Home Blog Page 583

REWA : शहर में गाय काटने का मिला कारखाना, भारी मात्रा में कटी हुई गाय मिली; चार के खिलाफ मामला दर्ज, एक महिला गिरफ्तार

0
MP/ REWA NEWS : पशु क्रूरता का मामला सामने आया है , दरअसल सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बिछिया के दाराशाह मोहल्ले में गाय को काटते एक महिला को रंगे हाथ पकड़ा गया है। जबकि उसके 3 सहयोगी पुलिस को देखते ही फरार हो गए हैं , जिनके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है.
कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी की दाराशाह तकिया निवासी लाला खान के घर 4 लोग मिलकर गाय को क्रूरता पूर्वक काट रहे हैं एवं गाय के मांस को बेचने की फिराक में है. मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो अंधेरे का फायदा उठाते हुए लाला खान और दो व्यक्ति भाग निकले, जबकि महिला सियाजुल निशा पति मोहम्मद रहीस खान 40 वर्ष निवासी दारा साह तकिया मौके पर पकड़ में आ गई. लाला खान के घर की तलाशी लेने पर गाय का कटा हुआ सिर एवं आधी कटि पड़ी हुई गाय जिसके 4 पैर  बरामद हो गए.
पुलिस ने लाला खान के दरवाजे में रखी ऑटो स्कूटी की तलासी लिया तो ऑटो में 1 बोरी में करीब 15  किलो मांस एवं मेस्ट्रो स्कूटी मे लोड  5 किलो मांस बरामद हुआ ,साथ ही काटने के औजार बरामद किए गए है। महिला से पूछताछ करने पर समीर खान पिता मोहम्मद रहीस खान, राकिब खान पिता लाला खान और साकिब खान पिता चतुर खान के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है । आपको बता दें इसके पहले भी आरोपियों के घर कार्यवाही हुई थी जिसमें गोवंश बरामद हुआ था।
जैसा की FIR में लिखा है
मै थाना सिटी कोतवाली रीवा मे कार्यवाहक उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ हूं दिनांक 26/03/23 को दौरान रात्रि गस्त समय करीबन 04.45 बजे सुबह मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि लाला खान के घर दाराशाह तकिया विधिया मे तीन चार लोग मिलकर गाय को क्रूरता पूर्वक काट रहे है एवं गाय के मांस को बेचने के फिराक में है मुखबिर सूचना से थाना प्रभारी महोदय को अवगत कराया गया जो कार्यवाही वास्ते निर्देशित करने पर सूचना तस्दीक हेतु मय पीसीआर वाहन व चालक कमल्ल व बीट डियूटी मे लगे आर0 847 रखाकर, आर0 596 उपेश आर0 1012 वेद प्रकाश मिश्रा, आर0 608 प्रीतेश गौतम एवं म0आर0 1099 सुनीता सोलकी को साथ लेकर मुखबिर के बताये स्थान लाला बान के घर दाराशाह तकिया बिछिया पहुंचा तथा लाला खान के घर की घेराबंदी किया तभी लाला खान व 02 व्यक्ति पुलिस को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गये तथा मौके पर महिला सियाजुल निसा पति स्व० मो0 रहीश खान उम्र 40 वर्ष निवासी दाराशाह तकिया बिछिया थाना सिटी कोतवाली रीवा की मिली तब लाला बान के घर मे देखे तो गाय का सिर कटा रखा था तथा एक गाय अधकटी पड़ी थी जिसके दो पैर कटे थे व दो पैर जुड़े थे दाहिने तरफ पेट की चमड़ी उधड़ी थी गौ प्रजाति की 10 नग टागे कटी पड़ी थी व काफी मात्रा में मास कटा हुआ रखा था तथा लाला खान के दरवाजे में रखी आटो एवं स्कूटी मे चेक किया गया तो आटो में एक बोरी में करीबन 15 किलो मास एवं मैस्ट्रो स्कूटी मे बोरी मे 05 किलो मास रखा पाया गया मौके पर काटने के औजार पाये गये जिस संबंध मे जरिये मोबाईल फोन से नगर पालिक निगम रीवा को कर्मचारी एवं वाहन भेजने हेतु कट्रोल