Home Blog Page 630

गाजियाबाद – पुलिस के हत्थे चढ़ा गौ तस्कर, काफी समय से थी तलाश

0
फोटो सौजन्य - आज तक

गाजियाबाद – आज तक की रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद में एनकाउंटर के बाद पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. इरशाद उर्फ सोनू नाम के इस गो तस्कर की पुलिस को काफी समय से तलाश थी. चेकिंग के दौरान सोनू ने भागने की कोशिश की लेकिन मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे धर दबोचा. गिरफ्तारी के बाद गो तस्कर ने कहा कि गाय हमारी माता है. गिरफ्तारी से पहले इस गो तस्कर ने पुलिस को जमकर छकाया.

फोटो सौजन्य – आज तक

कानपुर : बम फटने से गौ माता जख्मी, सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस

0

कानपुर, 28 अक्टूबर । काकादेव नवीन नगर में गुरुवार को कूड़े के ढेर में अचानक बम फटने से भोजन की तलाश में भटक रही एक गौ माता गम्भीर रूप से जख्मी हो गई। सूचना पर कानपुर नगर निगम एवं पुलिस पहुंची और गौ माता का उपचार कराया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं। काकादेव थाने की पुलिस मुकदमा दर्ज करके गौ माता के साथ बम फटने से जबड़ा उड़ने की घटना का खुलासा करने में जुट गई है।

पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड ने शुक्रवार को बताया कि काकादेव पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कूड़े के ढेर में बम पड़ा था। जहां गाय अपनी भूख मिटाने की कोशिश में उसे चबाया और बम गौ माता के मुंह में फट गया, जिससे जबड़ा उड़ गया। फिर इसकी जांच की जा रही है कि कहीं किसी ने माहौल बिगाड़ने के लिए कोई शरारत तो नहीं की गई थी। इसके साथ ही विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए घटनास्थल का फोरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटाते हुए आसपास स्थित सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि काकादेव नवीन नगर में गुरुवार को हुए तेज धमाके के बाद एक गाय चीखने लगी। लोगों ने देखा तो गौ माता जख्मी हालत में तड़प रही थी। यह देखते ही लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस एवं नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को खबर दी। सूचना पर पहुंची नगर निगम की टीम ने तत्काल गौ माता का उपचार करने के साथ ही काकादेव थाने में इस सम्बन्ध में एक मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Maharashtra – फड़णवीस, कटुता खत्‍म कर दो, लग जाओ काम पर – Shivsena

0

ShivSena in Saamana: महाराष्ट्र की सत्ता से बाहर हो चुकी शिवसेना (उद्धव गुट) ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को लेकर सामना में एक लेख के जरिए निशाना साधा है। हाल में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसी कटुता आ गई है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। इसी को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में शुक्रवार (28 अक्टूबर, 2022) को लिखा, ‘फड़णवीस, कटुता खत्‍म कर दो, लग जाओ काम पर’। सामना में लिखा गया कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने दिवाली के मौके पर काफी समझदारी वाली बातें की थीं। इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए, वो कम है। फडणवीस का स्वाभाव मिल-जुलकर पेश आने वाला है, लेकिन सत्ता जाने के बाद वो बिगड़ गया। नए सत्ता परिवर्तन के बाद उनमें परिपक्वता आ गई होगी, ऐसा मालूम पड़ता है।

सामना में लिखा गया कि दिवाली के उपलक्ष्य में फडणवीस ने मीडिया से कई मुद्दों को लेकर खुलकर बातें की थीं। उन्होंने दो महत्वपूर्ण मुद्दे रखे। जिसको लेकर महाराष्ट्र को विचार करना चाहिए। फडणवीस ने महाराष्ट्र की राजनीति में आ रही कटुता को भी लेकर बात की। जिसको उन्होंने खुद स्वीकार किया कि ऐसी कटुता कभी नहीं हुई। महाराष्ट्र की राजनीति में न केवल कटुता, बल्कि बदले की राजनीति का विषैलापन उमड़ रहा है। इस प्रवाह का मुख्य कारण भाजपा की हालिया राजनीति है, लेकिन इस मामले में फडणवीस जैसे नेताओं को अब पछतावा होने लगा है तो उस विष को अमृत बनाने का काम भी उन्हें ही करना होगा। फडणवीस ने अपने मन की वेदना जाहिर की।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम कहते हैं कि महाराष्ट्र में राजनीति की कटुता अब राजनीतिक वैमनस्य तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र की ऐसी राजनीतिक संस्कृति नहीं है। राजनीतिक मतभेद हो फिर भी सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे से बात कर सकते हैं। यह कटुता कम की जा सकती है, इसके लिए मैं प्रयास करूंगा। सामना में आगे लिखा गया है कि अगर फडणवीस ऐसा कहें तो यह उनका बडप्पन है।

