंबानी का आभार व्यक्त किया।
विदित हो उत्तराखंड गत कुछ माह से भूस्खलन व बाढ़ जैसी नैसर्गिक आपदा से जूझ रहा ..जिस कारण तीर्थ एवं पर्यटन पर भी इसका प्रभाव पड़ा है,
आज मुख्यमंत्री आवास में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अनंत अंबानी की ओर से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 25 करोड़ रूपये का चेक सौंपा।
विदित हो मुकेश अंबानी का परिवार दान व पुण्यात्मा कार्यों में भी अग्रणी रहा है..! इससे पूर्व भी अंबानी परिवार के अनंत अंबानी ने उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड को 5 करोड़ का दान दिया था अंबानी परिवार का उत्तराखंड विशेष तौर पर बद्रीनाथ मंदिर पर गहरी आस्था रही है..! जिस कारण उन्हें पूर्व में मंदिर समिति का सदस्य भी बनाया गया था..! अंबानी परिवार के सदस्य प्रत्येक वर्ष चार धाम यात्रा के दौरान पूजा-अर्चना के लिए आते रहे हैं इसलिए इनका जुड़ाव निरंतर देवभूमि से रहा है..!
धन्यवाद 🇮🇳
-संजय बलोदी प्रखर

भारत आएगा छत्रपति शिवाजी का वाघ नख

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छत्रपति शिवाजी महाराज के खंजर वाघ नख (Wagh Nakh) की घर वापसी होने वाली है। उन्होंने इसका ही उपयोग कर 1659 में बीजापुर सल्तनत के सेनापति अफजल खान को मौत के घाट उतारा था। बाद में अंग्रेज गिफ्ट के तौर पर इसे ब्रिटेन लेकर चले गए। लेकिन अब खबर आ रही है कि ब्रिटेन इसे भारत को लौटाने के लिए तैयार हो गया है।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार सितंबर 2023 के आखिर में इसे वापस भारत लाने की आधिकारिक प्रक्रिया के लिए लंदन जाएँगे। वहाँ वे विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे। इसी संग्रहालय में ये नख रखा हुआ है। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो ‘वाघ नख’ इसी साल देश में आ जाएगा।

जगदंबा तलवार के भी वापस आने के आसार

रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया, “हमें ब्रिटेन के अधिकारियों से एक पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि वे हमें छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख वापस देने पर राजी हो गए हैं। हिंदू कैलेंडर के आधार पर हम इसे उस दिन वापस पा सकते हैं, जिस तिथि को शिवाजी ने अफ़ज़ल खान को मार डाला था। कुछ अन्य तारीखों पर भी विचार किया जा रहा है और वाघ नख को वापस लाने के तौर-तरीकों पर भी काम किया जा रहा है।”

मंत्री मुनगंटीवार ने आगे कहा, “एमओयू पर हस्ताक्षर करने के अलावा, हम अन्य वस्तुओं जैसे कि शिवाजी की जगदंबा तलवार को भी देखेंगे, जो यूके में प्रदर्शित है और इन्हें वापस लाने के लिए भी कदम उठाएँगे। तथ्य यह है कि वाघ पंजा वापस आ रहा है। यह महाराष्ट्र और उसके लोगों के लिए एक बड़ा कदम है। अफजल खान की हत्या की तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर के आधार पर 10 नवंबर है, लेकिन हम हिंदू तिथि कैलेंडर के आधार पर तारीखें तय कर रहे हैं।” उन्होंने ये भी कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघ नख इतिहास का अमूल्य खजाना है और इनसे राज्य के लोगों की भावनाएँ जुड़ी हुई हैं।