रूम के माध्यम से बताया गया जो नगर निगम के कर्मचारी मय वाहन के मौके पर पहुंचे तथा मौके से स्थल का फोटोग्राफ्स लिया जाकर गवाहान राजकुमार भुजया पिता जीवनलाल भुजवा उम्र 41 वर्ष निवासी पांडेय टोला हजारी चौराहा थाना सिटी कोतवाली रीवा एवं गोविद सेन पिता रोहणी सेन उम्र 34 वर्ष निवासी बरवाह पोस्ट पेपरा थाना चोरहटा जिला रीवा के समक्ष स्थल पंचनामा तैयार किया गया तथा मौके पर मिली महिला सियाजुल निशा से धारा 27 साक्ष्य अधि0 के तहत पूछताछ कर मेमोरेण्डम कथन लेख किया गया जो अपने लड़के समीर खान एवं दामाद लाला उर्फ किस खान एवं दामाद का भाई चतुर उर्फ साकिम खान के साथ मिलकर क्रूरता पूर्वक गौ हत्या कर गाय का मास बेचने के उद्देश्य से काटना रचना बताई एवं दरवाजे के सामने आटो व स्कूटी मे बोरी मे रखा मांस गाय का ही होना व बेचने के उद्देश्य से रखना बताई बाद मेमोरेण्डम मौके पर से ऑटो क० MP17R5447 जिसमे करीबन 15 किलो मास बोरी में रखा. एक अदद मेस्ट्रो स्कूटी MP17SA7156 जिसमे बोरी में करीबन 05 किलो मांस रखा. एक काले रंग की गौ प्रजाति जिसके दाहिने तरफ पेट की चमड़ी निकली है तथा बायें तरफ पेट की चमड़ी लगी है मुह मे रस्सी बंधी है गर्दन कटी हुई जुड़ी है 02 पैर कटे अलग पड़े व दो पैर व सिर जुड़ा है एक अदद गौ प्रजाति का सिर गर्दन से कटा हुआ रखा है 10 नग गौ प्रजाति की कटी हुई टांगे रखी व चमड़ी उधड़ी हुई रखी है व कटा हुआ मांस तात की रस्सी 02 किता एक पीले रंग का व एक कत्थई रंग का जो गाय बांधने का गेरमा है. एक अदद कुल्हाडी में जिसमे लकड़ी का बेट लगा है व दो नग लोहे का हसिया जिसमे लोहे का बेट लगा 03 नग लोहे का चाकू जिसमे एक चाकू मे लकड़ी का बेट लगा है व दो नग चाकू में लोहे का बेट लगा है कुल्हाड़ी हसिया एवं चाकू मे खून लगा है जो समक्ष गवाहान राजकुमार भुजवा एवं गोविंद सेन के मुताबिक जसी पत्रक के मौके पर आरोपिया के बताये अनुसार जस किया गया एवं जलशुदा गौ प्रजाति का मास इकट्ठा करवाकर नगर निगम के कर्मचारी एवं वाहन के माध्यम से पशु चिकित्सालय विधिया मय तहरीर के पीएम हेतु आर0 436 अभिषेक सिंह को भेजा गया तथा हिदायत दी गई कि बाद पीएम मास को नगर निगम के कर्मचारियों के माध्यम से दफनाने हेतु बताया गया।
आरोपीगण सियाजुल निशा, समीर खान, लाला उर्फ शकिम खान एव चतुर उर्फ साकिम खान का कृत्य धारा 429,34 भादवि म०प्रगोश यच प्रतिषेध अधि0 2004 की धारा 4/9 एवं प क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(ठ) का घटित करना पाये जाने से मौके पर आरोपिया सियाजुल निशा पति स्व० मो० रहीश खान उम्र 40 वर्ष निवासी दाराशाह तकिया बिछिया थाना सिटी कोतवाली रीव को गिरफ्तारी का कारण बताते हुये समक्ष गवाहान उपरोक के गिरफ्तार किया गया व गिरफ्तारी की सूचन परिजन को दी गई बाद जमशुदा आटो मैस्ट्रो स्कूटी, रस्सी एवं काटने के औजार एवं 01 नफर आरोपिया हमराह स्टाफ के वापस थाना आया आरोपिया को म0आर0 सुनीता सोलकी को देखरेख हेतु सुरक्षार्थ सु वाहन आटो, स्कूटी, औजार व रस्सी एचसीएम के सुपुर्द कर मालखाना जमा कि किया गया एवं जमाल निशा, समीर खान, लाला उर्फ राफिम खान एव चतुर उर्फ साकिम वापसी उपरांत के विरुद्ध धारा 429,34 भादवि म०प्र०गोवंश वा प्रतिषेध अधि0 2004 की धारा 4/9 एवं पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11(1) (ठ) का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया . 