मानवता की मदद के लिए ट्विटर खरीद रहे हैं – Elon Musk , पराग को दिखाया बाहर का रास्ता

0
Elon Musk News: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (फोटो: रॉयटर्स)

Elon Musk Takes Over Twitter: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ट्विटर के नए मालिक बनते ही एक्शन में आ गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एलन मस्क ने ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल को टर्मिनेट कर दिया है। इसके अलावा CFO  नेड सेगल की भी कंपनी से छुट्टी हो गई है। यही नहीं, इन्हें कंपनी हेडक्वार्टर से भी बाहर कर दिया गया है।

एलन मस्क ट्विटर के नए मालिक बन गए हैं और उन्होंने इस सोशल मीडिया कंपनी की कमान संभालते ही चार शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों को हटा दिया है।इनमें भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल के अलावा कानूनी मामलों के कार्यकारी अधिकारी विजय गड्डे भी शामिल हैं।

अग्रवाल को पिछले साल नवंबर में कंपनी के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के इस्तीफे के बाद ट्विटर का सीईओ नियुक्त किया गया था। आईआईटी, बॉम्बे और स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुके अग्रवाल ने एक दशक से अधिक समय पहले ट्विटर में नौकरी शुरू की थी। उस समय कंपनी में 1,000 से भी कम कर्मचारी हुआ करते थे।

एलन मस्क ने एक दिन पहले कहा था कि वह मानवता की मदद के लिए ट्विटर खरीद रहे हैं और इसे सभी के लिए मुफ्त नहीं बनने देंगे। एलन मस्क ने ट्विटर हेडक्वार्टर में टहलते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया था। उन्होंने ट्वीटर को 44 अरब डॉलर में खरीदने के समझौते को पूरा करने के लिए शुक्रवार की समयसीमा से दो दिन पहले बुधवार को यह वीडियो शेयर किया। मस्क ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल में भी बदलाव किया है और बायो में ट्वीट चीफ लिख दिया है। वे अपने हाथों में सिंक लेकर ट्विटर के हेडक्वार्टर पहुंचे थे।

Chintan Shivir: पुलिस के लिए ‘वन नेशन, वन यूनिफार्म’ का सुझाव ,PM मोदी की खास बातें

0

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi in Chintan Shivir) ने आज हरियाणा के सूरजकुंड में राज्यों के गृह मंत्रियों के दो दिवसीय चिंतन शिविर में भाग लिया। पीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चिंतन शिविर को संबोधित भी किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना एक चौबीसों घंटे चलने वाला कार्य है। लेकिन किसी भी कार्य को बेहतर ढंग से करने के लिए हमे निरंतर प्रक्रियाओं में सुधार करना होगा। पीएम ने कहा कि इसी तहत आंतरिक सुरक्षा के लिए हमें मिलकर काम करना होगा।

पुलिस के लिए वन नेशन, वन यूनिफॉर्म पर हो विचार

पीएम ने इसी के साथ कहा कि सभी राज्यों को पुलिस के लिए “वन नेशन, वन यूनिफॉर्म” लाने के लिए विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, हो सकता है कि इसमें 5, 50 या 100 साल लगें, लेकिन हमें इसपर विचार करना चाहिए।