G 20 Delhi: मेहमानों के स्वागत के लिए दुल्हन सी सजी

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नई दिल्ली, । जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए तमाम राष्ट्राध्यक्ष और दुनिया के प्रमुख संस्थानों के प्रमुख राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हैं। कई राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियां भी दिल्ली के आंगन में उपस्थित हैं। सजी धजी दिल्ली मेहमानों को खूब भा रही है। दो दिवसीय सम्मेलन में तमाम प्रोटोकाल की वजह से उनके द्वारा दिल्ली की विरासत को देखना भले ही संभव न हो पर कुछ स्थलों पर जाकर वहां की विशिष्टता को महसूस जरूर किया जाएगा। महीने भर से सज रही दिल्ली में एयरपोर्ट से लेकर नई दिल्ली क्षेत्र में तमाम फव्वारे और शिल्पकारी को जगह जगह बनाया और लगाया गया है। मेहमानों के लिए एयरपोर्ट से होटल तक के रास्ते को इस तरह से सजाया और संवारा गया है कि दिल्ली ही नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत की झलक पहली नजर में दिख जाएगी। निश्चित रूप से राष्ट्रीय राजधानी में आए मेहमान जब वापस जाएंगे तो यहां की संस्कृति और मेहमानवाजी की सुखद यादें समेट कर अपने देश लौटेंगे।
दिल्ली के व्यंजनों का स्वााद लेंगे विदेशी महमान
जब जी-20 के सदस्य व आमंत्रित देशों के प्रमुख दो दिवसीय सम्मेलन में दुनिया के लिए वसुधैव कुटुम्बकम की राह तलाश रहे होंगे तब उनकी पत्नियां और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य दिल्ली के कुछ स्थलों का भ्रमण कर रहे होंगे। इसमें सबसे प्रमुख भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइएआरआइ), पूसा है जहां ये लोग भारतीय अनाजों और श्रीअन्न से परिचित होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पौष्टिक श्रीअन्न के जरिए स्वस्थ व पुष्ट वैश्विक समाज की कल्पना की है। इसके लिए जी-20 सम्मेलन से बढ़िया मौका क्या हो सकता है, जब सभी राष्ट्राध्यक्ष व उनकी पत्नियां श्री अन्न की खूबियों को न सिर्फ समझे, बल्कि इससे बने व्यंजनों का स्वााद भी लें। इसी तरह जयपुर हाउस स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (एनजीएमए) में हस्तशिल्प के तमाम उत्पाद उनका मनमोह लेंगे। यहां सांस्कृतिक आयोजन हमारे देश की विरासत की झलक दिखाएंगे। बताएंगे कि कितना समृद्ध, भव्य और शानदार सांस्कृतिक विरासत है। और जब शाम को राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगे तो देश के प्रथम नागरिक के साथ वहां अमृत उद्यान उनकी यात्रा को सुखद एहसास कराएगा।
दिल्ली में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष करेंगे गांधी दर्शन
राष्ट्राध्यक्ष के लिए भारत देश की यात्रा बिना राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए पूरी नहीं होती है। इसलिए यहां भी विशेष तैयारी की गई है। रिंग रोड को आकर्षक बनाते हुए फुटपाथों को सुधारा गया है। गांधी दर्शन में चरखा कातते बापू की बड़ी मूर्ति लगाई गई है। इसी तरह गांधी सेल्फी पार्क का भी निर्माण किया गया है, जिसमें बापू की मूर्ति विभिन्न मुद्रा में है। बापू साइकिल चला रहे हैं तो बेंच पर बैठे हुए हैं। निश्चित ही गांधी जी के साथ जब विदेशी राष्ट्राध्यक्ष कुछ वक्त गुजारेंगे तब उनका भी मन गांधी जी की विभिन्न मुद्राओं के साथ सेल्फी लेने का मन जरूर करेगा।
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत के लिए तैयार दिल्ली
वैसे, कुछ दिन पहले यह क्षेत्र यमुना के बाढ़ के पानी में डूब गया था। उस समय नहीं लग रहा था कि जी-20 सम्मेलन के पहले तक यह विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत के लिए तैयार हो जाएगा, लेकिन अब इसकी खूबसूरती देखकर अधिकारियों और कर्मचारियों की अथक मेहनत और लगन पर सराहना निकलती है। इसी तरह, लालकिला, हुमायुं का मकबरा व कुतुबमीनार जैसे राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थल व धरोहरों को भी जी-20 के मद्देनजर विशेष रूप से सजाया और संवारा गया है। उम्मीद है कि उन स्थानों पर भी विदेशी मेहमानों का जाना होगा। जहां वह देश के जीवंत इतिहास के साथ ही यहां के लोगों की जीवटता, विविधता व अनेकता में एकता की भावना से भी परिचित होंगे
बाजारों को भी सजाया गया
इसी तरह बाजारों को भी सजाया गया है। जी-20 सम्मेलन के मद्देनजर कनाट प्लेस की इमारतों का नए सिरे से रंग रोगन किया गया है। यह ब्रिटिश कालीन बसावट निश्चित ही विदेशी मेहमानों को लुभाएगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से कनाट प्लेस की दुकानें बंद रहेगी। लेकिन पुरानी दिल्ली के बाजार खुले रहेंगे। सैकड़ों वर्ष पुरानी चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली के अन्य बाजारों में पुरानी इमारतें और यहां का खान-पान विदेशी मेहमानों को नए प्रकार का स्वाद देगा। खरीदारी नए प्रकार का अनुभव देगी। साथ ही मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सर्वधर्म समभाव का संदेश देगा। यह आयोजन खास है जितना भारत के लिए उतना ही बाकि विश्व के लिए भी। इस तीन के आयोजन में यहीं भारत को जानने, समझने और उत्सव मनाने के ऐतिहासिक दिन है।