देव भूमि उत्तरकाशी में श्री गौ कृपा कथा महा महोत्सव में भक्तों का उमड़ा सैलाब , संसार के समस्त सुख गौमाता की सेवा से मिलते – गौ संत गोपालानंद सरस्वती

0
बन्शीलाल धाकड़
देव भूमि उत्तरकाशी में नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री गौ कृपा कथा के पांचवें दिन ग्वाल संत गोपालानंद सरस्वती महाराज ने स्त्री धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि जो स्त्री चाहे रोज गंगा स्नान करे, नित्य पूजापाठ करे, किर्तन करे और अतिथि सेवा भी करे, फिर भी उसको इन पुण्य कर्मों का कोई लाभ नहीं मिलेगा। जब तक कि वह अपने सास – ससुर की सेवा नहीं करती। महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में बताया गया कि बेटी के विवाह के लिए बेटी के साथ उसके माता की भी सहमति होनी जरूरी है। माता-पिता को नजर अंदाज कर अपने स्तर पर विवाह करने वाली बेटियां अक्सर जीवन भर दुख ही देखती है। उनके पास सिर्फ पछताने के अलावा कुछ नहीं रहता है। कथा में गोपालानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि बेटी का विवाह उस घर में करना चाहिए। जिस घर में गौ माता हो। यदि गौ माता नहीं हो तो उस घर में बेटी कभी सुखी नहीं रहेगी। संसार के समस्त सुख गौ माता की सेवा से मिलते हैं।
गौ की सेवा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख – समृद्धि एवं यश स्थापित होता है। महाराज ने बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस – जिस ने भी गौ सेवा में अपना जीवन लगाया है गौ माता ने उनको उतना ही ऊंचा उठाया है। गौ सेवा से जीवन में समृद्धि पाने वाले का उदाहरण देते हुए बताया कि राजस्थान कामधेनु अकेडमी के संचालक दौलत राम सारण सामान्य परिवार के थे, लेकिन गौ सेवा से आज नागौर जिले का सबसे बड़ा विद्यालय संचालन करते है। इस विद्यालय में रोज सबसे पहले गौ पूजन के बाद ही सभी विद्यार्थी व गुरुजन अपनी दिनचर्या प्रारंभ करते है। इसी क्रम में गंगापुर से आये नन्दलाल किसान परिवार से है, लेकिन गौ सेवा से आज नगर पालिका के अध्यक्ष के दायित्वों के साथ – साथ पूरे मनोयोग से गौ सेवा भी करते हैं। कथा पूरी होने पर समापन दिवस पर भोजन प्रसाद भी इन्हीं की तरफ होगा।
Smart Halchal संसार के समस्त सुख गौमाता की सेवा से मिलते - गौ संत गोपालानंद सरस्वती
service to mother cow
कथा में सनातन धर्म में विवाह में होने वाले तलाक के बारे में बताया कि हिंदू धर्म मे तलाक शब्द है ही नहीं। जब से हिंदू गौ सेवा से दूर हुआ है, तब से वैवाहिक जीवन में परेशानी होने लगी है। विवाह में गौ दान की महत्व बताते हुए महाराज ने कहा कि राजा दशरथ ने राम जी के विवाह के समय सवा लाख गौ माता दान में दी थी।
कथा में कैलाश आश्रम के सिद्धेश्वर महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए गौ की महिमा बताई। सिद्धेश्वर महाराज ने कहा कि हमारी दिनचर्या गौ माता की सेवा के साथ शुरू होनी चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय से गौ माता पर पीएचडी करने वाली डॉ. शिवानी ने अपने अनुभव साझा किए। कथा में राजस्थान के हिरापुरी महाराज ने गौ सेवा को मानव धर्म का मुख्य कार्य बताया। राजस्थान कामधेनु एकेडमी के संचालक दौलत राम सारण ने गगोरी शिव मंदिर कीर्तन के लिए हारमोनियम भेंट किया। कथा में सूरपुरा नोखा सूरत के गोपालराम जाखड़, जोधपुर के हीरा पुरी महाराज, गंगोत्री मंदिर के पुजारी , कैलाश आश्रम के सच्चिदानंद महाराज बंशीलाल, दौलत राम सारण, तोलाराम, आकोला के पियूष, जलगांव के नितेश सहित सैंकड़ों भक्त

7 दिवसीय गौ रथ यात्रा का ऋषिकेश में हुआ समापन

0

ऋषिकेश के श्रीराम गौधाम सेवा समिति द्वारा निकाली गई सात दिवसीय गौ बचाओ जन जागरण रथ यात्रा” का सोमवार को समापन हो गया है। यात्रा के समापन समारोह में संत समाज और आमजन ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। ऋषिकेश में गढ़वाल मंडल का भ्रमण कर लौटे गौ सेवकों का जोरदार स्वागत किया गया।  यात्रा में बड़ी संख्या में आम जन भी गौ माता की रक्षा का संकल्प लेते हुए अपनी गाय के साथ शामिल हुए। 

आपको बता दें कि ये ऐतिहासिक यात्रा 21 मार्च को श्रीराम गौधाम के संस्थापक जगदीश भट्ट और समिति के संरक्षक मोहन काला की अगुवाई में ऋषिकेश-तपोवन,आनन्द भवन आश्रम से साधु-संतों का आशीर्वाद लेकर शुरू हुई थी। ये यात्र पूरे गढ़वाल मण्डल (उत्तराखंड) क्षेत्र में गौ माता की सेवा,संरक्षण एवं संवर्धन की अभिलाषा में गौ बचाओ जन जागरण निकाली गई। इस गौ रथ यात्रा का उद्देश्य गावं से लेकर शहर के सड़कों पर निराश्रित घूम रही गौमाता एवं गौ वंशो की दशा सुधारने के लिए एक जन जागरण अभियान करना रहा। यात्रा का समापन सोमवार को हरिद्वार से ऋषिकेश पहुंचने पर हुआ। यात्रा के समापन पर श्री भरत मंदिर झंडा चौक ऋषिकेश में भंडारा किया गया। यात्रा में महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास जी महाराज, महामंडलेश्वर हरि चेतनानंद जी महाराज,स्वामी रमेश आनंद महाराज,महंत रवि प्रपंनाचार्य जी,महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दस जी महाराज,महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी जी महाराज,महामंडलेश्वर वृंदावन दास महाराज,महामंडलेश्वर हठयोगी जी महाराज,महामंडलेश्वर प्रेमानंद जी महाराज,महामंडलेश्वर विष्णुदास जी महाराज,महामंडलेश्वर डा.रामेश्वर दास जी महाराज,महामंडलेश्वर रविदेव शास्त्री जी महाराज, स्वामी दुर्गादास जी महाराज,आत्मानंद जी महाराज,स्वामी दिनेश दास जी महाराज,महामंडलेश्वर रविदेव शास्त्री जी महाराज।
स्वामी दुर्गादास जी महाराज,आत्मानंद जी महाराज,स्वामी दिनेश दास जी महाराज, स्वामी गोपालाचार्य जी महाराज,स्वानी परमानंद दास जी महाराज, स्वामी हरिहरानंद जी महाराज,स्वामी योगेन्दरानंद जी महाराज,स्वामी लोकेशदास जी महाराज,स्वामी केशव स्वरूप जी महाराज,स्वामी अखंडानंद जी महाराज,स्वामी रामजी महाराज और गौ सेवा समिति के संस्थापक जे पी भट्ट,संरक्षक मोहन काला,अध्यक्ष उषा भट्ट, उपाध्यक्ष सुदेश भट्ट,सचिव सुमन डोभाल,गोधाम सेवा समिति के मुख्य वक्ता शांति प्रसाद भट्ट,मीडिया से हर्षमणि उनियाल,मनीष व्यास,दीपक सिंह,योगी(दिलीप सिंह बिष्ट)नीरज चौधरी,मदन सिंह बिष्ट,संदीप मनोज,डॉक्टर जगत राम भट्ट,सरिता भट्ट,मनोज छाबड़ा, अतुल चावला,ऋषिकेश हरिद्वार की सैकड़ों संत यात्रा में आदि लोग मौजूद रहे।