पीएम ने चिंतन शिविर में राज्यों को दिए कई सुझाव

  • चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि साइबर क्राइम को रोकने के लिए अब हमें नई टकनीकों का उपयोग करना है।
  • गृह मंत्रियों से वार्ता करते हुए पीएम ने कहा कि दूसरे देशों की सीमा से लगने वाले राज्यों को ड्रोन टेक्नोलाजी का उपयोग हथियारों और ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए करना चाहिए।
  • स्मार्ट टेक्नोलाजी की बात करते हुए पीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बेहतर करने के लिए भी स्मार्ट व्यवस्था करनी होगी।
  • पीएम ने कहा कि कई बार केंद्रीय एजेंसियों को कई राज्यों में एक साथ जांच करनी पड़ती है, इसके लिए सभी का सहयोग देना आवश्यक है। पीएम ने कहा कि हर राज्य का दायित्व है कि चाहे राज्य की एजेंसी हो या केंद्र की वे पूरा सहयोग दें।
  • फेक न्यूज की देश के लिए खतरा बताते हुए पीएम ने लोगों को सचेत किया। मोदी ने कहा कि किसी भी संदेशों को आगे भेजने से पहले उसका फैक्ट चेक करना जरूरी है। इसमें टेक्नोलाजी की बड़ी भूमिका है।

राज्यों को मिलकर काम करना होगा

पीएम मोदी ने कहा कि गृह मंत्रियों का यह चिंतन शिविर सहकारी संघवाद का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। मोदी ने कहा कि देश की बेहतरी के लिए राज्यों को मिलकर काम करना होगा और राज्य इसी के साथ एक दूसरे से अच्छे कार्यों को सीखने और उसे अपने राज्य में करने की प्रेरणा ले सकते हैं। पीएम ने कहा कि यह संविधान की भावना है और यही हमारे नागरिकों के प्रति हमारा कर्तव्य है।

पीएम मोदी ने की UK प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से बात, कहा- मिलकर दोनों देशों के रिश्ते मजबूत करेंगे

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक से बात की. साथ ही कहा कि हम दोनो देंशों के रिश्ते मजबूत करेंगे. उन्होंने ट्वीट किया, “आज यूके के पीएम के रूप में कार्यभार संभालने पर ऋषि सुनक को बधाई दी. हम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे. हम व्यापक और संतुलित एफटीए को लेकर निष्कर्ष पर पहुंचने के महत्व को लेकर सहमत हुए हैं.

ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया. उन्होंने ट्वीट किया, “यूके और भारत काफी कुछ शेयर करते हैं. हम अपने सुरक्षा, रक्षा एवं आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में लगे हैं, ऐसे में हमारे दो महान लोकतांत्रिक देश क्या कुछ हासिल कर सकते हैं, उसे लेकर मैं उत्साहित हूं.”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषि सुनक को टैग करते हुए सोमवार (24 अक्टूबर) को भी ट्वीट किया था, ”ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने पर आपको हार्दिक बधाई, वैश्विक मुद्दों पर एक साथ मिलकर काम करने और 2030 के रोडमैप को लागू करने की मैं आशा करता हूं. जैसा कि हम अपने ऐतिहासिक संबंधों को एक आधुनिक साझेदारी में

ऋषि सुनक के यहां लुधियाना में रहने

ले कुछ रिश्तेदारों ने मंगलवार(25 अक्टूबर) को उनके ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर  कहा था कि भारतीय मूल के व्यक्ति को उस देश का प्रधानमंत्री बनते हुए देखना गर्व का पल है, जिसने कभी भारत पर शासन किया था. रिश्तेदारों में उनकी मां उषा सुनक के चचेरे भाई सुभाष बेरी भी हैं, बेरी ने कहा कि उनके चाचा और ऋषि सुनक के नाना रघुबीर बेरी (92) फिलहाल लंदन में रहते हैं.

बेरी परिवार के एक अन्य सदस्य अजय बेरी ने ऋषि सुनक के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि एक भारतीय मूल के व्यक्ति को उस देश का प्रधानमंत्री बनते देखना गर्व का पल रहा है, जिसने कभी हिंदुस्तान पर शासन किया था

ऋषि सुनक ने क्या वादा किया?
ऋषि सुनक ने मंगलवार (25 अक्टूबर) को भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया और वादा किया कि वह संकटग्रस्त देश की जरूरतों को ‘राजनीति से ऊपर’ रखेंगे तथा अपनी पूर्ववर्ती द्वारा की गई ‘गलतियों को दुरुस्त’’करेंगे. सुनक को दिवाली के दिन कंजर्वेटिव पार्टी का निर्विरोध नया नेता चुना गया था. ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री सुनक (42) हिंदू हैं और वह पिछले 210 साल में ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं. बैंकर रहे सुनक ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में कहा कि उन्होंने ऐसे समय में कार्यभार संभाला है जब ब्रिटेन ‘गंभीर आर्थिक संकट’ का सामना कर रहा है. उन्होंने इसकी वजह कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध को बताया और उम्मीद जताई कि वह इन चुनौतियों का सामना करने में सफल होंगे.