कवियत्री व साहित्यकार रजनी साहू को मिला महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी द्वारा संत नामदेव पुरस्कार

0

मुम्बई। हाल ही में महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, मुम्बई 2021-22 ने संत नामदेव पुरस्कार (काव्य विधा) से रजनी साहू ‘सुधा’ को सम्मानित किया। रजनी साहू को उनका काव्य संग्रह ‘स्वयंसिद्धा’ के लिए रजत पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
रंगशारदा ऑडिटोरियम, बांद्रा (मुम्बई) में आयोजित साहित्यकारों के सम्मान समारोह कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के सदस्यों, प्रतिनिधि और पदाधिकारियों के साथ जाने माने व्यक्ति भी सम्मिलित रहे। साथ ही भजन सम्राट अनूप जलोटा, अभिनेता आशुतोष राणा, प्रगीत रमेश पंडित, मनोज जोशी की भी उपस्थिति रही।
यह कार्यक्रम 23 मार्च की संध्या को बांद्रा पश्चिम में स्थित रंग शारदा सभागार में हुई। जिसमें हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देनेवाले विद्वानों, कलाकारों और विभूतियों को सम्मनित किया गया। इस अवसर पर अकादमी द्वारा हिंदी साहित्य के विविध विधाओं में कुल 123 पुरस्कार दिये गए।
रजनी साहू एम.एस सी. (रसायन शास्त्र) और एम. ए. (हिन्दी) में उत्तीर्ण है, बस्तर पाति मासिक पत्रिका की सह संपादक और आर्ट ऑफ लीविंग में टीचर है। साथ ही सुधा साहित्य समाजिक संस्था की अध्यक्ष है। यह संस्था उन्होंने अपनी माता स्वर्गीय सुधा साहू की स्मृति में बनाई है। इस संस्था के द्वारा वे सामाजिक कार्य के साथ-साथ साहित्य के विकास में ध्यान देती हैं। कई साहित्यिक कार्यक्रमों के साथ-साथ समाजोपयोगी कार्यों के लिए तत्पर रहतीं हैं। उन्हें बचपन से लेखन में रूचि थी उनका मानना है कि जब वे आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ी तब इनका लेखन कार्य और अधिक फलीभूत हुआ वहाँ से प्रेरणा प्राप्त कर उन्होंने फिर से लिखना प्रारम्भ किया ।
साहित्य की सभी विधाओं में इनका कार्य सराहनीय है।
रजनी साहू की अभी तक तीन काव्य पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है जिसमें प्रथम सहस्त्रधारा, द्वितीय स्वयंसिद्धा और तृतीय सत्यम् शिवम् सुंदरम् है। इनका आलेख और हाइकु , क्षणिकाऍं, कविताऍं आदि अनेक पत्र पत्रिकाओं में छपती रहती है। अविराम साहित्यिकी, बस्तर पाति आदि में इनकी कृतियाॅं छपती रहती है। सेवा सदन की शब्द लिखेंगे इतिहास (साझा लघुकथा संग्रह) में इनकी लघुकथा पुरस्कृत हो चुकी है। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, मुंबई में सम्मनित होने पर रजनी साहू बेहद प्रसन्न है। उनका कहना है कि वे सदैव साहित्य के लिए साहित्य के लिए समर्पित रहेंगी। साथ ही समाजसेवा और लोकसेवा का कार्य करती रहेंगी। रजनी साहू की काव्य रचना में शब्दों का संयोजन एक अलग स्तर का रहता है। इनकी कविताओं के भाव भी गूढ़ और प्रभावी होते हैं। यह ज्यादातर प्रकृति,जीवन के रहस्य और ईश्वरीय सत्ता को इंगित करने वाली कविताएं होती है। इनकी कथा और संस्मरण भी गूढ़ तत्वों से भरे होते हैं।

आकांक्षा मामले में नया मोड़, मां बोलीं- समर और उसका भाई तीन साल से कर रहे थे परेशान