Also Red This
राजस्थान में बहन बेटियों की खुलेआम नीलामी – स्टाम्प पेपर पर लड़की बेचने का मामला

राजस्थान में बहन बेटियों की खुलेआम नीलामी – स्टाम्प पेपर पर लड़की बेचने का मामला

0

Bhilwara Breaking News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्टाम्प पेपर पर लड़की बेचने का मामला सामने आया है. राजस्थान में बेटियों की खुलेआम नीलामी चल रही है. जब ये मामला संज्ञान में आया तो इस मामले को लेकर भीलवाड़ा सांसद सुभाष बहेड़िया ने लिखा सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. भीलवाड़ा जिले के गांव पण्डेर, जहाजपुर क्षेत्र का मामला है जहां कर्ज में डूबे गरीब लोगों को मजबूरी में यह काम करना पड़ता है.

लड़कियों के खरीद-बिक्री का मामला
बता दें कि राजधानी जयपुर से करीब 340 किलोमीटर दूर भीलवाड़ा जिले के एक गांव पंडेर में लड़कियों की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव की कई बस्तियों में लड़कियों को बेचकर देह व्यापार करवाया जाता है. भीलवाड़ा के पंडेर गांव की कई बस्तियों में गरीब परिवारों की लड़कियों को दलाल स्टाम्प पेपर पर खरीदकर सौदा करते हैं. गांव में कई ऐसी बस्तियां हैं जहां दो पक्षों के किसी विवाद पर जातीय पंचायत बैठती है यहां से लड़कियों की निलामी का खेल शुरू किया जाता है. बेटियों का सौदा कराने में दलाल की अहम भूमिका होती है.

लड़की को बेचने की पूरी प्रक्रिया स्टांप पेपर पर होती
जानकारी के मुताबिक किसी भी विवाद में जातीय पंचायत जिसको दोषी मानती है उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है और जुर्माना नहीं होने पर पंचों की ओर से घर की बहन-बेटी को बेचने का दबाव बनाया जाता है. इसके बाद यही पंच दलाल बनकर लड़कियों को खरीदने और बेचने का काम करते हैं और अपना कमीशन लेते हैं. बताया गया है कि पंचों द्वारा किसी भी लड़की को बेचने की पूरी प्रक्रिया स्टांप पेपर पर होती है.

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने साधा निशाना
इस मामले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और राजस्थान सरकार पर बड़ा हमला किया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है. पात्रा ने आरोप लगाया है कि राजस्थान में बेटियों की खुलेआम नीलामी चल रही है और कांग्रेस के कुशासन से तंग आकर राजस्थान में बेटियों का रहना मुश्किल हो गया है.

सीधा निशाना इनके घर की लड़कियों पर
भीलवाड़ा में कई बस्तियां हैं, जहां आपसी विवाद हो या किसी तरह का झगड़ा, ये लोग पुलिस के पास नहीं जाते. यहां विवाद का निपटारा के लिए जातीय पंचायत बुलाई जाती है. इन लोगों का सीधा निशाना इनके घर की लड़कियों पर होता है. यहीं से लड़कियों को खरीग फरोख्त का धंधा शुरू होता है. कोई भी विवाद हो, जातीय पंचायत कभी भी पहली मीटिंग में फैसला नहीं सुनाई जाती, कई बार पंचायत बैठाई जाती है. हर बार जातीय पंचों को बुलाने के लिए दोनों पक्षों को करीब 50-50 हजार रुपए का खर्चा करना पड़ता है. इसके बाद जिस पक्ष को पंचायत दोषी करार देती है उसे 5 लाख रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ता है.

दलाल बनकर बहन-बेटियों को बिकवाते हैं
इतना भारी भरकम जुर्माना भरना इनके लिए आसान नहीं होता. जातीय पंचायत अब उस लोगों के घर की बहन-बेटी को बेचने के लिए दबाव डालते हैं. कर्जा नहीं चुकाने पर समाज से बाहर करने की धमकी दी जाती है. इसके बाद पंच दलाल बनकर लड़कियों को खरीदारों के जरिए बोली लगाते है. पंचों को हर डील में कमीशन तय होता है. इसी कमीशन के लिए जातीय पंच गरीब परिवारों पर लाखों रुपए का जुर्माना ठोकते हैं, ताकि वह कर्जा उतारने के लिए अपने घर की लड़कियों को घर की दहलीज लांघनी पड़ती है और एक बाप को अपनी बेटी और एक भाई को अपनी बहन को बेचने के लिए मजबूर किया जाता है.