0
Akanksha Dubey News Today Live Updates in Hindi : भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे आज वाराणसी पहुंच गई हैं। उन्होंने अपनी बेटी की मौत के लिए सिंगर समर सिंह को दोषी ठहराया है। मधु दुबे का आरोप है कि समर सिंह ने अपने भाई के साथ मिलकर आकांक्षा की हत्या की है। आकांक्षा दुबे आत्महत्या मामले में नई-नई बातें सामने आ रही हैं। अभिनेत्री की मां ने भोजपुरी सिंगर समर सिंह और उसके भाई संजय सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक उनकी बेटी को पिछले तीन साल से गायक व उसके भाई की ओर प्रताड़ित किया जा रहा था।
आकांक्षा दुबे की मौत के बाद एक्ट्रेस की मां ने समर सिंह और उनके भाई पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिनेत्री के मां के मुताबिक आकांक्षा को 21 मार्च को समर के भाई संजय सिंह ने जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने बताया कि इस बारे में खुद उनकी बेटी ने फोन करके बताया था। आकांक्षा दुबे के आत्महत्या करने के बाद अभिनेत्री पूनम दुबे का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने अपने पोस्ट में अमें गुस्सा जाहिर करते हुए इस दुनिया के लोगों को नकली बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस दुनिया के फेक लोगों के बारे में नहीं बल्कि अपने मां-पिता के बारे में सोचना चाहिए।
दिवंगत भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मां का रो-रोकल बुरा हाल है। बेटी की मौत का जिम्मेदार वह समर सिंह को ठहरा रही हैं। आकांक्षा की मां मधु दुबे का कहना है कि ‘अभिनय के क्षेत्र में मेरी फूल सी बच्ची आकांक्षा ने अपनी प्रतिभा के दम पर एक अलग मुकाम बनाया था। समर सिंह ने मेरी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी। वह आकांक्षा से इतनी बेरहमी से पेश आता था कि ऐसा दुश्मन भी नहीं करते हैं।’ यह कहते हुए सोमवार को वाराणसी के सारनाथ थाने में भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे दहाड़े मार कर रोने लगीं।
मधु दुबे का कहना है कि आकांक्षा ने रो-रोकर उन्हें सबकुछ बताया था। बीते 21 मार्च को आकांक्षा बस्ती में शूटिंग कर रही थीं, तब मोबाइल पर भोजपुरी गायक समर के भाई संजय सिंह का फोन आया था। फोन पर धमकी दे रहा था कि तुमको जान से मरवा देंगे। आकांक्षा की असिस्टेंट रेखा ने भी बताया कि मैडम सेट पर जोर-जोर से रही थीं। बता दें कि समर सिंह रविवार रात से ही गायब हैं।
एक्ट्रेस की मां ने आरोप लगाया कि आजमगढ़ निवासी भोजपुरी गायक समर सिंह आकांक्षा को बहुत प्रताड़ित करता था। कहा कि समर सिंह चाहता था कि आकांक्षा सिर्फ उसके साथ ही काम करे। साथ में वह एक्ट्रेस को काम करने पर पैसा नहीं देता था। किसी दूसरे की फिल्म या गाने में काम करने पर अकांक्षा के साथ मारपीट की जाती थी। कई बार जब आकांक्षा ने समर सिंह से अपने पैसे मांगे तो उसके साथ मारपीट भी की।
अभिनेत्री आकांक्षा दुबे की मां मधु का कहना है, ‘मेरी बेटी बहुत साहसी थी। वो आत्महत्या नहीं कर सकती।’ एक्ट्रेस की मां ने पुलिस-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। आकांक्षा दुबे की मां और भाई सोमवार सुबह थाने पहुंचे। पिता छोटेलाल दुबे अभी ट्रेन में हैं। मधु ने बताया कि शनिवार शाम सात बजे मोबाइल से आकांक्षा से बात हुई थी। तब वो खुश थी। कोई परेशानी नहीं बताई। 12 बजे रात में फोन किया था तो उसने फोन नहीं उठाया था। किसी पार्टी में जाने की बात भी नहीं बताई थी।
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे के आत्महत्या मामले में नया मोड़ आया है। इस मामले में सारनाथ थाने की पुलिस ने भोजपुरी गायक समर सिंह और उनके भाई संजय सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं मुकदमा दर्ज किया है। मुंबई से वाराणसी पहुंची आकांक्षा की मां की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
आकांक्षा शनिवार रात आठ बजे के आसपास सारनाथ क्षेत्र स्थित होटल से एक बर्थडे पार्टी में जाने की बात कह कर कैब से निकली थीं। होटल के महाप्रबंधक रीतेश कुमार मेहता ने बताया कि आकांक्षा जब होटल में आईं तो वह लड़खड़ा रहीं थीं।
सच सामने आने तक शहर में ही रहेगी फिल्म की पूरी टीम?
आकांक्षा दुबे फिल्म की शूटिंग के लिए वाराणसी आई हुई थीं। फिलहाल पुलिस ने फिल्म से जुड़े लोगों को शहर छोड़ने से मना किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही टीम के सदस्य जा सकेंगे।
आकांक्षा दुबे को होटल छोड़ने वाले शख्स ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह और आकांक्षा एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। शनिवार रात आकांक्षा उसे पांडेयपुर में मिली थी और उससे लिफ्ट मांगी थी। इस पर वह उन्हें उनके होटल छोड़ कर चला गया था। फिलहाल, युवक से पुलिस की पूछताछ जारी है।
भोजपुरी एक्ट्रेस के आत्महत्या मामले में नई जानकारी सामने आई है। पुलिस ने उस युवक को ढूंढ निकाला, जिसने आकांक्षा को शनिवार देर रात होटल में छोड़ा था। युवक लगभग 17 मिनट तक आकांक्षा के कमरे में रुका, फिर बाहर निकलकर चला गया था। पुलिस की तलाशी में पता चला है कि युवक लंका थाना क्षेत्र के टिकरी का रहने वाला है।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है। आशंका जताई गई है कि आकांक्षा दुबे ने अवसादग्रस्त होकर आत्महत्या की है। फिलहाल, पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
बता दें कि आकांक्षा दुबे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं। इंस्टाग्राम पर उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग थी मौत से पहले भी वह इंस्टाग्राम पर लाइव हुई थीं। आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शायरों की शायरी पेज की रील को अपना स्टोरी स्टेटस बनाया था। माना जा रहा है कि एक्ट्रेस के मोबाइल की डिटेल्स के आधार पर पुलिस को जल्द कोई सुराग मिल सकता है।