लंपी महामारी में गौ सेवा के लिए आगे आए गौरक्षकों को किया गया सम्मानित

0

Viratnagar: देश भर में जब लंपी महामारी से गौ माता जूझ रही थी तो गोवंश को इस संकट से उबारने के लिए बहुत से युवा नौजवान आगे आए और गांव-गांव-ढाणी-ढाणी जाकर आयुर्वेद चिकित्सा के सहारे गौ वंश को बचाने के लिए मुहिम चलाई गई.

इसी कड़ी में विराट नगर विधानसभा के गांवों में गौ सेवा का दायित्व निभा रहे गौ रक्षकों को ग्राम पंचायत खेलना के राजस्व ग्राम गंगूपूरा में भाजपा नेता हरिप्रसाद बल्लीवाल के आतिथ्य में सम्मानित किया गया.

ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए बल्लीवाल ने कहा कि जब तक ऐसी युवा शक्ति सेवा कार्यों के लिये आगे आती रहेंगी, तब तक को कोई भी विपत्ति हमें डगमगा नहीं सकती. भले ही फिर वो कोरोना महामारी हो या लंपी जैसी बीमारी हो. सेवादारों के आगे हर बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी हार जाती हैं. इनका सम्मान समाज में एक नयी प्रेरणा का संचार करता है. युवा पीढ़ी को प्रोस्तान करना समाज की जिम्मेवारी बनती है.

युवाओं का प्रस्तोतान करने के मतलब है युवाओं में ऊर्जा का संचार करना. इस मौके पर गौरक्षकों को प्रतीक चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया गया. सरपंच खेलना राजुकमार धानका ने कहा कि क्षेत्र पिछले कुछ समय से संकट के दौर से गुजर रहा है लेकिन संकट की इस घड़ी में क्षेत्रवासियों और युवाओं ने आगे बढ़कर सेवा कार्य किया, जो दूसरों के लिए भी एक शिक्षा है.

इस दौरान इन्द्राज यादव, बजरंग सिंह यादव, जी एस एस अध्यक्ष, ग्राम पंचायत सरपंच राजकुमार, पंचायत समिति सदस्य वेदप्रकाश, भैरू, शिव कुमार, जगदीश, भाजपा नेता गिरधारीलाल यादव, राजू यादव, शिंभू स्वामी, हरिद्वारी स्वामी, घनशयाम शर्मा आदी ने गौरक्षकों सहित उन लोगों का सम्मान किया, जिन्होंने लंपी रोग के दौरान सेवा कार्य कर गौवंश को बचाने का कार्य किया. इस दौरान अनेक गामीण मौजूद रहे.

 

अपनी ही सिक्योरिटी को ले कर सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली HC में दायर की याचिका

0

बीजेपी के राज्यसभा सांसद रहे सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही सरकार के खिलाफ अदालती लड़ाई शुरू कर दी है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करके केंद्र के खिलाफ आदेश पारित करने की अपील की है। स्वामी का कहना है कि केंद्र उनके निजी आवास पर पर्याप्त सिक्टोरिटी नहीं दे पा रहा है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को इससे खतरा है। हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर यानि सोमवार के दिन मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट किया है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।

सुब्रमण्यम स्वामी को केंद्र सरकार ने z सिक्योरिटी कवर दिया था। 15 जनवरी 2016 में उनको लुटियंस दिल्ली में पांच साल के लिए सरकारी बंगला अलॉट किया गया था। सरकार का मानना था कि उनकी जान को खतरा है। उसके बाद स्वामी राज्यसभा सांसद बने। लेकिन उनका कार्यकाल 24 अप्रैल को खत्म हो गया था।

नियमों के मुताबिक उन्हें अलॉट सरकारी बंगले की मियाद भी तभी खत्म हो गई थी। लेकिन फिर भी घर उनके पास ही रहा। हाल ही में उन्हें कहा गया कि वो सरकारी बंगले को तत्काल खाली कर दें। पूर्व सांसद ने उसके बाद बंगला खाली कर दिया था।

स्वामी ने उसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की थी कि उन्हें जेड सुरक्षा मिली है। इसे देखते हुए सरकारी बंगला उनके पास ही रहना चाहिए। 14 सितंबर को जस्टिस यशवंत सिन्हा ने कहा कि पूर्व सांसद ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके जिससे ये माना जाए कि जेड सिक्योरिटी वाले शख्स को सरकारी घर मिलना चाहिए।

सरकार की तरफ से पेश एएसजी संजय जैन ने कहा कि स्वामी के पास दिल्ली में अपना घर है। वो वहां शिफ्ट हो सकते हैं। केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी। अदालत ने तब कहा था कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

पूर्व सांसद की तरफ से आज उनके वकील जयंत मेहता ने दलील दी कि वो 24 अक्टूबर को सरकारी घर खाली कर चुके हैं। लेकिन सरकार ने तब अंडरटेकिंग दी थी कि वो उनकी सुरक्षा का पूरा इंतजाम करेगी। मेहता का कहना था कि अभी तक स्वामी की सुरक्षा के लिए केंद्र की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया है।

आधुनिक विज्ञान के अनुसार गोमूत्र

0

आधुनिक विज्ञान के अनुसार गोमूत्र

नाइट्रोजन, अमोनिया, सोना नमक, तांबा, चांदी, मैंगनीज, आयोडीन, सल्फर, अमोनिया गैस, यूरिया, यूरिक एसिड, क्षारीय एसिड, हिप्पुरिक एसिड, लैक्टोज एंजाइम, क्रिएटिन, सीसा, लोहा, लोहा, हार्मोन, आर्म ऑक्साइड, कैल्शियम फॉस्फेट, प्रोपलीन ऑक्साइड, एथिलीन ऑक्साइड, ग्लूनोटोज, ग्लाइको डाई और कई प्रकार के हार्मोन, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, ग्लूकोज, एल्कलॉइड, एसीटेट, पोटेशियम बाय ट्राइटेट और कई प्रकार के खनिज; खनिज इसके अलावा, विटामिन ए, बी, सी, डी और ई कम मात्रा में मौजूद होने की संभावना है। दूध देने वाली गायों के मूत्र में लैक्टोज विशेष रूप से पाया जाता है। इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड और कैरोटीन हृदय को मजबूत और सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि पी3 नामक पदार्थ रक्त को थक्का बनने से रोकता है और उसके द्रव रूप को बनाए रखता है।

इसके अलावा, कई एंजाइम जैसे मेथॉल, एरिथ्रोपोइटिन, प्रोस्टाग्लैंडीन, ऑर्डिनिलॉट, सेक्स हार्मोन, यूरोकाइनेज, साथ ही स्टेरॉयड अलग-अलग मात्रा में मौजूद होने की संभावना है। गोमूत्र में कई प्रकार के खनिज होते हैं जिनकी खोज    आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने नहीं की है; गोमूत्र में
कई तरह के समुद्रों की तरह
आधुनिक विज्ञान द्वारा खोजे जाने वाले रहस्य
लंबित..

गोमूत्र में ये सभी तत्व और पदार्थ शरीर में आसानी से पच जाते हैं क्योंकि ये तरल रूप में और अति सूक्ष्म रूप में होते हैं। वही पचने योग्य है। मानव शरीर पांच तत्वों से बना है, जैसे गाय मां का शरीर भी पांच तत्वों से बना होता है, मानव शरीर में भी पांच इंद्रियां होती हैं इसी प्रकार गाय माता के शरीर में भी एक ही प्रकार की पांच इंद्रियां होती हैं। गोमूत्र (पंचगव्य) मानव शरीर द्वारा आसानी से पचाया जा सकता है क्योंकि गाय माँ की शारीरिक रचना और मानव शरीर रचना बहुत समान हैं। गोमूत्र पूरी तरह से प्राकृतिक पदार्थ है। यह मानव जाति के लिए स्वास्थ्य का ईश्वर का अनमोल उपहार है।