माफिया अतीक ने बैरक में पहुंचकर मांगा दूध और खाना, अशरफ ने खोला रोजा

0
माफिया अतीक अहमद ने सोमवार की शाम नैनी सेंट्रल जेल की अस्थायी जेल बैरक में पहुंचने के बाद बंदी रक्षकों से दूध और खाने की मांग की। इस पर जेल प्रशासन की ओर से उसे दाल, चावल, रोटी और सब्जी दी गई। वहीं, साथ में दूध के साथ ब्रेड व दवा खाने के लिए गर्म पानी भी अतीक को उपलब्ध कराया गया। अशरफ ने भी जेल पहुंचकर अपना रोजा खोला। जेल प्रशासन द्वारा उसे खाने के साथ रोजा रहने वाले बंदियों की तरह दूध, खजूर, केला, ब्रेड दी गई।
सूत्रों की माने तो माफिया अतीक ने दूध व दाल का सेवन किया और बाकी चीजों को उसने नहीं खाया। वहीं, अशरफ ने भी दूध व खजूर ही खाया। 24 घंटे के सफर के बाद वह माफिया अतीक अहमद काफी थका हुआ दिखाई पड़ रहा था और हल्का खाने के बाद वह वह अपनी बैरक में आराम करने लगा।
मंगलवार को उमेश पाल अपहरण मामले में होने वाले फैसले को लेकर वह काफी परेशान दिखा। अपनी बैरक में वह अकेला था और बाहर सुरक्षा के लिए बंदी रक्षकों की तैनाती की गई थी। जेल में पहुंचने के बाद माफिया अतीक को बैरक तक पहुंचाने में बंदी रक्षकों के साथ जेल अधिकारी भी साथ रहे।

जेल के बाहर सुरक्षा के लिए लगाई गई है पुलिस

केंद्रीय कारागार नैनी में माफिया अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ के पहुंचने के बाद जेल गेट पर सुरक्षा के लिए सिविल पुलिस को लगाया गया है। गेट में इंट्री प्वाइंट से लेकर मुख्य गेट तक सुरक्षा के लिए कई पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। बता दें कि बाहर की सुरक्षा के लिए जेल गेट पर पीएसी भी तैनात है। वहीं बंदी रक्षक भी जेल गेट के साथ टॉवरों की निगरानी किया करते हैं। मंगलवार को माफिया अतीक अहमद, अशरफ को स्पेशन टीम लेकर कोर्ट रवाना होगी। सुबह साढ़े नौ बजे के बाद जेल से कोर्ट ले जाने के लिए तैयारियां की गई हैं।

माफिया अतीक व अशरफ के पहुंचने के तीन घंटे बाद अपने क्वार्टर पर पहुंचे जेल अधिकारी

माफिया अतीक अहमद व अशरफ भले ही सात बजे तक जेल में पहुंच गए थे और उन्हें कहां रखा जाएगा इसकी तैयारी पहले ही कर ली गई थी, लेकिन इसके बाद भी रात दस बजे तक जेल अधिकारी जेल में ही डंटे रहे। सारी स्थितियां व पूरी तैयारी पूर्ण होने के बाद जेल अधिकारी अपने क्वाटर में पहुंचे।

मंगलवार को सहरी के बाद रोजा रहेंगे अतीक, अशरफ और अली
अतीक, अशरफ और अली तीनों लोग मंगलवार को सहरी के बाद रोजा रखेंगे। जेल सूत्रों के मुताबिक तीनों ने सहरी के लिए कुछ इंतजाम करने को कहा है।