गोमूत्र का पत्ता बनाकर गोमूत्र से शरीर में जितने भी तत्व गायब होते हैं, यानी सभी प्रकार के विटामिन और लवण, मानव जीवन के लिए आवश्यक जीवनदायी पदार्थ, गोमूत्र से प्राप्त होते हैं, जिससे मनुष्य रोग से मुक्त रहता है। शरीर की रक्षा करता है, मानव शरीर, मन का पोषण और विकास करता है, हृदय और आत्मा को चेतना से भर देता है। उत्साह उसके जीवन में खुशी और खुशी पैदा करता है।

गोमूत्र में बहुत कम मात्रा में पाया जाने वाला मेन्थॉल ग्लायोनेक्सल प्रारंभिक अवस्था के कैंसर रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गोमूत्र पीने और लंबे समय तक इसका सेवन करने से कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
गोमूत्र भोजन के पाचन और रक्त निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है। यह पेट की दीवारों को हटाकर साफ करता है और मांसपेशियों को सक्रिय करके पाचन प्रक्रिया को उत्तेजित करता है। साथ ही कई हानिकारक बैक्टीरिया को भी नष्ट करता है। पाचन तंत्र के रोगों को दूर करता है।
गोमूत्र शरीर में बड़ी मात्रा में श्रवण कोशिकाओं का निर्माण करता है। एंटीबॉडीज रोग पैदा करने वाले कीटाणुओं से लड़ने का काम करते हैं। गोमूत्र से शरीर में रोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसलिए किसी भी महामारी के दौरान भी यह शरीर की रक्षा करती है और उसे रोगमुक्त रखती है। गोमूत्र टीकाकरण का काम करता है। जो हमने पिछले दो सालों में कोरोना काल में देखा है, भारत के देश में से एक भी गौशाला में कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया….. (हाथ कंगन को आरसी काया??)
गोमूत्र में कई ऐसे तत्व होते हैं जिनकी खोज अभी तक आधुनिक विज्ञान ने नहीं की है। अज्ञात तत्व जिनका नाम नहीं लिया गया है। लेकिन गोमूत्र के ये शक्तिशाली घटक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इसमें तो कोई शक ही नहीं है…।

गोमूत्र में यूरिया नामक पदार्थ शरीर के लिए बहुत उपयोगी पदार्थ है। गुर्दे की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। इससे किडनी के रोग दूर होते हैं। किडनी खराब होने का डर दूर हो जाता है। गुर्दा समारोह और क्षमता
बढ़ती है।
गाय के मूत्र में मौजूद एरिथ्रोपोइटिन नामक पदार्थ नई लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए अस्थि तंत्रिकाओं को सक्रिय करता है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से होने वाले रोग नियंत्रित होते हैं।

गोमूत्र में “प्रोस्टोग्लिडिन” नामक पदार्थ एक हार्मोन है जो मांसपेशियों की लोच, यानी विस्तार और संकुचन की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है। यह गर्भाशय के संकुचन और फैलाव के लिए उपयोगी है। इससे डिलीवरी नॉर्मल हो जाती है। इसकी कमी से मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। इसके कारण हड्डियों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने में दिक्कत होती है। या बैठे-बैठे वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज करने में दिक्कत होना। शरीर में जड़ता का निर्माण होता है।

गोमूत्र में “ऑर्डिनाइलोट” नामक हार्मोन शरीर के अंगों को मस्तिष्क के आदेशों का पालन करने की क्षमता देता है। इसलिए शरीर की गतिविधि की चपलता का निर्माण होता है। शरीर में पर्याप्त शक्ति और उमंग, उत्साह, जोश और जोश का निर्माण होता है।

गोमूत्र जागता है यानी सेक्स हार्मोन को उत्तेजित करता है। यह मानवीय कमजोरियों को दूर करके सक्रिय और चेतना पैदा करता है। इससे “संतान योग निर्मित होता है।
गोमूत्र में बॉडी ग्रोथ हार्मोन यानी ग्रोथ हार्मोन होते हैं। इससे मनुष्य का शारीरिक विकास होता है। इससे मनुष्य का कद और वजन बढ़ता है। (हमारे पूर्वजों के साथ हमारी तुलना करें) गाय के मूत्र में यूरोकाइनेज जमावट प्रक्रिया के दौरान रक्त वाहिकाओं के भीतर बने रक्त के थक्कों को तोड़ देता है। इसे घोलकर वापस रक्त रूप में बदल देता है। रक्त के थक्के व्यक्ति की धमनियों को अवरुद्ध कर देते हैं। नतीजतन, रक्त परिसंचरण बाधित होता है। दिल का दौरा तब पड़ता है जब खून दिल तक नहीं पहुंचता।