राहुल गांधी को खाली करना होगा सरकारी बंगला

0
मोदी सरनेम को लेकर मानहानि केस में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जाने के बाद अब उन्हें दिल्ली का सरकारी बंगला खाली करना होगा. इसके लिए लोकसभा हाउसिंग कमेटी ने सोमवार को राहुल गांधी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है. कमेटी ने 22 अप्रैल तक 12 तुगलक रोड का सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया है. बतौर सांसद राहुल यहीं रह रहे थे.
गुजरात की सूरत कोर्ट ने आपराधिक मानहानि केस में 23 मार्च को राहुल गांधी को दोषी पाया है. कोर्ट ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई. उनपर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. हालांकि, अदालत ने राहुल गांधी की सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है, ताकि वो ऊपरी अदालतों में अपील कर सके. पिछले शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय ने उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी थी.
लोकसभा की वेबसाइट से हटा राहुल गांधी का नाम
लोकसभा की वेबसाइट से भी राहुल का नाम हटा दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की संसदीय सीट वायनाड को खाली घोषित कर दिया है. इलेक्शन कमीशन अब इस सीट पर इलेक्शन का ऐलान कर सकता है.
कर्नाटक के कोलार में दिया था बयान
राहुल ने 2019 में कर्नाटक की सभा में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था- सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है.
बीजेपी विधायक ने दायर किया मुकदमा
गुजरात में बीजेपी विधायक पुर्णेश मोदी ने इसे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस किया था. उन्होंने राहुल गांधी के कर्नाटक में कोलार में दिए गए बयान को 13 करोड़ लोगों के अपमान से जोड़ा था. इसके अलावा पूर्णेश मोदी ने अपनी अर्जी में मानहानि के दर्जनभर से अधिक मामलों के रेफरेंस देकर पुख्ता अर्जी कोर्ट में दाखिल की थी. इसके चलते राहुल गांधी को तीन साल और 11 महीने आठ दिन चले इस केस में कोई राहत नहीं मिल पाई.
स्टे न मिलने पर 8 साल नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
अगर राहुल गांधी की सजा का फैसला ऊपरी अदालतें भी बरकरार रखती हैं, तो वे अगले 8 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे. 2 साल की सजा पूरी करने के बाद वह छह साल के लिए अयोग्य रहेंगे. राहुल गांधी अब सूरत कोर्ट के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकते हैं. कांग्रेस ने एक्शन की वैधानिकता पर भी सवाल उठाया है कि राष्ट्रपति ही चुनाव आयोग के साथ विमर्श कर किसी सांसद को अयोग्य घोषित कर सकते हैं.

Udaipur News: गोबर से निर्मित कागज पर तैयार किए गए प्रशस्ति पत्र

0
उदयपुर. सिटी पैलेस के ऐतिहासिक जनाना महल के लक्ष्मी चौक में महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन का 39वां वार्षिक विद्यार्थी सम्मान समर्पण समारोह हुआ. फाउंडेशन के ट्रस्टी महाराज कुमार साहिब डाॅ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने समारोह का विधिवत शुभारंभ किया. खास बात यह है कि समारोह में पहली बार गौ संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. इसके चलते प्रशस्ति पत्रों को गौ माता के गोबर से निर्मित करवा गया. फाउंडेशन के ट्रस्टी डाॅ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने भामाशाह सम्मान से 57, महाराणा राज सिंह सम्मान से 8 और महाराणा फतह सिंह सम्मान से 117 विद्यार्थियों को सम्मानित किया.

 

फरीदाबाद में गौ तस्करी के मामले में इनामी आरोपी गिरफ्तार

0
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 की टीम ने गौ तस्करी के मामले में फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने सोमवार काे बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में ताहिर और मुस्तकीम उर्फ मटका का नाम शामिल है। आरोपी ताहिर पलवल जिले के गांव उटावड़ का तथा आरोपी मुस्तकीम उर्फ मटका गांव टाई नूंह का रहने वाला है।
आरोपी ताहिर थाना डबुआ के गौ तस्करी,हत्या के प्रयास, अवैध हथियार के 4 जनवरी वर्ष 2021 के मामले में नूंह के टाई गांव से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा आरोपी मुस्तकीम गौ तस्करी,हत्या के प्रयास, अवैध हथियार के थाना धौज के 19 सितम्बर 2020 के मामले में फरार चलने, के मामले में पलवल के उटावड से गिरफ्तार किया है।
इस मामले में छह आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