गोमूत्र में रक्त को पतला तरल रूप में रखने का जबरदस्त गुण होता है। यह सार है; यानी यह रक्त को थक्का नहीं बनने देता और थक्कों को घोल देता है। रक्त के तरल रूप को बनाए रखता है। रक्त संचार को नियमित और सुचारू बनाता है। दिल के दौरे को रोकता है।
गोमूत्र में एंजाइम होते हैं। यह शरीर के लिए बहुत उपयोगी पदार्थ है। यह शरीर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है। नियंत्रण। उस पर नियंत्रण है।
गोमूत्र का सेवन करने वालों की प्राण शक्ति प्रबल होती है। इसके कारण ऐसे व्यक्ति वातावरण से ऑक्सीजन को बहुत आसानी से अवशोषित कर लेते हैं।

गोमूत्र के पत्तों का सेवन करने वालों का रक्त विकार ठीक हो जाता है। क्योंकि गोमूत्र रक्त में ‘लाल कोशिकाओं’ के उत्पादन को बढ़ाता है। यह शरीर की लाली को बढ़ाता है, मुख पर चमकता है, अर्थात क्रांति को बढ़ाता है।
गोमूत्र भी ‘एंटीबायोटिक’ है। वर्तमान परिदृश्य में एलोपैथी डॉक्टर कई बीमारियों में एंटीबायोटिक इंजेक्शन देते हैं। गोमूत्र लेने वालों को इसकी आवश्यकता नहीं है क्योंकि गोमूत्र एक स्व-एंटीबायोटिक है। यह रोग से लड़ने की अद्भुत शक्ति देता है।

गोमूत्र एक ‘शक्तिवर्धन टॉनिक’ है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह मानव शरीर की कमजोरियों को दूर करता है। एलोपैथी डॉक्टर कमजोर व्यक्तियों को विटामिन की गोलियां या इंजेक्शन देते हैं। उसके शरीर में अस्वाभाविक रूप से प्रवेश करता है। शरीर ऐसे विटामिन को पचा नहीं पाता है। गोमूत्र में प्राकृतिक विटामिन, लवण और पदार्थ होते हैं। जो शरीर को टॉनिक ‘जीवन शक्ति’ प्रदान करता है।

गोमूत्र जल की जड़ से अनेक असाध्य रोगों को दूर कर स्थायी रूप से दूर करता है। उदा. हृदय रोग, कैंसर, एड्स, दमा, त्वचा रोग, पेट के रोग, श्वसन तंत्र के रोगों को ठीक करता है। लेकिन गोमूत्र के किन-किन तत्वों से कौन-से रोग ठीक हो जाते हैं, इसका अभी ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है; अभी शोध की काफी गुंजाइश है।गोमूत्र में छिपे हैं कई राज जो आधुनिक विज्ञान को प्रकट करना है। गौमूत्र को अभी भी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के आधार प्रमाण पत्र की बहुत आवश्यकता है। हजारों लोग असाध्य रोगों से ठीक हो चुके हैं। यह वास्तव में एक चमत्कार है लेकिन इसका वैज्ञानिक रूप से विश्लेषण और दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता है। तभी लोग गोमूत्र के प्रभुत्व को स्वीकार करेंगे। (श्रीमती सी. एन. पटेल)

गोमूत्र के सेवन से कई रोगियों के कैंसर के ठीक होने के कई मामले सामने आ रहे हैं। यह कहना मुश्किल है कि गोमूत्र का कौन सा तत्व कैंसर को ठीक करता है। वैज्ञानिक अभी तक इसका पता नहीं लगा पाए हैं। कुछ मामलों में यह पाया गया है कि गोमूत्र में मौजूद ‘मिथाइलग्लॉक्सल’ नामक पदार्थ कैंसर को ठीक करने में मददगार होता है।

गोमूत्र ‘जंतुगना’ यानी कीट नाशक है, यह रोगों के कीटाणुओं का नाश करता है। पेट के कीटाणुओं को नष्ट करता है। साथ ही, यह विभिन्न हानिकारक खाद्य रसायनों और रोग कीटाणुओं को नष्ट करता है जो हवा या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और शरीर को स्वस्थ बनाते हैं।
अगले हफ्ते और…