नौ दिन कन्या पूजकर, सब जाते है भूल

0
नवरात्रि एक हिंदू पर्व है। नवरात्रि एक संस्कृत  शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति  देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों – महालक्ष्मी, महासरस्वती या सरस्वती और दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति  देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है।  भारतीय नारीवादियों और आधुनिक भारतीय महिलाओं ने इस परित्यक्त देवी प्रतीकवाद पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है क्योंकि इसे पितृसत्तात्मक उत्पीड़न के एक सक्रिय उपकरण के रूप में भी इस्तेमाल किया गया है। अन्य संस्कृतियों और पौराणिक कथाओं में भी कुछ सबसे प्रमुख देवी माताएँ रही हैं और आदर्श मातृत्व के जीवन के प्रतीक हैं – उदाहरण के लिए, मिस्र के आइसिस, ग्रीक डेमेटर या कैथोलिक धर्म में, मैरी यीशु की माँ के रूप में। लेकिन किसी अन्य संस्कृति में छोटी लड़कियों को देवी के रूप में नहीं पूजा जाता जैसा कि भारत में किया जाता है।
आधुनिक देवी आंदोलन महिलाओं की एक नई पीढ़ी के लिए कई प्रारंभिक परंपराओं के पुनर्निर्माण की ओर मुड़ गया, जो लगातार अपने पितृसत्तात्मक समाजों के साथ संघर्ष में थे, जो देवी की पूजा करते थे, लेकिन उनके वास्तविक हाड़-मांस वाली महिलाओं के साथ भेदभाव और शोषण करते थे। कई पश्चिमी नारीवादी और विश्व स्तर पर बहुत सारी महिलाएं हिंदू देवी-देवताओं को प्रेरणादायक और आंतरिक शक्ति प्रदान करने वाली मानती हैं।
नवरात्रि के आठवें और/या नौवें दिन जिन छोटी-छोटी पूर्व-यौवन लड़कियों की पूजा की जाती है, उनके साथ अक्सर दुर्व्यवहार और भेदभाव किया जाता है। ऐसे कई देवी मंदिर हैं जहां रजस्वला महिलाओं या कथित निचली जाति की महिलाओं को प्रवेश करने की भी मनाही है, देवी के बहुत सारे पूजा स्थल हैं जहां केवल पुरुषों को आंतरिक गर्भगृह में जाने की अनुमति है और महिलाओं को नहीं। नवरात्रि के आठवें और/या नौवें दिन कंजक या कन्या के रूप में पूजी जाने वाली छोटी पूर्व-यौवन लड़कियों को अक्सर बाकी दिनों के लिए लड़कियों के रूप में जन्म लेने के लिए गाली दी जाती है, उनके साथ भेदभाव किया जाता है और उन्हें ‘अपवित्र’ माना जाता है। मासिक धर्म शुरू होने के बाद उनकी पूजा की जानी चाहिए।
बदलते दौर में देवी की समकालीन समझ की आवश्यकता है, हम अत्यधिक ध्रुवीकृत दुनिया में रह रहे हैं और यौन भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलनों के साथ हाल ही में #MeToo जो पश्चिम में उभरा लेकिन भारत में जमीन हासिल की, यह देवी की अवधारणा में विविधता लाने का समय है। लगभग सभी संस्कृतियाँ जो पृथ्वी को माता मानती हैं, उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कुछ करना चाहिए। वास्तव में, कुछ लोग महसूस करते हैं, “देवी नारीत्व की पुरुष कल्पना का एक प्रक्षेपण हो सकती है, लेकिन महिलाएं, पूरे इतिहास की तरह, प्रतीक में जो चाहती हैं उसे खोजने के लिए तोड़फोड़ और उलटफेर के औजारों का उपयोग कर सकती हैं।”
कुछ साल पहले, टैप रूट इंडिया ने एक अभियान विकसित किया जिसमें तीन मुख्य हिंदू देवियों – दुर्गा, सरस्वती, और लक्ष्मी की छवियों को प्रस्तुत किया गया था, लेकिन उनके चेहरे पर चोट और चोट के निशान थे जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा का संकेत देते थे। अब समय आ गया है, हो सकता है कि देवी से संबंधित इन सभी प्रतीकों को वर्तमान वातावरण के अनुरूप फिर से कल्पना करने की आवश्यकता हो और छाती ठोकने वाली “जय माता दी, माता की जय” की देवी पूजा को यदि प्रतिस्थापित नहीं किया जाता है तो इसका लड़कियों और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और अधिक सम्मान करने की आवश्यकता है।
बहुत से घरों में लड़कियों को वह स्थान और सम्मान नहीं जो परिवार के बेटों को है।  हमारे समाज के कुछ प्रमुख व्यक्ति और राजनीतिक नेता भी केवल कागजी भाषण देने में तो शेर है,  पर घर के अंदर प्रवेश करते ही या भूल जाते हैं कि बाहर महिला अधिकार के लिए क्या-क्या भाषण देकर आए हैं? कितना अफसोस है कि जो संविधान महिला को राष्ट्रपति बना सकता है वह किसी मंदिर की मुखिया नहीं बना सकता।  आज भी कुछ मंदिर ऐसे हैं जहाँ  महिलाओं को प्रवेश नहीं करने दिया जाता।   परिवार के मुखिया पुरुष की मृत्यु के समय पगड़ी बेटियों के सिर पर रख दी जाती है।  जब महिला की मृत्यु होती है उसकी बेटियां या बहू ऐसा अधिकार नहीं रखती जो बेटे या पति को रहता है।   बहुत से समुदाय में तो बिरादरी में बाँधी जा रही पगड़ी को महिलाएं हाथ भी नहीं लगा सकती।  अब धीरे-धीरे थोड़ा परिवर्तन आ  रहा है
कन्या पूजन के साथ हमें यह संकल्प लेना होगा कि जिस लड़की की हम पूजा कर रहे हैं मंदिर की पुजारी क्यों नहीं बन सकती?  कम से कम जो देवियों के मंदिर है वहां की पूजा तो महिलाएं करें।  इसमें तर्क भी है समाज सोचे तो सही?  मंदिर के अध्यक्ष क्यों नहीं बन सकती? ढोलक बजा सकती है, लंगर पका सकती है।  लेकिन कुछ विशेष मंदिरों में उसी देव मूर्ति के दर्शन नहीं कर सकती जिनके गीत गाकर  वो गला फाड़ लेती है या उनके लिए खाना बना कर भोग लगाती है।   याद रखना होगा कि समाज को तो मानसिकता बदलनी है ही पर पहले महिलाओं को मानसिकता बदलनी होगी।
नवरात्रों में भारत में कन्याओं को देवी तुल्य मानकर पूजा जाता है।  पर कुछ लोग नवरात्रि के बाद यह सब भूल जाते हैं।  कई जगह कन्याओं का शोषण होता है और उनका अपमान किया जाता है।  आज भी भारत में बहूत सारे गांवों में कन्या के जन्म पर दुःख मनाया जाता है।  कन्याओं और महिलाओं के प्रति हमें अपनी सोच बदलनी पड़ेगी।  देवी तुल्य कन्याओं का सम्मान करें।  इनका आदर करना ईश्वर की पूजा करने जितना ही पुण्य प्राप्त होता है।  शास्त्रों  में भी लिखा है कि जिस घर में स्त्रियों  का सम्मान किया जाता है वहां भगवान खुद वास करते हैं।